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  • रेलवे स्टेशनों पर अब पानी की शुद्धता पर कड़ी नजर 893 सैंपल की जांच किसी में नहीं मिली खामी

    रेलवे स्टेशनों पर अब पानी की शुद्धता पर कड़ी नजर 893 सैंपल की जांच किसी में नहीं मिली खामी


    जबलपुर । ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों के लिए पश्चिम मध्य रेलवे ने पेयजल व्यवस्था को लेकर विशेष अभियान शुरू किया है। जबलपुर भोपाल और कोटा मंडल के स्टेशनों पर यात्रियों को स्वच्छ और सुरक्षित पानी उपलब्ध कराने के लिए पानी की गुणवत्ता की लगातार निगरानी की जा रही है। रेलवे की विशेष टीमें पानी के स्रोत से लेकर यात्रियों तक पहुंचने वाले नलों और वाटर बूथों की जांच कर रही हैं।

    पश्चिम मध्य रेलवे के मुताबिक पिछले एक महीने के दौरान 284 स्टेशनों पर पेयजल व्यवस्था की सघन निगरानी की गई। इस दौरान 9850 नलों और वाटर बूथों की सफाई कराई गई। इसके अलावा 893 पानी के नमूने जांच के लिए लिए गए। रेलवे के अनुसार जांच किए गए सभी नमूने निर्धारित मानकों के अनुरूप पाए गए और कोई भी नमूना अनुपयुक्त नहीं मिला।

    पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए रेलवे केवल नलों की सफाई तक सीमित नहीं है। कई स्थानों पर पुरानी या खराब पाइपलाइन की मरम्मत और बदलाव भी कराया गया है। अब तक 130 स्थानों पर पाइपलाइन से जुड़ा काम पूरा किया जा चुका है। इसके साथ ही 1086 पानी की टंकियों की सफाई कराई गई है। रेलवे स्टेशनों के अलावा रेलवे की आवासीय कॉलोनियों और चिकित्सालयों में भी पेयजल की गुणवत्ता पर निगरानी रखी जा रही है।

    रेलवे की ओर से पानी की गुणवत्ता जांचने के लिए अलग अलग स्तर पर व्यवस्था की गई है। सबसे पहले पानी में अवशिष्ट क्लोरीन की रोजाना जांच की जाती है। कीटाणुशोधन के बाद पानी में क्लोरीन की निर्धारित मात्रा मौजूद है या नहीं इसकी जांच जल स्रोत से लेकर सप्लाई के अंतिम छोर तक की जाती है। अगर किसी स्थान पर पानी निर्धारित मानक के अनुरूप नहीं मिलता है तो संबंधित विभाग को सूचना देकर आवश्यक क्लोरीनीकरण की प्रक्रिया कराई जाती है।

    इसके बाद पानी की बैक्टीरियोलॉजिकल जांच होती है। इसमें ई कोलाई और कोलीफॉर्म बैक्टीरिया की मौजूदगी का परीक्षण किया जाता है। बड़े स्टेशनों के साथ रेलवे कॉलोनियों और चिकित्सालयों में यह जांच महीने में एक बार की जाती है। वहीं छोटे स्टेशनों और कॉलोनियों में पानी की बैक्टीरियोलॉजिकल जांच महीने में दो बार किए जाने का प्रावधान है।

    पानी की रासायनिक गुणवत्ता की जांच भी अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मौजूदा जल स्रोतों से हर छह महीने में नमूने लेकर रासायनिक परीक्षण किया जाता है। नए जल स्रोत को उपयोग में लेने से पहले भी पानी का नमूना लिया जाता है और आवश्यक रासायनिक जांच पूरी की जाती है। इससे यह सुनिश्चित करने की कोशिश की जाती है कि यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों को मिलने वाला पानी निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप रहे।

    पश्चिम मध्य रेलवे के अधिकारियों के अनुसार जल स्रोत से लेकर पाइपलाइन टंकियों और वाटर बूथ तक नियमित सफाई और निगरानी की जा रही है। जहां भी पानी की गुणवत्ता में कमी सामने आती है वहां संबंधित विभाग को जानकारी देकर सुधारात्मक कार्रवाई कराई जाती है।

    मुख्य जनसंपर्क अधिकारी मधुर वर्मा ने बताया कि यात्रियों को दूषित पानी पीने की स्थिति का सामना न करना पड़े इसके लिए यह अभियान चलाया जा रहा है। इसमें पानी की आपूर्ति करने वाले प्लांट से लेकर पाइपलाइन और नलों के जरिए यात्रियों तक पहुंचने वाले पानी की गुणवत्ता की निगरानी की जा रही है। रेलवे का उद्देश्य पूरे सप्लाई सिस्टम पर नजर रखते हुए यात्रियों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना है।

  • पितृपक्ष में ट्रेनों की भीड़ से मिलेगी राहत: गया के लिए 12 स्पेशल सेवाएं, AC-स्लीपर-जनरल कोच की सुविधा

    पितृपक्ष में ट्रेनों की भीड़ से मिलेगी राहत: गया के लिए 12 स्पेशल सेवाएं, AC-स्लीपर-जनरल कोच की सुविधा


    जबलपुर । पितृपक्ष के दौरान गया जाकर पिंडदान और तर्पण करने वाले यात्रियों के लिए रेलवे ने बड़ी राहत का ऐलान किया है। यात्रियों की बढ़ती भीड़ और नियमित ट्रेनों में दबाव को देखते हुए पश्चिम मध्य रेल ने गया के लिए 12 स्पेशल ट्रेन सेवाएं चलाने का फैसला लिया है। इनमें रानी कमलापति से गया और जबलपुर से गया के बीच स्पेशल ट्रेनें शामिल हैं। इन ट्रेनों में यात्रियों की सुविधा के लिए AC स्लीपर और जनरल श्रेणी के कोच लगाए जाएंगे।

    रानी कमलापति से गया के बीच चलने वाली गाड़ी संख्या 01661 रानी कमलापति-गया स्पेशल 27 सितंबर 2 अक्टूबर और 7 अक्टूबर 2026 को दोपहर 3 बजकर 20 मिनट पर रवाना होगी। यह ट्रेन अगले दिन दोपहर 2 बजकर 30 मिनट पर गया पहुंचेगी। वापसी में गाड़ी संख्या 01662 गया-रानी कमलापति स्पेशल 30 सितंबर 5 अक्टूबर और 10 अक्टूबर को दोपहर 3 बजकर 30 मिनट पर गया से रवाना होगी और अगले दिन शाम 4 बजकर 15 मिनट पर रानी कमलापति पहुंचेगी।

    रानी कमलापति से गया जाने वाली ट्रेन को कई प्रमुख स्टेशनों पर ठहराव दिया गया है। इसमें नर्मदापुरम इटारसी पिपरिया नरसिंहपुर जबलपुर सिहोरा रोड कटनी मैहर सतना मानिकपुर प्रयागराज छिवकी मिर्जापुर पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन भभुआ रोड सासाराम डेहरी-ऑन-सोन और अनुग्रह नारायण रोड शामिल हैं। इससे रास्ते में आने वाले शहरों के यात्रियों को भी गया जाने के लिए अतिरिक्त विकल्प मिलेगा।

    इसी तरह जबलपुर से गया के बीच भी स्पेशल ट्रेन सेवा उपलब्ध रहेगी। गाड़ी संख्या 01701 जबलपुर-गया स्पेशल 29 सितंबर 4 अक्टूबर और 9 अक्टूबर को रात 9 बजकर 25 मिनट पर जबलपुर से रवाना होगी और अगले दिन दोपहर 2 बजकर 30 मिनट पर गया पहुंचेगी। वापसी में गाड़ी संख्या 01702 गया-जबलपुर स्पेशल 28 सितंबर 3 अक्टूबर और 8 अक्टूबर को दोपहर 3 बजकर 30 मिनट पर गया से चलेगी और अगले दिन सुबह 8 बजकर 10 मिनट पर जबलपुर पहुंचेगी।

    जबलपुर-गया स्पेशल ट्रेन का ठहराव सिहोरा रोड कटनी मैहर सतना मानिकपुर प्रयागराज छिवकी मिर्जापुर पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन भभुआ रोड सासाराम डेहरी-ऑन-सोन और अनुग्रह नारायण रोड पर रहेगा।

    रेलवे के मुताबिक पितृपक्ष में हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु गया पहुंचते हैं। पिंडदान और तर्पण के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले यात्रियों के कारण इस दौरान ट्रेनों में काफी भीड़ रहती है। इसी को देखते हुए पश्चिम मध्य रेल ने अतिरिक्त ट्रेनें चलाने का फैसला किया है ताकि यात्रियों को सफर के दौरान परेशानी कम हो और नियमित ट्रेनों पर भी दबाव घटाया जा सके।

    पश्चिम मध्य रेल के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी मधुर वर्मा ने बताया कि पितृपक्ष के दौरान यात्रियों की सुविधा और भीड़ को नियंत्रित करने के उद्देश्य से इन स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। रेलवे ने श्रद्धालुओं और यात्रियों से अपील की है कि वे इन अतिरिक्त ट्रेनों की सुविधा का लाभ उठाएं। ऐसे में गया जाने वाले यात्रियों के लिए यह स्पेशल ट्रेनें काफी उपयोगी साबित हो सकती हैं।

  • ऑपरेशन हमदर्द बना अपनों तक पहुंचने का सहारा, जीआरपी तैयार कर रही बेसहारा लोगों का डिजिटल डोजियर

    ऑपरेशन हमदर्द बना अपनों तक पहुंचने का सहारा, जीआरपी तैयार कर रही बेसहारा लोगों का डिजिटल डोजियर


    मध्य प्रदेश। रेलवे स्टेशन अक्सर हजारों यात्रियों की आवाजाही के साथ कई ऐसी कहानियों के भी गवाह बनते हैं, जहां कोई अपनों से बिछड़ जाता है तो कोई मजबूरी में स्टेशन को ही अपना ठिकाना बना लेता है। ऐसे ही लोगों को नई जिंदगी और परिवार का साथ दिलाने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश जीआरपी ने ‘ऑपरेशन हमदर्द’ शुरू किया है। यह अभियान केवल बेसहारा लोगों की पहचान तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें उनके परिवार से मिलाने और जरूरतमंदों के पुनर्वास का भी माध्यम बन रहा है।

    एक जुलाई से शुरू हुए इस विशेष अभियान के तहत रेलवे स्टेशनों पर रहने वाले बेसहारा, लावारिस और बिछड़े लोगों का डिजिटल डोजियर तैयार किया जा रहा है। इसमें उनकी तस्वीर, पहचान, व्यक्तिगत जानकारी और उपलब्ध अन्य विवरण दर्ज किए जा रहे हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर उनकी पहचान आसान हो सके और परिजनों तक पहुंचने का रास्ता तैयार किया जा सके। अभियान के शुरुआती 11 दिनों में ही 363 लोगों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा चुका है। केवल शनिवार को ही 31 लोगों की पहचान दर्ज की गई, जिनमें 21 पुरुष, 7 महिलाएं, 2 बालक और एक बालिका शामिल रहे।

    अभियान के दौरान कई भावुक कर देने वाले मामले भी सामने आए। आमला रेलवे स्टेशन पर मिले मोहम्मद कौशर करीब दस वर्षों से भीख मांगकर जीवन गुजार रहे थे। पूछताछ में उन्होंने बिहार के बेगूसराय का पता बताया। जीआरपी ने स्थानीय पुलिस और जनप्रतिनिधियों की मदद से उनके परिवार का पता लगाया। जब वीडियो कॉल पर वर्षों बाद भाई से बातचीत हुई तो दोनों की आंखें नम हो गईं। बाद में परिवार भोपाल पहुंचा और आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद कौशर को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।

    एक अन्य मामले में आमला स्टेशन पर मिली 16 वर्षीय किशोरी ने बताया कि घर में डांट पड़ने के बाद वह नाराज होकर बिना बताए निकल आई थी। जीआरपी ने तुरंत उसके पिता से संपर्क किया और कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर उसे सुरक्षित परिवार तक पहुंचा दिया।

    ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर भी दो छोटे भाई-बहन अकेले बैठे रोते मिले। उनके पिता मोबाइल चार्जर लेने बाहर गए थे और लौटने में देर हो गई थी। बच्चों की घबराहट देखकर जीआरपी ने उन्हें सुरक्षित रखा और कुछ ही देर में पिता को तलाश कर दोनों बच्चों को उनके हवाले कर दिया।

    जीआरपी अधिकारियों के अनुसार अभियान का उद्देश्य केवल पहचान दर्ज करना नहीं है, बल्कि बेसहारा लोगों को सामाजिक संस्थाओं और आश्रय गृहों से जोड़कर उनका पुनर्वास भी सुनिश्चित करना है। वहीं, नाबालिग बच्चों से जुड़े मामलों में जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत आवश्यक कार्रवाई की जा रही है, ताकि उनकी सुरक्षा और भविष्य दोनों सुरक्षित रह सकें।

    ‘ऑपरेशन हमदर्द’ तकनीक और संवेदनशील पुलिसिंग का ऐसा प्रयास बनकर उभरा है, जो रेलवे स्टेशनों पर भटक रहे लोगों के लिए उम्मीद की नई किरण साबित हो रहा है। डिजिटल डोजियर के जरिए न केवल उनकी पहचान सुरक्षित हो रही है, बल्कि उन्हें अपनों तक पहुंचाने और सम्मानजनक जीवन दिलाने की दिशा में भी ठोस पहल की जा रही है।

  • आषाढ़ अमावस्या मेले के लिए रेलवे की तैयारी, 13 से 15 जुलाई तक चित्रकूट रूट पर चलेंगी दो स्पेशल ट्रेनें

    आषाढ़ अमावस्या मेले के लिए रेलवे की तैयारी, 13 से 15 जुलाई तक चित्रकूट रूट पर चलेंगी दो स्पेशल ट्रेनें

    झांसी। आषाढ़ अमावस्या के अवसर पर चित्रकूट में लगने वाले मेले में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रेलवे ने 13 से 15 जुलाई तक दो मेला स्पेशल ट्रेनों के संचालन का निर्णय लिया है। इसके अलावा, यात्रियों की संख्या बढ़ने पर झांसी-बांदा मेमू ट्रेन को आवश्यकता के अनुसार चित्रकूटधाम कर्वी तक बढ़ाया जाएगा।

    रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) मनोज कुमार सिंह ने बताया कि पहली मेला स्पेशल ट्रेन झांसी से सुबह 10:10 बजे रवाना होगी और शाम 5:45 बजे चित्रकूटधाम कर्वी पहुंचेगी। वापसी में यही ट्रेन शाम 7:25 बजे कर्वी से चलेगी और रात 1:00 बजे झांसी पहुंचेगी।

    दूसरी मेला स्पेशल ट्रेन झांसी से रात 8:10 बजे प्रस्थान करेगी और तड़के 3:05 बजे चित्रकूटधाम कर्वी पहुंचेगी। वापसी में यह ट्रेन सुबह 4:40 बजे कर्वी से रवाना होकर 11:10 बजे झांसी पहुंचेगी।

    रेलवे ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि मेले के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या अधिक रही तो झांसी-बांदा मेमू ट्रेन की अप और डाउन दोनों सेवाओं का विस्तार कर उन्हें चित्रकूटधाम कर्वी तक संचालित किया जाएगा, ताकि यात्रियों को आवागमन में किसी प्रकार की असुविधा न हो।

  • साइबर कैफे से चल रहा था टिकटों का खेल, कालाबाजारी का भंडाफोड़

    साइबर कैफे से चल रहा था टिकटों का खेल, कालाबाजारी का भंडाफोड़


    मध्य प्रदेश । जबलपुर में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने गुरुवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए साइबर कैफे की आड़ में चल रहे अवैध रेल ई-टिकट कारोबार का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में एक साइबर कैफे संचालक को गिरफ्तार किया गया, जिसके पास से कुल 74 अवैध ई-टिकट बरामद किए गए हैं। जब्त किए गए टिकटों की कुल कीमत करीब ₹1,24,549 आंकी गई है।

    गिरफ्तार आरोपी की पहचान सुमित झा (35) के रूप में हुई है, जो न्यू शोभापुर कॉलोनी का निवासी बताया गया है। आरपीएफ ने उसके पास से कंप्यूटर सिस्टम, मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरण भी जब्त किए हैं, जिनका उपयोग अवैध टिकट बुकिंग में किया जा रहा था।

    सूत्रों के अनुसार, आरपीएफ पोस्ट जबलपुर को सूचना मिली थी कि रांझी क्षेत्र में स्थित एक साइबर कैफे और ऑनलाइन शॉप के जरिए अवैध रूप से ई-टिकट बेचे जा रहे हैं। सूचना की पुष्टि के बाद एसआई योगेंद्र सिंह के नेतृत्व में टीम ने छापेमारी की और आरोपी को मौके से पकड़ लिया।

    जांच में सामने आया कि आरोपी “सन साइबर कैफे” के नाम से दुकान संचालित कर रहा था और एमपीऑनलाइन के साथ-साथ छह अलग-अलग आईआरसीटीसी यूजर आईडी का उपयोग कर व्यावसायिक स्तर पर टिकट बुकिंग कर रहा था। वह यात्रियों से प्रति टिकट ₹50 से ₹100 तक अतिरिक्त शुल्क वसूल रहा था, जिससे अवैध कमाई की जा रही थी।

    आरपीएफ की जांच में 74 ई-टिकट बरामद हुए, जिनमें 6 लाइव टिकट शामिल हैं जिनकी कीमत ₹11,152 है, जबकि 68 पुराने टिकटों की कीमत ₹1,13,397 पाई गई। इस तरह कुल जब्ती की कीमत ₹1,24,549 आंकी गई।

    पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी डिजिटल वॉलेट और बैंक खातों के माध्यम से भुगतान लेता था। अब आरपीएफ संबंधित बैंक खातों और लेन-देन की विस्तृत जांच कर रही है ताकि पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।

    पूरी कार्रवाई के बाद आरोपी को आरपीएफ पोस्ट जबलपुर लाया गया और उसके खिलाफ रेलवे अधिनियम की धारा 143 के तहत मामला दर्ज किया गया है। बाद में वैधानिक प्रक्रिया पूरी कर उसे बंध पत्र पर रिहा कर दिया गया।

  • रेलवे का बड़ा फैसला, सांची स्टेशन पर बनी रहेगी 4 ट्रेनों की रोक; आसान होगी यात्रा

    रेलवे का बड़ा फैसला, सांची स्टेशन पर बनी रहेगी 4 ट्रेनों की रोक; आसान होगी यात्रा


    मध्य प्रदेश । पश्चिम मध्य रेलवे ने यात्रियों की सुविधा और बढ़ती मांग को देखते हुए यह निर्णय लिया है कि सांची और विदिशा स्टेशनों पर चार प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव अब अगले आदेश तक जारी रहेगा। पहले यह ठहराव प्रायोगिक तौर पर शुरू किया गया था, लेकिन सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलने के बाद इसे आगे बढ़ा दिया गया है।

    कौन-कौन सी ट्रेनें रुकेंगी
    इन प्रमुख ट्रेनों का ठहराव जारी रहेगा:
    कर्नाटक संपर्क क्रांति एक्सप्रेस (12629 / 12630)  -विदिशा में ठहराव
    श्री माता वैष्णो देवी कटरा–चेन्नई एक्सप्रेस (16031 / 16032) -सांची में ठहराव

    धार्मिक और लंबी दूरी की यात्रा में सुविधा
    इस निर्णय से सांची और विदिशा के यात्रियों को देश के कई हिस्सों तक पहुंचना आसान हो जाएगा। खासकर वैष्णो देवी, चेन्नई, कर्नाटक और दिल्ली जैसे बड़े रूटों पर यात्रा करने वालों को सीधा लाभ मिलेगा।

     रेलवे अधिकारियों का बयान
    रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी सौरभ कटारिया ने बताया कि यात्रियों की सकारात्मक प्रतिक्रिया और जनप्रतिनिधियों की मांग के आधार पर यह ठहराव जारी रखने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्र में धार्मिक, शैक्षणिक और व्यावसायिक यात्रा को बढ़ावा मिलेगा।

     स्थानीय लोगों को फायदा
    इस फैसले से आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को अब बड़े स्टेशनों तक जाने की जरूरत कम पड़ेगी और समय व खर्च दोनों की बचत होगी।

  • वडोदरा-खातीपुरा और बांद्रा टर्मिनस-गोरखपुर के लिए होली स्पेशल ट्रेनें शुरू, यात्रियों के लिए राहत

    वडोदरा-खातीपुरा और बांद्रा टर्मिनस-गोरखपुर के लिए होली स्पेशल ट्रेनें शुरू, यात्रियों के लिए राहत


    नई दिल्ली । होली के रंग और उल्लास के बीच भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा और बढ़ती भीड़ को देखते हुए वडोदरा-खातीपुरा और बांद्रा टर्मिनस-गोरखपुर मार्ग पर स्पेशल ट्रेनों का संचालन करने का फैसला किया है। मंडल रेलवे की ओर से इस अवसर पर विशेष ट्रेनें चलाकर यात्रियों को बेहतर यात्रा अनुभव प्रदान किया जाएगा।

    वडोदरा से खातीपुरा के लिए 09103 वडोदरा-खातीपुरा स्पेशल ट्रेन प्रत्येक रविवार रात 9.35 बजे वडोदरा से प्रस्थान करेगी। यह ट्रेन दाहोद, रतलाम, मंदसौर, नीमच और चित्तौड़गढ़ होते हुए अगले दिन दोपहर 2.10 बजे खातीपुरा पहुंचेगी। इसके विपरीत, 09104 खातीपुरा-वडोदरा स्पेशल ट्रेन सोमवार रात 8.55 बजे खातीपुरा से रवाना होकर चित्तौड़गढ़, नीमच, मंदसौर, रतलाम और दाहोद स्टेशनों से होते हुए मंगलवार सुबह 11.30 बजे वडोदरा पहुंचेगी। वडोदरा-खातीपुरा स्पेशल ट्रेन 1 मार्च से 29 मार्च तक और खातीपुरा-वडोदरा ट्रेन 2 मार्च से 30 मार्च तक चलेगी।

    इन ट्रेनों में सेकंड एसी, थर्ड एसी, थर्ड एसी (इकोनॉमी), स्लीपर क्लास और द्वितीय श्रेणी के सामान्य कोच उपलब्ध होंगे। ट्रेन रूट में गोधरा, दाहोद, रतलाम, मंदसौर, नीमच, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, बिजयनगर, नसीराबाद, अजमेर, किशनगढ़ और जयपुर सहित कई प्रमुख स्टेशनों पर रुकती है, जिससे यात्रियों को सुविधाजनक कनेक्टिविटी मिलेगी।

    साथ ही, बांद्रा टर्मिनस से गोरखपुर के लिए 09019 स्पेशल ट्रेन 1 मार्च को सुबह 8.35 बजे रवाना होगी। यह ट्रेन दाहोद, रतलाम, नागदा, उज्जैन, मक्सी, शुजालपुर और सीहोर जैसे स्टेशनों से होते हुए सोमवार रात 8.40 बजे गोरखपुर पहुंचेगी। वहीं, गोरखपुर से बांद्रा टर्मिनस के लिए 09020 गोरखपुर-बांद्रा टर्मिनस स्पेशल ट्रेन 2 मार्च को सुबह 11.35 बजे गोरखपुर से चलकर सीहोर, शुजालपुर, मक्सी, उज्जैन, नागदा, रतलाम और दाहोद होते हुए बुधवार सुबह 9.45 बजे बांद्रा टर्मिनस पहुंचेगी।

    इन स्पेशल ट्रेनों का रूट भी व्यापक है। दोनों दिशाओं में बोरीवली, पालघर, दहानू रोड, वापी, वलसाड, नवसारी, उधना, सयान, भरूच, वडोदरा, गोधरा, दाहोद, रतलाम, नागदा, उज्जैन, मक्सी, शुजालपुर, सीहोर, संत हिरदाराम नगर, बीना, वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी, कानपुर सेंट्रल, लखनऊ, बाराबंकी, गोंडा, मनकापुर, बस्ती और खलीलाबाद सहित कई महत्वपूर्ण स्टेशन शामिल हैं।

    रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि यह स्पेशल ट्रेनें होली के दौरान बढ़ी हुई भीड़ और यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए चलाई जा रही हैं। यात्रियों को सलाह दी गई है कि टिकट पहले से बुक कर लें, ताकि यात्रा सुविधाजनक और आरामदायक हो। इन ट्रेनों के संचालन से होली पर्व में यात्रा करने वाले लोगों को लंबी दूरी तय करने में समय और सुविधा दोनों का लाभ मिलेगा।

    यह कदम न केवल यात्रियों के लिए राहत प्रदान करेगा, बल्कि रेलवे ट्रैफिक को भी संतुलित बनाए रखने में मदद करेगा। यात्रियों के लिए यह एक सुनहरा अवसर है कि वे सुरक्षित और आरामदायक तरीके से होली की यात्रा का आनंद ले सकें।