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  • रेल सुरक्षा और सिंहस्थ 2028 की तैयारी तेज डीजीपी मकवाणा ने बुलाई हाई लेवल बैठक

    रेल सुरक्षा और सिंहस्थ 2028 की तैयारी तेज डीजीपी मकवाणा ने बुलाई हाई लेवल बैठक


    भोपाल । मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पुलिस मुख्यालय में आयोजित एक महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक में रेलवे सुरक्षा और आगामी सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को लेकर व्यापक रणनीति बनाई गई बैठक की अध्यक्षता पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने की जिसमें राज्य और केंद्र की कई प्रमुख सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी शामिल हुए

    इस बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रदेश से होकर गुजरने वाले विस्तृत रेलवे नेटवर्क की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाना विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना और बड़े आयोजनों के मद्देनजर समय रहते तैयारी सुनिश्चित करना था मध्य प्रदेश देश के महत्वपूर्ण रेल कॉरिडोर का केंद्र है ऐसे में यहां की सुरक्षा व्यवस्था का मजबूत होना बेहद जरूरी माना जा रहा है

    पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि रेलवे सुरक्षा से जुड़े हर पहलू पर पहले से तैयारी की जाए और लगातार निगरानी रखी जाए उन्होंने कहा कि यात्रियों को सुरक्षित और सुगम यात्रा सुविधा देना सर्वोच्च प्राथमिकता है इसके लिए संबंधित सभी विभागों को आपसी तालमेल के साथ काम करना होगा

    बैठक में विशेष रूप से सिंहस्थ 2028 जैसे विशाल धार्मिक आयोजन को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक सुरक्षा रणनीति तैयार करने पर जोर दिया गया सिंहस्थ के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के आवागमन को देखते हुए रेल यातायात प्रबंधन भीड़ नियंत्रण अतिरिक्त ट्रेनों का संचालन और स्टेशन प्रबंधन जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई

    इसके साथ ही रेलवे परिसरों में कानून व्यवस्था बनाए रखने ट्रैक को अवरोधमुक्त रखने संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने महिला और वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा बढ़ाने और अपराधों की रोकथाम जैसे मुद्दों पर भी मंथन किया गया अधिकारियों ने संवेदनशील स्टेशनों पर विशेष सुरक्षा प्रबंधन और आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर भी विचार रखा

    बैठक में राज्य पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ साथ रेलवे और खुफिया एजेंसियों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए जिनमें रेलवे के विभिन्न जोन और सुरक्षा बलों के अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े इस दौरान बहु एजेंसी समन्वय को और प्रभावी बनाने पर सहमति बनी ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया दी जा सके

    इस तरह की बैठक को राज्य और केंद्र के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है खासतौर पर ऐसे समय में जब बड़े धार्मिक आयोजनों और बढ़ते रेल यातायात के चलते सुरक्षा चुनौतियां भी बढ़ रही हैं

    कुल मिलाकर यह बैठक रेलवे सुरक्षा को सुदृढ़ करने और सिंहस्थ 2028 जैसे बड़े आयोजन को सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने की दिशा में एक ठोस पहल के रूप में देखी जा रही है आने वाले समय में इन योजनाओं के क्रियान्वयन पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी

  • ट्रेन में बवाल और पथराव घंटों रुकी मेमू ट्रेन यात्रियों पर हमला, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

    ट्रेन में बवाल और पथराव घंटों रुकी मेमू ट्रेन यात्रियों पर हमला, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल


    कटनी । मध्यप्रदेश के कटनी रेलवे रूट पर उस समय हड़कंप मच गया जब कटनी से बीना जा रही मेमू ट्रेन में यात्रियों और अवैध वेंडरों के बीच विवाद अचानक हिंसक झड़प में बदल गया। यह घटना न केवल रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है बल्कि यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता भी पैदा कर रही है।

    जानकारी के अनुसार ट्रेन जैसे ही कटनी से रवाना हुई कुछ ही देर बाद रीठी स्टेशन के पास दमोह निवासी यात्रियों और सलैया क्षेत्र के अवैध वेंडरों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। मामूली विवाद ने जल्द ही गंभीर रूप ले लिया और वेंडरों ने धारदार हथियारों से यात्रियों पर हमला कर दिया जिससे दो यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए।

    स्थिति तब और बिगड़ गई जब ट्रेन बकलेहटा स्टेशन पहुंची। आक्रोशित यात्रियों ने सुरक्षा की मांग को लेकर ट्रेन के इंजन की ओर बढ़ने की कोशिश की जिससे माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण हो गया। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच पथराव भी शुरू हो गया और ट्रेन में अफरा-तफरी मच गई।

    हालात बिगड़ते देख लोको पायलट ने तुरंत ट्रेन रोक दी और रेलवे कंट्रोल रूम को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। रेलवे सुरक्षा बल और राजकीय रेलवे पुलिस की अनुपस्थिति या देरी से पहुंचने को लेकर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं क्योंकि यात्रियों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त व्यवस्था मौके पर नहीं दिखी।

    सूचना मिलने पर रीठी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस के पहुंचते ही उपद्रवी मौके से फरार हो गए। बाद में डायल 112 की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया जहां उनका इलाज जारी है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

    इस पूरी घटना ने एक बार फिर रेलवे में अवैध वेंडरों की बढ़ती दबंगई और सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरी को उजागर कर दिया है। यात्रियों का कहना है कि ट्रेनों में आए दिन मारपीट, चोरी और अभद्रता जैसी घटनाएं बढ़ रही हैं लेकिन सुरक्षा बलों की मौजूदगी बेहद कम दिखाई देती है।

    करीब एक घंटे तक बकलेहटा स्टेशन पर ट्रेन रुकी रही जिसके बाद स्थिति सामान्य होने पर इसे आगे के लिए रवाना किया गया। हालांकि इस घटना ने यात्रियों में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है और रेलवे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।