Tag: Railway Security

  • चंदौली में ‘मौत की ट्रेन’ का खौफ: 24 घंटे में दूसरी गोलीकांड से रेलवे में मचा हड़कंप

    चंदौली में ‘मौत की ट्रेन’ का खौफ: 24 घंटे में दूसरी गोलीकांड से रेलवे में मचा हड़कंप


    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के चंदौली में रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। महज 24 घंटे के भीतर दूसरी ट्रेन में हत्या की वारदात सामने आने से यात्रियों में दहशत फैल गई है। ताड़ीघाट पैसेंजर ट्रेन में युवक की हत्या के बाद अब कोलकाता-जम्मूतवी एक्सप्रेस में एक यात्री को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया गया। लगातार दो घटनाओं ने जीआरपी, आरपीएफ और रेलवे प्रशासन की नींद उड़ा दी है।

    जानकारी के अनुसार, रविवार और सोमवार की दरम्यानी रात करीब 1:30 बजे कोलकाता-जम्मूतवी एक्सप्रेस डीडीयू जंक्शन से लखनऊ की ओर रवाना हुई थी। ट्रेन जैसे ही सिकटिया इलाके के पास पहुंची, तभी अज्ञात हमलावर ने बाथरूम के पास बैठे एक युवक के सिर में गोली मार दी। गोली चलते ही कोच में अफरा-तफरी मच गई और यात्री डर के मारे सहम गए। घटना की सूचना मिलते ही जीआरपी और आरपीएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी।

    इससे पहले ताड़ीघाट पैसेंजर ट्रेन में भी एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी और शव को ट्रेन से नीचे फेंक दिया गया था। लगातार दूसरी वारदात के बाद रेलवे रूट पर सक्रिय आपराधिक गिरोहों और शराब तस्करी नेटवर्क की भूमिका को लेकर भी जांच तेज हो गई है। हालांकि पुलिस ने अभी आधिकारिक तौर पर किसी एंगल की पुष्टि नहीं की है।

    एसपी जीआरपी प्रयागराज प्रशांत कुमार वर्मा ने बताया कि सूचना मिलते ही टीम को एक्टिव कर दिया गया था और घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। संदिग्धों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज और यात्रियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस का दावा है कि दोनों मामलों का जल्द खुलासा किया जाएगा।

    लगातार हो रही इन घटनाओं ने रेलवे यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। खासकर रात में लंबी दूरी की ट्रेनों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। यात्रियों का कहना है कि ट्रेनों में पर्याप्त निगरानी और सुरक्षा जांच नहीं होने से अपराधियों के हौसले बुलंद हो रहे हैं।

  • शहडोल में रेलकर्मी पर खूनी हमला: ड्यूटी पर तैनात पूर्व सैनिक को बदमाशों ने चाकू से गोदा सुरक्षा व्यवस्था पर ,उठे सवाल

    शहडोल में रेलकर्मी पर खूनी हमला: ड्यूटी पर तैनात पूर्व सैनिक को बदमाशों ने चाकू से गोदा सुरक्षा व्यवस्था पर ,उठे सवाल


    शहडोल। मध्य प्रदेश के शहडोल जिले से एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है जहां रेलवे इंजीनियरिंग डिपो में अपनी ड्यूटी निभा रहे एक कर्मचारी पर अज्ञात नकाबपोश बदमाशों ने जानलेवा हमला कर दिया। घायल कर्मचारी प्रह्लाद शर्मा 57 वर्ष एक पूर्व सैनिक हैं जो वर्तमान में रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग में TM-3 के पद पर कार्यरत हैं। इस घटना ने रेलवे परिसर और सुरक्षित माने जाने वाले इलाकों की सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से कटघरे में खड़ा कर दिया है।

    घटना की जानकारी के अनुसार प्रह्लाद शर्मा की तैनाती PWI स्टोर डिपो में शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे की नाइट शिफ्ट में थी। रात करीब 2:30 से 3:00 बजे के बीच जब सन्नाटा पसरा हुआ था तभी एक मोटरसाइकिल पर सवार दो अज्ञात युवक डिपो परिसर के भीतर घुस आए। दोनों आरोपियों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए हेलमेट पहन रखे थे। ड्यूटी पर सतर्क प्रह्लाद शर्मा ने जब उनसे आने का कारण और नाम-पता पूछा तो बदमाशों ने सहयोग करने के बजाय उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग और गाली-गलौज शुरू कर दी।

    विवाद इतना बढ़ा कि बदमाशों ने पूर्व सैनिक पर हमला बोल दिया। उन्होंने प्रह्लाद शर्मा को पकड़कर जमीन पर पटक दिया और लात-घूंसों से उनकी बेरहमी से पिटाई की। क्रूरता की हद पार करते हुए एक आरोपी ने चाकू निकाला और प्रह्लाद के दाहिने घुटने पर एक के बाद एक तीन वार किए। जब बदमाश ने चौथा वार करने की कोशिश की तो उसे रोकने के प्रयास में प्रह्लाद शर्मा का बायां हाथ गंभीर रूप से कट गया और मौके पर ही अत्यधिक खून बहने लगा। वारदात को अंजाम देकर आरोपी अपनी बाइक से अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।

    लहूलुहान हालत में घायल कर्मचारी काफी देर तक दर्द से चीखते रहे। इसी दौरान वहां से गुजर रहे एक राहगीर की नजर उन पर पड़ी जिसने तुरंत रेलवे सुरक्षा बल RPF को सूचित किया। मौके पर पहुंची RPF की टीम ने तत्काल प्रह्लाद शर्मा को शहडोल के देवांता हॉस्पिटल ले जाकर ICU वार्ड में भर्ती कराया जहां उनकी स्थिति फिलहाल नाजुक बनी हुई है।

    कोतवाली पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अज्ञात बदमाशों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 132 , 121,1 ,110 और 3, 5 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस अब डिपो परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि हेलमेट पहने हमलावरों की पहचान की जा सके। रेलवे जैसे अति-सुरक्षित क्षेत्र में एक सरकारी कर्मचारी और पूर्व सैनिक पर इस तरह का हमला क्षेत्र में चर्चा और आक्रोश का विषय बना हुआ है।

  • तेजस एक्सप्रेस को पटरी से उतारने की साजिश नाकाम, उन्नाव में ट्रैक पर मिला सीमेंटेड स्लीपर

    तेजस एक्सप्रेस को पटरी से उतारने की साजिश नाकाम, उन्नाव में ट्रैक पर मिला सीमेंटेड स्लीपर


    नई दिल्ली ।लखनऊ /उत्तर प्रदेश में एक बार फिर रेलवे सुरक्षा को चुनौती देने वाली घटना सामने आई है। लखनऊ-कानपुर रेल रूट पर उन्नाव जिले के मगरवारा रेलवे स्टेशन के पास तेजस एक्सप्रेस को पलटाने की कथित साजिश का मामला सामने आया है। डाउन ट्रैक पर एक सीमेंटेड स्लीपर रखे जाने से हड़कंप मच गया। गनीमत रही कि समय रहते स्थिति को भांप लिया गया और बड़ा हादसा टल गया।यह घटना बुधवार रात करीब पौने नौ बजे की हैजब स्थानीय लोगों ने मगरवारा स्टेशन के पास डाउन लाइन की एक पटरी पर सीमेंटेड स्लीपर रखा हुआ देखा। लोगों ने तुरंत स्टेशन मास्टर को इसकी सूचना दीजिसके बाद रेलवे कंट्रोल रूम को अलर्ट किया गया। सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल RPF-राजकीय रेलवे पुलिस GRP- और अन्य रेलवे अधिकारी मौके पर पहुंच गए।

    इसी दौरान नई दिल्ली से लखनऊ जा रही तेजस एक्सप्रेस को एहतियातन गंगाघाट रेलवे स्टेशन पर रोक दिया गया। ट्रेन करीब 27 मिनट तक वहां खड़ी रही। इस दौरान सुरक्षा के मद्देनजर कई अन्य ट्रेनों को भी रोक दिया गयाजिससे कुछ समय के लिए इस रूट पर रेल यातायात प्रभावित हुआ।रेलवे अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर ट्रैक की जांच की और सीमेंटेड स्लीपर को हटवाया। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद रात लगभग 9:19 बजे ट्रैक को पूरी तरह क्लियर कर दिया गयाजिसके बाद तेजस एक्सप्रेस समेत अन्य ट्रेनों को रवाना किया गया।

    आरपीएफ इंस्पेक्टर हरीश कुमार मीणा ने बताया कि मगरवारा स्टेशन के पास गिट्टी उतारने का कार्य चल रहा है। संभव है कि ट्रेनों की तेज धमक के कारण सीमेंटेड स्लीपर ट्रैक पर आ गया हो। हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि यह किसी अराजक तत्व की शरारत हो। मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है।वहीं मगरवारा स्टेशन मास्टर शिव बहादुर ने बताया कि डाउन लाइन पर स्लीपर पड़ा हुआ था। उन्होंने कहा कि यह निर्माण कार्य के दौरान अपनी जगह से खिसक सकता हैलेकिन साजिश की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। पीडब्ल्यूआई स्थायी मार्ग निरीक्षक- की टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए स्लीपर हटाया और ट्रैक को सुरक्षित घोषित किया।

    इस घटना ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। तेजस एक्सप्रेस जैसी हाई-स्पीड और प्रीमियम ट्रेन को निशाना बनाए जाने की आशंका ने अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है। रेलवे अब आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रहा है और स्थानीय लोगों से भी पूछताछ की जा रही है।उधरप्रदेश के कई हिस्सों में घने कोहरे का असर भी रेल यातायात पर साफ दिखाई दिया। मुरादाबाद मंडल समेत उत्तर प्रदेश के कई क्षेत्रों में कोहरे के कारण ट्रेनों की रफ्तार धीमी रही और कई प्रमुख ट्रेनें घंटों की देरी से चलीं। दृश्यता कम होने के चलते लोको पायलटों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ी।

    बुधवार को 20505 डिब्रूगढ़-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस करीब सवा दो घंटे की देरी से मुरादाबाद पहुंची। वहीं जम्मूतवी-कोलकाता एक्सप्रेसदुर्गियाना एक्सप्रेसअमरनाथ एक्सप्रेस और जनसाधारण एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनें एक से सात घंटे तक लेट रहीं। ट्रेनों के विलंब से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा और जंक्शनों पर वेटिंग हॉल यात्रियों से भरे नजर आए। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति की जानकारी जरूर लें। साथ ही ट्रैक की सुरक्षा को लेकर निगरानी और गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैंताकि भविष्य में किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके।