Tag: Railway Toilet Charges

  • भोपाल रेलवे स्टेशन पर यात्रियों से ज्यादा वसूली का आरोप ₹2 का टॉयलेट ₹10 में और दो लोगों से ₹40 लेने का दावा

    भोपाल रेलवे स्टेशन पर यात्रियों से ज्यादा वसूली का आरोप ₹2 का टॉयलेट ₹10 में और दो लोगों से ₹40 लेने का दावा


    भोपाल । भोपाल रेलवे स्टेशन पर गुरुवार सुबह स्वच्छता कार्यक्रम के दौरान पे एंड यूज टॉयलेट को लेकर यात्रियों की शिकायतों ने व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। खास बात यह रही कि जिस समय स्टेशन परिसर में स्वच्छता कार्यक्रम चल रहा था उसी दौरान भोपाल रेल मंडल के DRM पंकज त्यागी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी भी वहां मौजूद थे। इसी दौरान कुछ यात्रियों ने आरोप लगाया कि फ्री यूरिनल के लिए भी पैसे मांगे जा रहे हैं जबकि तय शुल्क से ज्यादा रकम लेकर टॉयलेट इस्तेमाल करने दिया जा रहा है। यात्रियों की ओर से मौके के वीडियो भी बनाए गए हैं जिनमें काउंटर पर शुल्क को लेकर बातचीत होती दिखाई दे रही है।

    रेलवे की निर्धारित दरों के अनुसार भोपाल स्टेशन पर यूरिनल की सुविधा नि:शुल्क बताई गई है। वहीं टॉयलेट के लिए 2 रुपए और टॉयलेट के साथ स्नान की सुविधा के लिए 5 रुपए शुल्क निर्धारित है। सामने आए वीडियो में एक यात्री काउंटर पर मौजूद कर्मचारी से शुल्क के बारे में पूछता नजर आता है। यात्री बोर्ड पर फ्री लिखा होने की बात कहता है और इसके बावजूद पैसे मांगे जाने पर सवाल करता है। वीडियो में कर्मचारी की ओर से रकम लेने की स्थिति दिखाई देती है।

    यात्री संतोष यादव ने आरोप लगाया कि वह स्टेशन के टॉयलेट का इस्तेमाल करने गए थे। वहां निर्धारित शुल्क 2 रुपए लिखा होने के बावजूद उनसे 10 रुपए मांगे गए और उन्होंने 10 रुपए दिए। इसी तरह यात्री गगन गौर ने दावा किया कि दो लोग टॉयलेट और स्नान के लिए गए थे और उनसे कुल 40 रुपए लिए गए। हालांकि इन यात्रियों के दावों की स्वतंत्र पुष्टि स्टेशन प्रबंधन के रिकॉर्ड और संबंधित एजेंसी के जवाब से होना बाकी है।

    मामले का एक अहम पहलू यह भी है कि आरोप उस समय सामने आए जब स्टेशन परिसर में रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। इससे पे एंड यूज सुविधा की निगरानी और निर्धारित दरों के पालन को लेकर सवाल उठ रहे हैं। यात्रियों का कहना है कि अगर शुल्क तय है तो काउंटर पर उसी के अनुसार राशि ली जानी चाहिए और फ्री सुविधा के लिए किसी यात्री से पैसे नहीं मांगे जाने चाहिए।

    इस मामले में DRM पंकज त्यागी से भी पक्ष जानने की कोशिश की गई। उनसे फ्री यूरिनल के लिए पैसे मांगे जाने और निर्धारित शुल्क से अधिक रकम लेने की शिकायतों को लेकर सवाल किया गया लेकिन खबर लिखे जाने तक उनकी ओर से कोई जवाब सामने नहीं आया था। ऐसे में अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि रेलवे प्रशासन वीडियो और यात्रियों की शिकायतों के आधार पर क्या कार्रवाई करता है।

    मामला सिर्फ भोपाल रेलवे स्टेशन तक सीमित नहीं है। सामने आई जानकारी के अनुसार रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर भी यात्रियों को यूरिनल के लिए शुल्क देना पड़ रहा है। वहां पे एंड यूज व्यवस्था के तहत यूरिनल के लिए 5 रुपए टॉयलेट के लिए 10 रुपए और स्नान के लिए 15 रुपए लिए जाने की बात सामने आई है। यह व्यवस्था भोपाल स्टेशन पर बताई गई निर्धारित दरों से अलग है।

    भोपाल रेलवे स्टेशन पर रोजाना बड़ी संख्या में यात्री पहुंचते हैं और टॉयलेट जैसी बुनियादी सुविधा का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में शुल्क को लेकर स्पष्ट जानकारी और निर्धारित दरों का पालन यात्रियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। फिलहाल भोपाल स्टेशन पर सामने आए वीडियो और यात्रियों के आरोपों के बाद निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठे हैं। अब रेलवे प्रशासन की जांच और आधिकारिक जवाब से ही स्पष्ट होगा कि वास्तव में निर्धारित शुल्क से अधिक वसूली हुई थी या नहीं और यदि ऐसा हुआ तो जिम्मेदार लोगों पर क्या कार्रवाई की जाएगी।

  • रानी कमलापति स्टेशन पर यात्रियों की जेब पर बोझ, मुफ्त यूरिन की सुविधा भी नहीं, टॉयलेट और स्नान के लिए देने पड़ रहे पैसे

    रानी कमलापति स्टेशन पर यात्रियों की जेब पर बोझ, मुफ्त यूरिन की सुविधा भी नहीं, टॉयलेट और स्नान के लिए देने पड़ रहे पैसे


    भोपाल । भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन यानी RKMP पर यात्रियों को मूलभूत सुविधाओं के लिए भी भुगतान करना पड़ रहा है। स्टेशन पर पे एंड यूज व्यवस्था के तहत यूरिनल के लिए 5 रुपए टॉयलेट इस्तेमाल करने के लिए 10 रुपए और स्नान करने के लिए 15 रुपए शुल्क लिया जा रहा है। शुल्क व्यवस्था को लेकर यात्रियों के बीच चर्चा है वहीं राष्ट्रीय रेल उपयोगकर्ता सलाहकार परिषद के सदस्य नितेश लाल ने इसे लेकर भोपाल मंडल के DRM को पत्र लिखा है। उन्होंने यूरिनल की सुविधा निशुल्क करने के साथ पे एंड यूज शौचालयों की सफाई व्यवस्था बेहतर कराने की मांग की है।

    रानी कमलापति स्टेशन पर ऐसे पांच पे एंड यूज टॉयलेट बताए गए हैं जिनका रोजाना 2500 से अधिक यात्री इस्तेमाल करते हैं। यात्रियों का कहना है कि रेलवे यात्रा के दौरान टिकट के लिए पहले ही भुगतान किया जाता है ऐसे में यूरिन जैसी बुनियादी सुविधा के लिए अलग से शुल्क लिया जाना अतिरिक्त बोझ हो सकता है। NRUCC सदस्य नितेश लाल ने भी अपने पत्र में इसी मुद्दे को उठाते हुए कहा है कि यात्रियों को मूलभूत सुविधाएं उचित तरीके से उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

    उन्होंने पे एंड यूज टॉयलेट की सफाई व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनके अनुसार शुल्क लेने के बावजूद कई बार शौचालयों में गंदगी और बदबू की शिकायत सामने आती है। ऐसे में केवल शुल्क निर्धारित करना ही पर्याप्त नहीं है बल्कि यात्रियों को साफ और व्यवस्थित सुविधा उपलब्ध कराना भी जरूरी है। उन्होंने संबंधित संचालन एजेंसी को नियमित सफाई और बेहतर रखरखाव के निर्देश देने की मांग की है।

    हालांकि रेलवे की ओर से इस मामले में अलग स्थिति बताई गई है। बंसल की ओर से महाप्रबंधक मोहित समैया ने कहा है कि प्लेटफॉर्म पर यूरिनल की सुविधा निशुल्क है। वहीं पे एंड यूज सुविधा के लिए लिया जा रहा शुल्क रेलवे के निर्धारित नियमों के अनुसार है। यानी स्टेशन पर उपलब्ध सभी यूरिनल के लिए शुल्क नहीं लिया जा रहा है बल्कि पे एंड यूज व्यवस्था वाले स्थानों पर निर्धारित राशि ली जाती है।

    जबलपुर से रानी कमलापति स्टेशन पहुंचे यात्री शैलेश ने यूरिनल के लिए 5 रुपए भुगतान किया। उन्होंने कहा कि यात्रियों पर पहले से कई तरह के खर्च होते हैं और छोटी छोटी सुविधाओं के लिए अलग शुल्क लगने से आम आदमी पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है। उन्होंने जबलपुर और सतना की व्यवस्थाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां यूरिनल के इस्तेमाल के लिए इस तरह का शुल्क नहीं लिया जाता।

    RKMP पर शुल्क की व्यवस्था को समझने के लिए स्टेशन के विकास मॉडल को भी देखना जरूरी है। रेलवे अधिकारी के अनुसार स्टेशन का टेंडर भोपाल रेल मंडल ने नहीं बल्कि रेल लैंड डेवलपमेंट अथॉरिटी यानी RLDA ने अवॉर्ड किया है। रेलवे बोर्ड ने कई स्टेशनों को विकास के लिए RLDA के अधीन किया है। ऐसे स्टेशनों के विकास और कमर्शियल गतिविधियों के लिए टेंडर की शर्तें लागू होती हैं।

    RKMP के विकास में बंसल समूह ने निवेश किया है। इसके बदले तय अवधि तक उसे कुछ कमर्शियल गतिविधियों के संचालन के अधिकार दिए गए हैं। इनमें कैटरिंग विज्ञापन पार्किंग और पे एंड यूज जैसी सुविधाएं शामिल हैं। रेलवे अधिकारी के मुताबिक पे एंड यूज की दरें भी RLDA की स्वीकृत व्यवस्था के तहत आती हैं। भोपाल रेल मंडल की मुख्य जिम्मेदारियां ट्रेन संचालन और टिकट से जुड़ी व्यवस्थाएं हैं जबकि स्टेशन की कई कमर्शियल गतिविधियां RLDA के अधिकार क्षेत्र में आती हैं।

    इस पूरे मामले में एक तरफ यात्रियों की निशुल्क मूलभूत सुविधा की मांग है तो दूसरी ओर स्टेशन के विकास और संचालन से जुड़ी कमर्शियल व्यवस्था है। अब देखने वाली बात होगी कि यात्रियों की शिकायत और NRUCC की मांग के बाद पे एंड यूज शुल्क को लेकर आगे क्या निर्णय लिया जाता है।