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  • एमपी में मानसून की रफ्तार थमी, एंट्री के बाद ठहरा, 43 जिलों में आज बारिश की चेतावनी

    एमपी में मानसून की रफ्तार थमी, एंट्री के बाद ठहरा, 43 जिलों में आज बारिश की चेतावनी


    भोपाल। मध्य प्रदेश में 24 जून को दक्षिण-पूर्वी हिस्से के 15 जिलों में दस्तक देने के बाद मानसून की रफ्तार फिलहाल थम गई है। पिछले तीन दिनों से मानसून आगे नहीं बढ़ा है और मौसम विभाग के अनुसार इसके अगले 2 से 3 दिन तक भी इसी स्थिति में रहने की संभावना है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) का कहना है कि अनुकूल परिस्थितियां बनने पर मानसून सबसे पहले भोपाल और उज्जैन संभाग में आगे बढ़ेगा, जबकि ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में इसकी एंट्री सबसे आखिर में होगी।

    24 जून को मानसून के प्रदेश में प्रवेश के साथ आलीराजपुर, इंदौर, हरदा, धार, बैतूल, खंडवा, बुरहानपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, खरगोन, सिवनी, बालाघाट, मंडला, बड़वानी और डिंडौरी जिलों में इसके पहुंचने की घोषणा की गई थी। इसके बाद से मानसून की प्रगति रुकी हुई है। हालांकि मौसम विभाग ने अगले दो से तीन दिनों में प्रदेश के अन्य हिस्सों में मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल होने की संभावना जताई है।

    आज 43 जिलों में बारिश के आसार
    शनिवार को भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, झाबुआ, आलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, रतलाम, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह और छतरपुर में बारिश का पूर्वानुमान है। वहीं ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, नीमच, मंदसौर, निवाड़ी और टीकमगढ़ जिलों में कहीं-कहीं हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है।

    शुक्रवार को कई जिलों में झमाझम बारिश
    शुक्रवार को प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी और बारिश का दौर देखने को मिला। सिवनी में करीब 2 इंच बारिश दर्ज की गई। शाजापुर जिले के शुजालपुर, अकोदिया और आसपास के क्षेत्रों में अच्छी बारिश हुई, जबकि उज्जैन में डेढ़ इंच से अधिक पानी बरसा। इसके अलावा दतिया, इंदौर, राजगढ़, शिवपुरी, मंडला, रीवा, सागर, बालाघाट, खंडवा, शाजापुर, आगर-मालवा और मंदसौर समेत कई जिलों में भी आंधी और बारिश का असर रहा।

    तापमान में आई गिरावट
    बारिश और तेज हवाओं के कारण प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में दिन के तापमान में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई। खरगोन का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस रहा। इसके अलावा खंडवा में 30.1, सागर में 31.1, छिंदवाड़ा में 31.8, बैतूल में 32.7, सिवनी और उमरिया में 33.2, धार में 33.4 तथा नर्मदापुरम में 33.8 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। प्रदेश के प्रमुख शहरों में भोपाल और इंदौर का अधिकतम तापमान 33.8 डिग्री, उज्जैन में 33.5 डिग्री, जबलपुर में 36.7 डिग्री और ग्वालियर में 41.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    बारिश के आंकड़ों में सुधार
    पिछले 72 घंटे से प्रदेश के विभिन्न जिलों में लगातार बारिश होने से वर्षा के आंकड़ों में सुधार दर्ज किया गया है। कई स्थानों पर 4 इंच से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई। 1 जून से अब तक प्रदेश में औसतन 99 मिमी (करीब 4 इंच) बारिश होनी चाहिए थी, जबकि अब तक 58.5 मिमी (करीब 2.1 इंच) वर्षा हुई है। यह सामान्य से 41 प्रतिशत कम है। 24 जून तक यह कमी 50 प्रतिशत थी, यानी हालिया बारिश से करीब 9 प्रतिशत का सुधार हुआ है। फिलहाल प्रदेश के पूर्वी हिस्से में सामान्य से 68 प्रतिशत कम और पश्चिमी हिस्से में 15 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।

  • एमपी में चार दिन तक लू और उमस का कहर, 25 जून के बाद मानसून की दस्तक के संकेत

    एमपी में चार दिन तक लू और उमस का कहर, 25 जून के बाद मानसून की दस्तक के संकेत


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मौसम के तेवर फिलहाल राहत देने वाले नहीं हैं। प्रदेश में 26 जून तक लू, उमस भरी गर्मी और कहीं-कहीं आंधी-बारिश का मिला-जुला असर देखने को मिलेगा। मानसून की एंट्री में देरी और प्री-मानसून गतिविधियों के कमजोर पड़ने से गर्मी का प्रभाव बढ़ गया है। पिछले दो दिनों से जबलपुर संभाग के कई इलाकों में हीटवेव का असर भी महसूस किया जा रहा है।

    मौसम विभाग के भोपाल केंद्र ने जबलपुर, रीवा और सागर संभाग के जिलों के लिए अगले चार दिनों तक हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। सोमवार को नरसिंहपुर, जबलपुर, मंडला, उमरिया और डिंडौरी में दिन के समय गर्म हवाएं चलने की संभावना है। हालांकि शाम के बाद कुछ क्षेत्रों में आंधी और बारिश हो सकती है।

    इसके अलावा ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, श्योपुर, गुना, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, राजगढ़, भोपाल, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, देवास, सीहोर, इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, छिंदवाड़ा, सिवनी और बालाघाट में भी गर्मी का असर बना रहने का अनुमान है।


    21 से ज्यादा जिलों में आंधी-बारिश की संभावना

    हीटवेव और गर्मी के बीच प्रदेश के 21 से अधिक जिलों में आंधी और बारिश का दौर भी जारी रह सकता है। झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, मैहर, अनूपपुर, कटनी, दमोह, सागर, विदिशा और अशोकनगर में तेज आंधी चलने का अलर्ट जारी किया गया है।

    रायसेन में सबसे ज्यादा बारिश
    रविवार को प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी और बारिश दर्ज की गई। रायसेन में 61 मिमी यानी करीब ढाई इंच बारिश हुई। भोपाल में दोपहर के समय जोरदार बारिश हुई, जबकि सतना में लगभग पौन इंच पानी गिरा। जबलपुर, खजुराहो, नौगांव और सिवनी में भी बारिश का सिलसिला बना रहा।

    तापमान में आई गिरावट
    बारिश के असर से रविवार को अधिकतम तापमान में कुछ कमी दर्ज की गई। भोपाल में तापमान 35.3 डिग्री सेल्सियस, इंदौर में 37.1 डिग्री, ग्वालियर में 39.7 डिग्री, उज्जैन में 36 डिग्री और जबलपुर में 38 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। प्रदेश के हिल स्टेशन पचमढ़ी में सबसे कम 32.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। वहीं सिवनी और शिवपुरी में 35 डिग्री, रायसेन में 36 डिग्री तथा सागर और टीकमगढ़ में 36.5 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। दतिया प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां पारा 40.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।

    मानसून की दस्तक में अभी और इंतजार

    मध्य प्रदेश में मानसून निर्धारित समय से करीब सात दिन देरी से चल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार मानसून को प्रदेश में प्रवेश करने में अभी लगभग चार दिन और लग सकते हैं। अनुमान है कि 25 जून के बाद मानसून प्रदेश में दस्तक देगा। वहीं 23 जून तक इसके छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र की ओर आगे बढ़ने की संभावना है।

  • तेजी से आगे बढ़ रहा मानसून…. 25 राज्यों में 18 जून तक आंधी-बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट

    तेजी से आगे बढ़ रहा मानसून…. 25 राज्यों में 18 जून तक आंधी-बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट


    नई दिल्ली।
    तेजी से आगे बढ़ रहे दक्षिण्-पश्चिम मानसून (South-West Monsoon) और उत्तरी सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव से मौसम (Weather:) में व्यापक बदलाव आया है। पिछले 24 घंटों के दौरान जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) से तटीय कर्नाटक तक गरज और चमक के साथ बारिश हुई है। साथ ही, अलग-अलग क्षेत्रों में 50-70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी-तूफान ने भी कहर बरपाया है। बिहार में बिजली गिरने से 10 लोगों की जान चली गई है, पंजाब में भी वर्षा जनित घटनाओं में 3 लोगों की जान चली गई है। मौसम में यह बदलाव कम से कम 18 जून तक जारी रहने की प्रबल संभावना है।

    भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार, उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर, हापुड़, बिजनौर, शामली, मुरादाबाद, संभल, हाथरस और मथुरा में आंधी-तूफान और गरज के साथ बारिश हुई। हरियाणा के गोहाना, सोनीपत और रोहतक समेत कई जिलों में भी ऐसा ही हाल रहा। राजस्थान के डीग, भरतपुर, बयाना और धौलपुर में भी तेज हवाएं चलीं और छिटपुट बारिश दर्ज की गई। बिहार में बारिश के दौरान बिजली गिरने से खगड़िया में पांच लोगों की मौत हो गई और 7 लोग झुलस गए, जबकि भागलपुर, मधेपुरा, सहरसा और भोजपुर जिलों में भी वज्रपात से एक-एक लोगों की जान चली गई।

    जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, उत्तराखंड, चंडीगढ़, पंजाब और छत्तीसगढ़ में भी व्यापक वर्षा हुई। अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, झारखंड, ओडिशा और तटीय कर्नाटक में भारी बारिश दर्ज की गई। हिमाचल प्रदेश में रोहतांग सहित ऊंची चोटियों पर बर्फबारी हुई। कुल्लू और लाहौल घाटी में झमाझम बारिश दर्ज की गई। केरल में कुछ जगहों पर 12-20 सेमी तक वर्षा रिकॉर्ड की गई। असम, बंगाल, त्रिपुरा और तमिलनाडु में कुछ जगहों पर 7-11 सेमी वर्षा हुई। मध्य प्रदेश, कोंकण, महाराष्ट्र और गुजरात में कुछ जगहों पर 40-60 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलीं। उधर, विदर्भ में कई जगहों पर लू जैसी स्थिति रही और रातें गर्म रहीं।


    18 तक उत्तर-पश्चिम में बदला रहेगा मौसम

    मौसम विभाग ने उत्तर-पश्चिम भारत में जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल, उत्तराखंड, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में 18 जून तक अलग-अलग स्थानों पर गरज और चमक के साथ बारिश होने और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान जताया है। इस दौरान कुछ जगहों पर बिजली भी गिर सकती है। अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, झारखंड, बिहार, ओडिशा, महाराष्ट्र, गुजरात, गोवा और पूर्वोत्तर भारत के असम समेत सभी राज्यों में भी अगले तीन से चार दिनों तक 40-50 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने और मूसलाधार बारिश होने की संभावना जताई है।


    बदरीनाथ हाईवे पांच घंटे बंद रहा

    उत्तराखंड में बदरीनाथ हाईवे पर भनेरपाणी में पहाड़ी से भूस्खलन होने पर करीब पांच घंटे तक वाहनों की आवाजाही ठप रही। इस दौरान हाईवे के दोनों ओर करीब 2,000 तीर्थयात्री फंसे रहे। बाद में कार्यदायी संस्था एनएचआईडीसीएल की जेसीबी ने मलबे का निस्तारण किया। इसके बाद शुक्रवार सुबह आठ बजे वाहनों की आवाजाही सुचारु हो पाई। भनेरपाणी में थोड़ी बारिश होने पर भी मलबा और पत्थर हाईवे पर गिर रहे हैं।


    पूर्वी उत्तर प्रदेश की दहलीज पर मानसून

    दक्षिण-पश्चिम मानसून पूर्वी-उत्तरी उत्तर प्रदेश की सीमा के करीब पहुंच गया है। आईएमडी के अनुसार, शुक्रवार को मानसून प. बंगाल और बिहार के कुछ और भागों एवं ओडिसा व झारखंड के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ गया है। अगले 2-3 दिनों में मानसून के मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल के बाकी हिस्सों, ओडिशा, झारखंड और बिहार के कुछ और हिस्सों और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में और आगे बढ़ने के लिए हालात अनुकूल हैं। इस तरह, तीन दिन की देरी से केरल पहुंचा मानसून 9 दिनों के भीतर ही 19 राज्यों तक पहुंच गया है।


    अल नीनो का साया

    मौसम विभाग के अनुसार, भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में इस समय अल नीनो की स्थितियां सक्रिय हैं। मौसम विभाग ने कहा कि समुद्र की सतह के बढ़ते तापमान का असर अब हमारे वायुमंडल पर भी दिखने लगा है। महासागर और वायुमंडल की यह साझा प्रणाली अब पूरी तरह से अल नीनो के लक्षणों को दर्शा रही है। आने वाले महीनों में अल नीनो का प्रभाव और अधिक गहराने की आशंका है। आमतौर पर अल नीनो के सक्रिय होने से भारत में कम बारिश या सूखे जैसे हालात पैदा होने का खतरा बढ़ जाता है। भारत में इससे पहले आखिरी बार अल नीनो की स्थितियां साल 2023 में देखी गई थीं।

  • UP में आंधी-बारिश ने मचाई तबाही. अब तक 111 लोगों की मौत, 170 पशुओं की भी गई जान

    UP में आंधी-बारिश ने मचाई तबाही. अब तक 111 लोगों की मौत, 170 पशुओं की भी गई जान


    लखनऊ।
    उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में आंधी, तेज बारिश, ओलावृष्टि और बिजली गिरने की घटनाओं ने भारी तबाही मचाई है. राज्य के कई जिलों में आए भीषण तूफान (Severe Storms) और खराब मौसम (Bad Weather) के कारण अब तक कम से कम 111 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 72 लोग घायल बताए जा रहे हैं. इसके अलावा 170 पशुओं की मौत और 227 घरों के क्षतिग्रस्त होने की भी सूचना है।

    गुरुवार को राहत आयुक्त कार्यालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान में कहा गया कि 13 मई को हुए खराब मौसम के कारण राज्य के 26 जिलों से मौतों की सूचना मिली है. तेज हवाओं के चलते कई इलाकों में पेड़ उखड़ गए, बिजली के खंभे गिर गए और मकानों को नुकसान पहुंचा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) ने स्थिति का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रभावित परिवारों तक 24 घंटे के अंदर राहत सामग्री और आर्थिक सहायता पहुंचाई जाए. उन्होंने सभी मंडलायुक्तों और जिला मजिस्ट्रेटों से घटनाओं का पूरी संवेदनशीलता के साथ सत्यापन करने और पीड़ित परिवारों से सीधा संपर्क स्थापित कर हर संभव मदद उपलब्ध कराने को कहा है.

    राहत आयुक्त कार्यालय ने बताया कि राज्य स्तर से हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और जिला प्रशासन के साथ सीधे समन्वय के जरिए राहत कार्य संचालित किए जा रहे हैं. प्रभावित जिलों को आवश्यक धनराशि भी उपलब्ध कराई जा रही है ताकि राहत और बचाव कार्यों में कोई बाधा न आए।


    प्रयागराज में सबसे ज्यादा तबाही

    प्रयागराज जिला प्रशासन द्वारा जारी सूची के अनुसार, गुरुवार सुबह तक तूफान और बारिश के कारण 17 लोगों की मौत की सूचना थी. बाद में अन्य क्षेत्रों से भी जानकारी आने के बाद प्रशासन ने बुधवार की घटनाओं में कुल 24 लोगों की मौत की पुष्टि की. तेज हवाओं और बारिश के चलते कई ग्रामीण इलाकों में मकानों को नुकसान पहुंचा और बिजली व्यवस्था भी प्रभावित हुई. प्रशासन द्वारा राहत एवं बचाव कार्य जारी है।


    भदोही में 16 लोगों की मौत

    भदोही जिले में तूफान से जुड़ी घटनाओं में कम से कम 16 लोगों की मौत हुई. अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट कुंवर वीरेंद्र कुमार मौर्य ने बताया कि कई क्षेत्रों में तेज आंधी के कारण पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए. कई मकानों को भी भारी नुकसान पहुंचा है. उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और प्रभावित परिवारों को सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।


    फतेहपुर में दीवार गिरने और हादसों में गई जान

    फतेहपुर जिले में तूफान और बारिश से जुड़ी घटनाओं में 9 लोगों की मौत हुई, जबकि 16 लोग घायल हो गए. अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट अविनाश त्रिपाठी ने बताया कि खागा तहसील में पांच महिलाओं सहित आठ लोगों की मौत हुई. वहीं सदर तहसील में एक घर की दीवार गिरने से एक महिला की जान चली गई. घायलों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में कराया जा रहा है।


    प्रतापगढ़ में शेड और दीवार गिरने से मौतें

    प्रतापगढ़ जिले में तेज हवाओं और बारिश के बीच दीवार गिरने, सीमेंटेड शेड ढहने और बिजली गिरने की अलग-अलग घटनाओं में चार लोगों की मौत हुई. पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर ने बताया कि लालगंज कोतवाली क्षेत्र के ओझा का पुरवा गांव में एक सीमेंटेड शेड गिरने से भीम यादव (25) मलबे के नीचे दब गए और उनकी मौत हो गई. उन्होंने बताया कि बघराई थाना क्षेत्र के सरी स्वामी गांव में दीवार गिरने से भूषण पांडे (56) की मौत हुई. इसके अलावा नारंगपुर गांव की शांति देवी (46) और छत्रपुर शिवाला रघना गांव के लाल बहादुर (44) की भी तूफान से जुड़ी घटनाओं में जान चली गई।


    कानपुर देहात में बिजली गिरने से युवती की मौत

    कानपुर देहात जिले में बारिश से संबंधित घटनाओं में दो लोगों की मौत हुई. पुलिस सूत्रों के अनुसार, रसूलाबाद क्षेत्र के भौथारी गांव में भारी बारिश के दौरान 19 वर्षीय रुचि बकरियों के साथ नीम के पेड़ के नीचे खड़ी थी, तभी बिजली गिरने से उसकी मौत हो गई. इस घटना में कई बकरियों की भी मौत हो गई. पास में खड़ा एक 60 वर्षीय व्यक्ति भी घायल हो गया. अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (वित्त एवं राजस्व) दुष्यंत कुमार ने बताया कि स्थानीय अधिकारियों से मानव और पशुधन नुकसान की रिपोर्ट मांगी गई है और सरकारी नियमों के अनुसार सहायता दी जाएगी।


    देवरिया और सोनभद्र में भी हादसे

    देवरिया जिले के भीमपुर गौरा गांव निवासी कोमल यादव (62) की बिजली गिरने से मौत हो गई. इस घटना में दो अन्य लोग घायल हुए हैं. एक अन्य घटना में नेरुअरी गांव निवासी रामनाथ प्रसाद (65) की भी बिजली गिरने से मौत हो गई. वहीं सोनभद्र जिले में माधव सिंह (38) की तेज बारिश और तूफान के दौरान उखड़े पेड़ के नीचे दबने से मौत हो गई.


    CM योगी ने दिए सख्त निर्देश

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिला प्रशासन और विभिन्न विभागों के अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने और पीड़ितों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने अधिकारियों को सतर्क रहने को कहा है. साथ ही राजस्व विभाग, कृषि विभाग और बीमा कंपनियों को नुकसान का सर्वेक्षण कर सरकार को जल्द रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया गया है. राज्य सरकार का कहना है कि राहत और पुनर्वास कार्य तेजी से जारी हैं और प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

  • तेज आंधी-बारिश का कहर… UP में 54 लोगों की मौत, दिल्ली से उत्तराखंड तक बदला मौसम

    तेज आंधी-बारिश का कहर… UP में 54 लोगों की मौत, दिल्ली से उत्तराखंड तक बदला मौसम


    नई दिल्ली।
    दिल्ली (Delhi) से लेकर उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) और उत्तराखंड (Uttarakhand) तक मौसम (Weather) में अचानक बड़ा बदलाव देखने को मिला है. बुधवार को कई जगहों पर तेज आंधी (Strong Storm), भारी बारिश और ओलावृष्टि (Heavy Rain and Hailstorm) देखने को मिली. उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मौसम का कहर देखने को मिला है. यहां कई जिलों में 54 लोगों की मौत हो गई. भदोही जिले में अचानक बदले मौसम ने बड़ा कहर बरपाया. यहां तेज आंधी-तूफान और बारिश के कारण 11 लोगों की मौत हुई है. कई जगह पेड़ उखड़कर सड़कों पर गिर गए. इससे आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ.

    वहीं हरदोई जिले में बदले मौसम ने दो परिवारों की खुशियां छीन लीं. तेज आंधी-तूफान और बारिश के बीच अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हुए हादसों में दो मासूम बच्चियों की दर्दनाक मौत हो गई. एक बच्ची की शौचालय की दीवार गिरने से मौत हुई, जबकि दूसरी किशोरी आकाशीय बिजली की चपेट में आ गई. दोनों घटनाओं के बाद गांवों में मातम पसरा हुआ है. वहीं कानपुर देहात के कपड़ाहट ग्राम पंचायत के मजरा भैथरी गांव में आकाशीय बिजली गिरने से एक युवती की मौत हो गई, जबकि करीब 35 बकरियां भी चपेट में आकर मर गईं।

    फतेहपुर में भी आंधी-तूफान का कहर बरपा. यहां 5 महिला सहित 9 की मौत हो गई जबकि 17 लोग घायल हुए हैं. इसके अलावा 8 मवेशियों की मौत हुई है. घटना सदर और खागा तहसील क्षेत्र की हैं. कौशांबी जिले के सिराथू तहसील क्षेत्र के केसारी गांव में पेड़ की भारी डाल टूटकर गिर गई, जिसकी चपेट में आने से एक वृद्ध महिला की दबने से मौके पर ही मौत हो गई. इसके अलावा तरसौरा गांव में तेज आंधी के बाद लगी भीषण आग से एक दर्जन घरों में आग लग गई, जिसमें एक भैंस की जलकर मौत हो गई।


    प्रयागराज में 17 लोगों की मौत

    संगम नगरी प्रयागराज में बुधवार शाम आए तेज आंधी तूफान ने जमकर तबाही मचाई है. तेज तूफान के कारण अलग-अलग स्थान में 17 व्यक्तियों की मौत हुई है. कई जगह पेड़ गिरे हैं और कई गाड़ियां दबी हैं. प्रयागराज के हंडिया, सोरांव, फूलपुर और मेजा इलाके में मौत ने अपना कहर बरपाया है. हंडिया में सात लोगों की मौत हुई है. वहीं फूलपुर में चार, सोरांव में तीन और मेजा में दो लोगों की मौत हुई है. वहीं तेज आंधी और तूफान के कारण कई बड़े पेड़ धराशाई हो गए. हवाओं के साथ धूल भरी आंधी के बीच कई जगहों पर सड़क पर पुराने पेड़ गिर गए हैं।


    दिल्ली में अचानक बदला मौसम

    उधर, दिल्ली में भी मौसम ने अचानक करवट ली. पश्चिमी दिल्ली में सुबह से मौसम सुहाना बना हुआ था, हालांकि दोपहर में तेज गर्मी महसूस की गई. लेकिन रात करीब 8 बजे अचानक मौसम बदला और कई इलाकों में बारिश शुरू हो गई. उत्तम नगर इलाके में बारिश के दौरान ओले भी पड़े. दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में बारिश दर्ज की गई है. लगातार बढ़ती गर्मी के बीच ठंडी हवाओं ने लोगों को राहत दी है।


    उत्तराखंड के लिए मौसम विभाग का अलर्ट

    वहीं उत्तराखंड में भी मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए चेतावनी जारी की है. देहरादून, हरिद्वार, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, चंपावत और ऊधम सिंह नगर में कई जगहों पर बारिश की संभावना जताई गई है. भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD ने देहरादून और नैनीताल समेत छह जिलों में बिजली कड़कने, ओलावृष्टि, तेज बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी जारी की है।

    मौसम विभाग के मुताबिक, कई जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. देहरादून में आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रहने का अनुमान है और यहां बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं. पिछले 24 घंटों के दौरान उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य से काफी नीचे दर्ज किया गया. मैदानी इलाकों में भी तापमान सामान्य से कम रहा.

    लगातार खराब मौसम और भारी बारिश-ओलावृष्टि को देखते हुए प्रशासन ने आदि कैलाश तीर्थयात्रा पर अस्थायी रोक लगा दी है. सोमवार को जिले में भारी बारिश और ओलावृष्टि के बाद धारचूला बेस कैंप पर तीर्थयात्रियों के 36 सदस्यीय जत्थे को रोक दिया गया. प्रशासन ने ऊंचाई वाले यात्रा मार्गों पर हाई अलर्ट जारी कर दिया है. प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है.


    राजस्थान में भी आंधी-तूफान का कहर

    राजस्थान के अलवर में भी अचानक मौसम ने करवट ली और तेज बारिश के साथ आए आंधी तूफान ने शहरवासियों की मुश्किलें बढ़ा दीं. तेज हवाओं और बरसात के चलते शहर के कई इलाकों में पेड़ ओर बिजली के पोल गिर गए, जिससे यातायात व्यवस्था ओर बिजली आपूर्ति पूरी तरह प्रभावित हो गई. यहां तूफान से टीन शेड गिरने से एक युवक की मौत हो गई. वहीं रामगढ़ के नेमरा में वज्रपात से एक साथ 26 मवेशियों की मौत हो गई. मुख्यमंत्री के पैतृक गांव में सात गाय और 19 बैल की मौत से किसानों को भारी नुकसान हुआ है. इसके अलावा महाराष्ट्र के सतारा में बिजली गिरने से 22 भेड़ों की मौत हो गई।

  • Weather: मध्य प्रदेश में थमा ओला-बारिश का दौर, अब गर्मी दिखाएगी अपना रौद्र रूप

    Weather: मध्य प्रदेश में थमा ओला-बारिश का दौर, अब गर्मी दिखाएगी अपना रौद्र रूप


    भोपाल।
    मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में पिछले कई दिनों से जारी आंधी-बारिश (Storm and Rain) और ओलों (Hail) का दौर अब खत्म होने की कगार पर है। मौसम का यह राहत भरा फेज अब तेजी से बदल रहा है और प्रदेश एक बार फिर झुलसाने वाली गर्मी की ओर बढ़ रहा है। मौसम विभाग (Meteorological Department.) के अनुसार, शुक्रवार से मौसम पूरी तरह साफ हो जाएगा और तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी।


    9 दिन बाद खत्म हुआ राहत वाला दौर

    अप्रैल की शुरुआत इस बार अलग रही। जहां आमतौर पर इस समय तक तेज गर्मी पड़ने लगती है, वहीं इस साल 1 से 9 अप्रैल तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में आंधी, बारिश और ओलों का असर बना रहा। लगातार एक्टिव रहे साइक्लोनिक सर्कुलेशन और वेस्टर्न डिस्टरबेंस ने गर्मी पर ब्रेक लगा दिया था। गुरुवार को भी पूर्वी मध्यप्रदेश के उमरिया, शहडोल, डिंडौरी, अनूपपुर, मंडला, सिवनी और बालाघाट जिलों में मौसम बदला हुआ नजर आया। कहीं तेज आंधी चली तो कहीं हल्की बारिश दर्ज की गई।


    अब 5 दिन नहीं होगी बारिश

    मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, अब ये सिस्टम कमजोर पड़ चुके हैं। शुक्रवार से मौसम साफ रहेगा और अगले पांच दिन तक प्रदेश में कहीं भी बारिश के आसार नहीं हैं। यानी पूरा प्रदेश ड्राई जोन में रहेगा और तापमान तेजी से बढ़ेगा।


    15 अप्रैल को नया सिस्टम, असर कम

    मौसम विभाग के अनुसार, 15 अप्रैल के आसपास उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होगा, लेकिन इसका असर मध्यप्रदेश में सीमित ही रहेगा। ऐसे में गर्मी से राहत की संभावना फिलहाल नहीं दिख रही है।मौसम विभाग मानता है कि जैसे सर्दी के लिए दिसंबर-जनवरी और बारिश के लिए जुलाई-अगस्त अहम होते हैं, वैसे ही गर्मी के लिए अप्रैल और मई सबसे महत्वपूर्ण महीने हैं। इस बार मार्च के दूसरे पखवाड़े में ही तापमान 41°C के पार पहुंच गया था, लेकिन बाद में मौसम बदलने से गर्मी की रफ्तार थम गई थी।


    बार-बार बदला मौसम, फसलों को नुकसान

    इस साल फरवरी और मार्च में चार-चार बार मौसम बदला। कई जिलों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान हुआ। गेहूं, पपीता और केले की फसलें प्रभावित हुईं। मार्च के आखिरी और अप्रैल के पहले पखवाड़े में भी बारिश का सिलसिला जारी रहा। मौसम अब अपने पुराने ट्रेंड पर लौट रहा है। बारिश का दौर थमते ही तेज धूप और गर्म हवाएं असर दिखाने लगेंगी। आने वाले दिनों में लू चलने की स्थिति भी बन सकती है, जिससे जनजीवन प्रभावित होगा।

  • एमपी में 4 दिन बारिश-ओलावृष्टि से फसलें बर्बाद, अब बढ़ेगी गर्मी, नया सिस्टम होगा सक्रिय

    एमपी में 4 दिन बारिश-ओलावृष्टि से फसलें बर्बाद, अब बढ़ेगी गर्मी, नया सिस्टम होगा सक्रिय


    भोपाल। मध्य प्रदेश में बीते 4 दिनों करीब 98 घंटे से सक्रिय मजबूत मौसम प्रणाली के कारण 45 जिलों में आंधी और बारिश का असर देखने को मिला। इनमें से 17 जिलों में ओलावृष्टि भी हुई, जिससे फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। अब यह सिस्टम आगे बढ़ चुका है और मौसम साफ होने के साथ तेज गर्मी बढ़ने का अनुमान है। मौसम विभाग ने अगले 4 दिनों तक कहीं भी आंधी या बारिश की संभावना नहीं जताई है। हालांकि मार्च के आखिरी सप्ताह में एक नए वेस्टर्न डिस्टरबेंस के असर से मौसम में फिर बदलाव हो सकता है।

    मौसम विभाग के मुताबिक 26 मार्च से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे प्रदेश के उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी या बादल छाने की स्थिति बन सकती है। शनिवार को भी कुछ जिलों में मौसम बदला रहा और राजधानी भोपाल में बादल छाए रहने से दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई।

    तापमान की बात करें तो पचमढ़ी में सबसे कम 25.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रीवा और दतिया में 28.2 डिग्री, नौगांव और सतना में 28.3 डिग्री, सिवनी में 28.4 डिग्री, टीकमगढ़ और सीधी में 28.6 डिग्री, दमोह और उमरिया में 29 डिग्री, श्योपुर में 29.4 डिग्री तथा मंडला और खजुराहो में 29.5 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। प्रदेश के प्रमुख शहरों में भोपाल का तापमान 29.4 डिग्री, जबलपुर 29.5 डिग्री, इंदौर 30.6 डिग्री, ग्वालियर 28.4 डिग्री और उज्जैन 31.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

    तेज आंधी और ओलावृष्टि का सबसे ज्यादा असर फसलों पर पड़ा है। केला, पपीता और गेहूं की फसलें प्रभावित हुई हैं। धार और खरगोन समेत कई जिलों में किसानों को भारी नुकसान हुआ है, जिसके चलते अब मुआवजे की मांग उठने लगी है।

    पिछले चार दिनों में इंदौर, धार, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, बुरहानपुर, खंडवा, भोपाल, राजगढ़, विदिशा, रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, ग्वालियर, मऊगंज, श्योपुर, मुरैना, दतिया, अशोकनगर, रतलाम, उज्जैन, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, सागर, दमोह, पन्ना, छतरपुर, कटनी, उमरिया, मैहर, सतना, अनूपपुर, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, पांढुर्णा और मंडला समेत कुल 45 जिलों में आंधी-बारिश दर्ज की गई।

    वहीं अलीराजपुर, बड़वानी, विदिशा, बैतूल, झाबुआ, खंडवा, आगर-मालवा, छिंदवाड़ा, जबलपुर, सिवनी, छतरपुर, शिवपुरी, रायसेन, सागर, दमोह, पन्ना और मंडला जिलों में ओले गिरे।

    मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि इस साल अप्रैल और मई महीने सबसे अधिक गर्म रह सकते हैं। ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है, जबकि भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में भी तेज गर्मी का असर रहेगा।

  • देश में फिर बदला मौसम… उत्तर-पश्चिम के कई हिस्सों में हुई बारिश-बर्फबारी… आज इन क्षेत्रों में अलर्ट

    देश में फिर बदला मौसम… उत्तर-पश्चिम के कई हिस्सों में हुई बारिश-बर्फबारी… आज इन क्षेत्रों में अलर्ट


    नई दिल्ली।
    उत्तर-पश्चिम भारत (North-West India) में मौसम (Weather) में अचानक बदलाव आया है। दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR.) समेत उत्तर भारत के मैदानी राज्यों में जहां बारिश हुई है, वहीं पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में बारिश (Rain) के साथ बर्फबारी (Snowfall) भी दर्ज की गई है। इससे बढ़ते तापमान में गिरावट आई है और मौसम सुहावना हो गया है। देश के पूर्वी, पूर्वोत्तर और दक्षिणी हिस्से में भी आंधी-तूफान के साथ बारिश हुई है। अगले दो दिन मौसम के ऐसे ही बने रहने के आसार हैं और मैदानी राज्यों में कुछ जगहों पर ओलावृष्टि की भी संभावना है।

    दिल्ली-एनसीआर में सुबह से ही बादल छाए रहे और शाम होते-होते झमाझम बौछारें पड़ने लगीं। कई हिस्सों में तेज हवाएं भी चलीं और भारी बारिश दर्ज की गई। इससे बढ़ते तापमान और उमस भरे मौसम से काफी राहत मिली। दिल्ली समेत एनसीआर के शहरों नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में 20 मार्च तक गरज और चमक के साथ हल्की बारिश होने और 50 किमी प्रति घंटा तक की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। मौसम विभाग ने इसको लेकर यलो अलर्ट जारी किया है। बारिश के कारण तापमान में गिरावट आई है और मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों के बाद पारा 4-6 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है।


    खराब मौसम से 22 उड़ानों का मार्ग बदला

    दिल्ली-एनसीआर में खराब मौसम का असर यातायात पर पड़ा। शाम के वक्त बारिश होने से कुछ इलाकों में सड़कों पर पानी भर गया और लोगों को जाम का सामना करना पड़ा। दिल्ली में इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर उड़ानें प्रभावित हुईं। बारिश के साथ तेज हवा चलने से कई 22 उड़ानों की लैंडिंग नहीं हो सकी और उन्हें दूसरे शहरों में भेजना पड़ा।

    अरुणाचल से तमिलनाडु तक भारी बारिश…अरुणाचल, कर्नाटक, तेलंगाना और तमिलनाडु में छिटपुट स्थानों पर भारी वर्षा दर्ज की गई। ओडिशा, छत्तीसगढ़ और मराठवाड़ा में ओलावृष्टि हुई। असम और मेघालय, झारखंड, ओडिशा, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, मराठवाड़ा और अरुणाचल में छिटपुट स्थानों पर 50-70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ गरज के साथ बारिश हुई।विदर्भ, गुजरात, कोंकण, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, मध्य प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल में छिटपुट स्थानों पर 30-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं।


    हिमाचल-कश्मीर में चोटियों पर हिमपात

    हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के ऊंडाई वाले इलाकों में हिमपात और मैदानी इलाकों में बारिश हुई। हिमाचल में कुल्लू, किन्नौर और लाहौल-स्पीति जिलों में ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हुई। हिमपात के चलते अटल टनल के लिए यातायात बंद कर दिया गया। जम्मू संभाग में हिमपात के चलते किश्तवाड़ से कश्मीर को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण सिंथन टॉप मार्ग यातायात के लिए बंद कर दिया है। श्रीनगर सहित कई मैदानी इलाकों में बारिश हुई। गुलमर्ग समेत कश्मीर घाटी के अन्य ऊपरी इलाकों में ताजा बर्फबारी हुई। खराब मौसम के कारण मां वैष्णो देवी के लिए हेलिकॉप्टर सेवा दिनभर बंद रही। लेकिन बैटरी कार और रोपवे सेवाएं सामान्य रहीं।


    पंजाब-हरियाणा में भी बारिश

    पंजाब और हरियाणा के कुछ इलाकों में हल्की बारिश हुई, जिससे अधिकतम तापमान सामान्य से कुछ डिग्री नीचे गिर गया। पंजाब के अमृतसर, पठानकोट, पटियाला, लुधियाना और हरियाणा के हिसार, नारनौल, भिवानी और चरखी दादरी में बारिश हुई। अमृतसर में अधिकतम तापमान 19.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से आठ डिग्री कम है। हरियाणा में अंबाला, हिसार, करनाल और नारनौल में अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। चंडीगढ़ का अधिकतम तापमान 27.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से एक डिग्री कम है।

    मौसम का पूर्वानुमान
    मौसम विभाग के अनुसार, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में 19 मार्च को, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में 19 और 20 मार्च को, पश्चिमी राजस्थान में 20 मार्च को और पूर्वी उत्तर प्रदेश में छिटपुट ओलावृष्टि की भी संभावना है। मध्य और पूर्वी भारत में 22 मार्च तक छिटपुट गरज के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है। मध्य प्रदेश, ओडिशा और झारखंड में 20 मार्च तक और पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 20 और 21 मार्च को छिटपुट बारिश होने और गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने का अनुमान है।

  • MP Weather : मध्‍य प्रदेश में 4 दिन बदला रहेगा मौसम, 13 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट

    MP Weather : मध्‍य प्रदेश में 4 दिन बदला रहेगा मौसम, 13 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट


    भोपाल। मध्य प्रदेश में बुधवार से आंधी और बारिश का मजबूत सिस्टम सक्रिय हो गया है, जिससे अगले चार दिनों तक मौसम में बदलाव बना रहेगा। तेज गर्मी से राहत मिलेगी और प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में कहीं आंधी तो कहीं बारिश देखने को मिल सकती है। गरज-चमक के साथ बादल छाने की भी संभावना है। बुधवार को ग्वालियर सहित 13 जिलों में अलर्ट जारी किया गया है, जबकि 21 मार्च तक भोपाल, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर में भी मौसम के बदलने के आसार हैं।
    मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर मध्य प्रदेश तक पहुंच रहा है। इसके चलते 19 से 21 मार्च के बीच प्रदेश में बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी। मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को प्रदेश के पश्चिम-उत्तरी हिस्से में पांच साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय रहे, जबकि दक्षिण-पूर्वी क्षेत्र में भी एक वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का प्रभाव देखा गया। इसी वजह से ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के कुछ जिलों में बादल छाए रहे और दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई।
    तापमान की बात करें तो खरगोन में सबसे ज्यादा 38.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा खजुराहो में 38.4 डिग्री, नरसिंहपुर में 38 डिग्री, रायसेन में 37.6 डिग्री, मंडला में 37.5 डिग्री, नर्मदापुरम में 37.2 डिग्री और खंडवा में 37.1 डिग्री तापमान रहा। प्रदेश के पांच प्रमुख शहरों में जबलपुर सबसे गर्म रहा, जहां तापमान 36.1 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं भोपाल में 35.2 डिग्री, इंदौर में 34.9 डिग्री और उज्जैन व ग्वालियर में 35.5 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ।
    मार्च के साथ ही गर्मी के मौसम की शुरुआत हो चुकी है और पहले पखवाड़े में तेज गर्मी का असर देखने को मिला। हालांकि अब मौसम का मिजाज बदल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, इस सीजन में पहली बार इतना मजबूत सिस्टम सक्रिय हुआ है, जिसका असर 4 से 5 दिनों तक पूरे प्रदेश में बना रहेगा। इस दौरान कहीं बारिश, कहीं आंधी और कहीं बादल छाए रहने की स्थिति रहेगी।
    इस सिस्टम के गुजरने के बाद 22 मार्च से फिर से तेज गर्मी लौटने की संभावना है। मार्च के अंतिम सप्ताह में तापमान में तेजी से बढ़ोतरी हो सकती है। पिछले 10 वर्षों के आंकड़ों के अनुसार, मार्च में दिन गर्म और रातें अपेक्षाकृत ठंडी रहती हैं, साथ ही बारिश का भी ट्रेंड बना रहता है।
    भोपाल, इंदौर और उज्जैन में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है, जबकि रात का तापमान 14 से 20 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। नर्मदापुरम में पहले ही लगातार तीन दिनों से तापमान 40 डिग्री से ऊपर दर्ज किया जा चुका है। वहीं, अप्रैल और मई में 15 से 20 दिनों तक हीट वेव यानी लू चलने की संभावना जताई गई है।
  • देश में फिर बदला मौसम…. कई राज्यों में बारिश और ओलावृष्टि से गिरा पारा, आज भी अलर्ट…

    देश में फिर बदला मौसम…. कई राज्यों में बारिश और ओलावृष्टि से गिरा पारा, आज भी अलर्ट…


    नई दिल्ली ।
    उत्तर-पश्चिम भारत (North-West India.) में मौसम ने एक बार फिर करवट की है। हिमालयी क्षेत्रों में ऊंची चोटियों पर हिमपात और घाटियों व आसपास के मैदानी इलाकों में गरज के साथ बारिश (Rain), तेज हवाएं चलने और कुछ जगहों पर ओलावृष्टि (Hailstorm) होने से तापमान में कुछ गिरावट दर्ज की गई है।

    मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र और उससे सटे आसपास के मैदानी इलाकों में एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय (Western Disturbance Active) हो रहा है, जिसके चलते 18 से 20 मार्च के दौरान इन इलाकों में बारिश और तूफानी हवाओं के साथ कहीं-कहीं ओले गिरने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के सोमवार सुबह 8:30 बजे तक आंकड़ों के अनुसार, बीते 24 घंटों में हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, पूर्वोत्तर के राज्यों और झारखंड में छिटपुट स्थानों पर ओलावृष्टि हुई।

    उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम और मेघालय में छिटपुट स्थानों पर भारी वर्षा (7-20 सेमी) दर्ज की गई है। अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम में छिटपुट स्थानों पर भारी वर्षा (7-11 सेमी) हुई। बंगाल के कोलकाता और मालद में कुछ जगहों पर 50-65 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं भी चलीं।


    जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी में फंसे 235 लोग निकाले

    जम्मू-कश्मीर में किश्तवाड़ के सिंथन टॉप पर रविवार रात भारी बर्फबारी में फंसे 235 लोगों और 38 गाड़ियों को सेना ने सुरक्षित निकाला लिया है। व्हाइट नाइट कोर के जवानों ने लोगों को गर्म खाना, पीने का पानी और रहने की जगह भी दी। वहीं, डांगदुरु में भूस्खलन के बाद से लापता व्यक्ति का सुराग सोमवार को भी नहीं लग पाया है। बचाव कार्य जारी है।


    उत्तराखंड में ठंड ने फिर दी दस्तक

    उत्तराखंड के सीमांत जनपदों में मौसम ने एक बार फिर करवट बदली है। रविवार रात ऊंची चोटियों पर जहां भारी हिमपात हुआ वहीं निचले इलाकों में बादलों के गरजने के साथ हुई झमाझम बारिश ने ठिठुरन बढ़ा दी है। मुनस्यारी के खलिया टॉप, पंचाचूली, हंसलिंग, नाग्निधुरा और छिपलाकेदार की पहाड़ियों ने बर्फ की सफेद चादर ओढ़ ली है।


    लाहौल से 10 हजार पर्यटक निकाले

    हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। मनाली-लेह मार्ग पर 1,500 वाहनों में फंसे 10 हजार सैलानी और स्थानीय लोग रोहतांग टनल होकर सुरक्षित निकाल लिए गए हैं। रविवार को रातभर कड़ाके की ठंड के बीच लोगों को गाड़ियों में ही रहना पड़ा।