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  • MP: .ग्वालियर में बारिश से सड़कों पर भरा घुटनों तक पानी… उसी में धरने पर बैठे विधायक

    MP: .ग्वालियर में बारिश से सड़कों पर भरा घुटनों तक पानी… उसी में धरने पर बैठे विधायक


    ग्वालियर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के ग्वालियर (Gwalior) के शंकरपुर में बारिश के बाद घुटनों तक पानी भर गया। जलभराव के विरोध में कांग्रेस विधायक साहब सिंह गुर्जर (Congress MLA Sahib Singh Gurjar) पानी से भरी सड़क पर धरने पर बैठ गए। उन्होंने नगर निगम पर नालियों की सफाई और जल निकासी में लापरवाही का आरोप लगाते हुए स्थायी समाधान की मांग की।

    दरअसल, ग्वालियर शहर में झमाझम बारिश ने एक बार फिर नगर निगम के जल निकासी के दावों पर सवाल खड़े कर दिए। बारिश के बाद वार्ड क्रमांक 64 के शंकरपुर इलाके में हालात ऐसे हो गए कि सड़कें घुटनों तक पानी में डूब गईं। जलभराव के कारण स्थानीय लोगों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

    बारिश के बीच जलभराव की समस्या का विरोध करने के लिए कांग्रेस के ग्रामीण विधायक साहब सिंह गुर्जर मौके पर पहुंचे। उन्होंने पानी से लबालब सड़क पर ही धरना शुरू कर दिया। विधायक के धरने में स्थानीय नागरिक भी शामिल हो गए और नगर निगम प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

    विधायक साहब सिंह गुर्जर ने मौके से फेसबुक लाइव किया और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि शंकरपुर में जलभराव की समस्या आज की नहीं है, बल्कि पिछले दो साल से लगातार बनी हुई है। इस समस्या को कई बार अधिकारियों के सामने उठाया गया, लेकिन इसके बावजूद अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं किया गया। विधायक का आरोप है कि इलाके में नालियों की पर्याप्त सफाई नहीं होने और जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश होते ही सड़कें पानी में डूब जाती हैं। स्थानीय लोगों को हर बार इसी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

    बारिश के बीच विधायक के धरने के दौरान लोगों ने ‘नगर निगम होश में आओ’ के नारे लगाए। जलभराव के बीच किया गया यह विरोध प्रदर्शन अब सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बारिश के दौरान सड़क पर इतना पानी भर जाता है कि लोगों के लिए घरों से निकलना मुश्किल हो जाता है। स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और वाहन चालकों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। लोगों का कहना है कि हर साल बारिश से पहले जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त करने के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्थिति बारिश के बाद सामने आ जाती है।

    विधायक और स्थानीय लोगों ने मांग की है कि शंकरपुर की जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए। उनका कहना है कि जब तक इलाके में बेहतर जल निकासी व्यवस्था नहीं बनाई जाती, तब तक हर बारिश में लोगों को इसी तरह परेशानी झेलनी पड़ेगी। बारिश थमी तो पानी भी धीरे-धीरे उतर गया, लेकिन शंकरपुर में जलभराव को लेकर नगर निगम की तैयारियों और दावों पर सवाल जरूर खड़े हो गए।

  • दिल्ली में बारिश से बढ़ा यमुना का जलस्तर, असम में बाढ़ से 98 मौतें, कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

    दिल्ली में बारिश से बढ़ा यमुना का जलस्तर, असम में बाढ़ से 98 मौतें, कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट


    नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय है। रविवार को दिल्ली समेत उत्तर भारत, मध्य भारत और दक्षिणी राज्यों के कई इलाकों में बारिश होने की संभावना है। राजधानी में पिछले आठ दिनों से बारिश का दौर जारी है, जिसके चलते यमुना नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। वहीं, असम में बाढ़ के कारण अब तक 98 लोगों की मौत हो चुकी है। हिमाचल प्रदेश और केरल में भी बारिश से हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं।

    कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी
    मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिम बंगाल और उससे सटे उत्तरी ओडिशा के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। यह सिस्टम 8 अगस्त को विकसित हुआ और अब पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है। इसके प्रभाव से पूर्वी और मध्य भारत में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।

    रविवार को छत्तीसगढ़ और उत्तराखंड में भारी बारिश की संभावना है। इसके अलावा असम, मेघालय, बिहार, पूर्वी राजस्थान, पूर्वी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, पंजाब, केरल, तटीय कर्नाटक, लक्षद्वीप, दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में भी बारिश हो सकती है।

    दिल्ली में हल्की बारिश, यमुना का जलस्तर बढ़ा
    राजधानी दिल्ली में लगातार बारिश के चलते यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। रविवार को दिल्ली में हल्की बारिश का अनुमान है। हरियाणा और पंजाब में भी कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। लगातार हो रही बारिश के कारण राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में मौसम का असर साफ दिखाई दे रहा है।

    ओडिशा-छत्तीसगढ़ में ऑरेंज अलर्ट
    IMD के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उत्तरी ओडिशा के आसपास बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण ओडिशा में भारी बारिश की संभावना है। इसे देखते हुए ओडिशा और छत्तीसगढ़ के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

    हिमालयी राज्यों में भी अगले दिनों बारिश
    जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के हिमालयी इलाकों में अगले छह से सात दिनों तक भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। दक्षिण भारत में भी मानसून सक्रिय रहेगा। रविवार को तटीय कर्नाटक, केरल, लक्षद्वीप और माहे में भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले दिनों में पूर्वी, मध्य, उत्तरी और दक्षिणी भारत के कई हिस्सों में भारी बारिश जारी रह सकती है।

  • उत्तर प्रदेश में मानसून का प्रकोप, उफान पर नदियां, पेड़ गिरने से युवक की मौत

    उत्तर प्रदेश में मानसून का प्रकोप, उफान पर नदियां, पेड़ गिरने से युवक की मौत


    उत्तर प्रदेश । उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही मानसूनी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। पिछले दस दिनों से जारी बारिश के कारण प्रदेश की कई प्रमुख नदियां उफान पर हैं। लखीमपुर खीरी में शारदा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिससे तटीय गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। खेत, सड़कें और निचले इलाके जलमग्न हो गए हैं। कई स्थानों पर मगरमच्छ आबादी वाले क्षेत्रों तक पहुंचते दिखाई दिए, जिससे लोगों में दहशत का माहौल है।

    सोनभद्र जिले में घाघरा नदी के तेज बहाव ने जिला जेल को जोड़ने वाली सड़क का बड़ा हिस्सा बहा दिया, जिससे आवागमन बाधित हो गया। वहीं गोंडा में घाघरा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और चेतावनी स्तर के पार पहुंचने के बाद प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है। जिले की सभी बाढ़ चौकियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है और नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

    वाराणसी में गंगा का जलस्तर भी तेजी से बढ़ा है। पिछले एक सप्ताह में नदी करीब 10 फीट ऊपर आ चुकी है। अस्सी घाट से नमो घाट तक करीब 50 छोटे-बड़े मंदिर जलमग्न हो गए हैं। घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और श्रद्धालुओं से सावधानी बरतने की अपील की गई है।

    मौसम का असर राजधानी लखनऊ, नोएडा, कानपुर, आगरा और अन्य शहरों में भी देखने को मिल रहा है। बुधवार सुबह से कई स्थानों पर रुक-रुक कर बारिश हो रही है, जबकि पूरे प्रदेश के सभी 75 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने 10 जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है।

    बारिश के बीच हादसों का सिलसिला भी जारी है। उन्नाव में तेज हवा के दौरान चलती बाइक पर अचानक पेड़ गिर गया, जिससे युवक की गर्दन टूट गई और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना लगातार खराब मौसम के बीच सावधानी बरतने की जरूरत को भी रेखांकित करती है।

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र और सक्रिय मानसूनी सिस्टम के कारण पिछले कुछ दिनों से प्रदेश में व्यापक बारिश हुई। अब मानसूनी ट्रफ दक्षिण की ओर खिसक रही है, जिससे अगले एक-दो दिनों में कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश जारी रह सकती है। इसके बाद बारिश में कुछ कमी आने की संभावना है, लेकिन 26 जुलाई से मानसून फिर सक्रिय होकर प्रदेश में तेज बारिश का नया दौर शुरू कर सकता है।

  • एक घंटे की बारिश में डूबा बैकुंठपुर, दर्जनों दुकानों में घुसा पानी; नगर परिषद की तैयारियों की खुली पोल

    एक घंटे की बारिश में डूबा बैकुंठपुर, दर्जनों दुकानों में घुसा पानी; नगर परिषद की तैयारियों की खुली पोल


    रीवा । रीवा जिले के बैकुंठपुर नगर में सोमवार सुबह हुई करीब एक घंटे की तेज बारिश ने नगर परिषद की तैयारियों की हकीकत सामने ला दी। बारिश का दौर ज्यादा लंबा नहीं चला लेकिन इतनी ही देर में नगर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बन गई। सबसे अधिक प्रभावित वार्ड क्रमांक 10 रहा जहां केपी तिहारी के पास स्थित करीब एक दर्जन दुकानों में बारिश का पानी घुस गया। दुकानों में पानी भरने से व्यापारियों को अपना सामान सुरक्षित रखने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी जबकि कई स्थानों पर बारिश रुकने के बाद भी पानी लंबे समय तक जमा रहा।

    बारिश का सबसे ज्यादा असर ज्वेलर्स बर्तन जनरल स्टोर और रेडीमेड कपड़ों की दुकानों पर देखने को मिला। दुकानदारों ने जल्दबाजी में सामान ऊंची जगहों पर रखा ताकि नुकसान कम हो सके। अचानक हुए जलभराव के कारण ग्राहकों की आवाजाही भी प्रभावित हुई और कारोबार पर असर पड़ा। स्थानीय लोगों को सड़क पर जमा पानी के बीच आवाजाही करने में भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

    स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बैकुंठपुर में जलभराव की समस्या कोई नई बात नहीं है। हर वर्ष मानसून के दौरान यही हालात बनते हैं लेकिन इसके बावजूद स्थायी समाधान की दिशा में कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। लोगों का आरोप है कि नगर परिषद नियमित रूप से नालियों की सफाई नहीं कराती जिसके कारण उनमें कचरा जमा रहता है और बारिश का पानी आसानी से नहीं निकल पाता। परिणामस्वरूप सड़कें तालाब में बदल जाती हैं और पानी दुकानों तथा घरों तक पहुंच जाता है।

    वार्डवासियों का कहना है कि स्वच्छता और नालियों की सफाई के नाम पर हर साल लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं लेकिन जमीनी स्तर पर उसका असर दिखाई नहीं देता। उनका कहना है कि अभी मानसून की शुरुआत ही हुई है और यदि समय रहते जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं। लगातार होने वाली बारिश से लोगों को आर्थिक नुकसान के साथ दैनिक जीवन में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।

    स्थानीय निवासी केपी तिहारी ने बताया कि महज एक घंटे की बारिश में ही उनकी सहित आसपास की कई दुकानों में पानी भर गया। उन्होंने कहा कि इस समस्या को लेकर कई बार नगर परिषद से शिकायत की जा चुकी है लेकिन नालियों की नियमित सफाई नहीं होने के कारण हर वर्ष यही स्थिति बन जाती है। वहीं निवासी राजेश गुप्ता ने बताया कि वार्ड की कई नालियां लंबे समय से जाम हैं जिससे पानी की निकासी बाधित होती है और बारिश का पानी सीधे घरों तथा दुकानों में पहुंच जाता है।

    दूसरी ओर नगर परिषद का कहना है कि तेज बारिश के कारण कुछ स्थानों पर अस्थायी जलभराव हुआ है। अधिकारियों के मुताबिक जहां भी नालियों में रुकावट की सूचना मिली है वहां सफाई दल भेजकर तत्काल सफाई कराई जा रही है। परिषद का दावा है कि पूरे बारिश के मौसम में जल निकासी व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यकता अनुसार सफाई अभियान चलाया जाएगा। हालांकि स्थानीय लोग स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं ताकि हर मानसून में उन्हें इसी परेशानी का सामना न करना पड़े।

  • पूरे देश में सक्रिय हुआ मानसून….. आज दिल्ली-NCR समेत 20 राज्यों में आंधी-बारिश का अलर्ट

    पूरे देश में सक्रिय हुआ मानसून….. आज दिल्ली-NCR समेत 20 राज्यों में आंधी-बारिश का अलर्ट


    नई दिल्ली।
    मानसून (Monsoon) देश के सभी राज्यों में पहुंच चुका है। गुजरात (Gujarat) में शुक्रवार रात और शनिवार सुबह तेज बारिश से बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। गुजरात (Gujarat) के मेंडरडा इलाके (Mendarda) में समधियाला गांव के पास बाढ़ के पानी में चार गाड़ियां फंस गईं, जिसमें से 19 लोगों का बचाया गया। महाराष्ट्र (Maharashtra) के भिवंडी में बाजार में करीब 3 फीट तक पानी भर गया। दुकानें बंद हो गईं। लोग कमर तक डूबकर सड़क पार कर रहे हैं।

    राजस्थान के जयपुर में तेज बारिश के बाद सवाई मानसिंह हॉस्पिटल के माइनर ओटी में पानी भर गया। यहां से मरीजों को दूसरी जगह शिफ्ट किया गया। मध्य प्रदेश के भोपाल-इंदौर समेत 26 से ज्यादा जिलों में शुक्रवार को तेज बारिश हुई। उज्जैन में दो दिन पहले पुलिया पार करते समय बाइक समेत बहे पंचायत सहायक का शव भी बरामद हुआ है। उत्तर प्रदेश के 20 जिलों में बारिश हुई। कानपुर में जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में पानी भर गया। कारें-बाइक आधी डूब गईं।

    वहीं जम्मू-कश्मीर में शनिवार सुबह रामनगर-उधमपुर रोड पर कौघा के पास भूस्खलन (लैंडस्लाइड)से सड़क पर बड़े-बड़े पत्थर और मलबा आ गया, जिसके कारण रास्ता बंद कर दिया गया। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग स्थित केदारघाटी में मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ने से जेसीबी और उसके दो कर्मचारी नदी के तेज बहाव में फंस गए। एसडीआरएफ और जल पुलिस की टीम ने तत्काल बचाव अभियान चलाकर चालक और उसके सहयोगी को सुरक्षित बाहर निकाला।


    किन 20 राज्यों के लिए आंधी-बारिश का अलर्ट हुआ जारी?

    मौसम विभाग ने रविवार के लिए 20 राज्यों में आंधी-बारिश और तूफान को लेकर अलर्ट जारी किया है। बारिश की चेतावनी वाले राज्यों में दिल्ली से लेकर यूपी-बिहार और राजस्थान सहित पंजाब-हरियाणा भी शामिल है। 61 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अलर्ट भी जारी किया गया है। अगले चार दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून गुजरात, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के बाकी हिस्सों में आगे बढ़ेगा। विभाग के अनुसार, अगले चार-पांच दिनों तक मध्य भारत में मानसून सक्रिय रहेगा।


    दिल्ली एनसीआर के लिए मौसम विभाग ने यलो अलर्ट किया जारी

    दिल्ली एनसीआर के कई इलाकों में भी शनिवार को बारिश हुई, जिससे लोगों की गर्मी से राहत मिली। दिन के ज्यादातर समय आसमान में बादल छाए रहे और सुबह के समय हवा में नमी 77 प्रतिशत थी। मौसम विभाग ने रविवार के लिए भी हल्की से मध्यम बारिश के साथ-साथ आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए यलो अलर्ट जारी किया है। कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ आंधी-तूफान की संभावना है।


    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट, स्कूल-कॉलेज बंद कराए

    बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (बीएमसी) ने मुंबई में स्कूल और कॉलेज दोपहर के सत्र के लिए बंद करा दिए हैं। मौसम विभाग ने यहां बहुत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। बीएमसी ने नागरिकों से यह भी अपील की है कि वे घर से तभी निकलें जब बहुत जरूरी हो। इस बीच मुंबई के ठाणे शहर के कलवा इलाके में शनिवार सुबह भारी बारिश के दौरान दो-पहिया वाहनों पर पेड़ गिरने से दो लोग घायल हो गए। दहिसर ईस्ट और अंधेरी वेस्ट के बीच मेट्रो में तकनीकी खराबी के कारण पीक आवर्स में ट्रेनों की सर्विस डेढ़ घंटे प्रभावित रही। लाइन 2-ए पर दहिसर ईस्ट और कंदरपाड़ा मेट्रो स्टेशनों के बीच भी तकनीकी खराबी के कारण परिचालन प्रभावित हुआ।


    हिमाचल : लाहौल में सड़क बही नीलकंठ झील यात्रा रुकी

    हिमाचल प्रदेश में लाहौल घाटी में उफनाए चोखंग नाले ने मूरिंग-नैनगार सड़क का करीब 200 मीटर हिस्सा बहा दिया। इससे प्रसिद्ध नीलकंठ झील यात्रा रोक दी गई है। रामपुर के गानवी खड्ड पर बना अस्थायी पुल भी बह गया, जिससे कई पंचायतों का संपर्क कट गया। कुल्लू में ब्यास नदी का जलस्तर बढ़ने पर राफ्टिंग पर अस्थायी रोक लगा दी गई है। चंबा-तीसा मार्ग भूस्खलन से कुछ समय के लिए बंद रहा, जबकि 12 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं।


    भारी बारिश से उड़ानों पर असर, पांच विमान दूसरे हवाई अड्डों पर उतारे गए

    मुंबई में शनिवार को हुई मूसलाधार बारिश का असर हवाई सेवाओं पर भी पड़ा। खराब मौसम, कम दृश्यता और सुरक्षित लैंडिंग में दिक्कत के कारण मुंबई आने वाली पांच उड़ानों को दूसरे हवाई अड्डों की ओर मोड़ना पड़ा। हवाई अड्डे के सूत्रों के अनुसार, इनमें इंडिगो की तीन और एअर इंडिया की दो उड़ानें शामिल थीं। इसके अलावा 17 अन्य उड़ानों के पायलटों ने भी मौसम की स्थिति को देखते हुए मार्ग में बदलाव किया।

  • एमपी में मानसून की रफ्तार थमी, एंट्री के बाद ठहरा, 43 जिलों में आज बारिश की चेतावनी

    एमपी में मानसून की रफ्तार थमी, एंट्री के बाद ठहरा, 43 जिलों में आज बारिश की चेतावनी


    भोपाल। मध्य प्रदेश में 24 जून को दक्षिण-पूर्वी हिस्से के 15 जिलों में दस्तक देने के बाद मानसून की रफ्तार फिलहाल थम गई है। पिछले तीन दिनों से मानसून आगे नहीं बढ़ा है और मौसम विभाग के अनुसार इसके अगले 2 से 3 दिन तक भी इसी स्थिति में रहने की संभावना है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) का कहना है कि अनुकूल परिस्थितियां बनने पर मानसून सबसे पहले भोपाल और उज्जैन संभाग में आगे बढ़ेगा, जबकि ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में इसकी एंट्री सबसे आखिर में होगी।

    24 जून को मानसून के प्रदेश में प्रवेश के साथ आलीराजपुर, इंदौर, हरदा, धार, बैतूल, खंडवा, बुरहानपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, खरगोन, सिवनी, बालाघाट, मंडला, बड़वानी और डिंडौरी जिलों में इसके पहुंचने की घोषणा की गई थी। इसके बाद से मानसून की प्रगति रुकी हुई है। हालांकि मौसम विभाग ने अगले दो से तीन दिनों में प्रदेश के अन्य हिस्सों में मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल होने की संभावना जताई है।

    आज 43 जिलों में बारिश के आसार
    शनिवार को भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, झाबुआ, आलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, रतलाम, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह और छतरपुर में बारिश का पूर्वानुमान है। वहीं ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, नीमच, मंदसौर, निवाड़ी और टीकमगढ़ जिलों में कहीं-कहीं हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है।

    शुक्रवार को कई जिलों में झमाझम बारिश
    शुक्रवार को प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी और बारिश का दौर देखने को मिला। सिवनी में करीब 2 इंच बारिश दर्ज की गई। शाजापुर जिले के शुजालपुर, अकोदिया और आसपास के क्षेत्रों में अच्छी बारिश हुई, जबकि उज्जैन में डेढ़ इंच से अधिक पानी बरसा। इसके अलावा दतिया, इंदौर, राजगढ़, शिवपुरी, मंडला, रीवा, सागर, बालाघाट, खंडवा, शाजापुर, आगर-मालवा और मंदसौर समेत कई जिलों में भी आंधी और बारिश का असर रहा।

    तापमान में आई गिरावट
    बारिश और तेज हवाओं के कारण प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में दिन के तापमान में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई। खरगोन का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस रहा। इसके अलावा खंडवा में 30.1, सागर में 31.1, छिंदवाड़ा में 31.8, बैतूल में 32.7, सिवनी और उमरिया में 33.2, धार में 33.4 तथा नर्मदापुरम में 33.8 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। प्रदेश के प्रमुख शहरों में भोपाल और इंदौर का अधिकतम तापमान 33.8 डिग्री, उज्जैन में 33.5 डिग्री, जबलपुर में 36.7 डिग्री और ग्वालियर में 41.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    बारिश के आंकड़ों में सुधार
    पिछले 72 घंटे से प्रदेश के विभिन्न जिलों में लगातार बारिश होने से वर्षा के आंकड़ों में सुधार दर्ज किया गया है। कई स्थानों पर 4 इंच से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई। 1 जून से अब तक प्रदेश में औसतन 99 मिमी (करीब 4 इंच) बारिश होनी चाहिए थी, जबकि अब तक 58.5 मिमी (करीब 2.1 इंच) वर्षा हुई है। यह सामान्य से 41 प्रतिशत कम है। 24 जून तक यह कमी 50 प्रतिशत थी, यानी हालिया बारिश से करीब 9 प्रतिशत का सुधार हुआ है। फिलहाल प्रदेश के पूर्वी हिस्से में सामान्य से 68 प्रतिशत कम और पश्चिमी हिस्से में 15 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।

  • एमपी में चार दिन तक लू और उमस का कहर, 25 जून के बाद मानसून की दस्तक के संकेत

    एमपी में चार दिन तक लू और उमस का कहर, 25 जून के बाद मानसून की दस्तक के संकेत


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मौसम के तेवर फिलहाल राहत देने वाले नहीं हैं। प्रदेश में 26 जून तक लू, उमस भरी गर्मी और कहीं-कहीं आंधी-बारिश का मिला-जुला असर देखने को मिलेगा। मानसून की एंट्री में देरी और प्री-मानसून गतिविधियों के कमजोर पड़ने से गर्मी का प्रभाव बढ़ गया है। पिछले दो दिनों से जबलपुर संभाग के कई इलाकों में हीटवेव का असर भी महसूस किया जा रहा है।

    मौसम विभाग के भोपाल केंद्र ने जबलपुर, रीवा और सागर संभाग के जिलों के लिए अगले चार दिनों तक हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। सोमवार को नरसिंहपुर, जबलपुर, मंडला, उमरिया और डिंडौरी में दिन के समय गर्म हवाएं चलने की संभावना है। हालांकि शाम के बाद कुछ क्षेत्रों में आंधी और बारिश हो सकती है।

    इसके अलावा ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, श्योपुर, गुना, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, राजगढ़, भोपाल, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, देवास, सीहोर, इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, छिंदवाड़ा, सिवनी और बालाघाट में भी गर्मी का असर बना रहने का अनुमान है।


    21 से ज्यादा जिलों में आंधी-बारिश की संभावना

    हीटवेव और गर्मी के बीच प्रदेश के 21 से अधिक जिलों में आंधी और बारिश का दौर भी जारी रह सकता है। झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, मैहर, अनूपपुर, कटनी, दमोह, सागर, विदिशा और अशोकनगर में तेज आंधी चलने का अलर्ट जारी किया गया है।

    रायसेन में सबसे ज्यादा बारिश
    रविवार को प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी और बारिश दर्ज की गई। रायसेन में 61 मिमी यानी करीब ढाई इंच बारिश हुई। भोपाल में दोपहर के समय जोरदार बारिश हुई, जबकि सतना में लगभग पौन इंच पानी गिरा। जबलपुर, खजुराहो, नौगांव और सिवनी में भी बारिश का सिलसिला बना रहा।

    तापमान में आई गिरावट
    बारिश के असर से रविवार को अधिकतम तापमान में कुछ कमी दर्ज की गई। भोपाल में तापमान 35.3 डिग्री सेल्सियस, इंदौर में 37.1 डिग्री, ग्वालियर में 39.7 डिग्री, उज्जैन में 36 डिग्री और जबलपुर में 38 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। प्रदेश के हिल स्टेशन पचमढ़ी में सबसे कम 32.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। वहीं सिवनी और शिवपुरी में 35 डिग्री, रायसेन में 36 डिग्री तथा सागर और टीकमगढ़ में 36.5 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। दतिया प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां पारा 40.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।

    मानसून की दस्तक में अभी और इंतजार

    मध्य प्रदेश में मानसून निर्धारित समय से करीब सात दिन देरी से चल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार मानसून को प्रदेश में प्रवेश करने में अभी लगभग चार दिन और लग सकते हैं। अनुमान है कि 25 जून के बाद मानसून प्रदेश में दस्तक देगा। वहीं 23 जून तक इसके छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र की ओर आगे बढ़ने की संभावना है।

  • तेजी से आगे बढ़ रहा मानसून…. 25 राज्यों में 18 जून तक आंधी-बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट

    तेजी से आगे बढ़ रहा मानसून…. 25 राज्यों में 18 जून तक आंधी-बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट


    नई दिल्ली।
    तेजी से आगे बढ़ रहे दक्षिण्-पश्चिम मानसून (South-West Monsoon) और उत्तरी सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव से मौसम (Weather:) में व्यापक बदलाव आया है। पिछले 24 घंटों के दौरान जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) से तटीय कर्नाटक तक गरज और चमक के साथ बारिश हुई है। साथ ही, अलग-अलग क्षेत्रों में 50-70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी-तूफान ने भी कहर बरपाया है। बिहार में बिजली गिरने से 10 लोगों की जान चली गई है, पंजाब में भी वर्षा जनित घटनाओं में 3 लोगों की जान चली गई है। मौसम में यह बदलाव कम से कम 18 जून तक जारी रहने की प्रबल संभावना है।

    भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार, उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर, हापुड़, बिजनौर, शामली, मुरादाबाद, संभल, हाथरस और मथुरा में आंधी-तूफान और गरज के साथ बारिश हुई। हरियाणा के गोहाना, सोनीपत और रोहतक समेत कई जिलों में भी ऐसा ही हाल रहा। राजस्थान के डीग, भरतपुर, बयाना और धौलपुर में भी तेज हवाएं चलीं और छिटपुट बारिश दर्ज की गई। बिहार में बारिश के दौरान बिजली गिरने से खगड़िया में पांच लोगों की मौत हो गई और 7 लोग झुलस गए, जबकि भागलपुर, मधेपुरा, सहरसा और भोजपुर जिलों में भी वज्रपात से एक-एक लोगों की जान चली गई।

    जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, उत्तराखंड, चंडीगढ़, पंजाब और छत्तीसगढ़ में भी व्यापक वर्षा हुई। अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, झारखंड, ओडिशा और तटीय कर्नाटक में भारी बारिश दर्ज की गई। हिमाचल प्रदेश में रोहतांग सहित ऊंची चोटियों पर बर्फबारी हुई। कुल्लू और लाहौल घाटी में झमाझम बारिश दर्ज की गई। केरल में कुछ जगहों पर 12-20 सेमी तक वर्षा रिकॉर्ड की गई। असम, बंगाल, त्रिपुरा और तमिलनाडु में कुछ जगहों पर 7-11 सेमी वर्षा हुई। मध्य प्रदेश, कोंकण, महाराष्ट्र और गुजरात में कुछ जगहों पर 40-60 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलीं। उधर, विदर्भ में कई जगहों पर लू जैसी स्थिति रही और रातें गर्म रहीं।


    18 तक उत्तर-पश्चिम में बदला रहेगा मौसम

    मौसम विभाग ने उत्तर-पश्चिम भारत में जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल, उत्तराखंड, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में 18 जून तक अलग-अलग स्थानों पर गरज और चमक के साथ बारिश होने और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान जताया है। इस दौरान कुछ जगहों पर बिजली भी गिर सकती है। अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, झारखंड, बिहार, ओडिशा, महाराष्ट्र, गुजरात, गोवा और पूर्वोत्तर भारत के असम समेत सभी राज्यों में भी अगले तीन से चार दिनों तक 40-50 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने और मूसलाधार बारिश होने की संभावना जताई है।


    बदरीनाथ हाईवे पांच घंटे बंद रहा

    उत्तराखंड में बदरीनाथ हाईवे पर भनेरपाणी में पहाड़ी से भूस्खलन होने पर करीब पांच घंटे तक वाहनों की आवाजाही ठप रही। इस दौरान हाईवे के दोनों ओर करीब 2,000 तीर्थयात्री फंसे रहे। बाद में कार्यदायी संस्था एनएचआईडीसीएल की जेसीबी ने मलबे का निस्तारण किया। इसके बाद शुक्रवार सुबह आठ बजे वाहनों की आवाजाही सुचारु हो पाई। भनेरपाणी में थोड़ी बारिश होने पर भी मलबा और पत्थर हाईवे पर गिर रहे हैं।


    पूर्वी उत्तर प्रदेश की दहलीज पर मानसून

    दक्षिण-पश्चिम मानसून पूर्वी-उत्तरी उत्तर प्रदेश की सीमा के करीब पहुंच गया है। आईएमडी के अनुसार, शुक्रवार को मानसून प. बंगाल और बिहार के कुछ और भागों एवं ओडिसा व झारखंड के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ गया है। अगले 2-3 दिनों में मानसून के मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल के बाकी हिस्सों, ओडिशा, झारखंड और बिहार के कुछ और हिस्सों और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में और आगे बढ़ने के लिए हालात अनुकूल हैं। इस तरह, तीन दिन की देरी से केरल पहुंचा मानसून 9 दिनों के भीतर ही 19 राज्यों तक पहुंच गया है।


    अल नीनो का साया

    मौसम विभाग के अनुसार, भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में इस समय अल नीनो की स्थितियां सक्रिय हैं। मौसम विभाग ने कहा कि समुद्र की सतह के बढ़ते तापमान का असर अब हमारे वायुमंडल पर भी दिखने लगा है। महासागर और वायुमंडल की यह साझा प्रणाली अब पूरी तरह से अल नीनो के लक्षणों को दर्शा रही है। आने वाले महीनों में अल नीनो का प्रभाव और अधिक गहराने की आशंका है। आमतौर पर अल नीनो के सक्रिय होने से भारत में कम बारिश या सूखे जैसे हालात पैदा होने का खतरा बढ़ जाता है। भारत में इससे पहले आखिरी बार अल नीनो की स्थितियां साल 2023 में देखी गई थीं।

  • UP में आंधी-बारिश ने मचाई तबाही. अब तक 111 लोगों की मौत, 170 पशुओं की भी गई जान

    UP में आंधी-बारिश ने मचाई तबाही. अब तक 111 लोगों की मौत, 170 पशुओं की भी गई जान


    लखनऊ।
    उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में आंधी, तेज बारिश, ओलावृष्टि और बिजली गिरने की घटनाओं ने भारी तबाही मचाई है. राज्य के कई जिलों में आए भीषण तूफान (Severe Storms) और खराब मौसम (Bad Weather) के कारण अब तक कम से कम 111 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 72 लोग घायल बताए जा रहे हैं. इसके अलावा 170 पशुओं की मौत और 227 घरों के क्षतिग्रस्त होने की भी सूचना है।

    गुरुवार को राहत आयुक्त कार्यालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान में कहा गया कि 13 मई को हुए खराब मौसम के कारण राज्य के 26 जिलों से मौतों की सूचना मिली है. तेज हवाओं के चलते कई इलाकों में पेड़ उखड़ गए, बिजली के खंभे गिर गए और मकानों को नुकसान पहुंचा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) ने स्थिति का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रभावित परिवारों तक 24 घंटे के अंदर राहत सामग्री और आर्थिक सहायता पहुंचाई जाए. उन्होंने सभी मंडलायुक्तों और जिला मजिस्ट्रेटों से घटनाओं का पूरी संवेदनशीलता के साथ सत्यापन करने और पीड़ित परिवारों से सीधा संपर्क स्थापित कर हर संभव मदद उपलब्ध कराने को कहा है.

    राहत आयुक्त कार्यालय ने बताया कि राज्य स्तर से हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और जिला प्रशासन के साथ सीधे समन्वय के जरिए राहत कार्य संचालित किए जा रहे हैं. प्रभावित जिलों को आवश्यक धनराशि भी उपलब्ध कराई जा रही है ताकि राहत और बचाव कार्यों में कोई बाधा न आए।


    प्रयागराज में सबसे ज्यादा तबाही

    प्रयागराज जिला प्रशासन द्वारा जारी सूची के अनुसार, गुरुवार सुबह तक तूफान और बारिश के कारण 17 लोगों की मौत की सूचना थी. बाद में अन्य क्षेत्रों से भी जानकारी आने के बाद प्रशासन ने बुधवार की घटनाओं में कुल 24 लोगों की मौत की पुष्टि की. तेज हवाओं और बारिश के चलते कई ग्रामीण इलाकों में मकानों को नुकसान पहुंचा और बिजली व्यवस्था भी प्रभावित हुई. प्रशासन द्वारा राहत एवं बचाव कार्य जारी है।


    भदोही में 16 लोगों की मौत

    भदोही जिले में तूफान से जुड़ी घटनाओं में कम से कम 16 लोगों की मौत हुई. अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट कुंवर वीरेंद्र कुमार मौर्य ने बताया कि कई क्षेत्रों में तेज आंधी के कारण पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए. कई मकानों को भी भारी नुकसान पहुंचा है. उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और प्रभावित परिवारों को सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।


    फतेहपुर में दीवार गिरने और हादसों में गई जान

    फतेहपुर जिले में तूफान और बारिश से जुड़ी घटनाओं में 9 लोगों की मौत हुई, जबकि 16 लोग घायल हो गए. अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट अविनाश त्रिपाठी ने बताया कि खागा तहसील में पांच महिलाओं सहित आठ लोगों की मौत हुई. वहीं सदर तहसील में एक घर की दीवार गिरने से एक महिला की जान चली गई. घायलों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में कराया जा रहा है।


    प्रतापगढ़ में शेड और दीवार गिरने से मौतें

    प्रतापगढ़ जिले में तेज हवाओं और बारिश के बीच दीवार गिरने, सीमेंटेड शेड ढहने और बिजली गिरने की अलग-अलग घटनाओं में चार लोगों की मौत हुई. पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर ने बताया कि लालगंज कोतवाली क्षेत्र के ओझा का पुरवा गांव में एक सीमेंटेड शेड गिरने से भीम यादव (25) मलबे के नीचे दब गए और उनकी मौत हो गई. उन्होंने बताया कि बघराई थाना क्षेत्र के सरी स्वामी गांव में दीवार गिरने से भूषण पांडे (56) की मौत हुई. इसके अलावा नारंगपुर गांव की शांति देवी (46) और छत्रपुर शिवाला रघना गांव के लाल बहादुर (44) की भी तूफान से जुड़ी घटनाओं में जान चली गई।


    कानपुर देहात में बिजली गिरने से युवती की मौत

    कानपुर देहात जिले में बारिश से संबंधित घटनाओं में दो लोगों की मौत हुई. पुलिस सूत्रों के अनुसार, रसूलाबाद क्षेत्र के भौथारी गांव में भारी बारिश के दौरान 19 वर्षीय रुचि बकरियों के साथ नीम के पेड़ के नीचे खड़ी थी, तभी बिजली गिरने से उसकी मौत हो गई. इस घटना में कई बकरियों की भी मौत हो गई. पास में खड़ा एक 60 वर्षीय व्यक्ति भी घायल हो गया. अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (वित्त एवं राजस्व) दुष्यंत कुमार ने बताया कि स्थानीय अधिकारियों से मानव और पशुधन नुकसान की रिपोर्ट मांगी गई है और सरकारी नियमों के अनुसार सहायता दी जाएगी।


    देवरिया और सोनभद्र में भी हादसे

    देवरिया जिले के भीमपुर गौरा गांव निवासी कोमल यादव (62) की बिजली गिरने से मौत हो गई. इस घटना में दो अन्य लोग घायल हुए हैं. एक अन्य घटना में नेरुअरी गांव निवासी रामनाथ प्रसाद (65) की भी बिजली गिरने से मौत हो गई. वहीं सोनभद्र जिले में माधव सिंह (38) की तेज बारिश और तूफान के दौरान उखड़े पेड़ के नीचे दबने से मौत हो गई.


    CM योगी ने दिए सख्त निर्देश

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिला प्रशासन और विभिन्न विभागों के अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने और पीड़ितों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने अधिकारियों को सतर्क रहने को कहा है. साथ ही राजस्व विभाग, कृषि विभाग और बीमा कंपनियों को नुकसान का सर्वेक्षण कर सरकार को जल्द रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया गया है. राज्य सरकार का कहना है कि राहत और पुनर्वास कार्य तेजी से जारी हैं और प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

  • तेज आंधी-बारिश का कहर… UP में 54 लोगों की मौत, दिल्ली से उत्तराखंड तक बदला मौसम

    तेज आंधी-बारिश का कहर… UP में 54 लोगों की मौत, दिल्ली से उत्तराखंड तक बदला मौसम


    नई दिल्ली।
    दिल्ली (Delhi) से लेकर उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) और उत्तराखंड (Uttarakhand) तक मौसम (Weather) में अचानक बड़ा बदलाव देखने को मिला है. बुधवार को कई जगहों पर तेज आंधी (Strong Storm), भारी बारिश और ओलावृष्टि (Heavy Rain and Hailstorm) देखने को मिली. उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मौसम का कहर देखने को मिला है. यहां कई जिलों में 54 लोगों की मौत हो गई. भदोही जिले में अचानक बदले मौसम ने बड़ा कहर बरपाया. यहां तेज आंधी-तूफान और बारिश के कारण 11 लोगों की मौत हुई है. कई जगह पेड़ उखड़कर सड़कों पर गिर गए. इससे आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ.

    वहीं हरदोई जिले में बदले मौसम ने दो परिवारों की खुशियां छीन लीं. तेज आंधी-तूफान और बारिश के बीच अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हुए हादसों में दो मासूम बच्चियों की दर्दनाक मौत हो गई. एक बच्ची की शौचालय की दीवार गिरने से मौत हुई, जबकि दूसरी किशोरी आकाशीय बिजली की चपेट में आ गई. दोनों घटनाओं के बाद गांवों में मातम पसरा हुआ है. वहीं कानपुर देहात के कपड़ाहट ग्राम पंचायत के मजरा भैथरी गांव में आकाशीय बिजली गिरने से एक युवती की मौत हो गई, जबकि करीब 35 बकरियां भी चपेट में आकर मर गईं।

    फतेहपुर में भी आंधी-तूफान का कहर बरपा. यहां 5 महिला सहित 9 की मौत हो गई जबकि 17 लोग घायल हुए हैं. इसके अलावा 8 मवेशियों की मौत हुई है. घटना सदर और खागा तहसील क्षेत्र की हैं. कौशांबी जिले के सिराथू तहसील क्षेत्र के केसारी गांव में पेड़ की भारी डाल टूटकर गिर गई, जिसकी चपेट में आने से एक वृद्ध महिला की दबने से मौके पर ही मौत हो गई. इसके अलावा तरसौरा गांव में तेज आंधी के बाद लगी भीषण आग से एक दर्जन घरों में आग लग गई, जिसमें एक भैंस की जलकर मौत हो गई।


    प्रयागराज में 17 लोगों की मौत

    संगम नगरी प्रयागराज में बुधवार शाम आए तेज आंधी तूफान ने जमकर तबाही मचाई है. तेज तूफान के कारण अलग-अलग स्थान में 17 व्यक्तियों की मौत हुई है. कई जगह पेड़ गिरे हैं और कई गाड़ियां दबी हैं. प्रयागराज के हंडिया, सोरांव, फूलपुर और मेजा इलाके में मौत ने अपना कहर बरपाया है. हंडिया में सात लोगों की मौत हुई है. वहीं फूलपुर में चार, सोरांव में तीन और मेजा में दो लोगों की मौत हुई है. वहीं तेज आंधी और तूफान के कारण कई बड़े पेड़ धराशाई हो गए. हवाओं के साथ धूल भरी आंधी के बीच कई जगहों पर सड़क पर पुराने पेड़ गिर गए हैं।


    दिल्ली में अचानक बदला मौसम

    उधर, दिल्ली में भी मौसम ने अचानक करवट ली. पश्चिमी दिल्ली में सुबह से मौसम सुहाना बना हुआ था, हालांकि दोपहर में तेज गर्मी महसूस की गई. लेकिन रात करीब 8 बजे अचानक मौसम बदला और कई इलाकों में बारिश शुरू हो गई. उत्तम नगर इलाके में बारिश के दौरान ओले भी पड़े. दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में बारिश दर्ज की गई है. लगातार बढ़ती गर्मी के बीच ठंडी हवाओं ने लोगों को राहत दी है।


    उत्तराखंड के लिए मौसम विभाग का अलर्ट

    वहीं उत्तराखंड में भी मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए चेतावनी जारी की है. देहरादून, हरिद्वार, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, चंपावत और ऊधम सिंह नगर में कई जगहों पर बारिश की संभावना जताई गई है. भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD ने देहरादून और नैनीताल समेत छह जिलों में बिजली कड़कने, ओलावृष्टि, तेज बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी जारी की है।

    मौसम विभाग के मुताबिक, कई जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. देहरादून में आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रहने का अनुमान है और यहां बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं. पिछले 24 घंटों के दौरान उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य से काफी नीचे दर्ज किया गया. मैदानी इलाकों में भी तापमान सामान्य से कम रहा.

    लगातार खराब मौसम और भारी बारिश-ओलावृष्टि को देखते हुए प्रशासन ने आदि कैलाश तीर्थयात्रा पर अस्थायी रोक लगा दी है. सोमवार को जिले में भारी बारिश और ओलावृष्टि के बाद धारचूला बेस कैंप पर तीर्थयात्रियों के 36 सदस्यीय जत्थे को रोक दिया गया. प्रशासन ने ऊंचाई वाले यात्रा मार्गों पर हाई अलर्ट जारी कर दिया है. प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है.


    राजस्थान में भी आंधी-तूफान का कहर

    राजस्थान के अलवर में भी अचानक मौसम ने करवट ली और तेज बारिश के साथ आए आंधी तूफान ने शहरवासियों की मुश्किलें बढ़ा दीं. तेज हवाओं और बरसात के चलते शहर के कई इलाकों में पेड़ ओर बिजली के पोल गिर गए, जिससे यातायात व्यवस्था ओर बिजली आपूर्ति पूरी तरह प्रभावित हो गई. यहां तूफान से टीन शेड गिरने से एक युवक की मौत हो गई. वहीं रामगढ़ के नेमरा में वज्रपात से एक साथ 26 मवेशियों की मौत हो गई. मुख्यमंत्री के पैतृक गांव में सात गाय और 19 बैल की मौत से किसानों को भारी नुकसान हुआ है. इसके अलावा महाराष्ट्र के सतारा में बिजली गिरने से 22 भेड़ों की मौत हो गई।