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  • MP में 72 घंटे से आंधी-बारिश का दौर, ग्वालियर-चंबल में दिन का पारा गिरा, आज 15 जिलों में अलर्ट

    MP में 72 घंटे से आंधी-बारिश का दौर, ग्वालियर-चंबल में दिन का पारा गिरा, आज 15 जिलों में अलर्ट


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई के बाद भी बारिश का सिलसिला थम नहीं रहा है। पिछले 72 घंटों से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में आंधी और बारिश का दौर जारी है। ग्वालियर-चंबल संभाग के जिलों में भी पानी गिर रहा है। लगातार बदलते मौसम का असर दिन के तापमान पर भी पड़ा है और पारे में 2.8 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है।

    मौसम केंद्र भोपाल ने रविवार को 15 जिलों में बारिश की संभावना जताई है। अगले 24 घंटे के दौरान नीमच, मंदसौर, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, सिवनी और बालाघाट में बारिश हो सकती है।

    दो चक्रवाती परिसंचरण से बदला मौसम

    मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश के पश्चिमी और उत्तरी हिस्सों में सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण के कारण मौसम में बदलाव आया है। इसके असर से इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और जबलपुर संभाग के जिलों में बादल छाए रहने और बारिश की गतिविधियां देखने को मिल रही हैं।

    शुक्रवार और शनिवार को भी इन संभागों के कई इलाकों में बारिश दर्ज की गई। बड़वानी जिले के सेंधवा, सीहोर और पीथमपुर में पानी गिरा, जबकि रीवा और सागर संभाग के जिलों में बादल छाए रहे। मौसम में आए इस बदलाव के चलते तापमान में गिरावट आई है।

    20 अक्टूबर के बाद रात में बढ़ेगी ठंडक

    मौसम विभाग के अनुसार, 18 और 19 अक्टूबर को प्रदेश के कुछ जिलों में आंधी-बारिश का दौर जारी रह सकता है। इसके बाद बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है। विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 20 अक्टूबर के बाद रात के तापमान में गिरावट के साथ ठंडक बढ़ सकती है।

    मानसून विदा, फिर भी सक्रिय हैं मौसमी सिस्टम

    मध्य प्रदेश से इस साल 3 अक्टूबर को मानसून की विदाई हो गई थी। इसके बावजूद सक्रिय मौसमी प्रणालियों के कारण बारिश का एक और दौर शुरू हो गया है। पिछले एक सप्ताह से पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिलों में आंधी-बारिश का असर दिखाई दे रहा है।

    मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक, पिछले 10 वर्षों के आंकड़ों में अक्टूबर के दौरान बारिश, गर्मी और ठंड तीनों तरह की मौसमी परिस्थितियां देखने को मिलती हैं। इस बार भी ऐसा ही मौसम बना हुआ है। अक्टूबर की शुरुआत में आसमान साफ होने और धूप निकलने से गर्मी का अहसास हुआ था, लेकिन रात में ठंडक के साथ अब कई जिलों में बारिश भी हो रही है। इस साल प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून करीब 100 दिनों तक सक्रिय रहा।

    पूर्वी हिस्से में 4% ज्यादा, पश्चिमी मध्य प्रदेश में कम बारिश

    मानसून के दौरान प्रदेश में बारिश का वितरण एक जैसा नहीं रहा। पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में सामान्य से 4 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई। हालांकि, बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 5 से 21 प्रतिशत तक कम पानी गिरा।

    वहीं, पश्चिमी मध्य प्रदेश के आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से 9 से 51 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई।

    25 जिलों में बारिश का कोटा पूरा

    प्रदेश के 25 जिलों में मानसून के दौरान बारिश का निर्धारित कोटा पूरा हो चुका है। इनमें भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर शामिल हैं।

    इसके उलट, 30 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई। इनमें नरसिंहपुर, दमोह, बालाघाट, अशोकनगर, मुरैना, मंदसौर, खंडवा, बड़वानी, नीमच, जबलपुर, रीवा, सागर, देवास, सिवनी, सीहोर, शिवपुरी, रायसेन, छिंदवाड़ा, विदिशा, शाजापुर, पांढुर्णा, इंदौर, उज्जैन, बैतूल, हरदा, नर्मदापुरम, रतलाम, झाबुआ, धार और आलीराजपुर शामिल हैं।

    मानसून की विदाई के बाद भी बारिश की गतिविधियां जारी रहने से प्रदेश में दिन के तापमान में गिरावट आई है। अब अगले कुछ दिनों में बारिश का असर कम होने और रात के समय ठंड बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

  • उत्तर भारत में मौसम ने ली करवट.. पहाड़ों पर बर्फबारी और दिल्ली के आसपास बारिश… बढ़ी ठंड

    उत्तर भारत में मौसम ने ली करवट.. पहाड़ों पर बर्फबारी और दिल्ली के आसपास बारिश… बढ़ी ठंड


    नई दिल्ली।
    उत्तर भारत (North India) में मौसम (Weather) ने अचानक ऐसी करवट ली है कि ठंड का एहसास बढ़ने लगा है. 15 अक्टूबर को दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) समेत आसपास के इलाकों में बारिश (Rain) और ठंडी हवाओं ने तापमान को नीचे ला दिया. दोपहर की धूप का तीखापन कम हो गया है और हवा में ऐसी ठंडक घुल गई है कि अब दिन में भी पंखे की जरूरत महसूस नहीं हो रही. सुबह और रात के वक्त घर से बाहर निकलने पर हल्के गर्म कपड़ों की जरूरत महसूस होने लगी है।

    उत्तर भारत में मौसम बदलने का असर पहाड़ी इलाकों में भी दिखाई दिया है. हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश के साथ बर्फबारी (Snowfall) दर्ज की गई. लाहौल-स्पीति, चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और किन्नौर के कई इलाकों में ताजा बर्फ गिरी. कोकसर और केलांग में करीब 2 से 5 सेंटीमीटर बर्फबारी दर्ज की गई. पहाड़ों से आ रही ठंडी हवाओं और बारिश ने मैदानी इलाकों के मौसम को भी प्रभावित किया है. मौसम का यह बदला मिजाज संकेत दे रहा है कि उत्तर भारत में ठंड ने दस्तक दे दी है।


    दिल्ली-NCR में आज कैसा रहेगा मौसम?

    आईएमडी के पूर्वानुमान के मुताबिक दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में मौसम का बदला मिजाज महसूस किया जा सकता है. आसमान में बादल छाए रह सकते हैं और सुबह से दोपहर तक हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना बनी हुई है. इस दौरान गरज-चमक भी हो सकती है. हालांकि, दिनभर लगातार बारिश होने के आसार नहीं हैं. हवा की रफ्तार सुबह करीब 15 किलोमीटर प्रति घंटा और दोपहर में 18 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।

    बारिश के बाद तापमान में आई गिरावट से सुबह और देर शाम हल्की ठंड महसूस हो सकती है. खासकर सुबह जल्दी दफ्तर जाने वाले लोगों और रात में बाहर निकलने वालों को मौसम में आई इस ठंडक का अहसास होगा. फिलहाल दिन में भारी सर्दी जैसी स्थिति नहीं है, लेकिन गर्मी की विदाई के संकेत जरूर दिखने लगे हैं. बारिश के बाद राष्ट्रीय राजधानी में अधिकतम तापमान गिरकर 28.3 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जो इस महीने का अब तक का सबसे कम अधिकतम तापमान है. यह सामान्य से 4.9 डिग्री सेल्सियस कम रहा. मौसम विभाग के मुताबिक, दिल्ली में अधिकतम तापमान 29 से 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18 से 20 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है. अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे रहने की संभावना है।


    पहाड़ों पर बर्फबारी, मैदानों में बढ़ी ठंडक

    हिमाचल प्रदेश में 16 अक्टूबर को कई जगह बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम खराब रहने की संभावना है. 17 अक्टूबर को भी कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है. जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 16 अक्टूबर को बारिश के आसार हैं. उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों और राजधानी देहरादून में गुरुवार सुबह बादल छाए रहे और कुछ जगह बारिश हुई. रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ पैदल मार्ग पर पहाड़ी से पत्थर गिरने के कारण एक व्यक्ति घायल हो गया. अधिकारियों के मुताबिक, उसे प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई. उत्तराखंड में 18 अक्टूबर तक बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का सिलसिला जारी रह सकता है. मौसम विभाग ने देहरादून, टिहरी, हरिद्वार, पौड़ी, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई है।


    जम्मू-कश्मीर में कहां कितनी बारिश हुई?

    मौसम विभाग के अनुसार, जम्मू क्षेत्र के उधमपुर में सबसे ज्यादा 59.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई. इसके बाद पुंछ में 39.5 मिमी, सांबा में 34 मिमी, शोपियां में 34 मिमी, बारामूला में 29 मिमी और कटरा में 23.1 मिमी बारिश हुई. कश्मीर घाटी में भी व्यापक बारिश दर्ज की गई. श्रीनगर में 12 मिमी बारिश हुई. क्षेत्र के ज्यादातर हिस्सों में आसमान बादलों से ढका रहा. मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर में बारिश और तेज हवाओं का सिलसिला जारी रहने का अनुमान जताया है. ऊंचाई वाले इलाकों में कुछ जगह हल्की बर्फबारी और ओलावृष्टि की भी आशंका है. वहीं, 16 अक्टूबर को जम्मू क्षेत्र में मौसम सामान्य तौर पर शुष्क रहने का अनुमान है, हालांकि कुछ जगह थोड़े समय के लिए हल्की बारिश हो सकती है।


    हिमाचल प्रदेश में 30 सेंटीमीटर बर्फबारी

    हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति में शिंकू ला, बारालाचा ला, कुंजुम ला, कोकसर, जिस्पा, केलांग और गोंदला में ताजा बर्फबारी हुई. चंबा जिले की सुराल घाटी और सच पास के अलावा कांगड़ा जिले की धौलाधार माउंटेन रेंज में भी बर्फ गिरी. सुराल में 7 सेंटीमीटर बर्फ दर्ज की गई, जबकि सच पास पर 30 सेंटीमीटर तक बर्फबारी हुई. गोंदला में 5 सेंटीमीटर और केलांग में 3 सेंटीमीटर बर्फ गिरी. भारी बर्फबारी के कारण सच पास को वाहनों के लिए बंद कर दिया गया है. लाहौल-स्पीति में गोंदला के पास बर्फबारी के बाद फंसे करीब 100 वाहनों को पुलिस टीमों ने सुरक्षित बाहर निकाला. ताजा बर्फबारी से पर्यटन और इससे जुड़े कारोबार करने वाले लोगों में उत्साह है. उन्हें आने वाले दिनों में पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है. मौसम में बदलाव के कारण मनाली और धर्मशाला में तापमान भी काफी गिर गया है. बढ़ती ठंड को देखते हुए स्थानीय लोगों ने गर्म कपड़े निकालने के साथ अलाव जलाना शुरू कर दिया है. मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश में शनिवार तक कुछ स्थानों पर बारिश और बर्फबारी जारी रहने का अनुमान जताया है।


    यूपी-एमपी-राजस्थान में बारिश के आसार

    उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में 16 अक्टूबर को बारिश हो सकती है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी मौसम का असर बना रह सकता है. पूर्वी राजस्थान में कुछ जगह बारिश के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है. हवा के झोंके कभी-कभी 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकते हैं. पश्चिमी मध्य प्रदेश में 16 अक्टूबर और पूर्वी मध्य प्रदेश में 16 से 18 अक्टूबर के बीच बारिश हो सकती है. बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में भी अगले कुछ दिनों तक बारिश की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है. ऐसे में कई इलाकों में बादल छाए रहने और तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।


    दक्षिण भारत में भारी बारिश का है अलर्ट

    जहां उत्तर भारत में मौसम ठंडक की ओर बढ़ रहा है, वहीं दक्षिण भारत के कई राज्यों में बारिश का दौर तेज हो सकता है. तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 16 से 18 अक्टूबर के बीच कुछ जगह भारी बारिश की संभावना है. केरल और माहे में भी बारिश बढ़ सकती है. दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 16 से 18 अक्टूबर तक बारिश के साथ तेज हवाएं चलने का अनुमान है. कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा और झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकते हैं. तटीय कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में भी बारिश और तेज हवाओं का असर दिखाई दे सकता है. मौसम विभाग ने कई इलाकों में गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका जताई है।

    चेन्नई स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक वी. आर. दुरई ने बताया कि पिछले 24 घंटों में तमिलनाडु के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हुई, जबकि कुछ जगह भारी बारिश दर्ज की गई. करूर जिले के थोगैमलाई में सबसे ज्यादा 11 सेंटीमीटर बारिश हुई. नागपट्टिनम और धर्मपुरी में 8-8 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई. राज्य के कई अन्य अंदरूनी इलाकों में भी मध्यम बारिश हुई. दुरई के मुताबिक, अगले दो दिनों के दौरान पश्चिमी घाट और उससे सटे अंदरूनी जिलों में गरज-चमक के साथ कुछ जगह भारी बारिश हो सकती है. इनमें नीलगिरी, कोयंबटूर, थेनी, इरोड, तिरुप्पुर, सलेम, नमक्कल, धर्मपुरी और तिरुवन्नामलाई शामिल हैं. चेन्नई और आसपास के इलाकों में भी मध्यम बारिश होने की संभावना है।


    मुंबई में बढ़ रही गर्मी, लू का येलो अलर्ट

    जहां उत्तर भारत के कई हिस्सों में तापमान गिरने से ठंडक बढ़ रही है, वहीं महाराष्ट्र में सर्दी का कोई खास संकेत नहीं दिख रहा है. मुंबई और राज्य के दूसरे हिस्सों में तापमान बढ़ रहा है. कई इलाकों में पारा करीब 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है, जो अक्टूबर के लिहाज से असामान्य है. मौसम विशेषज्ञों ने इसके पीछे दिन में समुद्री हवाओं के देर से चलने और गुजरात तथा दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश के ऊपर बने एंटी-साइक्लोनिक सर्कुलेशन को प्रमुख कारण बताया है. मौसम विभाग ने 16 अक्टूबर को मुंबई में लू चलने की आशंका के मद्देनजर येलो अलर्ट जारी किया है।

  • JK: उड़ी के राजेरवानी में भारी बारिश….भूस्खलन से नेशनल हाईवे बंद, 33 केवी लाइन टूटने से अंधेरे में डूबे 50 गांव

    JK: उड़ी के राजेरवानी में भारी बारिश….भूस्खलन से नेशनल हाईवे बंद, 33 केवी लाइन टूटने से अंधेरे में डूबे 50 गांव


    श्रीनगर।
    उत्तरी कश्मीर (North Kashmir) के बारामुला जिले (Baramulla district) के सीमांत सब-डिवीजन उड़ी में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश (Torrential Rain) के चलते राजेरवानी क्षेत्र में भारी भूस्खलन (Massive Landslide) हुआ है। इस आपदा से राष्ट्रीय राजमार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है, वहीं 33 केवी विद्युत ट्रांसमिशन लाइन क्षतिग्रस्त होने से क्षेत्र के करीब 40 से 50 गांव अंधेरे में डूब गए हैं।

    जानकारी के अनुसार, एनएचपीसी उड़ी-I के पास एडीआईटी-4 के समीप भारी मात्रा में मिट्टी, पत्थर और मलबा सड़क पर आ गिरा, जिससे वाहनों की आवाजाही ठप हो गई। प्रभावित हिस्से पर लगातार पत्थरों के गिरने से स्थिति काफी जोखिम भरी बनी हुई है।

    प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए एक एडवाइजरी जारी कर इस मार्ग से यात्रा न करने की अपील की है। चालकों और यात्रियों को गिंगल–दावरान–परमपिला–बांडी–उड़ी के वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, रात के समय और लगातार गिरते पत्थरों के कारण मलबा हटाने के काम में बाधा आ रही है।

    भूस्खलन की चपेट में आने से मुख्य 33 कीवी विद्युत लाइन टूट गई, जिसके कारण क्षेत्र में शाम से ही ब्लैकआउट की स्थिति बनी हुई है। बिजली विकास विभाग (पीडीडी) के एक अधिकारी ने बताया कि प्रतिकूल मौसम और लगातार पत्थरों के गिरने के कारण मरम्मत कर्मियों के लिए मौके पर पहुंचना खतरनाक बना हुआ है। अधिकारी के अनुसार, बांडी और सलामाबाद फीडर मौसम साफ होने और प्रभावित क्षेत्र के सुरक्षित होने तक प्रभावित रह सकते हैं। स्थिति सामान्य होते ही प्राथमिकता के आधार पर बहाली का कार्य शुरू किया जाएगा।

    गौरतलब है कि सड़क चौड़ीकरण कार्य के चलते एनएस ब्रिज और आसपास के इलाकों में गीली मिट्टी और फिसलन के कारण भूस्खलन का जोखिम बढ़ गया है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से संवेदनशील स्थानों की निगरानी बढ़ाने, सुरक्षा उपाय पुख्ता करने और बिजली-सड़क संपर्क को जल्द से जल्द बहाल करने की मांग की है। आम जनता से भी अपील की गई है कि जब तक सड़क पूरी तरह सुरक्षित घोषित न हो जाए, तब तक सतर्कता बरतें और वैकल्पिक मार्ग का ही प्रयोग करें।

  • दिल्ली में बारिश से मौसम हुआ सुहाना, आज 23 राज्यों में अलर्ट…. उत्तर भारत में ठंड की दस्तक

    दिल्ली में बारिश से मौसम हुआ सुहाना, आज 23 राज्यों में अलर्ट…. उत्तर भारत में ठंड की दस्तक


    नई दिल्ली।
    गर्मी से परेशान लोगों को अब धीरे-धीरे राहत मिलने लगी है. कहीं बारिश (Rain) ने मौसम सुहाना (Pleasant Weather) कर दिया है, तो कहीं सुबह और रात की हवा में ठंडक महसूस होने लगी है. दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) में रातभर हुई बारिश के बाद मंगलवार की सुबह गुलाबी ठंड के एहसास के साथ हुई. उत्तर प्रदेश से लेकर पंजाब, हरियाणा और राजस्थान तक मौसम का मिजाज बदला हुआ है. पहाड़ी राज्यों में भी बारिश का असर देखने को मिल रहा है।

    ऐसे में लोगों को अब एसी की ठंडक से ज्यादा मौसम की प्राकृतिक ठंडक राहत दे रही है. आने वाले दिनों में सुबह-शाम की ठंडक बढ़ी, तो पंखों की रफ्तार कम करने और रात में गर्म चादर या रजाई निकालने की जरूरत पड़ सकती है. हालांकि, दिन में धूप निकलने पर गर्मी का असर अभी बना रह सकता है।


    23 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बारिश की संभावना

    मौसम विभाग के 13 अक्टूबर के पूर्वानुमान के मुताबिक, देश के 23 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बारिश हो सकती है. अंडमान-निकोबार, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में भारी बारिश की संभावना जताई गई है. वहीं, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और लक्षद्वीप में मध्यम बारिश के आसार हैं. इसके अलावा उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, बिहार, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, ओडिशा, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु और कर्नाटक में हल्की बारिश हो सकती है. अलग-अलग क्षेत्रों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी आशंका है।

    दिल्ली-एनसीआर में रविवार रात से ही बादल छाए हुए थे. इसके बाद तेज हवाओं और बारिश ने मौसम का रुख बदल दिया. राष्ट्रीय राजधानी और आसपास के इलाकों में मंगलवार रात और सुबह भी बारिश का असर बना रहा. तापमान में गिरावट के चलते सुबह घर से निकलने वाले लोगों को ठंड महसूस हुई और उन्हें हल्के गर्म कपड़े पहनने पड़े. मौसम में आए इस बदलाव का असर अब रोजमर्रा की दिनचर्या पर भी दिखने लगा है. दिन में गर्मी से राहत मिलने के साथ सुबह और रात के समय ठंडक बढ़ रही है।


    दिल्ली में आज कैसा रहेगा मौसम?

    मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, दिल्ली और एनसीआर के कई हिस्सों में 13 अक्टूबर को भी बारिश और गरज-चमक की संभावना है. लगातार बारिश के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई है. हालांकि, यह राहत पूरे दिन एक जैसी बनी रहेगी, इसकी संभावना नहीं है. बादलों की आवाजाही और धूप निकलने के साथ तापमान में उतार-चढ़ाव हो सकता है. आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस के आसपास और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है. यानी दिन में अभी गर्मी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है, लेकिन सुबह और रात के समय ठंडक रह सकती है।


    यूपी से राजस्थान तक बदला मौसम

    उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में पिछले दो दिनों के दौरान हुई बारिश से मौसम में बदलाव आया है. पश्चिमी यूपी के कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं के कारण ठंडक बढ़ी है. बुलंदशहर समेत कई इलाकों में सुबह हुई रिमझिम बारिश ने लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत दी. मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, पश्चिमी यूपी में 16 अक्टूबर तक कहीं-कहीं बारिश हो सकती है. अमरोहा, बागपत, बिजनौर, बुलंदशहर, गौतम बुद्ध नगर, गाजियाबाद, हापुड़, मेरठ और संभल समेत कई इलाकों में बारिश की संभावना है।

    पूर्वी यूपी में 15 और 16 अक्टूबर को गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने के आसार हैं. अगले कुछ दिनों में तापमान में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है. ऐसे में सुबह और शाम के समय मौसम में ठंडक महसूस हो सकती है. राजस्थान में भी नए वेदर सिस्टम के असर से बारिश दर्ज की गई है. मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर-पश्चिमी राजस्थान और राज्य के उत्तरी हिस्सों में अगले तीन से चार दिनों तक कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. 13 और 14 अक्टूबर को बीकानेर संभाग और शेखावाटी क्षेत्र में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बारिश होने की संभावना है।


    पंजाब, हरियाणा, पहाड़ों में मौसम सक्रिय

    उत्तर भारत के मैदानी इलाकों के साथ पहाड़ी राज्यों में भी मौसम बदला हुआ है. पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में बारिश की संभावना है, जबकि हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी मौसम सक्रिय बना रह सकता है. जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की विदाई के बाद एक्टिव हुए नए वेदर सिस्टम के असर से उत्तर भारत के कई इलाकों में बारिश और तेज हवाएं देखने को मिली हैं. पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के कारण तापमान में गिरावट महसूस हो सकती है. हालांकि, अलग-अलग जिलों में मौसम का असर अलग रहेगा. ऐसे में पहाड़ों की यात्रा पर जाने वाले लोगों को स्थानीय मौसम पूर्वानुमान और सड़क की स्थिति की जानकारी लेकर निकलना चाहिए।


    दक्षिण भारत में भी बारिश के बने आसार

    बारिश का असर सिर्फ उत्तर भारत तक सीमित नहीं है. तमिलनाडु के कई जिलों में भी गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है. मौसम विभाग के मुताबिक, नीलगिरि, कोयंबटूर, इरोड, कन्याकुमारी, तिरुनेलवेली, थूथुकुडी, तेनकासी, मदुरै, शिवगंगा, सलेम और तिरुप्पुर में बारिश हो सकती है. पुडुचेरी और कराईकल में भी कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ हल्की बारिश के आसार हैं. दक्षिण भारत में बारिश का यह दौर स्थानीय मौसम परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग इलाकों में असर दिखा सकता है।

  • उत्तर भारत में ओलावृष्टि और बर्फबारी से बदला मौसम… पूरब और दक्षिण में बारिश का दौर जारी

    उत्तर भारत में ओलावृष्टि और बर्फबारी से बदला मौसम… पूरब और दक्षिण में बारिश का दौर जारी


    नई दिल्ली।
    उत्तर भारत (North India) के पहाड़ी व मैदानी इलाकों में ओलावृष्टि (Hailstorms) और बर्फबारी (Snowfall) से मौसम (Weather Change) में अचानक बदलाव आया है, वहीं पूर्वी और दक्षिणी राज्यों में जोरदार बारिश (Rain) का सिलसिला जारी है। पिछले 24 घंटों के दौरान बिहार में भारी दर्ज की गई है और कई क्षेत्रों में 12 से 20 सेमीटर तक पानी बरसने से फसलों को नुकसान हुआ है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिमोत्तर उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में तेज हवाएं भी चली हैं।

    मौसम विभाग के मुताबि, मौसम में यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ और वायुमंडलीय हलचल के प्रभाव से आया है। हिमाचल प्रदेश के मनाली सहित ऊझी घाटी में शनिवार दोपहर बाद बारिश हुई। रोहतांग सहित कुंजम दर्रा, बारालाचा व शिंकुला सहित ऊंची चोटियों पर बर्फबारी हुई है। यहां शुक्रवार रात को भी फाहे गिरे थे। बारिश और बर्फबारी से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और जनजातीय क्षेत्र कुकुमसेरी में न्यूनतम तापमान गिरकर 1.9 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। राज्य में 16 अक्तूबर तक मौसम खराब रहने का अनुमान है। इस दौरान ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और मैदानी व मध्य पर्वतीय इलाकों में बारिश हो सकती है। 13 और 14 अक्तूबर को कुछ स्थानों पर अंधड़ का यलो अलर्ट जारी किया गया है।

    आदि कैलाश में फिर हुई बर्फबारी
    उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में 14,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित आदि कैलाश में शनिवार को भी ताजा हिमपात हुआ। बर्फबारी होने से कैलाश पर्वत के दर्शन नहीं हुए। इससे यात्रियों को निराश लौटना पड़ा। दोपहर बाद मौसम खुलने से 100 से अधिक यात्रियों ने आदि कैलाश के दर्शन किए। आदि कैलाश क्षेत्र में अब भी तीन से चार फीट बर्फ जमा है। लगातार हो रही बर्फबारी से आदि कैलाश में तापमान माइनस दो से माइनस तीन डिग्री पहुंच गया है। इससे कड़ाके की ठंड पड़ रही है।


    मलबा आने से तीन घंटे रुकी केदारनाथ यात्रा

    रुद्रप्रयाग में केदारनाथ पैदल मार्ग पर चीरबासा में मलबा और पत्थर आने से शनिवार सुबह छह बजे से नौ बजे तक यात्रियों की आवाजाही रोकनी पड़ी। सुरक्षा के मद्देनजर गौरीकुंड और सोनप्रयाग में यात्रियों को रोका गया। सुबह नौ बजे मार्ग खुलने के बाद आवाजाही सुचारु करा दी गई। बीते दिन हुई तेज बारिश के बाद रात में चीरबासा में मलबा आने से पैदल मार्ग अवरुद्ध हो गया था।


    अभी बदला रहेगा मौसम का मिजाज :

    उत्तर भारत के पर्वतीय और मैदानी इलाकों में अगले कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज बदला रहेगा। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड सहित मैदानी राज्यों में 16 अक्तबर तक रुक-रुक कर बारिश, आंधी और बिजली गिरने का अनुमान है। वहीं, 11 अक्तूबर तथा 14-15 अक्तूबर को यहां कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। वहीं, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और राजधानी दिल्ली में 16 अक्तूबर के बीच छिटपुट बारिश होगी।

  • MP में आज रीवा संभाग के 4 जिलों में बारिश के आसार, भोपाल-इंदौर में निकलेगी धूप

    MP में आज रीवा संभाग के 4 जिलों में बारिश के आसार, भोपाल-इंदौर में निकलेगी धूप


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई के बाद भी चक्रवाती परिसंचरण और ट्रफ लाइन के असर से मौसम में उतार-चढ़ाव जारी है। शनिवार को रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने का अनुमान है। वहीं, भोपाल और इंदौर सहित प्रदेश के कई हिस्सों में धूप खिली रहेगी। मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन दिन तक प्रदेश में मौसम साफ रहने की संभावना है। इस बीच रात के तापमान में गिरावट से ठंडक बढ़ने लगी है। पचमढ़ी में प्रदेश की सबसे ठंडी रात दर्ज की गई।

    अमरकंटक में 37.5 मिमी बारिश, रात में बढ़ी ठंडक

    मौसम केंद्र भोपाल के मुताबिक, जबलपुर, सागर, रीवा और शहडोल संभाग में मौसमी सिस्टम का असर देखा जा रहा है। हाल के दिनों में अमरकंटक में करीब डेढ़ इंच यानी 37.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। बारिश के बाद प्रदेश के कई इलाकों में रात के तापमान में गिरावट आई है।

    पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 16.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा। अमरकंटक और इंदौर में न्यूनतम तापमान 17.9 डिग्री, छिंदवाड़ा में 18.1 डिग्री, कटनी के करौंदी में 18.8 डिग्री और शाजापुर में 19 डिग्री सेल्सियस रहा।

    रात में ठंडक बढ़ने के बावजूद दिन में गर्मी का असर बना हुआ है। इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और नर्मदापुरम संभाग में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहा। बड़वानी के तालुन में पारा 37 डिग्री तक पहुंच गया, जो प्रदेश में सबसे अधिक रहा।

    3 अक्टूबर को विदा हुआ मानसून, फिर भी क्यों हो रही बारिश?

    मध्य प्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून 3 अक्टूबर को पूरी तरह विदा हो गया था। इस बार प्रदेश में मानसून करीब 100 दिन तक सक्रिय रहा। इसके बावजूद अक्टूबर में बारिश का दौर देखने को मिल रहा है। इसकी वजह चक्रवाती परिसंचरण और ट्रफ लाइन जैसे मौसमी सिस्टम का सक्रिय होना है।

    मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार, अक्टूबर में गर्मी, बारिश और ठंड तीनों तरह का मौसम देखने को मिलता है। इस बार भी मानसूनी सिस्टम की सक्रियता के चलते कुछ इलाकों में बारिश हुई है। हालांकि, शनिवार को पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ जिलों में हल्की बारिश के आसार हैं, जबकि अगले तीन दिन प्रदेश में मौसम साफ रहने का अनुमान है।

    जून की कम बारिश से सीजन का आंकड़ा 4% नीचे

    इस साल जून से सितंबर तक चले मानसून सीजन में मध्य प्रदेश में औसतन 35.8 इंच यानी 908.4 मिलीमीटर बारिश हुई। यह सामान्य औसत 37.3 इंच से करीब 4 प्रतिशत कम है।

    बारिश के आंकड़ों में पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश के बीच अंतर रहा। पूर्वी हिस्से में सामान्य से 4 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई, जबकि पश्चिमी हिस्से में औसत से 12 प्रतिशत तक कम पानी गिरा।

    कम बारिश की प्रमुख वजह जून में बारिश का कोटा पूरा नहीं होना रहा। इस महीने सामान्य के मुकाबले 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई, अगस्त और सितंबर में बारिश से इसकी भरपाई की कोशिश हुई, लेकिन शुरुआती कमी के कारण पूरे सीजन का आंकड़ा सामान्य से नीचे ही रहा।

    25 जिलों में बारिश का कोटा पूरा, 30 में कमी

    प्रदेश के 55 जिलों में से 25 में मानसून सीजन की सामान्य बारिश का कोटा पूरा हो गया, जबकि 30 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई।

    इन 25 जिलों में सामान्य या उससे अधिक बारिश दर्ज हुई: भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर।

    कम बारिश वाले प्रमुख जिले: इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, रीवा, सागर, छिंदवाड़ा, देवास, रायसेन, सीहोर, विदिशा, नीमच, मंदसौर और धार।

    इस तरह मानसून की विदाई के बाद भी प्रदेश के कुछ हिस्सों में स्थानीय मौसमी सिस्टम के कारण बारिश हो रही है। वहीं, रात के तापमान में गिरावट और दिन में तेज धूप के चलते मौसम में गर्मी और ठंडक का मिला-जुला असर बना हुआ है।

  • मानसून की विदाई के बाद भी कई राज्यों में बारिश का दौर जारी… आज इन राज्यों में अलर्ट

    मानसून की विदाई के बाद भी कई राज्यों में बारिश का दौर जारी… आज इन राज्यों में अलर्ट


    नई दिल्ली।
    मानसून (Monsoon) की विदाई कई राज्यों में हो गई है. लेकिन बारिश का सिलसिला है कि अभी रुकने का नाम ही नहीं ले रहा है। देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज (Weather Conditions) बिगड़ सकता है. बंगाल की खाड़ी (Bay of Bengal) के आसपास सक्रिय हुए मौसमी हलचल का असर पूर्वी और दक्षिणी राज्यों के साथ उत्तर भारत में भी देखने को मिलेगा। बंगाल की खाड़ी में एक नया वेदर सिस्टम एक्टिव हो गया है। इसलिए 2 अक्टूबर को देश के कई हिस्सों में मौसम अचानक करवट ले सकता है।

    मौसम विभाग (IMD) के अनुसार बंगाल की खाड़ी और उसके आसपास बनी मौसमी हलचल का असर पूर्वी और दक्षिणी राज्यों तक दिखाई देने की संभावना है. मौसम विभाग ने दिल्ली से लेकर उत्तर प्रदेश और बिहार तक बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया है. कुछ इलाकों में तेज हवाओं के झोंके 60 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं. पहाड़ी राज्यों में भी बारिश का दौर परेशान कर सकता है. उत्तराखंड में तेज हवा के साथ भारी बारिश की चेतावनी है. हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भी कई इलाकों में मौसम बिगड़ने का अनुमान है।

    मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में भी मौसमी गतिविधियां बनी रहेंगी. अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश की संभावना है. असम से लेकर त्रिपुरा तक गरज-चमक के साथ बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा. दक्षिण भारत में केरल और माहे से लेकर तमिलनाडु और लक्षद्वीप तक तेज हवाएं चल सकती हैं. वहीं पूर्वोत्तर बंगाल की खाड़ी के आसपास की सक्रियता का असर पूर्वी हिस्सों में देखने को मिल सकता है. उत्तरपूर्वी असम और आसपास के क्षेत्रों में निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है. उत्तरी तटीय तमिलनाडु और आसपास भी एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन मौजूद है. ऐसे में 2 अक्टूबर को कई राज्यों में लोगों को बारिश के साथ तेज हवा और बिजली से भी सतर्क रहना होगा।


    यूपी में 2 अक्टूबर को बारिश के साथ तेज आंधी बढ़ाएगी परेशानी

    उत्तर प्रदेश के कई जिलों में 2 अक्टूबर को मौसम खराब रहने की संभावना है. मेरठ, आगरा, मथुरा, गाजियाबाद, बहराइच, गोंडा, कानपुर, हरदोई, लखीमपुर खीरी, श्रावस्ती, उन्नाव, कन्नौज, सीतापुर, फर्रुखाबाद, बरेली, एटा, फिरोजाबाद, कासगंज, मैनपुरी, रामपुर, प्रयागराज, गोरखपुर और देवरिया में मध्यम से भारी बारिश की चेतावनी है. इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है. लखनऊ में अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. बारिश के साथ गरज-चमक की स्थिति भी बन सकती है.


    बिहार में 2 अक्टूबर को बारिश और आंधी का दोहरा अलर्ट

    बिहार के कई हिस्सों में 2 अक्टूबर को भारी बारिश के साथ तेज आंधी की चेतावनी है. पटना, गया, जहानाबाद, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, पूर्णिया, किशनगंज, भागलपुर, मुंगेर और कटिहार में मौसम खराब रह सकता है. यहां हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है. सीमांचल के जिलों में बिजली चमकने और वज्रपात का खतरा भी बना रहेगा. पटना में अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।


    झारखंड में 2 अक्टूबर को 50 KM की आंधी के साथ बरसेंगे बादल

    झारखंड में 2 और 3 अक्टूबर को मौसम सक्रिय रहने वाला है. गुमला, गढ़वा, सिमडेगा, रांची, धनबाद, गिरिडीह, बोकारो, हजारीबाग, पलामू और जमशेदपुर में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की गई है. इस दौरान हवा की रफ्तार करीब 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. रांची में 2 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. बारिश और तेज हवा के कारण स्थानीय स्तर पर आवागमन प्रभावित हो सकता है.


    पश्चिम बंगाल में 2 अक्टूबर को भी बढ़ेगी गरज-चमक वाली बारिश

    पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के आसपास भी मौसमी गतिविधियां बनी रहने की संभावना है. बंगाल की खाड़ी के आसपास सक्रिय मौसमी प्रणाली का असर पूर्वी हिस्सों में देखने को मिल सकता है. अगले करीब 12 घंटे तक इसके प्रभाव में मौसम में हलचल बनी रहने का अनुमान है. राज्य के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है. पूर्वी भारत के आसपास बिजली गिरने की गतिविधियां भी बढ़ सकती हैं।


    राजस्थान में 2 अक्टूबर को कई जिलों में आंधी के साथ बारिश

    राजस्थान में भी 2 अक्टूबर को मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आएगा. भीलवाड़ा, टोंक, सवाई माधोपुर, बारां, कोटा, भरतपुर, बीकानेर, बूंदी, जयपुर, अजमेर और उदयपुर में बारिश और आंधी की चेतावनी है. इस दौरान हवा की रफ्तार 50 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. जयपुर में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. तेज हवा के साथ बारिश होने पर तापमान में भी गिरावट देखने को मिल सकती है. कई इलाकों में अचानक मौसम बदलने की स्थिति बन सकती है।


    मध्य प्रदेश में 2 अक्टूबर को बारिश के साथ चलेंगे तेज हवा के झोंके

    मध्य प्रदेश के कई जिलों में 2 अक्टूबर को बारिश और आंधी की संभावना है. देवास, होशंगाबाद, भोपाल, इंदौर, खंडवा, गुना, मुरैना, अशोकनगर, नीमच, उमरिया, छिंदवाड़ा, कटनी और पन्ना में मौसम सक्रिय रह सकता है. यहां करीब 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा के झोंके चलने का अनुमान है. भोपाल में अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रह सकता है. बारिश के दौरान गरज-चमक भी देखने को मिल सकती है।


    पंजाब में 2 अक्टूबर को बारिश और तेज हवा से बदलेगा मौसम

    पंजाब में 2 अक्टूबर को कई जिलों में बारिश और आंधी की संभावना है. पठानकोट, बरनाला, चंडीगढ़, जालंधर, अमृतसर, पटियाला, गुरदासपुर और लुधियाना में मौसम विभाग ने बारिश और तेज हवा की चेतावनी दी है. इस दौरान हवा की रफ्तार 50 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. बारिश के साथ तेज झोंके चलने से मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिल सकता है।

    हरियाणा में भी मानसून की विदाई के बीच मौसम पूरी तरह साफ नहीं रहेगा. आसपास के क्षेत्रों में पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों से आने वाली मौसमी गतिविधियों का असर देखने को मिल सकता है. बारिश और तेज हवा के दौरान स्थानीय स्तर पर मौसम बदल सकता है. ऐसे में वाहन चालकों को भी सावधानी बरतनी होगी. खासकर तेज हवा के दौरान खुले इलाकों में यात्रा करते समय अतिरिक्त सतर्कता जरूरी है।


    हिमाचल में 2 अक्टूबर को बारिश के साथ तेज हवाओं का असर

    हिमाचल प्रदेश में भी 2 अक्टूबर को मौसम सक्रिय रहने वाला है. सोलन, बिलासपुर, किन्नौर, लाहौल-स्पीति, कांगड़ा और सिरमौर में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी है. इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है. मनाली में अधिकतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 2 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश के साथ ठंड बढ़ सकती है. पहाड़ी रास्तों पर यात्रा करने वालों को मौसम में अचानक बदलाव को ध्यान में रखना होगा।


    जम्मू-कश्मीर में भी 2 अक्टूबर को बारिश और आंधी का अलर्ट

    जम्मू-कश्मीर के कई जिलों में 2 अक्टूबर को बारिश और तेज हवा की संभावना है. राजौरी, अनंतनाग, बारामूला, पुंछ, रामबन, कठुआ, डोडा और सांबा में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की गई है. इस दौरान हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. श्रीनगर में अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।


    पूर्वोत्तर में 2 अक्टूबर को भारी बारिश का साया

    पूर्वोत्तर भारत में भी 2 अक्टूबर को मौसम सक्रिय रहेगा. अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश की संभावना जताई गई है. इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका है. उत्तरपूर्वी असम और आसपास के क्षेत्रों में निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है. इसी वजह से इस क्षेत्र में बादलों की गतिविधि बढ़ सकती है।


    दक्षिण भारत में 2 अक्टूबर को 50 KM की रफ्तार से चल सकती है हवा

    दक्षिण भारत के तटीय और द्वीपीय इलाकों में भी मौसम सक्रिय रहने का अनुमान है. केरल और माहे, लक्षद्वीप, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा के झोंके चल सकते हैं. उत्तरी तटीय तमिलनाडु और आसपास के क्षेत्रों में साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है. इसके असर से बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बढ़ सकती हैं. तमिलनाडु और आसपास के तटीय क्षेत्रों में अचानक तेज हवा और बारिश की स्थिति बन सकती है।

  • नॉर ईस्टर तूफान ने अमेरिका में मचाई तबाही…. तेज हवा-बारिश से जनजीवन बेहाल, 425 उड़ानें रद्द

    नॉर ईस्टर तूफान ने अमेरिका में मचाई तबाही…. तेज हवा-बारिश से जनजीवन बेहाल, 425 उड़ानें रद्द


    वॉशिंगटन।
    अमेरिका (America) के पूर्वी तट पर इस वीकेंड शक्तिशाली नॉर ईस्टर तूफान (Powerful Nor’easter storm) का असर देखने को मिला. वॉशिंगटन डीसी (Washington D.C.) से लेकर अमेरिका के उत्तर-पूर्वी राज्य मेन तक तेज हवाओं, भारी बारिश के साथ तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है. शनिवार को अमेरिका से जुड़ी करीब 425 फ्लाइट्स कैंसिल हुईं, जबकि 1,338 उड़ानों में देरी हुई।

    तूफान का असर सिर्फ उड़ानों पर नहीं पड़ा, बिजली सप्लाई भी प्रभावित हुई. न्यू जर्सी, कनेक्टिकट, न्यूयॉर्क और पेंसिल्वेनिया में हजारों घरों और कारोबारों की बिजली चली गई. शनिवार दोपहर 1:07 बजे तक इन चार राज्यों में 88 हजार से ज्यादा घरों, दुकानों और दफ्तरों की बिजली गुल थी. इससे पहले यह संख्या 1.19 लाख से ज्यादा थी।


    हजारों घरों में अब भी बिजली गुल

    कनेक्टिकट, न्यू जर्सी और न्यूयॉर्क में दोपहर करीब 1 बजे तक हर राज्य में 25 हजार से ज्यादा बिजली कनेक्शन प्रभावित थे. लॉन्ग आइलैंड में भी करीब 13,300 ग्राहक बिना बिजली के थे. तूफान में पेड़, शाखाएं और बिजली के तार गिरने से कई जगह सप्लाई बंद हो गई. बिजली कंपनी PSEG Long Island के मुताबिक, शुक्रवार सुबह से अब तक 34,600 से ज्यादा प्रभावित ग्राहकों की बिजली बहाल की जा चुकी है।


    425 फ्लाइट्स कैंसिल, 1,338 में देरी

    नॉर ईस्टर का असर अमेरिकी एयरपोर्ट्स पर भी साफ दिखा. फ्लाइटअवेयर के मुताबिक, शनिवार को अमेरिका से जुड़ी करीब 425 फ्लाइट्स रद्द हुईं. 1,338 उड़ानों में देरी दर्ज की गई. इससे वीकेंड पर सफर करने वाले यात्रियों की मुश्किल बढ़ गई. कई लोगों को अपनी उड़ान रद्द होने या लंबे इंतजार का सामना करना पड़ा।

    अमेरिका की नेशनल वेदर सर्विस ने सोमवार तक मिड-अटलांटिक तथा न्यू इंग्लैंड में मौसम खराब रहने की चेतावनी दी है. इस दौरान तटीय बाढ़, समुद्र में खतरनाक धाराएं, तेज हवाओं के झोंके और भारी बारिश का खतरा बताया गया है. हालात को देखते हुए न्यूयॉर्क तथा न्यू जर्सी के उन इलाकों में इमरजेंसी घोषित की गई, जहां तूफान का असर ज्यादा होने की आशंका थी. इसमें न्यूयॉर्क सिटी भी शामिल है. कनेक्टिकट ने भी राज्य का इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर सक्रिय कर दिया है।

  • MP में मानसून विदाई की ओर, फिर भी सक्रियता बरकरार, 21 सितंबर तक बारिश का रहेगा दौर

    MP में मानसून विदाई की ओर, फिर भी सक्रियता बरकरार, 21 सितंबर तक बारिश का रहेगा दौर


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है, लेकिन इसकी सक्रियता पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। मौसम विभाग के मुताबिक 18 से 21 सितंबर के बीच प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और आंधी का दौर बना रह सकता है। इसके बाद 22 सितंबर से गतिविधियां सीमित होने के संकेत हैं। इस दौरान कम बारिश वाले जिलों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।

    मानसून की विदाई की शुरुआत पश्चिमी राजस्थान से होने का अनुमान है। मध्य प्रदेश में इसकी सक्रियता सितंबर के अंतिम सप्ताह तक बनी रह सकती है। मौसम विभाग के मौजूदा पूर्वानुमान में भी 21 सितंबर तक पश्चिमी मध्य प्रदेश में गरज-चमक और आंधी की गतिविधियों का संकेत है, जबकि फिलहाल भारी बारिश की कोई बड़ी चेतावनी जारी नहीं है।

    18 से 21 सितंबर तक बन सकता है बारिश का दौर

    मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार अगले कुछ दिनों में प्रदेश के मौसम में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। सात दिन के पूर्वानुमान के मुताबिक 18 से 21 सितंबर के बीच वर्षा गतिविधियां बनी रह सकती हैं। 22 सितंबर से इसमें कमी आने लगेगी।

    मानसून की विदाई के पहले होने वाली यह गतिविधि उन जिलों के लिए महत्वपूर्ण है, जहां इस सीजन में बारिश सामान्य से कम हुई है। प्रदेश के 18 जिलों में सामान्य या उससे ज्यादा बारिश दर्ज की जा चुकी है। इनमें भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, छतरपुर, निवाड़ी, मैहर, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल और उमरिया शामिल हैं।

    इसके उलट इंदौर, उज्जैन और जबलपुर समेत 37 जिलों में बारिश सामान्य से कम है। आलीराजपुर में सामान्य बारिश की आधी ही बारिश हुई है, जबकि निवाड़ी में सामान्य से 54% ज्यादा पानी गिर चुका है।

    भोपाल, सीहोर और देवास में तेज बारिश

    गुरुवार दोपहर भोपाल, सीहोर और देवास जिलों में तेज बारिश हुई। भोपाल-इंदौर रोड पर सोनकच्छ में बारिश के दौरान कुछ देर के लिए दिन में ही अंधेरा छा गया। वाहन चालकों को हेडलाइट जलाकर सफर करना पड़ा।

    ग्वालियर में दिनभर उमस और गर्मी के बाद शाम को झमाझम बारिश हुई। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिली और मौसम सुहाना हो गया।

    अरब सागर में कम दबाव का क्षेत्र

    शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक इस समय सौराष्ट्र और उससे लगे उत्तर-पूर्वी अरब सागर के ऊपर लो प्रेशर एरिया बना हुआ है। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से करीब 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला है। मानसून ट्रफ भी इस निम्न दबाव क्षेत्र से होते हुए राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल से बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है।

    इन मौसमी प्रणालियों से मध्य भारत में नमी और बारिश की गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। इसी वजह से 18 और 19 सितंबर के दौरान मध्य प्रदेश में अलग-अलग चरणों में बारिश हो सकती है।

    19 सितंबर के बाद बन सकता है नया सिस्टम

    मौसम विशेषज्ञ के अनुसार उत्तर थाईलैंड के ऊपर बना ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण 18 सितंबर की शाम तक उत्तर अंडमान सागर के आसपास पहुंच सकता है। इसके प्रभाव से 19 सितंबर की शाम के आसपास उत्तर अंडमान सागर में नया निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना है।

    इसके बाद इसके दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश के तट की ओर पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने के संकेत हैं। यह सिस्टम मध्य प्रदेश के मौसम में एक और बदलाव का आधार बन सकता है। IMD ने भी 19 सितंबर के आसपास अंडमान सागर और आसपास के क्षेत्र में निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना जताई है।

    अब तक 33.1 इंच बारिश, सामान्य से 2.5 इंच कम

    मध्य प्रदेश में इस मानसूनी सीजन में अब तक 842.1 मिमी यानी 33.1 इंच बारिश रिकॉर्ड हुई है। यह सामान्य बारिश 35.6 इंच (905.3 मिमी) से करीब 2.5 इंच कम है। कुल मिलाकर प्रदेश में सामान्य से 7% कम बारिश दर्ज हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में कमी 2% और पश्चिमी हिस्से में 11% है।

    32 जिलों में 4 से 50% तक कम बारिश

    पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में औसतन 1% तक बारिश कम हुई है। बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 4% से 25% तक कम बारिश हुई है। पिछले एक सप्ताह में इन जिलों की स्थिति में सुधार आया है।

    पश्चिमी हिस्से में आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 4% से 50% तक कम पानी गिरा है।

    ऐसे में सितंबर के अंतिम दौर में होने वाली बारिश इन जिलों के लिए महत्वपूर्ण रहेगी। हालांकि, अभी उपलब्ध मौसम पूर्वानुमान में 21 सितंबर तक भारी बारिश का व्यापक अलर्ट नहीं है; बारिश के साथ गरज-चमक और आंधी की गतिविधियां अधिक प्रमुख रहने की संभावना है।

  • MP: .ग्वालियर में बारिश से सड़कों पर भरा घुटनों तक पानी… उसी में धरने पर बैठे विधायक

    MP: .ग्वालियर में बारिश से सड़कों पर भरा घुटनों तक पानी… उसी में धरने पर बैठे विधायक


    ग्वालियर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के ग्वालियर (Gwalior) के शंकरपुर में बारिश के बाद घुटनों तक पानी भर गया। जलभराव के विरोध में कांग्रेस विधायक साहब सिंह गुर्जर (Congress MLA Sahib Singh Gurjar) पानी से भरी सड़क पर धरने पर बैठ गए। उन्होंने नगर निगम पर नालियों की सफाई और जल निकासी में लापरवाही का आरोप लगाते हुए स्थायी समाधान की मांग की।

    दरअसल, ग्वालियर शहर में झमाझम बारिश ने एक बार फिर नगर निगम के जल निकासी के दावों पर सवाल खड़े कर दिए। बारिश के बाद वार्ड क्रमांक 64 के शंकरपुर इलाके में हालात ऐसे हो गए कि सड़कें घुटनों तक पानी में डूब गईं। जलभराव के कारण स्थानीय लोगों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

    बारिश के बीच जलभराव की समस्या का विरोध करने के लिए कांग्रेस के ग्रामीण विधायक साहब सिंह गुर्जर मौके पर पहुंचे। उन्होंने पानी से लबालब सड़क पर ही धरना शुरू कर दिया। विधायक के धरने में स्थानीय नागरिक भी शामिल हो गए और नगर निगम प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

    विधायक साहब सिंह गुर्जर ने मौके से फेसबुक लाइव किया और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि शंकरपुर में जलभराव की समस्या आज की नहीं है, बल्कि पिछले दो साल से लगातार बनी हुई है। इस समस्या को कई बार अधिकारियों के सामने उठाया गया, लेकिन इसके बावजूद अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं किया गया। विधायक का आरोप है कि इलाके में नालियों की पर्याप्त सफाई नहीं होने और जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश होते ही सड़कें पानी में डूब जाती हैं। स्थानीय लोगों को हर बार इसी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

    बारिश के बीच विधायक के धरने के दौरान लोगों ने ‘नगर निगम होश में आओ’ के नारे लगाए। जलभराव के बीच किया गया यह विरोध प्रदर्शन अब सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बारिश के दौरान सड़क पर इतना पानी भर जाता है कि लोगों के लिए घरों से निकलना मुश्किल हो जाता है। स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और वाहन चालकों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। लोगों का कहना है कि हर साल बारिश से पहले जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त करने के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्थिति बारिश के बाद सामने आ जाती है।

    विधायक और स्थानीय लोगों ने मांग की है कि शंकरपुर की जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए। उनका कहना है कि जब तक इलाके में बेहतर जल निकासी व्यवस्था नहीं बनाई जाती, तब तक हर बारिश में लोगों को इसी तरह परेशानी झेलनी पड़ेगी। बारिश थमी तो पानी भी धीरे-धीरे उतर गया, लेकिन शंकरपुर में जलभराव को लेकर नगर निगम की तैयारियों और दावों पर सवाल जरूर खड़े हो गए।