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  • बैतूल हादसे के बाद बढ़ी चिंता, तीन मानसूनी सिस्टम सक्रिय; मध्य प्रदेश के 12 जिलों में रेड अलर्ट जैसे हालात

    बैतूल हादसे के बाद बढ़ी चिंता, तीन मानसूनी सिस्टम सक्रिय; मध्य प्रदेश के 12 जिलों में रेड अलर्ट जैसे हालात


    मध्यप्रदेश। मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी ताकत के साथ सक्रिय हो गया है। प्रदेश में एक साथ तीन मजबूत मौसम प्रणालियों के प्रभाव से अगले 48 घंटे तक भारी से अति भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने खास तौर पर मालवा और निमाड़ क्षेत्र के साथ इंदौर और उज्जैन संभाग के कई जिलों के लिए हाई अलर्ट जारी किया है। लगातार हो रही बारिश के कारण नदी नाले उफान पर हैं और कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित होने लगा है।

    मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को रतलाम झाबुआ अलीराजपुर और धार जिलों में अति भारी बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा नीमच आगर मालवा उज्जैन देवास बड़वानी खरगोन बुरहानपुर और छिंदवाड़ा में भी भारी बारिश का पूर्वानुमान है। राजधानी भोपाल सहित इंदौर जबलपुर ग्वालियर रायसेन सीहोर विदिशा नर्मदापुरम बैतूल हरदा शाजापुर मंदसौर खंडवा शिवपुरी गुना दतिया मुरैना भिंड सागर रीवा सतना सीधी शहडोल और अन्य जिलों में भी रुक रुक कर बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना जताई गई है।

    गुरुवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में जोरदार बारिश हुई। भोपाल उज्जैन रतलाम हरदा और खरगोन सहित कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। सबसे दर्दनाक घटना बैतूल जिले में हुई जहां मूसलाधार बारिश के दौरान रेलवे की बाउंड्री वॉल पास की झोपड़ी पर गिर गई। इस हादसे में 27 वर्षीय मजदूर राहुल उइके की मौके पर ही मौत हो गई जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। इस घटना ने लगातार हो रही बारिश के बीच कमजोर निर्माण और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    बारिश के बढ़ते दबाव को देखते हुए बैतूल के सारणी स्थित सतपुड़ा बांध के सात गेट इस मानसून में पहली बार खोल दिए गए हैं ताकि अतिरिक्त पानी की निकासी की जा सके। प्रशासन ने निचले इलाकों के लोगों को सतर्क रहने और नदी नालों के पास नहीं जाने की सलाह दी है।

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश में अब तक औसतन 14 दशमलव 7 इंच वर्षा दर्ज की गई है जबकि इस समय तक 17 दशमलव 2 इंच बारिश हो जानी चाहिए थी। यानी प्रदेश में अभी भी लगभग 15 प्रतिशत वर्षा की कमी बनी हुई है। हालांकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में लगातार हो रही बारिश से यह अंतर आने वाले दिनों में कम होने की संभावना है।

    प्रदेश के 47 जिलों में अब भी सामान्य से कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है। इनमें उज्जैन रतलाम धार झाबुआ बैतूल हरदा छिंदवाड़ा जबलपुर सागर रीवा सतना ग्वालियर शिवपुरी और विदिशा जैसे जिले शामिल हैं। दूसरी ओर भोपाल इंदौर देवास सीहोर राजगढ़ भिंड मंदसौर और बुरहानपुर ऐसे जिले हैं जहां सामान्य से अधिक वर्षा हो चुकी है। देवास में सामान्य से लगभग 29 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि जुलाई मानसून का सबसे महत्वपूर्ण महीना माना जाता है और इसी दौरान प्रदेश में कुल वर्षा का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा दर्ज होता है। यदि अगले दो दिनों तक मौसम विभाग का अनुमान सही साबित होता है तो वर्षा की कमी काफी हद तक पूरी हो सकती है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।

  • मध्य प्रदेश में मानसून का प्रचंड रूप भोपाल उज्जैन से लेकर हरदा और खरगोन तक झमाझम बारिश बैतूल में दर्दनाक हादसा

    मध्य प्रदेश में मानसून का प्रचंड रूप भोपाल उज्जैन से लेकर हरदा और खरगोन तक झमाझम बारिश बैतूल में दर्दनाक हादसा


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और एक साथ तीन मौसम प्रणालियों के प्रभाव से प्रदेश के कई जिलों में लगातार तेज बारिश का दौर जारी है। मानसून ट्रफ साइक्लोनिक सर्कुलेशन और शियर जोन के एक साथ सक्रिय होने के कारण राजधानी भोपाल सहित उज्जैन रतलाम हरदा और खरगोन में रुक रुक कर तेज बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने आने वाले घंटों में कई जिलों में भारी से अति भारी वर्षा की संभावना जताते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

    बारिश के बीच बैतूल जिले से दुखद खबर सामने आई है। बुधवार देर रात गंज थाना क्षेत्र में मूसलाधार बारिश के दौरान रेलवे की बाउंड्री वॉल उसके पास बनी झोपड़ी पर गिर गई। हादसे के समय झोपड़ी में सो रहे 27 वर्षीय मजदूर राहुल उइके की मौके पर ही मौत हो गई जबकि उसका साथी शनि सिंह घायल हो गया। स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से राहत कार्य किया गया तथा घायल को अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार पिछले चौबीस घंटों में छिंदवाड़ा जिले के हर्रई में लगभग छह इंच बारिश दर्ज की गई जो प्रदेश में सबसे अधिक रही। इसके अलावा पचमढ़ी में करीब पांच इंच और बैतूल के भैंसदेही क्षेत्र में चार इंच से अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई। बैतूल जिले के अधिकांश इलाकों में तेज बारिश हुई जबकि छिंदवाड़ा के तामिया नरसिंहपुर के गाडरवारा देवास के खातेगांव और शिवपुरी के पोहरी में भी जोरदार बारिश दर्ज की गई।

    प्रदेश के कई हिस्सों में तेज हवाओं ने भी लोगों की परेशानी बढ़ा दी। भिंड जिले में सबसे तेज करीब पचास किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चली। इसके अलावा नर्मदापुरम सीहोर इंदौर रायसेन दतिया बड़वानी बैतूल सिवनी जबलपुर उमरिया सागर पन्ना छिंदवाड़ा और सीधी में भी तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। कई स्थानों पर पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की भी खबरें सामने आई हैं।

    राजधानी भोपाल में सुबह से मौसम का मिजाज लगातार बदलता रहा। कभी तेज धूप तो कभी घने बादलों के साथ बारिश का सिलसिला चलता रहा। उज्जैन में भी सुबह से अच्छी बारिश हुई जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई। हरदा में कई सड़कें पानी से भर गईं जबकि खरगोन में रुक रुक कर बारिश का दौर जारी रहा। रतलाम में दोपहर के समय तेज बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया।

    मौसम विभाग ने गुरुवार के लिए प्रदेश के सत्रह जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। धार देवास बुरहानपुर हरदा और नर्मदापुरम में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। वहीं उज्जैन शाजापुर सीहोर बड़वानी खरगोन खंडवा रायसेन सागर बैतूल छिंदवाड़ा पांढुर्णा और सिवनी में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि तीनों मौसम प्रणालियों के सक्रिय रहने के कारण अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। प्रशासन ने नदी नालों के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने तथा जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचने की सलाह दी है। मौसम विभाग ने भी नागरिकों से बिजली गिरने और तेज बारिश के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।