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  • भारतीय रेलवे मजबूत करेगा इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव नेटवर्क, रायपुर में आधुनिक होमिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर 175 करोड़ रुपये होंगे खर्च

    भारतीय रेलवे मजबूत करेगा इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव नेटवर्क, रायपुर में आधुनिक होमिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर 175 करोड़ रुपये होंगे खर्च


    नई दिल्ली ।
    भारतीय रेलवे ने अपने तेजी से बढ़ते इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव बेड़े के रखरखाव ढांचे को और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। रेलवे ने रायपुर में 250 थ्री-फेज इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव के लिए अतिरिक्त होमिंग सुविधाएं विकसित करने हेतु 175 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी है। इस परियोजना का उद्देश्य बढ़ती परिचालन आवश्यकताओं के अनुरूप आधुनिक रखरखाव अवसंरचना तैयार करना और रेल सेवाओं की दक्षता को और बेहतर बनाना है।

    रेल मंत्रालय के अनुसार यह परियोजना दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (एसईसीआर) के रायपुर स्थित हाई हॉर्स पावर डीजल शेड में विकसित की जाएगी। वर्तमान में रेलवे के इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव बेड़े का लगातार विस्तार हो रहा है, जिसके चलते रखरखाव सुविधाओं की क्षमता बढ़ाना आवश्यक हो गया है। नई होमिंग सुविधा इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए स्वीकृत की गई है।

    रेलवे की तकनीकी व्यवस्था में होमिंग सुविधा का विशेष महत्व होता है। किसी भी लोकोमोटिव को जिस शेड में नियमित रूप से रखा जाता है और जहां उसकी निर्धारित जांच, मरम्मत, सुरक्षा निरीक्षण तथा तकनीकी रखरखाव किया जाता है, उसे उसका होमिंग शेड कहा जाता है। यह व्यवस्था लोकोमोटिव के सुरक्षित, विश्वसनीय और निर्बाध संचालन को सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

    नई परियोजना के पूरा होने के बाद रायपुर डिपो की रखरखाव क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इससे न केवल मौजूदा बुनियादी ढांचे का अधिक प्रभावी उपयोग संभव होगा, बल्कि भविष्य में इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव की संख्या बढ़ने पर अतिरिक्त क्षमता भी उपलब्ध रहेगी। रेलवे का मानना है कि आधुनिक रखरखाव सुविधाओं से परिचालन दक्षता में सुधार होगा और ट्रेनों के संचालन में आने वाली तकनीकी चुनौतियों को कम करने में मदद मिलेगी।

    भारतीय रेलवे पिछले कुछ वर्षों से इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन को बढ़ावा देने और माल तथा यात्री परिवहन को अधिक तेज, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में लगातार निवेश कर रहा है। इसी रणनीति के तहत विभिन्न रेल मंडलों में आधुनिक लोकोमोटिव शेड, रखरखाव केंद्र और तकनीकी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। रायपुर की यह परियोजना भी उसी व्यापक योजना का हिस्सा मानी जा रही है।

    रेलवे मंत्रालय का मानना है कि बेहतर रखरखाव व्यवस्था से लोकोमोटिव की उपलब्धता बढ़ेगी, मरम्मत में लगने वाला समय कम होगा और ट्रेनों के समयबद्ध संचालन को भी मजबूती मिलेगी। इससे माल ढुलाई और यात्री सेवाओं दोनों की कार्यक्षमता में सकारात्मक सुधार होने की उम्मीद है।

    इसी क्रम में भारतीय रेलवे देश की महत्वाकांक्षी बुलेट ट्रेन परियोजना पर भी तेजी से काम कर रहा है। रेलवे के अनुसार परियोजना के विभिन्न चरण निर्धारित समयसीमा के अनुसार आगे बढ़ रहे हैं और गुजरात क्षेत्र में निर्माण कार्य का बड़ा हिस्सा पूरा किया जा चुका है। रेलवे का लक्ष्य आधुनिक तकनीक, मजबूत बुनियादी ढांचे और उन्नत रखरखाव प्रणाली के माध्यम से देश के रेल नेटवर्क को अधिक सुरक्षित, तेज और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करना है।

  • छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र 23 फरवरी से शुरू, 20 मार्च तक चलेगा

    छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र 23 फरवरी से शुरू, 20 मार्च तक चलेगा


    रायपुर । रायपुर से जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ विधानसभा का प्रथम सत्र यानी बजट सत्र 23 फरवरी से शुरू होगा और 20 मार्च 2026 तक चलेगा। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने शनिवार को अपने निवास कार्यालय में पत्रकारों से चर्चा के दौरान सत्र की रूपरेखा की जानकारी साझा की।

    उन्होंने बताया कि इस सत्र में कुल 15 बैठकें प्रस्तावित हैं जिनमें वित्तीय मामलों और शासकीय कार्यों के साथ-साथ महत्वपूर्ण विधायी कार्य भी संपादित किए जाएंगे। डॉ. रमन सिंह ने कहा कि सदन में वित्तीय बजट और राज्य के विकासात्मक योजनाओं पर विशेष चर्चा होगी। इसके अलावा सत्र में कानून-निर्माण और विधायी प्रस्तावों पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

    अध्यक्ष ने यह भी स्पष्ट किया कि सदन के प्रत्येक दिन की कार्यवाही सुव्यवस्थित रूप से संपन्न होगी और सभी महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि बजट सत्र के दौरान पारदर्शिता और अनुशासन बनाए रखना मुख्य लक्ष्य रहेगा ताकि राज्य के विकास और जनता के हितों के लिए जरूरी निर्णय समय पर लिए जा सकें।

    सत्र की तैयारियों का जायजा लेने के लिए विधानसभा सचिवालय ने भी सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर लिया है। अध्यक्ष ने उम्मीद जताई कि सभी सदस्य सक्रिय भागीदारी करेंगे और सत्र के दौरान सभी प्रस्तावों पर प्रभावी चर्चा होगी।

    छत्तीसगढ़ विधानसभा का यह बजट सत्र राज्य की आगामी वित्तीय योजनाओं नीतियों और कार्यक्रमों को अंतिम रूप देने का महत्वपूर्ण अवसर होगा। राज्य सरकार के लिए यह सत्र नीति निर्माण और विकास कार्यों की दिशा तय करने में अहम माना जा रहा है।

  • वायरल वीडियो: हार्दिक पांड्या-मुरली कार्तिक की बहस, क्या सच में हुआ ‘भयंकर झगड़ा’?

    वायरल वीडियो: हार्दिक पांड्या-मुरली कार्तिक की बहस, क्या सच में हुआ ‘भयंकर झगड़ा’?


    नई दिल्ली। भारत और न्यूजीलैंड के बीच चल रही पांच मैचों की टी20 सीरीज के दौरान सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें टीम इंडिया के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या और पूर्व गेंदबाज मुरली कार्तिक के बीच तीखी बहस दिखाई दे रही है। वीडियो में दोनों के बीच बातचीत धीरे-धीरे गहमागहमी की स्थिति तक पहुंचती दिख रही है, जिससे यह अंदेशा बढ़ रहा है कि दोनों के बीच झगड़ा हो गया है।
    वीडियो में हार्दिक पांड्या अभ्यास के लिए मैदान पर आते नजर आते हैं। जैसे ही वे मैदान पर प्रवेश करते हैं, मुरली कार्तिक से उनकी बातचीत शुरू होती है। शुरुआत में बातचीत सामान्य दिखती है, लेकिन कुछ ही देर बाद दोनों के बीच टोन तेज और गंभीर हो जाता है। वीडियो के कुछ हिस्सों में ऐसा भी दिखाई देता है कि हार्दिक बातचीत के दौरान कुछ दूरी पर चले जाते हैं, फिर वापस आकर मुरली कार्तिक के साथ फिर से बात करते हैं। इस वजह से सोशल मीडिया पर यह चर्चा तेज हो गई कि कहीं यह ‘कड़वी बहस’ किसी बड़ी लड़ाई की शुरुआत तो नहीं।
    https://twitter.com/CricketCentrl/status/2014699202862055795

    वीडियो को शेयर करने वालों ने दावा किया कि यह रायपुर में खेले गए दूसरे टी20 मैच से पहले का है और हार्दिक पांड्या मुरली कार्तिक पर नाराज दिखे। हालांकि, इस बात की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई कि दोनों के बीच सच में झगड़ा हुआ या यह केवल बातचीत थी। टीम इंडिया के भीतर अभ्यास और रणनीति पर चर्चा अक्सर तीखी दिख सकती है, इसलिए केवल वीडियो के आधार पर निष्कर्ष निकालना सही नहीं माना जा रहा है।

    जहां तक हार्दिक पांड्या के प्रदर्शन की बात है, उन्होंने इस सीरीज में अब तक बल्ले और गेंद दोनों से योगदान दिया है। पहले टी20 (नागपुर) में हार्दिक ने 25 रन बनाए और 1 विकेट लिया। दूसरे टी20 में उन्हें बल्लेबाजी का मौका नहीं मिला, लेकिन गेंदबाजी में उन्होंने 1 विकेट अपने नाम किया।

    फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि वायरल वीडियो की असलियत क्या है, लेकिन सोशल मीडिया पर इस बहस ने क्रिकेट प्रेमियों के बीच चर्चा का नया विषय बना दिया है।

  • शीतकालीन छुट्टियों के लिए गोवा जाने के इच्छुक यात्रियों के लिए रेलवे ने शुरू की स्पेशल ट्रेन

    शीतकालीन छुट्टियों के लिए गोवा जाने के इच्छुक यात्रियों के लिए रेलवे ने शुरू की स्पेशल ट्रेन


    रायपुर । इस शीतकालीन छुट्टियों में अगर आप गोवा जाने का प्लान बना रहे हैं तो अब आपके लिए रेलवे ने एक नई सुविधा शुरू की है। रेलवे 20 दिसंबर से बिलासपुर–मडगांव के बीच साप्ताहिक शीतकालीन स्पेशल ट्रेन चलाएगा ताकि यात्रियों को छुट्टियों में गोवा पहुंचने में कोई कठिनाई न हो। यह ट्रेन हर शनिवार को चलेगी और चार फेरे करेगी।

    विमान सेवाओं में अनिश्चितता के कारण रेलवे ने यह कदम उठाया है जिससे गोवा जाने वाले यात्रियों को एक आरामदायक और विश्वसनीय विकल्प मिल सके। रेलवे का यह कदम विशेष रूप से उन यात्रियों के लिए राहत देने वाला है जो विमान सेवाओं में हो रही अनिश्चितता के कारण यात्रा की योजना में बदलाव कर रहे थे।

    शीतकालीन स्पेशल ट्रेन का समय और मार्ग

    यह शीतकालीन स्पेशल ट्रेन 20 दिसंबर 27 दिसंबर 3 जनवरी और 10 जनवरी को बिलासपुर से मडगांव के लिए चलेगी जो प्रत्येक शनिवार को निर्धारित है। वहीं मडगांव से बिलासपुर के लिए यह ट्रेन 22 29 दिसंबर और 5 तथा 12 जनवरी को सोमवार को चलेगी। ट्रेन की संख्या 08241 बिलासपुर–मडगांव और 08242 मडगांव–बिलासपुर होगी।

    इस ट्रेन के माध्यम से यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी क्योंकि इस ट्रेन में 18 कोच की व्यवस्था की गई है जिसमें विभिन्न श्रेणियों की सीटें और सुविधा दी जाएगी। इसके साथ ही ट्रेन में पर्याप्त संख्या में सीटें उपलब्ध हैं जो यात्रियों की बढ़ी हुई मांग को पूरा करने में सहायक होगी।

    वाणिज्यिक ठहराव और कोच की सुविधा

    इस ट्रेन का वाणिज्यिक ठहराव दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के प्रमुख स्टेशनों जैसे बिलासपुर भाटापारा रायपुर दुर्ग राजनांदगांव गोंदिया और नागपुर पर होगा। इन स्टेशनों पर ट्रेन रुकने से यात्रियों को आरामदायक और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव होगा।

    इसके अलावा शीतकालीन स्पेशल ट्रेन में यात्रियों की विभिन्न जरूरतों के हिसाब से कोच की व्यवस्था की गई है। ट्रेन में एक एसएलआरडी तीन सामान्य दो स्लीपर दो एसी-III इकोनामी आठ एसी-III एक एसी-II और जनरेटर कार सहित कुल 18 कोच की सुविधा उपलब्ध है। यह कोच विभिन्न यात्री वर्गों के लिए उपयुक्त हैं जिससे यात्रियों को यात्रा के दौरान आराम और सुविधा का अनुभव होगा।

    रेलवे की यह पहल क्यों है महत्वपूर्ण

    वर्तमान में विमान सेवाओं में अनिश्चितता और टिकट की उच्च कीमतों के कारण यात्रा की योजना बनाना मुश्किल हो गया था। ऐसे में रेलवे की यह पहल यात्रियों के लिए एक राहत की बात है। विशेष रूप से शीतकालीन छुट्टियों के दौरान गोवा जाने के इच्छुक यात्रियों के लिए यह एक उत्तम विकल्प साबित हो सकता है।

    इसके अलावा रेलवे का यह कदम पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी योगदान दे रहा है क्योंकि यात्रा के लिए कम से कम संसाधनों का उपयोग होता है। ट्रेन से यात्रा करने से यात्री जल्दी और सुरक्षित रूप से अपनी मंजिल तक पहुंच सकते हैं साथ ही यह एक किफायती और सुरक्षित विकल्प भी है।

    इस शीतकालीन सीजन में गोवा जाने की योजना बनाने वाले यात्रियों के लिए रेलवे द्वारा शुरू की गई शीतकालीन स्पेशल ट्रेन एक बेहतरीन विकल्प है। रेलवे का यह कदम न केवल यात्रियों की यात्रा को आरामदायक बनाएगा बल्कि उन्हें एक सुविधाजनक और विश्वसनीय यात्रा अनुभव भी प्रदान करेगा।