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  • मध्य प्रदेश में सड़क हादसों का काला दिन: मैहर, रायसेन, सिंगरौली और दमोह में मौतों का तांडव, कई परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़

    मध्य प्रदेश में सड़क हादसों का काला दिन: मैहर, रायसेन, सिंगरौली और दमोह में मौतों का तांडव, कई परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़


     मध्य प्रदेश: में सड़क दुर्घटनाओं का सिलसिला लगातार चिंता बढ़ा रहा है। मंगलवार को प्रदेश के अलग-अलग जिलों में हुए कई दर्दनाक हादसों में छह लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। मैहर, रायसेन, सिंगरौली और दमोह में हुई इन घटनाओं ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और लापरवाही से जुड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने सभी मामलों में जांच शुरू कर दी है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।

    मैहर जिले में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया। यहां सड़क किनारे काटे जा रहे एक सीसम के पेड़ के अचानक गिर जाने से बाइक उसकी चपेट में आ गई। हादसे के समय बाइक पर चार युवक-युवतियां सवार थे, जो मां शारदा के दर्शन के लिए जा रहे थे। बताया गया कि रास्ता भटकने के कारण वे दूसरे मार्ग पर पहुंच गए थे। इसी दौरान ट्रैक्टर की मदद से खींचा जा रहा पेड़ अचानक सड़क पर गिर पड़ा और बाइक को अपनी चपेट में ले लिया। दुर्घटना में दो युवाओं की मौत हो गई, जबकि दो युवतियां गंभीर रूप से घायल हो गईं। घायलों का उपचार जारी है और पुलिस पेड़ कटाई के दौरान बरती गई कथित लापरवाही की जांच कर रही है।

    रायसेन में एक और गंभीर सड़क हादसा सामने आया। शहर के बायपास क्षेत्र में बिजली के पोल लेकर जा रहे ट्रैक्टर के पीछे चल रही कार अचानक पोलों से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि लंबे पोल कार के अगले हिस्से को चीरते हुए पीछे तक निकल गए। हादसे में कार सवार पति-पत्नी और एक बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। प्रारंभिक उपचार के बाद एक घायल को बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया। दुर्घटना के बाद ट्रैक्टर चालक मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश की जा रही है।

    सिंगरौली जिले में भी दो अलग-अलग घटनाओं में दो लोगों की जान चली गई। बरगवा क्षेत्र में एक तेज रफ्तार बस ने सड़क किनारे मौजूद बच्चे को कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद स्थानीय लोगों और परिजनों में भारी आक्रोश फैल गया। लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल को मौके पर तैनात करना पड़ा।

    इसी जिले के जियावन क्षेत्र में एक अन्य सड़क हादसे में तेज रफ्तार हाईवा ने बाइक सवारों को टक्कर मार दी। दुर्घटना में एक युवक की मौके पर मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है। हादसे के बाद हाईवा चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया।

    उधर दमोह जिले के तेंदूखेड़ा क्षेत्र में दो मोटरसाइकिलों की आमने-सामने भिड़ंत में दो युवकों की मौत हो गई। दुर्घटना इतनी गंभीर थी कि दोनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे में तीन अन्य लोग घायल हुए हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

    प्रदेश में एक ही दिन में सामने आए इन हादसों ने सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन और पुलिस विभाग लोगों से यातायात नियमों का पालन करने तथा निर्माण और कटाई जैसे कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करने की अपील कर रहे हैं। सभी मामलों में जांच जारी है और दुर्घटनाओं के वास्तविक कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • रायसेन में उन्नत कृषि महोत्सव का आगाज: राजनाथ सिंह ने किया उद्घाटन, खेती को स्मार्ट बनाने पर जोर

    रायसेन में उन्नत कृषि महोत्सव का आगाज: राजनाथ सिंह ने किया उद्घाटन, खेती को स्मार्ट बनाने पर जोर


    भोपाल। मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में तीन दिवसीय राष्ट्रीय उन्नत कृषि महोत्सव एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत हो गई है। रायसेन के दशहरा मैदान में शनिवार को आयोजित इस मेले का उद्घाटन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया। इस मौके पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी मौजूद रहे।

    किसानों के लिए बदलाव का मंच बनेगा महोत्सव
    उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यह कृषि महोत्सव किसानों के लिए बेहद लाभकारी साबित होगा और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में मदद करेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि ऐसे आयोजन खेती को नई दिशा देंगे।

    किसान अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव

    राजनाथ सिंह ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था का आधार किसान है। कृषि और पशुपालन से शुरू होकर उद्योग और सेवाओं तक पूरी व्यवस्था किसान की मेहनत पर टिकी है। उन्होंने युवाओं से कृषि क्षेत्र से जुड़ने और आधुनिक तकनीक अपनाकर खेती को स्मार्ट बनाने की अपील की।

    सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का जिक्र

    अपने संबोधन में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों के लिए चलाई जा रही योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा दी जाने वाली आर्थिक सहायता सीधे किसानों के खातों में पहुंच रही है जिससे पारदर्शिता बढ़ी है। फसल बीमा बिजली सड़क और सिंचाई जैसी सुविधाओं में भी सुधार हुआ है।

    तकनीक और नवाचार पर विशेष फोकस
    केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि इस मेले में देशभर के कृषि वैज्ञानिक विशेषज्ञ और प्रगतिशील किसान शामिल हुए हैं। यहां एकीकृत खेती बागवानी ड्रोन तकनीक और कम जमीन में अधिक उत्पादन जैसे विषयों पर व्यावहारिक प्रदर्शन किए जा रहे हैं।

    किसानों के लिए सीखने का मंच
    उन्होंने कहा कि यह सिर्फ मेला नहीं बल्कि किसानों के लिए एक प्रशिक्षण मंच है जहां वे वैज्ञानिकों से सीधे संवाद कर सकते हैं और अपनी समस्याओं का समाधान पा सकते हैं। इसे एक तरह से किसानों का स्कूल बताया गया।

    जिलों के लिए तैयार हो रहा विशेष रोडमैप

    शिवराज सिंह चौहान ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में हर राज्य के लिए कृषि रोडमैप तैयार किया जा रहा है। इसी क्रम में विदिशा रायसेन सीहोर और देवास जिलों के लिए विशेष कृषि योजनाएं बनाई गई हैं ताकि स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार खेती को और बेहतर बनाया जा सके।

  • गणगौर पर्व की भव्य परंपरा: महिलाएं पारंपरिक परिधानों में सजीं, रायसेन में निकाली गई भव्य शोभायात्रा

    गणगौर पर्व की भव्य परंपरा: महिलाएं पारंपरिक परिधानों में सजीं, रायसेन में निकाली गई भव्य शोभायात्रा


    रायसेन । रायसेन शहर में लोक आस्था के महापर्व गणगौर को धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया। इस पावन अवसर पर महिलाओं ने अखंड सौभाग्य की कामना करते हुए कठिन उपवास रखा और शिव-पार्वती स्वरूप ईसर-गणगौर की विशेष पूजा-अर्चना की।

    दोपहर के समय मुखर्जी नगर से भव्य शोभायात्रा की शुरुआत हुई। महिलाएं पारंपरिक परिधानों में सजीं, मंगल गीत गा रही थीं और नृत्य करते हुए यात्रा में शामिल हुईं। शोभायात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होकर मिश्र तालाब तक पहुंची। रास्ते में उपस्थित लोगों ने पुष्प वर्षा करके माता गणगौर का स्वागत किया।

    शोभायात्रा में शामिल महिलाओं और श्रद्धालुओं ने पूरे मार्ग में उत्सव का माहौल बनाए रखा। इस दौरान समाज के सभी वर्गों के लोग उपस्थित थे और उन्होंने अपने-अपने ढंग से महापर्व में भाग लिया।

    अंत में तालाब के घाट पर विधिपूर्वक गणगौर की प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में सामाजिक बंधु और श्रद्धालु मौजूद रहे। उन्होंने गणगौर पूजन और आरती में भाग लेकर पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन किया।

    इस आयोजन से न केवल समाज में एकता और भाईचारे की भावना मजबूत हुई, बल्कि लोक संस्कृति और परंपराओं के प्रति सम्मान भी दिखाई दिया। महिलाएं उत्सव में प्रमुख रूप से शामिल रही और अखंड सौभाग्य की कामना करते हुए पूरे उत्सव को जीवंत और श्रद्धालु माहौल में बदल दिया।

    गणगौर पर्व का यह आयोजन शहर में सामाजिक और धार्मिक जीवन में उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। यह पर्व केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि महिलाओं की आस्था, समाजिक सहभागिता और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक भी है।

  • MP: रायसेन में आसमान से विदेशी मशीन गिरने से मची अफरा-तफरी… जानें क्या है पूरा मामला?

    MP: रायसेन में आसमान से विदेशी मशीन गिरने से मची अफरा-तफरी… जानें क्या है पूरा मामला?


    रायसेन।
    मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के रायसेन जिले (Raisen district) के एक गांव में मलेशिया के वायुमंडलीय डेटा संग्रह उपकरण रेडियो-सोंडे (Atmospheric Data Collection Instrument Radio-Sonde) के गिरने से कुछ देर के लिए अफरातफरी का माहौल बन गया। इस मामले की जानकारी देते हुए एक अधिकारी ने बताया कि जिला मुख्यालय से 80 किलोमीटर दूर बेगमगंज क्षेत्र के ग्राम मरखंडी के एक रिहायशी इलाके में बुधवार शाम आसमान से यह रेडियो-सोंडे गिरा, जिसे संदिग्ध यंत्र समझकर और किसी अनहोनी की आशंका के मद्देनजर ग्रामीणों ने डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी।

    बेगमगंज की अनुविभागीय पुलिस अधिकारी (SDOP) सोनल गुप्ता ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और यंत्र को जब्त कर लिया। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया कि यह कोई विस्फोटक नहीं बल्कि मौसम विज्ञान में इस्तेमाल होने वाला रेडियो-सोंडे उपकरण है। गुप्ता ने बताया इस उपकरण पर स्पष्ट रूप से मलेशिया मौसम विज्ञान विभाग लिखा हुआ है, जो यह दर्शाता है कि यह मलेशिया मूल का है।

    पुलिस का मानना है कि ऊपरी वायुमंडल की तेज हवाओं और जेट स्ट्रीम के कारण यह हजारों किलोमीटर का सफर तय कर भारत पहुंचा है। पुलिस ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे ऐसे किसी भी उपकरण को न छुएं और तुरंत पुलिस को सूचना दें। अधिकारी ने बताया कि यंत्र के गिरने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया और वे घबराहट में अपने घर छोड़कर इधर-उधर दूर खेतों की ओर भागने लगे।

    रेडियो-सोंडे वायुमंडलीय डेटा संग्रह का एक महत्वपूर्ण उपकरण है। इसमें हाइड्रोजन से भरे गुब्बारों का उपयोग किया जाता है, जो पृथ्वी की सतह से करीब 15-20 किलोमीटर ऊपर वायुमंडलीय दाब, तापमान, हवा की दिशा और गति को रिकॉर्ड कर रेडियो संकेतों के माध्यम से डेटा प्रेषित करता है। पुलिस के मुताबिक इस प्रकार के गुब्बारे अक्सर ‘प्रस्थान बिंदु’ से सैकड़ों किलोमीटर दूर गिरते हैं और इसमें घबराने वाली कोई बात नहीं है।