Tag: Raj Thackeray

  • एकनाथ शिंदे से मुलाकात को लेकर महाराष्ट्र की सियासत में हलचल, राज ठाकरे बोले- मैं कल CM से मिल सकता हूं

    एकनाथ शिंदे से मुलाकात को लेकर महाराष्ट्र की सियासत में हलचल, राज ठाकरे बोले- मैं कल CM से मिल सकता हूं


    नई दिल्‍ली ।  राज ठाकरे ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से अपनी हालिया मुलाकात को लेकर उठे राजनीतिक कयासों पर साफ प्रतिक्रिया दी है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकरे ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि दो नेताओं की हर मुलाकात को राजनीतिक चश्मे से देखना ठीक नहीं है। उन्होंने कहा चुनाव खत्म हो चुके हैं। यदि राज्य के हित में सकारात्मक काम करने हैं, तो क्या हमें एक-दूसरे से नहीं मिलना चाहिए? मैं कल मुख्यमंत्री से भी मिल सकता हूं। महाराष्ट्र के कई अहम मुद्दे हैं, उन्हीं पर चर्चा के लिए उनसे मिलूंगा। अगर आप वहां होते, तो आपसे भी यही बात करता।

    उन्‍होंने विकास की परिभाषा पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि सिर्फ सड़कें बनाना ही डेवलपमेंट नहीं है। उन्‍होंने कहा कि शहरों की हालत ऐसी हो गई है मानो उन पर सूजन आ गई हो, जगह वही है, सड़कें वही हैं, लेकिन आबादी और वाहनों की संख्या बेतहाशा बढ़ चुकी है। उन्होंने खास तौर पर पार्किंग की अव्यवस्था को गंभीर समस्या बताया। इमारतों में पार्किंग की जगह होने के बावजूद गाड़ियां सड़कों पर खड़ी कर दी जाती हैं, जिससे यातायात और भी बदहाल होता है।

    राज ठाकरे ने शहरी अव्यवस्था पर उठाए सवाल

    राज ठाकरे ने शहरी भीड़ और अव्यवस्था को लेकर कड़ी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि शहरों में जो लोग रोजगार या अन्य कारणों से आते हैं, वे वापस नहीं लौटते, जिससे बुनियादी ढांचे पर लगातार दबाव बढ़ रहा है। इस मुद्दे पर उन्होंने प्रशासनिक अधिकारी भूषण गगरानी से भी फोन पर चर्चा करने की बात कही।

    मनसे प्रमुख ने ओला-उबर जैसी कैब सेवाओं का जिक्र करते हुए कहा कि पार्किंग और यातायात नियमों को लेकर अनुशासन की कमी साफ दिखती है। उन्‍होंने कहा जब तक नियम तोड़ने वालों से सख्ती से जुर्माना नहीं वसूला जाएगा, तब तक शहरों में व्यवस्था बहाल नहीं हो सकती। उन्होंने व्यवस्था पर तीखा तंज कसते हुए कहा कि हालात ऐसे हो गए हैं मानो बाड़ ही खेत को खा रही हो। उन्‍होंने सवाल उठाया कि जिन लोगों द्वारा कागजात और अनुमति दी जाती है, उन पर जवाबदेही कब तय होगी?

    आगे उन्होंने कहा कि क्या राज्य को यह तय नहीं करना चाहिए कि किसी शहर की क्षमता कितनी है और वहां कितनी आबादी रह सकती है? उन्‍होंने कहा कि अनियंत्रित शहरीकरण से शहरों की स्थिति बिगड़ती जा रही है। एक नागरिक और विपक्षी नेता होने के नाते इन मुद्दों पर बोलना उनकी जिम्मेदारी है। राज ठाकरे ने यह भी कहा कि पहले चुनाव के बाद नेता आपसी मतभेद भुलाकर संवाद करते थे, लेकिन अब राजनीतिक दूरी बढ़ती जा रही है। उन्‍होंने कहा कि केवल अलग-थलग रहकर समस्याओं का समाधान नहीं निकलेगा, संवाद और समन्वय जरूरी है।

  • BMC चुनाव 2026: 22 शहरों में जीरो, मुंबई में भी दहाई का आंकड़ा नहीं, MNS का करारी हार का अलार्म, राज ठाकरे की पार्टी बेहाल

    BMC चुनाव 2026: 22 शहरों में जीरो, मुंबई में भी दहाई का आंकड़ा नहीं, MNS का करारी हार का अलार्म, राज ठाकरे की पार्टी बेहाल


    नई दिल्ली। महाराष्ट्र में BMC समेत 29 नगर निगम क्षेत्रों के 2869 वार्डों के लिए हुए चुनाव में बीजेपी और उसके गठबंधन ने निर्णायक बढ़त बनाई है। बीएमसी में पहली बार बीजेपी बहुमत की ओर बढ़ती दिख रही है, जबकि एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने 282 वार्डों में बढ़त दर्ज की है।

    राज ठाकरे की पार्टी MNS का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा। मुंबई की 227 सीटों में MNS केवल 5 सीटों पर बढ़त दर्ज कर पा रही है। कल्याण-डोंबिवली में 122 सीटों में सिर्फ 4 सीट, ठाणे की 131 सीटों में केवल 1 सीट, नासिक की 122 सीटों में सिर्फ 2 सीट और नवी मुंबई की 1 सीट पर ही पार्टी आगे है।

    पूरे महाराष्ट्र में MNS को केवल 12 सीटें मिलीं, जबकि 22 शहरों में पार्टी का खाता तक नहीं खुला। इन शहरों में पुणे, नागपुर, कोल्हापुर, सांगली-मिरज, मीरा-भायंदर, वसई-विरार, भिवंडी, पनवेल, परभणी, जलगांव, धुले, नांदेड़, लातूर, अमरावती, अकोला और चंद्रपुर शामिल हैं।

    बीजेपी गठबंधन का प्रदर्शन जोरदार रहा। बीजेपी ने 1064 वार्डों में बढ़त बनाई, वहीं एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने 282 वार्डों में बढ़त दर्ज की। कांग्रेस को 222 सीटें मिली हैं।
    मुंबई में ठाकरे ब्रदर्स ने साथ आकर चुनाव लड़ा, लेकिन MNS को केवल 5 सीटें ही मिलीं।

    पुणे और नासिक में राज ठाकरे ने खास जोर लगाया था, लेकिन परिणाम बेहद कमजोर रहे।
    विश्लेषकों का कहना है कि बीजेपी और शिंदे की शिवसेना ने महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव में अपनी पकड़ मजबूत कर दी है। दूसरी ओर, MNS और उद्धव की शिवसेना का प्रदर्शन निराशाजनक रहा, जिससे राज ठाकरे की राजनीतिक चमक पर सवाल खड़े हो गए हैं।
    इस चुनाव से यह साफ हो गया है कि महाराष्ट्र में बीजेपी गठबंधन की ताकत और विस्तार लगातार बढ़ रहा है, जबकि MNS अब सिर्फ कुछ शहरों तक ही सीमित नजर आ रही है।
  • BMC मतदान 2026: सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, मतदाताओं के लिए पिंक बूथ और वरिष्ठ नागरिक टीमें..

    BMC मतदान 2026: सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, मतदाताओं के लिए पिंक बूथ और वरिष्ठ नागरिक टीमें..


    नई दिल्ली। महाराष्ट्र में बीएमसी चुनाव 2026 के लिए मतदान सुबह से जारी है और यह शाम 5:30 बजे तक चलेगा। मुंबई समेत राज्य की 29 महानगरपालिकाओं में मतदान होना है, जिसमें बृहन्मुंबई नगर निगमBMC विशेष रूप से राजनीतिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है। मुंबई के 227 वार्डों में कुल 1,700 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं जबकि शहर के 1.03 करोड़ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकते हैं।मतदान के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई है। मुंबई पुलिस ने जगह-जगह बैरिकेडिंग लगाई है, वाहनों की जांच की जा रही है और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए विशेष टीमें तैनात की गई हैं। मतदाताओं की सुविधा के लिए महिलाओं द्वारा संचालित पिंक पोलिंग बूथ बनाए गए हैं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए मदद के विशेष प्रबंध किए गए हैं।

    मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उनके परिवार ने मतदान कर अपनी स्याही लगी उंगलियां दिखाई। फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस ने जनता से मतदान करने की अपील की। इसी तरह, वरिष्ठ अधिवक्ता और राज्यसभा सांसद उज्ज्वल निकम ने मतदान के बाद अपने अनुभव साझा किए और मुंबई में पहली बार वोट डालने का महत्व बताया।बॉलीवुड सेलेब्स और राजनीतिक दिग्गज भी मतदान में सक्रिय रहे। सलमान खान के पिता और प्रसिद्ध लेखक सलीम खान ने माउंट मेरी चर्च में पोलिंग बूथ पर वोट डाला। शिवसेनायूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे, उनकी पत्नी रश्मि और बेटे आदित्य ठाकरे भी मतदान केंद्र पहुंचे। मुंबई में एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे अपने परिवार के साथ वोट डालने पहुंचे और उन्होंने मार्कर पेन से मतदान के तरीके पर सवाल उठाए, साथ ही मतदान प्रक्रिया में हेराफेरी की चेतावनी दी।

    मतदाता अनुभव और शिकायतें

    कुछ मतदाताओं ने मतदान के दौरान समस्याओं की शिकायत की। शिवसेनायूबीटी सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने बताया कि उनका नाम मतदाता सूची में नहीं था और उन्हें दूसरे पोलिंग सेंटर पर भेजा गया। इसके अलावा, कल्याण से एमएनएस उम्मीदवार उर्मिला तांबे ने आरोप लगाया कि उंगलियों पर लगी स्याही मिटाने की शिकायतें सत्ताधारी पार्टी की मदद के लिए हो रही हैं।हालांकि निर्वाचन आयोग के पीआरओ ने बताया कि मार्कर पेन का इस्तेमाल नई बात नहीं है। आयोग ने कहा कि 2012 से यह तरीका अपनाया जा रहा है और स्थानीय निकाय चुनावों में मतदान के बाद उंगलियों पर निशान लगाने के लिए पारंपरिक रूप से मार्कर पेन का उपयोग किया जाता है।मतगणना 16 जनवरी 2026 को होगी। सुरक्षा, पारदर्शिता और मतदाता सुविधा को लेकर किए गए कदमों के बावजूद चुनाव में बढ़ते राजनीतिक दाव-पेंच और मतदान प्रक्रिया पर उठ रहे सवाल चर्चा का केंद्र बने हुए हैं।

  • फर्जी मतदान करने वालों से निपटेंगे उद्धव और राज ठाकरे

    फर्जी मतदान करने वालों से निपटेंगे उद्धव और राज ठाकरे


    मुंबई। शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत के एक बयान ने मंगलवार को नगर निकाय चुनावों में संभावित हिंसा को लेकर चिंता बढ़ा दी। उन्होंने घोषणा की कि नगर निकाय चुनावों के लिए 15 जनवरी को होने वाले मतदान के दिन उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी और मनसे के कार्यकर्ताओं का एक संयुक्त दस्ता गठित किया जाएगा, जिसका काम दोहरा और फर्जी मतदान करने वालों की पिटाई करना होगा।

    राउत की धमकी मुंबई और अन्य नगर निकायों के चुनावों के लिए प्रचार के दौरान महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) अध्यक्ष राज ठाकरे द्वारा की गई सार्वजनिक अपील के बाद आई है।

    भाजपा और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के बढ़ते प्रभाव के बीच मुंबई के गढ़ की रक्षा के लिए मनसे और शिवसेना (UBT) ने गठबंधन किया है।

    शिवसेना (UBT) के नेता ने यहां पत्रकारों से कहा, “हमने (शिवसेना-UBT और MNS) एक टीम बनाई है, जो 15 जनवरी को सुबह सात बजे से सक्रिय हो जाएगी। जैसे ही क्षेत्रवार दोहरे मतदाताओं की जानकारी दस्ते को मिलेगी, संयुक्त टीम ऐसे मतदाताओं से उचित तरीके से निपटेगी।” राउत की यह चेतावनी 29 नगर निकायों के चुनावों के लिए जारी जोरदार प्रचार अभियान की पृष्ठभूमि में आई है, जिसमें एक तरफ भाजपा और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना व दूसरी तरफ मुंबई महानगर क्षेत्र में शिवसेना (उबाठा)-मनसे गठबंधन के बीच तीखी तकरार देखने को मिली है।

    विपक्ष ने राज्य निर्वाचन आयोग के समक्ष फर्जी और दोहरी मतदाता सूची का मुद्दा आक्रामक रूप से उठाया था और मतदाता सूची में कथित विसंगतियों को दूर करने की मांग की थी। राउत से जब दोहरी मतदाता होने का दावा करके व्यक्तियों पर हमला करने के बाद के कानूनी परिणामों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने तर्क दिया कि कानून के दायरे में न आने वालों को पीटना कानून और व्यवस्था की स्थिति भंग करने के बराबर नहीं है। राउत ने पूछा, ‘क्या फर्जी मतदान कानून और व्यवस्था की परिभाषा में आता है?’
  • मैं तुम्हें लात मारूंगा, UP और बिहार के लोगों को राज ठाकरे की चेतावनी; और क्या कहा

    मैं तुम्हें लात मारूंगा, UP और बिहार के लोगों को राज ठाकरे की चेतावनी; और क्या कहा

    महाराष्ट्र। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश और बिहार के अप्रवासियों को लेकर विवादित बयान दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर महाराष्ट्र में रह रहे अन्य राज्यों के लोग स्थानीय भाषा हिंदी का सम्मान नहीं करेंगे, तो उन्हें ‘लात मारकर’ बाहर किया जाएगा। इस बयान के साथ ही राज ठाकरे ने भाषा संरक्षण और स्थानीय अधिकारों पर अपनी सख्त नीति को स्पष्ट किया। रविवार को उन्होंने अपने चचेरे भाई और शिवसेना के वरिष्ठ नेता उद्धव ठाकरे के साथ मिलकर मुंबई में एक रैली में हिस्सा लिया। ध्यान रहे कि बृह्नमुंबई महानगरपालिका चुनाव 15 जनवरी को होने जा रहे हैं, ऐसे में यह बयान चुनावी माहौल को और गर्मा सकता है।

    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे ने अपने बयान को और तीखा करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश और बिहार से आने वाले लोगों को यह समझना चाहिए कि हिंदी उनकी मातृभाषा नहीं है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, “मुझे किसी भाषा से नफरत नहीं है, लेकिन अगर हिंदी को जबरन थोपा गया, तो मैं आपको लात मारकर बाहर कर दूंगा।”

    राज ठाकरे ने यह भी आरोप लगाया कि बाहर से आने वाले लोग हर दिशा से महाराष्ट्र में प्रवेश कर रहे हैं और यहां के स्थानीय लोगों का हक छीन रहे हैं। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर महाराष्ट्र की जमीन और भाषा दोनों हाथ से निकल गईं, तो यहां के मूल निवासियों का अस्तित्व ही खतरे में पड़ जाएगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब राज्य में राजनीतिक माहौल पहले से ही गर्म है और भाषा व पहचान का मुद्दा एक बार फिर केंद्र में आ गया है।

    राज ठाकरे ने अपने संबोधन में भावनात्मक और सख्त लहजे में कहा कि यह चुनाव मराठी मानुष के लिए आखिरी मौका है। उन्होंने चेतावनी दी, “अगर आज भी मौका चूक गए, तो फिर खत्म हो जाओगे। मराठी और महाराष्ट्र के अस्तित्व के लिए अब एकजुट होने का समय है।” उन्होंने कहा कि मुंबई यूं ही नहीं मिली, इसके पीछे कई लोगों की कुर्बानियां हैं, और अगर आज चुप रहे तो आने वाली पीढ़ियों को क्या जवाब देंगे।

    इसके साथ ही राज ठाकरे ने पार्टी कार्यकर्ताओं को सख्त निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि सुबह 6 बजे से तैनात बीएलए पूरी तरह तैयार, अलर्ट और चौकस रहें, किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अगर कोई व्यक्ति दोबारा वोट डालने की कोशिश करता है, तो उसे तुरंत बाहर कर दिया जाए। यह बयान चुनावी माहौल में और अधिक तीखापन ले आया है और महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल बढ़ा रहा है।
    राज ठाकरे ने रैली में तीखे और भावनात्मक अंदाज़ में कहा कि यह चुनाव मराठी मानुष के अस्तित्व की लड़ाई है। उन्होंने चेतावनी भरे शब्दों में कहा, “अगर अब भी मौका हाथ से निकल गया, तो फिर सब खत्म हो जाएगा। मराठी और महाराष्ट्र को बचाने के लिए आज एकजुट होना ही होगा।” उन्होंने याद दिलाया कि मुंबई किसी एक की नहीं, बल्कि बलिदानों से बनी है, और अगर आज आवाज़ नहीं उठाई गई तो आने वाली पीढ़ियों को जवाब देना मुश्किल हो जाएगा।

    इसके साथ ही राज ठाकरे ने पार्टी कार्यकर्ताओं को सख्त संदेश देते हुए कहा कि सुबह 6 बजे से तैनात बीएलए पूरी मुस्तैदी से ड्यूटी पर रहें, पूरी तरह अलर्ट और चौकस रहें, किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने दो टूक कहा कि अगर कोई व्यक्ति दोबारा वोट डालने की कोशिश करता है, तो उसे तुरंत बाहर किया जाए। राज ठाकरे के इस बयान ने चुनावी माहौल को और गरमा दिया है और महाराष्ट्र की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है