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  • रीवा में नवविवाहिता की संदिग्ध मौत, ससुराल पहुंचने के 24 घंटे के भीतर पति पर हत्या का आरोप..

    रीवा में नवविवाहिता की संदिग्ध मौत, ससुराल पहुंचने के 24 घंटे के भीतर पति पर हत्या का आरोप..

    मध्य प्रदेश के रीवा में एक नवविवाहिता की गंभीर चोटों के चलते उपचार के दौरान मौत हो गई। महिला को गंभीर हालत में संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। उसके शरीर पर कई जगह धारदार हथियार से किए गए वार के निशान मिले हैं। मृतका की मां ने अपने दामाद पर बेटी की हत्या करने का आरोप लगाया है।

    मृतका की पहचान काजल साकेत के रूप में हुई है। उसका मायका मझगवां में बताया गया है। परिजनों के अनुसार काजल का विवाह 18 अप्रैल 2025 को मैहर जिले के मिरगौती निवासी राजेंद्र साकेत के साथ हुआ था। शनिवार सुबह करीब 11 बजे काजल को उसके मिरगौती स्थित ससुराल पहुंचाया गया था।

    परिजनों का कहना है कि ससुराल पहुंचने के कुछ ही समय बाद काजल का मोबाइल फोन बंद हो गया। इससे मायके पक्ष को चिंता हुई और उन्हें किसी अनहोनी की आशंका होने लगी। कुछ समय बाद एक अन्य व्यक्ति के माध्यम से परिजनों को जानकारी मिली कि काजल के साथ गंभीर मारपीट हुई है और उसे इलाज के लिए रीवा के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    जानकारी मिलने के बाद काजल की मां अनूपा साकेत अस्पताल पहुंचीं। वहां उन्होंने बेटी को गंभीर हालत में देखा। परिजनों के अनुसार काजल के सिर पर गंभीर चोट थी। इसके अलावा नाक, दोनों हाथों, पैरों, कंधे और पेट सहित शरीर के कई हिस्सों पर धारदार हथियार से वार के निशान मिले।

    गंभीर चोटों और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण काजल की हालत बेहद नाजुक बनी हुई थी। अस्पताल में चिकित्सकीय उपचार के दौरान कुछ ही घंटों बाद उसकी मौत हो गई। घटना की जानकारी सामने आने के बाद अस्पताल परिसर में भी लोगों की भीड़ जुट गई।

    मृतका की मां ने आरोप लगाया है कि उसके पति राजेंद्र साकेत ने विवाद के बाद धारदार हथियार से काजल पर हमला किया। मायके पक्ष का कहना है कि घटना के बाद ससुराल पक्ष ने उन्हें तत्काल जानकारी नहीं दी और उन्हें दूसरे व्यक्ति के माध्यम से बेटी के अस्पताल में भर्ती होने की खबर मिली।

    घटना की सूचना मिलने के बाद अस्पताल चौकी पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लिया और मर्ग कायम किया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सुरक्षित रखवाया गया। पुलिस ने मामले से जुड़े तथ्यों को जुटाने और घटना की परिस्थितियों की जांच शुरू कर दी है।

    चूंकि घटना मैहर जिले के मिरगौती क्षेत्र से संबंधित बताई जा रही है, इसलिए मामले की जांच में संबंधित थाना पुलिस के साथ समन्वय किया जा रहा है। पुलिस घटनास्थल से जुड़े तथ्यों और उपलब्ध जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।

    पुलिस की जांच में मृतका के मायके पक्ष के बयान, चोटों की प्रकृति और पोस्टमार्टम रिपोर्ट महत्वपूर्ण मानी जा रही है। फिलहाल हत्या के आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगी। मामले में आरोपी पति समेत संबंधित लोगों से पूछताछ की प्रक्रिया जारी है।

  • रीवा में दिग्विजय सिंह ने संजय गांधी अस्पताल मामले पर किया प्रदर्शन, स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल से इस्तीफे की मांग

    रीवा में दिग्विजय सिंह ने संजय गांधी अस्पताल मामले पर किया प्रदर्शन, स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल से इस्तीफे की मांग


    मध्य प्रदेश:
    के रीवा में कांग्रेस की ओर से आयोजित धरने में पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह शामिल हुए। यह प्रदर्शन संजय गांधी अस्पताल में कल्पना मिश्रा और उनके नवजात बच्चे की मौत के विरोध में आयोजित किया गया था। धरने के दौरान दिग्विजय सिंह ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर सरकार पर गंभीर सवाल उठाए।

    दिग्विजय सिंह देर रात रीवा पहुंचे और जयस्तंभ चौराहे पर चल रहे कांग्रेस के धरने में शामिल हुए। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यदि स्वास्थ्य मंत्री को इस मामले के लिए जिम्मेदार नहीं माना जाएगा तो फिर जिम्मेदारी किसकी तय की जाएगी।

    उन्होंने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। दिग्विजय सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री अपने गृह जिले रीवा में भी स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था को बेहतर नहीं कर पा रहे हैं। उनके मुताबिक, जिस अस्पताल को क्षेत्र की प्रमुख स्वास्थ्य संस्था माना जाता है, वहां लगातार गंभीर घटनाएं सामने आना प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।

    संजय गांधी अस्पताल को लेकर उन्होंने कई मुद्दे उठाए। दिग्विजय सिंह ने अस्पताल में कथित तौर पर जीवित व्यक्ति के पोस्टमार्टम की कोशिश के पुराने मामले का उल्लेख करते हुए मौजूदा घटना से इसे जोड़ा। उन्होंने कहा कि एक ओर ऐसी गंभीर लापरवाही के आरोप सामने आते हैं और दूसरी ओर प्रसूता तथा नवजात की मौत जैसी घटनाएं चिंता बढ़ाती हैं।

    दिग्विजय सिंह ने अस्पताल में डॉक्टरों और नर्सिंग व्यवस्था की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि क्या स्वास्थ्य विभाग में हुई भर्तियों और प्रशिक्षण व्यवस्था में रही खामियों का असर मरीजों को मिलने वाली सेवाओं पर पड़ रहा है। उन्होंने नर्सिंग भर्तियों में कथित अनियमितताओं का उल्लेख करते हुए सरकार से व्यवस्था की जवाबदेही तय करने की मांग की।

    उन्होंने कहा कि वर्ष 2004 से प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है और इस दौरान नर्सिंग क्षेत्र में कई विवाद सामने आए हैं। उनके अनुसार, भर्ती प्रक्रिया और स्वास्थ्य संस्थानों की व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा नहीं होने से गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं। हालांकि उनके लगाए आरोपों पर संबंधित पक्ष का जवाब इस घटनाक्रम में सामने नहीं आया है।

    कांग्रेस नेता ने कहा कि पार्टी की लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं है, बल्कि मरीजों और आम लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए है। उन्होंने सरकार से स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार के साथ जिम्मेदार अधिकारियों और विभागीय स्तर पर जवाबदेही तय करने की मांग की।

    इस बीच कल्पना मिश्रा के पिता भी रीवा के सिरमौर चौराहे पर अलग से धरने पर बैठे हैं। बेटी और नवजात की मौत के मामले में परिवार की ओर से जवाबदेही और न्याय की मांग की जा रही है। दो अलग-अलग स्थानों पर चल रहे धरनों के कारण यह मामला स्थानीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है।

    रीवा में सामने आए इस घटनाक्रम ने सरकारी अस्पतालों में प्रसूति सेवाओं, चिकित्सकीय निगरानी और नर्सिंग व्यवस्था को लेकर बहस तेज कर दी है। अब मामले में प्रशासनिक स्तर पर होने वाली कार्रवाई और अस्पताल की व्यवस्थाओं की समीक्षा महत्वपूर्ण होगी। साथ ही, मौत के वास्तविक कारणों और जिम्मेदारी से जुड़े तथ्यों की स्पष्टता जांच और आधिकारिक निष्कर्षों के बाद ही सामने आएगी।

  • गांधी मेडिकल कॉलेज में पूर्व छात्रों का बड़ा तोहफा, उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने किया एरीना का उद्घाटन

    गांधी मेडिकल कॉलेज में पूर्व छात्रों का बड़ा तोहफा, उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने किया एरीना का उद्घाटन


    भोपाल। गांधी मेडिकल कॉलेज भोपाल के 71वें स्थापना दिवस समारोह में मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने पूर्व छात्रों के सहयोग से तैयार किए गए आधुनिक फुटसल स्पोर्ट्स एरीना का लोकार्पण किया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा से जुड़े अधिकारी, चिकित्सक, शिक्षक, पूर्व छात्र और विद्यार्थी मौजूद रहे।

    उप मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा के साथ स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत किया जा रहा है। एमबीबीएस, स्नातकोत्तर और विशेषज्ञ चिकित्सा शिक्षा की सीटों में लगातार वृद्धि के प्रयास किए जा रहे हैं।

    उन्होंने कहा कि प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक स्तर की स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त करने के साथ सुपर स्पेशियलिटी सुविधाओं का विस्तार भी किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य प्रदेशवासियों को अत्याधुनिक और विशेषज्ञ उपचार की सुविधा राज्य के भीतर उपलब्ध कराना है, ताकि बेहतर इलाज के लिए लोगों को दूसरे राज्यों का रुख न करना पड़े।

    राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि बदलती परिस्थितियों में बीमारियों का बोझ बढ़ रहा है। ऐसे में स्वास्थ्य व्यवस्था को केवल बीमारी के उपचार तक सीमित नहीं रखा जा सकता। बीमारी की रोकथाम, स्वस्थ जीवनशैली, स्वच्छता, पोषण और स्वास्थ्य जागरूकता को भी समान महत्व देना जरूरी है।

    उन्होंने सामाजिक संगठनों, संस्थाओं और जागरूक नागरिकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि सरकारी प्रयासों को प्रभावी बनाने में समाज की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने गांधी मेडिकल कॉलेज एलुमनाई एसोसिएशन के लगातार सहयोग की सराहना की और कहा कि पूर्व छात्रों का अपनी संस्था से जुड़ाव वर्तमान विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायी है।

    विश्व अंगदान दिवस के अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने नागरिकों से अंगदान का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अंगदान किसी जरूरतमंद को नया जीवन देने का माध्यम बन सकता है। उन्होंने इस अभियान को व्यापक जनभागीदारी से जनआंदोलन का रूप देने की जरूरत बताई।

    कार्यक्रम के दौरान गांधी मेडिकल कॉलेज में मल्टीडिसिप्लिनरी ट्यूमर बोर्ड का भी शुभारंभ किया गया। इसके तहत कैंसर उपचार से जुड़े अलग-अलग विभागों के विशेषज्ञ मिलकर मरीज के मामले पर विचार करेंगे और उपचार की समन्वित रणनीति तैयार करेंगे। इससे मरीजों को अलग-अलग विभागों के बीच भटकने की आवश्यकता कम होने और उपचार प्रक्रिया अधिक प्रभावी बनने की उम्मीद है।

    राज्य मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए संसाधनों का विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने चिकित्सकों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और स्वास्थ्यकर्मियों से सेवा भावना के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का आह्वान किया।

    एलुमनाई एसोसिएशन ने स्थापना दिवस पर करीब 9,000 वर्गफुट क्षेत्र में निर्मित आधुनिक फुटसल स्पोर्ट्स एरीना कॉलेज को समर्पित किया। इसकी अनुमानित लागत करीब 35 लाख रुपये बताई गई। इसे विद्यार्थियों में फिटनेस, टीमवर्क, अनुशासन और तनावमुक्त जीवनशैली को बढ़ावा देने की दिशा में उपयोगी पहल माना गया।

    एलुमनाई एसोसिएशन ने कॉलेज और छात्र हित के भविष्य के विकास कार्यों के लिए करीब एक करोड़ रुपये का स्थायी कॉर्पस फंड भी तैयार किया है। समारोह में स्वच्छता जागरूकता प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। स्थापना दिवस पर कॉलेज के वर्तमान और पूर्व विद्यार्थियों, शिक्षकों तथा चिकित्सकों को शुभकामनाएं देते हुए संस्थान की निरंतर प्रगति की कामना की गई।