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  • गिट्टी हटाने को लेकर परिवार में बवाल, महिला पर फावड़े से हमले का आरोप

    गिट्टी हटाने को लेकर परिवार में बवाल, महिला पर फावड़े से हमले का आरोप


    राजगढ़ । राजगढ़ जिले के कांगनीखेड़ा गांव में पारिवारिक विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। गिट्टी हटाने को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद इतना बढ़ गया कि एक महिला ने अपने देवर, देवरानी और सास पर मारपीट, अभद्रता और जेवर छीनने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। घटना के बाद पीड़िता अपने पति के साथ थाने पहुंची और शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    पीड़िता सुनीता बाई बैरागी ने आरोप लगाया कि घटना दोपहर करीब एक बजे की है। वह अपने घर के सामने खड़ी थी, तभी उसका देवर राजू बैरागी वहां गिट्टी लेने पहुंचा और उसे हटने के लिए कहा। सुनीता के मुताबिक उसने कहा कि वह पहले से ही किनारे खड़ी है, लेकिन इसी बात को लेकर विवाद शुरू हो गया।

    महिला का आरोप है कि थोड़ी ही देर में देवरानी सुमित्रा बाई और उसकी सास भी मौके पर आ गईं और तीनों ने मिलकर गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर विवाद और बढ़ गया। पीड़िता के अनुसार देवर राजू ने पीछे से फावड़े से हमला किया, जबकि सुमित्रा ने उसका गला पकड़ लिया। बीच-बचाव करने आए उसके बेटे के साथ भी मारपीट की गई।

    सुनीता बाई ने आरोप लगाया कि हमले के दौरान आरोपियों ने उसके दो मंगलसूत्र और नाक की बाली छीन ली। महिला का कहना है कि मारपीट के दौरान उसके कपड़े भी फाड़ दिए गए। उसने आरोप लगाया कि देवर राजू ने उसके ब्लाउज के बटन तोड़ दिए, जिससे उसकी बेइज्जती हुई।

    पीड़िता ने कहा कि जिस देवर को उसने हमेशा बेटे की तरह माना, उसी ने उसके साथ ऐसा व्यवहार किया। घटना के बाद परिवार में तनाव का माहौल बना हुआ है।

    पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 296(बी), 115(2), 351(3) और 3(5) के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • नई रेलवे लाइन पर ड्यूटी के दौरान ट्रक की टक्कर से मचा हड़कंप

    नई रेलवे लाइन पर ड्यूटी के दौरान ट्रक की टक्कर से मचा हड़कंप


    राजगढ़ । राजगढ़ में नई रेलवे लाइन पर गश्त कर रहे रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के दो जवान गुरुवार देर रात सड़क हादसे का शिकार हो गए। जालपा माता मंदिर की पहाड़ी के पास एक तेज रफ्तार अज्ञात ट्रक ने उनकी बाइक को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में दोनों जवान गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद राजस्थान के झालावाड़ रेफर किया गया है। वहां उनका इलाज जारी है।

    घायल जवानों की पहचान पवन उपाध्याय और ओमवीर सिंह जाट के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि पवन उपाध्याय झालावाड़ रेलवे स्टेशन पर जबकि ओमवीर सिंह जाट रामगंजमंडी रेलवे स्टेशन पर पदस्थ हैं। राजगढ़ क्षेत्र में नई रेलवे लाइन शुरू होने के बाद दोनों जवानों की ड्यूटी रेलवे ट्रैक की पेट्रोलिंग और सुरक्षा निगरानी के लिए लगाई गई थी।

    जानकारी के अनुसार दोनों जवान बाइक से रेलवे ट्रैक क्षेत्र की निगरानी करते हुए जालपा माता मंदिर मार्ग से गुजर रहे थे। इसी दौरान पीछे से आए तेज रफ्तार अज्ञात ट्रक ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों जवान सड़क पर दूर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए।

    हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत घायलों को संभाला और उन्हें राजगढ़ जिला अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद दोनों की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए झालावाड़ रेफर कर दिया।

    घटना की सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल के अधिकारी अस्पताल पहुंचे और घायल जवानों का हालचाल जाना। पुलिस ने अज्ञात ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि आरोपी वाहन और चालक की पहचान की जा सके।

    इस हादसे के बाद नई रेलवे लाइन क्षेत्र में सुरक्षा ड्यूटी के दौरान जवानों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने तेज रफ्तार वाहनों पर कार्रवाई और मार्ग पर सुरक्षा इंतजाम बढ़ाने की मांग की है।

  • वेतन न मिलने से भड़के स्वास्थ्य कर्मचारी, कलेक्ट्रेट पर किया प्रदर्शन

    वेतन न मिलने से भड़के स्वास्थ्य कर्मचारी, कलेक्ट्रेट पर किया प्रदर्शन


    राजगढ़ । राजगढ़ में तीन महीने से वेतन नहीं मिलने से नाराज स्वास्थ्य कर्मचारियों का गुस्सा शुक्रवार को सड़कों पर दिखाई दिया। जिलेभर के स्वास्थ्य कर्मियों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और नारेबाजी करते हुए जल्द भुगतान की मांग उठाई। कर्मचारियों ने साफ चेतावनी दी कि यदि सोमवार तक लंबित वेतन जारी नहीं किया गया तो मंगलवार से जिलेभर में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।

    सुबह 10 बजे से ही जिले के अलग-अलग स्वास्थ्य संस्थानों से कर्मचारी कलेक्ट्रेट पहुंचने लगे थे। प्रदर्शन में नियमित, संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों के साथ आशा कार्यकर्ता, आशा सुपरवाइजर और उषा कार्यकर्ताओं ने भी बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वे लगातार अस्पतालों और गांवों में स्वास्थ्य सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें समय पर वेतन नहीं मिल रहा, जिससे परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

    कर्मचारियों ने बताया कि तीन महीने से वेतन नहीं मिलने के कारण बच्चों की स्कूल फीस जमा नहीं हो पा रही है। बैंक की किस्तें रुक गई हैं और घर का खर्च चलाने के लिए उधार लेना पड़ रहा है। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का आरोप था कि विभागीय प्रक्रियाओं और फाइलों में उलझे भुगतान का खामियाजा उन्हें और उनके परिवारों को भुगतना पड़ रहा है।

    सुरेश पटेल ने कहा कि स्वास्थ्य कर्मचारी हर परिस्थिति में अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं, लेकिन प्रशासन उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहा। उन्होंने कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो जिलेभर की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होंगी, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

    प्रदर्शन के बाद कर्मचारियों ने डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा को ज्ञापन सौंपा। कलेक्टर ने कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए सोमवार तक समाधान निकालने का आश्वासन दिया है।

    प्रदर्शन में भारतीय मजदूर संघ के पदाधिकारी, स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के कार्यकारी अध्यक्ष चेतन साहू, सीएमएचओ कार्यालय के अधिकारी-कर्मचारी, आरबीएसके डॉक्टर, सीएचओ, बीसीएम, बीपीएम, आउटसोर्स कर्मचारी, आशा और उषा कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

    स्वास्थ्य कर्मचारियों की चेतावनी के बाद अब जिले में स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। यदि समय पर वेतन भुगतान नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में अस्पतालों और ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं पर बड़ा संकट खड़ा हो सकता है।

  • राजगढ़ में खरीदी केंद्रों पर बढ़ेगी निगरानी, ई-केवाईसी में तेजी लाने के आदेश

    राजगढ़ में खरीदी केंद्रों पर बढ़ेगी निगरानी, ई-केवाईसी में तेजी लाने के आदेश


    विदिशा। राजगढ़ जिले में गेहूं उपार्जन के दौरान किसानों को भुगतान में हो रही देरी और तकनीकी समस्याओं को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। शुक्रवार को आयोजित जिला उपार्जन समिति की बैठक में कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों के भुगतान में किसी भी तरह की लापरवाही या अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।

    बैठक के दौरान कलेक्टर ने उन मामलों की समीक्षा की, जिनमें तकनीकी कारणों से भुगतान अटक गया है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि ऐसे किसानों की तुरंत ई-केवाईसी कराई जाए और आवश्यकता पड़ने पर बैंक खाते में सुधार या खाता परिवर्तन की प्रक्रिया भी प्राथमिकता के आधार पर पूरी की जाए, ताकि किसानों को जल्द से जल्द भुगतान मिल सके।

    कलेक्टर मिश्रा ने कहा कि गेहूं उपार्जन केवल सरकारी प्रक्रिया नहीं, बल्कि किसानों की मेहनत और आजीविका से जुड़ा संवेदनशील विषय है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि किसानों को परेशान करने वाली किसी भी लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा। साथ ही सभी खरीदी केंद्रों की लगातार निगरानी करने और लंबित मामलों का तत्काल निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

    बैठक में खरीदी केंद्रों पर रखे गेहूं के परिवहन और भंडारण व्यवस्था की भी विस्तृत समीक्षा की गई। कई केंद्रों पर अब तक गेहूं का उठाव पूरा नहीं होने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई। उन्होंने परिवहन एजेंसियों और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर परिवहन कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए, ताकि खरीदी केंद्रों पर भंडारण का दबाव कम हो सके और व्यवस्था सुचारु बनी रहे।

    बैठक के दौरान जिला उपार्जन समिति के सदस्यों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने उपार्जन कार्यों की प्रगति, किसानों को किए गए भुगतान और परिवहन व्यवस्था की वर्तमान स्थिति पर चर्चा की। प्रशासन का कहना है कि किसानों की समस्याओं का जल्द समाधान कर उपार्जन प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाया जाएगा।

  • राजगढ़ के प्राचीन शनि मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, शनि जयंती पर विशेष पूजा

    राजगढ़ के प्राचीन शनि मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, शनि जयंती पर विशेष पूजा

    राजगढ़। मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के खिलचीपुर नाहरदा क्षेत्र में स्थित प्राचीन शनि मंदिर में शनिवार को आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। 105 साल पुराने इस मंदिर में शनि जयंती और शनिचरी अमावस्या का दुर्लभ संयोग बनने के कारण सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह 11 बजे के बाद मंदिर परिसर पूरी तरह भक्तों से भर गया और दूर-दराज के गांवों के साथ-साथ राजस्थान से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचे।

    जयकारों से गूंजा मंदिर परिसर, चढ़ाया गया तेल और काली उड़द
    पूरे मंदिर परिसर में “जय शनिदेव” के जयकारों और घंटियों की गूंज से वातावरण भक्तिमय हो गया। श्रद्धालु अपने हाथों में सरसों का तेल, काली उड़द, नारियल, दीपक और फूल लेकर कतारों में खड़े होकर दर्शन कर रहे हैं। मंदिर समिति द्वारा इस विशेष अवसर पर शनिदेव का चांदी के आभूषणों से भव्य श्रृंगार किया गया, जो भक्तों के आकर्षण का केंद्र बना रहा।

    श्रद्धा और विश्वास के साथ की गई विशेष पूजा-अर्चना
    इस दुर्लभ संयोग का लाभ लेने के लिए श्रद्धालु अपने परिवार सहित मंदिर पहुंचे और शनिदेव की विशेष पूजा-अर्चना की। भक्तों ने सुख-शांति, व्यापार में उन्नति और शनि दोष से मुक्ति की कामना की। मंदिर में दर्शनार्थियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए व्यवस्थाएं भी सुचारू की गईं ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

    राजगढ़ का यह शनि मंदिर एक बार फिर आस्था और विश्वास का केंद्र बन गया है, जहां दुर्लभ खगोलीय और धार्मिक संयोग ने भक्तों की भारी भीड़ आकर्षित की है।