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  • चंबल राजघाट में अवैध रेत उत्खनन पर वन विभाग और पुलिस की संयुक्त पेट्रोलिंग, टीम को खाली हाथ लौटना पड़ा

    चंबल राजघाट में अवैध रेत उत्खनन पर वन विभाग और पुलिस की संयुक्त पेट्रोलिंग, टीम को खाली हाथ लौटना पड़ा


    चंबल।  अवैध रेत उत्खनन की लगातार शिकायतों के बीच चंबल के राजघाट क्षेत्र में वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने अचानक पेट्रोलिंग की। टीम का मकसद रेत माफियाओं को रंगे हाथों पकड़ना था, लेकिन मौके पर कोई भी ट्रैक्टर-ट्रॉली या लोडर मशीन नहीं मिली, जिससे टीम को बैरंग लौटना पड़ा।

    जानकारी के अनुसार, स्थानीय लोगों और प्रशासनिक शिकायतों के आधार पर वन विभाग और पुलिस ने राजघाट क्षेत्र में छापामार कार्रवाई और पेट्रोलिंग की योजना बनाई थी। हालांकि, पूरी टीम के पहुंचने पर इलाका सुनसान मिला और रेत से जुड़े किसी भी वाहन या गतिविधि के प्रमाण नहीं मिले।

    माफियाओं को पहले ही मिली भनक
    देवरी घड़ियाल सेंचुरी के अधीक्षक श्याम सिंह चौहान ने बताया कि टीम ने राजघाट और चंबल किनारे पेट्रोलिंग की, लेकिन वहाँ कोई अवैध रेत लदे वाहन या मशीन नहीं मिली। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि कार्रवाई की सूचना पहले ही रेत माफियाओं तक पहुंच गई थी, जिसके कारण मौके पर कोई भी वाहन नहीं मिला।

    अधिकारियों का कहना है कि अवैध रेत उत्खनन रोकने के लिए नियमित पेट्रोलिंग और निगरानी जारी रहेगी। हालांकि, इस घटना से यह स्पष्ट हो गया है कि माफिया प्रशासन की छापामारी और निगरानी के प्रति सतर्क हैं।

    प्रशासन की अगली रणनीति
    वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम अब राजघाट और आसपास के इलाकों में और सघन निगरानी करेगी। अधिकारियों ने कहा कि अगले दौर की कार्रवाई में अवैध रेत लदे वाहनों और मशीनों की त्वरित पहचान के लिए ड्रोन और अन्य तकनीकी साधनों का भी उपयोग किया जाएगा।साथ ही, प्रशासन ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अवैध रेत उत्खनन की सूचना तुरंत पुलिस या वन विभाग को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

  • भारत पहुंचे पुतिन: राष्ट्रपति भवन में मिला 21 तोपों की सलामी का सम्मान

    भारत पहुंचे पुतिन: राष्ट्रपति भवन में मिला 21 तोपों की सलामी का सम्मान


    नई दिल्ली /रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन चार साल बाद भारत पहुंचे और उनके आगमन पर राजधानी दिल्ली में पारंपरिक सम्मान के साथ शानदार स्वागत किया गया। राष्ट्रपति भवन में उन्हें 21 तोपों की सलामी दी गई और भारतीय सेना की तीनों सेवाओं ने गार्ड ऑफ ऑनर पेश किया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुतिन का औपचारिक स्वागत किया। इसके बाद थोड़ी ही देर में पुतिन और मोदी राजघाट पहुंचे, जहां दोनों नेताओं ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की

    पुतिन के साथ आए प्रतिनिधिमंडल में सात वरिष्ठ मंत्री शामिल हैं, जिनकी उपस्थिति इस दौरे की अहमियत को दर्शाती है। दोनों देशों के बीच आज दो महत्वपूर्ण बैठकें निर्धारित हैं जिनमें से एक क्लोज़्ड-डोर बैठक होगी। इनके दौरान रक्षा, ऊर्जा, आर्थिक सहयोग और कौशल आधारित भारतीय कामगारों की आवाजाही को आसान बनाने जैसे मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। उम्मीद है कि मुलाकात के दौरान 25 से अधिक द्विपक्षीय समझौतों पर हस्ताक्षर हो सकते हैं, जो भविष्य में भारत-रूस संबंधों को नई मजबूती देंगे।

    राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत के बाद पुतिन का काफिला राजघाट के लिए रवाना हुआ। सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त रखी गई थी और रास्तों को पहले ही खाली करा लिया गया था। राजघाट पर श्रद्धांजलि देने के बाद दोनों नेता हैदराबाद हाउस पहुँचे, जहाँ 23वां भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। यह शिखर सम्मेलन दोनों देशों के बीच दशकों पुराने विश्वास और सहयोग की परंपरा को आगे बढ़ाने का एक और अवसर है।

    पुतिन की यात्रा का एक दिलचस्प पहलू वह सफेद टोयोटा फॉर्च्यूनर सिग्मा-4 भी रही जिसमें पीएम मोदी और पुतिन एयरपोर्ट से प्रधानमंत्री आवास तक साथ बैठे। यह गाड़ी मुंबई के एक एडिशनल पुलिस कमिश्नर के नाम रजिस्टर्ड है और अप्रैल 2024 में पंजीकृत हुई थी। सुरक्षा के लिहाज से पीएम की रेंज रोवर और पुतिन की विशेष सुरक्षा वाली कारें भी काफिले में शामिल थीं।

    फ्लाइटडाटा-24 की रिपोर्ट के अनुसार, पुतिन का विमान Ilyushin Il-96-300 मॉस्को के ज़ुकोवस्की एयरपोर्ट से उड़ा और कजाकिस्तान, कैस्पियन सागर, तुर्कमेनिस्तान, अफगानिस्तान और पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र से होकर राजस्थान के ऊपर भारतीय सीमा में दाखिल हुआ। यह उड़ान मार्ग अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और सुरक्षा के लिहाज से सावधानीपूर्वक तय किया गया था।

    भारत और रूस के बीच रक्षा सहयोग हमेशा ही रिश्तों की मजबूत नींव रहा है। पुतिन ने हाल ही में कहा था कि भारत और रूस का रिश्ता सिर्फ हथियारों की खरीद-फरोख्त का नहीं बल्कि गहरे विश्वास और तकनीकी साझेदारी का है। यह टिप्पणी दोनों देशों के बीच बढ़ते सामरिक सहयोग की ओर संकेत करती है।

    पुतिन के आगमन की पूर्व संध्या पर प्रधानमंत्री मोदी ने एयरपोर्ट पर स्वयं उनका स्वागत कर इस दौरे को विशेष महत्व दिया। दोनों नेताओं ने एक ही गाड़ी में सफर किया और रात में पीएम आवास पर निजी रात्रिभोज हुआ। इस मुलाकात की तस्वीरों और वीडियो को दुनिया भर के मीडिया ने प्रमुखता से दिखाया। अमेरिका यूरोपीय देशों, यूक्रेन और एशियाई मीडिया ने भी इस दौरे के भू-राजनीतिक महत्व पर विशेष रिपोर्ट प्रकाशित की हैं।

    भारत-रूस संबंध एक ऐसे दौर में नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहे हैं जब वैश्विक राजनीति में बदलाव तेजी से हो रहे हैं। यह दौरा न केवल सामरिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि ऊर्जा, व्यापार, कौशल विकास और तकनीकी सहयोग के नए रास्ते भी खोल सकता है।