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  • मामूली GMP के बावजूद HR Hygiene Products IPO में निवेशकों की दिलचस्पी, पहले दिन जोरदार बोली

    मामूली GMP के बावजूद HR Hygiene Products IPO में निवेशकों की दिलचस्पी, पहले दिन जोरदार बोली

    नई दिल्ली। एसएमई आईपीओ बाजार में एचआर हाइजीन प्रोडक्ट्स लिमिटेड के सार्वजनिक निर्गम को पहले ही दिन निवेशकों का सकारात्मक प्रतिसाद मिला। बुधवार को सब्सक्रिप्शन के लिए खुले 43.17 करोड़ रुपये के इस आईपीओ में शुरुआती घंटों से ही अच्छी खरीदारी देखने को मिली। दिन के दौरान उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इश्यू कुल मिलाकर करीब 84 प्रतिशत सब्सक्राइब हो चुका था। निवेशकों की इस शुरुआती दिलचस्पी ने संकेत दिया है कि कंपनी के कारोबार विस्तार की योजनाओं और वित्तीय प्रदर्शन पर बाजार का भरोसा बना हुआ है।

    कंपनी का आईपीओ 29 जुलाई से 31 जुलाई 2026 तक निवेशकों के लिए खुला रहेगा। इस सार्वजनिक निर्गम के माध्यम से जुटाई गई राशि का उपयोग मुख्य रूप से गुजरात के राजकोट में नई विनिर्माण इकाई स्थापित करने, कर्ज कम करने और सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जाएगा। कंपनी का मानना है कि नई उत्पादन क्षमता से उसके कारोबार को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

    सब्सक्रिप्शन के शुरुआती रुझानों में अलग-अलग निवेशक श्रेणियों से सकारात्मक भागीदारी देखने को मिली। खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित हिस्से में लगभग 64 प्रतिशत आवेदन प्राप्त हुए, जबकि गैर-संस्थागत निवेशकों (एनआईआई) की श्रेणी पूरी तरह भरते हुए 122 प्रतिशत से अधिक सब्सक्राइब हो गई। वहीं, योग्य संस्थागत खरीदार (क्यूआईबी) श्रेणी में भी करीब 92 प्रतिशत तक आवेदन प्राप्त हुए। इससे यह संकेत मिलता है कि विभिन्न वर्गों के निवेशकों ने कंपनी में रुचि दिखाई है।

    ग्रे मार्केट में भी कंपनी के शेयर हल्के प्रीमियम पर कारोबार करते दिखाई दिए। बाजार में लगभग 2 रुपये प्रति शेयर का ग्रे मार्केट प्रीमियम दर्ज किया गया। कंपनी ने आईपीओ का मूल्य दायरा 83 से 88 रुपये प्रति शेयर निर्धारित किया है। मौजूदा ग्रे मार्केट प्रीमियम के आधार पर संभावित लिस्टिंग मूल्य करीब 90 रुपये प्रति शेयर आंका जा रहा है। हालांकि बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रे मार्केट केवल एक संकेतक होता है और अंतिम लिस्टिंग प्रदर्शन बाजार की परिस्थितियों तथा निवेशकों की मांग पर निर्भर करेगा।

    यह आईपीओ फ्रेश इश्यू और ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) दोनों का मिश्रण है। कंपनी नए शेयर जारी कर पूंजी जुटा रही है, जबकि कुछ मौजूदा शेयरधारक ऑफर फॉर सेल के माध्यम से अपनी हिस्सेदारी का आंशिक विनिवेश करेंगे। खुदरा निवेशकों के लिए न्यूनतम आवेदन 1,600 शेयरों का रखा गया है, जिसके लिए ऊपरी मूल्य बैंड के अनुसार लगभग 2.81 लाख रुपये का निवेश करना होगा।

    आईपीओ के लिए शेयरों का आवंटन 3 अगस्त 2026 को संभावित रूप से अंतिम रूप दिया जाएगा, जबकि कंपनी के शेयर 5 अगस्त 2026 को बीएसई एसएमई प्लेटफॉर्म पर सूचीबद्ध होने की उम्मीद है। सार्वजनिक निर्गम से पहले कंपनी ने एंकर निवेशकों से लगभग 14.84 करोड़ रुपये जुटाए थे, जिससे बड़े निवेशकों का शुरुआती भरोसा भी सामने आया।

    एचआर हाइजीन प्रोडक्ट्स वर्ष 2016 से हाइजीन और पर्सनल केयर उत्पादों के निर्माण एवं विपणन के क्षेत्र में सक्रिय है। कंपनी सैनिटरी नैपकिन, बेबी केयर और एडल्ट केयर उत्पादों के साथ अपने कई ब्रांड संचालित करती है और व्हाइट लेबल मैन्युफैक्चरिंग सेवाएं भी उपलब्ध कराती है। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी की आय बढ़कर 131.90 करोड़ रुपये रही, जबकि कर पश्चात लाभ 11.41 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। आय और मुनाफे में दर्ज हुई इस वृद्धि को निवेशकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया का एक प्रमुख कारण माना जा रहा है। अब बाजार की नजर आईपीओ के अंतिम सब्सक्रिप्शन आंकड़ों और आगामी लिस्टिंग प्रदर्शन पर बनी रहेगी।

  • दुबई से मुंबई जा रही इंडिगो फ्लाइट की राजकोट में इमरजेंसी लैंडिंग, कार्गो होल्ड में धुएं की सूचना से सतर्कता

    दुबई से मुंबई जा रही इंडिगो फ्लाइट की राजकोट में इमरजेंसी लैंडिंग, कार्गो होल्ड में धुएं की सूचना से सतर्कता

    नई दिल्ली । दुबई से मुंबई के लिए उड़ान भरने वाली इंडिगो की एक यात्री उड़ान को सोमवार को एहतियात के तौर पर गुजरात के राजकोट इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। उड़ान के दौरान विमान के कार्गो होल्ड में धुआं होने की सूचना मिलने के बाद पायलट और एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने तत्काल सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किया और विमान को राजकोट की ओर डायवर्ट करने का निर्णय लिया। अधिकारियों के अनुसार सभी यात्रियों और चालक दल के सदस्य पूरी तरह सुरक्षित हैं तथा किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, उड़ान सामान्य रूप से अपने निर्धारित मार्ग पर थी, तभी विमान के कार्गो सेक्शन से धुएं का संकेत मिलने की सूचना सामने आई। विमानन सुरक्षा नियमों के तहत ऐसी स्थिति को गंभीरता से लिया जाता है। इसी कारण चालक दल ने बिना किसी देरी के निकटतम उपयुक्त हवाई अड्डे पर सुरक्षित लैंडिंग की प्रक्रिया शुरू की। इसके बाद विमान को राजकोट इंटरनेशनल एयरपोर्ट की ओर मोड़ दिया गया।

    राजकोट एयरपोर्ट प्रशासन ने पुष्टि की कि विमान की सुरक्षित लैंडिंग कराई गई और उतरने के तुरंत बाद सभी आवश्यक आपातकालीन सेवाओं को सक्रिय रखा गया। एयरपोर्ट पर पहले से अग्निशमन दल, चिकित्सा टीम और अन्य सुरक्षा एजेंसियां पूरी तैयारी के साथ मौजूद थीं ताकि आवश्यकता पड़ने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। हालांकि लैंडिंग के बाद किसी प्रकार की आपात स्थिति सामने नहीं आई और सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

    अधिकारियों ने बताया कि घटना के बाद विमान को तकनीकी निरीक्षण के लिए अलग स्थान पर ले जाया गया। विशेषज्ञों की टीम कार्गो होल्ड की विस्तृत जांच कर रही है ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि धुएं का संकेत किस कारण से मिला। प्रारंभिक स्तर पर किसी तकनीकी खराबी, उपकरण की समस्या या अन्य संभावित कारणों की जांच की जा रही है। अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

    विमानन क्षेत्र में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है और किसी भी प्रकार के धुएं या आग से संबंधित संकेत मिलने पर तत्काल एहतियाती कदम उठाना निर्धारित प्रक्रिया का हिस्सा होता है। ऐसे मामलों में पायलट स्थिति का आकलन करते हुए निकटतम सुरक्षित हवाई अड्डे पर विमान उतारने का निर्णय लेते हैं ताकि यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

    घटना के बाद एयरपोर्ट अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों ने पूरे घटनाक्रम की समीक्षा शुरू कर दी है। तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही विमान को आगे की उड़ान के लिए अनुमति दी जाएगी। वहीं यात्रियों की सुविधा के लिए एयरलाइन की ओर से आवश्यक व्यवस्थाएं भी की जा रही हैं। अधिकारियों ने दोहराया कि इमरजेंसी लैंडिंग पूरी तरह एहतियात के तहत कराई गई और समय पर उठाए गए कदमों की वजह से किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई।

    यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि विमानन क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी मानकों का कड़ाई से पालन किया जाता है। किसी भी संभावित जोखिम की स्थिति में तत्काल निर्णय लेकर यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना एयरलाइन और विमानन अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी होती है। फिलहाल सभी की निगाहें तकनीकी जांच रिपोर्ट पर हैं, जिससे धुएं की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।