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  • 'दादा' के फर्स्ट लुक पर मचा था बवाल, राजकुमार राव ने माना जल्दबाजी में हुई गलती, AI के इस्तेमाल पर भी जताई चिंता

    'दादा' के फर्स्ट लुक पर मचा था बवाल, राजकुमार राव ने माना जल्दबाजी में हुई गलती, AI के इस्तेमाल पर भी जताई चिंता


    नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेता राजकुमार राव इन दिनों भारतीय क्रिकेट के दिग्गज खिलाड़ी और पूर्व कप्तान सौरव गांगुली की बायोपिक फिल्म दादा को लेकर चर्चा में हैं। इस फिल्म में राजकुमार राव सौरव गांगुली की भूमिका निभा रहे हैं। फिल्म का पहला पोस्टर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर उनके लुक को लेकर काफी प्रतिक्रियाएं देखने को मिली थीं। कुछ दर्शकों ने पोस्टर को लेकर सवाल उठाए और इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की मदद से तैयार किया गया बताया। अब राजकुमार राव ने इस आलोचना पर अपनी प्रतिक्रिया दी है और फिल्म निर्माण में तकनीक के इस्तेमाल को लेकर भी अपनी राय रखी है।

    राजकुमार राव ने मैशेबल इंडिया के साथ बातचीत में स्वीकार किया कि पोस्टर को लेकर टीम को आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। अभिनेता के मुताबिक इस प्रतिक्रिया से टीम को यह सीख मिली कि किसी भी रचनात्मक काम को जल्दबाजी में पूरा करने के बजाय उसे पर्याप्त समय देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि पोस्टर बनाने वाली टीम को एहसास हुआ कि काम को और सावधानी से किया जाना चाहिए था। उनके अनुसार इसमें जल्दबाजी करने की जरूरत नहीं थी और बेहतर नतीजे के लिए समय लेना चाहिए था। इस प्रतिक्रिया के बाद फिल्म के शुरुआती प्रचार और उसके प्रस्तुतिकरण को लेकर चर्चा फिर तेज हो गई है।

    राजकुमार राव ने यह भी कहा कि पोस्टर पर मिली प्रतिक्रिया से एक बात साफ हुई कि सौरव गांगुली के प्रशंसक उनसे कितना गहरा जुड़ाव रखते हैं। गांगुली भारतीय क्रिकेट के ऐसे खिलाड़ी रहे हैं जिन्होंने टीम की सोच और खेलने के अंदाज को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभाई। यही वजह है कि उनकी जिंदगी पर बनने वाली फिल्म से दर्शकों की उम्मीदें काफी ज्यादा हैं। ऐसे में फिल्म के लुक और प्रस्तुति को लेकर प्रशंसकों की बारीक नजर स्वाभाविक मानी जा रही है।

    AI को लेकर राजकुमार राव की दो टूक

    फिल्मों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते इस्तेमाल पर बात करते हुए राजकुमार राव ने कहा कि तकनीक के विकास को रोका नहीं जा सकता। हालांकि उनका मानना है कि AI का इस्तेमाल इंसानी रचनात्मकता की जगह लेने के लिए नहीं बल्कि उसे बेहतर बनाने में मददगार उपकरण के रूप में होना चाहिए। उन्होंने तकनीक के फायदे और नुकसान दोनों की ओर ध्यान दिलाया। अभिनेता ने चिंता जताई कि अगर फिल्म इंडस्ट्री में AI पर जरूरत से ज्यादा निर्भरता बढ़ी तो इससे बड़ी संख्या में लोगों की रोजी रोटी प्रभावित हो सकती है।

    राजकुमार के अनुसार फिल्म निर्माण केवल तस्वीरें बनाने या दृश्यों को तैयार करने का काम नहीं है। इसके पीछे कलाकारों तकनीकी विशेषज्ञों लेखकों और कई अन्य लोगों की मेहनत होती है। एक फिल्म में इंसानी अनुभव और भावनाओं की अहम भूमिका रहती है। उनका मानना है कि AI की मदद से कुछ काम आसान किए जा सकते हैं लेकिन हर रचनात्मक प्रक्रिया को पूरी तरह तकनीक के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता। दर्शकों को कई बार AI से तैयार सामग्री में बनावटीपन महसूस होता है जिससे कहानी और किरदारों का प्रभाव कमजोर पड़ सकता है।

    सौरव गांगुली के घर और ईडन गार्डन्स में हुई शूटिंग

    राजकुमार राव ने बताया कि दादा फिल्म की टीम ने सौरव गांगुली के घर और कोलकाता के ऐतिहासिक ईडन गार्डन्स में भी शूटिंग की है। अभिनेता ने कहा कि वह गांगुली से कई बार मिल चुके हैं और उनके साथ समय बिताकर उनकी जिंदगी को करीब से समझने की कोशिश की है। इन मुलाकातों के दौरान गांगुली ने अपने जीवन और अनुभवों के बारे में खुलकर बातचीत की। राजकुमार के मुताबिक किसी वास्तविक व्यक्ति का किरदार निभाने के लिए केवल उसके हावभाव और पहनावे को अपनाना पर्याप्त नहीं होता बल्कि उसके जीवन के अनुभवों और पर्दे के पीछे की परिस्थितियों को समझना भी जरूरी है।

    अभिनेता ने सौरव गांगुली को भारतीय क्रिकेट का दिग्गज बताते हुए कहा कि उन्होंने टीम को मजबूत बनाने और भारतीय क्रिकेट की पहचान को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। विक्रमादित्य मोटवाने के निर्देशन में बन रही इस फिल्म से दर्शकों को गांगुली के क्रिकेट करियर और उनके जीवन के अनछुए पहलुओं को देखने की उम्मीद है। अब फिल्म की आगे की झलकियों पर नजर रहेगी क्योंकि दर्शक चाहते हैं कि पर्दे पर गांगुली की छवि और उनकी कहानी को वास्तविकता के करीब पेश किया जाए।

  • स्त्री 3 पर बड़ा अपडेट, दिनेश विजान ने रिलीज से पहले शूटिंग और कहानी को लेकर बताया पूरा प्लान

    स्त्री 3 पर बड़ा अपडेट, दिनेश विजान ने रिलीज से पहले शूटिंग और कहानी को लेकर बताया पूरा प्लान


    नई दिल्ली । स्त्री फ्रेंचाइजी की तीसरी फिल्म स्त्री 3 को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। श्रद्धा कपूर और राजकुमार राव की इस चर्चित हॉरर कॉमेडी फ्रेंचाइजी की अगली फिल्म के लिए दर्शकों को अभी लंबा इंतजार करना होगा। फिल्म के प्रोड्यूसर दिनेश विजान ने बताया है कि स्त्री 3 साल 2028 में रिलीज होगी। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि फिल्म की कहानी लिखने का काम पूरा हो चुका है।

    दिनेश विजान ने बताया कि अमर कौशिक ने स्त्री 3 की राइटिंग पूरी कर ली है। उनके मुताबिक, फिल्म में वह सभी चीजें देखने को मिलेंगी जो दर्शकों को पिछली फिल्म में पसंद आई थीं। हालांकि, उन्होंने कहानी से जुड़ी ज्यादा जानकारी साझा करने से इनकार किया, क्योंकि अमर कौशिक को लगता है कि वह फिल्म से जुड़े ज्यादा स्पॉइलर दे देते हैं। इसके बावजूद उन्होंने संकेत दिया कि फिल्म की शुरुआत और अंत दर्शकों को हैरान कर सकता है।

    उन्होंने कहा कि स्त्री 3 साल 2028 में आएगी। उनके मुताबिक, फिल्म को स्वतंत्रता दिवस या क्रिसमस के मौके पर रिलीज किया जा सकता है और यह दर्शकों के लिए एक खास तोहफा हो सकती है। हालांकि, अभी रिलीज की कोई निश्चित तारीख सामने नहीं आई है।

    स्त्री 3 से पहले अमर कौशिक एक अन्य महत्वाकांक्षी फिल्म महावतार का निर्देशन करेंगे। इस फिल्म में विकी कौशल मुख्य भूमिका में नजर आएंगे। महावतार की कहानी भगवान परशुराम से जुड़ी होगी। दिनेश विजान ने बताया कि अमर कौशिक जनवरी के आखिर में महावतार का निर्देशन शुरू करेंगे और जून तक इसका डायरेक्शन पूरा करने की योजना है।

    इसके बाद अगले साल के अंत तक स्त्री 3 की शूटिंग शुरू होने की बात कही गई है। इस तरह फिल्म की शूटिंग शुरू होने से पहले महावतार का काम पूरा किया जाएगा। स्त्री फ्रेंचाइजी से अमर कौशिक लंबे समय से जुड़े हुए हैं और वह इसके निर्देशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं।

    स्त्री फ्रेंचाइजी की पहली फिल्म साल 2018 में रिलीज हुई थी। इसमें राजकुमार राव, श्रद्धा कपूर, पंकज त्रिपाठी, अभिषेक बनर्जी और अपारशक्ति खुराना जैसे कलाकार नजर आए थे। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन किया और भारत में करीब 129.90 करोड़ रुपये की कमाई की थी।

    इसके बाद स्त्री 2 साल 2024 में रिलीज हुई। फिल्म 15 अगस्त को सिनेमाघरों में आई थी। इसमें राजकुमार राव, श्रद्धा कपूर, अपारशक्ति खुराना और अभिषेक बनर्जी के साथ अक्षय कुमार और मुश्ताक खान भी नजर आए। स्त्री 2 ने भारत में करीब 627.02 करोड़ रुपये की कमाई की थी और उस साल की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में शामिल रही।

    स्त्री के बाद इस हॉरर कॉमेडी यूनिवर्स का विस्तार हुआ। भेड़िया 2022 में, मुंज्या और स्त्री 2 साल 2024 में, जबकि थामा 2025 में रिलीज हुई। अब इस यूनिवर्स की अगली बड़ी कड़ी स्त्री 3 होगी।

  • सौरव गांगुली के जन्मदिन पर आया बड़ा सरप्राइज राजकुमार राव की फिल्म दादा का पहला पोस्टर रिलीज

    सौरव गांगुली के जन्मदिन पर आया बड़ा सरप्राइज राजकुमार राव की फिल्म दादा का पहला पोस्टर रिलीज


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल कप्तानों में शामिल सौरव गांगुली के 54वें जन्मदिन पर उनके प्रशंसकों को खास तोहफा मिला। अभिनेता राजकुमार राव ने बहुप्रतीक्षित बायोपिक दादा द सौरव गांगुली स्टोरी का पहला पोस्टर जारी कर फिल्म की पहली झलक साझा की। पोस्टर सामने आते ही सोशल मीडिया पर क्रिकेट और सिनेमा प्रेमियों के बीच जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।

    पोस्टर में राजकुमार राव बिल्कुल सौरव गांगुली के अंदाज में नजर आ रहे हैं। उन्होंने लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड की बालकनी में शर्ट लहराते हुए 2002 की नेटवेस्ट ट्रॉफी जीत के बाद के ऐतिहासिक जश्न को फिर से जीवंत कर दिया है। उनके पीछे लहराता विशाल तिरंगा पोस्टर को और अधिक भावनात्मक और प्रेरणादायक बनाता है। फिल्म के पोस्टर पर लिखी टैगलाइन यह संदेश देती है कि उन्होंने केवल क्रिकेट नहीं खेला बल्कि भारतीय क्रिकेट की सोच और पहचान को बदल दिया।

    राजकुमार राव ने पोस्टर साझा करते हुए सौरव गांगुली को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। इस पोस्ट के बाद फिल्म को लेकर चर्चा और तेज हो गई है। क्रिकेट प्रशंसकों का मानना है कि यह फिल्म भारतीय क्रिकेट के एक सुनहरे दौर की कहानी बड़े पर्दे पर दिखाएगी।

    फिल्म का निर्देशन विक्रमादित्य मोटवानी कर रहे हैं जबकि निर्माण लव रंजन और अंकुर गर्ग ने लव फिल्म्स के बैनर तले किया है। फिल्म में राजकुमार राव सौरव गांगुली की भूमिका निभाएंगे जबकि तान्या मानिकतला उनकी पत्नी डोना गांगुली का किरदार निभाती नजर आएंगी। यह फिल्म 14 मई 2027 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

    सौरव गांगुली भारतीय क्रिकेट के उन कप्तानों में गिने जाते हैं जिन्होंने टीम इंडिया को नई आक्रामक पहचान दी। उनकी कप्तानी में भारत ने 2002 आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी का संयुक्त खिताब जीता और 2003 क्रिकेट विश्व कप के फाइनल तक का शानदार सफर तय किया। इसके अलावा टीम ने कई ऐतिहासिक विदेशी जीत भी दर्ज कीं।

    साल 2002 में इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में खेले गए नेटवेस्ट ट्रॉफी फाइनल की जीत भारतीय क्रिकेट के इतिहास के सबसे यादगार पलों में शामिल है। 326 रन के कठिन लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने रोमांचक जीत हासिल की थी। जीत के बाद लॉर्ड्स की बालकनी में सौरव गांगुली द्वारा शर्ट लहराने का दृश्य आज भी भारतीय क्रिकेट का सबसे चर्चित जश्न माना जाता है और फिल्म के पहले पोस्टर में उसी पल को दोबारा जीवंत किया गया है।

    अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में सौरव गांगुली ने एकदिवसीय क्रिकेट में 11363 रन बनाए और भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। वर्ष 2004 में उन्हें पद्मश्री सम्मान से भी सम्मानित किया गया। अब उनकी प्रेरणादायक यात्रा बड़े पर्दे पर दर्शकों के सामने आने के लिए तैयार है।

  • 2 घंटे 5 मिनट की Toaster: कहानी दमदार या फीकी? जानिए IMDb स्कोर

    2 घंटे 5 मिनट की Toaster: कहानी दमदार या फीकी? जानिए IMDb स्कोर

    नई दिल्ली। नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई टोस्टर इस हफ्ते की चर्चित फिल्मों में जरूर शामिल है, लेकिन दर्शकों की उम्मीदों पर यह पूरी तरह खरी उतरती नहीं दिख रही। राजकुमार राव और सान्या मल्होत्रा जैसे दमदार कलाकारों के बावजूद फिल्म की कहानी और प्रस्तुति कई जगह कमजोर नजर आती है। 2 घंटे 5 मिनट लंबी यह डार्क कॉमेडी शुरुआत में दिलचस्प लगती है, लेकिन धीरे-धीरे इसकी रफ्तार ढीली पड़ जाती है, जिससे दर्शकों का जुड़ाव टूटने लगता है।
    कहानी में दम, लेकिन प्रस्तुति में कमी

    फिल्म की कहानी रमाकांत (राजकुमार राव) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो बेहद कंजूस इंसान है। उसकी यही आदत उसे ऐसी स्थिति में फंसा देती है, जहां एक मामूली सा टोस्टर उसकी जिंदगी में तूफान ला देता है। प्लॉट में सस्पेंस और डार्क ह्यूमर की पूरी संभावना थी, लेकिन डायरेक्टर विवेक दासचौधरी इसे प्रभावी तरीके से पेश करने में चूक जाते हैं। कई सीन बेवजह खींचे हुए लगते हैं, जिससे फिल्म बोरियत पैदा करती है।

    एक्टिंग बनी फिल्म की सबसे बड़ी ताकत

    जहां कहानी कमजोर पड़ती है, वहीं कलाकारों की एक्टिंग फिल्म को संभालती नजर आती है। राजकुमार राव अपने किरदार में फिट बैठते हैं और उनकी कॉमिक टाइमिंग अच्छी है। सान्या मल्होत्रा भी अपनी भूमिका में सहज लगती हैं। खास तौर पर अर्चना पूरन सिंह का किरदार फिल्म में जान डालता है और उनकी मौजूदगी कई सीन में हंसी ला देती है। वहीं फराह खान की छोटी लेकिन प्रभावी मौजूदगी भी फिल्म को थोड़ा मनोरंजक बनाती है।

    डार्क कॉमेडी का असर फीका

    डार्क कॉमेडी एक ऐसा जॉनर है जिसमें संतुलन बेहद जरूरी होता है—ह्यूमर और सस्पेंस दोनों का सही मेल होना चाहिए। लेकिन ‘टोस्टर’ इस संतुलन को बनाए रखने में नाकाम रहती है। फिल्म का दूसरा हाफ खासतौर पर कमजोर है और दर्शकों को बांधकर रखने में असफल साबित होता है।

    दर्शकों की राय: सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रिया

    ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स और रेडिट जैसे मंचों पर फिल्म को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई यूजर्स ने इसे बोरिंग बताया, तो कुछ ने डायलॉग और एक्टिंग की तारीफ की। कुल मिलाकर, यह फिल्म ‘वन टाइम वॉच’ की कैटेगरी में फिट बैठती है।

     IMDb रेटिंग ने भी किया निराश

    अगर रेटिंग की बात करें तो IMDb पर इस फिल्म को सिर्फ 5.3/10 की रेटिंग मिली है, जो इसकी कमजोर पकड़ को साफ दर्शाती है।

    अगर आप राजकुमार राव के फैन हैं या हल्की-फुल्की डार्क कॉमेडी देखना चाहते हैं, तो ‘टोस्टर’ एक बार देखी जा सकती है। लेकिन अगर आप एक दमदार कहानी और मजबूत सस्पेंस की उम्मीद कर रहे हैं, तो यह फिल्म आपको निराश कर सकती है।

  • फिल्में जिनमें सितारों ने फीस नहीं ली और बनीं यादगार हिट

    फिल्में जिनमें सितारों ने फीस नहीं ली और बनीं यादगार हिट


    नई दिल्ली । बॉलीवुड की कई फिल्मों ने न सिर्फ दर्शकों के दिलों में जगह बनाई बल्कि अपनी कड़ी मेहनत और समर्पण से भी यादगार साबित हुईं। कम लोग जानते हैं कि इन फिल्मों के लीड एक्टर्स ने अपनी फीस तक नहीं ली और सिर्फ प्यार और जुनून के लिए काम किया। साल 2018 में रिलीज़ हुई फिल्म मंटो में नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने अपने किरदार में ऐसा दम दिखाया कि हर दर्शक उनकी अदाकारी का मुरीद हो गया। लेकिन क्या आप जानते हैं कि नवाजुद्दीन ने इस फिल्म के लिए कोई फीस नहीं ली थी? उन्होंने सिर्फ अपने किरदार में पूरी तरह डूबकर काम किया। इससे पहले भी नवाजुद्दीन ने हरामखोर जैसी फिल्मों में बिना फीस काम किया था जो उनके पेशेवर समर्पण की मिसाल है।

    वहीं फिल्म भाग मिल्खा भाग में सोनम कपूर ने अपनी परफॉर्मेंस से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इंडस्ट्री की टैलेंटेड अभिनेत्रियों में शुमार सोनम ने इस फिल्म के लिए भी फीस नहीं ली सिर्फ नाम के लिए 11 रुपये स्वीकार किए। फिल्म में उनके काम को क्रिटिक्स और दर्शकों ने दोनों ने सराहा। इस फिल्म में फरहान अख्तर ने भी लीड रोल निभाया और उन्होंने भी बिना किसी फीस के काम किया। फरहान की मेहनत और फिल्म की तकनीकी दक्षता ने इसे बॉक्स ऑफिस पर हिट बनाना सुनिश्चित किया।

    बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन की बात करें तो संजय लीला भंसाली की फिल्म ब्लैक में उनके अभिनय को हर किसी ने सराहा। यह फिल्म आज भी आइकॉनिक मानी जाती है और कम लोग जानते हैं कि अमिताभ ने इसके लिए एक भी रुपया फीस नहीं लिया था। उनके समर्पण और किरदार के प्रति ईमानदारी ने फिल्म की सफलता में अहम भूमिका निभाई। सुपरस्टार शाहरुख खान के साथ फिल्म ओम शांति ओम में दीपिका पादुकोण ने लीड रोल प्ले किया। उनकी परफॉर्मेंस को दर्शकों ने बहुत सराहा लेकिन दीपिका ने इस फिल्म के लिए कोई फीस नहीं ली। उनकी मेहनत और स्क्रीन पर दमदार उपस्थिति ने फिल्म को और भी यादगार बना दिया।

    इसी तरह फिल्म ट्रैप्ड में राजकुमार राव ने एक लड़के का किरदार निभाया जो ऊंची और वीरान इमारत में फंस जाता है। राजकुमार ने इस चुनौतीपूर्ण रोल के लिए कोई भुगतान नहीं लिया। उनकी ईमानदार अदाकारी ने फिल्म के थ्रिल और सस्पेंस को और मजबूती दी। इन कहानियों से यह साबित होता है कि कभी-कभी सितारों का जुनून समर्पण और किरदार के प्रति ईमानदारी पैसे से भी बड़ी होती है। इन फिल्मों ने दर्शकों के दिलों में अपने लिए खास जगह बनाई और यह साबित किया कि अच्छी कहानी बेहतरीन परफॉर्मेंस और एक्टर्स का समर्पण ही असली सफलता की कुंजी है।