Tag: Rajya Sabha Election 2026

  • मध्य प्रदेश: दिग्विजय सिंह वाली राज्यसभा सीट पर कांग्रेस को क्रॉस वोटिंग का खतरा, 6 विधायक पलटें तो हाथ से जा सकती है सीट

    मध्य प्रदेश: दिग्विजय सिंह वाली राज्यसभा सीट पर कांग्रेस को क्रॉस वोटिंग का खतरा, 6 विधायक पलटें तो हाथ से जा सकती है सीट


    भोपाल । मध्य प्रदेश में 19 जून 2026 को तीन राज्यसभा सीटें खाली होने वाली हैं। इनमें से दो सीटें भाजपा के डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी और जॉर्ज कुरियन के नाम हैं जबकि कांग्रेस की सीट पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह  के पास थी। हालांकि दिग्विजय सिंह ने पहले ही राज्यसभा जाने से इनकार कर दिया है और अपनी सीट खाली करने की घोषणा की है।

    दिग्विजय के इनकार के बाद कांग्रेस के भीतर इस सीट के लिए कई छोटे बड़े नेताओं ने दावेदारी शुरू कर दी है। पार्टी के अंदर इस सीट को जीतने को लेकर टेंशन का माहौल है। एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता का कहना है कि यदि 6 विधायक क्रॉस वोटिंग कर दें तो यह सीट भाजपा के हाथ में जा सकती है। बताया जा रहा है कि भाजपा विधायकों को अगले चुनाव की टिकट और अन्य ऑफर देकर क्रॉस वोटिंग के लिए प्रेरित कर सकती है।

    नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि भाजपा हर जगह तोड़फोड़ का प्रयास करती है लेकिन कांग्रेस मजबूत है और राज्यसभा सीट पार्टी की ही रहेगी। वहीं बीजेपी के अभिलाष पांडे का कहना है कि उनके पास पर्याप्त संख्या में विधायक हैं और भाजपा अपने काम पर भरोसा रखती है।

    इस बार तीन सीटों पर चुनाव में 230 विधायक वोटिंग करेंगे। एक उम्मीदवार को जीतने के लिए 58 वोटों की जरूरत होगी। कांग्रेस के पास फिलहाल 65 विधायक हैं जिनमें से एक विधायक अब भाजपा के साथ हैं। विजयपुर विधायक मुकेश मल्होत्रा का निर्वाचन हाईकोर्ट द्वारा शून्य कर दिया गया है इसलिए यदि सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली तो कांग्रेस के पास 63 विधायक ही रहेंगे। ऐसे में यदि 5 से 6 विधायक क्रॉस वोटिंग कर देते हैं तो सीट हाथ से जा सकती है।

    भाजपा के पास विधानसभा में 164 विधायक हैं बीना विधायक के समर्थन से संख्या 165 हो सकती है। इसके अलावा बीएपी के एक मात्र विधायक कमलेश्वर डोडियार का वोट भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    क्रॉस वोटिंग का इतिहास भी सामने है। 2022 में राष्ट्रपति चुनाव के दौरान मध्य प्रदेश में बड़ी संख्या में क्रॉस वोटिंग हुई थी। विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा को केवल 79 वोट मिले थे जबकि अपेक्षित संख्या 103 थी। 2020 के राज्यसभा चुनाव में भी दिग्विजय सिंह 52 वोटों की आवश्यकता के बावजूद 57 वोट लेकर जीत गए थे।

    राज्यसभा चुनाव अप्रत्यक्ष होते हैं यानी जनता नहीं बल्कि विधायक चुनते हैं। हर दो साल में राज्यसभा का एक-तिहाई सदस्य रिटायर होते हैं। कुल 245 सीटों में से 233 पर अप्रत्यक्ष चुनाव होते हैं। चुनाव में जीत के लिए विधायकों की संख्या और सीटों के आधार पर कोटा तय होता है। एक विधायक का वोट मूल्य 100 माना जाता है।

    इस बार कांग्रेस में दिग्विजय सिंह वाली सीट पर अनुसूचित जाति वर्ग के नेताओं जैसे प्रदीप अहिरवार और पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा को भी दावेदारी में शामिल किया गया है। पार्टी के भीतर सीट को सुरक्षित करने के लिए रणनीति बनाई जा रही है लेकिन क्रॉस वोटिंग का खतरा लगातार चर्चा में बना हुआ है।

  • बीजेपी ने राज्यसभा चुनाव के लिए 9 नामों पर लगाई मुहर, नितिन नवीन और राहुल सिन्हा को मौका

    बीजेपी ने राज्यसभा चुनाव के लिए 9 नामों पर लगाई मुहर, नितिन नवीन और राहुल सिन्हा को मौका


    नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी ने आगामी राज्यसभा चुनाव के मद्देनज़र अपने 9 उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। पार्टी ने बिहार, असम, छत्तीसगढ़, हरियाणा, ओडिशा और पश्चिम बंगाल से प्रत्याशियों के नामों की घोषणा की है। टिकट वितरण में संगठनात्मक पकड़ और राजनीतिक सक्रियता को प्राथमिकता दी गई है।

    देश के 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों पर 16 मार्च को मतदान होना है। चुनाव की अधिसूचना जारी हो चुकी है और नामांकन की अंतिम तिथि 5 मार्च निर्धारित की गई है।

    बिहार से पार्टी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया है। वे पटना के बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र से पांच बार विधायक रह चुके हैं और राज्य की राजनीति में उनकी मजबूत पहचान है। इसी राज्य से युवा नेता शिवेश कुमार को भी उम्मीदवार घोषित किया गया है। बिहार में कुल 5 सीटों पर चुनाव होना है।

    पश्चिम बंगाल से पार्टी ने राहुल सिन्हा को मैदान में उतारा है, जो राज्य में बीजेपी के प्रमुख चेहरों में गिने जाते हैं।

    असम में तीन सीटों के लिए होने वाले चुनाव में पार्टी ने तेराश गोवाला और जोगेन मोहन को प्रत्याशी बनाया है। दोनों नेता राज्य की राजनीति में सक्रिय और प्रभावशाली भूमिका निभाते रहे हैं।

    ओडिशा से मनमोहन समल और सुजीत कुमार को टिकट दिया गया है। राज्य में बीजेपी की सरकार होने के कारण पार्टी की स्थिति को मजबूत माना जा रहा है।

    छत्तीसगढ़ में दो सीटें खाली हो रही हैं, जहां से लक्ष्मी वर्मा को उम्मीदवार घोषित किया गया है। वे भाजपा महिला मोर्चा में सक्रिय रही हैं और सामाजिक कार्यों के लिए जानी जाती हैं।

    हरियाणा में भी दो सीटों पर चुनाव होना है। यहां से पार्टी ने संजय भाटिया को उम्मीदवार बनाया है। वे प्रशासनिक पृष्ठभूमि से जुड़े रहे हैं और संगठन में अहम जिम्मेदारियां निभाते आए हैं।