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  • यूपी चुनाव 2027 के लिए बीजेपी की तैयारी तेज, पीएम मोदी की संभावित 12 रैलियों और 133 सीटों पर खास नजर

    यूपी चुनाव 2027 के लिए बीजेपी की तैयारी तेज, पीएम मोदी की संभावित 12 रैलियों और 133 सीटों पर खास नजर

    नई दिल्ली ।उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने अपनी चुनावी तैयारियों को गति देने की रणनीति बनाई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संभावित प्रदेश दौरों, विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास तथा संगठन को बूथ स्तर पर मजबूत करने की योजना पर काम किया जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, नवंबर 2026 के मध्य से प्रधानमंत्री के उत्तर प्रदेश दौरे शुरू हो सकते हैं। चुनाव की घोषणा से पहले करीब 12 कार्यक्रमों और रैलियों के जरिए जनता तक सरकार के कामकाज और विकास योजनाओं को पहुंचाने की तैयारी है।

    प्रधानमंत्री के संभावित कार्यक्रमों की रूपरेखा प्रदेश की 18 कमिश्नरियों को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही है। पार्टी की योजना केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की उपलब्धियों को सामने रखने की है। इसके लिए विकास योजनाओं, परिवहन सुविधाओं, धार्मिक पर्यटन और निवेश से जुड़ी परियोजनाओं को प्रमुखता दिए जाने की संभावना है। हालांकि, रैलियों और दौरों का अंतिम कार्यक्रम अभी आधिकारिक रूप से घोषित नहीं हुआ है।

    विकास परियोजनाओं को चुनावी तैयारी का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया जा रहा है। संभावित कार्यक्रमों में वाराणसी अर्बन रोपवे, कानपुर मेट्रो के अगले चरण और आगरा मेट्रो के नए भूमिगत स्टेशनों का उद्घाटन शामिल हो सकता है। लखनऊ मेट्रो के ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर के शिलान्यास की संभावना भी जताई गई है। इन परियोजनाओं के जरिए शहरी परिवहन और कनेक्टिविटी से जुड़े कामों को जनता के सामने रखने की योजना है।

    इसके अलावा अयोध्या में राम मंदिर परिसर की चारदीवारी और संग्रहालय, जेवर में एचसीएल-फॉक्सकॉन की सेमीकंडक्टर इकाई, चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे और वाराणसी के गंजारी में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम से जुड़े कार्यक्रमों पर भी विचार किया जा रहा है। नोएडा में एक्वा लाइन मेट्रो के सेक्टर-142 से बॉटनिकल गार्डन तक विस्तार, जेवर एयरपोर्ट के कार्गो हब और वृंदावन के बांके बिहारी कॉरिडोर से संबंधित परियोजनाएं भी संभावित एजेंडे में शामिल बताई गई हैं।

    संगठन के स्तर पर बीजेपी की नजर 133 विधानसभा सीटों पर है। वाराणसी में प्रस्तावित बैठक में काशी और गोरक्ष प्रांत की इन सीटों को लेकर रणनीति पर चर्चा हो सकती है। बूथ कार्यकर्ताओं से संपर्क, विभिन्न सामाजिक समूहों के साथ बैठकें और सरकार के कामकाज की जानकारी लोगों तक पहुंचाने पर जोर देने की योजना है।

    पार्टी करीब 12 हजार विस्तारकों की तैनाती की तैयारी भी कर रही है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत प्रत्येक 15 बूथ पर एक विस्तारक लगाने पर विचार किया जा रहा है। इसके साथ लगभग 80 हजार संगठनात्मक बैठकें आयोजित करने की योजना बताई गई है। कमजोर बूथों और उन विधानसभा क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जहां पार्टी को अपनी संगठनात्मक स्थिति मजबूत करने की जरूरत महसूस होती है।

    चुनावी अभियान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई वरिष्ठ नेताओं की भूमिका रहने की संभावना है। नितिन गडकरी, स्मृति ईरानी, केशव प्रसाद मौर्य, स्वतंत्र देव सिंह और हेमा मालिनी सहित अन्य नेताओं को भी प्रचार अभियान में शामिल किया जा सकता है। संगठन से जुड़े नितिन नवीन और विनोद तावड़े समेत अन्य नेताओं की जिम्मेदारियां भी महत्वपूर्ण हो सकती हैं।

    दिसंबर 2026 से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के आनुषंगिक संगठनों के संगठन प्रभारियों के उत्तर प्रदेश में प्रवास की संभावना भी जताई गई है। यह अभियान करीब तीन महीने तक चल सकता है। इस दौरान जनसंपर्क, सामाजिक संपर्क और संगठनात्मक समन्वय पर ध्यान दिए जाने की बात कही गई है।इस तरह बीजेपी की तैयारी में प्रधानमंत्री की संभावित रैलियों, विकास परियोजनाओं, वरिष्ठ नेताओं के प्रचार और बूथ स्तर पर संगठन मजबूत करने जैसे कई पहलू शामिल हैं। हालांकि, प्रस्तावित कार्यक्रमों और परियोजनाओं से जुड़े आयोजनों की अंतिम तारीखों तथा विस्तृत कार्यक्रम की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।