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  • तिरंगा लेकर सड़कों पर उतरे युवा, इंदौर में भाजपा की यात्रा में दिखा जोरदार उत्साह..

    तिरंगा लेकर सड़कों पर उतरे युवा, इंदौर में भाजपा की यात्रा में दिखा जोरदार उत्साह..

     मध्य प्रदेश:  के इंदौर में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी की ओर से बड़ी तिरंगा यात्रा निकाली गई। टंट्या भील चौराहे से शुरू हुई इस यात्रा में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता, युवा, नेता और आम नागरिक शामिल हुए। हाथों में तिरंगा लेकर लोग देशभक्ति के नारे लगाते हुए शहर की सड़कों से आगे बढ़े।

    यात्रा के दौरान कई स्थानों पर तिरंगे नजर आए और माहौल में देशभक्ति का रंग दिखाई दिया। आयोजन में भाजपा के कई वरिष्ठ नेता, विधायक और पदाधिकारी भी मौजूद रहे। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर आयोजित इस कार्यक्रम को पार्टी की ओर से बड़े जनसंपर्क और संगठनात्मक सक्रियता के प्रदर्शन के तौर पर भी देखा गया।

    इंदौर में यह यात्रा ऐसे समय निकाली गई, जब शहर का टंट्या भील चौराहा पिछले कुछ दिनों से राजनीतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। यहां युवाओं की ओर से शिक्षा और परीक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया गया था। इसी पृष्ठभूमि में भाजपा की तिरंगा यात्रा को राजनीतिक संदेश से जोड़कर भी देखा जा रहा है।

    हालांकि यात्रा में किसी एक मुद्दे को केंद्र में रखने के बजाय राष्ट्रभक्ति को प्रमुख विषय बनाया गया। कार्यकर्ताओं और युवाओं ने हाथों में तिरंगा लेकर यात्रा में हिस्सा लिया। बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी के कारण शहर में कई जगह आयोजन को लेकर लोगों का ध्यान आकर्षित हुआ।

    यात्रा में कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के अलावा विधायक मधु वर्मा, रमेश मेंदोला और भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा समेत कई नेता और पदाधिकारी शामिल हुए। पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ आम नागरिक भी यात्रा का हिस्सा बने। इससे आयोजन का दायरा केवल पार्टी कार्यकर्ताओं तक सीमित नहीं रहा।

    तिरंगा यात्रा में युवाओं की भागीदारी विशेष रूप से दिखाई दी। बड़ी संख्या में युवा तिरंगा लेकर आगे बढ़ते नजर आए। भाजपा की ओर से युवाओं की इस भागीदारी को संगठन के प्रति समर्थन और स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रभक्ति की भावना से जोड़कर प्रस्तुत किया गया।

    टंट्या भील चौराहे पर हाल में हुए प्रदर्शन के बाद भाजपा की ओर से निकाली गई यह यात्रा शहर की राजनीतिक गतिविधियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण रही। एक ओर जहां युवाओं से जुड़े मुद्दों पर प्रदर्शन हुआ, वहीं दूसरी ओर भाजपा ने तिरंगा यात्रा के जरिए राष्ट्रभक्ति को केंद्र में रखते हुए अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

    यात्रा के दौरान कार्यकर्ताओं में उत्साह देखने को मिला। सड़क पर तिरंगा लेकर चल रहे लोगों और देशभक्ति के नारों से माहौल में उत्सव जैसा वातावरण बना रहा। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम के जरिए भाजपा ने संगठन की सक्रियता के साथ युवाओं और आम लोगों की भागीदारी को भी सामने रखा।

    इंदौर में स्वतंत्रता दिवस के दौरान आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों के बीच भाजपा की यह तिरंगा यात्रा राजनीतिक और सामाजिक दोनों दृष्टि से चर्चा में रही। बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी ने आयोजन को व्यापक रूप दिया और शहर में राष्ट्रभक्ति से जुड़े कार्यक्रमों के बीच इसकी अलग पहचान बनी।

  • जम्मू-कश्मीर के रामबन में राष्ट्रीय राजमार्ग पर ई-रिक्शा तिरंगा रैली ने हर घर तिरंगा अभियान को जनभागीदारी का रूप दिया

    जम्मू-कश्मीर के रामबन में राष्ट्रीय राजमार्ग पर ई-रिक्शा तिरंगा रैली ने हर घर तिरंगा अभियान को जनभागीदारी का रूप दिया

    नई दिल्ली ।जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में स्वतंत्रता दिवस से पहले हर घर तिरंगा अभियान के तहत आयोजित ई-रिक्शा तिरंगा रैली ने राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और नागरिक भागीदारी का संदेश दिया। जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर निकली इस रैली में करीब 300 ई-रिक्शा और ऑटो चालकों ने हिस्सा लिया। रैली के दौरान वाहनों पर तिरंगा लहराता नजर आया और प्रतिभागियों ने देशभक्ति के नारे लगाए।

    रैली का उद्देश्य हर घर तिरंगा अभियान को व्यापक जनभागीदारी से जोड़ना और नागरिकों को राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान के प्रति जागरूक करना रहा। प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई कि वे अपने घरों पर तिरंगा लगाएं और राष्ट्रीय ध्वज को पूरी गरिमा एवं सम्मान के साथ प्रदर्शित करें।

    अतिरिक्त उपायुक्त वरुणजीत सिंह चरक के नेतृत्व में आयोजित यह रैली कैफेटेरिया मोड़ से शुरू हुई। इसके बाद ई-रिक्शा और ऑटो का काफिला राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-44 के साथ आगे बढ़ते हुए करोल क्षेत्र से गुजरा और जिला कार्यालय पहुंचकर इसका समापन हुआ। पूरे मार्ग पर तिरंगे से सजे वाहनों की मौजूदगी ने अभियान को अलग पहचान दी।

    रैली में प्रशासनिक अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों और स्थानीय नागरिकों ने भी उत्साह के साथ भाग लिया। एआरटीओ वरुण भासिन, डिप्टी एसपी कुलदीप राज, मुख्यालय तहसीलदार रीजूता महाजन और नगर निकाय के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुरदर्शन जमवाल समेत कई अधिकारी कार्यक्रम में मौजूद रहे।

    अतिरिक्त उपायुक्त वरुणजीत सिंह चरक ने कहा कि जिले में हर घर तिरंगा अभियान के तहत कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने ई-रिक्शा और ऑटो रैली को जनभागीदारी का महत्वपूर्ण उदाहरण बताते हुए लोगों से अपने घरों पर तिरंगा लगाने का आग्रह किया।

    उन्होंने कहा कि अभियान तभी प्रभावी रूप ले सकता है, जब इसमें समाज के सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित हो। प्रशासन का जोर इस बात पर रहा कि राष्ट्रीय ध्वज केवल औपचारिक कार्यक्रमों तक सीमित न रहे, बल्कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रत्येक परिवार तक सम्मानपूर्वक पहुंचे।

    रैली में शामिल करीब 300 ई-रिक्शा चालकों की भागीदारी ने स्थानीय परिवहन समुदाय को भी अभियान से जोड़ा। तिरंगा लेकर आगे बढ़ते वाहनों और देशभक्ति के नारों से राष्ट्रीय राजमार्ग का वातावरण उत्साहपूर्ण नजर आया। स्थानीय स्तर पर आयोजित इस कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि राष्ट्रीय पर्व से जुड़े अभियान में समाज के विभिन्न वर्ग अपनी भूमिका निभा सकते हैं।

    स्वतंत्रता दिवस से पहले रामबन जिले में कई स्तरों पर तिरंगा रैलियां और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। ई-रिक्शा तिरंगा रैली इसी क्रम का हिस्सा रही, जिसमें प्रशासन और आम नागरिकों की संयुक्त भागीदारी देखने को मिली। कार्यक्रम के माध्यम से राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान, देश के प्रति नागरिक जिम्मेदारी और स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों को लेकर जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया।

  • शानदार तेजी के साथ बंद हुआ शेयर बाजार, सेंसेक्स 965 अंक उछला तो निफ्टी 24,334 के पार; बैंकिंग और आईटी शेयरों ने दिखाई दमदार मजबूती

    शानदार तेजी के साथ बंद हुआ शेयर बाजार, सेंसेक्स 965 अंक उछला तो निफ्टी 24,334 के पार; बैंकिंग और आईटी शेयरों ने दिखाई दमदार मजबूती

    नई दिल्ली ।सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए निवेशकों को बड़ी राहत दी। वैश्विक स्तर पर मिले-जुले संकेतों और पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद घरेलू बाजार में खरीदारी का मजबूत माहौल देखने को मिला। कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 964.58 अंकों की बढ़त के साथ 78,151.45 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 50 भी 261.55 अंक चढ़कर 24,334.30 के स्तर पर पहुंच गया। दोनों प्रमुख सूचकांकों में एक प्रतिशत से अधिक की बढ़त ने बाजार में निवेशकों के बढ़ते विश्वास को दर्शाया।

    कारोबार की शुरुआत भी सकारात्मक रही। सेंसेक्स अपने पिछले बंद स्तर से ऊपर खुला और दिनभर खरीदारी के दम पर लगातार मजबूत बना रहा। कारोबार के दौरान यह 78,282.55 के उच्चतम स्तर तक पहुंच गया। वहीं निफ्टी ने भी शुरुआती बढ़त को बरकरार रखते हुए दिन के दौरान 24,367.30 का इंट्रा-डे हाई बनाया। बाजार बंद होने तक प्रमुख सूचकांक अपने ऊंचे स्तरों के करीब बने रहे, जिससे पूरे कारोबारी सत्र में सकारात्मक रुझान देखने को मिला।

    बाजार की तेजी में सबसे बड़ी भूमिका बैंकिंग और सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र के शेयरों ने निभाई। निजी बैंकों में मजबूत खरीदारी के कारण निफ्टी प्राइवेट बैंक सूचकांक सबसे अधिक बढ़त दर्ज करने वाला सेक्टर रहा। इसके अलावा आईटी, बैंकिंग, रियल्टी और ऑटो सेक्टर में भी अच्छी तेजी देखने को मिली। रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक और एक्सिस बैंक जैसे बड़े शेयरों ने प्रमुख सूचकांकों को मजबूती प्रदान की। निफ्टी 50 में टेक महिंद्रा, टीसीएस, कोटक महिंद्रा बैंक और आईसीआईसीआई बैंक के शेयर प्रमुख बढ़त दर्ज करने वालों में शामिल रहे।

    हालांकि बाजार का रुख पूरी तरह एकतरफा नहीं रहा। फार्मा, हेल्थकेयर, मेटल और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर में कुछ दबाव देखने को मिला। इसी तरह मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी सीमित कमजोरी दर्ज की गई। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों का असर इन वर्गों पर देखने को मिला, लेकिन बड़े शेयरों में मजबूत खरीदारी ने पूरे बाजार को सकारात्मक दिशा दी।

    बाजार विशेषज्ञों के अनुसार पिछले कई कारोबारी सत्रों से सीमित दायरे में कारोबार करने के बाद बाजार ने महत्वपूर्ण तकनीकी ब्रेकआउट दिया है। इसे निवेशकों के बढ़ते भरोसे और मजबूत बाजार धारणा का संकेत माना जा रहा है। तकनीकी संकेतकों के अनुसार निफ्टी अभी भी अपने प्रमुख मूविंग एवरेज के ऊपर कारोबार कर रहा है, जबकि आरएसआई में भी सकारात्मक संकेत दिखाई दिए हैं। इससे निकट भविष्य में बाजार की मजबूती बरकरार रहने की संभावना व्यक्त की जा रही है।

    विश्लेषकों का मानना है कि यदि मौजूदा रुझान जारी रहता है तो निफ्टी आने वाले कारोबारी सत्रों में 24,800 के स्तर की ओर बढ़ सकता है। वहीं 24,200 का स्तर निकट अवधि के लिए महत्वपूर्ण सपोर्ट माना जा रहा है। यदि सूचकांक इस स्तर से नीचे जाता है तो कुछ समय के लिए सीमित दायरे में कारोबार देखने को मिल सकता है। फिलहाल घरेलू आर्थिक संकेतकों, कंपनियों के तिमाही नतीजों और वैश्विक घटनाक्रम पर निवेशकों की नजर बनी रहेगी, क्योंकि यही कारक आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

  • अमेरिका-ईरान शांति समझौते से बाजार में लौटा भरोसा, सेंसेक्स 1200 अंक उछला, निफ्टी 24 हजार के करीब पहुंचा

    अमेरिका-ईरान शांति समझौते से बाजार में लौटा भरोसा, सेंसेक्स 1200 अंक उछला, निफ्टी 24 हजार के करीब पहुंचा

    नई दिल्ली । अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की घोषणा का असर वैश्विक वित्तीय बाजारों के साथ-साथ भारतीय शेयर बाजार पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को घरेलू बाजारों ने मजबूत शुरुआत की और प्रमुख सूचकांकों सेंसेक्स तथा निफ्टी में डेढ़ प्रतिशत के आसपास की तेजी दर्ज की गई। पश्चिम एशिया में लंबे समय से जारी तनाव कम होने की संभावना ने निवेशकों के बीच सकारात्मक माहौल तैयार किया, जिसका लाभ भारतीय बाजार को भी मिला।

    कारोबार की शुरुआत से ही निवेशकों में खरीदारी का उत्साह देखने को मिला। बीएसई सेंसेक्स ने करीब 1,200 अंकों की मजबूती के साथ कारोबार शुरू किया, जबकि एनएसई निफ्टी भी लगभग 24 हजार अंकों के स्तर के करीब पहुंच गया। शुरुआती घंटों में दोनों प्रमुख सूचकांक मजबूत बढ़त के साथ हरे निशान में कारोबार करते रहे। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर जोखिम कम होने की धारणा ने निवेशकों को इक्विटी बाजारों की ओर आकर्षित किया है।

    विशेष रूप से व्यापक बाजार में भी मजबूती देखने को मिली। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में अच्छी खरीदारी दर्ज की गई, जिससे यह संकेत मिला कि तेजी केवल चुनिंदा बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रही। निवेशकों ने विभिन्न क्षेत्रों में सक्रियता दिखाई और बाजार का समग्र रुझान सकारात्मक बना रहा।

    सेक्टरवार प्रदर्शन पर नजर डालें तो धातु, रियल एस्टेट, ऑटोमोबाइल और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं से जुड़े शेयरों में उल्लेखनीय तेजी रही। वित्तीय सेवाओं, तेल एवं गैस तथा सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। दूसरी ओर, फार्मा और हेल्थकेयर क्षेत्र में सीमित दबाव दर्ज किया गया, हालांकि इससे बाजार की कुल सकारात्मक धारणा पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा।

    बाजार में तेजी की सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने की खबर रही। दोनों देशों के बीच शांति समझौते की दिशा में हुई प्रगति को वैश्विक निवेशकों ने सकारात्मक संकेत के रूप में लिया। इसके साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य के संचालन को लेकर बनी अनिश्चितता दूर होने से ऊर्जा आपूर्ति संबंधी चिंताएं भी कम हुई हैं। यह समुद्री मार्ग वैश्विक तेल व्यापार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है और इसके सुचारु संचालन से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में स्थिरता आने की उम्मीद बढ़ी है।

    इस सकारात्मक घटनाक्रम का असर कच्चे तेल की कीमतों पर भी दिखाई दिया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड और डब्ल्यूटीआई क्रूड दोनों में तेज गिरावट दर्ज की गई। तेल की कीमतों में कमी को भारत जैसे बड़े आयातक देशों के लिए राहत के रूप में देखा जा रहा है। इससे आयात बिल पर दबाव घट सकता है और महंगाई नियंत्रण में रखने के प्रयासों को भी समर्थन मिल सकता है।

    विश्लेषकों का मानना है कि यदि पश्चिम एशिया में शांति प्रक्रिया आगे बढ़ती है और ऊर्जा आपूर्ति सामान्य बनी रहती है, तो भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए परिस्थितियां और अधिक अनुकूल हो सकती हैं। कम तेल कीमतों का लाभ उद्योगों, परिवहन क्षेत्र और उपभोक्ताओं तक पहुंच सकता है। साथ ही आर्थिक वृद्धि और मुद्रास्फीति से जुड़े अनुमानों में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है।

    फिलहाल बाजार की दिशा वैश्विक घटनाक्रमों पर निर्भर बनी हुई है, लेकिन सप्ताह की शुरुआत जिस मजबूती के साथ हुई है, उसने निवेशकों का विश्वास बढ़ाया है। आने वाले दिनों में अमेरिका-ईरान समझौते से जुड़े आगे के घटनाक्रम और वैश्विक ऊर्जा बाजार की स्थिति निवेशकों की नजर में प्रमुख कारक बने रहेंगे।

  • बाजार में दमदार वापसी, सेंसेक्स 395 अंक उछला, निफ्टी 23,200 के ऊपर बंद; मिडकैप-स्मॉलकैप में जोरदार खरीदारी

    बाजार में दमदार वापसी, सेंसेक्स 395 अंक उछला, निफ्टी 23,200 के ऊपर बंद; मिडकैप-स्मॉलकैप में जोरदार खरीदारी


    नई दिल्ली ।
    घरेलू शेयर बाजार ने मंगलवार को उतार-चढ़ाव भरे कारोबारी सत्र के बावजूद मजबूती के साथ कारोबार समाप्त किया। शुरुआती तेजी के बाद बाजार में कुछ समय के लिए दबाव देखने को मिला, लेकिन दिन के दूसरे हिस्से में खरीदारी लौटने से प्रमुख सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ने सकारात्मक रुख दिखाया, जबकि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में निवेशकों की रुचि अधिक मजबूत दिखाई दी।

    कारोबार की शुरुआत उत्साहजनक माहौल में हुई थी। शुरुआती घंटों में प्रमुख सूचकांक हरे निशान में कारोबार कर रहे थे, लेकिन बाद में मुनाफावसूली और चुनिंदा शेयरों में बिकवाली के कारण बाजार की रफ्तार धीमी पड़ गई। दोपहर तक बाजार पर दबाव इतना बढ़ गया कि प्रमुख सूचकांक लाल निशान तक पहुंच गए। हालांकि इसके बाद निवेशकों ने फिर से खरीदारी शुरू की, जिससे बाजार में रिकवरी आई और दिन का समापन मजबूती के साथ हुआ।

    दिन के अंत में सेंसेक्स करीब 395 अंकों की बढ़त के साथ 73,918 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 50 भी 119 अंकों की मजबूती के साथ 23,242 के स्तर पर पहुंच गया। दोनों प्रमुख सूचकांकों ने लगभग आधा प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की, जो बाजार में सकारात्मक धारणा को दर्शाता है।

    इस कारोबारी सत्र की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों का प्रदर्शन रहा। बेंचमार्क सूचकांकों की तुलना में छोटे और मझोले शेयरों में कहीं अधिक तेजी देखने को मिली। इससे संकेत मिला कि निवेशकों का भरोसा व्यापक बाजार में बढ़ा है और वे बड़े शेयरों के साथ-साथ उभरती कंपनियों में भी निवेश के अवसर तलाश रहे हैं।

    बाजार में बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र ने सबसे अहम भूमिका निभाई। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली, जिसके कारण संबंधित सूचकांक में उल्लेखनीय बढ़त दर्ज हुई। निजी बैंकिंग शेयरों में भी सकारात्मक रुझान बना रहा। वित्तीय सेवाओं से जुड़ी कंपनियों में निवेशकों की सक्रियता ने पूरे बाजार की दिशा को मजबूत बनाए रखने में योगदान दिया।

    पर्यटन, रक्षा, ऑटोमोबाइल और पूंजी बाजार से जुड़े क्षेत्रों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। इन क्षेत्रों में आई तेजी ने बाजार के व्यापक दायरे को समर्थन दिया। उपभोक्ता उत्पाद, फार्मा, धातु और अवसंरचना क्षेत्र के शेयरों में भी सकारात्मक कारोबार दर्ज किया गया, जिससे बाजार की मजबूती को अतिरिक्त आधार मिला।

    हालांकि सभी सेक्टर एक जैसी गति से नहीं बढ़े। सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में कुछ कमजोरी देखने को मिली और चुनिंदा आईटी शेयरों पर दबाव बना रहा। इसके अलावा ऊर्जा क्षेत्र की कुछ प्रमुख कंपनियों में गिरावट दर्ज की गई, जिससे बाजार की बढ़त कुछ हद तक सीमित रही। फिर भी अधिकांश क्षेत्रों में खरीदारी का माहौल बने रहने से कुल मिलाकर बाजार सकारात्मक दिशा में बंद हुआ।

    व्यक्तिगत शेयरों की बात करें तो विमानन, वित्तीय सेवाओं, ऑटोमोबाइल, बैंकिंग और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों ने प्रमुख बढ़त हासिल की। दूसरी ओर ऊर्जा, आभूषण, बिजली और तकनीकी क्षेत्र की कुछ कंपनियों में गिरावट दर्ज की गई। इसके बावजूद व्यापक खरीदारी के चलते बाजार का समग्र रुख मजबूत बना रहा।

    विश्लेषकों का मानना है कि बाजार में आई यह रिकवरी निवेशकों के बेहतर विश्वास और व्यापक हिस्सेदारी का संकेत है। यदि आने वाले सत्रों में यही रुझान जारी रहता है तो बाजार को आगे भी समर्थन मिल सकता है। फिलहाल मंगलवार का कारोबार इस बात का संकेत देता है कि निवेशकों की नजर अब केवल बड़े शेयरों तक सीमित नहीं है, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप वर्ग में भी अवसर तलाशे जा रहे हैं।

  • MP: इस नेता ने PM मोदी की अपील के विरुद्ध निकाली 200 गाड़ियों की रैली, CM का बड़ा एक्शन… नियुक्ति निरस्त

    MP: इस नेता ने PM मोदी की अपील के विरुद्ध निकाली 200 गाड़ियों की रैली, CM का बड़ा एक्शन… नियुक्ति निरस्त


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) ने गुरुवार को मध्य प्रदेश टेक्स्ट बुक कॉर्पोरेशन (Madhya Pradesh Text Book Corporation) के नवनियुक्त अध्यक्ष सौभाग्य सिंह (Saubhagya Singh) को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यह नोटिस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से सादगी बरतने की अपील के बावजूद 200 गाड़ियों की एक जश्न वाली रैली निकालने के लिए दिया गया है।

    अधिकारियों ने बताया कि नोटिस का जवाब मिलने तक सौभाग्य सिंह पर अपने ऑफिस में प्रवेश, सरकारी वाहनों और अन्य सुविधाओं का इस्तेमाल करने पर रोक लगा दी गई है। उन्होंने आगे बताया कि जांच पूरी होने तक उन्हें सौंपी गई सभी प्रशासनिक और वित्तीय शक्तियां तत्काल प्रभाव से खत्म कर दी गई हैं।

    उन्होंने कहा, ”मुख्यमंत्री कार्यालय ने मितव्ययिता उपायों के घोर उल्लंघन का संज्ञान लिया है। सरकार ने वाहन रैली को अनावश्यक और सरकार की सादगी की नीति के खिलाफ माना है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि दिखावा और अनुशासनहीनता बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”


    भाजपा नेता ने सैकड़ों गाड़ियों संग रैली निकाली, पार्टी ने पद से हटाया

    ऐसे ही एक मामले में सैकड़ों गाड़ियों के साथ रैली निकालने के आरोप में भाजपा ने मध्य प्रदेश के भिंड जिले के किसान मोर्चा अध्यक्ष को पद से हटा दिया है। पार्टी पदाधिकारियों के अनुसार, हाल ही में इस पद पर नियुक्त किए गए सज्जन सिंह यादव को मध्य प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के आदेश पर पद से हटाया गया है। बताया गया कि सज्जन सिंह यादव के किसान मोर्चा अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभालने के अवसर पर बुधवार को भिंड शहर में एक रैली आयोजित की गई थी, जिसमें सैकड़ों वाहन शामिल हुए थे। भिंड शहर भोपाल से लगभग 500 किलोमीटर दूर है।

    भाजपा ने यादव को जारी पत्र में कहा कि उनका यह आचरण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचाओ अपील के विपरीत है और गंभीर अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है।


    नियुक्ति निरस्त की गई

    भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा, “यादव की नियुक्ति अनुशासनहीनता और ईंधन बचत एवं मितव्ययिता के उपायों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बार-बार की गई अपील का पालन नहीं करने के कारण निरस्त कर दी गई है।”

    गौरतलब है कि पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को पेट्रोल और डीजल की खपत को कम करने, शहरों में अधिक से अधिक मेट्रो रेल सेवाओं का उपयोग करने, कारपूलिंग, इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने, पार्सल आवाजाही के लिए रेलवे सेवाओं का उपयोग करने और विदेशी मुद्रा बचाने के लिए ‘वर्क फ्रॉम होम’ करने जैसे उपायों को प्रोत्साहित करने की अपील की थी।

  • बंगाल के उत्तर 24 परगना में PM मोदी की रैली से पहले भारी हिंसा… पत्थरबाजी-बमबाजी और फायरिंग में 3 घायल

    बंगाल के उत्तर 24 परगना में PM मोदी की रैली से पहले भारी हिंसा… पत्थरबाजी-बमबाजी और फायरिंग में 3 घायल


    कोलकाता।
    पश्चिम बंगाल (West Bengal) के उत्तर 24 परगना जिले (North 24 Parganas district) में रविवार रात को भारी हिंसा भड़क गई। यह घटना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) की सोमवार को होने वाली जनसभा से कुछ घंटे पहले हुई। मामले में जगद्दल पुलिस स्टेशन के सामने तृणमूल कांग्रेस (Trinamool Congress- TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के समर्थक आपस में भिड़ गए। इस संघर्ष में पत्थरबाजी, बमबाजी और फायरिंग की खबरें सामने आई हैं।

    हिंसा की शुरुआत प्रधानमंत्री के दौरे के लिए लगाए गए राजनीतिक झंडों और पोस्टरों को फाड़ने से हुई। भाजपा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि टीएमसी समर्थकों ने जगद्दल इलाके में उनके प्रचार सामग्री का अपमान किया। इसके बाद दोनों पक्षों के समर्थक पुलिस स्टेशन के सामने जमा हो गए। वहां उनके बीच तीखी बहस हुई और फिर मारपीट शुरू हो गई। स्थानीय पुलिस इस स्थिति को संभालने में काफी मशक्कत करती दिखी।

    इस संघर्ष के दौरान भाटपारा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार और विधायक पवन सिंह के आवास पर बम फेंके गए। विधायक के घर पर हुए इस हमले से पूरे इलाके में दहशत फैल गई और संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा। इस धमाके में तीन लोग घायल हुए हैं, जिन्हें तुरंत पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    भाजपा उम्मीदवार पवन सिंह ने कहा कि यह विवाद पिछले दिन एक नुक्कड़ सभा के दौरान शुरू हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय पार्षद के नेतृत्व में टीएमसी के लोगों ने भाजपा के कार्यक्रमों में बाधा डाली। पवन सिंह के मुताबिक, जब वे पुलिस स्टेशन से शिकायत करके घर लौट रहे थे, तब उन पर पत्थरों और बमों से हमला किया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस दौरान हुई फायरिंग में एक सीआईएसएफ (CISF) जवान के बाएं पैर में गोली लग गई।

    दूसरी ओर, भाटपारा से टीएमसी उम्मीदवार अमित गुप्ता ने इन आरोपों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि विवाद अचला बागान वार्ड में शुरू हुआ था। उनके मुताबिक, टीएमसी कार्यकर्ता शांति से झंडे लगा रहे थे, तभी गुड्डू और पिंटू सिंह नाम के व्यक्तियों ने उनके कार्यकर्ता बिट्टू के साथ मारपीट की और पार्टी कार्यालय में तोड़फोड़ की। अमित गुप्ता ने आरोप लगाया कि जब वे शिकायत करने पुलिस स्टेशन पहुंचे, तो भाजपा नेता अर्जुन सिंह ने अपने सुरक्षाकर्मियों के साथ मिलकर स्टेशन के अंदर ही टीएमसी कार्यकर्ताओं पर हमला कर दिया।

    प्रधानमंत्री की रैली को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां अब हाई अलर्ट पर हैं। जगद्दल और भाटपारा इलाकों में अतिरिक्त अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है ताकि हिंसा और न बढ़े। पुलिस ने बमबाजी और झड़पों के संबंध में मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल इलाके में माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है और दोनों पार्टियां एक-दूसरे पर राजनीतिक बदले की भावना से काम करने का आरोप लगा रही हैं।

  • तीन दिन की गिरावट के बाद शेयर बाजार में आयी तेजी, सेंसेक्स 414 अंक उछला

    तीन दिन की गिरावट के बाद शेयर बाजार में आयी तेजी, सेंसेक्स 414 अंक उछला


    मुंबई । लगातार तीन दिन की गिरावट के बाद गुरुवार को घरेलू शेयर बाजारों में शुरुआती कारोबार में तेजी देखने को मिली। बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 414.29 अंक बढ़कर 79,530.48 अंक पर खुला।

    निफ्टी में भी मजबूती
    इसी प्रकार, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक 135.45 अंक चढ़कर 24,615.95 अंक पर खुला। खबर लिखे जाने तक यह 123.95 अंक यानी 0.51 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,604.45 अंक पर रहा।

    रुपया भी मजबूती के साथ खुला
    विदेशी मुद्रा बाजार में भी सुधार देखने को मिला। बुधवार के ऐतिहासिक निचले स्तर से उबरते हुए रुपया 45 पैसे की मजबूती के साथ 91.62 रुपये प्रति डॉलर पर ट्रेड कर रहा है।

    अधिकांश सेक्टरों में तेजी
    आईटी और एफएमसीजी को छोड़कर सभी प्रमुख समूहों के सूचकांक हरे निशान में हैं। ऑटो, धातु, फार्मा, रियल्टी, स्वास्थ्य, मीडिया, बैंकिंग और रसायन सेक्टरों में बढ़त दर्ज की गई।

    सेंसेक्स की बढ़त में शामिल प्रमुख शेयर
    सेंसेक्स में सबसे ज्यादा योगदान देने वाले शेयरों में रिलायंस इंडस्ट्रीज, एलएंडटी, सनफार्मा, एयरटेल, एनटीपीसी और बजाज फाइनेंस शामिल रहे। वहीं आईसीआईसीआई बैंक, टीसीएस, इन्फोसिस और हिंदुस्तान यूनिलीवर के शेयर फिलहाल नीचे चल रहे हैं।

  • ग्वालियर में भाजपा ने राहुल गांधी का पुतला फूंका, कांग्रेसियों ने किया विरोध प्रदर्शन

    ग्वालियर में भाजपा ने राहुल गांधी का पुतला फूंका, कांग्रेसियों ने किया विरोध प्रदर्शन


    ग्वालियर। दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान कांग्रेस युवा इकाई द्वारा किए गए हंगामे के विरोध में शनिवार को भारतीय जनता युवा मोर्चा (भा.ज.यु.मो.) ने ग्वालियर में जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी का पुतला दहन किया। वहीं, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन का विरोध करते हुए पार्टी कार्यालय के बाहर नारेबाजी की।

    नदी गेट से कांग्रेस कार्यालय तक रैली:
    भा.ज.यु.मो. ने संभाग स्तर पर प्रदर्शन का ऐलान किया था। रैली नदी गेट चौराहे से शिंदे की छावनी स्थित कांग्रेस कार्यालय तक निकाली गई। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने बैरिकेडिंग की थी, लेकिन कुछ कार्यकर्ता बैरिकेड तोड़ने की कोशिश करते नजर आए। दूसरी ओर, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी कांग्रेस कार्यालय के बाहर झंडे लहराते हुए नारेबाजी की।

    दो घंटे तक तनावपूर्ण माहौल:
    करीब दो घंटे तक ग्वालियर में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। इसके बाद भा.ज.यु.मो. के जिला अध्यक्ष जयप्रकाश राजौरिया और युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष प्रतीक तिवारी ने राहुल गांधी का पुतला दहन किया। वहीं कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी प्रधानमंत्री का पुतला दहन करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस बल के हस्तक्षेप से वे ऐसा नहीं कर सके। पुलिस ने मौके पर तैनाती बढ़ाई और पुतला ले जाते हुए कार्यकर्ताओं को रोका।

    कांग्रेस का पलटवार:
    कांग्रेस के पूर्व प्रदेश महासचिव सुनील शर्मा ने भाजपा के प्रदर्शन को हताशा करार दिया। उन्होंने कहा, “जनता के मुद्दों पर बात करने की बजाय विपक्ष के नेताओं के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणियां करना अनुचित है।” सुनील शर्मा ने इस घटना की निंदा की और भाजपा को जवाबी हमला किया।

    पुलिस की स्थिति:
    सीएसपी मनीष यादव ने बताया कि भाजपा द्वारा आयोजित कार्यक्रम में पुलिस की मौजूदगी में सभी गतिविधियां शांतिपूर्वक संपन्न हुईं और किसी भी बड़े विवाद की स्थिति नहीं बनी। एहतियात के तौर पर कांग्रेस कार्यालय के बाहर पुलिस बल तैनात किया गया था।