Tag: Ram Navami 2026

  • श्रीराम जन्मोत्सव पर राज्यपाल ने लोकभवन में की विधिवत पूजा-अर्चना, प्रदेशवासियों के लिए मंगलकामना

    श्रीराम जन्मोत्सव पर राज्यपाल ने लोकभवन में की विधिवत पूजा-अर्चना, प्रदेशवासियों के लिए मंगलकामना


    भोपाल। रामनवमी के पावन अवसर पर राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने शुक्रवार को लोकभवन स्थित मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर उन्होंने कन्या-पूजन किया और कन्याओं को उपहार प्रदान किए।

    राज्यपाल ने श्रीराम जन्मोत्सव के अवसर पर प्रदेशवासियों की खुशहाली और समृद्धि की कामना की। कार्यक्रम में नियंत्रक हाउस होल्ड श्रीमती शिल्पी दिवाकर और लोकभवन के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

    यह आयोजन राज्य में धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को समर्पित भावनाओं के साथ मनाया गया, जहां सभी ने श्रीराम के आदर्शों और मूल्यपरक जीवन की सीख को याद किया।

  • रामनवमी पर राष्ट्रपति मुर्मु का संदेश: प्रभु राम से मिलते हैं जीवन के आदर्श

    रामनवमी पर राष्ट्रपति मुर्मु का संदेश: प्रभु राम से मिलते हैं जीवन के आदर्श


    नई दिल्ली।  मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के जन्मोत्सव रामनवमी के पावन अवसर पर देशभर में भक्ति और आस्था का माहौल देखने को मिला। इस खास दिन पर द्रौपदी मुर्मु, नरेंद्र मोदी, ओम बिरला समेत कई बड़े नेताओं ने देशवासियों को शुभकामनाएं दीं और भगवान राम के आदर्शों को जीवन में अपनाने का संदेश दिया।

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सोशल मीडिया के जरिए देशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन त्याग, समरसता और आदर्श मूल्यों का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह पर्व हमें न्याय, कर्तव्य और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। राष्ट्रपति ने सभी नागरिकों से रामराज्य की परिकल्पना के अनुरूप एक समृद्ध, न्यायपूर्ण और विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।

    वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रभु श्रीराम का जीवन त्याग, तप और संयम से भरा हुआ है। उनके आदर्श हर परिस्थिति में मजबूती से खड़े रहने की प्रेरणा देते हैं और मानवता के लिए सदैव मार्गदर्शक रहेंगे। उन्होंने कामना की कि भगवान राम की कृपा से सभी का कल्याण हो और देश आत्मनिर्भर व विकसित बनने की दिशा में आगे बढ़े।

    उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने अपने संदेश में भगवान राम को धैर्य, त्याग और न्यायप्रियता का प्रतीक बताते हुए कहा कि उनका जीवन संपूर्ण मानवता के लिए सर्वोच्च आदर्श है। उन्होंने प्रार्थना की कि समाज में अधर्म, अहंकार और अशांति का अंत हो तथा राष्ट्र निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़े।

    लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी इस अवसर पर कहा कि भगवान श्रीराम भारतीय संस्कृति, आस्था और लोकमंगल के प्रतीक हैं। उनके आदर्श आज भी सुशासन, न्याय और लोककल्याण के लिए प्रेरणा देते हैं। उन्होंने सभी से कर्तव्य, संस्कार और राष्ट्रसेवा के मार्ग पर आगे बढ़ने का आह्वान किया।

    इसके अलावा केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी देशवासियों को रामनवमी की शुभकामनाएं दीं। सभी नेताओं ने भगवान राम के आदर्शों सत्य, सेवा, समर्पण और धर्-को अपनाकर एक बेहतर समाज और राष्ट्र के निर्माण पर जोर दिया।

    देशभर में इस मौके पर मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और शोभायात्राओं का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने प्रभु श्रीराम के जन्मोत्सव को उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया।

  • अयोध्या में कब मनेगी राम नवमी जानिए तिथि मुहूर्त और सूर्य तिलक का समय

    अयोध्या में कब मनेगी राम नवमी जानिए तिथि मुहूर्त और सूर्य तिलक का समय


    नई दिल्ली । पूरे देश में राम नवमी को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं लेकिन इस वर्ष तिथि को लेकर लोगों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। विशेष रूप से अयोध्या में इस पर्व को लेकर श्रद्धालुओं में काफी उत्साह देखा जा रहा है क्योंकि यह भगवान श्रीराम की जन्मस्थली है और यहां राम नवमी का उत्सव अत्यंत भव्य रूप में मनाया जाता है।

    पंचांग के अनुसार चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि 26 मार्च 2026 को सुबह 11 बजकर 46 मिनट पर प्रारंभ हो रही है और 27 मार्च 2026 को सुबह 10 बजकर 7 मिनट पर समाप्त होगी। भगवान श्रीराम का जन्म मध्याह्न काल में हुआ था इसलिए कई श्रद्धालु 26 मार्च को भी राम नवमी मना रहे हैं। वहीं उदया तिथि के आधार पर 27 मार्च को भी इस पर्व का आयोजन किया जा रहा है जिससे लोगों के बीच भ्रम की स्थिति बनी हुई है।

    धार्मिक मान्यताओं और स्थानीय परंपराओं के अनुसार अयोध्या में राम नवमी 27 मार्च 2026 शुक्रवार को मनाई जाएगी। इसी दिन राम मंदिर में रामलला का भव्य जन्मोत्सव आयोजित किया जाएगा। दोपहर 12 बजकर 27 मिनट पर मध्याह्न मुहूर्त में भगवान श्रीराम का जन्म उत्सव मनाया जाएगा जो इस पर्व का सबसे महत्वपूर्ण क्षण माना जाता है।

    राम नवमी के अवसर पर अयोध्या में एक विशेष आकर्षण सूर्य तिलक होता है। इस बार भी वैज्ञानिक तकनीक के माध्यम से सूर्य की किरणें सीधे भगवान राम के मस्तक पर पड़ेंगी और यह अद्भुत दृश्य लगभग चार से पांच मिनट तक दिखाई देगा। यह नजारा लाखों श्रद्धालुओं के लिए आस्था और विज्ञान का अनूठा संगम होता है जिसे देखने के लिए दूर दूर से लोग अयोध्या पहुंचते हैं।

    राम नवमी का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व अत्यंत गहरा है। यह दिन मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जन्म का प्रतीक है जो धर्म सत्य और मर्यादा के आदर्श माने जाते हैं। यह पर्व हमें सिखाता है कि जीवन में सत्य और धर्म का मार्ग ही सर्वोपरि है और अंततः अच्छाई की ही जीत होती है।

    अयोध्या में इस अवसर पर मंदिरों को भव्य रूप से सजाया जाता है और विशेष पूजा अर्चना भजन कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। श्रद्धालु बड़ी संख्या में सरयू नदी में स्नान कर भगवान राम के दर्शन करते हैं और अपने जीवन में सुख समृद्धि और शांति की कामना करते हैं।

    इस प्रकार राम नवमी 2026 का पर्व अयोध्या में 27 मार्च को अत्यंत श्रद्धा और भव्यता के साथ मनाया जाएगा। यह दिन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है बल्कि आस्था और संस्कृति का भी प्रतीक है जो हर भक्त के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और प्रेरणा लेकर आता है।