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  • चित्रकूट में रामनवमी को मनी दिवाली, 22 लाख से अधिक दीपों से जगमगाया शहर

    चित्रकूट में रामनवमी को मनी दिवाली, 22 लाख से अधिक दीपों से जगमगाया शहर


    सतना।
    भगवान श्रीराम की तपोभूमि चित्रकूट के गौरव दिवस रामनवमी के अवसर पर शुक्रवार शाम को 22 लाख से अधिक दीपों का प्रज्ज्वलन किया गया, जिससे संपूर्ण नगर जगमग हो गया। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश दोनों ही हिस्सों में शामिल संपूर्ण चित्रकूट नगर को दीपकों की रोशनी से सुसज्जित किया गया। ऐसा लगा मानो चित्रकूट में दीपावली मनाई जा रही हो।

    चित्रकूट के गौरव दिवस को लेकर संपूर्ण चित्रकूट वासियों में विशेष उल्लास और उत्साह देखने को मिला। चित्रकूट में स्थित आश्रम, मंदिर प्रांगण, मंदाकिनी तट, कामदगिरी परिक्रमा एवं शैक्षणिक संस्थानों तथा परिसरों में पूर्णतः जन सहयोग से 22 लाख से अधिक दीपक जलाए गए। इसके साथ ही सभी चित्रकूट वासियों ने अपने-अपने घरों में दीपकों की लड़ियां सजा कर रामनवमी का प्रकाश पर्व मनाया।

    चित्रकूट के गौरव दिवस पर पूरे चित्रकूट नगर में दिवाली से भी कहीं अधिक दीपकों की सजावट मुख्य मार्गों, सभी आवासीय परिसर, शैक्षणिक संस्थान सहित सभी मंदिर, आश्रम, स्वयं सेवी संस्थान, पवित्र मंदाकिनी के दोनों तरफ के घाट, कामदगिरि परिक्रमा और कामतानाथ मंदिर सहित संपूर्ण चित्रकूट नगर में की गई थी।

    नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी, सांसद गणेश सिंह, विधायक सुरेंद्र सिंह गहरवार, डीआरआई के संगठन सचिव अभय महाजन, सदगुरु संघ के ट्रस्टी इलेश जैन, नगर पंचायत अध्यक्ष साधना पटेल, कुलगुरु प्रो. आलोक चौबे, सतना कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस, पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह, चित्रकूट कलेक्टर पुलकित गर्ग, पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह, वन मंडलाधिकारी मयंक चांदीवाल, जिला पंचायत सीईओ शैलेंद्र सिंह, एसडीएम महिपाल सिंह गुर्जर, जिलाध्यक्ष भगवती प्रसाद पाण्डेय सहित साधु-संतो एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों, विश्वविद्यालयीन छात्र-छात्राओं के अलावा संपूर्ण चित्रकूट वासियों ने पवित्र मां मंदाकिनी के दोनों तट पर दीपोत्सव में हिस्सा लिया।

    चित्रकूट के संत-महात्मा और विश्वविद्यालय एवं स्वयेंसवी संस्थानों ने बढ़-चढ़कर हिस्सेदारी निभाई। गौरव दिवस पर 22 लाख दीपक जलाने के, संकल्प से कहीं अधिक दीपक जलाये गये। चित्रकूट के प्रमुख मार्गों के दोनो तरफ भी दीप मालिका सजाई गई। चित्रकूट के गौरव दिवस पर मा मंदाकिनी के भरत घाट पर मां मंदाकिनी गंगा की विशेष आरती का आयोजन किया गया। राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी और सांसद गणेश सिंह ने मां मंदाकिनी गंगा का पूजन किया। गंगा आरती के दौरान चित्रकूट के मुक्त आकाश में आतिशबाजी भी की गई।


    लोक एवं भक्ति गायन के साथ नृत्य प्रस्तुतियों में दिखी श्रीराम की महिमा

    भगवान श्रीराम के सम्बन्ध में पौराणिक मान्यताओं के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर भी अनेक आख्यान, जनश्रुति प्रचलित हैं, जो आम जनमानस में विश्वास के रूप में मान्य है। मध्य प्रदेश शासन संस्कृति विभाग द्वारा श्रीराम जन्मोत्सव की गरिमा अनुरूप धार्मिक एवं पौराणिक मान्यताओं को दृष्टिगत रखते हुए प्राकट्य पर्व का आयोजन चित्रकूट में मां मंदाकिनी के भरत घाट पर किया गया।

    नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी और सांसद गणेश सिंह ने दीप प्रज्जवलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। संस्कृति विभाग द्वारा जिला प्रशासन सतना के सहयोग से भरत घाट चित्रकूट में आयोजित प्राकट्य पर्व कार्यक्रम में सांस्कृतिक स्वरूपों में श्रीराम की महिमा देखने को मिली। श्रीराम नवमीं के पावन अवसर पर नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से अवगत कराने के उद्देश्य से संस्कृति विभाग द्वारा प्राकट्य पर्व का आयोजन किया गया। चित्रकूट में संपन्न कार्यक्रम में सर्वप्रथम बघेली लोक गायन की प्रस्तुति स्नेहा मिश्रा मऊगंज द्वारा दी गई। इसके बाद श्रीराम केन्द्रित नृत्य नाटिका तरुणा सिंह ग्वालियर के निर्देशन में दी गई। वहीं सुविख्यात भजन गायक शर्मा बंधु उज्जैन द्वारा भक्ति गायन की प्रस्तुति दी गई।


    ग्रामोदय विश्वविद्यालय एक लाख एक हजार दीपों के प्रज्वलन के साथ चित्रकूट गौरव दिवस में सहभागी बना

    मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम के प्राकट्य दिवस रामनवमी के पावन अवसर पर आयोजित सामूहिक “चित्रकूट गौरव दिवस” कार्यक्रम में महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय ने कुलगुरु प्रो. आलोक चौबे के नेतृत्व में एक लाख एक हजार दीपों के प्रज्वलन के साथ उत्साहपूर्वक सहभागिता की। यह भव्य आयोजन हर्ष, उल्लास और आध्यात्मिक वातावरण के बीच संपन्न हुआ।

    इस अवसर पर विश्वविद्यालय द्वारा सतना-चित्रकूट मुख्य मार्ग स्थित मुख्य परिसर, परिक्रमा बाईपास मार्ग पर स्थित कृषि परिसर तथा इससे जुड़े प्रमुख मार्गों पर दीप प्रज्वलित किए गए, जिससे सम्पूर्ण क्षेत्र दीपमालिका से आलोकित हो उठा। कुलगुरु प्रो. आलोक चौबे ने दीप प्रज्वलन के दौरान चिन्हित स्थलों का अवलोकन करते हुए शिक्षकों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने इस आयोजन को आस्था, एकता और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बताया।

    कुलसचिव प्रो. आञ्जनेय पांडेय ने जानकारी दी कि आयोजन की सफलता हेतु विश्वविद्यालय के सभी संकायों, विभागों एवं अनुभागों को पूर्व से ही दायित्व सौंपे गए थे। सभी ने अपने-अपने निर्धारित स्थलों पर दीप प्रज्वलन कर सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की। सभी संकायों के अधिष्ठाता, शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी एवं विद्यार्थियों ने समन्वित रूप से अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए एक लाख एक हजार मिट्टी के दीपों को प्रज्वलित कर चित्रकूट गौरव दिवस को भव्यता प्रदान की। दीपों की मनोहारी श्रृंखला ने क्षेत्र में आध्यात्मिक ऊर्जा, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक चेतना का संदेश प्रसारित किया।

  • रामनवमी पर अयोध्या में अद्भुत सूर्य तिलक से आलोकित हुआ रामलला का दरबार

    रामनवमी पर अयोध्या में अद्भुत सूर्य तिलक से आलोकित हुआ रामलला का दरबार


    नई दिल्ली:रामनगरी अयोध्या एक बार फिर भक्ति और आस्था के अद्भुत संगम की साक्षी बनी जब रामनवमी के पावन अवसर पर राम जन्मभूमि मंदिर में भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव का भव्य और दिव्य आयोजन संपन्न हुआ दोपहर ठीक 12 बजे अभिजीत मुहूर्त में जैसे ही सूर्य की किरणें मंदिर के गर्भगृह तक पहुंचीं वैसे ही रामलला के ललाट पर सूर्य तिलक का अलौकिक दृश्य साकार हो उठा यह क्षण न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण था बल्कि इसे देखने वाले श्रद्धालुओं के लिए जीवन भर की अविस्मरणीय अनुभूति बन गया

    सूर्य तिलक का यह अद्भुत दृश्य करीब नौ मिनट तक बना रहा जिसमें सूर्य की किरणें सटीक कोण से रामलला के मस्तक पर केंद्रित रहीं मंदिर परिसर इस दौरान दिव्य प्रकाश से आलोकित हो उठा और हर ओर जय श्रीराम के जयघोष गूंजने लगे इस विशेष आयोजन को भगवान श्रीराम के जन्म क्षण का प्रतीकात्मक पुनर्सृजन माना गया जिससे श्रद्धालुओं की आस्था और भी गहरी हो गई

    इस दिव्य क्षण को संभव बनाने के पीछे आधुनिक विज्ञान और प्राचीन आस्था का अद्भुत मेल देखने को मिला करीब 65 फीट लंबी विशेष प्रणाली के माध्यम से सूर्य की किरणों को गर्भगृह तक पहुंचाया गया इस प्रणाली में अष्टधातु के पाइप लेंस और दर्पणों का उपयोग किया गया जिनकी सहायता से सूर्य प्रकाश को परावर्तित कर सटीक स्थान तक लाया गया परिणामस्वरूप रामलला के ललाट पर लगभग 75 मिमी का तेजस्वी तिलक उभर कर सामने आया

    इससे पहले इस पूरी प्रक्रिया का लगातार तीन दिनों तक परीक्षण किया गया ताकि निर्धारित समय पर किसी भी प्रकार की त्रुटि न हो और सूर्य तिलक पूरी सटीकता के साथ संपन्न हो सके मंदिर प्रशासन और वैज्ञानिकों के संयुक्त प्रयास ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया

    धार्मिक अनुष्ठानों की बात करें तो गर्भगृह में 14 पुजारियों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विशेष पूजा अर्चना की और पंचामृत अभिषेक संपन्न कराया इसके बाद भगवान की भव्य आरती की गई और उन्हें स्वर्ण जड़ित पीतांबर मुकुट और आभूषणों से अलंकृत किया गया जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में भगवान को 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग भी अर्पित किया गया जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो उठा

    रामनवमी के इस विशेष अवसर पर अयोध्या में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा राम पथ भक्ति पथ और जन्मभूमि पथ पर लंबी कतारें देखी गईं श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जगह जगह एलईडी स्क्रीन लगाई गईं जिनके माध्यम से पूरे आयोजन का सीधा प्रसारण किया गया ताकि हर कोई इस दिव्य क्षण का साक्षी बन सके

    मंदिर प्रशासन ने भी विशेष व्यवस्था करते हुए दर्शन का समय बढ़ा दिया जिससे अधिक से अधिक श्रद्धालु भगवान के दर्शन कर सकें सुबह 5 बजे से रात 11 बजे तक मंदिर के द्वार खुले रहे इस दौरान सुरक्षा और व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए

    इस बार की रामनवमी को धार्मिक दृष्टि से भी अत्यंत विशेष माना जा रहा है क्योंकि रवि योग और सर्वार्थसिद्धि योग का दुर्लभ संयोग बना जिसने इस पर्व की महत्ता को और अधिक बढ़ा दिया पूरे आयोजन के दौरान अयोध्या नगरी भक्ति उल्लास और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर नजर आई साधु संत और श्रद्धालु भजन कीर्तन में लीन रहे और हर ओर उत्सव का वातावरण छाया रहा इस प्रकार रामनवमी का यह पर्व अपने चरम उल्लास और भव्यता के साथ संपन्न हुआ

  • Bank Holiday: आज कई जगह राम नवमी की छुट्टी… इन शहरों में बंद रहेंगे बैक

    Bank Holiday: आज कई जगह राम नवमी की छुट्टी… इन शहरों में बंद रहेंगे बैक


    नई दिल्ली।
    आज यानी 26 मार्च को देश के कई हिस्सों में बैंकों की छुट्टी (Bank Holiday) है। यह हॉलीडे रामनवमी (Ram Navami) के अवसर पर घोषित किया गया है। इस दिन मुंबई, अहमदाबाद, कोलकाता समेत कई बड़े शहरों में बैंक शाखाएं (Bank Branches) बंद रहेंगी। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के कैलेंडर के अनुसार, आज इन प्रमुख शहरों अहमदाबाद, आइजोल, बेलापुर, चंडीगढ़, देहरादून, जयपुर, कानपुर, कोलकाता, लखनऊ, मुंबई, नागपुर और शिमला में बैंक बंद रहेंगे।

    ध्यान दें कि बैंक छुट्टियां राज्य और स्थानीय त्योहारों के अनुसार अलग-अलग होती हैं, इसलिए पूरे देश में एक साथ बैंक बंद नहीं रहते। बता दें उत्तर प्रदेश में राम नवमी के लिए सरकार ने दो दिन का अवकाश घोषित किया है।

    26 से 31 मार्च तक लंबी छुट्टियां, जानें पूरा शेड्यूल
    मार्च के आखिरी सप्ताह में बैंकिंग सेवाओं पर असर पड़ने वाला है। 26 मार्च से 31 मार्च के बीच लगातार छुट्टियों के कारण बैंक सिर्फ एक दिन ही खुलेंगे। ऐसे में ग्राहकों को अपने जरूरी काम पहले ही निपटा लेने की सलाह दी जा रही है।

    दरअसल, 26 और 27 मार्च को रामनवमी के चलते कई राज्यों में बैंक बंद रहेंगे। इसके बाद 28 मार्च को महीने का चौथा शनिवार होने की वजह से देशभर में बैंकिंग सेवाएं बंद रहेंगी। 29 मार्च को रविवार का साप्ताहिक अवकाश रहेगा। इन लगातार छुट्टियों के बाद 30 मार्च (सोमवार) को ही बैंक खुलेंगे।

    हालांकि, राहत सिर्फ एक दिन की ही है, क्योंकि 31 मार्च को महावीर जयंती के अवसर पर फिर से बैंक बंद रहेंगे। यानी 26 से 31 मार्च के बीच पूरे 6 दिनों में बैंक सिर्फ 30 मार्च को ही खुलेंगे। इस दौरान ऑनलाइन बैंकिंग, यूपीआई और एटीएम सेवाएं जारी रहेंगी, लेकिन शाखाओं से जुड़े काम प्रभावित हो सकते हैं। इसलिए चेक क्लियरेंस, कैश डिपॉजिट या अन्य जरूरी बैंकिंग कार्यों के लिए ग्राहकों को पहले से योजना बनाने की जरूरत है।

    इससे पहले भी मार्च की शुरुआत में होली के मौके पर यूपी में लगातार 4 दिन बैंक बंद रहे थे, जिससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। अब एक बार फिर लंबी छुट्टियों का असर बैंकिंग सेवाओं पर पड़ने वाला है।

    RBI कैलेंडर के मुताबिक मार्च में 18 छुट्टियां
    भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) हर साल बैंक हॉलिडे कैलेंडर जारी करता है। इसके मुताबिक मार्च 2026 में कुल 18 बैंक छुट्टियां निर्धारित हैं, जिनमें त्योहारों के अलावा रविवार और दूसरे-चौथे शनिवार भी शामिल हैं। इनमें से अधिकतर बित चुकी हैं।

    क्यों मनाई जाती है राम नवमी: राम नवमी भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाती है, जो भगवान विष्णु के अवतार माने जाते हैं। यह दिन देशभर में पूजा, व्रत और भक्ति के साथ मनाया जाता है।

  • चैत्र नवरात्रि 2026: 19 मार्च से शुरू, जानें कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त और देवी आगमन की खास बातें

    चैत्र नवरात्रि 2026: 19 मार्च से शुरू, जानें कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त और देवी आगमन की खास बातें

    नई दिल्ली । साल में चार नवरात्रि आती हैं लेकिन चैत्र और शारदीय नवरात्रि का विशेष महत्व है। हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 19 मार्च 2026 को पड़ेगी जिसे हिंदू नव वर्ष की शुरुआत के रूप में भी माना जाता है। इस साल चैत्र नवरात्रि गुरुवार 19 मार्च से शुरू होकर 27 मार्च तक रामनवमी के साथ समाप्त होंगे। यह नौ दिन का पर्व भक्तों के लिए मां भगवती के नौ स्वरूपों की पूजा और आराधना का अवसर लेकर आता है जिससे घर में सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि आती है।

    चैत्र नवरात्रि की शुरुआत प्रतिपदा तिथि से होती है। 19 मार्च गुरुवार सुबह 6.52 बजे से प्रतिपदा तिथि प्रारंभ होगी और 20 मार्च शुक्रवार सुबह 4.52 बजे समाप्त होगी। धार्मिक मान्यता अनुसार उदया तिथि के आधार पर नवरात्रि की शुरुआत 19 मार्च से मानी जाएगी। इस दिन से भक्त मां दुर्गा के नौ रूपों की नौ दिनों तक पूजा अर्चना करेंगे।

    नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना का विशेष महत्व है। इस दिन देवी के आवाहन के लिए घर या मंदिर में कलश स्थापित किया जाता है। साल 2026 में कलश स्थापना के लिए दो शुभ मुहूर्त बताए गए हैं। पहला मुहूर्त सुबह 6.52 बजे से 7.43 बजे तक रहेगा जबकि दूसरा मुहूर्त दोपहर 12.5 बजे से 12.53 बजे तक रहेगा। इन दोनों समयों में श्रद्धालु अपनी विधिपूर्वक पूजा और कलश स्थापना कर सकते हैं।

    नवरात्रि से पहले देवी आगमन का तरीका भी धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। इस साल मां दुर्गा का आगमन डोली पर नहीं होगा क्योंकि गुरुवार से नवरात्रि प्रारंभ होने के कारण इसे अशुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता अनुसार डोली पर देवी का आगमन अस्थिरता और समाज तथा राजनीति में उथल पुथल का संकेत माना जाता है। इसके विपरीत इस वर्ष मां दुर्गा का गमन हाथी पर होगा जिसे शुभ और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। हाथी पर गमन सुख समृद्धि और अच्छी वर्षा का संकेत देता है जिससे पूरे देश में सकारात्मक ऊर्जा फैलती है।

    इस बार की विशेषता यह है कि चैत्र नवरात्रि में किसी भी तिथि का क्षय या वृद्धि नहीं होगी। यानी पूरे नौ दिनों तक श्रद्धालु बिना किसी बाधा के मां दुर्गा के नौ अलग अलग रूपों की पूजा कर सकेंगे। 19 मार्च से 27 मार्च तक चलने वाले इन नवरात्रियों में भक्तों को मां के पूरे नौ दिन की आराधना करने का अवसर मिलेगा।

    चैत्र नवरात्रि 2026 श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक शांति समृद्धि और घर में खुशहाली का संदेश लेकर आ रहा है। कलश स्थापना से लेकर देवी आगमन तक हर चरण में धार्मिक मान्यताओं का पालन करना शुभ फलदायी माना गया है। इसलिए इस नवरात्रि पर भक्त अपने घर या मंदिर में विधिपूर्वक पूजा कर घर में सकारात्मक ऊर्जा और सौभाग्य की प्राप्ति कर सकते हैं।

  • Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि कब शुरू होगी, घटस्थापना मुहूर्त और 9 दिन का कैलेंडर

    Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि कब शुरू होगी, घटस्थापना मुहूर्त और 9 दिन का कैलेंडर


    नई दिल्‍ली । चैत्र नवरात्रि हिंदू धर्म का सबसे पवित्र पर्व है, जिसमें मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। इस साल चैत्र नवरात्रि 19 मार्च 2026 गुरुवार से शुरू होकर 27 मार्च 2026 शुक्रवार को रामनवमी के साथ समाप्त होगी।

    चैत्र नवरात्रि 2026 की शुरुआत और समापन प्रारंभ चैत्र शुक्ल प्रतिपदा: 19 मार्च 2026 सुबह 6:52 बजे से

    समाप्ति: 27 मार्च 2026 रामनवमी

    नवरात्रि की अवधि: 9 दिन

    घटस्थापना मुहूर्त 2026

    इस साल घटस्थापना के लिए दो शुभ मुहूर्त हैं:

    सुबह 6:52 बजे से 7:43 बजे तक

    दोपहर 12:05 बजे से 12:53 बजे तक

    पहले दिन बनने वाले शुभ योग 19 मार्च 2026

    सर्वार्थ सिद्धि योग: 20 मार्च सुबह 04:05 से 06:25

    शुक्ल योग: प्रातःकाल से रात 01:17 तक

    ब्रह्म योग: शुक्ल योग के बाद

    इन योगों के कारण कलश स्थापना और पूजा का फल बढ़ जाता है।
    राहुकाल 19 मार्च 2026
    राहुकाल: दोपहर 2:00 बजे से 3:30 बजे तक
    इस समय कोई शुभ कार्य या पूजा न करें। घटस्थापना राहुकाल से पहले या बाद में करें।

    चैत्र नवरात्रि 2026 – 9 दिन का कैलेंडर

    दिन तारीख वार तिथि पूजा
    दिन 1 19 मार्च गुरुवार प्रतिपदा घटस्थापना, शैलपुत्री पूजा
    दिन 2 20 मार्च शुक्रवार द्वितीया ब्रह्मचारिणी पूजा
    दिन 3 21 मार्च शनिवार तृतीया चंद्रघंटा पूजा
    दिन 4 22 मार्च रविवार चतुर्थी कूष्मांडा पूजा
    दिन 5 23 मार्च सोमवार पंचमी स्कंदमाता पूजा
    दिन 6 24 मार्च मंगलवार षष्ठी कात्यायनी पूजा
    दिन 7 25 मार्च बुधवार सप्तमी कालरात्रि पूजा, महासप्तमी
    दिन 8 26 मार्च गुरुवार अष्टमी महागौरी पूजा, दुर्गा अष्टमी
    दिन 9 27 मार्च शुक्रवार नवमी नवरात्रि पारण, रामनवमी

  • हिंदू पंचांग 2026: मकर संक्रांति से दिवाली तक, जानें सालभर के प्रमुख पर्व और व्रत

    हिंदू पंचांग 2026: मकर संक्रांति से दिवाली तक, जानें सालभर के प्रमुख पर्व और व्रत


    नई दिल्ली।साल 2026 की शुरुआत के साथ ही लोगों में व्रत और त्योहारों की तारीखों को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है। हिंदू धर्म में व्रत और पर्व न केवल धार्मिक अनुष्ठानों का हिस्सा हैं, बल्कि ये सामाजिक और सांस्कृतिक एकता के प्रतीक भी माने जाते हैं। मकर संक्रांति, होली, दिवाली जैसी प्रमुख खुशियों से जुड़ी तिथियों का जानना इसलिए जरूरी होता है, ताकि पारिवारिक आयोजनों और धार्मिक अनुष्ठानों की योजना पहले से बनाई जा सके।हिंदू पंचांग के अनुसार अधिकांश त्योहार सूर्य और चंद्रमा की गति पर आधारित होते हैं। इसी वजह से हर साल इनकी तिथियों में बदलाव होता है।

    मकर संक्रांति 2026

    साल 2026 में मकर संक्रांति 14 जनवरी, बुधवार को मनाई जाएगी। इस दिन सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है। मकर संक्रांति को विशेष रूप से दान-पुण्य और उत्सव के रूप में माना जाता है। इसी दिन पोंगल, उत्तरायण और षटतिला एकादशी भी पड़ रही हैं। यह पर्व किसानों और सूर्य के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर होता है।

    होली 2026

    फाल्गुन मास की पूर्णिमा पर मनाई जाने वाली होली इस साल 4 मार्च, बुधवार को है। होली से एक दिन पहले, 3 मार्च को होलिका दहन होगा। यह पर्व रंगों का उत्सव और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। पूरे देश में इस दिन लोग एक-दूसरे को रंग लगाकर और मिठाई बांटकर भाईचारे और प्रेम का संदेश देते हैं।

    दिवाली 2026

    दीपों का त्योहार दिवाली इस साल 8 नवंबर को है। इसके अगले दिन 9 नवंबर को दिवाली अमावस्या पड़ रही है। दिवाली से जुड़ी अन्य प्रमुख तिथियां इस प्रकार हैं: 6 नवंबर – धनत्रयोदशी, 10 नवंबर – बलिपद्यमी। यह त्योहार अंधकार पर प्रकाश की जीत और घर में खुशहाली लाने का प्रतीक माना जाता है।

    नवरात्रि और राम नवमी

    चैत्र नवरात्रि 2026 की शुरुआत 19 मार्च से होगी। इसी दिन घटस्थापना, उगाड़ी और गुड़ी पड़वा भी मनाए जाएंगे। 26 मार्च को राम नवमी और 27 मार्च को नवरात्रि पारणा होगी। वहीं शारदीय नवरात्रि 11 अक्टूबर से शुरू होकर 20 अक्टूबर को दशहरा के साथ समाप्त होगी।

    महाशिवरात्रि और अन्य प्रमुख व्रत

    साल 2026 में महाशिवरात्रि 15 फरवरी को मनाई जाएगी। इसके अलावा पूरे साल नियमित रूप से एकादशी, प्रदोष व्रत, संकष्टी चतुर्थी और पूर्णिमा-अमावस्या पड़ेंगे। ये व्रत न केवल धार्मिक जीवन में महत्वपूर्ण हैं, बल्कि परिवार और समाज में पारंपरिक और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने में मददगार हैं।धार्मिक विशेषज्ञों के अनुसार व्रत और त्योहार हमारे जीवन में आस्था, अनुशासन और सामाजिक संबंधों को बनाए रखने का मार्ग दिखाते हैं। इसलिए साल 2026 की व्रत-त्योहार सूची हर परिवार के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी।