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  • राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर संसद में सपा का प्रदर्शन: दानपेटी लेकर पहुंचीं डिंपल, छात्र आंदोलन पर भी घेरा

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर संसद में सपा का प्रदर्शन: दानपेटी लेकर पहुंचीं डिंपल, छात्र आंदोलन पर भी घेरा


    लखनऊ। राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे को लेकर समाजवादी पार्टी ने बुधवार को संसद भवन परिसर में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। सपा सांसदों ने दानपेटी के साथ प्रदर्शन करते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान सपा सांसद डिंपल यादव दानपेटी लेकर संसद पहुंचीं और सांसदों के साथ-साथ मीडिया कर्मियों से भी उसमें प्रतीकात्मक रूप से धनराशि डालने की अपील की। इसके बाद कई सांसदों ने दानपेटी में नोट डाले, जबकि पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इसमें सहयोग राशि डाली। प्रदर्शन के दौरान सांसदों ने “चढ़ावा चोर, गद्दी छोड़” के नारे लगाए।

    डिंपल यादव ने आरोप लगाया कि चढ़ावे के पैसे का दुरुपयोग हुआ है और मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी घटना के बाद राज्य सरकार को जवाब देना चाहिए कि यह कैसे हुआ। उनका आरोप था कि विशेष जांच दल (SIT) का गठन केवल लोगों का ध्यान भटकाने के लिए किया गया।

    अखिलेश यादव ने कहा कि यदि दानपात्र तक सुरक्षित नहीं रह सके तो व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि जो लोग आस्था से जुड़े मामलों की रक्षा नहीं कर पाए, उनसे युवाओं के भविष्य की सुरक्षा की भी उम्मीद नहीं की जा सकती।

    इसी दौरान अखिलेश यादव ने छात्र आंदोलन के मुद्दे पर भी राहुल गांधी का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि छात्रों पर पैलेट गन चलाए जाने की घटना गंभीर है और इसकी जिम्मेदारी केंद्रीय गृह मंत्री को लेनी चाहिए।

    उधर, लोकसभा की कार्यवाही बुधवार सुबह 11 बजे शुरू होते ही विपक्ष के हंगामे की भेंट चढ़ गई। लगातार नारेबाजी के कारण सदन की कार्यवाही पहले दोपहर 12 बजे तक और बाद में कई बार स्थगित करनी पड़ी। दोपहर तीन बजे कार्यवाही दोबारा शुरू हुई, लेकिन करीब 22 मिनट ही चल सकी। इस दौरान ‘पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ पारित किया गया। इसके बाद सदन की कार्यवाही गुरुवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

    पेपर लीक से जुड़े इस संशोधन विधेयक पर लगातार दूसरे दिन चर्चा हुई। इससे पहले मंगलवार को इस विषय पर करीब नौ घंटे तक बहस चली थी।

    इस बीच फैजाबाद (अयोध्या) से सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस मामले में “बड़ी मछलियों” को बचाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने दावा किया कि जनता सब देख रही है और आगामी चुनाव में इसका असर दिखाई देगा।

  • राम मंदिर विवाद पर धीरेंद्र शास्त्री की दो टूक, बोले- सरकारी सजा से नहीं बचेंगे, ईश्वर का न्याय भी होगा

    राम मंदिर विवाद पर धीरेंद्र शास्त्री की दो टूक, बोले- सरकारी सजा से नहीं बचेंगे, ईश्वर का न्याय भी होगा

    छतरपुर। अयोध्या स्थित राम मंदिर में कथित चढ़ावा गड़बड़ी के मामले को लेकर देशभर में चर्चा जारी है। इस बीच बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भी इस मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यदि किसी ने भगवान के मंदिर और श्रद्धालुओं की आस्था के साथ छल किया है तो वह केवल आर्थिक अपराध नहीं बल्कि करोड़ों लोगों की धार्मिक भावनाओं के साथ विश्वासघात है। ऐसे लोगों को कानून के साथ-साथ ईश्वरीय न्याय का भी सामना करना पड़ेगा।

    इंडोनेशिया में आयोजित हनुमान कथा के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने इस मुद्दे पर बोलते हुए कहा कि मंदिर में चढ़ाए गए दान में कथित गड़बड़ी केवल धन की चोरी नहीं बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की श्रद्धा और विश्वास की चोरी है। उन्होंने कहा कि जो लोग भगवान के नाम पर चढ़ाई गई राशि में अनियमितता करते हैं वे महापाप के भागीदार बनते हैं।

    उन्होंने अपने संबोधन में रामायण का उदाहरण देते हुए कहा कि माता सीता का हरण करने वाले रावण का पूरा वंश नष्ट हो गया था। उसी प्रकार यदि कोई भगवान श्रीराम के मंदिर की पवित्रता और श्रद्धालुओं के विश्वास के साथ खिलवाड़ करता है तो उसे भी उसके कर्मों का परिणाम अवश्य भुगतना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को केवल सरकारी कार्रवाई ही नहीं बल्कि ईश्वर के न्याय का भी सामना करना होगा।

    धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि मामले में प्राथमिकी दर्ज होना एक महत्वपूर्ण कदम है लेकिन जांच को पूरी गंभीरता और निष्पक्षता के साथ आगे बढ़ाया जाना चाहिए। उनके अनुसार यदि निष्पक्ष जांच होगी तो पूरे प्रकरण से जुड़े सभी तथ्यों और जिम्मेदार लोगों का भी खुलासा होगा। उन्होंने कहा कि किसी भी धार्मिक संस्था की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है।

    राम मंदिर में कथित चढ़ावा गड़बड़ी का मुद्दा उस समय सामने आया जब इस मामले को लेकर शिकायतें और आरोप सार्वजनिक हुए। इसके बाद जांच की मांग तेज हुई और विभिन्न स्तरों पर बैठकों तथा प्रशासनिक कार्रवाई का दौर शुरू हुआ। बाद में विशेष जांच के आधार पर संबंधित थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई और कई लोगों को नामजद किया गया।

    मामले के बीच ट्रस्ट में भी महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिले। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा के पद छोड़ने की खबर भी सामने आई। हालांकि पूरे प्रकरण की जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष जांच एजेंसियों की रिपोर्ट तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा।

    धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने श्रद्धालुओं से संयम बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि सत्य देर-सवेर सामने आता है और न्याय की प्रक्रिया पर विश्वास रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि भगवान के दरबार में किसी भी दोषी को उसके कर्मों का फल अवश्य मिलता है।