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  • जब दंगल की शूटिंग में हो गई थी बड़ी गड़बड़, नितेश तिवारी ने VFX से ऐसा खेल रचा कि सब देखते रह गए

    जब दंगल की शूटिंग में हो गई थी बड़ी गड़बड़, नितेश तिवारी ने VFX से ऐसा खेल रचा कि सब देखते रह गए


    नई दिल्ली। रणबीर कपूर स्टारर रामायण का ट्रेलर रिलीज होने के बाद फिल्म के विजुअल्स और VFX को लेकर जबरदस्त चर्चा हो रही है। फिल्म के निर्देशक नितेश तिवारी को लेकर ट्रेलर रिलीज से पहले सोशल मीडिया पर कई तरह के सवाल भी उठाए गए थे। कुछ लोगों का मानना था कि दंगल और छिछोरे जैसी फिल्मों का निर्देशन कर चुके नितेश तिवारी इतने बड़े VFX प्रोजेक्ट के लिए सही चुनाव नहीं हैं। इसकी वजह यह बताई जा रही थी कि उनकी पिछली फिल्मों में बड़े स्तर पर VFX का इस्तेमाल देखने को नहीं मिला था। हालांकि दंगल से जुड़े उनके कुछ पुराने किस्से बताते हैं कि नितेश तिवारी शूटिंग और पोस्ट प्रोडक्शन के स्तर पर तकनीक का बेहद समझदारी से इस्तेमाल कर चुके हैं।

    नितेश तिवारी की फिल्म दंगल साल 2016 में रिलीज हुई थी और आमिर खान स्टारर इस फिल्म ने दर्शकों के साथ साथ बॉक्स ऑफिस पर भी शानदार सफलता हासिल की थी। फिल्म की कहानी और कलाकारों के अभिनय की जितनी चर्चा हुई उतनी ही दिलचस्प इसके निर्माण से जुड़ी कई बातें भी हैं। खास बात यह है कि फिल्म के कुछ ऐसे सीन भी थे जिनकी शूटिंग के दौरान खामियां सामने आने के बाद नितेश तिवारी ने VFX और क्रोमा तकनीक का सहारा लिया और दर्शकों को इसकी भनक तक नहीं लगने दी।

    दंगल के क्लाइमैक्स से जुड़ा एक सीन इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। फिल्म में महावीर सिंह फोगाट को एक कमरे में बंद कर दिया जाता है। इस पूरे सीक्वेंस की शूटिंग के दौरान टीम ने महसूस किया कि दरवाजा तोड़ने वाले हिस्से को जितना प्रभावी होना चाहिए था उतना शूट नहीं किया जा सका। एडिटिंग के दौरान जब नितेश तिवारी और उनकी टीम ने फुटेज देखा तो उन्हें महसूस हुआ कि सीन में जरूरी प्रभाव की कमी है। समस्या यह थी कि जिस कमरे में शूटिंग हुई थी वह लोकेशन अब दोबारा उपलब्ध नहीं थी।

    ऐसे में नितेश तिवारी ने दोबारा पूरी शूटिंग करने के बजाय तकनीक का सहारा लिया। उन्होंने एक अलग दरवाजा तैयार करवाया और आमिर खान को उसके सामने खड़ा करके पीछे क्रोमा लगाया। इसके बाद जरूरी शॉट्स शूट किए गए और पोस्ट प्रोडक्शन में उन्हें पहले से मौजूद फुटेज के साथ इस तरह जोड़ा गया कि पूरा सीन स्वाभाविक दिखाई देने लगा। दर्शकों को फिल्म देखते समय यह अंदाजा लगाना मुश्किल था कि सीन के एक हिस्से को बाद में VFX की मदद से तैयार किया गया है।

    दंगल में एक और सीन ऐसा था जहां कहानी के भीतर एक तरह का विरोधाभास दिखाई दे रहा था। यह वह हिस्सा था जब महावीर फोगाट अपनी बेटियों को लड़कों के दंगल में उतारने के लिए ले जाते हैं। वहां मौजूद एक व्यक्ति लड़कियों को लड़कों के साथ मुकाबला कराने का विरोध करता है लेकिन बाद में एक अन्य व्यक्ति यह बात कहता है कि अगर लड़कियां लड़कों के साथ दंगल करेंगी तो मुकाबला देखने के लिए भीड़ जुटेगी और दंगल हिट हो जाएगा।

    इस सीन को भी नितेश तिवारी ने साधारण तरीके से दोबारा शूट करने के बजाय VFX और क्रोमा की मदद से ठीक किया। दूसरे कलाकार की मदद से जरूरी हिस्सा शूट किया गया और फिर उसे मौजूदा सीन में इस तरह शामिल किया गया कि कहानी की निरंतरता बनी रहे। सबसे दिलचस्प बात यह रही कि फिल्म देखने वाले ज्यादातर दर्शक इस बदलाव को पहचान भी नहीं पाए।

    यही वजह है कि रामायण के बड़े VFX प्रोजेक्ट को लेकर नितेश तिवारी की क्षमता पर सवाल उठाने से पहले उनके पुराने काम को देखना जरूरी है। दंगल में उन्होंने सीमित परिस्थितियों के बावजूद तकनीक और कहानी के बीच ऐसा संतुलन बनाया था कि VFX पर्दे पर अलग से नजर नहीं आया बल्कि कहानी का हिस्सा बन गया। अब रामायण में उन्हें इससे कहीं बड़े स्तर पर यही काम करना है। फिल्म के ट्रेलर ने जिस तरह के भव्य विजुअल्स दिखाए हैं उससे साफ है कि नितेश तिवारी के सामने इस बार चुनौती बड़ी है लेकिन दंगल का उनका अनुभव उनके लिए निश्चित तौर पर मजबूत आधार साबित हो सकता है।

  • रामायण ट्रेलर पर कॉस्ट्यूम विवाद तेज, सुरभि दास बोलीं ब्लाउज पहनाते तब भी सवाल होते और नहीं पहनाते तब भी

    रामायण ट्रेलर पर कॉस्ट्यूम विवाद तेज, सुरभि दास बोलीं ब्लाउज पहनाते तब भी सवाल होते और नहीं पहनाते तब भी


    नई दिल्ली। नितेश तिवारी की बहुप्रतीक्षित फिल्म रामायण का ट्रेलर रिलीज होने के बाद सोशल मीडिया पर इसकी चर्चा तेज हो गई है। जहां एक ओर ट्रेलर के विजुअल्स और भव्य प्रस्तुति की सराहना हो रही है वहीं दूसरी ओर फिल्म के कुछ किरदारों के कॉस्ट्यूम को लेकर बहस भी छिड़ गई है। खास तौर पर माता सीता का किरदार निभा रहीं साई पल्लवी और कैकेयी की भूमिका में नजर आ रहीं लारा दत्ता के पहनावे को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। अब इस विवाद पर फिल्म में श्रुतकीर्ति की भूमिका निभा रहीं अभिनेत्री सुरभि दास ने अपनी बात रखी है।

    सुरभि दास ने कहा कि किसी भी बड़े प्रोजेक्ट के साथ अलग अलग तरह की राय सामने आना स्वाभाविक है और हर व्यक्ति को संतुष्ट करना संभव नहीं होता। उनके अनुसार दर्शकों को किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पूरी फिल्म का इंतजार करना चाहिए क्योंकि ट्रेलर के कुछ दृश्यों के आधार पर पूरी फिल्म का आकलन करना उचित नहीं है।

    सोशल मीडिया पर कुछ लोगों का कहना है कि फिल्म में सीता और कैकेयी के कॉस्ट्यूम आधुनिक शैली के दिखाई दे रहे हैं और वे त्रेता युग की पृष्ठभूमि से मेल नहीं खाते। इसी आलोचना पर प्रतिक्रिया देते हुए सुरभि दास ने कहा कि अगर किरदारों को ब्लाउज नहीं पहनाया जाता तो भी लोग सवाल उठाते और अब जब पहनाया गया है तब भी आपत्ति जताई जा रही है। उनके मुताबिक लोगों की अलग अलग सोच होती है और हर किसी की अपेक्षाओं पर खरा उतरना संभव नहीं है।

    अभिनेत्री ने यह भी कहा कि रामायण बेहद बड़े स्तर पर बनाई जा रही फिल्म है और इसकी कहानी, अभिनय तथा प्रस्तुति इतनी प्रभावशाली होगी कि दर्शकों का ध्यान केवल कॉस्ट्यूम जैसी छोटी बातों पर नहीं रहेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि सिनेमाघरों में फिल्म देखने के बाद दर्शकों की राय अधिक संतुलित होगी।

    सुरभि दास ने यह भी याद दिलाया कि रामायण पर पहले भी कई फिल्में और धारावाहिक बन चुके हैं और हर बार किसी न किसी पहलू को लेकर चर्चा या आलोचना हुई है। ऐसे में किसी भी नई प्रस्तुति को लेकर मतभेद होना असामान्य नहीं है। उन्होंने कहा कि दर्शकों को फिल्म की पूरी कहानी देखने के बाद ही उसके बारे में राय बनानी चाहिए।

    इससे पहले फिल्म के कॉस्ट्यूम डिजाइनर रिम्पल और हरप्रीत नरूला भी इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दे चुके हैं। उनका कहना था कि कॉस्ट्यूम तैयार करते समय कहानी, पात्रों और फिल्म की समग्र दृश्य शैली को ध्यान में रखा गया है। उन्होंने भी दर्शकों से अपील की थी कि वे ट्रेलर के सीमित दृश्यों के आधार पर निर्णय लेने के बजाय पूरी फिल्म देखने के बाद अपनी राय रखें।

    रामायण का ट्रेलर रिलीज होने के साथ ही फिल्म को लेकर उत्सुकता काफी बढ़ गई है। जहां एक ओर इसकी भव्यता और स्टारकास्ट चर्चा का विषय बनी हुई है वहीं कॉस्ट्यूम विवाद ने भी इसे सुर्खियों में ला दिया है। अब सभी की नजर फिल्म की रिलीज पर टिकी है क्योंकि तभी यह साफ होगा कि मेकर्स की रचनात्मक सोच और प्रस्तुति दर्शकों की उम्मीदों पर कितनी खरी उतरती है।

  • रणबीर कपूर की रामायण का इंतजार खत्म इस दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में आएगा सबसे बहुप्रतीक्षित ट्रेलर

    रणबीर कपूर की रामायण का इंतजार खत्म इस दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में आएगा सबसे बहुप्रतीक्षित ट्रेलर


    नई दिल्ली । रणबीर कपूर की बहुप्रतीक्षित फिल्म रामायण का इंतजार कर रहे करोड़ों प्रशंसकों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। फिल्म के ट्रेलर की नई रिलीज डेट का आधिकारिक ऐलान कर दिया गया है। पहले ट्रेलर को 24 जुलाई को दुनिया भर में रिलीज किया जाना था लेकिन अंतिम समय में इसे स्थगित कर दिया गया था। अब मेकर्स ने नई तारीख तय करते हुए इसे आध्यात्मिक महत्व से जुड़े ब्रह्म मुहूर्त में रिलीज करने का फैसला लिया है।

    मेकर्स के अनुसार रामायण का ट्रेलर 30 जुलाई की सुबह 4 बजकर 15 मिनट पर रिलीज किया जाएगा। इस घोषणा के साथ फिल्म का नया पोस्टर भी जारी किया गया है। पोस्टर के साथ लिखा गया है कि शुभ ब्रह्म मुहूर्त में रामायण के दिव्य उदय का स्वागत किया जाएगा। इस घोषणा के बाद सोशल मीडिया पर फिल्म को लेकर उत्साह और भी बढ़ गया है।

    ब्रह्म मुहूर्त को हिंदू धर्म में अत्यंत शुभ और पवित्र समय माना जाता है। यह सूर्योदय से लगभग एक घंटा छत्तीस मिनट पहले शुरू होता है और करीब अड़तालीस मिनट तक रहता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस समय ध्यान पूजा जप और आध्यात्मिक साधना करने से विशेष पुण्य और मानसिक शांति प्राप्त होती है। संभवतः इसी आध्यात्मिक महत्व को ध्यान में रखते हुए मेकर्स ने ट्रेलर रिलीज के लिए इस समय का चयन किया है।

    हाल ही में फिल्म के कुछ ट्रेलर फुटेज सोशल मीडिया पर लीक होने की खबरें भी सामने आई थीं। बताया गया कि दिल्ली में आयोजित विशेष स्क्रीनिंग के दौरान कुछ दृश्य इंटरनेट पर पहुंच गए थे। इसके बाद निर्माता नमित मल्होत्रा और पूरी टीम ने एंटी पाइरेसी अभियान शुरू किया ताकि फिल्म की गोपनीयता और गुणवत्ता सुरक्षित रखी जा सके।

    फिल्म का निर्देशन नितेश तिवारी कर रहे हैं और इसकी स्टारकास्ट भी काफी दमदार है। रणबीर कपूर भगवान श्रीराम की भूमिका निभा रहे हैं जबकि साई पल्लवी माता सीता के किरदार में नजर आएंगी। रवि दुबे लक्ष्मण और सुपरस्टार यश रावण की भूमिका में दिखाई देंगे। इसके अलावा अरुण गोविल लारा दत्ता विवेक ओबेरॉय कुणाल कपूर और रकुल प्रीत सिंह भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे।

    रामायण भारतीय सिनेमा की सबसे महत्वाकांक्षी फिल्मों में गिनी जा रही है। निर्माता नमित मल्होत्रा के अनुसार इस मेगा प्रोजेक्ट का बजट लगभग 4000 करोड़ रुपये है। फिल्म को दो भागों में रिलीज किया जाएगा। पहला भाग इस वर्ष दिवाली के अवसर पर सिनेमाघरों में आएगा जबकि दूसरा भाग अगले वर्ष दिवाली पर रिलीज किया जाएगा।

    रणबीर कपूर ने भी एक इंटरव्यू में बताया था कि शुरुआत में वह भगवान श्रीराम का किरदार निभाने को लेकर आश्वस्त नहीं थे। उन्हें लगता था कि वह इस महान चरित्र के साथ पूरी तरह न्याय नहीं कर पाएंगे। लेकिन बेटी राहा के जन्म के बाद उनकी सोच बदली और उन्होंने इस फिल्म को अपने जीवन का सबसे खास अवसर माना।

    अब ट्रेलर रिलीज की तारीख सामने आने के बाद दर्शकों का उत्साह चरम पर है। सभी की नजरें 30 जुलाई की सुबह पर टिकी हैं जब रामायण की पहली झलक दुनिया के सामने आएगी।

  • कॉमिक-कॉन के बाद इंटरनेट पर लीक हुआ 'रामायण' का ट्रेलर, भव्य विजुअल्स और यश के रावण लुक की चर्चा तेज

    कॉमिक-कॉन के बाद इंटरनेट पर लीक हुआ 'रामायण' का ट्रेलर, भव्य विजुअल्स और यश के रावण लुक की चर्चा तेज


    नई दिल्ली। रणबीर कपूर स्टारर बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘रामायण’ अपनी आधिकारिक रिलीज से पहले ही चर्चा के केंद्र में आ गई है। फिल्म का ट्रेलर अभी तक मेकर्स की ओर से सार्वजनिक नहीं किया गया था, लेकिन सोशल मीडिया पर इसका कथित लीक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो अमेरिका के सैन डिएगो कॉमिक-कॉन 2026 में दिखाए गए ट्रेलर का हिस्सा है, जिसे किसी दर्शक ने रिकॉर्ड कर इंटरनेट पर साझा कर दिया।

    दरअसल, फिल्म निर्माता नमित मल्होत्रा ने पहले घोषणा की थी कि 24 जुलाई को दुनियाभर में फिल्म का ट्रेलर जारी किया जाएगा। हालांकि अंतिम समय में इसकी रिलीज टाल दी गई, जिससे प्रशंसकों का इंतजार और बढ़ गया। इससे पहले दिल्ली में आयोजित एक विशेष लॉन्च इवेंट में चुनिंदा लोगों को ट्रेलर दिखाया गया था। उस दौरान सोशल मीडिया पर फिल्म के विजुअल्स और भव्य प्रस्तुति की जमकर तारीफ हुई थी। उसी कार्यक्रम के बाद ट्रेलर का एक छोटा हिस्सा ऑनलाइन सामने आया था, लेकिन अब कथित तौर पर लगभग पूरा ट्रेलर ही इंटरनेट पर वायरल हो गया है।

    वायरल वीडियो में सबसे ज्यादा चर्चा अभिनेता यश के रावण अवतार की हो रही है। ट्रेलर में उनका विशाल और प्रभावशाली लुक दिखाई देता है। एक युद्ध दृश्य में रावण को इंद्रदेव के ऐरावत हाथी पर शक्तिशाली वार करते हुए दिखाया गया है, जिसने दर्शकों का ध्यान खींचा है। इसके बाद भगवान राम के रूप में रणबीर कपूर की एंट्री दिखाई देती है, जिनका शांत और दिव्य स्वरूप दर्शकों को आकर्षित कर रहा है।

    ट्रेलर में माता सीता के किरदार में साई पल्लवी की भी झलक देखने को मिलती है। वहीं, स्वयंवर का दृश्य भी दिखाया गया है, जिसमें भगवान राम शिव धनुष उठाते नजर आते हैं। वीडियो के अंतिम हिस्से में शूर्पणखा के किरदार में रकुल प्रीत सिंह दिखाई देती हैं और लक्ष्मण द्वारा उनकी नाक काटे जाने वाला प्रसिद्ध प्रसंग भी शामिल है।

    हालांकि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो कम गुणवत्ता वाला बताया जा रहा है, इसलिए फिल्म के विजुअल इफेक्ट्स और सिनेमैटिक अनुभव का पूरा अंदाजा लगाना मुश्किल है। इसके बावजूद ट्रेलर के भव्य सेट, वीएफएक्स और किरदारों की प्रस्तुति को लेकर सोशल मीडिया पर काफी सकारात्मक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कॉमिक-कॉन में मौजूद कई दर्शकों ने भी फिल्म के ट्रेलर की सराहना करते हुए इसे भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े विजुअल अनुभवों में से एक बताया है।

    फिलहाल मेकर्स की ओर से ट्रेलर लीक होने पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि वायरल वीडियो वास्तविक ट्रेलर का पूर्ण संस्करण है या उसका संपादित हिस्सा। ऐसे में दर्शकों को फिल्म के आधिकारिक ट्रेलर का इंतजार है, जो बेहतर गुणवत्ता के साथ जल्द रिलीज किया जा सकता है।

    ‘रामायण’ लंबे समय से भारतीय सिनेमा की सबसे महत्वाकांक्षी फिल्मों में गिनी जा रही है। बड़े सितारों, आधुनिक विजुअल इफेक्ट्स और विशाल पैमाने पर बन रही इस फिल्म को लेकर दर्शकों की उत्सुकता लगातार बढ़ती जा रही है। ट्रेलर के कथित लीक होने के बाद यह चर्चा और तेज हो गई है कि आधिकारिक रिलीज पर फिल्म दर्शकों की उम्मीदों पर कितनी खरी उतरती है।

  • “फिल्मों के बड़े बजट सिर्फ PR का हिस्सा हैं” – मनोज बाजपेयी का बड़ा बयान, रामायण और वाराणसी पर फिर छिड़ी बहस

    “फिल्मों के बड़े बजट सिर्फ PR का हिस्सा हैं” – मनोज बाजपेयी का बड़ा बयान, रामायण और वाराणसी पर फिर छिड़ी बहस


    नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा में इन दिनों दो बड़ी फिल्मों-Ranbir Kapoor की ‘रामायण’ और Priyanka Chopra की फिल्म ‘वाराणसी’-को लेकर जबरदस्त चर्चा है। दोनों फिल्मों के कथित बजट को लेकर सोशल मीडिया से लेकर इंडस्ट्री तक लगातार बहस चल रही है। इसी बीच मनोज बाजपेयी ने इन चर्चाओं को लेकर अपनी बेबाक राय रखी है। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि फिल्मों के बड़े बजट की बातें अक्सर “पीआर का जरिया” बन जाती हैं और पिछले कई वर्षों से यह ट्रेंड लगातार बढ़ा है। उनका कहना है कि दर्शकों को इस बात से ज्यादा फर्क नहीं पड़ना चाहिए कि किसी फिल्म का बजट कितना है, बल्कि यह देखना चाहिए कि फिल्म उन्हें पसंद आई या नहीं।

    “दर्शकों को सिर्फ फिल्म से मतलब होना चाहिए”
    मनोज बाजपेयी ने कहा कि आजकल दर्शक एयरपोर्ट या सार्वजनिक जगहों पर उनसे फिल्मों के बॉक्स ऑफिस नंबर तक पूछते हैं। इस पर उन्होंने हल्के अंदाज में कहा कि वे कई बार लोगों को डांट भी देते हैं। उनके अनुसार, “अगर बॉक्स ऑफिस का पैसा दर्शकों के बैंक अकाउंट में नहीं जा रहा, तो उन्हें इसकी चिंता क्यों करनी चाहिए?” उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह से प्रोड्यूसर्स और मेकर्स का मामला है। उन्होंने जोर देकर कहा कि दर्शकों का फिल्म से सिर्फ इतना संबंध होना चाहिए कि उन्हें फिल्म पसंद आई या नहीं।

    4000 करोड़ और 1400 करोड़ के बजट पर चर्चा
    इन दिनों सबसे ज्यादा चर्चा ‘रामायण’ के बजट की हो रही है, जिसे लगभग 4000 करोड़ रुपये का बताया जा रहा है। यह फिल्म दो भागों में बनाई जा रही है और इसे भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी प्रोजेक्ट्स में से एक माना जा रहा है। वहीं ‘वाराणसी’ का बजट करीब 1400 करोड़ रुपये बताया जा रहा है, जिससे यह भी बड़े पैमाने की फिल्मों की सूची में शामिल हो गई है। इन आंकड़ों ने फिल्म इंडस्ट्री में एक नई बहस को जन्म दे दिया है-क्या इतने बड़े बजट वास्तव में जरूरी हैं या यह सिर्फ प्रचार का हिस्सा हैं?

    फिल्मों के बिजनेस पर भी उठे सवाल
    मनोज बाजपेयी ने यह भी कहा कि 500-600 करोड़ या हजारों करोड़ रुपये के आंकड़ों पर दर्शकों को ज्यादा ध्यान नहीं देना चाहिए। उनके अनुसार, फिल्म के बिजनेस का असर केवल प्रोड्यूसर्स और निवेशकों पर पड़ता है, आम दर्शकों पर नहीं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आजकल फिल्मों के बजट और कमाई के आंकड़े कई बार चर्चा बढ़ाने और फिल्म को सुर्खियों में बनाए रखने के लिए भी इस्तेमाल किए जाते हैं।

    दिवाली और 2027 में रिलीज की तैयारी
    ‘रामायण’ का पहला भाग इस साल दिवाली पर रिलीज होने की संभावना है, जिसे डायरेक्टर Nitesh Tiwari निर्देशित कर रहे हैं। वहीं ‘वाराणसी’ फिल्म 2027 में रिलीज होने की उम्मीद है, जिसका निर्देशन S. S. Rajamouli कर रहे हैं। दोनों फिल्मों को लेकर पहले से ही दर्शकों में भारी उत्साह है और अब बजट विवाद ने इन प्रोजेक्ट्स को और ज्यादा चर्चा में ला दिया है।

    मनोज बाजपेयी का बयान एक बार फिर इस बहस को हवा दे गया है कि क्या भारतीय सिनेमा में बढ़ते बजट वाकई गुणवत्ता का संकेत हैं या सिर्फ मार्केटिंग रणनीति। फिलहाल, दर्शक इन बड़ी फिल्मों की रिलीज का इंतजार कर रहे हैं।

  • ‘रामायण ने बदल दी मेरी जिंदगी’: रणबीर कपूर ने बताया पिता बनने के बाद कैसे बदली सोच

    ‘रामायण ने बदल दी मेरी जिंदगी’: रणबीर कपूर ने बताया पिता बनने के बाद कैसे बदली सोच


    नई दिल्ली। अभिनेता रणबीर कपूर इन दिनों अपनी बहुचर्चित फिल्म ‘रामायण’ को लेकर चर्चा में हैं। नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही इस फिल्म में वे भगवान राम की भूमिका निभा रहे हैं। इसी बीच रणबीर ने इस प्रोजेक्ट को लेकर अपने जीवन पर पड़े गहरे प्रभाव का खुलासा किया है। रणबीर का कहना है कि ‘रामायण’ उनके करियर से ज्यादा उनके जीवन को बदलने वाला अनुभव साबित हुई है। उन्होंने बताया कि इस फिल्म पर काम करने के दौरान उनकी सोच, आदतें और जीवन को देखने का नजरिया पूरी तरह बदल गया।

    पिता बनने के साथ मिला बड़ा बदलाव
    रणबीर कपूर ने कहा कि जिस समय वे इस फिल्म पर काम कर रहे थे, उसी दौरान वे पिता बने। बेटी राहा के जन्म ने उनके जीवन में भावनात्मक बदलाव लाया और इस अनुभव ने उन्हें और अधिक जिम्मेदार बना दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें यह महसूस हुआ कि ‘रामायण’ और पिता बनने की प्रक्रिया एक साथ उनके जीवन में आए, जिससे वे खुद को एक बेहतर इंसान के रूप में ढाल सके।

    भगवान राम की भूमिका का असर
    रणबीर ने बताया कि शुरुआत में उन्हें इस प्रतिष्ठित किरदार को निभाने को लेकर संदेह था, लेकिन जैसे-जैसे वे इस प्रोजेक्ट से जुड़े, उनकी सोच बदलती गई। उन्होंने कहा कि भगवान राम के चरित्र को समझने की प्रक्रिया ने उन्हें त्याग, धर्म और जीवन के मूल्यों को गहराई से समझने में मदद की। उनके मुताबिक इस अनुभव ने उनकी बुरी आदतों, सोच और जीवन के प्रति दृष्टिकोण में सकारात्मक बदलाव लाया है।

    ‘सही समय पर मिला यह अनुभव’
    रणबीर ने इसे अपने जीवन का एक “प्यारा संयोग” बताया और कहा कि वे खुद को सही समय पर सही जगह पर मानते हैं। उनके अनुसार, ऐसी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण फिल्म का हिस्सा बनना उनके लिए एक आशीर्वाद जैसा है।

    ‘रामायण’ फिल्म पर नजर
    नितेश तिवारी द्वारा निर्देशित यह फिल्म दो भागों में बनाई जा रही है। रणबीर कपूर भगवान राम, साई पल्लवी सीता, यश रावण, रवि दुबे लक्ष्मण और सनी देओल हनुमान के रूप में नजर आएंगे। पहला भाग इस साल दिवाली पर रिलीज होने की संभावना है, जबकि दूसरा भाग 2027 में आएगा।

  • आस्था और तकनीक के बीच संतुलन बनाने की सबसे बड़ी चुनौती और नमित मल्होत्रा का फिल्म की गुणवत्ता को लेकर किया गया सबसे बड़ा वादा

    आस्था और तकनीक के बीच संतुलन बनाने की सबसे बड़ी चुनौती और नमित मल्होत्रा का फिल्म की गुणवत्ता को लेकर किया गया सबसे बड़ा वादा


    नई दिल्ली। सिनेमा जगत में जब भी किसी बड़े बजट की और धार्मिक आस्था से जुड़ी फिल्म का निर्माण होता है तो तकनीक और प्रस्तुतिकरण को लेकर दर्शकों की अपेक्षाएं बहुत अधिक होती हैं। नमित मल्होत्रा ने हालिया चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि फिल्म निर्माण की प्रक्रिया में वीएफएक्स और विजुअल इफेक्ट्स केवल एक साधन हैं जिसका उपयोग कहानी को जीवंत बनाने के लिए किया जा रहा है।
    उन्होंने बताया कि उनकी टीम दुनिया भर के बेहतरीन तकनीशियनों के साथ मिलकर काम कर रही है ताकि मर्यादा पुरुषोत्तम राम की इस पावन कथा को पूरी श्रद्धा और आधुनिक तकनीक के अद्भुत तालमेल के साथ पर्दे पर उतारा जा सके। उनके अनुसार आलोचनाएं केवल इस बात का प्रमाण हैं कि लोग इस प्रोजेक्ट से कितनी गहराई से जुड़े हुए हैं।

    फिल्म के विजुअल्स को लेकर उठ रहे सवालों पर बात करते हुए निर्माता ने यह भी साझा किया कि एक विशाल सिनेमाई अनुभव तैयार करने में समय और धैर्य की आवश्यकता होती है। रामायण केवल एक फिल्म नहीं बल्कि एक भावना है जो करोड़ों लोगों के हृदय में बसी है और इसे पर्दे पर उतारते समय हर छोटी से छोटी बारीकी का ध्यान रखा जा रहा है।

    नमित मल्होत्रा का मानना है कि जब अंतिम परिणाम दर्शकों के सामने आएगा तो वह तकनीकी और भावनात्मक दोनों ही मोर्चों पर सभी की कसौटी पर खरा उतरेगा। उन्होंने प्रशंसकों से अपील की है कि वे इस रचनात्मक यात्रा पर भरोसा रखें क्योंकि पूरी टीम इस महाकाव्य के साथ न्याय करने के लिए प्रतिबद्ध है।

    इस प्रोजेक्ट के माध्यम से भारतीय फिल्म उद्योग में तकनीक के उपयोग को एक नई दिशा देने का प्रयास किया जा रहा है। निर्माता ने जोर देकर कहा कि रामायण की कहानी को उसकी मौलिकता और पवित्रता के साथ पेश करना उनकी प्राथमिकता है और आधुनिक तकनीक का उपयोग केवल उस अनुभव को और अधिक भव्य बनाने के लिए किया जा रहा है।

    आलोचकों द्वारा उठाए गए बिंदुओं पर उन्होंने विनम्रतापूर्वक कहा कि वे हर फीडबैक का सम्मान करते हैं और रचनात्मक आलोचना उन्हें और बेहतर करने की प्रेरणा देती है। उनका लक्ष्य एक ऐसी कृति तैयार करना है जिस पर हर भारतीय गर्व कर सके और जो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मील का पत्थर साबित हो।