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  • जम्मू-कश्मीर के रामबन में राष्ट्रीय राजमार्ग पर ई-रिक्शा तिरंगा रैली ने हर घर तिरंगा अभियान को जनभागीदारी का रूप दिया

    जम्मू-कश्मीर के रामबन में राष्ट्रीय राजमार्ग पर ई-रिक्शा तिरंगा रैली ने हर घर तिरंगा अभियान को जनभागीदारी का रूप दिया

    नई दिल्ली ।जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में स्वतंत्रता दिवस से पहले हर घर तिरंगा अभियान के तहत आयोजित ई-रिक्शा तिरंगा रैली ने राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और नागरिक भागीदारी का संदेश दिया। जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर निकली इस रैली में करीब 300 ई-रिक्शा और ऑटो चालकों ने हिस्सा लिया। रैली के दौरान वाहनों पर तिरंगा लहराता नजर आया और प्रतिभागियों ने देशभक्ति के नारे लगाए।

    रैली का उद्देश्य हर घर तिरंगा अभियान को व्यापक जनभागीदारी से जोड़ना और नागरिकों को राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान के प्रति जागरूक करना रहा। प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई कि वे अपने घरों पर तिरंगा लगाएं और राष्ट्रीय ध्वज को पूरी गरिमा एवं सम्मान के साथ प्रदर्शित करें।

    अतिरिक्त उपायुक्त वरुणजीत सिंह चरक के नेतृत्व में आयोजित यह रैली कैफेटेरिया मोड़ से शुरू हुई। इसके बाद ई-रिक्शा और ऑटो का काफिला राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-44 के साथ आगे बढ़ते हुए करोल क्षेत्र से गुजरा और जिला कार्यालय पहुंचकर इसका समापन हुआ। पूरे मार्ग पर तिरंगे से सजे वाहनों की मौजूदगी ने अभियान को अलग पहचान दी।

    रैली में प्रशासनिक अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों और स्थानीय नागरिकों ने भी उत्साह के साथ भाग लिया। एआरटीओ वरुण भासिन, डिप्टी एसपी कुलदीप राज, मुख्यालय तहसीलदार रीजूता महाजन और नगर निकाय के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुरदर्शन जमवाल समेत कई अधिकारी कार्यक्रम में मौजूद रहे।

    अतिरिक्त उपायुक्त वरुणजीत सिंह चरक ने कहा कि जिले में हर घर तिरंगा अभियान के तहत कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने ई-रिक्शा और ऑटो रैली को जनभागीदारी का महत्वपूर्ण उदाहरण बताते हुए लोगों से अपने घरों पर तिरंगा लगाने का आग्रह किया।

    उन्होंने कहा कि अभियान तभी प्रभावी रूप ले सकता है, जब इसमें समाज के सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित हो। प्रशासन का जोर इस बात पर रहा कि राष्ट्रीय ध्वज केवल औपचारिक कार्यक्रमों तक सीमित न रहे, बल्कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रत्येक परिवार तक सम्मानपूर्वक पहुंचे।

    रैली में शामिल करीब 300 ई-रिक्शा चालकों की भागीदारी ने स्थानीय परिवहन समुदाय को भी अभियान से जोड़ा। तिरंगा लेकर आगे बढ़ते वाहनों और देशभक्ति के नारों से राष्ट्रीय राजमार्ग का वातावरण उत्साहपूर्ण नजर आया। स्थानीय स्तर पर आयोजित इस कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि राष्ट्रीय पर्व से जुड़े अभियान में समाज के विभिन्न वर्ग अपनी भूमिका निभा सकते हैं।

    स्वतंत्रता दिवस से पहले रामबन जिले में कई स्तरों पर तिरंगा रैलियां और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। ई-रिक्शा तिरंगा रैली इसी क्रम का हिस्सा रही, जिसमें प्रशासन और आम नागरिकों की संयुक्त भागीदारी देखने को मिली। कार्यक्रम के माध्यम से राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान, देश के प्रति नागरिक जिम्मेदारी और स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों को लेकर जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया।

  • अमरनाथ यात्रियों से भरे काफिले में बड़ा हादसा जम्मू श्रीनगर हाईवे पर चार वाहन भिड़े 18 श्रद्धालु घायल

    अमरनाथ यात्रियों से भरे काफिले में बड़ा हादसा जम्मू श्रीनगर हाईवे पर चार वाहन भिड़े 18 श्रद्धालु घायल

    नई दिल्ली । अमरनाथ यात्रा के दौरान सोमवार को जम्मू श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बड़ा सड़क हादसा हो गया। रामबन जिले के चंदरकोट क्षेत्र में यात्रा काफिले के साथ चल रहे चार वाहन आपस में टकरा गए जिससे अफरा तफरी मच गई। हादसे में 18 अमरनाथ श्रद्धालु घायल हो गए। राहत की बात यह रही कि सभी को मामूली चोटें आई हैं और उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। पुलिस और प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर तुरंत राहत एवं बचाव अभियान चलाया और सभी घायलों को रामबन जिला अस्पताल पहुंचाया।

    जानकारी के अनुसार हादसा चंदरकोट स्थित लंगर स्थल के पास उस समय हुआ जब पहलगाम की ओर जा रहे अमरनाथ यात्रा काफिले में शामिल वाहन एक दूसरे से टकरा गए। सबसे पहले जम्मू कश्मीर सड़क परिवहन निगम की एक बस आगे चल रही दूसरी एसआरटीसी बस से जा भिड़ी। टक्कर इतनी तेज थी कि दूसरी बस आगे चल रही कार से टकरा गई और कार ने सामने मौजूद एक निजी बस को जोरदार टक्कर मार दी। देखते ही देखते चारों वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गए और यात्रियों में चीख पुकार मच गई।

    हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं। घायलों को तत्काल एंबुलेंस के जरिए जिला अस्पताल रामबन ले जाया गया जहां उनका उपचार शुरू किया गया। अधिकारियों ने बताया कि किसी भी यात्री की हालत गंभीर नहीं है और सभी खतरे से बाहर हैं।

    अब तक दस घायलों की पहचान हो चुकी है। इनमें उत्तर प्रदेश के कानपुर निवासी हर्ष राजपूत विशाल गुप्ता और पंकज सुवनकर शामिल हैं। महाराष्ट्र के यवतमाल निवासी सुहास जीवन मोवाडे भी हादसे में घायल हुए हैं। राजस्थान के श्रीगंगानगर निवासी भारत भूषण और विनोद कुमार को भी चोटें आई हैं। इसके अलावा राजस्थान के बीकानेर की किरण पंजाब की सीमा रानी राजस्थान के पवन कुमार और गंगा सिन्हा भी घायलों में शामिल हैं। शेष आठ यात्रियों की पहचान की प्रक्रिया जारी है।

    दुर्घटना के कारण जम्मू श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटाकर मार्ग को दोबारा सुचारु कराया। हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है और यह पता लगाया जा रहा है कि दुर्घटना चालक की लापरवाही से हुई या किसी तकनीकी खराबी की वजह से।

    गौरतलब है कि इस वर्ष श्री अमरनाथ यात्रा तीन जुलाई से शुरू हुई है और यह 28 अगस्त तक चलेगी। यात्रा के दौरान देशभर से लाखों श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए जम्मू कश्मीर पहुंच रहे हैं। अब तक दो लाख पैंतालीस हजार से अधिक श्रद्धालु पवित्र गुफा में दर्शन कर चुके हैं। प्रशासन की ओर से सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए हैं लेकिन इस हादसे ने यात्रा मार्ग पर सुरक्षित संचालन की चुनौती को एक बार फिर सामने ला दिया है।