Tag: Ranchi

  • रांची में JPSC-JSSC छात्रों और सरकार के बीच बातचीत सकारात्मक, मांगें पूरी नहीं होने तक आंदोलन जारी रखने का फैसला

    रांची में JPSC-JSSC छात्रों और सरकार के बीच बातचीत सकारात्मक, मांगें पूरी नहीं होने तक आंदोलन जारी रखने का फैसला

    नई दिल्ली । झारखंड की राजधानी रांची में सरकारी भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्रों का आंदोलन शनिवार को 15वें दिन भी जारी रहा। जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के आरोपों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल ने सरकार के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की। शुक्रवार रात से शुरू हुई बातचीत शनिवार को भी आगे बढ़ी। छात्रों ने बैठक को सकारात्मक बताया, लेकिन साफ कर दिया कि अभी उनकी किसी प्रमुख मांग पर ठोस फैसला नहीं हुआ है। ऐसे में आंदोलन समाप्त करने का निर्णय नहीं लिया गया है।

    देवेंद्र नाथ महतो के नेतृत्व वाले JPSC-JSSC न्याय गुट के आठ छात्रों ने राज्य अतिथि गृह में सरकार के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। जानकारी के अनुसार बैठक शनिवार सुबह करीब 11 बजकर 20 मिनट पर शुरू हुई। बातचीत के बाद छात्र वापस प्रदर्शन स्थल पर लौट आए। छात्र नेताओं ने कहा कि सरकार के साथ बातचीत का माहौल सकारात्मक रहा और उनकी बातों को सुना गया, लेकिन केवल बातचीत से आंदोलन समाप्त नहीं होगा। उनका कहना है कि उन्हें आश्वासन के बजाय अपनी मांगों पर स्पष्ट और ठोस कार्रवाई चाहिए।

    छात्रों की प्रमुख मांग 14वीं जेपीएससी परीक्षा को लेकर है। प्रदर्शनकारी इस परीक्षा को रद्द करने की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी हुई है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। छात्रों ने जांच के लिए केंद्रीय जांच एजेंसी या राज्य से बाहर के सेवानिवृत्त हाई कोर्ट न्यायाधीशों की समिति गठित करने की मांग रखी है। इसके अलावा जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग भी आंदोलन का अहम हिस्सा है।

    बातचीत के बाद झारखंड सरकार की ओर से मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि सरकार अलग-अलग छात्र समूहों और संबंधित लोगों से लगातार बातचीत करेगी। उन्होंने कहा कि सभी पक्षों के सुझाव लिए जाएंगे ताकि मामले को समझकर आगे की कार्रवाई की जा सके। सरकार की ओर से लोगों से अपनी बात और सुझाव साझा करने के लिए ईमेल के माध्यम से जानकारी देने की व्यवस्था भी किए जाने की बात सामने आई है।

    छात्रों का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं की निष्पक्षता उनके भविष्य से सीधे जुड़ी हुई है। इसलिए वे कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच और परीक्षा प्रणाली में सुधार के मुद्दे पर पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक धरना जारी रहेगा।

    आंदोलनकारियों ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि रविवार तक उनकी मांगों पर संतोषजनक फैसला नहीं लिया गया, तो 10 अगस्त को विधानसभा की ओर मार्च किया जाएगा। इससे आने वाले दिनों में आंदोलन के और तेज होने की संभावना बनी हुई है। हालांकि सरकार और छात्रों के बीच बातचीत शुरू होने से समाधान की उम्मीद जरूर जगी है, लेकिन फिलहाल दोनों पक्षों के बीच प्रमुख मांगों को लेकर गतिरोध कायम है। अब नजर इस बात पर है कि सरकार छात्रों की मांगों पर क्या कदम उठाती है और क्या बातचीत के जरिए आंदोलन को समाप्त करने का रास्ता निकल पाता है।

  • जेपीएससी भर्ती विवाद पर छात्र नेता देवेंद्र महतो का बड़ा बयान, मांगें पूरी होने तक भूख हड़ताल रहेगी जारी

    जेपीएससी भर्ती विवाद पर छात्र नेता देवेंद्र महतो का बड़ा बयान, मांगें पूरी होने तक भूख हड़ताल रहेगी जारी

    नई दिल्ली । झारखंड की राजधानी रांची में जेपीएससी भर्ती प्रक्रिया को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर बड़ी संख्या में छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी आंदोलन का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता देवेंद्र महतो ने स्पष्ट किया है कि उनका अनशन अभी समाप्त नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि कुछ स्थानों पर उनके अनशन खत्म करने की खबरें चलाई जा रही हैं, जबकि वास्तविकता यह है कि उन्होंने केवल सलाह के बाद पानी पीना शुरू किया है। उनका कहना है कि भूख हड़ताल पहले की तरह जारी रहेगी और मांगें पूरी होने तक आंदोलन खत्म नहीं किया जाएगा।

    देवेंद्र महतो ने कहा कि उन्होंने समाजसेवी सोनम वांगचुक की सलाह का सम्मान करते हुए केवल पानी ग्रहण किया है। इसका अर्थ यह नहीं है कि उन्होंने अपना अनशन समाप्त कर दिया है। उन्होंने छात्रों और आम लोगों से अपील करते हुए कहा कि आंदोलन से जुड़ी गलत या भ्रामक जानकारी साझा न करें, क्योंकि इससे छात्रों के संघर्ष पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। उनका कहना है कि यह आंदोलन किसी एक व्यक्ति का नहीं बल्कि हजारों अभ्यर्थियों के भविष्य से जुड़ा हुआ है।

    भूख हड़ताल के पांचवें दिन देवेंद्र महतो की तबीयत में गिरावट भी देखने को मिली है। उन्होंने बताया कि लगातार उपवास के कारण शरीर में कमजोरी बढ़ गई है और अधिक देर तक बोलने पर सीने में तकलीफ महसूस होती है। उठने-बैठने में भी उन्हें सहारे की आवश्यकता पड़ रही है। चिकित्सकों की टीम लगातार उनकी स्वास्थ्य स्थिति की निगरानी कर रही है। जांच के दौरान उनके रक्तचाप की स्थिति पहले की तुलना में कुछ बेहतर बताई गई है, लेकिन शारीरिक कमजोरी अभी भी बनी हुई है। इसके बावजूद उन्होंने कहा कि उनका मनोबल पूरी तरह मजबूत है और वह छात्रों के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।

    छात्र संगठनों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाना चाहिए ताकि किसी भी अभ्यर्थी के साथ अन्याय न हो। प्रदर्शनकारी छात्रों ने सरकार को 16 मांगों का प्रस्ताव सौंपा है। इनमें प्रमुख मांग विवादित परीक्षाओं को रद्द कर निष्पक्ष जांच कराना, भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना और सरकारी व्यवस्था के माध्यम से भर्ती प्रक्रिया संचालित करना शामिल है। इसके अलावा अभ्यर्थियों ने यह भी मांग की है कि चयन प्रक्रिया के सभी चरण पहले से स्पष्ट किए जाएं ताकि भविष्य में किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो।

    छात्रों ने आयोगों में निष्पक्ष और स्वतंत्र अधिकारियों की नियुक्ति की मांग भी उठाई है। उनका कहना है कि भर्ती संस्थाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए प्रशासनिक व्यवस्था को राजनीतिक प्रभाव से मुक्त रखना आवश्यक है। आंदोलन में शामिल छात्रों का दावा है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाएगा, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। दूसरी ओर प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। इस बीच पूरे राज्य में इस आंदोलन को लेकर व्यापक चर्चा बनी हुई है और बड़ी संख्या में छात्र लगातार प्रदर्शन में शामिल हो रहे हैं।

  • झारखंड : भूख हड़ताल के तीसरे दिन बिगड़ी देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत, बोले- युवाओं को न्याय मिलने तक रहेगा संघर्ष जारी

    झारखंड : भूख हड़ताल के तीसरे दिन बिगड़ी देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत, बोले- युवाओं को न्याय मिलने तक रहेगा संघर्ष जारी


    रांची। झारखंड में JPSC–JSSC भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के विरोध में चल रहा आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। मंगलवार को सत्याग्रह धरना 11वें दिन में पहुंच गया, जबकि अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का तीसरा दिन रहा। आंदोलन स्थल पर बड़ी संख्या में युवा, अभिभावक और समर्थक पहुंचकर प्रदर्शनकारियों के समर्थन में जुटे।

    आंदोलन का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि यह संघर्ष झारखंड के युवाओं के भविष्य और उनके अधिकारों की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन के संघर्ष और आंदोलन की राह पर चलते हुए वे युवाओं को न्याय दिलाने के लिए आंदोलन जारी रखेंगे।

    भूख हड़ताल से बिगड़ी तबीयत
    लगातार तीन दिनों से अन्न और पानी का त्याग कर भूख हड़ताल पर बैठे देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत बिगड़ गई है। बताया जा रहा है कि उनका ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर काफी कम हो गया है। इसके अलावा कमजोरी, शरीर में दर्द, थकान और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं भी बढ़ गई हैं। चिकित्सकों की सलाह पर उन्हें स्लाइन चढ़ाई गई है।

    ‘मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा’
    महतो ने कहा कि जब तक राज्य सरकार JPSC–JSSC भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित नहीं करती और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया लागू करने की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि यह किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि झारखंड के लाखों बेरोजगार युवाओं और उनके परिवारों के भविष्य और सम्मान की लड़ाई है।

    श्रद्धांजलि मार्च भी निकाला
    4 अगस्त को पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन की पुण्यतिथि के अवसर पर आंदोलनकारियों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और JPSC-JSSC परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के विरोध में श्रद्धांजलि मार्च भी निकाला।

    युवाओं का बढ़ता समर्थन
    आंदोलन स्थल पर लगातार बढ़ रही युवाओं और अभिभावकों की मौजूदगी इस बात का संकेत है कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता की मांग को लेकर राज्यभर में व्यापक असंतोष और चिंता बनी हुई है।

    JPSC जांच में 14 गिरफ्तार
    उधर, झारखंड CID ने JPSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच के दौरान मंगलवार को तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया। इसके साथ ही इस मामले में अब तक गिरफ्तार किए गए लोगों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है।

  • रांची में 'जंतर-मंतर' जैसा आंदोलन: JPSC-JSSC परीक्षाओं में गड़बड़ी के आरोप पर छात्रों का उग्र प्रदर्शन

    रांची में 'जंतर-मंतर' जैसा आंदोलन: JPSC-JSSC परीक्षाओं में गड़बड़ी के आरोप पर छात्रों का उग्र प्रदर्शन


    रांची। झारखंड की राजधानी रांची में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। जयपाल सिंह स्टेडियम में चल रहा धरना अब राष्ट्रीय स्तर के आंदोलनों जैसी तस्वीर पेश कर रहा है। छात्र दिन-रात प्रदर्शन कर रहे हैं और एक छात्र नेता आमरण अनशन पर बैठ चुके हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि बेरोजगारी ने उनकी नींद पहले ही छीन ली है, अब वे सरकार को जगाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

    बारिश और रातभर प्रदर्शन के बीच कायम रहा आंदोलन
    जयपाल सिंह स्टेडियम में छात्र लगातार धरना दे रहे हैं। बारिश और खराब मौसम के बावजूद प्रदर्शन जारी है। आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं होती और दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन नहीं रुकेगा। आमरण अनशन पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने मांग की है कि 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा को रद्द कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए।

    क्या हैं छात्रों के आरोप?
    प्रदर्शन का मुख्य कारण 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम है। छात्रों का आरोप है कि कटऑफ तय करने में गंभीर अनियमितताएं हुईं। मेरिट सूची पर जिम्मेदार अधिकारियों के हस्ताक्षर नहीं थे। OMR शीट में हेरफेर की आशंका है। परीक्षा आयोजित करने वाली TDPL कंपनी को परीक्षा से पहले राज्य में ब्लैकलिस्ट किया जा चुका था, फिर भी उसे जिम्मेदारी दी गई। अभ्यर्थियों का कहना है कि केवल राज्य स्तर की जांच पर्याप्त नहीं है और पूरे मामले की CBI से जांच कराई जानी चाहिए।

    OMR में नए विकल्प की भी मांग
    छात्र भविष्य में विवाद रोकने के लिए OMR शीट में ‘Not Attempted’ (प्रश्न नहीं किया) का अलग विकल्प जोड़ने की मांग भी कर रहे हैं। उनका कहना है कि इससे उत्तर पुस्तिकाओं में छेड़छाड़ की संभावना कम होगी और मूल्यांकन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी।

    आंदोलन पर सियासत भी तेज
    छात्रों के प्रदर्शन के बीच झारखंड की राजनीति भी गर्मा गई है। सत्तारूढ़ गठबंधन के नेताओं ने सरकार के रुख का समर्थन किया, जबकि विपक्ष ने पूरे मामले की CBI जांच कराने की मांग उठाई है। विपक्ष का कहना है कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामले में निष्पक्ष जांच आवश्यक है।

    छात्रों को मिला CJP का समर्थन
    भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के खिलाफ चल रहे आंदोलन को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का भी समर्थन मिला है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने आंदोलनरत छात्रों से बातचीत कर उनकी मांगों का समर्थन किया। वहीं, पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने भी सोशल मीडिया के जरिए छात्रों के साथ खड़े रहने की बात कही।

    मशाल मार्च से बढ़ा दबाव
    करीब एक सप्ताह से जारी सत्याग्रह के बीच छात्रों ने रविवार को मशाल मार्च भी निकाला। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने हाथों में जलती मशालें लेकर विरोध प्रदर्शन किया और चेतावनी दी कि जब तक पूरे मामले की CBI जांच का निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

  • एमएस धोनी के 45वें जन्मदिन का जश्न: कोलकाता और ओडिशा से रांची पहुंचे फैंस, माही की एक झलक पाने का इंतजार

    एमएस धोनी के 45वें जन्मदिन का जश्न: कोलकाता और ओडिशा से रांची पहुंचे फैंस, माही की एक झलक पाने का इंतजार


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल कप्तानों में शुमार महेंद्र सिंह धोनी ने मंगलवार को अपना 45वां जन्मदिन मनाया। इस अवसर पर देश और विदेश से उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं मिलीं। रांची स्थित उनके आवास के बाहर सुबह से ही प्रशंसकों का जमावड़ा लगा रहा। कई फैंस सैकड़ों किलोमीटर का सफर तय करके केवल अपने पसंदीदा क्रिकेटर की एक झलक पाने और उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं देने पहुंचे।

    धोनी की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ओडिशा और कोलकाता सहित कई राज्यों से प्रशंसक रांची पहुंचे। कुछ फैंस कई दिनों से वहीं ठहरे हुए हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि धोनी बाहर आकर उनसे मुलाकात करेंगे। उनके हाथों में पोस्टर, बैनर और जन्मदिन की शुभकामनाओं वाले संदेश नजर आए। कई प्रशंसकों ने केक काटने की भी तैयारी की थी।

    ओडिशा से पहुंचे एक प्रशंसक ने बताया कि वह पिछले छह दिनों से रांची में हैं और केवल एक बार अपने पसंदीदा खिलाड़ी से मिलने का इंतजार कर रहे हैं। उनका कहना था कि धोनी ने अपने खेल और नेतृत्व से करोड़ों लोगों को प्रेरित किया है और वह उनके स्वस्थ एवं खुशहाल जीवन की कामना करते हैं।

    कोलकाता से पहुंचे एक अन्य प्रशंसक ने बताया कि वह हर साल धोनी का जन्मदिन मनाने रांची आते हैं। उन्होंने कहा कि उनकी टीम हर वर्ष धोनी के जन्मदिन और उनके एकदिवसीय क्रिकेट में पदार्पण दिवस पर सामाजिक सेवा के कार्यक्रम भी आयोजित करती है। उनके अनुसार धोनी केवल एक महान क्रिकेटर ही नहीं बल्कि लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी हैं।

    युवा प्रशंसकों में भी धोनी को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। कई फैंस ने उम्मीद जताई कि माही बाहर आकर उनसे मुलाकात करेंगे, उनके साथ केक काटेंगे और कुछ समय बिताएंगे। प्रशंसकों ने उनके अच्छे स्वास्थ्य और लंबे जीवन की कामना करते हुए यह इच्छा भी जताई कि वह आने वाले वर्षों में भी इंडियन प्रीमियर लीग में खेलते रहें।

    महेंद्र सिंह धोनी भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे सफल कप्तानों में गिने जाते हैं। उनकी कप्तानी में भारत ने टी20 विश्व कप, वनडे विश्व कप और चैंपियंस ट्रॉफी जैसे बड़े आईसीसी खिताब अपने नाम किए। शांत स्वभाव, बेहतरीन नेतृत्व क्षमता और मैच फिनिश करने की कला के कारण उन्हें दुनिया भर में कैप्टन कूल के नाम से जाना जाता है। यही वजह है कि क्रिकेट से जुड़े उनके हर खास दिन पर प्रशंसकों का उत्साह देखते ही बनता है।

  • झारखंड राज्यसभा चुनाव में '61' का नया सियासी सस्पेंस, क्या एनडीए खेमे में सेंधमारी कर पाएगा सत्तारूढ़ महागठबंधन

    झारखंड राज्यसभा चुनाव में '61' का नया सियासी सस्पेंस, क्या एनडीए खेमे में सेंधमारी कर पाएगा सत्तारूढ़ महागठबंधन

    नई दिल्ली । झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए होने वाले चुनाव ने राज्य की सियासत में भारी गरमाहट पैदा कर दी है। चुनाव की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे दोनों ही खेमों के बीच शह और मात का खेल दिलचस्प होता जा रहा है। एक तरफ जहां सत्तारूढ़ महागठबंधन अपने दोनों प्रत्याशियों की जीत को लेकर पूरी तरह आश्वस्त दिख रहा है, वहीं राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी एनडीए भी अपनी रणनीति को धार देने में जुटा हुआ है। इस बीच झारखंड मुक्ति मोर्चा के शीर्ष नेतृत्व द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक नए नारे ने राजनीतिक विश्लेषकों को चौंका दिया है और राज्य में बड़े सियासी उलटफेर के संकेत दे दिए हैं।

    सत्तारूढ़ दल झारखंड मुक्ति मोर्चा के महासचिव विनोद पांडेय द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किए गए ’56 नहीं, 61′ के नारे ने चुनावी समीकरणों को पूरी तरह से रहस्यमयी बना दिया है। राजनीतिक गलियारों में इस संक्षिप्त लेकिन प्रभावी संदेश के कई तरह के मायने निकाले जा रहे हैं। वर्तमान संख्या बल के हिसाब से देखा जाए तो विधानसभा में इंडिया गठबंधन के पास कुल छप्पन विधायक मौजूद हैं, जो दोनों सीटों पर अपने प्रत्याशियों को जिताने के लिए पूरी तरह से पर्याप्त हैं। ऐसे में महासचिव के इस दावे के बाद यह कयास लगाए जा रहे हैं कि महागठबंधन विपक्ष के कुछ विधायकों को अपने पाले में लाने में सफल हो चुका है।

    संख्या बल के वास्तविक समीकरणों पर नजर डालें तो इक्यासी सदस्यीय झारखंड विधानसभा में इंडिया गठबंधन के पास वर्तमान में कुल छप्पन विधायकों का मजबूत समर्थन हासिल है। इस कुनबे में झारखंड मुक्ति मोर्चा के चौंतीस, कांग्रेस के सोलह, राष्ट्रीय जनता दल के चार और सीपीआई एमएल के दो विधायक शामिल हैं। दूसरी तरफ, एनडीए गठबंधन के पाले में कुल चौबीस विधायक हैं, जबकि एक विधायक निर्दलीय चुनाव जीतकर सदन में पहुंचे हैं। नियम के अनुसार, एक राज्यसभा सीट पर सीधे तौर पर जीत दर्ज करने के लिए किसी भी प्रत्याशी को कम से कम अट्ठाईस प्रथम वरीयता के वोटों की आवश्यकता होती है।

    गणित के इस खेल में महागठबंधन को अपनी दोनों सीटों पर प्रणव झा और वैद्यनाथ राम को सुरक्षित रूप से राज्यसभा भेजने के लिए कुल छप्पन वोटों की जरूरत है, जो उनके पास पहले से ही उपलब्ध हैं। वहीं, एनडीए द्वारा समर्थित प्रत्याशी परिमल नथवानी की राह थोड़ी मुश्किल नजर आ रही है। एनडीए के पास अपने केवल चौबीस वोट हैं और उन्हें जीत की दहलीज पार करने के लिए चार और अतिरिक्त मतों की दरकार है। शुरुआत में कयास लगाए जा रहे थे कि एनडीए विपक्षी खेमे के असंतुष्ट विधायकों में सेंध लगाकर यह जादुई आंकड़ा हासिल कर सकता है, लेकिन जेएमएम के नए नारे ने पासा पलट दिया है।

    अब चर्चा इस बात की है कि महागठबंधन खुद एनडीए के पांच विधायकों को अपने पक्ष में मतदान कराने के लिए तैयार कर चुका है, जिससे उनका आंकड़ा छप्पन से बढ़कर इकसठ तक पहुंच सकता है। इस संभावित क्रॉस वोटिंग के डर ने दोनों ही खेमों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। राज्य में रिसॉर्ट और होटल पॉलिटिक्स एक बार फिर सक्रिय हो गई है, जहां विधायकों को एकजुट रखने के लिए गुप्त रणनीतियां बनाई जा रही हैं और मॉक पोल के जरिए मतदान का अभ्यास कराया जा रहा है। मतदान की प्रक्रिया सुबह से शुरू होकर शाम तक चलेगी, जिसके तुरंत बाद आने वाले परिणाम ही इस नए नारे के वास्तविक सच और झारखंड की भविष्य की राजनीति की दिशा तय करेंगे।

  • स्मार्ट मीटर बैलेंस नेगेटिव रहने पर कटेगा बिजली कनेक्शन, फिर से चालू करने के लिए करना होगा ये काम

    स्मार्ट मीटर बैलेंस नेगेटिव रहने पर कटेगा बिजली कनेक्शन, फिर से चालू करने के लिए करना होगा ये काम


    रांची। स्मार्ट मीटर(Smart meter) का बैलेंस पाजिटिव(Balance is positive.) नहीं रहने पर बिजली कनेक्शन अब स्वतः कट रहा है। जिन उपभोक्ताओं (Consumers)का बिजली बिल बकाया है और स्मार्ट मीटर में बैलेंस नेगेटिव है, उनका कनेक्शन हर दिन ऑटोमैटिक डिस्कनेक्ट किया जा रहा है।

    शनिवार को रांची अंचल के विभिन्न आपूर्ति प्रमंडलों में बड़ी संख्या में बकायेदार उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन काटे गए। रांची केंद्रीय आपूर्ति प्रमंडल में 1165, कोकर में 1331, डोरंडा में 853, रांची पश्चिमी में 921, रांची पूर्वी में 613 और न्यू कैपिटल क्षेत्र में 812 उपभोक्ताओं के कनेक्शन ऑटोमैटिक रूप से डिस्कनेक्ट किए गए।

    इनमें कई व्यवसायिक प्रतिष्ठान भी शामिल हैं, जिनका स्मार्ट मीटर बैलेंस नेगेटिव पाया गया। बिजली विभाग के अनुसार, कनेक्शन डिस्कनेक्ट होने के बाद जैसे ही उपभोक्ता अपने पूरे बकाया बिजली बिल का भुगतान करते हैं, उनका कनेक्शन स्वतः चालू हो जाता है।

    किश्त में भी कर सकते हैं भुगतान
    जिन उपभोक्ताओं पर अधिक राशि बकाया है और वे एकमुश्त भुगतान करने में असमर्थ हैं, वे अपने क्षेत्र के विद्युत कार्यपालक अभियंता से संपर्क कर किश्त में भुगतान की सुविधा ले सकते हैं।

    उपभोक्ता अपने बकाया बिजली बिल का भुगतान एटीपी काउंटर या ऑनलाइन माध्यम से कर सकते हैं। प्रतिदिन बड़ी संख्या में कनेक्शन कटने के कारण एटीपी काउंटरों पर बिल जमा करने वाले उपभोक्ताओं की भीड़ बढ़ रही है।

    विभाग ने की अपील
    विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे भीड़ और लाइन से बचने के लिए झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड की वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन भुगतान का उपयोग करें।

    विद्युत आपूर्ति क्षेत्र रांची के महाप्रबंधक मनमोहन कुमार ने सभी बकायेदार उपभोक्ताओं से अपील करते हुए कहा है कि स्मार्ट मीटर के माध्यम से अब रोजाना बकायेदारों का कनेक्शन ऑटोमैटिक डिस्कनेक्ट हो रहा है। इसलिए जिन उपभोक्ताओं का बिजली बिल बकाया है, वे शीघ्र भुगतान कर अपने स्मार्ट मीटर का बैलेंस नेगेटिव से पॉजिटिव कर लें।

    बैलेंस नेगेटिव रहने की स्थिति में कनेक्शन स्वतः कट जाएगा और बकाया राशि जमा करने के बाद ही दोबारा चालू होगा। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता कनेक्शन कटने का इंतजार न करें और समय रहते अपना बिजली बिल जमा कर दें।

    बिजली विभाग ने यह भी बताया है कि जिन उपभोक्ताओं को बिजली बिल से संबंधित जानकारी नहीं मिल पा रही है, वे अपने बिजली कनेक्शन में मोबाइल नंबर अपडेट कराएं। अब उपभोक्ताओं को उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर व्हाट्सएप के माध्यम से बिजली बिल उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके लिए हर उपभोक्ता के कनेक्शन में मोबाइल नंबर का अपडेट होना अनिवार्य है।

    मोबाइल नंबर अपडेट कराने के लिए इन नंबरों पर करें संपर्क
    रांची केंद्रीय – 9508021323
    कोकर – 6201382424
    न्यू कैपिटल – 7970802909
    रांची पश्चिमी – 9341218831
    रांची पूर्वी – 9279943544
    डोरंडा – 8987716413