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  • 60 विकेट लेकर जम्मू-कश्मीर को बनाया रणजी चैंपियन अब इंग्लैंड में आजमाएंगे किस्मत! आकिब नबी पर टीम इंडिया की नजर

    60 विकेट लेकर जम्मू-कश्मीर को बनाया रणजी चैंपियन अब इंग्लैंड में आजमाएंगे किस्मत! आकिब नबी पर टीम इंडिया की नजर


    नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज आकिब नबी के लिए भारतीय क्रिकेट में एक और बड़ा मौका दस्तक दे रहा है। रणजी ट्रॉफी के पिछले सीजन में अपनी घातक गेंदबाजी से तहलका मचाने वाले नबी अब इंग्लैंड की काउंटी चैंपियनशिप में सरे की टीम के लिए खेलते नजर आ सकते हैं। उन्हें मौजूदा डिवीजन वन सीजन के कुछ मुकाबलों के लिए सरे के साथ जोड़े जाने की संभावना है। माना जा रहा है कि वह 2 सितंबर से द ओवल में यॉर्कशायर के खिलाफ होने वाले मुकाबले के लिए उपलब्ध हो सकते हैं। इसके बाद ससेक्स और ग्लैमॉर्गन के खिलाफ होने वाले मुकाबलों में भी उनके खेलने की संभावना जताई जा रही है।

    आकिब नबी ने रणजी ट्रॉफी के पिछले सीजन में अपनी गेंदबाजी से जबरदस्त प्रभाव छोड़ा था। उन्होंने महज 12.56 की औसत से 60 विकेट हासिल किए और टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बने। उनकी शानदार गेंदबाजी के दम पर जम्मू-कश्मीर ने पहली बार रणजी ट्रॉफी का खिताब अपने नाम किया। घरेलू क्रिकेट में इस प्रदर्शन के बाद नबी को भारतीय टीम के भविष्य के तेज गेंदबाजों में एक महत्वपूर्ण नाम माना जा रहा है।

    इंग्लैंड का संभावित काउंटी कार्यकाल नबी के लिए सिर्फ विदेशी क्रिकेट खेलने का मौका नहीं होगा बल्कि भारतीय टीम के नजरिए से भी इसे बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। टीम मैनेजमेंट और राष्ट्रीय चयनकर्ता न्यूजीलैंड के आगामी टेस्ट दौरे को ध्यान में रखते हुए नबी को तेज गेंदबाजों के अनुकूल परिस्थितियों में खेलने का अनुभव दिलाना चाहते हैं। इंग्लैंड में रेड कूकाबुरा गेंद से गेंदबाजी करते हुए नबी की स्विंग और परिस्थितियों के साथ तालमेल बैठाने की क्षमता को परखा जा सकता है। न्यूजीलैंड में टेस्ट क्रिकेट के दौरान भी तेज गेंदबाजों को अनुकूल परिस्थितियां मिलने की उम्मीद रहती है ऐसे में यह अनुभव उनके लिए उपयोगी साबित हो सकता है।

    नबी श्रीलंका के खिलाफ भारत की हालिया टेस्ट सीरीज का भी हिस्सा रहे थे। भारत ने यह सीरीज 1-0 से अपने नाम की लेकिन नबी को प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली थी। अब इंग्लैंड में काउंटी क्रिकेट खेलने का मौका उन्हें विदेशी परिस्थितियों में खुद को साबित करने का अवसर देगा। खास बात यह है कि इंग्लैंड में कई भारतीय खिलाड़ी पहले से काउंटी क्रिकेट में सक्रिय हैं जिससे नबी को वहां के माहौल और परिस्थितियों को समझने में भी मदद मिल सकती है।

    इंग्लैंड में भारतीय खिलाड़ियों की मौजूदगी की बात करें तो बाएं हाथ के स्पिनर मानव सुथार वार्विकशायर के साथ फिर जुड़ने वाले हैं। कुलदीप यादव भी यॉर्कशायर के लिए काउंटी क्रिकेट खेलने लौटेंगे। सरे की टीम में भारतीय लेग स्पिनर राहुल चाहर और अनकैप्ड बल्लेबाजी ऑलराउंडर महिपाल लोमरोर भी शामिल हैं। ऐसे में नबी को विदेशी परिस्थितियों में भारतीय खिलाड़ियों के साथ खेलने और अनुभव साझा करने का मौका मिल सकता है।

    काउंटी चैंपियनशिप में अपना संभावित कार्यकाल पूरा करने के बाद नबी के इंडिया ए टीम से जुड़ने की उम्मीद है। 22 सितंबर से पुडुचेरी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाले दो रेड बॉल मुकाबलों में उनके खेलने की संभावना है। इसके बाद जम्मू-कश्मीर की टीम के साथ उनके जुड़ने को लेकर भी स्थिति पर नजर रहेगी क्योंकि 1 से 5 अक्टूबर तक श्रीनगर में रेस्ट ऑफ इंडिया के खिलाफ ईरानी कप मुकाबला होना है।

    इस बीच भारतीय तेज गेंदबाजी के अनुभवी चेहरे मोहम्मद शमी और मुकेश कुमार के भी काउंटी चैंपियनशिप के बाद के चरणों में खेलने की संभावना जताई गई है। दोनों फिलहाल दलीप ट्रॉफी के सेमीफाइनल में ईस्ट जोन की ओर से खेल रहे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में भारतीय तेज गेंदबाजों के लिए विदेशी परिस्थितियों में खुद को परखने के कई अहम मौके सामने आ सकते हैं। आकिब नबी के लिए सरे का संभावित काउंटी कार्यकाल इसी दिशा में उनके करियर का बड़ा पड़ाव साबित हो सकता है।

  • 9 मैचों में 5 शतक, 781 रन… पडिक्कल से भी आगे निकला ये धुरंधर, 25 साल के अमन मोखाड़े ने उड़ाया गर्दा

    9 मैचों में 5 शतक, 781 रन… पडिक्कल से भी आगे निकला ये धुरंधर, 25 साल के अमन मोखाड़े ने उड़ाया गर्दा


    नई दिल्ली । जब कोई बल्लेबाज शानदार फॉर्म में होता है, तो उसे रोक पाना किसी भी गेंदबाजी आक्रमण के लिए बेहद मुश्किल हो जाता है। कुछ ऐसा ही नजारा इन दिनों भारतीय घरेलू क्रिकेट में देखने को मिल रहा है, जहां एक 25 साल का युवा बल्लेबाज गेंदबाजों पर कहर बनकर टूट पड़ा है। यह खिलाड़ी कोई और नहीं, बल्कि विदर्भ के सलामी बल्लेबाज अमन मोखाड़े हैं, जिन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 में अपने बल्ले से रनों की झड़ी लगा दी है। अमन मोखाड़े ने इस टूर्नामेंट में अब तक 9 मैच खेले हैं और इनमें 5 शानदार शतक जड़ चुके हैं। इन 9 पारियों में उनके बल्ले से कुल 781 रन निकले हैं, जिससे वह इस सीजन के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं।
    उन्होंने कर्नाटक के स्टार बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल को भी पीछे छोड़ दिया है, जिनके नाम इस टूर्नामेंट में 721 रन दर्ज हैं। अमन की इस विस्फोटक बल्लेबाजी का ही नतीजा है कि विदर्भ की टीम ने विजय हजारे ट्रॉफी के फाइनल में जगह बना ली है और अब खिताब जीतने से सिर्फ एक कदम दूर है। दाएं हाथ के इस ओपनर ने टूर्नामेंट की शुरुआत भी धमाकेदार अंदाज में की थी। पहले ही मैच में उन्होंने 110 रनों की शानदार शतकीय पारी खेली, जबकि दूसरे मुकाबले में 82 रन बनाए। इसके बाद तो मानो शतकों की बारिश ही हो गई। हर मैच में अमन का आत्मविश्वास और तकनीक देखने लायक रही, जिसने चयनकर्ताओं और क्रिकेट एक्सपर्ट्स का ध्यान खींचा है।

    शानदार फॉर्म के चलते अमन मोखाड़े ने एक बड़ा रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया है। वह अब लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे तेज 1000 रन पूरे करने वाले बल्लेबाज बन चुके हैं। उन्होंने यह कारनामा सिर्फ 16 पारियों में कर दिखाया, जिससे उन्होंने देवदत्त पडिक्कल और अभिनव मुकुंद का रिकॉर्ड तोड़ दिया, जिन्होंने 1000 रन तक पहुंचने में 17 पारियां खेली थीं। इतना ही नहीं, अमन ने इस मामले में साउथ अफ्रीका के महान बल्लेबाज ग्रीम पोलॉक की बराबरी भी कर ली है, जिन्होंने भी 16 पारियों में 1000 लिस्ट-ए रन पूरे किए थे।

    अमन मोखाड़े का बल्ला सिर्फ विजय हजारे ट्रॉफी में ही नहीं, बल्कि पूरे घरेलू सीजन में आग उगलता नजर आया है। रणजी ट्रॉफी में उन्होंने 7 पारियों में 577 रन बनाए थे, जबकि सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में उनके नाम 206 रन दर्ज हैं। अब विजय हजारे ट्रॉफी में 781 रन बनाकर उन्होंने यह साफ कर दिया है कि वह लंबे रेस के घोड़े हैं। क्रिकेट फैंस के लिए अमन मोखाड़े भले ही नया नाम हों, लेकिन उनकी कहानी बेहद दिलचस्प है। 16 जनवरी 2001 को जन्मे अमन ने ज्वाला सिंह से कोचिंग ली है, जिन्होंने भारतीय टीम के युवा स्टार यशस्वी जायसवाल को भी तैयार किया है। अमन एक आक्रामक ओपनर होने के साथ-साथ लेग ब्रेक गेंदबाजी भी कर सकते हैं। अब 18 जनवरी को विजय हजारे ट्रॉफी का फाइनल खेला जाना है और सभी की नजरें एक बार फिर इस रन मशीन पर टिकी होंगी।