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  • रिस्क से भरा शूट, रणवीर सिंह करीब थे आग के गोले के, ‘धुरंधर 2’ का क्लाइमेक्स बना चर्चा में

    रिस्क से भरा शूट, रणवीर सिंह करीब थे आग के गोले के, ‘धुरंधर 2’ का क्लाइमेक्स बना चर्चा में


    नई दिल्ली। बॉलीवुड की हालिया एक्शन फिल्म ‘धुरंधर 2’ एक बार फिर सुर्खियों में है, लेकिन इस बार वजह इसके बॉक्स ऑफिस आंकड़े नहीं बल्कि इसका खतरनाक और असली क्लाइमेक्स सीन है। फिल्म के इस सीन को लेकर जो खुलासे सामने आए हैं, उन्होंने दर्शकों और फिल्म इंडस्ट्री दोनों को हैरान कर दिया है।

    फिल्म के SFX सुपरवाइजर विशाल त्यागी के अनुसार, क्लाइमेक्स सीन में किसी भी तरह का CGI या ग्राफिक्स इस्तेमाल नहीं किया गया था। पूरा सीन प्रैक्टिकल इफेक्ट्स के साथ शूट किया गया, जिसमें असली धमाके और वास्तविक सेटअप का उपयोग हुआ।

    इस सीन में एक टैंकर ब्लास्ट दिखाया गया है, जिसे बेहद रियलिस्टिक बनाने के लिए करीब 500 लीटर ईंधन का इस्तेमाल किया गया। शुरुआत में यह मात्रा 250 लीटर तय थी, लेकिन बाद में इसे बढ़ा दिया गया ताकि दृश्य अधिक प्रभावशाली लगे।

    त्यागी के मुताबिक, इस पूरे सीन में लगभग 25 किलो विस्फोटक सामग्री का भी इस्तेमाल किया गया, जिससे धमाके का असर और अधिक वास्तविक दिखाई दे। सेट पर ट्रेन और कंटेनर जैसे तत्व भी असली थे, जिससे शूटिंग का जोखिम और बढ़ गया।

    सबसे बड़ी चिंता की बात यह थी कि अभिनेता रणवीर सिंह शूटिंग के दौरान बेहद करीब मौजूद थे। टीम को इस बात का पूरा ध्यान रखना था कि आग और धमाके की लपटें उनके तक न पहुंचें। सुरक्षा टीम लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए थी।

    हालांकि, इन जोखिमों के बावजूद शूटिंग सफलतापूर्वक पूरी की गई। टीम के अनुसार, रणवीर सिंह ने पूरे सीन के दौरान बेहद आत्मविश्वास के साथ काम किया और उन्हें तकनीकी टीम पर पूरा भरोसा था।

    सूत्रों के मुताबिक, क्लाइमेक्स पूरा होने के बाद रणवीर ने टीम की सराहना करते हुए कहा कि सीन बेहद शानदार बना है। वहीं सह-अभिनेता Arjun Rampal भी शूटिंग के दौरान मौजूद थे, लेकिन सुरक्षा कारणों से उन्हें धमाके से पहले ही हटाया गया।

    फिल्म की टीम का दावा है कि यह क्लाइमेक्स भारतीय सिनेमा के सबसे रियलिस्टिक एक्शन सीन्स में से एक है, जिसमें VFX का इस्तेमाल लगभग नहीं के बराबर किया गया।

    कुल मिलाकर, ‘धुरंधर 2’ का यह क्लाइमेक्स न सिर्फ फिल्म की सबसे बड़ी हाइलाइट बन गया है, बल्कि इसने एक्शन फिल्मों की शूटिंग के तरीके पर भी नया सवाल खड़ा कर दिया है—क्या अब भी असली धमाकों का जोखिम लेना जरूरी है?
     

  • रणवीर सिंह ‘प्रलय’ से बाहर नहीं, जॉम्बी थ्रिलर में निभाएंगे दमदार रोल

    रणवीर सिंह ‘प्रलय’ से बाहर नहीं, जॉम्बी थ्रिलर में निभाएंगे दमदार रोल


    नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह किसी फिल्म से बाहर होने की नहीं बल्कि उनके प्रोजेक्ट से जुड़े अफवाहों का खंडन है। हाल ही में खबरें सामने आई थीं कि रणवीर सिंह बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘प्रलय’ का हिस्सा नहीं रहे, लेकिन अब यह स्पष्ट हो गया है कि यह दावा पूरी तरह गलत है।
    सूत्रों के मुताबिक, रणवीर सिंह इस बड़े बजट की जॉम्बी थ्रिलर फिल्म का हिस्सा बने हुए हैं और प्रोजेक्ट पूरी तरह से अपने तय प्लान के अनुसार आगे बढ़ रहा है। प्रोडक्शन हाउस से जुड़े एक करीबी सूत्र ने बताया कि फिल्म न केवल ट्रैक पर है, बल्कि इसकी तैयारी भी तेजी से चल रही है।
    यह फिल्म एक हाई-कॉन्सेप्ट जॉम्बी थ्रिलर होगी, जिसे निर्देशक जय मेहता बना रहे हैं। बताया जा रहा है कि फिल्म का बजट लगभग 300 करोड़ रुपये के आसपास है और इसमें विजुअल इफेक्ट्स पर खास ध्यान दिया जा रहा है। मेकर्स का दावा है कि इस स्तर का जॉम्बी अनुभव भारतीय सिनेमा में पहले कभी नहीं देखा गया होगा।
    फिल्म की स्क्रिप्ट पूरी तरह फाइनल हो चुकी है और अब यह प्री-प्रोडक्शन स्टेज में है। योजना के अनुसार, शूटिंग अगस्त 2026 में शुरू की जाएगी। रणवीर सिंह और निर्देशक के बीच लगातार क्रिएटिव चर्चाएं चल रही हैं ताकि फिल्म को एक अलग स्तर पर ले जाया जा सके।
    इस बीच रणवीर सिंह के करियर को लेकर कई अन्य प्रोजेक्ट्स भी चर्चा में हैं। हाल ही में उनकी पिछली फिल्मों की सफलता के बाद वे लगातार बड़े बैनर की फिल्मों से जुड़े हुए हैं। इसके साथ ही वे निर्देशक Aditya Dhar के साथ एक पॉलिटिकल एक्शन थ्रिलर को लेकर भी चर्चा में हैं।
    वहीं दूसरी ओर, रणवीर सिंह पहले भी Don 3 को लेकर विवादों में रहे हैं, जहां स्क्रिप्ट को लेकर मतभेद की खबरें सामने आई थीं। हालांकि अब यह साफ है कि ‘प्रलय’ को लेकर कोई बदलाव नहीं हुआ है।
    फरहान अख्तर के प्रोजेक्ट्स से जुड़े बदलावों और चर्चाओं के बीच यह साफ हो गया है कि रणवीर सिंह अपनी मौजूदा फिल्मों पर पूरी तरह फोकस कर रहे हैं।
    कुल मिलाकर, ‘प्रलय’ को लेकर फैली अफवाहों पर विराम लग गया है और दर्शकों को अब इस बड़े बजट की जॉम्बी थ्रिलर में रणवीर सिंह के नए और अलग अवतार का इंतजार है।
  • रणवीर सिंह और प्रोडक्शन टीम के बीच डॉन 3 विवाद में नए समझौते की संभावना

    रणवीर सिंह और प्रोडक्शन टीम के बीच डॉन 3 विवाद में नए समझौते की संभावना


    नई दिल्ली । बॉलीवुड की बहुचर्चित फिल्म डॉन 3 को लेकर चल रहा विवाद अब सुलझने की दिशा में आगे बढ़ता दिखाई दे रहा है। लंबे समय से इस प्रोजेक्ट को लेकर अभिनेता रणवीर सिंह और फिल्म से जुड़े प्रोडक्शन पक्ष के बीच मतभेद की खबरें चर्चा में थीं, जिसके चलते यह बड़ा प्रोजेक्ट अनिश्चितता की स्थिति में पहुंच गया था। अब ताजा जानकारी के अनुसार दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति और समाधान की संभावनाएं मजबूत होती नजर आ रही हैं।
    इस पूरे विवाद की शुरुआत उस समय हुई जब रणवीर सिंह ने अचानक डॉन 3 से खुद को अलग करने का फैसला किया। इस निर्णय के बाद फिल्म से जुड़ी तैयारियों, बजट और शेड्यूल पर सीधा असर पड़ा। बताया जाता है कि प्रोजेक्ट पर पहले से ही काफी निवेश किया जा चुका था, जिससे निर्माण पक्ष को आर्थिक और प्रबंधन दोनों स्तरों पर चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
    स्थिति को संभालने के लिए दोनों पक्षों के बीच बातचीत का दौर शुरू हुआ, जिसमें यह कोशिश की गई कि मामले को कानूनी टकराव की बजाय आपसी समझ से हल किया जाए। शुरुआती चर्चाओं में वित्तीय समायोजन और पहले से लिए गए भुगतान को लेकर भी विचार किया गया। माना जा रहा है कि समाधान की दिशा में कुछ सकारात्मक कदम उठाए गए हैं, हालांकि इस पर अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
    फिल्म डॉन 3 को लेकर दर्शकों में पहले से ही काफी उत्साह था, क्योंकि यह एक लोकप्रिय फ्रेंचाइजी का हिस्सा है। लेकिन मुख्य अभिनेता के बदलाव और निर्माण प्रक्रिया में देरी के कारण यह प्रोजेक्ट लगातार सुर्खियों में बना रहा। इस दौरान स्क्रिप्ट और क्रिएटिव दिशा को लेकर भी अलग अलग तरह की चर्चाएं सामने आईं, जिसने स्थिति को और जटिल बना दिया।
    उद्योग से जुड़े जानकारों का मानना है कि बड़े बजट की फिल्मों में इस तरह के विवाद असामान्य नहीं हैं, क्योंकि इनमें कलाकारों, निर्देशक और प्रोडक्शन टीम के बीच तालमेल बेहद महत्वपूर्ण होता है। किसी भी स्तर पर असहमति पूरी परियोजना की समयसीमा और लागत पर असर डाल सकती है। इसलिए ऐसे मामलों में बातचीत और समझौते को प्राथमिकता दी जाती है।
    वर्तमान स्थिति में डॉन 3 को लेकर स्पष्टता अभी भी पूरी तरह नहीं आई है। फिल्म के भविष्य, कास्टिंग और आगे की शूटिंग योजना को लेकर निर्णय आने वाले समय में लिए जाने की संभावना है। प्रोडक्शन टीम द्वारा भी परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए विभिन्न विकल्पों पर विचार किया जा रहा है ताकि इस बड़े प्रोजेक्ट को फिर से गति दी जा सके।
    इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया है कि फिल्म उद्योग में रचनात्मक और व्यावसायिक निर्णयों के बीच संतुलन कितना जरूरी होता है। किसी भी स्तर पर उत्पन्न हुआ मतभेद न केवल परियोजना को प्रभावित करता है, बल्कि उससे जुड़े सभी पक्षों के लिए चुनौती भी बन सकता है।
  • रणवीर सिंह और दीपिका की जोड़ी फिर सुर्खियों में सोशल मीडिया पर बधाइयों का दौर

    रणवीर सिंह और दीपिका की जोड़ी फिर सुर्खियों में सोशल मीडिया पर बधाइयों का दौर


    नई दिल्ली।बॉलीवुड अभिनेत्री दीपिका पादुकोण की हाल ही में साझा की गई एक सोशल मीडिया पोस्ट ने उनके निजी जीवन को लेकर नई अटकलों को जन्म दे दिया है। इस पोस्ट में उनकी बेटी दुआ की एक तस्वीर दिखाई गई है जिसमें वह एक प्रेग्नेंसी टेस्ट किट पकड़े हुए नजर आ रही है और परिणाम पॉजिटिव प्रतीत हो रहा है। इस रचनात्मक प्रस्तुति के बाद सोशल मीडिया पर यह चर्चा तेज हो गई कि दीपिका और रणवीर सिंह अपने दूसरे बच्चे की उम्मीद कर रहे हैं। हालांकि इस विषय पर कपल की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

    पोस्ट के सामने आते ही फैंस के बीच उत्साह और जिज्ञासा दोनों बढ़ गए। कई लोगों ने इसे परिवार में नए सदस्य के आने का संकेत मान लिया और कपल को बधाइयां देना शुरू कर दिया। सोशल मीडिया पर लगातार प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं और फैंस दुआ को बड़ी बहन बनने की संभावनाओं पर अपनी खुशी व्यक्त कर रहे हैं। इस पोस्ट ने देखते ही देखते इंटरनेट पर चर्चा का प्रमुख विषय बन गया है।

    मनोरंजन जगत से जुड़े कई लोगों ने भी इस पोस्ट पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और शुभकामनाएं साझा कीं। कई सेलेब्रिटी ने दिल और बधाई संदेशों के माध्यम से अपनी खुशी व्यक्त की जिससे यह चर्चा और अधिक तेज हो गई। इस तरह का उत्साह इस बात को दर्शाता है कि यह जोड़ी फैंस के बीच कितनी लोकप्रिय और प्रिय है।

    दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह बॉलीवुड की सबसे चर्चित जोड़ियों में से एक हैं। दोनों ने अपने करियर में कई सफल फिल्मों में साथ काम किया है और उनकी ऑनस्क्रीन केमिस्ट्री को दर्शकों ने खूब सराहा है। वर्ष 2018 में दोनों ने विवाह किया था और तब से उनकी निजी जिंदगी हमेशा चर्चा में रहती है।

    पिछले वर्ष उनके घर बेटी दुआ का जन्म हुआ था जिसने उनके जीवन में नई खुशियां जोड़ी थीं। अब इस नई पोस्ट के बाद दूसरे बच्चे को लेकर उठी अटकलों ने उनके परिवार को लेकर उत्सुकता और बढ़ा दी है। हालांकि अभी तक किसी प्रकार की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन पोस्ट के क्रिएटिव अंदाज ने लोगों की कल्पनाओं को जरूर बढ़ा दिया है।

    फिलहाल यह पोस्ट लगातार सोशल मीडिया पर चर्चा में बनी हुई है और फैंस किसी आधिकारिक घोषणा का इंतजार कर रहे हैं। कपल की ओर से प्रतिक्रिया न आने तक यह विषय केवल अटकलों और उत्साह के बीच ही बना हुआ है।

  • करोड़ों के नुकसान की परवाह नहीं, शक्तिमान के लिए रणवीर फिट नहीं, मुकेश खन्ना का बड़ा बयान

    करोड़ों के नुकसान की परवाह नहीं, शक्तिमान के लिए रणवीर फिट नहीं, मुकेश खन्ना का बड़ा बयान


    नई दिल्ली । भारतीय टेलीविजन के सबसे लोकप्रिय सुपरहीरो शो शक्तिमान को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है और इसकी वजह हैं इसके मूल कलाकार मुकेश खन्ना जिनका रुख अब भी पहले की तरह सख्त नजर आ रहा है। लंबे समय से इस शो के रीबूट की खबरें सामने आती रही हैं और इसमें रणवीर सिंह के मुख्य भूमिका निभाने की अटकलें भी जोरों पर थीं लेकिन मुकेश खन्ना ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि वह रणवीर को शक्तिमान के रूप में स्वीकार नहीं करेंगे।

    हाल ही में एक बातचीत के दौरान मुकेश खन्ना ने रणवीर सिंह की प्रतिभा की सराहना जरूर की लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट कर दिया कि शक्तिमान का किरदार निभाना सिर्फ अभिनय का मामला नहीं है। उन्होंने कहा कि रणवीर एक शानदार अभिनेता हैं जिनमें जबरदस्त ऊर्जा है और वे अलग अलग तरह के किरदार निभा सकते हैं लेकिन शक्तिमान के लिए एक खास व्यक्तित्व और छवि की जरूरत होती है जो हर किसी में नहीं होती।

    मुकेश खन्ना ने इस दौरान यह भी कहा कि वह इस भूमिका के लिए किसी बड़े स्टार या पहले से स्थापित छवि वाले अभिनेता को नहीं लेना चाहते। उनके मुताबिक शक्तिमान ऐसा किरदार है जिसे एक साफ सुथरी और प्रेरणादायक छवि वाले नए चेहरे की जरूरत है ताकि दर्शक उसे उसी रूप में स्वीकार कर सकें। उन्होंने यहां तक कह दिया कि वह पूरे देश में ऑडिशन लेकर एक नया चेहरा तलाश करेंगे जो इस किरदार के साथ न्याय कर सके।

    बातचीत के दौरान उन्होंने फिल्म पृथ्वीराज में अक्षय कुमार के लुक पर भी तंज कसते हुए कहा कि ऐतिहासिक और आइकॉनिक किरदार निभाने के लिए सिर्फ कॉस्ट्यूम काफी नहीं होता बल्कि उस किरदार जैसा व्यक्तित्व भी दिखना चाहिए। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि जब उन्होंने ऐतिहासिक किरदार निभाए थे तो तैयार होने में लंबा समय लगता था और वह पूरी तरह उस किरदार में ढल जाते थे।

    मुकेश खन्ना ने यह भी माना कि उनके इस सख्त रुख के कारण उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है क्योंकि बड़ी प्रोडक्शन कंपनियां इस प्रोजेक्ट में रुचि दिखा रही हैं। सोनी पिक्चर्स इस प्रोजेक्ट को लेकर उत्साहित बताया जा रहा है लेकिन इसके बावजूद मुकेश अपने फैसले पर कायम हैं।

    उन्होंने यह भी खुलासा किया कि आदित्य चोपड़ा ने भी पहले शक्तिमान के राइट्स लेने में दिलचस्पी दिखाई थी लेकिन उन्होंने साफ मना कर दिया। उनका कहना था कि वह इस किरदार को किसी ऐसे रूप में नहीं देखना चाहते जो इसकी मूल भावना से अलग हो जाए।

    इस पूरे विवाद के बीच यह साफ है कि शक्तिमान का रीबूट अभी भी अनिश्चितताओं में घिरा हुआ है। जहां एक तरफ दर्शक अपने पसंदीदा सुपरहीरो को नए अवतार में देखने के लिए उत्साहित हैं वहीं दूसरी तरफ मुकेश खन्ना की शर्तें इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ने से रोकती नजर आ रही हैं। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या शक्तिमान को नया चेहरा मिल पाता है या यह परियोजना इसी तरह विवादों में उलझी रहती है।

  • दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह के विपरीत दृष्टिकोणों ने इंडस्ट्री में बढ़ाई नई बहस..

    दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह के विपरीत दृष्टिकोणों ने इंडस्ट्री में बढ़ाई नई बहस..

    नई दिल्ली: हिंदी सिनेमा में काम के घंटों और कार्य संस्कृति को लेकर एक बार फिर गंभीर बहस छिड़ गई है। 8 घंटे की शिफ्ट की मांग ने फिल्म इंडस्ट्री में नई चर्चा को जन्म दिया है और यह मुद्दा अब केवल व्यक्तिगत राय तक सीमित न रहकर व्यापक पेशेवर विमर्श का हिस्सा बन चुका है। हाल के समय में यह विषय तब और अधिक चर्चा में आया जब दीपिका पादुकोण ने मातृत्व के बाद काम के संतुलन और सीमित कार्य घंटों की आवश्यकता पर जोर दिया। उनका मानना है कि लगातार लंबे समय तक काम करना केवल पेशेवर प्रतिबद्धता का पैमाना नहीं हो सकता, बल्कि यह कलाकारों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ विषय है। इस विचार ने फिल्म जगत में एक नई बहस को जन्म दिया है जिसमें काम की गुणवत्ता और कलाकारों की भलाई के बीच संतुलन को लेकर अलग अलग दृष्टिकोण सामने आए हैं।

    दीपिका पादुकोण का दृष्टिकोण यह है कि किसी भी पेशेवर क्षेत्र में काम के घंटे तय होने चाहिए ताकि कलाकार अपने निजी और पेशेवर जीवन के बीच संतुलन बना सकें। उनका मानना है कि लंबे शूटिंग शेड्यूल कई बार रचनात्मकता पर दबाव डालते हैं और यह थकान प्रदर्शन को भी प्रभावित कर सकती है। इसी कारण वह कार्य समय को सीमित और व्यवस्थित रखने की बात करती हैं ताकि काम की गुणवत्ता और व्यक्तिगत स्वास्थ्य दोनों सुरक्षित रह सकें।

    वहीं रणवीर सिंह का नजरिया इस मुद्दे पर बिल्कुल अलग दिखाई देता है। उनका मानना है कि फिल्म निर्माण एक रचनात्मक प्रक्रिया है जिसमें समय की सीमा कई बार बाधा बन सकती है। उनके अनुसार जब तक किसी दृश्य की आवश्यकता पूरी न हो जाए तब तक शूटिंग जारी रहनी चाहिए। वे काम को केवल एक औपचारिक प्रक्रिया के रूप में नहीं देखते बल्कि इसे एक ऐसी यात्रा मानते हैं जिसमें अंतिम परिणाम और प्रदर्शन की गुणवत्ता सबसे महत्वपूर्ण होती है।

    उनके अनुसार फिल्म निर्माण में कई बार निर्धारित समय सीमा के भीतर काम पूरा करना कठिन हो जाता है इसलिए अतिरिक्त समय देना प्रक्रिया का हिस्सा बन जाता है। उन्होंने यह भी संकेत दिया है कि लंबे शूटिंग शेड्यूल के दौरान सह कलाकारों को भी अधिक समय देना पड़ता है लेकिन उनका उद्देश्य हमेशा बेहतर दृश्य और प्रभावशाली प्रदर्शन हासिल करना होता है।

    इस पूरे मुद्दे ने फिल्म इंडस्ट्री में एक व्यापक बहस को जन्म दिया है जिसमें कार्य संस्कृति, कलाकारों का स्वास्थ्य, रचनात्मक स्वतंत्रता और पेशेवर अनुशासन जैसे पहलू शामिल हैं। यह चर्चा केवल दो दृष्टिकोणों तक सीमित नहीं है बल्कि पूरे उद्योग में काम करने के तरीकों पर पुनर्विचार की आवश्यकता को दर्शाती है। समय के साथ यह विषय और अधिक महत्वपूर्ण होता जा रहा है क्योंकि बदलते समय में काम और जीवन के संतुलन को लेकर जागरूकता लगातार बढ़ रही है।

  • ‘धुरंधर’ का बॉक्स ऑफिस धमाका: Ranveer Singh ने ‘बाहुबली’, ‘पुष्पा’, ‘KGF’ को छोड़ा पीछे

    ‘धुरंधर’ का बॉक्स ऑफिस धमाका: Ranveer Singh ने ‘बाहुबली’, ‘पुष्पा’, ‘KGF’ को छोड़ा पीछे


    नई दिल्ली।  Ranveer Singh की फिल्म ‘धुरंधर 2’ (Dhurandhar 2) अपने 26वें दिन के पड़ाव पर पहुंच चुकी है। इतने दिनों में इस फिल्म ने कमाल किया है। लोगों ने फिल्म को काफी ज्यादा पसंद किया है। केवल इस पार्ट को नहीं बल्कि इसके पहले पार्ट को भी। फिल्म देखने के बाद लोग फिल्म की काफी तारीफ करते हुए नजर आए यहां तक की कई बड़े-बड़े सेलेब्स में भी इस फिल्म की काफी तारीफ की है। फिल्म ‘धुरंधर 2: द रिवेंज’ ने बॉक्स ऑफिस पर कई रिकॉर्ड तोड़ दिए है और हर दिन फिल्म की कमाई तेजी से आगे बढ़ रही है।

    3000 करोड़ के पार पहुंची दोनों पार्ट
    धुरंधर’ के दोनों पार्ट ने मिलकर करीब 3000 करोड़ रुपये की कमाई कर डाली है। दोनों हिस्सों की कमाई मिला दें तो ये वर्ल्डवाइड 3000 करोड़ का आंकड़ा पार कर चुकी है। ‘धुरंधर’ ने जहां सिनेमाघरों में 1300 करोड़ से अधिक की कमाई के साथ अपना प्रदर्शन थामा था और देश की सबसे अधिक कमाई करने वाली चौथी फिल्म बनी थी, वहीं ‘धुरंधर 2’ ने ग्लोबल लेवल पर अब तक 1700 करोड़ से अधिक की कमाई कर चुकी है।

    वहीं ‘धुरंधर 2’ ने ग्लोबल लेवल पर अब तक 1700 करोड़ से अधिक की कमाई कर चुकी है। वहीं भारतीय बॉक्स ऑफिस पर इस फिल्म ने अब तक 1000 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है। इस फिल्म के दोनों हिस्सों को मिला दें तो इसने ग्लोबल लेवल पर 3000 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है।

    इस फिल्म की कास्ट की बात करें तो, Ranveer Singh के अलावा इस फिल्म में Akshaye Khanna, R. Madhavan, Arjun Rampal, Sanjay Dutt, Sara Arjun, Rakesh Bedi और Vikas Navlakha सहित कई लोग नजर आएं।

    इन फिल्मों को दी मात
    खास बात यह है कि ‘धुरंधर 2’ अभी सिनेमाघरों में चल रही है। इस तरह से ‘धुरंधर’ फ्रेंचाइजी ने अब कमाई के मामले में बाकी अन्य फ्रेंचाइजी फिल्मों को पीछे छोड़ दिया है। इनमें ‘बाहुबली’, ‘पुष्पा’ और ‘केजीएफ’ जैसी बड़ी फ्रेंचाइजी फिल्में शामिल हैं।

  • रणवीर सिंह ने अभिनय में जान फूंकने के लिए सहा शारीरिक दर्द और पेट पर लगाए स्टेपलर..

    रणवीर सिंह ने अभिनय में जान फूंकने के लिए सहा शारीरिक दर्द और पेट पर लगाए स्टेपलर..


    नई दिल्ली। भारतीय सिनेमा में कलाकारों के समर्पण और उनके अभिनय के प्रति जुनून के कई किस्से मशहूर हैं, लेकिन हाल ही में सामने आई एक घटना ने कला के प्रति समर्पण की परिभाषा को एक नए स्तर पर पहुंचा दिया है। मनोरंजन जगत के एक जाने-माने फिल्म निर्माता ने एक विशेष फिल्म के निर्माण के दौरान हुई एक ऐसी घटना का स्मरण किया है जो किसी भी साधारण व्यक्ति को झकझोर कर रख सकती है। यह वाकया उस समय का है जब अभिनेता रणवीर सिंह अपनी एक बेहद गंभीर और भावनात्मक फिल्म के चरमोत्कर्ष दृश्य की शूटिंग कर रहे थे। उस दृश्य में वास्तविक दर्द और छटपटाहट दिखाने के लिए अभिनेता ने जो रास्ता चुना, वह न केवल जोखिम भरा था बल्कि उनके अटूट संकल्प का प्रमाण भी था।

    चरित्र में डूबने की अद्भुत कला

    फिल्म के अंतिम दृश्यों में किरदार की शारीरिक पीड़ा को पर्दे पर सजीव करने के लिए रणवीर सिंह ने अपने पेट पर स्टेपलर पिन का उपयोग किया था। पर्दे पर दिखने वाला वह दर्द कोई बनावटी अभिनय नहीं था, बल्कि एक वास्तविक शारीरिक कष्ट था जिसे अभिनेता ने स्वयं चुना था। फिल्म निर्माण की प्रक्रिया में अक्सर कलाकार तकनीक और हाव-भाव का सहारा लेते हैं, लेकिन रणवीर ने महसूस किया कि जब तक वह स्वयं उस पीड़ा को महसूस नहीं करेंगे, तब तक वह दर्शकों के दिलों तक उस संवेदना को नहीं पहुंचा पाएंगे। यह निर्णय उनके पेशेवर रवैये और चरित्र में पूरी तरह डूब जाने की उनकी प्रवृत्ति को दर्शाता है।

    सेट पर मौजूद लोग रह गए दंग

    इस घटना का जिक्र करते हुए फिल्म जगत के दिग्गजों ने बताया कि शूटिंग के दौरान रणवीर की इस स्थिति को देखकर सेट पर मौजूद लोग भी दंग रह गए थे। उस समय अभिनेता के चेहरे पर जो भाव थे, वे किसी कृत्रिम मेकअप या तकनीकी प्रभाव का परिणाम नहीं थे, बल्कि वह वास्तविक शारीरिक प्रतिक्रिया थी जो उस स्टेपलर पिन के चुभने से उत्पन्न हो रही थी। अभिनय के प्रति ऐसा पागलपन ही एक साधारण कलाकार को महानता की श्रेणी में ले जाता है। सिनेमा के इतिहास में ऐसी कई फिल्में रही हैं जहां अभिनेताओं ने अपना वजन घटाया या बढ़ाया है, लेकिन स्वयं को शारीरिक रूप से इस तरह घायल करना एक अलग ही स्तर की प्रतिबद्धता है।

    तकनीक बनाम वास्तविक संवेदना

    वर्तमान समय में जब सिनेमा में तकनीकी प्रभाव और ग्राफिक्स का बोलबाला है, तब ऐसी कहानियां याद दिलाती हैं कि मानवीय भावना और वास्तविक परिश्रम का कोई विकल्प नहीं है। रणवीर के इस कदम ने न केवल उस विशेष फिल्म के दृश्य को यादगार बना दिया, बल्कि आने वाली पीढ़ी के कलाकारों के लिए भी एक मानक स्थापित कर दिया है। कला के प्रति इस तरह का निष्ठावान भाव ही है जो एक फिल्म को समय की सीमाओं से परे ले जाकर कालजयी बनाता है। हालांकि इस तरह के खतरनाक तरीकों को अपनाने पर सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर चिंताएं भी व्यक्त की जाती हैं, लेकिन एक कलाकार की दृष्टि में उस समय केवल उसका काम और उसकी भूमिका ही सर्वोपरि होती है।

    संघर्ष और सफलता का गहरा नाता

    रणवीर सिंह के इस साहसिक प्रयास की चर्चा आज भी फिल्म गलियारों में बहुत सम्मान के साथ की जाती है। यह घटना यह भी स्पष्ट करती है कि पर्दे पर दिखने वाली कुछ मिनटों की सफलता के पीछे कितनी रातों की मेहनत और कितना असहनीय त्याग छिपा होता है। दर्शकों के लिए जो केवल मनोरंजन का एक हिस्सा होता है, वह एक समर्पित अभिनेता के लिए उसकी आत्मा का एक अंश होता है जिसे वह पूरी ईमानदारी के साथ प्रस्तुत करता है। इस तरह के किस्से फिल्म निर्माण की उस कठिन प्रक्रिया का हिस्सा हैं जिसे आम जनता कभी सीधे तौर पर नहीं देख पाती, लेकिन जब यह बातें सामने आती हैं तो कलाकार के प्रति सम्मान और अधिक बढ़ जाता है।

    भविष्य के लिए प्रेरणा

    रणवीर सिंह के अभिनय के प्रति इस बेमिसाल जुनून ने यह साबित कर दिया है कि वे केवल एक स्टार नहीं, बल्कि एक सच्चे कलाकार हैं। उनकी यह कहानी आने वाले समय में उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा बनेगी जो कला के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाना चाहते हैं। यह घटना सिखाती है कि पूर्णता प्राप्त करने के लिए कभी-कभी अपने आराम और सुरक्षा की सीमाओं से बाहर निकलना अनिवार्य हो जाता है। उनके इस समर्पण ने फिल्म के उस विशेष सीन को भारतीय सिनेमा के सबसे प्रभावशाली दृश्यों में से एक बना दिया है।

  • रणवीर सिंह की फिल्म धुरंधर 2 की अपार सफलता के बीच दीपिका की चुप्पी ने छेड़ी नई बहस और ट्रोलर्स को मिला करारा जवाब

    नई दिल्ली। ग्लैमर की दुनिया में अक्सर यह माना जाता है कि यदि कोई बात सोशल मीडिया पर साझा नहीं की गई तो वह घटित ही नहीं हुई है लेकिन दीपिका पादुकोण ने इस धारणा को चुनौती देते हुए अपनी बात रखी है। उन्होंने संकेत दिया कि एक कलाकार और एक जीवनसाथी के तौर पर वे अपने रिश्तों को कैमरा और सोशल मीडिया की चकाचौंध से दूर रखना पसंद करती हैं।
    रणवीर सिंह की फिल्म धुरंधर 2 ने बॉक्स ऑफिस पर सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं और प्रशंसकों का एक वर्ग यह उम्मीद कर रहा था कि दीपिका कोई खास पोस्ट साझा करेंगी। हालांकि जब ऐसा नहीं हुआ तो ट्रोलर्स ने उनके व्यवहार पर सवाल उठाए जिसके जवाब में दीपिका ने अपनी निजता और व्यक्तिगत स्पेस को सर्वोपरि रखने की बात कही है।

    दीपिका का मानना है कि सफलता और खुशी साझा करने के लिए प्रत्यक्ष संवाद और व्यक्तिगत उपस्थिति कहीं अधिक प्रभावी होती है बजाय इसके कि इसे केवल डिजिटल लाइक्स और कमेंट्स तक सीमित रखा जाए। रणवीर और दीपिका की जोड़ी ने हमेशा एक-दूसरे के करियर का समर्थन किया है और कई मौकों पर वे सार्वजनिक रूप से एक-दूसरे की सराहना करते नजर आए हैं। इस बार दीपिका ने अपनी चुप्पी के माध्यम से यह संदेश देने की कोशिश की है कि उनके बीच का समीकरण किसी भी बाहरी शोर या सोशल मीडिया के मानदंडों से बहुत ऊपर है। उन्होंने उन लोगों को भी आईना दिखाया है जो केवल ऑनलाइन सक्रियता के आधार पर किसी के रिश्ते की गहराई को मापने की कोशिश करते हैं।

    फिल्म जगत के जानकारों का कहना है कि कलाकारों की निजी जिंदगी पर लगातार निगरानी और छोटी-छोटी बातों पर ट्रोलिंग का बढ़ता चलन चिंताजनक है। दीपिका पादुकोण ने इस स्थिति को बहुत ही परिपक्वता के साथ संभाला और यह प्रदर्शित किया कि वे अपने जीवन के निर्णय स्वयं लेने में सक्षम हैं।

    रणवीर सिंह की सफलता पर उनकी खुशी उनके व्यक्तिगत दायरे का हिस्सा है जिसे वे दुनिया के सामने प्रदर्शित करने के लिए बाध्य नहीं महसूस करतीं। इस पूरे प्रकरण ने एक बार फिर से सेलिब्रिटीज की निजता और प्रशंसकों की अपेक्षाओं के बीच के बारीक अंतर पर बहस छेड़ दी है जिसमें दीपिका का पक्ष काफी मजबूत और तर्कसंगत नजर आता है।
  • बॉक्स ऑफिस से आगे बढ़ा क्रेज हांगकांग में धुरंधर मैराथन ने रचा नया इतिहास

    बॉक्स ऑफिस से आगे बढ़ा क्रेज हांगकांग में धुरंधर मैराथन ने रचा नया इतिहास


    नई दिल्ली । धुरंधर 2 का जलवा अब सिर्फ भारत तक सीमित नहीं रहा बल्कि दुनियाभर में इस फिल्म ने अपनी धाक जमा दी है। खासकर हांगकांग में इस फिल्म को लेकर जो दीवानगी देखने को मिल रही है वह अपने आप में एक नया रिकॉर्ड बनाती नजर आ रही है। रणवीर सिंह की इस स्पाई थ्रिलर ने विदेशी बाजारों में भी ऐसा असर छोड़ा है कि दर्शक इसे बार बार देखने के लिए तैयार हैं।

    हांगकांग में फिल्म के इसी जबरदस्त क्रेज को देखते हुए एक अनोखा इवेंट आयोजित किया जा रहा है जिसे धुरंधर मैराथन नाम दिया गया है। इस खास आयोजन में धुरंधर और धुरंधर 2 को बैक टू बैक दिखाया जाएगा। दोनों फिल्मों का कुल रनटाइम करीब 8 घंटे का है जो किसी भी दर्शक के लिए एक लंबा लेकिन रोमांचक सिनेमाई अनुभव साबित होने वाला है। दर्शकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस मैराथन स्क्रीनिंग के दौरान तीन ब्रेक भी रखे गए हैं ताकि लोग आराम से इस सफर का आनंद ले सकें।

    इस मैराथन को हांगकांग में फिल्म के डिस्ट्रीब्यूटर्स द्वारा प्लान किया गया है। सोशल मीडिया पर इसकी घोषणा करते हुए बताया गया कि यह फैसला वहां मिल रहे जबरदस्त रिस्पॉन्स के कारण लिया गया है। यह साफ दिखाता है कि फिल्म ने दर्शकों के दिलों में कितनी गहरी जगह बना ली है।

    अगर बॉक्स ऑफिस की बात करें तो धुरंधर 2 ने हांगकांग में भी शानदार प्रदर्शन किया है। खास बात यह है कि बिना चीनी सबटाइटल्स के ही इस फिल्म ने वहां 1 मिलियन डॉलर का आंकड़ा पार कर लिया जो अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। यह पहली भारतीय फिल्म बन गई है जिसने इस तरह का रिकॉर्ड बनाया।

    इतना ही नहीं महज 12 दिनों के अंदर फिल्म 2 मिलियन डॉलर के करीब पहुंच गई है और यह पूरी कमाई सिर्फ दो थिएटर्स से हुई है। यह आंकड़ा बताता है कि दर्शकों में फिल्म को लेकर कितना उत्साह है। अब जब फिल्म के लिए चीनी सबटाइटल्स भी उपलब्ध हो गए हैं तो उम्मीद की जा रही है कि इसका कलेक्शन और तेजी से बढ़ेगा।

    वैश्विक स्तर पर भी धुरंधर 2 का प्रदर्शन शानदार रहा है। ओवरसीज मार्केट में फिल्म 37 मिलियन डॉलर यानी करीब 350 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई कर चुकी है। यह इसे दुनिया की सबसे सफल भारतीय फिल्मों में शामिल करता है।

    इस पूरी सफलता से यह साफ हो जाता है कि अब भारतीय सिनेमा की पहुंच और प्रभाव पहले से कहीं ज्यादा बढ़ चुका है। धुरंधर 2 जैसी फिल्में न सिर्फ भारत में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी दर्शकों को आकर्षित कर रही हैं।

    हांगकांग में आयोजित हो रही यह 8 घंटे की मैराथन स्क्रीनिंग सिर्फ एक इवेंट नहीं बल्कि इस बात का प्रमाण है कि जब कंटेंट दमदार हो तो भाषा और देश की सीमाएं मायने नहीं रखतीं। रणवीर सिंह की यह फिल्म अब एक ग्लोबल फेनोमेनन बन चुकी है और आने वाले समय में इसके और भी बड़े रिकॉर्ड देखने को मिल सकते हैं