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  • रणवीर सिंह की धुरंधर: द रिवेंज के संगीत की ग्रैमी में दावेदारी, शाश्वत सचदेव और फिल्म के गानों की पूरी सूची

    रणवीर सिंह की धुरंधर: द रिवेंज के संगीत की ग्रैमी में दावेदारी, शाश्वत सचदेव और फिल्म के गानों की पूरी सूची

    नई दिल्ली । रणवीर सिंह अभिनीत फिल्म धुरंधर: द रिवेंज के संगीत को ग्रैमी अवॉर्ड की विभिन्न श्रेणियों में विचार के लिए भेजा गया है। फिल्म के संगीत से जुड़े इस घटनाक्रम में इसके कई गाने अलग-अलग श्रेणियों के लिए शामिल किए गए हैं। फिल्म के निर्माताओं की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, संगीत निर्देशक शाश्वत सचदेव के काम और फिल्म के गीतों को अंतरराष्ट्रीय संगीत पुरस्कार की प्रक्रिया के तहत विचार के लिए प्रस्तुत किया गया है। हालांकि, इन गानों को भेजे जाने का अर्थ यह नहीं है कि उन्हें ग्रैमी के अंतिम नामांकन में जगह मिल गई है या किसी पुरस्कार पर उनकी जीत तय हो गई है।

    शाश्वत सचदेव को फिल्म के संगीत के लिए ‘विजुअल मीडिया के लिए सर्वश्रेष्ठ संकलन साउंडट्रैक’ श्रेणी में विचारार्थ प्रस्तुत किया गया है। इसके अलावा फिल्म के दो गाने ‘जान से गुजरते हैं’ और ‘कन्हैया’ को ‘सर्वश्रेष्ठ वैश्विक संगीत प्रदर्शन’ श्रेणी के लिए भेजा गया है। वहीं, ‘फिर से’ को ‘विजुअल मीडिया के लिए लिखे गए सर्वश्रेष्ठ गीत’ श्रेणी में शामिल किया गया है। इन प्रविष्टियों के जरिए फिल्म के संगीत और अलग-अलग गीतों को विभिन्न श्रेणियों में विचार के लिए रखा गया है।

    फिल्म के अन्य गानों को भी अलग-अलग संगीत श्रेणियों के लिए प्रस्तुत किया गया है। ‘आरी आरी’ को ‘सर्वश्रेष्ठ एशियाई पॉप संगीत प्रदर्शन’ श्रेणी में शामिल किया गया है। ‘वारी जावां’ को ‘सर्वश्रेष्ठ डांस/इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्डिंग’ श्रेणी के लिए भेजा गया है, जबकि ‘हम प्यार करने वाले’ को ‘सर्वश्रेष्ठ रीमिक्स रिकॉर्डिंग’ श्रेणी में विचारार्थ रखा गया है। इसके साथ ही ‘डेस्टिनी- मान अटकेया’ को ‘सर्वश्रेष्ठ रैप प्रदर्शन’ और ‘जाए सजना’ को ‘सर्वश्रेष्ठ पॉप युगल/समूह प्रदर्शन’ श्रेणी के लिए सूचीबद्ध किया गया है।

    इन प्रविष्टियों के बाद फिल्म के संगीत से जुड़े कुल आठ गानों का उल्लेख अलग-अलग श्रेणियों के संदर्भ में सामने आया है। इसमें साउंडट्रैक के लिए शाश्वत सचदेव का नाम भी शामिल है। हर गीत को उसकी संबंधित श्रेणी के अंतर्गत विचार के लिए प्रस्तुत किया गया है। फिलहाल यह प्रक्रिया शुरुआती चरण में है, इसलिए इसे अंतिम नामांकन या पुरस्कार की उपलब्धि के रूप में नहीं देखा जा सकता।

    ग्रैमी की प्रक्रिया में विचारार्थ भेजे गए गीतों को आगे पात्रता संबंधी शर्तों और मतदान के चरणों से गुजरना होता है। अंतिम नामांकन तक पहुंचने के लिए संबंधित प्रविष्टियों का निर्धारित मानकों पर खरा उतरना जरूरी है। इसके बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इनमें से कौन-से गीत अंतिम सूची में जगह बना पाते हैं। इसलिए अभी फिल्म के गानों को ग्रैमी पुरस्कार मिलने या अंतिम नामांकन हासिल होने का दावा करना सही नहीं होगा।

    फिल्म धुरंधर: द रिवेंज का निर्देशन आदित्य धर ने किया है। इसमें रणवीर सिंह के साथ संजय दत्त, अक्षय खन्ना, आर. माधवन और अर्जुन रामपाल जैसे कलाकार नजर आए हैं। फिल्म ने भारतीय बॉक्स ऑफिस पर 1,100 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की थी, जबकि दुनियाभर में इसका कलेक्शन लगभग 1,852 करोड़ रुपये बताया गया है। अब इसके संगीत और गानों को ग्रैमी की विभिन्न श्रेणियों में विचार के लिए भेजे जाने से फिल्म से जुड़ी चर्चा का एक नया पहलू सामने आया है। हालांकि, पुरस्कार प्रक्रिया के अगले चरणों और अंतिम चयन को लेकर अभी कोई नतीजा सामने नहीं आया है।

  • उत्तर प्रदेश में देर रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 10 वरिष्ठ IAS अधिकारियों के विभाग बदले, रणवीर प्रसाद को ऊर्जा विभाग की जिम्मेदारी

    उत्तर प्रदेश में देर रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 10 वरिष्ठ IAS अधिकारियों के विभाग बदले, रणवीर प्रसाद को ऊर्जा विभाग की जिम्मेदारी

    नई दिल्ली ।उत्तर प्रदेश सरकार ने देर रात 10 वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के विभागों में बड़ा फेरबदल किया है। प्रशासनिक बदलाव के तहत कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी नए अधिकारियों को सौंपी गई है। इस फेरबदल में ऊर्जा, परिवहन, चिकित्सा, उच्च शिक्षा, कृषि, पंचायती राज, खाद्य एवं रसद और वन एवं पर्यावरण जैसे विभाग शामिल हैं।

    सबसे महत्वपूर्ण बदलाव ऊर्जा विभाग में किया गया है। डॉ. आशीष कुमार गोयल को ऊर्जा विभाग से हटाकर श्रम एवं सेवायोजन विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। उनकी जगह रणवीर प्रसाद को प्रमुख सचिव ऊर्जा और अतिरिक्त ऊर्जा की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

    रणवीर प्रसाद को ऊर्जा विभाग के साथ उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन, पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन, राज्य विद्युत उत्पादन निगम और यूपीएसएलडीसी के अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी दी गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली से जुड़ी शिकायतों के बीच ऊर्जा विभाग में हुआ यह बदलाव महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    परिवहन विभाग में भी नई जिम्मेदारी दी गई है। अमृत अभिजात को उनके मौजूदा विभागों के साथ परिवहन विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। उनके पास पहले से पर्यटन, संस्कृति और धर्मार्थ कार्य विभाग की जिम्मेदारी है। अब परिवहन विभाग भी उनके कार्यक्षेत्र में शामिल हो गया है।

    चिकित्सा और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदली गई हैं। अमित कुमार घोष को चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग से हटाकर उच्च शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी दी गई है।

    वी हेकाली झिमोमी को चिकित्सा शिक्षा विभाग सौंपा गया है। इससे पहले उनके पास वन एवं पर्यावरण विभाग की जिम्मेदारी थी। इस बदलाव के बाद चिकित्सा शिक्षा विभाग का प्रशासनिक दायित्व भी नए अधिकारी के पास चला गया है।

    प्रशासनिक फेरबदल के तहत डॉ. एमकेएस सुंदरम को कृषि से जुड़े कई विभागों की जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें कृषि, कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार और निर्यात प्रोत्साहन विभाग का प्रमुख सचिव बनाया गया है।

    रविंद्र को पंचायती राज विभाग का प्रमुख सचिव बनाया गया है। वहीं अनिल कुमार को पंचायती राज विभाग से हटाकर खाद्य एवं रसद तथा उपभोक्ता मामले विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें आयुक्त खाद्य एवं रसद का अतिरिक्त दायित्व भी सौंपा गया है।

    महेंद्र प्रसाद अग्रवाल को उच्च शिक्षा विभाग से हटाकर वन एवं पर्यावरण तथा जलवायु परिवर्तन विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ ही अमित गुप्ता को स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग के साथ प्राविधिक शिक्षा विभाग का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

    इस फेरबदल के साथ राज्य सरकार ने कई प्रमुख विभागों की प्रशासनिक जिम्मेदारियों में बदलाव किया है। खास तौर पर ऊर्जा और बिजली से जुड़े विभागों में हुए परिवर्तन पर ध्यान केंद्रित किया गया है। नई जिम्मेदारियों के तहत अधिकारियों को संबंधित विभागों के कामकाज को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी संभालनी होगी।

    ऊर्जा विभाग में बदलाव ऐसे समय हुआ है, जब ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति और उससे जुड़ी शिकायतों को लेकर प्रशासनिक स्तर पर लगातार काम किया जा रहा है। रणवीर प्रसाद को ऊर्जा विभाग के साथ बिजली क्षेत्र की प्रमुख संस्थाओं की जिम्मेदारी मिलने से विभागीय कामकाज में उनके अधिकार क्षेत्र का विस्तार हुआ है।

    वहीं परिवहन, चिकित्सा शिक्षा और उच्च शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भी नए अधिकारियों की तैनाती की गई है। कृषि, पंचायती राज, खाद्य एवं रसद तथा पर्यावरण से जुड़े विभागों में बदलाव के जरिए सरकार ने वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की जिम्मेदारियों का पुनर्विन्यास किया है।

  • शाहरुख खान ने अंबानी परिवार की गणपति पूजा में की आरती, कैमरों से बनाई दूरी, सामने आया समारोह का वीडियो

    शाहरुख खान ने अंबानी परिवार की गणपति पूजा में की आरती, कैमरों से बनाई दूरी, सामने आया समारोह का वीडियो

    नई दिल्ली ।गणेश चतुर्थी के अवसर पर अंबानी परिवार के घर एंटीलिया में आयोजित गणपति पूजा में बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान भी शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने गणपति बप्पा की पूजा और आरती की। हालांकि, समारोह में पहुंचने के दौरान शाहरुख खान ने कैमरों से दूरी बनाए रखी और अन्य सितारों की तरह बाहर फोटोग्राफरों के सामने तस्वीरें नहीं खिंचवाईं। अब समारोह के अंदर की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद उनके शामिल होने की जानकारी सामने आई है।

    सामने आए वीडियो में शाहरुख खान गणपति बप्पा की आरती करते हुए दिखाई दे रहे हैं। वह हाथ में आरती की थाली लिए भगवान गणेश के सामने खड़े नजर आए। इस दौरान अभिनेता सफेद शर्ट और काली पैंट में दिखाई दिए। उनका सादगी भरा अंदाज वीडियो में साफ नजर आ रहा है। गणपति पूजा में उनके साथ अभिनेता रणवीर सिंह भी मौजूद थे।

    एक तस्वीर में रणवीर सिंह आरती करते दिखाई दे रहे हैं, जबकि शाहरुख खान उनके पास खड़े नजर आ रहे हैं। रणवीर सिंह ने सफेद कुर्ता-पायजामा के साथ जैकेट पहनी थी। समारोह की सामने आई तस्वीरों और वीडियो में दोनों कलाकारों की मौजूदगी देखने को मिली है।

    गणपति उत्सव में बॉलीवुड के कई सितारे पहुंचे थे। इनमें से ज्यादातर कलाकारों ने बाहर मौजूद फोटोग्राफरों के सामने तस्वीरें खिंचवाईं, लेकिन शाहरुख खान ने ऐसा नहीं किया। वह बिना ज्यादा चर्चा के समारोह में पहुंचे और कैमरों से दूरी बनाए रखी। इसी वजह से शुरुआत में उनके आयोजन में शामिल होने को लेकर कोई तस्वीर या वीडियो सामने नहीं आया था।

    बाद में समारोह के अंदर की तस्वीरें और वीडियो सामने आए तो शाहरुख खान की मौजूदगी की जानकारी सामने आई। एक तस्वीर में वह मुकेश अंबानी और नीता अंबानी के साथ भी दिखाई दिए। इससे पता चला कि अभिनेता अंबानी परिवार के गणपति उत्सव में शामिल हुए थे और उन्होंने पूजा में हिस्सा लिया।

    शाहरुख खान के आरती करते हुए वीडियो के सामने आने के बाद उनका यह अंदाज चर्चा में है। वीडियो में वह गणपति बप्पा के सामने आरती की थाली लिए दिखाई दे रहे हैं। समारोह के दौरान उन्होंने कैमरों से दूरी बनाए रखी, लेकिन अंदर की तस्वीरों में उनकी मौजूदगी दर्ज हुई।

    वर्कफ्रंट की बात करें तो शाहरुख खान जल्द फिल्म ‘किंग’ में नजर आएंगे। इस फिल्म का निर्देशन सिद्धार्थ आनंद कर रहे हैं। फिल्म में शाहरुख खान के साथ उनकी बेटी सुहाना खान और अभिषेक बच्चन भी अहम भूमिकाओं में दिखाई देंगे। फिल्म की रिलीज 24 दिसंबर 2026 बताई जा रही है। ऐसे में गणपति उत्सव में शाहरुख की मौजूदगी के साथ उनकी आने वाली फिल्म ‘किंग’ भी चर्चा में बनी हुई है।

  • धुरंधर की कहानी पर तिग्मांशु धूलिया ने उठाए सवाल, रणवीर सिंह की फिल्म की तारीफ के बावजूद बोले- क्या यही कहानी है

    धुरंधर की कहानी पर तिग्मांशु धूलिया ने उठाए सवाल, रणवीर सिंह की फिल्म की तारीफ के बावजूद बोले- क्या यही कहानी है


    नई दिल्ली । रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर’ ने दर्शकों के बीच अपनी अलग पहचान बनाई और बॉक्स ऑफिस पर भी मजबूत प्रदर्शन किया। फिल्म की सफलता के बावजूद इसके कंटेंट और कहानी को लेकर अब फिल्म निर्माता-निर्देशक तिग्मांशु धूलिया ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने मुख्यधारा के हिंदी सिनेमा में बदलते कहानी कहने के तरीके पर चर्चा करते हुए ‘धुरंधर’ को मौजूदा फिल्मी फॉर्मूले का उदाहरण बताया।

    तिग्मांशु धूलिया के मुताबिक आज के दौर में कॉरपोरेट संस्कृति और एक जैसे फिल्मी टेम्पलेट के कारण मौलिक कहानियों की संख्या कम होती जा रही है। उनका मानना है कि बड़े स्तर पर बनने वाली कई फिल्मों में कहानी से ज्यादा प्रस्तुति, एक्शन और स्टार पावर पर जोर दिखाई देता है। इसी संदर्भ में उन्होंने ‘पुष्पा’, ‘केजीएफ’ और ‘धुरंधर’ जैसी फिल्मों का उदाहरण दिया।

    हालांकि, तिग्मांशु ने ‘धुरंधर’ को पूरी तरह खारिज नहीं किया। उन्होंने फिल्म के पहले पार्ट की प्रस्तुति की तारीफ की और कहा कि उन्हें फिल्म पसंद आई। उनके अनुसार फिल्म को अच्छे तरीके से पेश किया गया था और इसका संगीत भी प्रभावशाली था। लेकिन जब बात कहानी की आती है तो उन्होंने इसकी मौलिकता पर सवाल खड़ा किया।

    तिग्मांशु ने सवालिया अंदाज में कहा कि अगर किसी दर्शक से ‘धुरंधर’ की कहानी सुनाने के लिए कहा जाए तो वह वास्तव में कितनी विस्तृत कहानी बता पाएगा। उन्होंने फिल्म की कहानी को एक ऐसे व्यक्ति की कहानी के रूप में बताया जो अंडरकवर एजेंट बनकर पाकिस्तान जाता है और वहां तबाही मचाता है। इसी आधार पर उन्होंने सवाल किया कि क्या इसे पूरी तरह एक मौलिक और मजबूत कहानी माना जा सकता है।

    उनकी टिप्पणी केवल ‘धुरंधर’ तक सीमित नहीं रही। तिग्मांशु ने हिंदी सिनेमा में मौलिक कहानियों की कमी को लेकर व्यापक चिंता जताई। उनका कहना है कि पहले ऐसे लोग मौजूद थे जो अलग तरह की कहानियां सुनाते थे, लेकिन अब ऐसे कहानीकारों को पर्याप्त अवसर नहीं मिलते। फिल्म उद्योग में यह धारणा भी बनी हुई है कि अलग और प्रयोगात्मक कहानियां दर्शकों को पसंद नहीं आएंगी।

    तिग्मांशु के अनुसार इसी सोच की वजह से फिल्मों में एक जैसे फॉर्मूले दोहराए जा रहे हैं। उनका मानना है कि इसका असर केवल फिल्मों की कहानियों पर नहीं बल्कि समाज और संस्कृति की विविधता पर भी दिखाई देता है। उन्होंने पूंजीवाद और एक जैसी उपभोक्ता संस्कृति का उदाहरण देते हुए कहा कि आज लोगों की पसंद, पहनावे और यहां तक कि शहरों की पहचान में भी समानता बढ़ती जा रही है।

    उन्होंने कहा कि जब हर चीज एक ही पैटर्न पर तैयार होने लगे तो अलग पहचान धीरे-धीरे खत्म होने लगती है। उनके मुताबिक यही स्थिति फिल्म इंडस्ट्री में भी दिखाई दे रही है, जहां अलग तरह की कहानियों के बजाय सफल साबित हो चुके फॉर्मूलों को दोहराने पर ज्यादा भरोसा किया जाता है।

    तिग्मांशु धूलिया के अपने काम की बात करें तो उनकी आगामी फिल्म ‘घमासान’ 11 सितंबर 2026 को रिलीज होने वाली है। ऐसे में ‘धुरंधर’ की कहानी पर उनकी टिप्पणी उस समय सामने आई है जब हिंदी सिनेमा में बड़े बजट की फिल्मों, स्टार आधारित कहानियों और मौलिक कंटेंट को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। उनकी बातों ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि दर्शकों को आकर्षित करने वाली भव्य प्रस्तुति के साथ क्या मजबूत और नई कहानी को भी बराबर महत्व मिल रहा है।

  • रणवीर सिंह की प्रलय में दिखेगा बिल्कुल अलग अंदाज, वायरल वीडियो ने सर्वाइवल ड्रामा और जॉम्बी कहानी को लेकर बढ़ाया रोमांच

    रणवीर सिंह की प्रलय में दिखेगा बिल्कुल अलग अंदाज, वायरल वीडियो ने सर्वाइवल ड्रामा और जॉम्बी कहानी को लेकर बढ़ाया रोमांच

    नई दिल्ली । रणवीर सिंह इन दिनों अपनी आगामी फिल्म प्रलय की शूटिंग में व्यस्त हैं। फिल्म का पहला शेड्यूल मुंबई में शुरू हो चुका है और इसी दौरान शूटिंग सेट से सामने आए एक वीडियो ने अभिनेता के नए लुक को लेकर चर्चा तेज कर दी है। वीडियो में रणवीर सिंह काफी अलग अंदाज में दिखाई दे रहे हैं। उनके साथ फिल्म की अभिनेत्री कल्याणी प्रियदर्शन और अन्य कलाकार भी नजर आ रहे हैं।

    शूटिंग के दौरान सामने आए वीडियो में रणवीर मटमैले कपड़ों में दिखाई दे रहे हैं। उनके आसपास कैमरा और शूटिंग से जुड़े उपकरण नजर आते हैं। वीडियो में उनका किरदार अपनी पीठ पर एक बच्ची को लेकर चलता हुआ दिखाई देता है। यह दृश्य सामने आने के बाद फिल्म की कहानी को लेकर दर्शकों की उत्सुकता बढ़ गई है। हालांकि बच्ची का रणवीर के किरदार से क्या संबंध है और कहानी में उसकी भूमिका कितनी महत्वपूर्ण होगी, इसकी जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है।

    रणवीर सिंह के इस नए लुक को लेकर सोशल मीडिया पर भी काफी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई यूजर्स ने अभिनेता के लुक की तारीफ की और इसे उनकी पिछली फिल्मों से अलग बताया। कुछ लोगों ने फिल्म को बड़े स्तर की परियोजना बताते हुए उम्मीद जताई कि रणवीर एक बार फिर दर्शकों को प्रभावित करेंगे। वहीं कुछ यूजर्स ने वीडियो में दिखाई दे रहे माहौल के आधार पर उनके किरदार को जॉम्बी से जोड़कर अनुमान लगाया है। हालांकि इन अटकलों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

    प्रलय की कहानी दुनिया के खत्म होने जैसी स्थिति और इंसानों के सामने पैदा होने वाले अस्तित्व के संकट पर आधारित बताई जा रही है। फिल्म को सर्वाइवल ड्रामा के रूप में पेश किया जाएगा। इसकी कहानी भविष्य के मुंबई में दिखाई जाएगी, जहां परिस्थितियां तेजी से बिगड़ती हैं। बताया जा रहा है कि शहर में जॉम्बी की संख्या बढ़ने के बाद लोगों के सामने खुद को बचाने और अपने करीबियों की सुरक्षा करने की चुनौती खड़ी होगी।

    फिल्म की खासियत इसका भविष्य का माहौल और सर्वाइवल पर केंद्रित कहानी बताई जा रही है। ऐसे समय में जब शहर की व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित होने लगेगी, कहानी के पात्रों को मुश्किल परिस्थितियों के बीच फैसले लेने होंगे। रणवीर सिंह का किरदार भी इसी संघर्ष का हिस्सा होगा। शूटिंग से सामने आया उनका लुक संकेत देता है कि फिल्म में एक्शन के साथ भावनात्मक पहलुओं को भी महत्व दिया जा सकता है।

    प्रलय का निर्देशन जय मेहता कर रहे हैं। फिल्म का पहला शेड्यूल मुंबई में शुरू हो चुका है। कहानी और किरदारों से जुड़ी ज्यादातर जानकारी अभी सीमित रखी गई है, इसलिए सेट से सामने आने वाला हर नया दृश्य दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बन रहा है। रणवीर का यह लुक भी इसी वजह से तेजी से लोगों का ध्यान खींच रहा है।

    रणवीर सिंह के काम से ब्रेक लेने की खबरें भी इसी बीच चर्चा में हैं। बताया जा रहा है कि फिल्म के अगले शेड्यूल से पहले वह परिवार के साथ समय बिताने के लिए लंबी छुट्टी ले सकते हैं। बच्चे के जन्म के बाद उनके कुछ समय तक काम से दूर रहने की संभावना जताई जा रही है।

    फिलहाल प्रलय से सामने आए रणवीर सिंह के लुक ने फिल्म के प्रति दर्शकों की दिलचस्पी बढ़ा दी है। पीठ पर बच्ची को लेकर चलते अभिनेता के दृश्य ने कहानी के भावनात्मक और सर्वाइवल पहलू को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं। अब दर्शकों को फिल्म के आधिकारिक लुक और रणवीर के किरदार से जुड़ी अधिक जानकारी का इंतजार है।

  • णवीर सिंह के सतरंगी फैशन पर कभी हंसती थीं अभिनेत्री मधु: ट्रोल करने के बाद अब जागा साथ काम करने का अरमान, 'डॉन 3' स्टार को बताया शानदार कलाकार

    णवीर सिंह के सतरंगी फैशन पर कभी हंसती थीं अभिनेत्री मधु: ट्रोल करने के बाद अब जागा साथ काम करने का अरमान, 'डॉन 3' स्टार को बताया शानदार कलाकार

    नई दिल्ली। बॉलीवुड के ‘धुरंधर’ और वर्सेटाइल अभिनेता रणवीर सिंह अपने बेहतरीन अभिनय के साथ-साथ अपने सतरंगी, अनूठे और अजीबोगरीब ड्रेसिंग सेंस के लिए हमेशा चर्चा में रहते हैं। उनके इस जुदा अंदाज पर जहां लाखों फैंस फिदा रहते हैं, वहीं कई बार उन्हें सोशल मीडिया और इंडस्ट्री के भीतर भी ट्रोलिंग का सामना करना पड़ता है। अब इस फेहरिस्त में नब्बे के दशक की मशहूर अभिनेत्री मधु का नाम भी जुड़ गया है। मधु ने हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान बेहद ईमानदारी से स्वीकार किया है कि वह भी एक वक्त पर रणवीर सिंह के पहनावे और उनके फैशन चॉइस पर जमकर हंसती थीं और उन्हें ट्रोल किया करती थीं।

    अभिनेत्री मधु ने अपने पुराने दिनों और विचारों को याद करते हुए बताया कि जब उन्होंने शुरुआती दौर में रणवीर सिंह को पब्लिक अपीयरेंस और अवॉर्ड फंक्शन्स में लीक से हटकर कपड़े पहने हुए देखा था, तो उन्हें यह काफी अजीब लगा था। मधु के अनुसार, वह अक्सर रणवीर के लुक को देखकर अपनी हंसी नहीं रोक पाती थीं और सोचती थीं कि कोई अभिनेता ऐसे अजीब कपड़े पहनकर बाहर कैसे आ सकता है। उन्होंने माना कि वह भी उन लोगों में शामिल थीं जो रणवीर सिंह के कपड़ों का मजाक उड़ाते थे और उनके स्टाइल स्टेटमेंट को समझ नहीं पाती थीं।

    हालांकि, समय बीतने के साथ-साथ रणवीर सिंह के प्रति मधु की सोच में एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव आया है। मधु ने कहा कि जैसे-जैसे उन्होंने रणवीर सिंह की फिल्मों को देखा और पर्दे पर उनके दमदार अभिनय को महसूस किया, वैसे-वैसे कपड़ों को लेकर उनका नजरिया पूरी तरह बदल गया। उन्होंने महसूस किया कि रणवीर सिंह सिर्फ कपड़ों से नहीं, बल्कि अपनी असाधारण अभिनय क्षमता से इंडस्ट्री पर राज कर रहे हैं। ‘बाजीराव मस्तानी’, ‘पद्मावत’ और ‘गली बॉय’ जैसी फिल्मों में उनके किरदारों ने मधु को प्रभावित किया।

    अपने इस बदले हुए नजरिए के बाद, अब अभिनेत्री मधु ने रणवीर सिंह के साथ स्क्रीन स्पेस शेयर करने की अपनी तीव्र इच्छा व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि वह रणवीर सिंह की अभिनय कला की बहुत बड़ी प्रशंसक बन चुकी हैं और भविष्य में यदि मौका मिले, तो वह उनके साथ एक फिल्म में काम करना पसंद करेंगी। मधु ने रणवीर सिंह को मौजूदा दौर का एक बेहद प्रभावशाली और ऊर्जावान कलाकार बताया, जो किसी भी किरदार में पूरी तरह जान फूंकने का दम रखता है।

    गौरतलब है कि रणवीर सिंह इन दिनों अपनी आगामी बड़ी फिल्मों को लेकर लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं, जिनमें फरहान अख्तर के निर्देशन में बनने वाली ‘डॉन 3’ सबसे प्रमुख है। इसके अलावा वह इंडस्ट्री के कई बड़े प्रोजेक्ट्स का भी हिस्सा हैं। दूसरी तरफ, ‘रोजा’ और ‘जेंटलमैन’ जैसी कल्ट फिल्मों से पहचान बनाने वाली अभिनेत्री मधु भी इन दिनों विभिन्न प्रोजेक्ट्स और इंटरव्यूज के जरिए लगातार चर्चा में बनी हुई हैं। उनका यह बयान यह साफ तौर पर दिखाता है कि कला और टैलेंट के आगे अंततः हर तरह की रूढ़िवादिता और पूर्वाग्रह घुटने टेक देते हैं।

  • रणवीर सिंह की ‘धुरंधर’ पर फिर गरमाया मामला: कराची के पूर्व मेयर के दावे ने आलोचकों को दिया करारा जवाब

    रणवीर सिंह की ‘धुरंधर’ पर फिर गरमाया मामला: कराची के पूर्व मेयर के दावे ने आलोचकों को दिया करारा जवाब

    नई दिल्ली। भारतीय सिनेमा जगत की ब्लॉकबस्टर एक्शन-थ्रिलर फिल्म ‘धुरंधर’ और उसके सीक्वल को लेकर चल रहा वैचारिक विवाद अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। अभिनेता रणवीर सिंह और निर्देशक आदित्य धर की इस बेहद चर्चित फिल्म को लेकर जहां भारत के भीतर ही कुछ बुद्धिजीवियों, समीक्षकों और सोशल मीडिया विश्लेषकों द्वारा इसे एक ‘प्रोपेगैंडा फिल्म’ करार दिया जा रहा था, वहीं अब इस पूरे मामले में सरहद पार से आए एक बड़े बयान ने आलोचकों को पूरी तरह से बैकफुट पर धकेल दिया है। पाकिस्तान के कराची शहर के पूर्व मेयर और वरिष्ठ पत्रकार आरिफ अजाकिया ने फिल्म के समर्थन में खुलकर अपनी बात रखी है।

    उन्होंने एक प्रतिष्ठित वैश्विक पत्रकारिता कार्यक्रम ‘टॉक जर्नलिज्म’ के दौरान यह सनसनीखेज दावा किया कि फिल्म में दिखाई गई पाकिस्तान के ल्यारी इलाके की जमीनी हकीकत और आतंकी नेटवर्क को खत्म करने की जो कहानी पर्दे पर उतारी गई है, वह पूरी तरह से सच पर आधारित है। इस बयान का वीडियो सामने आने के बाद से ही फिल्म की आलोचना करने वाले धड़ों के बीच सन्नाटा पसर गया है।

    आरिफ अजाकिया ने अपने व्यक्तिगत अनुभवों और अपनी पुरानी राजनीतिक पृष्ठभूमि का हवाला देते हुए कहा कि जिस दौर की घटनाओं और मिशन को फिल्म ‘धुरंधर’ में फिल्माया गया है, उस समय वह स्वयं कराची के उस विशेष प्रशासनिक क्षेत्र के मेयर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि उनका जन्म और पालन-पोषण कराची के उसी विवादित ल्यारी इलाके में हुआ है, जहां बलूच गैंग और विभिन्न आतंकी संगठनों का एक समय पर भारी वर्चस्व हुआ करता था।

    पूर्व मेयर के अनुसार, वह उस दौर के सुरक्षा हालातों और पर्दे के पीछे चलने वाली गतिविधियों के प्रत्यक्षदर्शी रहे हैं, इसलिए वह पूरी जिम्मेदारी के साथ यह स्वीकार करते हैं कि फिल्म के भीतर जो कुछ भी दिखाया गया है, उसमें रत्ती भर भी झूठ नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने मंच से अपनी जड़ों के बारे में बात करते हुए यह भी स्वीकार किया कि भले ही उनका जन्म कराची में हुआ हो, लेकिन उनके माता-पिता अविभाजित भारत के जूनागढ़, गुजरात से ताल्लुक रखते थे, इसलिए वह स्वयं को पाकिस्तानी मानने की बजाय भारतीय मूल का नागरिक कहलाना अधिक पसंद करते हैं।

    मध्य प्रदेश सहित देशभर के सिनेमाघरों में धूम मचाने वाली इस फिल्म की कहानी की बात करें तो ‘धुरंधर’ और इसका हालिया सीक्वल दर्शकों को एक बेहद संजीदा और खतरनाक खुफिया मिशन पर ले जाता है। फिल्म की पटकथा में दिखाया गया है कि किस प्रकार भारतीय खुफिया एजेंसी का एक जांबाज अधिकारी जसकीरत, विषम परिस्थितियों के बीच अपना नाम और पहचान बदलकर हमजा बन जाता है और पाकिस्तान के सबसे संवेदनशील इलाके ल्यारी के एक खतरनाक बलूच गैंग में सफलतापूर्वक घुसपैठ करता है।

    वहां रहते हुए वह न केवल स्थानीय अपराधियों के तंत्र को ध्वस्त करता है बल्कि एक बड़े अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन के मंसूबों को भी नेस्तनाबूद कर देता है। रणवीर सिंह के दमदार अभिनय से सजी इस फिल्म में सारा अर्जुन, अर्जुन रामपाल और आर. माधवन जैसे स्थापित कलाकारों ने भी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। जहाँ एक तरफ इस फिल्म की आलोचना करने वाले इसे केवल एक काल्पनिक और अतिशयोक्तिपूर्ण कहानी बता रहे थे, वहीं अब खुद कराची की कमान संभाल चुके एक पूर्व प्रशासनिक अधिकारी द्वारा इसे सच का आईना बताए जाने के बाद इस फिल्म की प्रामाणिकता पर उठ रहे तमाम सवालों पर पूरी तरह से विराम लग गया है।