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  • ढाबा संचालक को उम्रकैद: महिला से दुष्कर्म और जातिसूचक प्रताड़ना के मामले में उज्जैन कोर्ट का बड़ा फैसला

    ढाबा संचालक को उम्रकैद: महिला से दुष्कर्म और जातिसूचक प्रताड़ना के मामले में उज्जैन कोर्ट का बड़ा फैसला


    मध्यप्रदेश । उज्जैन जिले में वर्ष 2024 में सामने आए दुष्कर्म और अत्याचार के एक गंभीर मामले में न्यायालय ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए आरोपी को आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। महिला के साथ दुष्कर्म करने और जातिसूचक अपमान करने के मामले में दोषी पाए गए आरोपी को अदालत ने कठोर दंड देते हुए समाज में ऐसे अपराधों के प्रति सख्त संदेश दिया है।

    मीडिया सेल प्रभारी कुलदीप सिंह भदौरिया के अनुसार यह घटना 15 सितंबर 2024 की है। पीड़िता अपने एक परिचित युवक के साथ मोटरसाइकिल से महिदपुर क्षेत्र स्थित घड़ी वाले बाबा के दर्शन करने गई थी। दर्शन के बाद दोनों रात करीब 10 बजे माकड़ौन थाना क्षेत्र में स्थित एक ढाबे पर भोजन करने पहुंचे। यह ढाबा आरोपी लाखन सिंह गुर्जर द्वारा संचालित किया जाता था।

    अभियोजन के अनुसार भोजन करने के बाद जब दोनों ने बिल का भुगतान करना चाहा तो आरोपी ने पैसे लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद उसने दोनों पर रात में वहीं रुकने का दबाव बनाया। जब पीड़िता और उसके साथी ने इसका विरोध किया तो आरोपी ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि आरोपी ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए दोनों को अपमानित भी किया।

    मामले में यह भी सामने आया कि आरोपी ने हथियार दिखाकर पीड़िता के साथी को वहां से भगा दिया। इसके बाद उसने महिला के साथ जबरन दुष्कर्म किया और घटना की जानकारी किसी को देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। घटना के बाद पीड़िता ने साहस दिखाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

    पुलिस ने साक्ष्य और गवाहों के आधार पर जांच पूरी कर न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने पर्याप्त साक्ष्य पेश किए, जिन्हें न्यायालय ने स्वीकार करते हुए आरोपी को दोषी माना।

    मामले की सुनवाई के बाद न्यायालय ने आरोपी लाखन सिंह गुर्जर (37), निवासी ग्राम झिरनिया, थाना माकड़ौन, जिला उज्जैन को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 64 तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(2)(वी) के तहत दोषी करार दिया। अदालत ने आरोपी को आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई तथा 6 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया।

    इस फैसले को महिलाओं की सुरक्षा और सामाजिक न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। न्यायालय के निर्णय ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि महिलाओं के खिलाफ अपराध और जातिगत अत्याचार जैसे गंभीर मामलों में कानून सख्ती से कार्रवाई करेगा।

  • भांजे पर दुष्कर्म का आरोप: महिला ने जहरीला पदार्थ खाकर की आत्महत्या की कोशिश, मामला दर्ज

    भांजे पर दुष्कर्म का आरोप: महिला ने जहरीला पदार्थ खाकर की आत्महत्या की कोशिश, मामला दर्ज


    मध्‍य प्रदेश । भोपाल के मिसरोद थाना क्षेत्र से एक संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां 33 वर्षीय महिला ने अपने रिश्तेदार पर दुष्कर्म का आरोप लगाया है। पुलिस के अनुसार महिला द्वारा अस्पताल में उपचार के दौरान दिए गए बयानों के आधार पर आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल आरोपी की तलाश की जा रही है और मामले की जांच जारी है।

    पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक पीड़िता ग्रामीण क्षेत्र में अपने पति के साथ रहती है। उसका पति सब्जी व्यवसाय से जुड़ा है और रोजाना कारोबार के सिलसिले में मंडी जाता है। शिकायत के अनुसार इसी दौरान आरोपी, जो परिवार का परिचित और रिश्तेदार बताया जा रहा है, कथित रूप से घर पहुंचता था। महिला ने आरोप लगाया है कि 5 जून को पति की अनुपस्थिति का फायदा उठाकर आरोपी ने उसके साथ जबरदस्ती की। इसके बाद भी कथित रूप से आरोपी द्वारा उसे परेशान किया जाता रहा।

    पीड़िता ने अपने बयान में दावा किया है कि उसने घटना की जानकारी अपने पति और अन्य परिजनों को दी थी। हालांकि, उसके अनुसार मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया और आरोपी के खिलाफ कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। महिला का कहना है कि लगातार मानसिक दबाव और कथित उत्पीड़न के कारण वह बेहद परेशान हो गई थी।

    पुलिस के अनुसार 9 जून को महिला की तबीयत बिगड़ने के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक उसने जहरीले पदार्थ का सेवन किया था। उपचार के दौरान महिला ने पुलिस और चिकित्सकीय अधिकारियों को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए महिला के बयान दर्ज किए।

    अधिकारियों का कहना है कि पीड़िता के बयान और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। साथ ही अन्य साक्ष्यों और परिस्थितियों की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    फिलहाल आरोपी फरार बताया जा रहा है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं, महिला का उपचार जारी है और उसकी स्थिति पर चिकित्सकीय निगरानी रखी जा रही है।

    पुलिस ने लोगों से अपील की है कि महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों की सूचना तुरंत पुलिस को दें ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके। मामले की जांच पूरी होने के बाद ही सभी तथ्यों की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।

  • जबलपुर में बड़ा खुलासा: नाम बदलकर ठगी, रेप और ब्लैकमेलिंग करने वाला शातिर आरोपी बेंगलुरु से गिरफ्तार

    जबलपुर में बड़ा खुलासा: नाम बदलकर ठगी, रेप और ब्लैकमेलिंग करने वाला शातिर आरोपी बेंगलुरु से गिरफ्तार


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश के जबलपुर में पुलिस ने एक बेहद शातिर और धोखाधड़ी के तरीके से अपराध करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो देश के कई राज्यों में युवतियों को अपना शिकार बना चुका था। आरोपी को बेंगलुरु से पकड़ा गया और अब उसे ट्रांजिट रिमांड पर जबलपुर लाकर पूछताछ की जा रही है।

    पुलिस के अनुसार, आरोपी कभी “आदित्य”, कभी “दिव्यांशु” तो कभी “पंकज” बनकर सोशल मीडिया और मैट्रिमोनियल साइट्स के जरिए युवतियों से संपर्क करता था। वह खुद को बिजनेसमैन बताकर शादी का झांसा देता, भरोसा जीतता और फिर निजी मुलाकात के बहाने होटल में बुलाकर शारीरिक संबंध बनाता था।

    इसके बाद वह युवतियों के निजी फोटो और वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल करता और पैसों की मांग करता था। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी के पहचान दस्तावेजों—आधार कार्ड, पैन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस—में अलग-अलग नाम दर्ज थे, जिससे उसकी असली पहचान को लेकर भ्रम बना हुआ था।

    पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी बिहार का रहने वाला है, हालांकि वह खुद को अलग-अलग नामों से पेश करता था और फिलहाल उसका असली नाम ओमप्रकाश बताया जा रहा है। पुलिस को शक है कि उसने मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में इसी तरह की वारदातों को अंजाम दिया है।

    मामले की शुरुआत तब हुई जब 20 मार्च 2026 को महिला थाना जबलपुर में एक युवती ने शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता के अनुसार, उसकी पहचान शादी डॉट कॉम पर एक युवक से हुई थी, जिसने खुद को “आदित्य सिंह” और बिजनेसमैन बताया था।

    शिकायत में कहा गया कि आरोपी ने 14 मार्च को जबलपुर आकर एक होटल में मिलने के बहाने उसे बुलाया और शादी का झांसा देकर दुष्कर्म किया। इसके बाद उसने निजी फोटो और वीडियो के जरिए ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।

    पीड़िता का आरोप है कि आरोपी लगातार अलग-अलग नामों से संपर्क करता रहा और धमकी देकर पैसे मांगता रहा। बाद में जब पीड़िता ने परिवार को जानकारी दी, तो मामला पुलिस तक पहुंचा।

    जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों और लोकेशन ट्रैकिंग के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंची। बाद में पता चला कि वह बेंगलुरु में रह रहा है, जहां से उसे गिरफ्तार किया गया।

    पुलिस के अनुसार, यह भी सामने आया है कि आरोपी पहले भी 2022 के एक मामले में इसी तरह की वारदात कर चुका है, जिसमें वह फर्जी पहचान का इस्तेमाल करता था।

    इस पूरे मामले ने साइबर अपराध और ऑनलाइन रिश्तों के जरिए होने वाली ठगी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर उसके नेटवर्क और अन्य पीड़ितों की जानकारी जुटा रही है।

  • रिश्तों का कत्ल: अस्पताल में डिलीवरी का दर्द झेल रही थी मां, घर पर कलयुगी दादा ने 4 साल की पोती को बनाया हवस का शिकार

    रिश्तों का कत्ल: अस्पताल में डिलीवरी का दर्द झेल रही थी मां, घर पर कलयुगी दादा ने 4 साल की पोती को बनाया हवस का शिकार


    मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश के मुरैना जिले से एक ऐसा दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने पारिवारिक रिश्तों और इंसानियत को पूरी तरह तार-तार कर दिया है। जौरा थाना क्षेत्र के ग्राम पन्नू का पुरा में एक कलयुगी दादा (बाबा) ने अपनी ही 4 साल की मासूम पोती/नातिन के साथ हैवानियत की सारी हदें पार करते हुए दुष्कर्म की घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। यह घटना उस वक्त की है जब मासूम की मां अस्पताल में प्रसव पीड़ा झेल रही थी और एक नवजात शिशु को जन्म दे रही थी। परिवार ने जिस दादा के भरोसे अपनी 4 साल की बच्ची को घर पर छोड़ा था, उसी ने उसकी बेबसी का फायदा उठाकर उसे अपनी हवस का शिकार बना डाला। इस खौफनाक वारदात के बाद से पूरे इलाके में भारी आक्रोश और सनसनी का माहौल व्याप्त है

    मासूम की तोतली जुबान ने खोला खौफनाक राज
    इस रूह कंपा देने वाले सच का खुलासा तब हुआ जब मां अस्पताल में डिलीवरी के बाद अपने नवजात बच्चे को लेकर घर लौटी। घर आते ही मां ने देखा कि उसकी 4 साल की मासूम बेटी अत्यंत पीड़ा में है और उसे लगातार ब्लीडिंग (रक्तस्राव) हो रही है। बेटी की यह हालत देखकर मां के पैरों तले जमीन खिसक गई। घबराए परिजन आनन-फानन में बच्ची को लेकर स्थानीय डॉक्टर के पास पहुंचे। डॉक्टरों ने जब बच्ची का गंभीर परीक्षण किया, तो उन्होंने साफ तौर पर बच्ची के साथ दुष्कर्म होने की पुष्टि की। डॉक्टरों की बात सुनकर परिवार सन्न रह गया। इसके बाद जब डरी-सहमी मासूम बच्ची से उसकी मां ने दुलारते हुए पूछताछ की, तो बच्ची ने रोते हुए अपनी तोतली जुबान में जो दास्तान बयां की, उसे सुनकर मां का कलेजा फट गया। मासूम ने बताया कि उसकी मां की गैरमौजूदगी में उसके सगे दादा ने ही उसके साथ यह गंदा काम किया था।

    अस्पताल में इलाज जारी, आरोपी दादा की तलाश में पुलिस की दबिश
    बच्ची की स्थिति नाजुक होने के कारण परिजन उसे तुरंत जिला चिकित्सालय मुरैना लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों की विशेष देखरेख में उसका उपचार और मेडिकल परीक्षण किया जा रहा है। चूंकि मामला बेहद गंभीर और आपराधिक था, इसलिए ड्यूटी डॉक्टर ने तत्काल इसकी सूचना स्थानीय जौरा पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम बिना वक्त गंवाए जिला चिकित्सालय पहुंची और पीड़ित बच्ची की मां व अन्य परिजनों के बयान दर्ज किए। मां की शिकायत के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ जीरो एफआईआर दर्ज कर ली है। एएसआई जेपी शर्मा के मुताबिक, घटना के बाद से ही कलयुगी आरोपी दादा घर से फरार है। पुलिस की कई टीमें गठित कर आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस का दावा है कि कानून के शिकंजे से आरोपी ज्यादा दिन दूर नहीं रह पाएगा और जल्द ही वह सलाखों के पीछे होगा।

  • SAF आरक्षक पर दुष्कर्म का आरोप: सगाई के बाद संबंध बनाकर शादी से इनकार का मामला

    SAF आरक्षक पर दुष्कर्म का आरोप: सगाई के बाद संबंध बनाकर शादी से इनकार का मामला


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के Gwalior में एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक युवती ने एसएएफ (स्पेशल आर्म्ड फोर्स) के एक आरक्षक पर शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने और बाद में शादी से इनकार करने का आरोप लगाया है। मामला माधौगंज थाना क्षेत्र का है, जहां पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    पीड़िता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह एमए अंतिम वर्ष की छात्रा है। उसके अनुसार 15 फरवरी को हिंदू रीति-रिवाज से उसका रोका हुआ था और 20 मार्च को परिवार की सहमति से उसकी सगाई अंकित ओझा नाम के युवक से हुई थी, जो एसएएफ सेकेंड बटालियन में आरक्षक के पद पर पदस्थ है और तिलक नगर स्थित सरकारी आवास में रहता है।

    युवती का आरोप है कि सगाई के बाद दोनों के बीच बातचीत बढ़ गई और वे एक-दूसरे के साथ समय बिताने लगे। इसी दौरान 5 मई को दोनों की शादी तय की गई थी। शिकायत के अनुसार 3 मार्च को आरोपी ने तिलक नगर स्थित सरकारी आवास पर पहली बार उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद 9 मार्च और 18 मार्च को भी ऐसे संबंध बने, जिसमें आरोपी ने यह भरोसा दिलाया कि शादी निश्चित है, इसलिए इसमें कोई समस्या नहीं है।

    पीड़िता का कहना है कि जब परिवार ने शादी की रस्मों को आगे बढ़ाने के लिए लगन की बात की, तो आरोपी ने अचानक शादी से इनकार कर दिया। काफी समझाने और बातचीत के बावजूद आरोपी अपने फैसले पर अड़ा रहा और शादी करने से साफ मना कर दिया।

    इसके बाद पीड़िता ने माधौगंज थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई और आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है।

    माधौगंज थाना प्रभारी दिव्या तिवारी ने बताया कि पीड़िता की शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    Gwalior में सामने आया यह मामला एक बार फिर रिश्तों में भरोसे और कानूनी जटिलताओं को लेकर चर्चा में आ गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

  • दर्दनाक मामला: महिला ने जान देने से पहले वीडियो में किया खुलासा, आरोपी फरार

    दर्दनाक मामला: महिला ने जान देने से पहले वीडियो में किया खुलासा, आरोपी फरार


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के Indore से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां कथित दुष्कर्म के बाद एक महिला ने आत्महत्या कर ली। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। मामला Khudel थाना क्षेत्र के ग्राम सोनगुराड़िया का है, जहां पीड़िता ने मौत से पहले एक वीडियो बनाकर आरोपी का नाम उजागर किया।

    मौत से पहले VIDEO में बताई पूरी कहानी
    जानकारी के मुताबिक, 2 अप्रैल की रात महिला घर पर अकेली थी, जबकि परिवार के बाकी सदस्य सुंदरकांड कार्यक्रम में गए हुए थे। इसी दौरान उसका रिश्तेदार महेंद्र चौहान घर पहुंचा और महिला को अकेला पाकर जबरदस्ती की। घटना के बाद महिला ने एक वीडियो रिकॉर्ड किया, जिसमें उसने साफ तौर पर महेंद्र चौहान को अपनी मौत का जिम्मेदार बताया। इसके अलावा एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें उसने वही बात दोहराई और ससुराल पक्ष को निर्दोष बताया।

    मानसिक आघात में उठाया खौफनाक कदम
    दुष्कर्म की घटना के बाद महिला गहरे मानसिक तनाव में चली गई। 8 अप्रैल को उसने जहरीला पदार्थ (सल्फास) खा लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना ने एक बार फिर समाज में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    पुलिस जांच में जुटी, आरोपी फरार
    मामले की जानकारी मिलते ही Madhya Pradesh Police ने कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 और 64(1) के तहत केस दर्ज कर लिया है। फिलहाल आरोपी फरार है और उसकी तलाश के लिए टीमें बनाई गई हैं।

    सुसाइड नोट बना अहम सबूत
    पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें महिला ने स्पष्ट रूप से आरोपी को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है। यह नोट और वीडियो जांच में अहम सबूत माने जा रहे हैं, जिनके आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।

    कानून और समाज के सामने बड़ी चुनौती
    इस तरह की घटनाएं न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाती हैं, बल्कि यह भी दिखाती हैं कि पीड़ितों को समय पर मानसिक और कानूनी सहायता मिलना कितना जरूरी है। अगर समय रहते मदद मिलती, तो शायद एक जान बचाई जा सकती थी।

  • दतिया में मासूमियत का कत्ल: प्रेम में मिला धोखा तो 14 वर्षीय किशोरी ने चुन ली मौत, प्रेमी पर दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज

    दतिया में मासूमियत का कत्ल: प्रेम में मिला धोखा तो 14 वर्षीय किशोरी ने चुन ली मौत, प्रेमी पर दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज


    दतिया । मध्य प्रदेश के दतिया जिले से एक रूह कंपा देने वाली खबर सामने आई है जहाँ एक 14 वर्षीय नाबालिग किशोरी की खुदकुशी के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। बड़ोनी थाना क्षेत्र के जौन्हार गांव में हुई इस त्रासदी ने न केवल एक परिवार को उजाड़ दिया बल्कि समाज में फैल रहे डिजिटल प्रेम और उसके घातक परिणामों को भी उजागर किया है। शनिवार रात पुलिस ने मामले की गहन जांच के बाद मृतका के प्रेमी युवक के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।

    शादी से इनकार बना मौत की वजह

    पुलिस जांच और कॉल डिटेल्स से जो सच निकलकर सामने आया है वह बेहद विचलित करने वाला है। जानकारी के अनुसार जौन्हार निवासी इस नाबालिग किशोरी का जिगना क्षेत्र के रहने वाले नीरज पाल नामक युवक से पिछले करीब दो साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। किशोरी उस पर अटूट विश्वास करती थी और उससे विवाह करना चाहती थी। लेकिन जब किशोरी ने शादी का प्रस्ताव रखा तो नीरज पाल ने अपनी असलियत दिखाते हुए उसे ठुकरा दिया। आरोपी ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि उसकी सगाई कहीं और हो चुकी है और वह उससे शादी नहीं कर सकता। धोखे और उपेक्षा के इसी सदमे को मासूम किशोरी बर्दाश्त नहीं कर पाई।

    मोबाइल कॉल डिटेल और FSL रिपोर्ट ने खोले राज

    यह घटना 26 दिसंबर की है जब किशोरी अपने ही घर के कमरे में पंखे के फंदे से लटकी पाई गई थी। शुरुआत में यह केवल आत्महत्या का मामला लग रहा था लेकिन पुलिस की वैज्ञानिक जांच ने कहानी बदल दी। पुलिस ने मृतका के मोबाइल की कॉल डिटेल निकलवाई जिससे नीरज पाल के साथ उसके लंबे संबंधों की पुष्टि हुई। सबसे महत्वपूर्ण साक्ष्य फॉरेंसिक साइंस लैब की रिपोर्ट से मिला। एफएसएल रिपोर्ट में पीड़िता की वैजाइनल स्लाइड में पुरुष डीएनए मिलने की पुष्टि हुई जिससे यह साबित हो गया कि आत्महत्या से पहले किशोरी के साथ शारीरिक संबंध बनाए गए थे।

    कानूनी शिकंजे में आरोपी नीरज पाल

    इन पुख्ता वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर बड़ोनी थाना पुलिस ने नीरज पाल को इस मौत का जिम्मेदार माना है। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने न केवल एक नाबालिग का शारीरिक शोषण किया बल्कि उसे मानसिक रूप से इस कदर प्रताड़ित किया कि उसने मौत को गले लगाना बेहतर समझा। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं सहित पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसकी तलाश तेज कर दी है। इस घटना ने एक बार फिर साबित किया है कि कानून के हाथ लंबे होते हैं और वैज्ञानिक साक्ष्यों के जरिए अपराधी कितना भी बचने की कोशिश करे वह बच नहीं सकता।

  • भोपाल छात्रा दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग केस: SIT गठित, आरोपियों के नेटवर्क और अन्य पीड़िताओं की भी होगी जांच

    भोपाल छात्रा दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग केस: SIT गठित, आरोपियों के नेटवर्क और अन्य पीड़िताओं की भी होगी जांच


    भोपाल । मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में नाबालिग स्कूली छात्रा के साथ दुष्कर्म ब्लैकमेलिंग और कथित रूप से धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने के गंभीर मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए टीटी नगर एसीपी अंकिता खातरकर के नेतृत्व में चार सदस्यीय विशेष जांच दल SIT का गठन किया गया है। टीम में महिला थाना प्रभारी और कोहेफिजा थाना प्रभारी को भी शामिल किया गया है।

    पुलिस के अनुसार आरोप है कि छात्रा के साथ चलती कार में दुष्कर्म किया गया और घटना का वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल किया गया। इसी आधार पर उस पर दबाव बनाया गया। SIT यह भी जांच करेगी कि पीड़िता आरोपियों के संपर्क में कैसे आई और क्या इस तरह की वारदात में अन्य युवतियां भी शिकार बनी हैं। जांच के दायरे में आरोपी माज की भूमिका वीडियो बनाने की साजिश और उसे साझा करने के पहलुओं को भी शामिल किया गया है।

    प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि वारदात के दौरान मुख्य आरोपी औसाफ और छात्रा कार के भीतर थे जबकि माज ने कथित रूप से बाहर से कांच के जरिए वीडियो बनाया। पुलिस का कहना है कि यह सब पूर्व नियोजित प्रतीत होता है। माज पर आरोप है कि उसने वीडियो अपने कुछ रिश्तेदारों और दोस्तों के साथ भी साझा किए। अब SIT यह पता लगाने में जुटी है कि इस वीडियो का दुरुपयोग किस हद तक हुआ और किन-किन लोगों तक यह सामग्री पहुंची।

    मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी औसाफ और माज को गिरफ्तार कर लिया है। अब तक करीब 70 लाख रुपये कीमत की चार लग्जरी थार गाड़ियां जब्त की जा चुकी हैं जिनका उपयोग कथित तौर पर वारदात में किया गया। आरोपी माज की चौथी थार गाड़ी भी हाल ही में जब्त की गई है। अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है और उनके संभावित नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।

    SIT पीड़िता से दोबारा विस्तृत बयान दर्ज करेगी और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों मोबाइल फोन वीडियो क्लिप चैट रिकॉर्ड की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की जाएगी तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

    यह मामला सामने आने के बाद शहर में व्यापक चर्चा है। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि यदि किसी को इस प्रकरण से जुड़ी कोई जानकारी हो तो वह आगे आकर जांच में सहयोग करे। फिलहाल पूरी जांच SIT के निगरानी में जारी है और आने वाले दिनों में कई अहम खुलासों की संभावना जताई जा रही है।

  • इंदौर: शादी का झांसा देकर युवती से कई बार दुष्कर्म, आरोपी रितिक कुशवाह गिरफ्तार; पॉक्सो एक्ट में भी केस दर्ज

    इंदौर: शादी का झांसा देकर युवती से कई बार दुष्कर्म, आरोपी रितिक कुशवाह गिरफ्तार; पॉक्सो एक्ट में भी केस दर्ज


    इंदौर । मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के तेजाजी नगर थाना क्षेत्र से सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक युवक ने दोस्ती का फायदा उठाते हुए एक युवती को शादी का झांसा दिया और उसके साथ कई बार दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया है।

    तेजाजी नगर थाना प्रभारी देवेंद्र मरकाम के अनुसार पीड़िता शनिवार को अपनी मां के साथ थाने पहुंची थी और आपबीती सुनाई। शिकायत के मुताबिक आरोपी रितिक कुशवाह की पहचान युवती से साल 2022 में हुई थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और आरोपी ने युवती को प्रेम जाल में फंसाकर शादी करने का वादा किया। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने उस समय भी उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए थे जब वह नाबालिग थी इसी आधार पर पुलिस ने मामले में दुष्कर्म की धाराओं के साथ-साथ पॉक्सो ) एक्ट भी जोड़ा है।

    घटनाक्रम के विवरण के अनुसार आरोपी रितिक ने जुलाई 2025 में पीड़िता को अपने दोस्त रमन के कमरे पर ले जाकर पहली बार दुष्कर्म किया। इसके बाद नवंबर माह में उसने लिबोंदी क्षेत्र में अपने एक अन्य दोस्त के घर पर भी युवती के साथ गलत काम किया। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि आरोपी ने अलग-अलग स्थानों पर ले जाकर करीब 6 बार उसके साथ बलात्कार किया। जब भी युवती ने शादी का दबाव बनाया आरोपी टालमटोल करने लगा और अंततः मुकर गया।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने रितिक कुशवाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया है। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस अपराध में उसके दोस्तों की क्या भूमिका थी। इंदौर पुलिस का कहना है कि महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में कोई भी कोताही नहीं बरती जाएगी और आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के प्रयास किए जाएंगे।

  • खंडवा में हैवानियत: आदिवासी महिला से 2 महीने तक 'ब्लैकमेलिंग और रेप', विरोध करने पर बेटे को भी पीटा

    खंडवा में हैवानियत: आदिवासी महिला से 2 महीने तक 'ब्लैकमेलिंग और रेप', विरोध करने पर बेटे को भी पीटा


    खंडवा । खंडवा जिले के पंधाना थाना क्षेत्र से रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ एक 40 वर्षीय भील समाज की महिला को डरा-धमकाकर और उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें वायरल करने का भय दिखाकर पिछले दो महीनों से लगातार अपनी हवस का शिकार बनाया जा रहा था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को सलाखों के पीछे भेज दिया है।
    वारदात का घटनाक्रम: असीरगढ़ से बोरगांव तक दरिंदगी
    पुलिस जांच और पीड़िता के बयान के अनुसार, आरोपी तसलीम खां (निवासी: खिराला) ने पिछले दो महीनों से महिला का जीवन नर्क बना रखा था
    दिसंबर 2025 आरोपी महिला को अपनी ईको कार में बैठाकर असीरगढ़ के जंगलों में ले गया। वहां जान से मारने की धमकी देकर पहली बार दुष्कर्म किया और चुपके से महिला की आपत्तिजनक तस्वीरें खींच लीं।
    ब्लैकमेलिंग का दौर: इन्हीं तस्वीरों को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर आरोपी ने महिला को सुक्ता डेम के जंगलों में ले जाकर कई बार शारीरिक शोषण किया।
    23 जनवरी 2026 हैवानियत की हद तब पार हो गई जब आरोपी उसे बोरगांव स्थित एक चिप्स फैक्ट्री के पीछे ले गया और वहां फिर से दुष्कर्म किया।
    बेटे के साथ मारपीट और खुलासा
    लगातार हो रहे शोषण से टूट चुकी पीड़िता ने हिम्मत जुटाकर अपने बेटे को आपबीती सुनाई। जब बेटे ने अपनी मां के सम्मान की रक्षा के लिए आरोपी से तस्वीरों के बारे में सवाल किया, तो तसलीम खां ने न केवल गाली-गलौज की बल्कि उसके साथ बर्बरता से मारपीट भी की।

    पुलिस की सख्त कार्रवाई: इन धाराओं में फंसा आरोपी
    पंधाना टीआई दिलीप देवड़ा ने बताया कि मामला संज्ञान में आते ही पुलिस ने तत्परता दिखाई। चूंकि आरोपी जानता था कि महिला अनुसूचित जनजाति (ST) से है, इसलिए केस को और अधिक गंभीरता से लिया गया है।

    दर्ज की गई मुख्य धाराएं
    भारतीय न्याय संहिता (BNS) 64(1), 64(2)(M) दुष्कर्म और गंभीर प्रताड़ना भारतीय न्याय संहिता (BNS) 115(2), 296(B), 351(3) मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी एट्रोसिटी एक्ट SC/ST अधिनियम जातिगत आधार पर उत्पीड़न पुलिस ने आरोपी तसलीम खां को गिरफ्तार कर लिया है और पीड़िता की काउंसलिंग व मेडिकल जांच कराई गई है।एक जागरूक नागरिक के तौर पर: अगर आपके आसपास ऐसी कोई भी घटना घटित हो रही है, तो चुप न रहें। पुलिस हेल्पलाइन नंबर 100 या महिला हेल्पलाइन 181 पर तुरंत सूचना दें।