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  • रणथंभौर एक्सप्रेस में धुआं उठते ही मची भगदड़: यात्री पटरियों पर कूदे, 10 मिनट बाद दूसरी ट्रेन पहुंची, मुरैना हादसे जैसी स्थिति बनी

    रणथंभौर एक्सप्रेस में धुआं उठते ही मची भगदड़: यात्री पटरियों पर कूदे, 10 मिनट बाद दूसरी ट्रेन पहुंची, मुरैना हादसे जैसी स्थिति बनी


    मध्यप्रदेश । रतलाम जिले के आलोट क्षेत्र स्थित लूणी-रीछा स्टेशन के पास गुरुवार सुबह उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब इंदौर से जोधपुर जा रही रणथंभौर एक्सप्रेस के जनरल कोच के पहियों से अचानक धुआं निकलने लगा। सुबह करीब पौने 10 बजे हुई इस घटना ने यात्रियों को दहशत में डाल दिया और कई लोग अपनी जान बचाने के लिए सामान सहित ट्रेन से उतरकर पटरियों पर कूद पड़े।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रेन स्टेशन के पास पहुंची ही थी कि जनरल कोच के पहियों से धुआं उठता दिखाई दिया। कुछ यात्रियों ने इसे आग लगने की घटना समझ लिया, जिसके बाद कोचों में हड़कंप मच गया। देखते ही देखते यात्री ट्रेन से बाहर निकलने लगे और कई लोग सीधे रेलवे ट्रैक पर उतर गए। इस दौरान मौके पर अफरा-तफरी और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।

    रेलवे अधिकारियों के मुताबिक लूणी-रीछा स्टेशन पर रणथंभौर एक्सप्रेस का निर्धारित ठहराव नहीं है। अचानक सिग्नल रेड होने के कारण लोको पायलट को इमरजेंसी ब्रेक लगाने पड़े। इसी दौरान एक पहिए के हार्ड एक्सल पर ब्रेक शू जाम होकर चिपक गया, जिससे अत्यधिक घर्षण पैदा हुआ और धुआं निकलने लगा। हालांकि यह तकनीकी खराबी थी और आग लगने जैसी कोई बड़ी घटना नहीं हुई।

    घटना की सूचना मिलते ही रेलवे कर्मचारी अग्निशमन यंत्र लेकर मौके पर पहुंचे और तत्काल स्थिति को नियंत्रित किया। फायर एक्सटिंग्विशर की मदद से धुआं उठने की समस्या पर काबू पाया गया। करीब 20 मिनट तक ट्रेन स्टेशन पर खड़ी रही, जिसके बाद तकनीकी जांच पूरी कर उसे सुरक्षित आगे के लिए रवाना कर दिया गया।

    इस घटना के दौरान सबसे चिंताजनक बात यह रही कि यात्रियों की अफरा-तफरी के बीच करीब 10 मिनट बाद कोटा-उज्जैन मेमू ट्रेन भी उसी स्टेशन पर पहुंच गई। सौभाग्य से कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ, लेकिन हालात कुछ समय के लिए बेहद खतरनाक बन गए थे। रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि किसी भी आपात स्थिति में बिना पुष्टि के पटरियों पर न उतरें और रेलवे कर्मचारियों के निर्देशों का पालन करें।

    यह घटना हाल ही में मुरैना में हुए दर्दनाक ट्रेन हादसे की याद भी ताजा कर गई। 14 जून को खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस में मोबाइल फटने के बाद आग लगने की अफवाह फैल गई थी। घबराकर कई यात्री ट्रेन से उतरकर दूसरे ट्रैक पर पहुंच गए थे, जहां दूसरी ट्रेन की चपेट में आने से चार लोगों की मौत हो गई थी। उस हादसे ने रेलवे सुरक्षा और यात्रियों की जागरूकता को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए थे।

    गौरतलब है कि इसी लूणी-रीछा क्षेत्र में पिछले महीने राजधानी एक्सप्रेस के एसी कोच में भी आग लगने की घटना सामने आई थी। ऐसे में एक बार फिर रेलवे सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों पर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि इस बार रेलवे कर्मचारियों की त्वरित कार्रवाई के चलते बड़ा हादसा टल गया, लेकिन यात्रियों में भय और असुरक्षा की भावना जरूर देखने को मिली।

  • समान नागरिक संहिता पर जनमत संग्रह की तैयारी, रतलाम में समिति करेगी संवाद

    समान नागरिक संहिता पर जनमत संग्रह की तैयारी, रतलाम में समिति करेगी संवाद


    रतलाम। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर राज्य सरकार द्वारा गठित उच्च स्तरीय समिति गुरुवार को रतलाम पहुंचेगी। समिति का उद्देश्य आम जनता, विशेषज्ञों और विभिन्न सामाजिक संगठनों से राय एवं सुझाव प्राप्त करना है, जिन्हें आगे राज्य सरकार को भेजा जाएगा। यह महत्वपूर्ण बैठक 4 जून को शासकीय डॉ. लक्ष्मीनारायण पांडेय मेडिकल कॉलेज के ऑडिटोरियम में सुबह 11 बजे से आयोजित की जाएगी।

    विभिन्न वर्गों से मांगे जाएंगे सुझाव
    इस बैठक में समिति के सदस्य उज्जैन के प्रोफेसर डॉ. गोपाल शर्मा और इंदौर की शोभा पैठनकर शामिल होंगे। बैठक में जिले के सांसद, विधायक, मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि, शांति समिति के सदस्य, रेडक्रॉस सोसायटी के पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता, अधिवक्ता संघ के सदस्य तथा राजनीति विज्ञान और समाजशास्त्र के प्रोफेसर सहित विभिन्न वर्गों के नागरिक शामिल होंगे। समिति सभी प्रतिभागियों से समान नागरिक संहिता से जुड़े मुद्दों पर विचार और सुझाव एकत्र करेगी, ताकि एक व्यापक दृष्टिकोण तैयार किया जा सके।

    सुझाव सीधे राज्य सरकार को भेजे जाएंगे
    बैठक में प्राप्त सभी सुझावों को संकलित कर राज्य शासन को भेजा जाएगा। इसके आधार पर आगे की नीति निर्माण प्रक्रिया में सहायता मिलेगी। अधिकारियों के अनुसार, यह प्रक्रिया पारदर्शी और व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की जा रही है।

    प्रशासन ने की तैयारियां तेज
    बैठक की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (एडीएम) डॉ. शालिनी श्रीवास्तव ने बैठक स्थल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

    निरीक्षण के दौरान बैठक व्यवस्था, पार्किंग, सुरक्षा, पेयजल, विद्युत व्यवस्था सहित सभी जरूरी सुविधाओं की समीक्षा की गई। इस अवसर पर शहर एसडीएम आर्ची हरित, नगर निगम आयुक्त अनिल भाना और तहसीलदार शहर ऋषभ ठाकुर सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

  • संत सुरक्षा की मांग तेज: रतलाम में जैन समाज ने उठाई सख्त कार्रवाई की आवाज

    संत सुरक्षा की मांग तेज: रतलाम में जैन समाज ने उठाई सख्त कार्रवाई की आवाज

    मध्य प्रदेश । रतलाम में रीवा जिले की दर्दनाक घटना के बाद जैन समाज में गहरा आक्रोश देखने को मिला। सकल जैन श्री संघ के नेतृत्व में बड़ी संख्या में समाजजन कलेक्ट्रेट पहुंचे और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए जैन संतों की सुरक्षा के लिए विशेष “संत सुरक्षा प्रोटोकॉल” लागू करने की मांग की। समाजजनों ने इस घटना को केवल सड़क दुर्घटना मानने से इनकार करते हुए इसे “संदिग्ध और गंभीर मामला” बताया। ज्ञापन अपर कलेक्टर डॉ. शालिनी श्रीवास्तव को सौंपा गया। इस दौरान समाज के प्रमुख पदाधिकारियों के साथ-साथ हिंदू संगठन और व्यापारी वर्ग के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

    ‘यह हादसा नहीं, हत्या है’ – समाज का आरोप
    ज्ञापन में स्पष्ट कहा गया कि रीवा में 20 मई को हुई घटना एक साधारण सड़क दुर्घटना नहीं बल्कि गंभीर लापरवाही या सुनियोजित कृत्य हो सकता है। जैन समाज के प्रतिनिधियों ने मांग की कि मामले में हत्या का केस दर्ज किया जाए और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए।
    समाज ने आरोप लगाया कि पैदल विहार कर रहे निहत्थे साधु-संतों की सुरक्षा के लिए अब ठोस नीति बनाना जरूरी हो गया है, क्योंकि लगातार इस तरह की घटनाएं चिंता का विषय बन रही हैं।

    सुरक्षा व्यवस्था को लेकर 7 प्रमुख मांगें रखी गईं
    ज्ञापन में प्रशासन के सामने कई महत्वपूर्ण मांगें रखी गईं, जिनमें शामिल हैं-
    घटना की SIT या न्यायिक जांच कराई जाए
    सभी CCTV और डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित किए जाएं
    दोषियों पर कठोरतम धाराओं में कार्रवाई हो
    यदि षड्यंत्र के संकेत मिलें तो हत्या का केस दर्ज किया जाए
    “संत सुरक्षा प्रोटोकॉल” तत्काल लागू किया जाए
    राष्ट्रीय स्तर पर संत सुरक्षा नीति और गाइडलाइन बनाई जाए
    विहार मार्गों पर पुलिस सहायता, संकेतक और ट्रैफिक नियंत्रण बढ़ाया जाए
    इसके अलावा समाज ने मांग की कि पैदल विहार करने वाले संतों के लिए रात्रि विश्राम की व्यवस्था सरकारी स्कूलों और पंचायत भवनों में की जाए।

    रीवा हादसे में दो साध्वियों की मौत, एक गंभीर
    रीवा में 20 मई को हुए हादसे में तेज रफ्तार कार ने सड़क किनारे विहार कर रही जैन साध्वियों को टक्कर मार दी थी। इस दुर्घटना में श्रुति मति माता की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य साध्वी ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। एक साध्वी गंभीर रूप से घायल हैं और उनका इलाज जारी है। घटना का CCTV फुटेज सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया है, जिसमें कार को तेज रफ्तार में साध्वियों को टक्कर मारते देखा गया। इसके बाद प्रदेशभर में जैन समाज में आक्रोश फैल गया।

    प्रदेशभर में विरोध, प्रशासन पर बढ़ा दबाव
    रतलाम में ज्ञापन के बाद अब यह मुद्दा प्रदेशभर में चर्चा का विषय बन गया है। समाजजन लगातार मांग कर रहे हैं कि संतों की सुरक्षा के लिए स्थायी और सख्त नीति बनाई जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। प्रशासन ने ज्ञापन प्राप्त कर मामले की जांच और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

  • जल संकट से हाहाकार: इंदौर में विरोध, रतलाम में भी सड़क पर प्रदर्शन

    जल संकट से हाहाकार: इंदौर में विरोध, रतलाम में भी सड़क पर प्रदर्शन


    इंदौर। इंदौर में भीषण गर्मी के बीच गहराते जल संकट ने लोगों का गुस्सा सड़क पर उतार दिया। रविवार को शहर के अलग-अलग हिस्सों में “पानी दो-पानी दो” के नारे गूंजते रहे, जब कांग्रेस पार्षदों के नेतृत्व में रहवासियों ने चक्काजाम और उग्र प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के चलते शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई और कई प्रमुख मार्गों पर घंटों तक जाम की स्थिति बनी रही।

    सुबह से ही पालदा चौराहा और दीनदयाल उपाध्याय चौराहा (सुखलिया जोन-5) पर बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए। वार्ड-75 और वार्ड-64 के रहवासी पार्षद कुणाल सोलंकी के नेतृत्व में सड़क पर बैठ गए, वहीं वार्ड-27 में पार्षद राजू भदौरिया के साथ स्थानीय लोग भी विरोध में उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने नगर निगम और महापौर के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

    स्थिति तब और बिगड़ गई जब चक्काजाम के कारण सिटी बसें और अन्य वाहन बीच रास्ते में फंस गए। तपती धूप में सैकड़ों यात्री, बुजुर्ग और बच्चे घंटों परेशान होते रहे। कई मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और शहर की रफ्तार पूरी तरह थम गई।

    प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि कई इलाकों में पहले जो निःशुल्क पानी वितरण व्यवस्था थी, उसे बंद कर दिया गया है, जिससे आम जनता की परेशानी और बढ़ गई है। महिलाओं और पुरुषों ने खाली बर्तन लेकर विरोध जताया और नगर निगम प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।

    स्थानीय जनप्रतिनिधियों के अनुसार, इंदौर में जल संकट के पीछे कई कारण हैं। कई नई कॉलोनियों में नर्मदा जल की पाइपलाइन नहीं पहुंची है, टैंकरों की कमी के कारण नियमित आपूर्ति बाधित है और भीषण गर्मी के चलते भूजल स्तर भी लगातार गिर रहा है। इन सभी कारणों ने मिलकर हालात को और गंभीर बना दिया है।

    लंबे समय तक चले विरोध के बाद नगर निगम और पुलिस प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभालने की कोशिश की। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि प्रभावित इलाकों में अतिरिक्त टैंकर भेजे जाएंगे और जल आपूर्ति व्यवस्था को जल्द दुरुस्त किया जाएगा।

    प्रशासन के आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया, लेकिन कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ तो शहरव्यापी उग्र आंदोलन किया जाएगा।

  • ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ पर बड़ा बयान, रतलाम में केंद्रीय मंत्री ने साधा निशाना

    ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ पर बड़ा बयान, रतलाम में केंद्रीय मंत्री ने साधा निशाना


    मध्यप्रदेश । रतलाम में आयोजित 19वें रोजगार मेले के दौरान केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री Savitra Thakur ने एक विवादित बयान देते हुए सोशल मीडिया पर सक्रिय “कॉकरोच जनता पार्टी” को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि इस तरह की ताकतों के पीछे “विदेशी अदृश्य शक्तियां” काम कर रही हैं और ये लोग भारत की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।

    कार्यक्रम सैलाना रोड स्थित रुद्र पैलेस में आयोजित किया गया था, जहां 134 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री चेतन्य काश्यप सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण का लाइव प्रसारण भी किया गया।

    अपने संबोधन में मंत्री ठाकुर ने कहा कि भारत तेजी से प्रगति कर रहा है और कोविड-19 जैसी वैश्विक महामारी के दौरान देश ने न केवल अपने नागरिकों की रक्षा की, बल्कि अन्य देशों को वैक्सीन भी उपलब्ध कराई। उन्होंने दावा किया कि कुछ छोटे राजनीतिक समूह भारत के विकास को नकारात्मक रूप में पेश करने की कोशिश करते हैं, लेकिन उनका प्रभाव लंबे समय तक नहीं रहता।

    इसी कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री चेतन्य काश्यप ने भी रोजगार मेले को लेकर संबोधन दिया और कहा कि चयनित अभ्यर्थी अब “कर्मयोगी” के रूप में राष्ट्र निर्माण में योगदान देंगे। उन्होंने कहा कि ऐसे युवाओं को सरकारी सेवाओं में अवसर मिलना देश के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

    कार्यक्रम के दौरान कुल 51 हजार से अधिक अभ्यर्थियों को देश के विभिन्न शहरों में नियुक्ति पत्र दिए गए, जबकि रतलाम में 134 युवाओं को रोजगार मिला। इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं और इसे लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना है।

  • रतलाम से किडनैप कर उज्जैन में युवक की हत्या, शराब पार्टी के बाद गला घोंटा; आरोपियों के घरों में आगजनी से तनाव

    रतलाम से किडनैप कर उज्जैन में युवक की हत्या, शराब पार्टी के बाद गला घोंटा; आरोपियों के घरों में आगजनी से तनाव


    नई दिल्ली। रतलाम जिले में हुए एक सनसनीखेज अपहरण और हत्या के मामले ने पूरे क्षेत्र में तनाव फैला दिया है। 22 वर्षीय मनीष माली को घर से किडनैप कर लगभग 90 किलोमीटर दूर उज्जैन ले जाया गया, जहां उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी गई।

     शराब पार्टी के बाद हत्या

    पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने पहले शराब पी और फिर पुरानी रंजिश के चलते विवाद हुआ। इसी दौरान मनीष की गला दबाकर हत्या कर दी गई। वारदात के बाद आरोपियों ने शव को एक कमरे में लॉक कर दिया और मौके से फरार हो गए।

    पुरानी रंजिश बनी वजह

    जानकारी के मुताबिक, करीब डेढ़ साल पुराना विवाद इस हत्या की जड़ में बताया जा रहा है। एक लड़की को लेकर हुए विवाद के बाद दोनों पक्षों में तनाव बना हुआ था, जो बाद में जानलेवा वारदात में बदल गया।

    पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी

    पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें मुख्य आरोपी भी शामिल हैं। मामले में अपहरण के बाद हत्या की धाराएं जोड़ी गई हैं और जांच जारी है।

     गुस्साई भीड़ का प्रदर्शन

    हत्या की खबर के बाद परिजन और स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए। उन्होंने शव रखकर चक्काजाम किया और आरोपियों के घरों में तोड़फोड़ की। कुछ जगहों पर आगजनी की भी घटना हुई, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया।

    स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा और कई स्थानों पर अवैध निर्माण पर बुलडोजर कार्रवाई भी की गई।

     स्थिति पर नजर

    रतलाम और उज्जैन दोनों क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात है और हालात पर नजर रखी जा रही है ताकि आगे कोई अप्रिय घटना न हो।

    यह घटना एक बार फिर यह दिखाती है कि पुरानी रंजिश और व्यक्तिगत विवाद कैसे गंभीर अपराध में बदल सकते हैं, जिससे पूरे इलाके की शांति प्रभावित हो जाती है।

  • रतलाम की बेटी की रूह कंपा देने वाली दास्तां,सगे माता-पिता और मामा ही धकेलते थे देह व्यापार के दलदल में, भोपाल में दर्ज हुई FIR

    रतलाम की बेटी की रूह कंपा देने वाली दास्तां,सगे माता-पिता और मामा ही धकेलते थे देह व्यापार के दलदल में, भोपाल में दर्ज हुई FIR


    भोपाल। रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने मानवता को झकझोर कर रख दिया है। रतलाम जिले के एक गांव की 21 वर्षीय युवती ने अपने ही जन्मदाताओं और सगे मामाओं पर उसे देह व्यापार के नर्क में धकेलने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। पिछले 7 सालों से जुल्म सह रही यह युवती किसी तरह जान बचाकर भोपाल पहुंची, जहां उसने पुलिस के सामने अपनी आपबीती सुनाई।
    7 साल की उम्र से सह रही थी जुल्म
    पीड़िता ने भोपाल के महिला थाने में दर्ज कराई अपनी शिकायत में बताया कि जब वह महज 14 साल की थी, तभी से उसके माता-पिता और दो मामा मिलकर उससे जबरन देह व्यापार करवा रहे थे। जिस उम्र में बच्चों के हाथों में किताबें होनी चाहिए, उस उम्र में उसे दरिंदगी के हवाले कर दिया गया।
    युवती का आरोप है कि जब भी वह इस घिनौने काम का विरोध करती, तो उसके परिजन उसे बेरहमी से पीटते और तरह-तरह की शारीरिक व मानसिक यातनाएं देते थे।

    नर्क से भागकर भोपाल में ली शरण
    सालों तक जुल्म की बेड़ियां सहने के बाद, युवती ने आखिरकार साहस जुटाया और मौका मिलते ही अपने गांव से भागकर भोपाल आ गई। यहां उसने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से गुहार लगाई और एक आवेदन के माध्यम से अपनी पूरी कहानी बयां की।

    पीड़िता की हालत और उसकी बातों की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की।

    भोपाल में ‘जीरो’ पर FIR, अब रतलाम पुलिस करेगी जांच
    महिला थाना प्रभारी (TI) अंजना दुबे के अनुसार, 21 वर्षीय पीड़िता के बयानों के आधार पर उसके माता-पिता और दो मामा के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है।

    चूंकि मामला रतलाम जिले का है, इसलिए भोपाल पुलिस ने ‘जीरो पर एफआईआर’ दर्ज की है। अब केस डायरी आगे की वैधानिक कार्रवाई के लिए रतलाम पुलिस को सौंपी जा रही है।

    मामले के मुख्य आरोपी: सगे माता-पिता और दो मामा।
    पिछले 7 सालों से (14 वर्ष की आयु से) लगातार शोषण।
    अपराध: जबरन देह व्यापार और मारपीट।
    कानूनी स्थिति, भोपाल में जीरो FIR दर्ज, मामला रतलाम ट्रांसफर।
    यह मामला समाज के उस काले चेहरे को उजागर करता है जहां संरक्षक ही भक्षक बन गए। अब सबकी नजरें रतलाम पुलिस पर हैं कि वह इन आरोपियों के खिलाफ कितनी सख्त कार्रवाई करती है।

  • मध्य प्रदेश जावरा में कुरान जलाने पर बवाल महिला पर आरोप मुस्लिम समुदाय ने किया सड़क पर विरोध

    मध्य प्रदेश जावरा में कुरान जलाने पर बवाल महिला पर आरोप मुस्लिम समुदाय ने किया सड़क पर विरोध


    रतलाम । मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के जावरा में एक सनसनीखेज घटना सामने आई है जिसमें मुस्लिम समुदाय की पवित्र धार्मिक किताब कुरान को जलाने का आरोप एक रिटायर्ड शिक्षिका पर लगा है। घटना के बाद मुस्लिम समाज में आक्रोश फैल गया और इस मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस के अनुसार यह घटना गुरुवार दोपहर 1 बजे के आसपास हुई जब रिटायर्ड शिक्षिका अतिया खान अपने घर में पुरानी किताबों को जला रही थीं। उनका दावा है कि उनके पास बहुत सी पुरानी किताबें थीं और उन्होंने इन किताबों को जलाने का फैसला किया। इस दौरान उसने दावा किया कि उसे यह नहीं पता था कि किताबों के ढेर में कुरान शरीफ की एक पुरानी प्रति भी थी।

    हालांकि वहां मौजूद कुछ लोगों ने जलती हुई किताबों में कुरान को पहचान लिया। बाद में इन्हीं लोगों ने मुस्लिम समुदाय को इस घटना के बारे में सूचित किया। मुस्लिम समाज के लोग तुरंत जावरा औद्योगिक क्षेत्र थाना पहुंचे और कार्रवाई की मांग की लेकिन पुलिस की ओर से समय पर कोई कार्रवाई न होने पर गुस्साए लोग सड़क पर उतर आए और थाने का घेराव किया।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जब महिला ने कुरान को जलते देखा तो वह उसे लेकर भाग गई। एक शख्स ने कुरान की आग बुझाई और उसके अवशेष को संरक्षित कर लिया। इसके बाद मुस्लिम समुदाय ने पुलिस से शिकायत की और आरोप लगाया कि पुलिस ने घटना के खिलाफ कोई ठोस कदम नहीं उठाया।

    रतलाम जिले के एएसपी राकेश खाखा ने मामले की जानकारी दी और बताया कि आरोपी महिला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 299 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और निष्पक्ष तरीके से पूरे मामले की जांच की जाएगी।

    विरोध प्रदर्शन के दौरान मुस्लिम समुदाय ने सख्त कार्रवाई की मांग की और आरोपी के खिलाफ जल्द से जल्द कानूनी कार्रवाई की अपील की। पुलिस इस मामले में जल्द से जल्द निष्कर्ष पर पहुंचने का वादा कर रही है ताकि दोनों समुदायों के बीच शांति बनी रहे।