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  • रतलाम में राजनीतिक हलचल: कोठारी बोले- सुनवाई नहीं हुई तो पार्टी छोड़ दूंगा

    रतलाम में राजनीतिक हलचल: कोठारी बोले- सुनवाई नहीं हुई तो पार्टी छोड़ दूंगा


    रतलाम (मध्यप्रदेश)। मध्यप्रदेश के पूर्व गृह मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता Himmat Kothari बुधवार को रतलाम एसपी ऑफिस में अचानक धरने पर बैठ गए। उन्होंने पुलिस प्रशासन पर आम जनता और जनप्रतिनिधियों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो वे आमरण अनशन करेंगे और जरूरत पड़ी तो पार्टी भी छोड़ देंगे।

    दरअसल मामला उनके बचपन के साथी और मीसाबंदी बसंत पुरोहित की जमीन पर कथित कब्जे से जुड़ा है। पूर्व मंत्री का आरोप है कि इस संबंध में पहले थाने में शिकायत की गई थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने कुछ दिन पहले स्वयं एसपी अमित कुमार से मिलकर कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन फिर भी मामला आगे नहीं बढ़ा।

    बुधवार दोपहर हिम्मत कोठारी सीधे एसपी कार्यालय पहुंचे और एसपी के चेंबर के बाहर जमीन पर बैठकर विरोध जताने लगे। अचानक हुई इस घटना से पुलिस महकमे में हलचल मच गई। एसपी Amit Kumar तुरंत अपने चेंबर से बाहर आए और पूर्व मंत्री को अंदर चलकर बात करने के लिए कहा।

    इसके बाद डीडी नगर थाना प्रभारी को भी मौके पर बुलाया गया और पूरे प्रकरण की जानकारी ली गई। एसपी ने संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए और मामले में आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया।

    धरने के दौरान मीडिया से बातचीत में हिम्मत कोठारी ने प्रशासनिक व्यवस्था पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि जब एक जनप्रतिनिधि की बात नहीं सुनी जा रही है, तो आम जनता की स्थिति क्या होगी, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिले में अराजकता का माहौल बन गया है और जमीन कब्जे जैसी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।

    पूर्व मंत्री ने कहा, “यदि समय पर कार्रवाई नहीं हुई तो मैं पार्टी से अनुमति लेकर आमरण अनशन करूंगा। फिर भी सुनवाई नहीं हुई तो पार्टी छोड़ने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा।”

    उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान समय में जनप्रतिनिधि और नेता “गूंगे-बहरे” बन गए हैं और आम लोगों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा। उनके अनुसार, यदि ऐसे मामलों में सख्ती नहीं हुई तो भविष्य में कोई भी व्यक्ति किसी की जमीन पर कब्जा कर सकता है।

    वहीं एसपी अमित कुमार ने मामले को लेकर कहा कि पूर्व मंत्री उनसे मिलने आए थे और संबंधित व्यक्ति को दस्तावेजों के साथ बुलाया गया था, लेकिन वह पूरे कागजात नहीं ला पाए। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और संबंधित थाना प्रभारी को नोटिस जारी किया जाएगा।

  • कैलाश विजयवर्गीय का बड़ा बयान, बंगाल में मेरे खिलाफ 38 केस गिरफ्तारी का खतरा ,UCC पर भी बोले

    कैलाश विजयवर्गीय का बड़ा बयान, बंगाल में मेरे खिलाफ 38 केस गिरफ्तारी का खतरा ,UCC पर भी बोले

    रतलाम । मध्य प्रदेश के रतलाम में नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कई अहम मुद्दों पर खुलकर बयान दिया उन्होंने पश्चिम बंगाल की राजनीति से लेकर यूनिफॉर्म सिविल कोड और वंदे मातरम विवाद तक पर अपनी बात रखी

    रतलाम दौरे के दौरान एक कार्यक्रम में शामिल हुए मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि पश्चिम बंगाल में उनके खिलाफ 38 फर्जी मामले दर्ज हैं और कई मामलों में गिरफ्तारी वारंट भी जारी है उन्होंने कहा कि अगर वे वहां जाते हैं तो उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है पार्टी नेतृत्व ने भी उन्हें फिलहाल बंगाल न जाने की सलाह दी है ताकि कोई नया विवाद न खड़ा हो

    विजयवर्गीय ने अपने पुराने राजनीतिक अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि वे लंबे समय तक पश्चिम बंगाल में पार्टी के प्रभारी रहे हैं और उस दौरान कई कठिन परिस्थितियों का सामना किया उन्होंने भावनात्मक अंदाज में कहा कि बजरंगबली की कृपा से वे आज सुरक्षित हैं वरना उनकी तस्वीर पर भी माला टंगी होती

    यूनिफॉर्म सिविल कोड के मुद्दे पर उन्होंने स्पष्ट कहा कि मध्य प्रदेश में इसे लागू किया जाना चाहिए और इस दिशा में प्रक्रिया आगे बढ़ रही है उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा इसकी घोषणा की जा चुकी है और जल्द ही इस पर विधेयक लाया जाएगा

    पश्चिम बंगाल की राजनीति पर हमला बोलते हुए उन्होंने ममता बनर्जी पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि वहां माफिया और तस्करों का प्रभाव बढ़ गया है उन्होंने दावा किया कि आने वाले चुनाव में भाजपा वहां सरकार बनाएगी

    इसके अलावा उन्होंने इंदौर में हाल ही में हुए वंदे मातरम विवाद पर भी प्रतिक्रिया दी उन्होंने कहा कि भारत माता की वंदना में किसी भी धर्म को बाधा नहीं बनना चाहिए और जो लोग वंदे मातरम नहीं गाते उनके राष्ट्र प्रेम पर सवाल खड़े होते हैं

    कार्यक्रम के दौरान उन्होंने यह भी संकेत दिया कि पश्चिम बंगाल चुनाव के बाद मध्य प्रदेश में निगम मंडलों की नियुक्तियां जल्द की जाएंगी कुल मिलाकर विजयवर्गीय का यह बयान राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है जिसमें उन्होंने राष्ट्रीय और प्रदेश दोनों स्तर के मुद्दों पर अपनी स्पष्ट राय रखी