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  • मुख्यमंत्री मोहन यादव आज इंदौर और रतलाम के दौरे पर रहेंगे, स्थानीय कार्यक्रमों में शामिल होकर शाम को खंडवा समारोह से जुड़ेंगे

    मुख्यमंत्री मोहन यादव आज इंदौर और रतलाम के दौरे पर रहेंगे, स्थानीय कार्यक्रमों में शामिल होकर शाम को खंडवा समारोह से जुड़ेंगे

    मध्य प्रदेश। के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंगलवार, 13 अक्टूबर को इंदौर और रतलाम के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे दोनों शहरों में आयोजित स्थानीय कार्यक्रमों में शामिल होंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री भोपाल लौटेंगे, जहां उनके निवास पर मुलाकातों और विभिन्न विषयों पर चर्चा का कार्यक्रम निर्धारित है। शाम को वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से खंडवा में आयोजित राष्ट्रीय किशोर कुमार सम्मान अलंकरण समारोह और संगीत संध्या में शामिल होंगे।

    निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, मुख्यमंत्री सुबह नई दिल्ली से इंदौर पहुंचेंगे। वे सुबह 8:50 बजे इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचेंगे। इसके बाद विमान से इंदौर के लिए रवाना होंगे और सुबह 10:20 बजे इंदौर हवाई अड्डे पर पहुंचने का कार्यक्रम है। इंदौर पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री होटल विवांता अमलतास जाएंगे, जहां वे स्थानीय कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। होटल में उनका कार्यक्रम सुबह करीब 10:30 बजे से 10:40 बजे तक निर्धारित है।

    इंदौर में निर्धारित कार्यक्रम पूरा करने के बाद मुख्यमंत्री हवाई अड्डे के लिए रवाना होंगे। सुबह 11:10 से 11:20 बजे के बीच उनके इंदौर हवाई अड्डे पहुंचने का कार्यक्रम है। इसके बाद वे हेलीकॉप्टर से रतलाम के लिए रवाना होंगे। तय समय के अनुसार, मुख्यमंत्री सुबह 11:55 बजे के आसपास रतलाम पहुंचेंगे। वहां वे स्थानीय आयोजनों में शामिल होंगे। दोनों शहरों का दौरा मुख्यमंत्री के दिनभर के निर्धारित कार्यक्रम का हिस्सा है।

    रतलाम में कार्यक्रम पूरे करने के बाद मुख्यमंत्री दोपहर 12:30 बजे भोपाल के स्टेट हैंगर के लिए रवाना होंगे। उनके दोपहर करीब 1:30 बजे भोपाल पहुंचने का कार्यक्रम तय है। इसके बाद वे दोपहर 1:45 बजे मुख्यमंत्री निवास पहुंचेंगे। भोपाल लौटने के बाद दिन के शेष समय में मुख्यमंत्री निवास समत्व में मुलाकातों और बैठकों का सिलसिला चलेगा।

    मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के अनुसार, दोपहर बाद 3:30 से 4:30 बजे तक निवास पर मुलाकातें निर्धारित हैं। इसके बाद शाम 4:30 से 5:45 बजे तक विभिन्न विषयों पर चर्चा होगी। शाम 5:45 से 7 बजे तक जनसंपर्क से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श का कार्यक्रम रखा गया है। सुबह की शुरुआत में निवास पर एडीजी इंटेलिजेंस और आयुक्त जनसंपर्क से ब्रीफिंग का कार्यक्रम भी निर्धारित है।

    दिन के अंतिम कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शाम 7 बजे मुख्यमंत्री निवास समत्व से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए खंडवा में आयोजित राष्ट्रीय किशोर कुमार सम्मान अलंकरण समारोह और संगीत संध्या से जुड़ेंगे। इस कार्यक्रम में उनकी सहभागिता ऑनलाइन माध्यम से होगी। इस तरह मुख्यमंत्री का दिन नई दिल्ली से इंदौर आगमन, रतलाम में स्थानीय आयोजनों में भागीदारी, भोपाल वापसी और शाम को खंडवा के समारोह में ऑनलाइन सहभागिता के बीच निर्धारित है।

  • मध्य प्रदेश के रतलाम में सरकारी स्कूल सुधारने वाले शिक्षक को मिला नोटिस, ग्रामीणों की मदद से बदली थी रूपनगर स्कूल की तस्वीर

    मध्य प्रदेश के रतलाम में सरकारी स्कूल सुधारने वाले शिक्षक को मिला नोटिस, ग्रामीणों की मदद से बदली थी रूपनगर स्कूल की तस्वीर

    मध्य प्रदेश। के रतलाम जिले के जावरा ब्लॉक स्थित रूपनगर सरकारी स्कूल में बच्चों को बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराने के लिए किए गए प्रयास अब चर्चा में हैं। स्कूल को आदर्श बनाने में शिक्षक बद्रीलाल राठौड़ और शिक्षक-पालक संघ ने ग्रामीणों की मदद से महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। स्कूल में साफ-सफाई, हरियाली, बेहतर फर्नीचर, पानी का फिल्टर और कूलर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई थीं। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य बच्चों को सरकारी स्कूल में ही अच्छी शिक्षा और सुविधाएं देना था। हालांकि, स्कूल में हुए निर्माण और सुविधाओं को लेकर शिक्षक को कारण बताओ नोटिस मिलने के बाद मामला विवाद का विषय बन गया है।

    रूपनगर स्कूल को बेहतर बनाने के लिए शिक्षक और शिक्षक-पालक संघ ने स्थानीय लोगों के सहयोग से संसाधन जुटाए थे। स्कूल में रंग-रोगन, बाउंड्री वॉल, चित्रकारी और दूसरी सुविधाओं से संबंधित काम कराए गए। फर्नीचर तथा अन्य जरूरी सामग्री की व्यवस्था भी जनभागीदारी और शिक्षक के निजी खर्च से की गई थी। स्कूल का वातावरण बेहतर होने से गांव के बच्चों को सरकारी संस्थान में पढ़ाई करने के लिए सुविधाजनक माहौल मिला। इस पहल के बाद स्कूल को आदर्श विद्यालय के रूप में देखा जाने लगा था।

    मामले में शिक्षक बद्रीलाल राठौड़ को निर्माण कार्य और सुविधाओं की व्यवस्था को लेकर कारण बताओ नोटिस मिलने की जानकारी सामने आई। नोटिस में पूछा गया कि स्कूल में रंग-रोगन, फर्नीचर, वाटर कूलर और अन्य कार्य किसकी अनुमति से कराए गए। बाउंड्री वॉल, चित्रकारी और दूसरी सामग्री की व्यवस्था के लिए किस प्रशासनिक आदेश का सहारा लिया गया, इस पर भी सवाल किए गए। इसके अलावा, स्कूल में निशुल्क सेवाएं दे रहे तीन शिक्षकों की अनुमति से संबंधित जानकारी मांगे जाने की बात कही गई। इन सवालों के बीच यह मुद्दा उठ रहा है कि ग्रामीणों के सहयोग से स्कूल में किए गए सुधारों की प्रक्रिया को लेकर विभाग की क्या आपत्ति थी।

    राठौड़ का करीब दो महीने पहले जावरा क्षेत्र के रूपनगर स्कूल से सेमलिया के सरकारी प्राथमिक विद्यालय में तबादला कर दिया गया था। अपने पसंदीदा शिक्षक का स्थानांतरण रुकवाने के लिए बच्चे और ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। उन्होंने शिक्षक का तबादला रोकने की मांग को लेकर विरोध भी किया, लेकिन स्थानांतरण नहीं रुका। इसके बाद रूपनगर स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या धीरे-धीरे कम होने की बात सामने आई। बताया गया है कि स्कूल की व्यवस्थाओं पर भी असर पड़ा और पहले जैसी स्थिति बनाए रखने में कठिनाइयां सामने आने लगीं।

    रिटायर्ड नारकोटिक्स इंस्पेक्टर जगदीश यादव भी रूपनगर स्कूल में बच्चों को निशुल्क पढ़ाते थे। उनके अनुसार, शिक्षक को सम्मानित करने के बजाय नोटिस दिया जाना निराशाजनक है। उन्होंने स्कूल में शिक्षक के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उनके काम को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए था। दूसरी ओर, बद्रीलाल राठौड़ ने बताया कि उन्होंने नोटिस का जवाब निर्धारित समय के भीतर दे दिया था। उनका कहना है कि स्कूल में कराए गए सभी काम ग्रामीणों और शिक्षक-पालक संघ की मदद से हुए थे।

    राठौड़ ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षक-पालक संघ को स्कूल के विकास के लिए कई अधिकार प्राप्त हैं। उनके अनुसार, संघ नए प्रयोग करने, विकास की योजना बनाने और लोगों की मदद से फर्नीचर, खेल सामग्री तथा पढ़ाई से जुड़ी दूसरी आवश्यक चीजें जुटाने में भूमिका निभा सकता है। हालांकि, जिला शिक्षा अधिकारी सिमरन सूर्यवंशी ने कहा कि शिक्षक को स्कूल का रिनोवेशन कराने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी नहीं किया गया है। उन्होंने कार्यालय से जानकारी लेकर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की बात कही थी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, स्कूल में अब केवल दो शिक्षक पदस्थ हैं और विद्यार्थियों की संख्या में कमी दर्ज होने की बात कही गई है।
    नई दिल्ली ।

    मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के जावरा ब्लॉक स्थित रूपनगर सरकारी स्कूल में बच्चों को बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराने के लिए किए गए प्रयास अब चर्चा में हैं। स्कूल को आदर्श बनाने में शिक्षक बद्रीलाल राठौड़ और शिक्षक-पालक संघ ने ग्रामीणों की मदद से महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। स्कूल में साफ-सफाई, हरियाली, बेहतर फर्नीचर, पानी का फिल्टर और कूलर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई थीं। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य बच्चों को सरकारी स्कूल में ही अच्छी शिक्षा और सुविधाएं देना था। हालांकि, स्कूल में हुए निर्माण और सुविधाओं को लेकर शिक्षक को कारण बताओ नोटिस मिलने के बाद मामला विवाद का विषय बन गया है।

    रूपनगर स्कूल को बेहतर बनाने के लिए शिक्षक और शिक्षक-पालक संघ ने स्थानीय लोगों के सहयोग से संसाधन जुटाए थे। स्कूल में रंग-रोगन, बाउंड्री वॉल, चित्रकारी और दूसरी सुविधाओं से संबंधित काम कराए गए। फर्नीचर तथा अन्य जरूरी सामग्री की व्यवस्था भी जनभागीदारी और शिक्षक के निजी खर्च से की गई थी। स्कूल का वातावरण बेहतर होने से गांव के बच्चों को सरकारी संस्थान में पढ़ाई करने के लिए सुविधाजनक माहौल मिला। इस पहल के बाद स्कूल को आदर्श विद्यालय के रूप में देखा जाने लगा था।

    मामले में शिक्षक बद्रीलाल राठौड़ को निर्माण कार्य और सुविधाओं की व्यवस्था को लेकर कारण बताओ नोटिस मिलने की जानकारी सामने आई। नोटिस में पूछा गया कि स्कूल में रंग-रोगन, फर्नीचर, वाटर कूलर और अन्य कार्य किसकी अनुमति से कराए गए। बाउंड्री वॉल, चित्रकारी और दूसरी सामग्री की व्यवस्था के लिए किस प्रशासनिक आदेश का सहारा लिया गया, इस पर भी सवाल किए गए। इसके अलावा, स्कूल में निशुल्क सेवाएं दे रहे तीन शिक्षकों की अनुमति से संबंधित जानकारी मांगे जाने की बात कही गई। इन सवालों के बीच यह मुद्दा उठ रहा है कि ग्रामीणों के सहयोग से स्कूल में किए गए सुधारों की प्रक्रिया को लेकर विभाग की क्या आपत्ति थी।

    राठौड़ का करीब दो महीने पहले जावरा क्षेत्र के रूपनगर स्कूल से सेमलिया के सरकारी प्राथमिक विद्यालय में तबादला कर दिया गया था। अपने पसंदीदा शिक्षक का स्थानांतरण रुकवाने के लिए बच्चे और ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। उन्होंने शिक्षक का तबादला रोकने की मांग को लेकर विरोध भी किया, लेकिन स्थानांतरण नहीं रुका। इसके बाद रूपनगर स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या धीरे-धीरे कम होने की बात सामने आई। बताया गया है कि स्कूल की व्यवस्थाओं पर भी असर पड़ा और पहले जैसी स्थिति बनाए रखने में कठिनाइयां सामने आने लगीं।

    रिटायर्ड नारकोटिक्स इंस्पेक्टर जगदीश यादव भी रूपनगर स्कूल में बच्चों को निशुल्क पढ़ाते थे। उनके अनुसार, शिक्षक को सम्मानित करने के बजाय नोटिस दिया जाना निराशाजनक है। उन्होंने स्कूल में शिक्षक के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उनके काम को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए था। दूसरी ओर, बद्रीलाल राठौड़ ने बताया कि उन्होंने नोटिस का जवाब निर्धारित समय के भीतर दे दिया था। उनका कहना है कि स्कूल में कराए गए सभी काम ग्रामीणों और शिक्षक-पालक संघ की मदद से हुए थे।

    राठौड़ ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षक-पालक संघ को स्कूल के विकास के लिए कई अधिकार प्राप्त हैं। उनके अनुसार, संघ नए प्रयोग करने, विकास की योजना बनाने और लोगों की मदद से फर्नीचर, खेल सामग्री तथा पढ़ाई से जुड़ी दूसरी आवश्यक चीजें जुटाने में भूमिका निभा सकता है। हालांकि, जिला शिक्षा अधिकारी सिमरन सूर्यवंशी ने कहा कि शिक्षक को स्कूल का रिनोवेशन कराने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी नहीं किया गया है। उन्होंने कार्यालय से जानकारी लेकर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की बात कही थी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, स्कूल में अब केवल दो शिक्षक पदस्थ हैं और विद्यार्थियों की संख्या में कमी दर्ज होने की बात कही गई है।

  • बस में सवार बदमाशों ने चालाकी से वारदात को अंजाम देकर व्यापारी का पांच किलो सोने से भरा बैग छीना।

    बस में सवार बदमाशों ने चालाकी से वारदात को अंजाम देकर व्यापारी का पांच किलो सोने से भरा बैग छीना।

    मध्य प्रदेश। के रतलाम जिले में महू-नीमच हाईवे पर एक भीषण और सनसनीखेज लूट की वारदात सामने आई है। बड़नगर से रतलाम लौट रहे एक सराफा व्यापारी को निशाना बनाते हुए अज्ञात बदमाशों ने चलती बस के भीतर से लगभग पांच किलोग्राम सोने के जेवरों से भरा बैग लूट लिया। लूटे गए आभूषणों की अनुमानित कीमत साढ़े सात करोड़ रुपये बताई जा रही है।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, रतलाम के जैन कॉलोनी निवासी सराफा व्यवसायी अर्पित चौरड़िया आसपास के क्षेत्रों में स्वर्ण आभूषणों का व्यापार करते हैं। वे गुरुवार शाम बड़नगर क्षेत्र में व्यापारियों को जेवर दिखाने और व्यापारिक सिलसिले में गए थे। काम निपटाने के बाद वे रात करीब आठ बजे बड़नगर से रतलाम जाने वाली एक निजी बस में सवार हुए थे।

    व्यापारी के साथ ही बड़नगर से चार-पांच संदिग्ध यात्री भी उसी बस में सवार हुए थे। रात करीब सवा नौ बजे जब बस बिलपांक थाना क्षेत्र के अंतर्गत रेन-मऊ फंटे के पास पहुंची, तब एक यात्री ने उतरने के बहाने चालक से बस रुकवाई। बस के रुकते ही भीतर मौजूद दो अन्य बदमाशों ने झपट्टा मारकर व्यापारी से जेवरों का बैग छीन लिया और बाहर खड़े अपने अन्य साथियों के साथ अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए।

    घटना के तुरंत बाद पीड़ित व्यापारी ने धराड़ पुलिस चौकी पहुंचकर अधिकारियों को मामले की सूचना दी। साढ़े सात करोड़ रुपये मूल्य के पांच किलो सोने की लूट की खबर मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही बिलपांक थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और पूरे इलाके की घेराबंदी शुरू कर दी।

    वारदात की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस अधीक्षक अमित कुमार तथा अपर पुलिस अधीक्षक सहित वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में त्वरित कार्रवाई करते हुए जिले की सभी सीमाओं पर सख्त नाकाबंदी लागू कर दी गई है और संदिग्ध वाहनों की तलाशी ली जा रही है।

    मध्य प्रदेश के मालवा अंचल में हाईवे पर हुई इस बड़ी आपराधिक वारदात के बाद व्यापारिक जगत और स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश और असुरक्षा का माहौल है। रतलाम और उज्जैन संभाग के सराफा व्यापारियों ने पुलिस प्रशासन से आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने और लूटे गए आभूषणों को बरामद करने की मांग की है।

    जांच प्रक्रिया को गति देने के लिए फॉरेंसिक विशेषज्ञों और डॉग स्क्वाड की टीमों को मौके पर बुलाया गया है। पुलिस द्वारा बड़नगर से लेकर बिलपांक टोल नाके और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। प्राथमिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि बदमाशों ने व्यापारी की रेकी की थी और योजनाबद्ध तरीके से बस में सवार होकर वारदात को अंजाम दिया।

    फिलहाल बिलपांक थाना पुलिस ने व्यापारी के बयानों के आधार पर अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस की विशेष टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं और दावा किया जा रहा है कि जल्द ही इस बड़ी लूट की गुत्थी सुलझा ली जाएगी।

  • डिवाइडर से टकराई बाइक, स्ट्रीट लाइट बंद होने से दर्दनाक हादसा, रतलाम में दो दोस्तों की मौके पर मौत

    डिवाइडर से टकराई बाइक, स्ट्रीट लाइट बंद होने से दर्दनाक हादसा, रतलाम में दो दोस्तों की मौके पर मौत

     मध्य प्रदेश। के रतलाम जिले में रविवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में दो दोस्तों की जान चली गई। हादसा करमदी रोड फोरलेन पर स्थित एचपी पेट्रोल पंप के पास हुआ, जहां अंधेरा होने के कारण उनकी बाइक डिवाइडर से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों युवकों के सिर में गंभीर चोटें आईं और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है, जबकि पुलिस दुर्घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

    जानकारी के अनुसार लक्ष्मीनगर निवासी 20 वर्षीय केशव परिहार अपने दोस्त 25 वर्षीय शोएब उर्फ शाहिद के साथ करमदी गांव से बाइक पर सवार होकर रतलाम लौट रहे थे। रात करीब 10 बजे जब वे करमदी फोरलेन पर एचपी पेट्रोल पंप के पास पहुंचे, तब वहां स्ट्रीट लाइट बंद होने के कारण सड़क पर पर्याप्त रोशनी नहीं थी। इसी दौरान उनकी बाइक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराई। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों युवक सड़क पर गिर पड़े और उनके सिर में गंभीर चोटें आईं। हादसे के बाद सड़क पर काफी खून फैल गया।

    घटना की आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोग मौके पर पहुंचे और तत्काल डायल-112 को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और दोनों घायलों को मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया। हालांकि डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। सोमवार सुबह दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया गया, जिसके बाद उन्हें परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया शुरू की गई।

    मृतक केशव परिहार डेकोरेशन का काम करता था। उसके पिता फूलमंडी क्षेत्र में चाय की दुकान संचालित करते हैं। वहीं शोएब उर्फ शाहिद एक आइसक्रीम पार्लर पर कार्यरत था और उसके पिता शहर में फल का ठेला लगाकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। दोनों युवकों की असमय मौत से परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और मोहल्ले में मातम का माहौल है।

    जांच के दौरान यह भी जानकारी सामने आई कि दोनों दोस्तों के साथ उनका एक अन्य साथी धर्मेंद्र राठौर भी करमदी से निकला था। रास्ते में वह पेट्रोल पंप पर काम करने वाले अपने एक परिचित से मिलने के लिए रुक गया, जबकि केशव और शोएब आगे निकल गए। कुछ ही देर बाद सड़क हादसे की सूचना मिलने पर उसे घटना का पता चला। यदि वह भी उनके साथ आगे बढ़ा होता तो हादसे का शिकार हो सकता था।

    माणकचौक थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हादसे की मुख्य वजह केवल अंधेरा था या फिर तेज रफ्तार अथवा अन्य कोई कारण भी इसमें शामिल था। साथ ही घटनास्थल पर स्ट्रीट लाइट बंद रहने के कारणों की भी जानकारी जुटाई जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर पर्याप्त रोशनी और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

  • इंस्टाग्राम की लव स्टोरी पहुंची कोर्ट, कैंसर पीड़ित पति की शिकायत पर पत्नी के खिलाफ वारंट

    इंस्टाग्राम की लव स्टोरी पहुंची कोर्ट, कैंसर पीड़ित पति की शिकायत पर पत्नी के खिलाफ वारंट


    रतलाम । रतलाम में सोशल मीडिया से शुरू हुई एक प्रेम कहानी अब कानूनी विवाद का बड़ा मामला बन गई है। कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे युवक ने अपनी पत्नी पर बिना कानूनी तलाक लिए दूसरी शादी करने का आरोप लगाया है। मामले में न्यायालय ने प्रथम दृष्टया उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर महिला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 82(1) के तहत कार्रवाई करते हुए गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। अदालत ने आरोपी महिला को 25 जुलाई 2026 को पेश होने के निर्देश दिए हैं।

    जानकारी के अनुसार रतलाम की राजस्व कॉलोनी निवासी आकाश जाट की मुलाकात इंस्टाग्राम के माध्यम से साक्षी नकुम से हुई थी। दोनों के बीच करीब छह महीने तक बातचीत चली और फिर परिवारों की सहमति के बाद 20 नवंबर 2022 को इंदौर के आर्य समाज मंदिर में विवाह किया गया। इसके बाद 13 दिसंबर 2022 को रतलाम में सामाजिक रीति-रिवाजों के साथ दोबारा विवाह संपन्न हुआ। शुरुआती दिनों में दोनों का वैवाहिक जीवन सामान्य रहा लेकिन शादी के कुछ ही महीनों बाद परिस्थितियां पूरी तरह बदल गईं।

    आकाश के अनुसार अप्रैल 2023 में उनकी तबीयत लगातार बिगड़ने लगी। जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें सांस की नली का कैंसर होने की पुष्टि की। बीमारी का पता चलते ही पत्नी का व्यवहार बदल गया और उसने साथ निभाने के बजाय दूरी बनानी शुरू कर दी। आकाश का आरोप है कि पत्नी ने यह तक कहा कि यदि उनकी मृत्यु हो गई तो उसका भविष्य क्या होगा। इसी दौरान उसने महिला थाने में मारपीट की शिकायत भी दर्ज कराई, हालांकि मेडिकल दस्तावेजों के आधार पर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। बाद में पत्नी ने फैमिली कोर्ट में तलाक की याचिका दायर कर दी।

    इसी बीच विवाद तब और गहरा गया जब तलाक का मामला अदालत में लंबित रहने के बावजूद महिला ने 10 जून 2024 को छतरपुर निवासी युवक से दूसरी शादी कर ली। इस विवाह से एक बेटी भी होने की बात सामने आई है। जब आकाश को इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने संबंधित दस्तावेज और अन्य साक्ष्य जुटाकर अदालत का दरवाजा खटखटाया।

    इस मामले में फैमिली कोर्ट ने 18 अप्रैल 2026 को महिला की तलाक याचिका खारिज कर दी। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि पत्नी के लगाए गए कई आरोप उपलब्ध रिकॉर्ड से मेल नहीं खाते। न्यायालय ने यह भी माना कि जब पति गंभीर बीमारी से जूझ रहा था तब उसके खिलाफ लगाए गए कुछ आरोप परिस्थितियों के अनुरूप प्रतीत नहीं होते।

    इसके बाद आकाश ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (JMFC) अदालत में आपराधिक परिवाद दायर किया। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर महिला के खिलाफ बिना वैध तलाक दूसरी शादी करने के आरोप में मामला दर्ज किया। कई बार समन जारी होने के बावजूद अदालत में पेश नहीं होने पर न्यायालय ने गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया।

    आकाश की व्यक्तिगत जिंदगी भी लगातार मुश्किलों से घिरी रही। कैंसर से उपचार के दौरान पहले पिता और फिर मां का निधन हो गया। अब वे अकेले रह रहे हैं और उनके इलाज तथा अन्य जरूरतों में दोस्त मदद कर रहे हैं। उनके अधिवक्ता भी बिना फीस लिए मुकदमा लड़ रहे हैं। आकाश का कहना है कि उन्हें अब न्यायपालिका से ही इंसाफ मिलने की उम्मीद है। वहीं मामले में आगे की सुनवाई 25 जुलाई को निर्धारित की गई है।

  • रतलाम में मोहर्रम जुलूस के दौरान बड़ा हादसा, हाईटेंशन लाइन से टकराया ताजिया, करंट फैलने से 2 की मौत, कई लोग झुलसे

    रतलाम में मोहर्रम जुलूस के दौरान बड़ा हादसा, हाईटेंशन लाइन से टकराया ताजिया, करंट फैलने से 2 की मौत, कई लोग झुलसे

    मध्य प्रदेश: के रतलाम जिले में मोहर्रम के अवसर पर निकाला जा रहा ताजिया जुलूस गुरुवार रात एक दर्दनाक हादसे का शिकार हो गया। पिपलौदा थाना क्षेत्र के हतनारा गांव में ताजिया हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आ गया, जिससे पूरे ताजिए में करंट फैल गया। हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग झुलस गए और घायल हो गए। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रात करीब साढ़े दस बजे गांव में मोहर्रम का ताजिया जुलूस निकाला जा रहा था। बड़ी संख्या में लोग धार्मिक आस्था के साथ जुलूस में शामिल थे। इसी दौरान ताजिया ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइन से टकरा गया। संपर्क होते ही तेज करंट फैल गया और ताजिया उठा रहे लोगों सहित आसपास मौजूद कई श्रद्धालु इसकी चपेट में आ गए। अचानक हुई घटना से जुलूस में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।

    हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने राहत और बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को निजी वाहनों और उपलब्ध साधनों की मदद से रतलाम मेडिकल कॉलेज तथा जिला अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में उपचार के दौरान हतनारा निवासी राशिद खान (32) और सड्डू मोहम्मद हुसैन (40) को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। अन्य घायलों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में जारी है।

    घायलों में कई लोगों को करंट लगने से गंभीर चोटें आई हैं, जबकि कुछ लोग भगदड़ और गिरने के कारण भी घायल हुए हैं। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने घायलों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने का प्रयास किया। हादसे का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें लोग घायलों की मदद करते और उन्हें अस्पताल पहुंचाते दिखाई दे रहे हैं।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ताजिया हाईटेंशन बिजली लाइन के संपर्क में आने से यह हादसा हुआ। पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रहे हैं ताकि दुर्घटना के कारणों का स्पष्ट पता लगाया जा सके।

    धार्मिक आयोजन के दौरान हुई इस दुखद घटना से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों ने मृतकों के प्रति श्रद्धांजलि व्यक्त की है और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है। प्रशासन ने भी धार्मिक आयोजनों और जुलूसों के दौरान सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखने की अपील की है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की दुर्घटनाओं से बचा जा सके।

  • सैलाना में मिले गौवंश के कटे अवशेष, देर रात सड़क पर बैठे कार्यकर्ता; दो दिन में कार्रवाई की मांग

    सैलाना में मिले गौवंश के कटे अवशेष, देर रात सड़क पर बैठे कार्यकर्ता; दो दिन में कार्रवाई की मांग


    मध्य प्रदेश । रतलाम जिले के सैलाना क्षेत्र में मंगलवार देर रात उस समय हड़कंप मच गया, जब सड़क किनारे एक स्थान पर गौवंश के कटे हुए अवशेष मिलने की सूचना सामने आई। घटना की जानकारी फैलते ही क्षेत्र में लोगों की भीड़ जुटने लगी और विभिन्न हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंच गए। घटना को लेकर लोगों में नाराजगी दिखाई दी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठने लगी।

    जानकारी के अनुसार रतलाम-बांसवाड़ा मार्ग पर स्थित चरण पेट्रोल पंप के पास नर्सिंग कॉलेज के आगे सड़क किनारे पथरीले क्षेत्र में गौवंश के अवशेष पड़े होने की सूचना मिली थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मौके पर पशु के शरीर के विभिन्न हिस्से अलग-अलग स्थानों पर दिखाई दिए। घटना की खबर मिलते ही स्थानीय नागरिकों के साथ बड़ी संख्या में सामाजिक और धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि वहां पहुंच गए।

    मौके पर पहुंचे लोगों ने पुलिस प्रशासन को सूचना दी और तत्काल कार्रवाई की मांग की। देर रात तक क्षेत्र में लोगों की आवाजाही बनी रही। घटना के वीडियो और तस्वीरें भी सामने आईं, जिनके बाद मामले ने और गंभीर रूप ले लिया। लोगों ने आरोपियों की जल्द पहचान कर गिरफ्तारी की मांग की तथा घटना की निष्पक्ष जांच कराने की बात कही।

    स्थिति को देखते हुए प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। सैलाना एसडीएम तरुण जैन, तहसीलदार कुलभूषण शर्मा, एसडीओपी नीलम बघेल, थाना प्रभारी पिंकी आकाश सहित अन्य अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। अधिकारियों ने मौजूद लोगों से बातचीत कर उन्हें शांत रहने की अपील की तथा आश्वासन दिया कि मामले की गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

    घटना के विरोध में कुछ संगठनों के कार्यकर्ता देर रात सड़क पर बैठ गए और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि इस प्रकार की घटनाओं पर तत्काल और सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। देर रात से शुरू हुआ धरना बुधवार सुबह तक जारी रहा।

    प्रशासन और पुलिस अधिकारियों द्वारा लगातार समझाइश दिए जाने के बाद प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को प्रशासन के सामने रखा। जानकारी के अनुसार प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के लिए समयसीमा तय करने की मांग की। इसके बाद पुलिस अधिकारियों द्वारा मामले में तेजी से कार्रवाई का आश्वासन दिया गया।

    सुबह लगभग पांच बजे धरना समाप्त हुआ। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को दो दिन का समय देते हुए चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती है तो वे आगे आंदोलन की रणनीति बना सकते हैं।

    फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। आसपास के क्षेत्रों से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और संभावित संदिग्धों की जानकारी एकत्र की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के सभी पहलुओं पर काम किया जा रहा है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    इस घटना के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है और लोग पुलिस जांच के परिणाम का इंतजार कर रहे हैं। प्रशासन ने नागरिकों से शांति बनाए रखने और किसी भी अपुष्ट जानकारी पर विश्वास न करने की अपील की है।

  • रतलाम में पहली बार महामंडलेश्वर पट्टाभिषेक महोत्सव, आनंद गिरी महाराज का वैदिक विधि से हुआ अभिषेक

    रतलाम में पहली बार महामंडलेश्वर पट्टाभिषेक महोत्सव, आनंद गिरी महाराज का वैदिक विधि से हुआ अभिषेक


    मध्य प्रदेश । रतलाम शहर बुधवार को एक ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन का साक्षी बना, जब पहली बार श्री पंचायती श्री निरंजनी अखाड़ा के तत्वावधान में महामंडलेश्वर पट्टाभिषेक महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर सैलाना क्षेत्र के ग्राम आडवाणिया स्थित आश्रम के महंत श्री 1008 आनंद गिरी महाराज का वैदिक विधि-विधान और धार्मिक परंपराओं के अनुसार महामंडलेश्वर पद पर पट्टाभिषेक किया गया। पूरे समारोह में आध्यात्मिक वातावरण, वैदिक मंत्रोच्चार और संतों के सान्निध्य ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया।

    कार्यक्रम की शुरुआत सुबह भव्य पेशवाई के साथ हुई। श्री राम मंदिर से निकली इस शोभायात्रा में देशभर से आए संत-महात्मा आकर्षक बग्गियों में सवार होकर शामिल हुए। शोभायात्रा के आगे अश्वों पर सवार समाजजन धर्मध्वजा लेकर चल रहे थे, जबकि पीछे भक्तजन भक्ति गीतों और भजनों की धुन पर झूमते नजर आए। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं ने संतों का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। धार्मिक उत्साह और श्रद्धा से सराबोर इस पेशवाई ने शहर के लोगों का ध्यान आकर्षित किया।

    दोपहर में सैलाना रोड स्थित श्रीजी पैलेस में मुख्य पट्टाभिषेक समारोह आयोजित किया गया। यहां वैदिक परंपरा के अनुसार सबसे पहले आनंद गिरी महाराज का पंचामृत से अभिषेक किया गया। दूध, दही, घी, शहद और अन्य पवित्र सामग्री से स्नान कराने के बाद वैदिक मंत्रों और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच उन्हें महामंडलेश्वर पद पर आसीन किया गया। इस दौरान उपस्थित संतों ने उन्हें शाल, भगवा दुपट्टा और सम्मान चिह्न भेंट कर अभिनंदन किया।

    पट्टाभिषेक समारोह के दौरान मंच पर मौजूद संतों और धर्माचार्यों ने सनातन धर्म की महत्ता, आध्यात्मिक परंपराओं के संरक्षण और समाज में धार्मिक मूल्यों के प्रसार पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति की जड़ों को मजबूत करने के लिए संत समाज की भूमिका हमेशा महत्वपूर्ण रही है और आने वाली पीढ़ियों तक धार्मिक परंपराओं को पहुंचाना समय की आवश्यकता है।

    इस ऐतिहासिक आयोजन में देशभर के कई प्रमुख संत-महात्मा शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष और श्री पंचायती निरंजनी अखाड़ा के प्रमुख महंत रवींद्र पुरी महाराज ने की। उनके साथ निरंजन पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर डॉ. स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज, आनंद अखाड़ा पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी बालकानंद गिरी महाराज, महामंडलेश्वर वैराग्यानंद गिरी महाराज, महंत रामरतन गिरी महाराज तथा महामंडलेश्वर शांति स्वरूपानंद महाराज सहित अनेक संतों की उपस्थिति रही।

    समारोह में राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक क्षेत्र से जुड़े गणमान्य लोगों ने भी भाग लिया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु और भक्तजन इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनने पहुंचे। आयोजन स्थल पर आध्यात्मिक ऊर्जा और उत्साह का माहौल देखने को मिला।

    रतलाम में पहली बार आयोजित इस महामंडलेश्वर पट्टाभिषेक महोत्सव को धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। श्रद्धालुओं का मानना है कि इस आयोजन ने न केवल शहर की धार्मिक पहचान को नई ऊंचाई दी है, बल्कि सनातन परंपराओं और अखाड़ा संस्कृति के प्रति लोगों की आस्था को भी और मजबूत किया है।

  • MP: रतलाम पहुंची थी बारात तभी उज्जैन पुलिस का फोन आया… दूल्हे पर दुष्कर्म का केस… मौका पाकर हुआ फरार

    MP: रतलाम पहुंची थी बारात तभी उज्जैन पुलिस का फोन आया… दूल्हे पर दुष्कर्म का केस… मौका पाकर हुआ फरार


    उज्जैन।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के रतलाम जिले (Ratlam district) में उस दौरान हड़कंप मच गया जब उज्जैन जिले (Ujjain district) की बड़नगर पुलिस ने दुल्हन पक्ष से संपर्क कर बताया कि दूल्हे के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया है। जानकारी लगते ही दुल्हन पक्ष के परिवार में माहौल खराब हो गया। वधू पक्ष को पुलिस ने समझा बूझाकर शादी की रस्म को रोकने के लिए तैयार किया, इस दौरान मौका पाकर दूल्हा फरार हो गया, मिली जानकारी के अनुसार बुधवार रतलाम में बड़नगर के एक युवक की शादी हो रही थी, बड़नगर से बारात पहुंच चुकी थी।

    दूल्हा मंडप में आने ही वाला था कि तभी दुल्हन पक्ष के परिवार को इसका पता चल गया। परिवार को पता चला कि जिस लड़के से लड़की की शादी होने वाली है, उस पर तो नाबालिग ने रेप का केस दर्ज कराया है। बताया जा रहा है कि इस मामले का पटाक्षेप करने में एक स्थानीय पार्षद की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।


    जब वह घर पर अकेली थी

    पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार पूरा मामला इस प्रकार है कि उज्जैन से करीब 60 किमी दूर बड़नगर थाना क्षेत्र के शिक्षक कॉलोनी में रहने वाले युवक अभिषेक सेन के द्वारा 15 वर्षीय नाबालिग से जनवरी के माह में उस वक्त दुष्कर्म किया गया जब वह घर पर अकेली थी। इस दौरान उसे डरा धमका कर इस घटना को किसी को भी बताने के लिए धमकाया गया था। जब पिछले दिनों अभिषेक की शादी की खबर नाबालिग तक पहुंची तो उसने इस शादी का विरोध किया। लेकिन अभिषेक ने उसे डराते हुए अपनी शादी को नहीं रोका और बारात लेकर रतलाम पहुंच गया।

    इसी बीच 6 अप्रैल को नाबालिग के द्वारा इस घटनाक्रम से दुखी होकर आत्महत्या करने की नीयत से एसिड पीकर जान देने का प्रयास किया गया तो यह मामला सामने आया। बालिका को उपचार हेतु अस्पताल में भर्ती कराया गया और उसका मेडिकल कराने पर स्पष्ट हुआ कि पीड़िता गर्भवती भी है।


    पुलिस ने फोन पर दुल्हन पक्ष को समझाया

    उज्जैन से करीब 60 किमी दूर बड़नगर की शिक्षक कॉलोनी में रहने वाले अभिषेक सेन की शादी रतलाम जिले की युवती से तय थी, पिछले दो दिन से शादी के कार्यक्रम चल रहे थे और बुधवार रात करीब 8 बजे दूल्हा घोड़ी पर सवार होकर बारात लेकर निकल चुका था। बारात लगने से पहले पुलिस ने तुरंत कार्रवाई कर फोन पर दुल्हन पक्ष को समझाया। वधु पक्ष को सूचना मिलते ही शादी वाले घर में हड़कंप मच गया। दोनों पक्षों की बातचीत के बाद शादी रोक दी गई। नाबालिग पीड़िता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया है कि आरोपी ने डरा-धमकाकर रेप किया। जिस दिन अभिषेक की शादी थी, उसी दिन पता चला कि पीड़िता प्रेग्नेंट है। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि 5 जनवरी को आरोपी उसके घर आया, जब वह अकेली थी। उसने धमकाकर दुष्कर्म किया और किसी को बताने से मना किया। आरोपी की शादी तय होने के बाद उसने आत्महत्या का प्रयास किया।


    POCSO एक्ट सहित दुष्कर्म का मामला दर्ज

    थाना प्रभारी अशोक पाटीदार के अनुसार, 15 वर्षीय नाबालिग की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ POCSO एक्ट सहित दुष्कर्म का मामला दर्ज किया। पुलिस ने बताया कि पीड़िता और आरोपी एक ही कॉलोनी में रहते हैं। दूल्हे की शादी के तीन दिन पहले पीड़िता ने 6 अप्रैल को एसिड पीकर आत्महत्या की कोशिश की थी।

    इलाज के दौरान 8 अप्रैल को उसके गर्भवती होने की जानकारी सामने आई। इसके बाद उसने परिजन को पूरी बात बताई।बालिका की शिकायत पर पुलिस ने पास्को एक्ट सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है फिलहाल आरोपी फरार है उसे जल्द ही हिरासत में लिया जाएगा।

  • रतलाम में 10 बच्चों को खसरा, स्वास्थ्य विभाग सक्रिय; एमआर वैक्सीनेशन और विटामिन-ए अभियान जारी

    रतलाम में 10 बच्चों को खसरा, स्वास्थ्य विभाग सक्रिय; एमआर वैक्सीनेशन और विटामिन-ए अभियान जारी


    रतलाम । रतलाम जिले के बाजना विकासखंड में मीजल्स यानी खसरा के 10 मामले सामने आने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। शनिवार को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संध्या बेलसरे ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और बच्चों की हालत का जायजा लिया। विभाग के मुताबिक बच्चों की स्थिति अब नियंत्रण में है।

    मरीजों में 9 माह से 5 वर्ष तक के बच्चे शामिल हैं। होली पर बाहर गए कुछ बच्चे वापस भी पलायन कर गए थे। स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार गांवों में भ्रमण कर बच्चों को आवश्यक उपचार सलाह और स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रही है। मामले में संबंधित एएनएम के खिलाफ कार्रवाई प्रस्तावित की गई है।

    शुक्रवार को डब्ल्यूएचओ के सर्विलांस मेडिकल ऑफिसर डॉ. रितेश बजाज जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. वर्षा कुरील बीएमओ बाजना डॉ. जितेंद्र जायसवाल और स्वास्थ्य विभाग का अमला प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचा। टीम ने ग्राम बोरपाड़ा और रूपाखेड़ा में 9 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों को एमआर वैक्सीनेशन के साथ विटामिन ए का घोल भी पिलाया।

    जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. वर्षा कुरील ने बताया कि खसरा एक संक्रामक वायरल बीमारी है। इसके प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार खांसी बहती नाक लाल और पानी भरी आंखें और पूरे शरीर पर लाल भूरे रंग के दाने शामिल हैं। दाने आने से पहले मुंह के अंदर छोटे सफेद धब्बे कोप्लिक स्पाट्स भी दिखाई दे सकते हैं। वायरस के संपर्क में आने के 10 से 14 दिन बाद ये लक्षण प्रकट होते हैं।

    स्वास्थ्य विभाग ने निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार क्षेत्र में नोटिफिकेशन जारी करने घर घर जाकर स्वास्थ्य शिक्षा देने और अतिरिक्त टीकाकरण सत्र आयोजित करने की कार्ययोजना तैयार कर ली है। बच्चों की हालत अब बेहतर है और विभाग लगातार निगरानी बनाए हुए है। मरीजों के इलाज और संक्रमण रोकने के लिए एमआर वैक्सीनेशन और विटामिन ए अभियान लगातार जारी रहेगा।