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  • रतलाम में मोहर्रम जुलूस के दौरान बड़ा हादसा, हाईटेंशन लाइन से टकराया ताजिया, करंट फैलने से 2 की मौत, कई लोग झुलसे

    रतलाम में मोहर्रम जुलूस के दौरान बड़ा हादसा, हाईटेंशन लाइन से टकराया ताजिया, करंट फैलने से 2 की मौत, कई लोग झुलसे

    मध्य प्रदेश: के रतलाम जिले में मोहर्रम के अवसर पर निकाला जा रहा ताजिया जुलूस गुरुवार रात एक दर्दनाक हादसे का शिकार हो गया। पिपलौदा थाना क्षेत्र के हतनारा गांव में ताजिया हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आ गया, जिससे पूरे ताजिए में करंट फैल गया। हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग झुलस गए और घायल हो गए। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रात करीब साढ़े दस बजे गांव में मोहर्रम का ताजिया जुलूस निकाला जा रहा था। बड़ी संख्या में लोग धार्मिक आस्था के साथ जुलूस में शामिल थे। इसी दौरान ताजिया ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइन से टकरा गया। संपर्क होते ही तेज करंट फैल गया और ताजिया उठा रहे लोगों सहित आसपास मौजूद कई श्रद्धालु इसकी चपेट में आ गए। अचानक हुई घटना से जुलूस में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।

    हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने राहत और बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को निजी वाहनों और उपलब्ध साधनों की मदद से रतलाम मेडिकल कॉलेज तथा जिला अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में उपचार के दौरान हतनारा निवासी राशिद खान (32) और सड्डू मोहम्मद हुसैन (40) को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। अन्य घायलों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में जारी है।

    घायलों में कई लोगों को करंट लगने से गंभीर चोटें आई हैं, जबकि कुछ लोग भगदड़ और गिरने के कारण भी घायल हुए हैं। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने घायलों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने का प्रयास किया। हादसे का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें लोग घायलों की मदद करते और उन्हें अस्पताल पहुंचाते दिखाई दे रहे हैं।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ताजिया हाईटेंशन बिजली लाइन के संपर्क में आने से यह हादसा हुआ। पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रहे हैं ताकि दुर्घटना के कारणों का स्पष्ट पता लगाया जा सके।

    धार्मिक आयोजन के दौरान हुई इस दुखद घटना से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों ने मृतकों के प्रति श्रद्धांजलि व्यक्त की है और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है। प्रशासन ने भी धार्मिक आयोजनों और जुलूसों के दौरान सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखने की अपील की है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की दुर्घटनाओं से बचा जा सके।

  • सैलाना में मिले गौवंश के कटे अवशेष, देर रात सड़क पर बैठे कार्यकर्ता; दो दिन में कार्रवाई की मांग

    सैलाना में मिले गौवंश के कटे अवशेष, देर रात सड़क पर बैठे कार्यकर्ता; दो दिन में कार्रवाई की मांग


    मध्य प्रदेश । रतलाम जिले के सैलाना क्षेत्र में मंगलवार देर रात उस समय हड़कंप मच गया, जब सड़क किनारे एक स्थान पर गौवंश के कटे हुए अवशेष मिलने की सूचना सामने आई। घटना की जानकारी फैलते ही क्षेत्र में लोगों की भीड़ जुटने लगी और विभिन्न हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंच गए। घटना को लेकर लोगों में नाराजगी दिखाई दी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठने लगी।

    जानकारी के अनुसार रतलाम-बांसवाड़ा मार्ग पर स्थित चरण पेट्रोल पंप के पास नर्सिंग कॉलेज के आगे सड़क किनारे पथरीले क्षेत्र में गौवंश के अवशेष पड़े होने की सूचना मिली थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मौके पर पशु के शरीर के विभिन्न हिस्से अलग-अलग स्थानों पर दिखाई दिए। घटना की खबर मिलते ही स्थानीय नागरिकों के साथ बड़ी संख्या में सामाजिक और धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि वहां पहुंच गए।

    मौके पर पहुंचे लोगों ने पुलिस प्रशासन को सूचना दी और तत्काल कार्रवाई की मांग की। देर रात तक क्षेत्र में लोगों की आवाजाही बनी रही। घटना के वीडियो और तस्वीरें भी सामने आईं, जिनके बाद मामले ने और गंभीर रूप ले लिया। लोगों ने आरोपियों की जल्द पहचान कर गिरफ्तारी की मांग की तथा घटना की निष्पक्ष जांच कराने की बात कही।

    स्थिति को देखते हुए प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। सैलाना एसडीएम तरुण जैन, तहसीलदार कुलभूषण शर्मा, एसडीओपी नीलम बघेल, थाना प्रभारी पिंकी आकाश सहित अन्य अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। अधिकारियों ने मौजूद लोगों से बातचीत कर उन्हें शांत रहने की अपील की तथा आश्वासन दिया कि मामले की गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

    घटना के विरोध में कुछ संगठनों के कार्यकर्ता देर रात सड़क पर बैठ गए और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि इस प्रकार की घटनाओं पर तत्काल और सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। देर रात से शुरू हुआ धरना बुधवार सुबह तक जारी रहा।

    प्रशासन और पुलिस अधिकारियों द्वारा लगातार समझाइश दिए जाने के बाद प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को प्रशासन के सामने रखा। जानकारी के अनुसार प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के लिए समयसीमा तय करने की मांग की। इसके बाद पुलिस अधिकारियों द्वारा मामले में तेजी से कार्रवाई का आश्वासन दिया गया।

    सुबह लगभग पांच बजे धरना समाप्त हुआ। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को दो दिन का समय देते हुए चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती है तो वे आगे आंदोलन की रणनीति बना सकते हैं।

    फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। आसपास के क्षेत्रों से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और संभावित संदिग्धों की जानकारी एकत्र की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के सभी पहलुओं पर काम किया जा रहा है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    इस घटना के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है और लोग पुलिस जांच के परिणाम का इंतजार कर रहे हैं। प्रशासन ने नागरिकों से शांति बनाए रखने और किसी भी अपुष्ट जानकारी पर विश्वास न करने की अपील की है।

  • रतलाम में पहली बार महामंडलेश्वर पट्टाभिषेक महोत्सव, आनंद गिरी महाराज का वैदिक विधि से हुआ अभिषेक

    रतलाम में पहली बार महामंडलेश्वर पट्टाभिषेक महोत्सव, आनंद गिरी महाराज का वैदिक विधि से हुआ अभिषेक


    मध्य प्रदेश । रतलाम शहर बुधवार को एक ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन का साक्षी बना, जब पहली बार श्री पंचायती श्री निरंजनी अखाड़ा के तत्वावधान में महामंडलेश्वर पट्टाभिषेक महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर सैलाना क्षेत्र के ग्राम आडवाणिया स्थित आश्रम के महंत श्री 1008 आनंद गिरी महाराज का वैदिक विधि-विधान और धार्मिक परंपराओं के अनुसार महामंडलेश्वर पद पर पट्टाभिषेक किया गया। पूरे समारोह में आध्यात्मिक वातावरण, वैदिक मंत्रोच्चार और संतों के सान्निध्य ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया।

    कार्यक्रम की शुरुआत सुबह भव्य पेशवाई के साथ हुई। श्री राम मंदिर से निकली इस शोभायात्रा में देशभर से आए संत-महात्मा आकर्षक बग्गियों में सवार होकर शामिल हुए। शोभायात्रा के आगे अश्वों पर सवार समाजजन धर्मध्वजा लेकर चल रहे थे, जबकि पीछे भक्तजन भक्ति गीतों और भजनों की धुन पर झूमते नजर आए। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं ने संतों का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। धार्मिक उत्साह और श्रद्धा से सराबोर इस पेशवाई ने शहर के लोगों का ध्यान आकर्षित किया।

    दोपहर में सैलाना रोड स्थित श्रीजी पैलेस में मुख्य पट्टाभिषेक समारोह आयोजित किया गया। यहां वैदिक परंपरा के अनुसार सबसे पहले आनंद गिरी महाराज का पंचामृत से अभिषेक किया गया। दूध, दही, घी, शहद और अन्य पवित्र सामग्री से स्नान कराने के बाद वैदिक मंत्रों और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच उन्हें महामंडलेश्वर पद पर आसीन किया गया। इस दौरान उपस्थित संतों ने उन्हें शाल, भगवा दुपट्टा और सम्मान चिह्न भेंट कर अभिनंदन किया।

    पट्टाभिषेक समारोह के दौरान मंच पर मौजूद संतों और धर्माचार्यों ने सनातन धर्म की महत्ता, आध्यात्मिक परंपराओं के संरक्षण और समाज में धार्मिक मूल्यों के प्रसार पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति की जड़ों को मजबूत करने के लिए संत समाज की भूमिका हमेशा महत्वपूर्ण रही है और आने वाली पीढ़ियों तक धार्मिक परंपराओं को पहुंचाना समय की आवश्यकता है।

    इस ऐतिहासिक आयोजन में देशभर के कई प्रमुख संत-महात्मा शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष और श्री पंचायती निरंजनी अखाड़ा के प्रमुख महंत रवींद्र पुरी महाराज ने की। उनके साथ निरंजन पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर डॉ. स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज, आनंद अखाड़ा पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी बालकानंद गिरी महाराज, महामंडलेश्वर वैराग्यानंद गिरी महाराज, महंत रामरतन गिरी महाराज तथा महामंडलेश्वर शांति स्वरूपानंद महाराज सहित अनेक संतों की उपस्थिति रही।

    समारोह में राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक क्षेत्र से जुड़े गणमान्य लोगों ने भी भाग लिया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु और भक्तजन इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनने पहुंचे। आयोजन स्थल पर आध्यात्मिक ऊर्जा और उत्साह का माहौल देखने को मिला।

    रतलाम में पहली बार आयोजित इस महामंडलेश्वर पट्टाभिषेक महोत्सव को धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। श्रद्धालुओं का मानना है कि इस आयोजन ने न केवल शहर की धार्मिक पहचान को नई ऊंचाई दी है, बल्कि सनातन परंपराओं और अखाड़ा संस्कृति के प्रति लोगों की आस्था को भी और मजबूत किया है।

  • MP: रतलाम पहुंची थी बारात तभी उज्जैन पुलिस का फोन आया… दूल्हे पर दुष्कर्म का केस… मौका पाकर हुआ फरार

    MP: रतलाम पहुंची थी बारात तभी उज्जैन पुलिस का फोन आया… दूल्हे पर दुष्कर्म का केस… मौका पाकर हुआ फरार


    उज्जैन।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के रतलाम जिले (Ratlam district) में उस दौरान हड़कंप मच गया जब उज्जैन जिले (Ujjain district) की बड़नगर पुलिस ने दुल्हन पक्ष से संपर्क कर बताया कि दूल्हे के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया है। जानकारी लगते ही दुल्हन पक्ष के परिवार में माहौल खराब हो गया। वधू पक्ष को पुलिस ने समझा बूझाकर शादी की रस्म को रोकने के लिए तैयार किया, इस दौरान मौका पाकर दूल्हा फरार हो गया, मिली जानकारी के अनुसार बुधवार रतलाम में बड़नगर के एक युवक की शादी हो रही थी, बड़नगर से बारात पहुंच चुकी थी।

    दूल्हा मंडप में आने ही वाला था कि तभी दुल्हन पक्ष के परिवार को इसका पता चल गया। परिवार को पता चला कि जिस लड़के से लड़की की शादी होने वाली है, उस पर तो नाबालिग ने रेप का केस दर्ज कराया है। बताया जा रहा है कि इस मामले का पटाक्षेप करने में एक स्थानीय पार्षद की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।


    जब वह घर पर अकेली थी

    पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार पूरा मामला इस प्रकार है कि उज्जैन से करीब 60 किमी दूर बड़नगर थाना क्षेत्र के शिक्षक कॉलोनी में रहने वाले युवक अभिषेक सेन के द्वारा 15 वर्षीय नाबालिग से जनवरी के माह में उस वक्त दुष्कर्म किया गया जब वह घर पर अकेली थी। इस दौरान उसे डरा धमका कर इस घटना को किसी को भी बताने के लिए धमकाया गया था। जब पिछले दिनों अभिषेक की शादी की खबर नाबालिग तक पहुंची तो उसने इस शादी का विरोध किया। लेकिन अभिषेक ने उसे डराते हुए अपनी शादी को नहीं रोका और बारात लेकर रतलाम पहुंच गया।

    इसी बीच 6 अप्रैल को नाबालिग के द्वारा इस घटनाक्रम से दुखी होकर आत्महत्या करने की नीयत से एसिड पीकर जान देने का प्रयास किया गया तो यह मामला सामने आया। बालिका को उपचार हेतु अस्पताल में भर्ती कराया गया और उसका मेडिकल कराने पर स्पष्ट हुआ कि पीड़िता गर्भवती भी है।


    पुलिस ने फोन पर दुल्हन पक्ष को समझाया

    उज्जैन से करीब 60 किमी दूर बड़नगर की शिक्षक कॉलोनी में रहने वाले अभिषेक सेन की शादी रतलाम जिले की युवती से तय थी, पिछले दो दिन से शादी के कार्यक्रम चल रहे थे और बुधवार रात करीब 8 बजे दूल्हा घोड़ी पर सवार होकर बारात लेकर निकल चुका था। बारात लगने से पहले पुलिस ने तुरंत कार्रवाई कर फोन पर दुल्हन पक्ष को समझाया। वधु पक्ष को सूचना मिलते ही शादी वाले घर में हड़कंप मच गया। दोनों पक्षों की बातचीत के बाद शादी रोक दी गई। नाबालिग पीड़िता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया है कि आरोपी ने डरा-धमकाकर रेप किया। जिस दिन अभिषेक की शादी थी, उसी दिन पता चला कि पीड़िता प्रेग्नेंट है। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि 5 जनवरी को आरोपी उसके घर आया, जब वह अकेली थी। उसने धमकाकर दुष्कर्म किया और किसी को बताने से मना किया। आरोपी की शादी तय होने के बाद उसने आत्महत्या का प्रयास किया।


    POCSO एक्ट सहित दुष्कर्म का मामला दर्ज

    थाना प्रभारी अशोक पाटीदार के अनुसार, 15 वर्षीय नाबालिग की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ POCSO एक्ट सहित दुष्कर्म का मामला दर्ज किया। पुलिस ने बताया कि पीड़िता और आरोपी एक ही कॉलोनी में रहते हैं। दूल्हे की शादी के तीन दिन पहले पीड़िता ने 6 अप्रैल को एसिड पीकर आत्महत्या की कोशिश की थी।

    इलाज के दौरान 8 अप्रैल को उसके गर्भवती होने की जानकारी सामने आई। इसके बाद उसने परिजन को पूरी बात बताई।बालिका की शिकायत पर पुलिस ने पास्को एक्ट सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है फिलहाल आरोपी फरार है उसे जल्द ही हिरासत में लिया जाएगा।

  • रतलाम में 10 बच्चों को खसरा, स्वास्थ्य विभाग सक्रिय; एमआर वैक्सीनेशन और विटामिन-ए अभियान जारी

    रतलाम में 10 बच्चों को खसरा, स्वास्थ्य विभाग सक्रिय; एमआर वैक्सीनेशन और विटामिन-ए अभियान जारी


    रतलाम । रतलाम जिले के बाजना विकासखंड में मीजल्स यानी खसरा के 10 मामले सामने आने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। शनिवार को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संध्या बेलसरे ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और बच्चों की हालत का जायजा लिया। विभाग के मुताबिक बच्चों की स्थिति अब नियंत्रण में है।

    मरीजों में 9 माह से 5 वर्ष तक के बच्चे शामिल हैं। होली पर बाहर गए कुछ बच्चे वापस भी पलायन कर गए थे। स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार गांवों में भ्रमण कर बच्चों को आवश्यक उपचार सलाह और स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रही है। मामले में संबंधित एएनएम के खिलाफ कार्रवाई प्रस्तावित की गई है।

    शुक्रवार को डब्ल्यूएचओ के सर्विलांस मेडिकल ऑफिसर डॉ. रितेश बजाज जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. वर्षा कुरील बीएमओ बाजना डॉ. जितेंद्र जायसवाल और स्वास्थ्य विभाग का अमला प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचा। टीम ने ग्राम बोरपाड़ा और रूपाखेड़ा में 9 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों को एमआर वैक्सीनेशन के साथ विटामिन ए का घोल भी पिलाया।

    जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. वर्षा कुरील ने बताया कि खसरा एक संक्रामक वायरल बीमारी है। इसके प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार खांसी बहती नाक लाल और पानी भरी आंखें और पूरे शरीर पर लाल भूरे रंग के दाने शामिल हैं। दाने आने से पहले मुंह के अंदर छोटे सफेद धब्बे कोप्लिक स्पाट्स भी दिखाई दे सकते हैं। वायरस के संपर्क में आने के 10 से 14 दिन बाद ये लक्षण प्रकट होते हैं।

    स्वास्थ्य विभाग ने निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार क्षेत्र में नोटिफिकेशन जारी करने घर घर जाकर स्वास्थ्य शिक्षा देने और अतिरिक्त टीकाकरण सत्र आयोजित करने की कार्ययोजना तैयार कर ली है। बच्चों की हालत अब बेहतर है और विभाग लगातार निगरानी बनाए हुए है। मरीजों के इलाज और संक्रमण रोकने के लिए एमआर वैक्सीनेशन और विटामिन ए अभियान लगातार जारी रहेगा।

  • मार्च की शुरुआत में ही तपने लगा मध्य प्रदेश, पारा सामान्य से 3 डिग्री ऊपर, रतलाम में सबसे गर्म

    मार्च की शुरुआत में ही तपने लगा मध्य प्रदेश, पारा सामान्य से 3 डिग्री ऊपर, रतलाम में सबसे गर्म


    भोपाल। मध्य प्रदेश में इस बार मार्च की शुरुआत से ही गर्मी ने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। महीने के पहले ही सप्ताह में अधिकतम तापमान सामान्य से करीब 3 डिग्री सेल्सियस ज्यादा दर्ज किया गया है। मालवा-निमाड़ क्षेत्र यानी इंदौर और उज्जैन संभाग के कई शहरों में तापमान 39 डिग्री तक पहुंच गया है।

    रविवार को रंगपंचमी के दिन रतलाम प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा। वहीं इंदौर, उज्जैन, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर समेत कई शहरों में दिनभर तेज धूप और गर्मी का असर देखा गया। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में फिलहाल अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है और अगले 4 से 5 दिन तक मौसम का यही रुख रहने की संभावना है। उन्होंने बताया कि 9 मार्च से एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है, जिसका असर आगे देखने को मिल सकता है।

    कई शहरों में तापमान 36 डिग्री के पार
    रविवार को प्रदेश के लगभग सभी शहरों में गर्मी का असर रहा। बड़े शहरों में उज्जैन का तापमान सबसे ज्यादा 36.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके बाद ग्वालियर में 36.5 डिग्री, इंदौर में 35.8 डिग्री, भोपाल में 34.8 डिग्री और जबलपुर में 34.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। अन्य शहरों की बात करें तो रतलाम में पारा 39 डिग्री तक पहुंच गया, जबकि नर्मदापुरम में 38.1 डिग्री दर्ज किया गया। गुना और सागर में तापमान 37.4 डिग्री और श्योपुर में 37 डिग्री रहा। प्रदेश के ज्यादातर शहरों में तापमान 32 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया।

    हवा की दिशा बदलने से बढ़ी गर्मी
    मौसम विभाग के अनुसार इस साल मार्च में पिछले साल की तुलना में ज्यादा गर्मी महसूस की जा रही है। प्रदेश के कई शहरों में सामान्य तापमान से 2 से 3 डिग्री तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसकी मुख्य वजह हवा की दिशा में बदलाव बताया जा रहा है। फिलहाल हवाएं उत्तर-पूर्व की बजाय पश्चिम और उत्तर-पश्चिम दिशा से चल रही हैं। साथ ही हवा में नमी कम है और रेगिस्तानी इलाकों से आने वाली गर्म हवाएं प्रदेश में तापमान बढ़ा रही हैं।

    इस बार मार्च में ही तेज गर्मी के संकेत
    आमतौर पर प्रदेश में तेज गर्मी का दौर मार्च के दूसरे पखवाड़े में शुरू होता है। पिछले 10 वर्षों के आंकड़ों में भी 15 मार्च के बाद ही तापमान में तेज बढ़ोतरी देखी गई है, लेकिन इस बार ट्रेंड पहले ही बदलता नजर आ रहा है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले चार दिनों में अधिकतम तापमान करीब 4 डिग्री तक और बढ़ सकता है। ऐसे में संभावना है कि मार्च के पहले पखवाड़े में ही प्रदेश के कई इलाकों में पारा 40 डिग्री तक पहुंच जाए। साथ ही अनुमान जताया जा रहा है कि अप्रैल और मई में प्रदेश में हीट वेव यानी लू का असर देखने को मिलेगा, जो करीब 15 से 20 दिनों तक चल सकती है।

  • अगले 4 दिन मध्य प्रदेश में आंधी-बारिश का अलर्ट, दक्षिण-पूर्वी हिस्सा रहेगा ज्‍यादा प्रभावित

    अगले 4 दिन मध्य प्रदेश में आंधी-बारिश का अलर्ट, दक्षिण-पूर्वी हिस्सा रहेगा ज्‍यादा प्रभावित



    भोपाल। मध्य प्रदेश में अगले चार दिनों तक आंधी और बारिश का मौसम जारी रहने वाला है। शुक्रवार को साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन की सक्रियता के चलते प्रदेश के 20 से अधिक जिलों में बारिश हुई। शनिवार को बादलों की छाया बनी हुई है। मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि 23 और 24 फरवरी को एक नया सिस्टम प्रभावी होगा, जो खासकर प्रदेश के दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में ज्यादा असर दिखाएगा।

    पिछले तीन दिन से प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी-बारिश का दौर जारी है। कुछ इलाकों में ओले भी गिरे। बीते 24 घंटों में भोपाल, रतलाम, मंदसौर, शाजापुर, धार, इंदौर, रायसेन, उज्जैन, सागर, छतरपुर सहित 20 से अधिक जिलों में वर्षा दर्ज की गई।पिछले तीन दिन से प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी-बारिश का दौर जारी है। कुछ इलाकों में ओले भी गिरे। बीते 24 घंटों में भोपाल, रतलाम, मंदसौर, शाजापुर, धार, इंदौर, रायसेन, उज्जैन, सागर, छतरपुर सहित 20 से अधिक जिलों में वर्षा दर्ज की गई।

    तेज हवाओं और आंधी के चलते रतलाम, शाजापुर और उज्जैन में फसलों को नुकसान पहुंचा है। गेहूं की फसलें क्षतिग्रस्त हुई हैं, जिससे दानों पर असर और किसानों की परेशानियाँ बढ़ सकती हैं। अनुमान है कि अगले तीन दिनों में 25 जिलों में फसल नुकसान हो सकता है। इसको देखते हुए सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में सर्वे शुरू कर दिया है। राजस्व अमला मैदान में जाकर फसल नुकसान का आंकलन कर रहा है।

    अगले दो दिनों का मौसम का अंदाजा
    22 फरवरी: बारिश की संभावना नहीं, हालांकि बादल छाए रह सकते हैं।
    23 फरवरी: दक्षिणी जिलों में नया सिस्टम सक्रिय होने से बारिश होने की संभावना।

    बारिश की संभावना वाले जिले
    मौसम विभाग के अनुसार छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा और मऊगंज जिलों में बारिश होने का अनुमान है। इनके आस-पास के क्षेत्रों में भी मौसम बदलने और बारिश की संभावना बनी रहेगी।

    जबलपुर में भी मौसम ने करवट ली है। शुक्रवार देर रात हल्के बादल छाए और वातावरण में नमी महसूस की गई। शनिवार सुबह करीब 6 बजे से शहर के कई इलाकों में बूंदाबांदी हुई, जिससे वातावरण सुहावना हो गया और ठंड का असर बढ़ गया। सुबह का न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

  • रतलाम में गोमांस तस्करी के शक पर चक्काजाम: हिंदू संगठनों का दो घंटे प्रदर्शन, एक संदेही हिरासत में

    रतलाम में गोमांस तस्करी के शक पर चक्काजाम: हिंदू संगठनों का दो घंटे प्रदर्शन, एक संदेही हिरासत में


    रतलाम (म.प्र.)। मध्यप्रदेश के रतलाम शहर में मंगलवार सुबह गोमांस तस्करी के शक को लेकर तनावपूर्ण स्थिति बन गई। हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने बाइक से गोमांस ले जाने के आरोप में बाजना बस स्टैंड पर करीब दो घंटे तक चक्काजाम किया। प्रदर्शन के कारण इलाके में यातायात पूरी तरह बाधित रहा और आम लोगों को रोजमर्रा की गतिविधियों में परेशानी का सामना करना पड़ा।

    प्रदर्शनकारियों का कहना था कि उन्हें रात में ही सूचना मिली थी कि शहर में अवैध रूप से गोमांस का परिवहन किया जा रहा है। सुबह कार्यकर्ता संदिग्ध वाहनों की तलाश में निकल पड़े और बाजना बस स्टैंड पर एक बाइक को घेर लिया। उनके अनुसार बाइक पर मांस से भरे कट्टे थे। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने सड़क पर बैठकर नारेबाजी शुरू कर दी, जिससे इलाके का वातावरण तनावपूर्ण हो गया।सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया, औद्योगिक क्षेत्र थाना प्रभारी सत्येंद्र रघुवंशी, डीडी नगर थाना प्रभारी अनुराग यादव और हाट चौकी प्रभारी पंकज राजपूत सहित अन्य पुलिस कर्मी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। अधिकारियों ने कार्यकर्ताओं से बात कर उन्हें समझाया और मांस की जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया। लगभग दो घंटे बाद चक्काजाम समाप्त हुआ।

    प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि मौके पर तीन से चार बाइक थीं, जिनमें से तीन बाइक सवार भागने में सफल हो गए। पुलिस ने एक बाइक को पकड़ लिया, लेकिन चालक फरार हो गया। जांच में पकड़े गए मांस के दो कट्टों में से एक को पशु चिकित्सालय भेजा गया, जबकि दूसरा कट्टा मौके पर रखा गया। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में यह मांस भैंस के बच्चों का पाया गया।डीडी नगर थाना प्रभारी अनुराग यादव ने बताया कि पकड़े गए व्यक्ति की पहचान रतलाम जिले के रावटी निवासी लालचंद पिता देवचंद के रूप में हुई है। उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। आरोपी ने प्रारंभिक बयान में दावा किया कि उसने मांस रतलाम की एक लाइसेंसी दुकान से खरीदा और गांव में आयोजित कार्यक्रम के लिए ले जा रहा था।

    पुलिस का कहना है कि मामले की पूरी जांच जारी है और मांस की अंतिम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने नागरिकों से शांति बनाए रखने की अपील की और भरोसा दिलाया कि कानून के अनुसार निष्पक्ष कार्रवाई होगी।रतलाम में यह घटना स्थानीय लोगों और प्रशासन के लिए चुनौतीपूर्ण रही। हिंदू संगठनों ने स्पष्ट किया कि वे ऐसे मामलों पर सख्त नजर रखेंगे, जबकि पुलिस ने आश्वासन दिया कि अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी।

  • रतलाम में फर्जी पहचान से महिला को झूठे प्रेम जाल में फंसाने का मामला, पुलिस जांच जारी

    रतलाम में फर्जी पहचान से महिला को झूठे प्रेम जाल में फंसाने का मामला, पुलिस जांच जारी


    रतलाम। मध्य प्रदेश के रतलाम में एक सनसनीखेज मामला सामने आया हैजिसमें एक व्यक्ति ने अपनी असली पहचान छुपाकर एक शादीशुदा महिला को प्रेम जाल में फंसाया और उसकी जिंदगी को प्रभावित किया। पुलिस ने महिला की शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म और जान से मारने की धमकी जैसी धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।

    पीड़िता के अनुसारआरोपी ने खुद को अलग नाम से पेश किया और शादी का झांसा देकर करीब पांच साल तक महिला के साथ लगातार शारीरिक उत्पीड़न किया। घटना की शुरुआत 2020 में हुईजब महिला की मुलाकात रतलाम के राम मंदिर क्षेत्र में आरोपी से हुई। उस समय आरोपी ने खुद को सोनू बताकर महिला को भरोसा दिलाया कि वह भी उसी धर्म का है। महिला की मौजूदा शादी थीलेकिन आरोपी ने धीरे-धीरे उसके विश्वास को तोड़ा और उसे अपने प्रेम जाल में फंसाया।2023 में आरोपी ने महिला को अपने संपर्क में लिया और उसे अपने पति से तलाक लेने के लिए उकसाया। महिला ने उसकी बातों में आकर जुलाई 2023 में अपना घर छोड़ दिया और अपने पिता के पास रहने लगी। कुछ ही समय बाददोनों नयागांव में किराए के कमरे में रहने लगे और पति-पत्नी की तरह व्यवहार करने लगे। इस दौरान आरोपी ने लगातार महिला का शारीरिक उत्पीड़न किया।

    कुछ समय बाद महिला को पता चला कि जिसे वह सोनू समझ रही थीअसल में उसका नाम इमरान था। इसके बावजूद महिला ने शादी की उम्मीद में उसका साथ रखा। नवंबर 2024 में महिला का पति से आधिकारिक तलाक हो गयालेकिन आरोपी ने शादी करने से इनकार कर दिया। दिसंबर 2025 में जब महिला ने शादी का दबाव डालातो आरोपी ने उस पर हिंसा की और जान से मारने की धमकी दी।पीड़िता ने आखिरकार पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि आरोपी ने उसे कई जगहों पर पत्नी के रूप में पेश किया और उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। जांच में पता चला कि आरोपी पहले ड्रग तस्करी के मामले में जेल जा चुका है। पुलिस अब उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है।

    इस मामले ने महिलाओं की सुरक्षा और समाज में जागरूकता पर भी सवाल उठाए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामले हमें चेतावनी देते हैं कि व्यक्तिगत पहचान की पुष्टि और भरोसेमंद रिश्तों में सावधानी बहुत जरूरी है। पुलिस और कानून व्यवस्था लगातार ऐसे अपराधों पर नज़र रखती हैंलेकिन पीड़ितों की सुरक्षा और कानूनी मदद सुनिश्चित करना सबसे अहम है।इस घटना ने रतलाम और मध्य प्रदेश में लोगों को व्यक्तिगत सुरक्षारिश्तों में सतर्कता और धोखाधड़ी से बचाव के महत्व के प्रति जागरूक किया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी जल्द ही पकड़ा जाएगा और कानून के तहत सजा भुगतने के लिए तैयार होगा।

  • रतलाम की बेटी की रूह कंपा देने वाली दास्तां,सगे माता-पिता और मामा ही धकेलते थे देह व्यापार के दलदल में, भोपाल में दर्ज हुई FIR

    रतलाम की बेटी की रूह कंपा देने वाली दास्तां,सगे माता-पिता और मामा ही धकेलते थे देह व्यापार के दलदल में, भोपाल में दर्ज हुई FIR


    भोपाल। रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने मानवता को झकझोर कर रख दिया है। रतलाम जिले के एक गांव की 21 वर्षीय युवती ने अपने ही जन्मदाताओं और सगे मामाओं पर उसे देह व्यापार के नर्क में धकेलने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। पिछले 7 सालों से जुल्म सह रही यह युवती किसी तरह जान बचाकर भोपाल पहुंची, जहां उसने पुलिस के सामने अपनी आपबीती सुनाई।
    7 साल की उम्र से सह रही थी जुल्म
    पीड़िता ने भोपाल के महिला थाने में दर्ज कराई अपनी शिकायत में बताया कि जब वह महज 14 साल की थी, तभी से उसके माता-पिता और दो मामा मिलकर उससे जबरन देह व्यापार करवा रहे थे। जिस उम्र में बच्चों के हाथों में किताबें होनी चाहिए, उस उम्र में उसे दरिंदगी के हवाले कर दिया गया।
    युवती का आरोप है कि जब भी वह इस घिनौने काम का विरोध करती, तो उसके परिजन उसे बेरहमी से पीटते और तरह-तरह की शारीरिक व मानसिक यातनाएं देते थे।

    नर्क से भागकर भोपाल में ली शरण
    सालों तक जुल्म की बेड़ियां सहने के बाद, युवती ने आखिरकार साहस जुटाया और मौका मिलते ही अपने गांव से भागकर भोपाल आ गई। यहां उसने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से गुहार लगाई और एक आवेदन के माध्यम से अपनी पूरी कहानी बयां की।

    पीड़िता की हालत और उसकी बातों की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की।

    भोपाल में ‘जीरो’ पर FIR, अब रतलाम पुलिस करेगी जांच
    महिला थाना प्रभारी (TI) अंजना दुबे के अनुसार, 21 वर्षीय पीड़िता के बयानों के आधार पर उसके माता-पिता और दो मामा के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है।

    चूंकि मामला रतलाम जिले का है, इसलिए भोपाल पुलिस ने ‘जीरो पर एफआईआर’ दर्ज की है। अब केस डायरी आगे की वैधानिक कार्रवाई के लिए रतलाम पुलिस को सौंपी जा रही है।

    मामले के मुख्य आरोपी: सगे माता-पिता और दो मामा।
    पिछले 7 सालों से (14 वर्ष की आयु से) लगातार शोषण।
    अपराध: जबरन देह व्यापार और मारपीट।
    कानूनी स्थिति, भोपाल में जीरो FIR दर्ज, मामला रतलाम ट्रांसफर।
    यह मामला समाज के उस काले चेहरे को उजागर करता है जहां संरक्षक ही भक्षक बन गए। अब सबकी नजरें रतलाम पुलिस पर हैं कि वह इन आरोपियों के खिलाफ कितनी सख्त कार्रवाई करती है।