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  • राऊ में युवती के साथ रह रहे युवक को लेकर हंगामा, हिंदू संगठनों की शिकायत पर पुलिस ने शुरू की जांच

    राऊ में युवती के साथ रह रहे युवक को लेकर हंगामा, हिंदू संगठनों की शिकायत पर पुलिस ने शुरू की जांच


    मध्यप्रदेश । इंदौर के राऊ थाना क्षेत्र में शनिवार रात उस समय हलचल मच गई जब एक युवक और युवती के साथ रहने की सूचना पर कुछ हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए। इसके बाद दोनों को राऊ थाने लाया गया, जहां पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी। फिलहाल पुलिस का कहना है कि सभी तथ्यों की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    जानकारी के अनुसार मामला कमला नगर क्षेत्र का है। हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं को सूचना मिली थी कि एक युवक, जिसकी पहचान सूफियान उर्फ सैफी अली निवासी सदर बाजार के रूप में बताई जा रही है, एक युवती के साथ किराए के मकान में रह रहा है। सूचना मिलने के बाद कुछ संगठन पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे तथा दोनों को अपने साथ राऊ थाने ले गए।

    बताया गया है कि संबंधित मकान इकबाल खान का है, जहां युवक और युवती रह रहे थे। संगठन के कार्यकर्ताओं ने पुलिस से मामले की जांच करने और आवश्यक कार्रवाई की मांग की। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने युवक को पूछताछ के लिए थाने में बैठा लिया।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार युवक पहले बाणगंगा क्षेत्र में सैलून संचालित करता था। वहीं उसकी युवती से पहचान हुई थी। बाद में वह राऊ क्षेत्र के श्रमिक इलाके में सैलून का काम करने लगा और किराए के मकान में रहने लगा। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि मकान मालिक द्वारा किरायेदारों की जानकारी पुलिस को नहीं दी गई थी। हालांकि इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

    कुछ संगठन कार्यकर्ताओं ने यह भी दावा किया कि युवक के साथ एक अन्य व्यक्ति भी जुड़ा हुआ था, लेकिन उसकी पहचान और भूमिका को लेकर फिलहाल कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है।

    राऊ थाना प्रभारी राजपाल सिंह राठौर के अनुसार मामले में प्राप्त शिकायत और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस सभी पक्षों से जानकारी जुटा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। युवती और युवक दोनों के बयान लिए जा रहे हैं तथा उनके रहने की परिस्थितियों और दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।

    मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है, वहीं पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और जांच पूरी होने तक संयम बनाए रखने की अपील की है।

  • इंदौर में भाजपा नेता की गुंडागर्दी: युवकों पर जानलेवा हमला, स्कॉर्पियो में तोड़फोड़; 20 दिन पुराने समझौते के बाद फिर भड़का विवाद

    इंदौर में भाजपा नेता की गुंडागर्दी: युवकों पर जानलेवा हमला, स्कॉर्पियो में तोड़फोड़; 20 दिन पुराने समझौते के बाद फिर भड़का विवाद


    इंदौर । इंदौर के राऊ इलाके में रविवार सुबह सत्ताधारी दल से जुड़े एक नेता की दबंगई एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई। भाजपा युवा मोर्चा के एक पदाधिकारी पर अपने साथियों के साथ मिलकर दो युवकों पर जानलेवा हमला करने और उनकी कार में जमकर तोड़फोड़ करने के गंभीर आरोप लगे हैं। इस हमले में दोनों युवक बुरी तरह घायल हो गए जिन्हें गंभीर हालत में निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    पुलिस के मुताबिक हमलावर की पहचान भाजपा युवा मोर्चा के मंडल उपाध्यक्ष वेदांत तिवारी के रूप में हुई है। पीड़ित युवकों के नाम प्रखर शर्मा और नयन बाफना बताए गए हैं जो सुदामा नगर के निवासी हैं। रविवार सुबह दोनों युवक कैट रोड स्थित एक कैफे से चाय पीकर अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी से लौट रहे थे। इसी दौरान वेदांत तिवारी अपने साथी समीर शर्मा और आदित्य के साथ उनका पीछा करने लगा।

    बताया जा रहा है कि रास्ते में आरोपियों ने स्कॉर्पियो को जबरन रोका और युवकों पर हमला बोल दिया। लाठी-डंडों और अन्य हथियारों से की गई इस मारपीट में दोनों युवकों के सिर में गंभीर चोटें आईं। इतना ही नहीं आरोपियों ने स्कॉर्पियो के शीशे भी तोड़ दिए जिससे वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

    पुलिस सूत्रों के अनुसार दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से वर्चस्व को लेकर रंजिश चली आ रही है। यह पहला मौका नहीं है जब इस विवाद ने हिंसक रूप लिया हो। करीब 20 दिन पहले महूनाका चौराहे पर भी वेदांत तिवारी और उसके साथियों ने इन युवकों को घेरने की कोशिश की थी। उस समय युवक किसी तरह अपनी कार भगा कर मौके से निकलने में सफल रहे थे। मामला छत्रीपुरा थाने तक पहुंचा था जहां दोनों पक्षों के बीच समझौता करा दिया गया था।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि उसी समझौते के बाद आरोपियों के हौसले और बुलंद हो गए जिसके चलते उन्होंने दोबारा हमला करने से भी परहेज नहीं किया। रविवार की घटना के बाद जब घायल युवक राऊ थाने पहुंचे तो वहां भी हंगामे की स्थिति बन गई। आरोप है कि सत्ताधारी दल से जुड़े नेताओं के दबाव के चलते पुलिस शुरुआत में एफआईआर दर्ज करने से बचती रही।

    हालांकि जब थाने पर भीड़ जुट गई और मामला तूल पकड़ने लगा तब पुलिस को मजबूरन आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करनी पड़ी। पुलिस ने तोड़फोड़ मारपीट और जानलेवा हमले की धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल घायलों का इलाज निजी अस्पताल में जारी है और उनकी हालत पर नजर रखी जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर इंदौर में राजनीतिक रसूख और कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई होती तो शायद यह हमला टल सकता था।