Tag: Ravi Kishan

  • ‘एनिमल वाले किरदार से बाहर निकाला’, तृप्ति डिमरी पर बोले रवि किशन – ‘मां-बहन’ फिल्म को लेकर दिया बयान

    ‘एनिमल वाले किरदार से बाहर निकाला’, तृप्ति डिमरी पर बोले रवि किशन – ‘मां-बहन’ फिल्म को लेकर दिया बयान


    नई दिल्ली। नेटफ्लिक्स पर हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘मां-बहन’ एक बार फिर चर्चा में आ गई है, लेकिन इस बार वजह फिल्म की कहानी नहीं बल्कि अभिनेता रवि किशन का बयान है। फिल्म में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे रवि किशन ने अपनी को-स्टार तृप्ति डिमरी की खुलकर तारीफ की है और उनके करियर को लेकर एक दिलचस्प टिप्पणी की है।

    एक इंटरव्यू के दौरान रवि किशन ने कहा कि भगवान का शुक्र है कि तृप्ति डिमरी के जीवन में ‘मां-बहन’ जैसी फिल्म आई, जिसने उन्हें उनके ‘एनिमल’ वाले किरदार की छवि से बाहर निकलने का अवसर दिया। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और इस पर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

    रवि किशन ने आगे कहा कि इस फिल्म ने तृप्ति डिमरी को एक नई पहचान देने में मदद की है। उनके अनुसार, एक कलाकार के लिए यह जरूरी होता है कि वह एक ही तरह के किरदारों में सीमित न रह जाए, बल्कि अलग-अलग भूमिकाओं के जरिए खुद को साबित करे। ‘मां-बहन’ जैसी फिल्में कलाकार को एक अलग दिशा देने का काम करती हैं।

    गौरतलब है कि तृप्ति डिमरी को 2023 में रिलीज हुई फिल्म ‘एनिमल’ से काफी लोकप्रियता मिली थी। इस फिल्म में उन्होंने ‘जोया’ का किरदार निभाया था, जो कहानी में एक अहम मोड़ लेकर आता है। इस भूमिका के बाद तृप्ति को दर्शकों के बीच बड़ी पहचान मिली और सोशल मीडिया पर उन्हें काफी चर्चा मिली।

    हालांकि ‘एनिमल’ के बाद तृप्ति के किरदार को लेकर दर्शकों में मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली थी। कुछ लोगों ने उनके अभिनय की सराहना की, जबकि कुछ ने किरदार को लेकर आलोचना भी की। इसके बावजूद उनकी लोकप्रियता में लगातार इजाफा हुआ और उन्हें एक नई पहचान मिली।

    अब ‘मां-बहन’ फिल्म में तृप्ति डिमरी, माधुरी दीक्षित और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर धारणा दुर्गा के साथ नजर आ रही हैं। फिल्म की कहानी एक ऐसी मां और उसकी दो बेटियों के इर्द-गिर्द घूमती है, जिनके जीवन में पिता की अनुपस्थिति और समाज की सोच कई तरह की चुनौतियां पैदा करती है।

    फिल्म में रवि किशन विलेन की भूमिका निभाते नजर आ रहे हैं। फिल्म को दर्शकों से मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली है, जबकि इसकी आईएमडीबी रेटिंग 5.5 बताई जा रही है। निर्देशक सुरेश त्रिवेणी द्वारा बनाई गई यह फिल्म सामाजिक विषयों को लेकर चर्चा में बनी हुई है। रवि किशन का यह बयान अब फिल्म से आगे बढ़कर इंडस्ट्री में कलाकारों की छवि और टाइपकास्टिंग पर भी बहस छेड़ रहा है।

  • ‘वर्क फ्रॉम होम’ की जगह निकला ‘होम फ्रॉम वर्क’, रवि किशन ने वायरल वीडियो पर पहली बार तोड़ी चुप्पी

    ‘वर्क फ्रॉम होम’ की जगह निकला ‘होम फ्रॉम वर्क’, रवि किशन ने वायरल वीडियो पर पहली बार तोड़ी चुप्पी

    नई दिल्ली ।  इंटरनेट के दौर में कौन कब वायरल हो जाए कुछ कहा नहीं जा सकता। कभी फोटो तो कभी लोगों की जुबान से निकले शब्द सोशल मीडिया पर वायरल हो जाते हैं। जब लोग कुछ सोच पाते हैं तब तक वह हजारों लोगों तक पहुंच जाता है। ऐसे में कुछ लोगों को इसका खामियाजा भी भुगतना पड़ता है। ऐसा ही एक वीडियो गोरखपुर सांसद रवि किशन का वायरल हो गया। रवि किशन के इस वीडियो पर लोगों ने अब मीम्स बनाने शुरू कर दिए हैं। हालांकि रवि किशन ने इसको लेकर सफाई भी दी।
    गोरखपुर से भाजपा सांसद और अभिनेता रवि किशन का कहना है कि वह आज तक यह नहीं समझ पाए हैं कि सोशल मीडिया पर उनके वीडियो और ‘मीम्स’ क्यों प्रसारित होते रहते हैं। उन्होंने कहा कि वह महज एक आम इंसान हैं और दूसरों की तरह उनसे भी गलतियां हो जाती हैं। अभिनेता रवि किशन से शुक्रवार शाम उनकी आगामी फिल्म ‘मां बहन’ के ट्रेलर जारी करने के मौके पर उनकी हालिया वायरल हुई वीडियो के संबंध में पूछा गया था, जिसमें उन्होंने गलती से ‘वर्क फ्रॉम होम’ कहने के बजाय ‘होम फ्रॉम वर्क’ कह दिया। वह इस वीडियो में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ‘वर्क फ्रॉम होम’ की अपील के समर्थन में बोल रहे थे।
    मां-बहन फिल्म में नजर आएंगे रवि किशन
    गोरखपुर से भारतीय जनता पार्टी के सांसद रवि किशन ने कहा, मैं महादेव की कसम खाकर कहता हूं कि मुझे बिल्कुल अंदाजा नहीं है कि मैं क्यों वायरल होता रहता हूं। मैं उस समय संसद जा रहा था और कहना चाहता था कि ‘वर्क फ्रॉम होम’ (घर से काम) करने की जरूरत है, लेकिन उसकी जगह मुंह से ‘होम फ्रॉम वर्क’ निकल गया। बतादें कि ‘मां बहन’ फिल्म में रवि किशन के साथ माधुरी दीक्षित, तृप्ति डिमरी और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर धारणा दुर्गा मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगी। नेटफ्लिक्स की इस फिल्म का निर्देशन ‘सूबेदार’ और ‘तुम्हारी सुलू’ फिल्म के निर्देशक सुरेश त्रिवेणी ने किया है।
    साइकिल चलाकर दिया था पेट्रोल-डीजल बचत का संदेश
    ईंधन बचाने को लेकर पीएम मोदी की अपील के बाद पिछले दिनों सांसद रवि किशन ने साइकिल चलाकर लोगों को पेट्रोल-डीजल बचत का संदेश दिया था। इसका भी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। सांसद रवि किशन शुक्ला ने पेट्रोल-डीजल संकट से निपटने के लिए तारामंडल क्षेत्र में साइकिल चलाकर लोगों को जागरूक किया। सांसद ने अपने समर्थकों के साथ रामगढ़झील क्षेत्र में साइकिल चलाई। मीडिया से बातचीत में कहा कि मध्य पूर्व एशिया में युद्ध से उपजे हालात से क्रूड ऑयल की कीमतों में लगातार उछाल हो रहा है। पेट्रोलियम पदार्थ की खरीद में देश को करोड़ों डॉलर आयात में खर्च करना पड़ रहा है। सासंद ने कहा कि पेट्रोल-डीजल पर खर्च होने वाले डॉलर को देश वासी जागरूकता से बचा सकते हैं।
  • रवि किशन के एक बयान में हुई जुबानी गलती सोशल मीडिया पर वायरल हो गई, जिस पर उन्होंने हंसते हुए प्रतिक्रिया दी और खुद का मजाक उड़ाया।

    रवि किशन के एक बयान में हुई जुबानी गलती सोशल मीडिया पर वायरल हो गई, जिस पर उन्होंने हंसते हुए प्रतिक्रिया दी और खुद का मजाक उड़ाया।


    नई दिल्ली: भोजपुरी सिनेमा के लोकप्रिय अभिनेता और सांसद Ravi Kishan एक बार फिर सोशल मीडिया पर चर्चा के केंद्र में हैं। हाल ही में उनके एक सार्वजनिक बयान के दौरान हुई जुबानी चूक ने इंटरनेट पर खूब सुर्खियां बटोरीं और देखते ही देखते यह मामला मीम्स का विषय बन गया। “होम फ्रॉम वर्क” और “जल्दी द लेट” जैसे शब्दों की गलत प्रस्तुति ने सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं को मनोरंजन का नया कारण दे दिया, जिसके बाद हर तरफ मजेदार प्रतिक्रियाओं और व्यंग्यात्मक पोस्ट्स की बाढ़ आ गई।

    यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब रवि किशन एक सार्वजनिक कार्यक्रम में ईंधन बचत और सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को लेकर अपनी बात रख रहे थे। इसी दौरान बोलचाल में उनसे “वर्क फ्रॉम होम” की जगह “होम फ्रॉम वर्क” निकल गया, जो तुरंत ही लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया। इसके बाद “जल्दी द लेट” जैसे शब्दों ने भी लोगों का ध्यान खींचा और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर यह क्लिप तेजी से वायरल हो गई। देखते ही देखते इस पर आधारित मीम्स की एक लंबी श्रृंखला बन गई, जिसमें लोगों ने मजाकिया अंदाज में इस बयान को अलग-अलग तरीकों से प्रस्तुत किया।

    अब इस पूरे मामले पर रवि किशन ने खुद आगे आकर प्रतिक्रिया दी है। एक फिल्म के ट्रेलर लॉन्च इवेंट के दौरान उन्होंने इस वायरल ट्रेंड पर हल्के-फुल्के अंदाज में अपनी बात रखी। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि उन्हें खुद समझ नहीं आता कि वह अक्सर ऐसे मामलों में क्यों वायरल हो जाते हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि बोलचाल के दौरान कभी-कभी जुबान फिसल जाती है और ऐसे में अनजाने में शब्दों का क्रम बदल जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि वह कोई मशीन नहीं हैं, बल्कि एक सामान्य इंसान हैं, जिससे गलती होना स्वाभाविक है।

    रवि किशन ने मजाकिया लहजे में यह भी कहा कि कभी उन्हें “वर्क फ्रॉम होम” बोलना था, लेकिन गलती से “होम फ्रॉम वर्क” निकल गया और इसी तरह “जल्दी द लेट” जैसे शब्द भी जुबान से निकल गए। उन्होंने इस पूरे मामले को गंभीरता से न लेते हुए इसे मनोरंजन का हिस्सा बताया और लोगों से अपील की कि हर छोटी गलती को बड़े मुद्दे की तरह न देखा जाए।

    इस दौरान उन्होंने यह भी साझा किया कि कई बार उनके राजनीतिक सहयोगी भी उनसे यह सवाल करते हैं कि वह हमेशा चर्चा में कैसे आ जाते हैं, जिस पर उन्होंने हंसते हुए जवाब दिया कि शायद यह उनकी किस्मत है या फिर उनकी बेबाक शैली का परिणाम है। उनके इस आत्म-हास्य वाले अंदाज ने एक बार फिर दर्शकों का दिल जीत लिया और सोशल मीडिया पर उनकी यह प्रतिक्रिया भी तेजी से वायरल हो गई।

    कुल मिलाकर यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि डिजिटल युग में किसी भी सार्वजनिक बयान की छोटी-सी चूक भी कितनी तेजी से वायरल हो सकती है। हालांकि रवि किशन ने जिस सहजता और हास्य के साथ इस स्थिति को स्वीकार किया, उसने इस पूरे विवाद को हल्का और मनोरंजक बना दिया।

  • गोरखपुर में इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम का शिलान्यास, CM योगी बोले– यूपी अब विकास का मॉडल बन चुका है

    गोरखपुर में इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम का शिलान्यास, CM योगी बोले– यूपी अब विकास का मॉडल बन चुका है



    गोरखपुर। गोरखपुर में शनिवार को इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम का भव्य शिलान्यास किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी मौजूद रहे। करीब 393 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह स्टेडियम CM योगी का ड्रीम प्रोजेक्ट माना जा रहा है, जिसे 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है।

    “उत्तर प्रदेश अब सिर्फ संभावनाओं का नहीं, परिणामों का राज्य है” – हरदीप पुरी
    केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि 2017 के बाद उत्तर प्रदेश में जिस तरह विकास कार्यों ने रफ्तार पकड़ी है, वह देश के लिए उदाहरण बन गया है। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था में सुधार से निवेश बढ़ा है और गोरखपुर का यह स्टेडियम युवाओं के सपनों को नई उड़ान देगा।

    18 महीने में पूरा करने का लक्ष्य, अंतरराष्ट्रीय मैच की उम्मीद
    मंत्री पुरी ने दावा किया कि स्टेडियम का निर्माण तेजी से पूरा होगा और 18 महीने के भीतर इसे तैयार करने की कोशिश होगी। उन्होंने कहा कि भविष्य में यहां IPL और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच आयोजित किए जा सकेंगे, जिससे पूर्वी उत्तर प्रदेश को नई पहचान मिलेगी।

    VIP कारपूल से पहुंचे रवि किशन, नेताओं ने दिखाई एकजुटता
    शिलान्यास समारोह में सांसद रवि किशन केंद्रीय मंत्री कमलेश पासवान और अन्य नेताओं के साथ कारपूल करके पहुंचे। इस दौरान गोरखपुर में खेल सुविधाओं के विस्तार और ग्रामीण स्तर पर स्टेडियम विकसित करने की योजनाओं पर भी चर्चा हुई।

    स्टेडियम से बदल जाएगी गोरखपुर की पहचान
    केंद्रीय राज्य मंत्री गिरीश चंद्र यादव ने कहा कि प्रदेश के हर जिले में खेल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि गोरखपुर का यह स्टेडियम भविष्य में कई बड़े क्रिकेट सितारे तैयार करेगा और क्षेत्र की आर्थिक स्थिति को भी मजबूती देगा।

  • यूपी में पेट्रोल-डीजल महंगा होते ही नेताओं का ‘ई-रिक्शा और साइकिल मोड’, विधायक से सांसद तक दिखा अनोखा बदलाव

    यूपी में पेट्रोल-डीजल महंगा होते ही नेताओं का ‘ई-रिक्शा और साइकिल मोड’, विधायक से सांसद तक दिखा अनोखा बदलाव



    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3-3 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर अलग ही नजारा देखने को मिल रहा है। शुक्रवार से लागू नए रेट के बाद लखनऊ में पेट्रोल 97.53 रुपए और डीजल 90.81 रुपए प्रति लीटर हो गया है। बढ़ती कीमतों के बीच नेताओं और अफसरों ने ईंधन बचाने के लिए नए तरीके अपनाने शुरू कर दिए हैं।

    सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने बढ़ते दामों को लेकर तंज कसा है। उन्होंने X पर लिखा कि आगे बढ़ना है तो साइकिल ही बेहतर विकल्प है, और साइकिल से बेहतर कुछ नहीं हो सकता।

    वहीं दूसरी ओर, प्रधानमंत्री की ईंधन बचत की अपील का असर यूपी में साफ नजर आ रहा है। रामपुर में भाजपा विधायक आकाश सक्सेना ने गुरुवार को 4 ई-रिक्शा खरीदे हैं और अब वह गनर के साथ इन्हीं ई-रिक्शा से कार्यक्रमों में जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि उनके ई-रिक्शा उनके घर पर ही रहते हैं और शहर में आने-जाने के लिए उनका उपयोग किया जा रहा है।

    गोरखपुर में सांसद रवि किशन ने भी कार पूलिंग कर उदाहरण पेश किया। उन्होंने कुशीनगर सांसद विजय दुबे के साथ इलेक्ट्रिक कार में 25 किलोमीटर की दूरी तय की और खजनी पहुंचे। इस दौरान रवि किशन ने वीडियो बनाकर बताया कि पीएम मोदी की अपील के बाद ईंधन बचाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।

    प्रदेश सरकार के कई मंत्री और अफसर भी इस अभियान में शामिल होते दिखे। लखनऊ में अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री दानिश आजाद अपनी फ्लीट छोड़कर बुलेट से सचिवालय पहुंचे। फिरोजाबाद में डीएम और उनका स्टाफ करीब एक किलोमीटर पैदल चलकर ऑफिस पहुंचे। मुरादाबाद में कमिश्नर ऑन्जनेय कुमार सिंह ने साइकिल चलाकर कार्यालय पहुंचकर संदेश दिया कि ऊर्जा बचत जरूरी है।

    प्रयागराज में मेयर गणेश केसरवानी भी घर से साइकिल चलाकर नगर निगम पहुंचे और उन्होंने कहा कि ईंधन की बचत, प्राकृतिक संसाधनों का संतुलन और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना भविष्य के लिए जरूरी है।

    यूपी सरकार ने भी ऊर्जा बचत को लेकर सख्त फैसले लिए हैं। नए निर्देशों के अनुसार मुख्यमंत्री, मंत्री, विधायक और अफसरों के काफिले में 50 प्रतिशत कटौती की जाएगी। सप्ताह में एक दिन सार्वजनिक परिवहन या मेट्रो/बस का उपयोग अनिवार्य होगा। साथ ही सरकारी बैठकें, सेमिनार और वर्कशॉप वर्चुअल आयोजित करने पर जोर दिया जाएगा।

  • बदलती छवि का दावा रवि किशन बोले अब सुरक्षित है उत्तर प्रदेश माधुरी दीक्षित का उदाहरण

    बदलती छवि का दावा रवि किशन बोले अब सुरक्षित है उत्तर प्रदेश माधुरी दीक्षित का उदाहरण


    नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर अक्सर बहस होती रही है लेकिन अब अभिनेता और सांसद रवि किशन ने इस विषय पर एक ऐसा बयान दिया है जिसने चर्चा को नया मोड़ दे दिया है। रवि किशन ने हाल ही में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में राज्य की सुरक्षा व्यवस्था की जमकर तारीफ की और कहा कि अब उत्तर प्रदेश की छवि पूरी तरह बदल चुकी है।
    उन्होंने अपने बयान को मजबूत बनाने के लिए बॉलीवुड अभिनेत्री माधुरी दीक्षित का उदाहरण दिया जो हाल ही में गोरखपुर में तीन दिन तक रहीं और पूरी तरह सुरक्षित माहौल में अपना समय बिताकर लौटीं।
    रवि किशन ने अपने संबोधन में कहा कि एक समय था जब लोग उत्तर प्रदेश आने से डरते थे और यहां शूटिंग करने से भी कतराते थे। उन्होंने पुराने दौर का जिक्र करते हुए बताया कि लोग कहते थे कि वहां जाना सुरक्षित नहीं है लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था बेहतर हुई है और यही कारण है कि बड़े कलाकार भी बिना किसी डर के यहां आ रहे हैं और समय बिता रहे हैं।

    उन्होंने मंच से मुस्कुराते हुए यह भी कहा कि माधुरी दीक्षित का गोरखपुर में तीन दिन रुकना इस बदलाव का सबसे बड़ा उदाहरण है। रवि किशन के इस बयान के दौरान वहां मौजूद लोग हंसने लगे तो उन्होंने मजाकिया अंदाज में पूछा कि आखिर हंसी किस बात पर आ रही है। इसके बाद उन्होंने हल्के फुल्के अंदाज में एक और बात जोड़ते हुए कहा कि कई नेता भी अभिनेत्री से मिलने पहुंचे और खास बात यह रही कि वे अपने बाल रंगकर आए थे। उन्होंने यह बात हंसी मजाक में कही लेकिन इससे माहौल और भी हल्का हो गया।

    रवि किशन और माधुरी दीक्षित जल्द ही एक साथ एक नई फिल्म में नजर आने वाले हैं जिसका नाम मां बहन बताया जा रहा है। इस फिल्म में उनके साथ तृप्ति डिमरी भी अहम भूमिका निभाती दिखाई देंगी। फिल्म का टीजर पहले ही जारी हो चुका है और दर्शकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। इस फिल्म में माधुरी दीक्षित एक मां के किरदार में नजर आएंगी जबकि तृप्ति उनकी बेटी की भूमिका निभा रही हैं।

    रवि किशन के वर्कफ्रंट की बात करें तो उनके पास कई प्रोजेक्ट लाइन में हैं। वह धमाल 4 और मिर्जापुर जैसे चर्चित प्रोजेक्ट्स में दिखाई देने वाले हैं। इसके अलावा वह मामला लीगल है सीजन 2 और टैक्स डिपार्टमेंट स्टोरी में भी नजर आएंगे। एक समय भोजपुरी सिनेमा के बड़े सितारे रहे रवि किशन अब मुख्यधारा और डिजिटल प्लेटफॉर्म दोनों पर सक्रिय हैं।

    वहीं माधुरी दीक्षित की बात करें तो उन्होंने हाल के वर्षों में फिल्मों के साथ साथ ओटीटी प्लेटफॉर्म पर भी अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है। वे पिछली बार एक वेब शो में नजर आई थीं जिसमें उनके अभिनय की काफी सराहना हुई थी। फिल्मों में भी उन्होंने अपनी वापसी को मजबूत बनाए रखा है और दर्शकों के बीच उनकी लोकप्रियता अब भी बरकरार है।

    रवि किशन का यह बयान ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश अपनी छवि सुधारने और निवेश तथा फिल्म शूटिंग के लिए एक आकर्षक केंद्र बनने की दिशा में प्रयास कर रहा है। उनके इस बयान ने एक बार फिर राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बहस को तेज कर दिया है और यह चर्चा का विषय बन गया है कि क्या वाकई प्रदेश की तस्वीर अब बदल चुकी है।