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  • CSK में कैसे हुई अश्विन की एंट्री? पूर्व स्पिनर ने सुनाया दिलचस्प किस्सा

    CSK में कैसे हुई अश्विन की एंट्री? पूर्व स्पिनर ने सुनाया दिलचस्प किस्सा


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट के दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने अपने आईपीएल करियर और शुरुआती संघर्षों को याद करते हुए एक दिलचस्प किस्सा साझा किया है। उन्होंने बताया कि कैसे एक घरेलू टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन और सही समय पर मिले अवसर ने उन्हें चेन्नई सुपर किंग्स में जगह दिलाई।

    अश्विन ने बताया कि 2009 की आईपीएल नीलामी के दौरान जब चेन्नई सुपर किंग्स ने श्रीलंकाई दिग्गज मुथैया मुरलीधरन को टीम में शामिल किया था, तब उन्हें लगा था कि टीम में जगह बनाना उनके लिए बेहद मुश्किल हो जाएगा। उस समय टी20 क्रिकेट में स्पिनरों की भूमिका को लेकर भी काफी संदेह था।

    उन्होंने अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए बताया कि चेन्नई के चेपॉक मैदान पर एक अहम घरेलू मैच के दौरान उन्होंने 6 विकेट झटके थे। इस प्रदर्शन ने उनके करियर की दिशा बदल दी। उस मैच में मौजूद काशी विश्वनाथन और पूर्व भारतीय क्रिकेटर क्रिस श्रीकांत ने उनके खेल की तारीफ की थी और यहीं से उनका नाम चयनकर्ताओं की नजर में आया।

    अश्विन ने बताया कि उनके गुरु रहे दिवंगत वीबी चंद्रशेखर ने उनके करियर में अहम भूमिका निभाई। चंद्रशेखर ने उनका खेल पिछले कई वर्षों से देखा था और उनके टैलेंट को पहचानते हुए सीएसके से जोड़ने में मदद की। इसके बाद उन्हें चेन्नई सुपर किंग्स का कॉन्ट्रैक्ट मिला और यहीं से उनके आईपीएल सफर की शुरुआत हुई।

    अश्विन ने यह भी कहा कि जब उन्हें बाद में सीएसके में दोबारा खेलने का मौका मिला, तो उनका सपना था कि वे अपने करियर का अंत उसी टीम के साथ करें, जहां से शुरुआत हुई थी। उन्होंने चेपॉक स्टेडियम में अपने आईपीएल करियर के अंत की भी इच्छा जताई थी, लेकिन यह सपना पूरा नहीं हो सका।

    अपने करियर पर नजर डालते हुए अश्विन ने कहा कि सीएसके ने उन्हें एक पहचान दी और शुरुआती अवसर ने उनके पूरे क्रिकेट जीवन की दिशा तय की। उन्होंने यह भी माना कि सही समय पर मिले मौके और मार्गदर्शन ने उन्हें एक सफल अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बनने में मदद की।

  • रविचंद्रन अश्विन बोले-सही शॉट चयन ही दिलाएगा रुतुराज गायकवाड़ को सफलता

    रविचंद्रन अश्विन बोले-सही शॉट चयन ही दिलाएगा रुतुराज गायकवाड़ को सफलता


    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 में Chennai Super Kings की जीत के बावजूद कप्तान Ruturaj Gaikwad की बल्लेबाजी चर्चा का विषय बनी हुई है। मंगलवार को चेपॉक में खेले गए मुकाबले में सीएसके ने Kolkata Knight Riders को 32 रन से हराकर सीजन की लगातार दूसरी जीत दर्ज की। इस जीत से टीम अंकतालिका में 10वें से 8वें स्थान पर पहुंच गई, जिससे कप्तान गायकवाड़ को थोड़ी राहत जरूर मिली, लेकिन उनकी व्यक्तिगत फॉर्म अब भी टीम के लिए चिंता का कारण बनी हुई है।

    बल्लेबाजी में लगातार फ्लॉप, टीम को नहीं मिल रही ठोस शुरुआत

    केकेआर के खिलाफ मैच में भी गायकवाड़ महज 6 गेंदों में 7 रन बनाकर आउट हो गए। यह प्रदर्शन उनके मौजूदा फॉर्म को दर्शाता है, जहां वह रन बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। पूरे सीजन में अब तक 5 मैचों की 5 पारियों में वह सिर्फ 63 रन ही बना सके हैं। उनकी इस खराब फॉर्म का असर टीम की शुरुआत पर साफ दिखाई दे रहा है, जिससे सीएसके को कई मैचों में दबाव का सामना करना पड़ा।

    अश्विन की सलाह: सही शॉट सिलेक्शन है सफलता की कुंजी

    पूर्व भारतीय स्पिनर और एक्सपर्ट Ravichandran Ashwin ने गायकवाड़ की बल्लेबाजी पर अहम टिप्पणी करते हुए सुधार की सलाह दी। उन्होंने कहा कि टी20 क्रिकेट में इंटेंट जरूरी है, लेकिन सही शॉट का चयन उससे भी ज्यादा महत्वपूर्ण है। अश्विन के अनुसार, गायकवाड़ शुरुआत में जल्दबाजी दिखा रहे हैं और गेंद की लाइन से बाहर जाकर शॉट खेलने की कोशिश में कैच आउट हो रहे हैं।

    उन्होंने उदाहरण देते हुए Sanju Samson और Ayush Mhatre का जिक्र किया, जिन्होंने हाल के मैचों में बेहतर शॉट चयन दिखाया। अश्विन ने सुझाव दिया कि गायकवाड़ को शुरुआत में थोड़ा संयम बरतना चाहिए, गेंद को अच्छी तरह टाइम करना चाहिए और ज्यादा “डाउन द ग्राउंड” शॉट्स खेलने चाहिए।

    ओपनिंग में बदलाव की उठ रही मांग

    गायकवाड़ की खराब फॉर्म के चलते अब टीम कॉम्बिनेशन को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। कई क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि उनकी जगह Ayush Mhatre को Sanju Samson के साथ ओपनिंग का मौका दिया जाना चाहिए। इससे टीम को बेहतर शुरुआत मिल सकती है और मिडिल ऑर्डर पर दबाव कम होगा।

     कप्तानी में राहत, बल्लेबाजी में चुनौती

    हालांकि बतौर कप्तान गायकवाड़ ने टीम को लगातार दो जीत दिलाकर आलोचकों को कुछ हद तक शांत किया है, लेकिन एक बल्लेबाज के रूप में उनकी जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। अगर उन्हें टीम को प्लेऑफ की दौड़ में बनाए रखना है, तो जल्द ही अपनी फॉर्म में वापसी करनी होगी।

  • इंग्लैंड के खिलाफ सुपर-8 मुकाबले से पहले अश्विन का सुझाव: पाकिस्तान को फखर जमान पर भरोसा करना चाहिए

    इंग्लैंड के खिलाफ सुपर-8 मुकाबले से पहले अश्विन का सुझाव: पाकिस्तान को फखर जमान पर भरोसा करना चाहिए


    नई दिल्ली। टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 मुकाबले में पाकिस्तान इंग्लैंड के खिलाफ मंगलवार को मैदान में उतरेगी। इससे पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ उनका सुपर-8 मैच बारिश के कारण रद्द हो गया था। इस बीच भारत के पूर्व ऑफ-स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने पाकिस्तान टीम के लिए एक अहम सलाह दी है। अश्विन ने कहा कि अगर सलमान की कप्तानी वाली टीम इस टूर्नामेंट में गंभीर है, तो उन्हें अनुभवी बल्लेबाज फखर जमान को मिडिल ऑर्डर में मौका देना चाहिए।

    फखर जमान को इस टी20 वर्ल्ड कप में अब तक कोई मौका नहीं मिला है। 35 वर्षीय फखर आखिरी बार ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू टी20 सीरीज में खेले थे, जिसमें दो मुकाबलों में केवल 20 रन बनाए थे। उन्हें न्यूजीलैंड के खिलाफ सुपर-8 मैच में प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया था, लेकिन बारिश के कारण इस मैच में एक भी गेंद नहीं फेंकी जा सकी।

    फखर जमान ने 7 जून 2017 को टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया था। तब से उन्होंने पाकिस्तान के लिए 118 टी20 मुकाबले खेले हैं, जिसमें 23.38 की औसत से 2,385 रन बनाए। इसके साथ ही उनके बल्ले से 13 अर्धशतक निकले। इसके अलावा उन्होंने 3 टेस्ट और 92 वनडे मैच भी खेले हैं। अश्विन के मुताबिक, फखर की स्पिनरों के खिलाफ स्वीप करने की क्षमता इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबले में पाकिस्तान के लिए बेहद कारगर साबित हो सकती है।

    अश्विन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि पाकिस्तान को फखर जमान को मिडिल ऑर्डर में शामिल करने पर विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा, “वह राशिद और डॉसन के खिलाफ स्वीप शॉट खेल सकते हैं और अपने बेहतरीन फुटवर्क का इस्तेमाल करके मिडिल ओवर्स में इंग्लैंड को नुकसान पहुंचा सकते हैं।”

    अश्विन ने पाकिस्तान को आदिल राशिद और लियाम डॉसन के खिलाफ नेपाल के बल्लेबाजों के रणनीतिक ब्लूप्रिंट को अपनाने की भी सलाह दी। नेपाल ने ग्रुप स्टेज में इंग्लैंड के मुख्य गेंदबाज आदिल राशिद के खिलाफ तीन ओवर में 42 रन बनाए थे, जबकि आदिल को कोई विकेट नहीं मिला।

    अश्विन ने आदिल राशिद के खिलाफ नेपाल की सफलता का फॉर्मूला साझा करते हुए कहा, “स्टेप हिट जोन में बॉल पाने के लिए स्क्वायर बाउंड्री का इस्तेमाल करें। यह रणनीति दो बार के चैंपियन इंग्लैंड के खिलाफ काफी प्रभावी साबित हुई थी।”

    इस सलाह के बाद पाकिस्तान टीम को सुपर-8 मुकाबले में फखर जमान के प्रदर्शन और इंग्लैंड के खिलाफ सही रणनीति पर ध्यान देने की उम्मीद है। विशेषज्ञों के अनुसार, मिडिल ऑर्डर में अनुभवी बल्लेबाज की वापसी टीम के लिए निर्णायक साबित हो सकती है।

    टी20 वर्ल्ड कप 2026 में पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच होने वाला यह मुकाबला टूर्नामेंट के अगले दौर में क्वालीफाई करने के लिहाज से महत्वपूर्ण है। फखर जमान के शामिल होने से टीम की बल्लेबाजी गहराई मजबूत होगी और मिडिल ओवर्स में बड़े रन बनाने की संभावना बढ़ेगी।

  • उस्मान तारिक के स्टॉप एंड पॉज एक्शन पर संग्राम, अश्विन का समर्थन, आकाश चोपड़ा ने उठाए तकनीकी सवाल

    उस्मान तारिक के स्टॉप एंड पॉज एक्शन पर संग्राम, अश्विन का समर्थन, आकाश चोपड़ा ने उठाए तकनीकी सवाल


    नई दिल्ली । पाकिस्तान के ऑफ स्पिनर उस्मान तारिक इन दिनों अपने अनोखे स्टॉप एंड पॉज और साइड-आर्म बॉलिंग एक्शन को लेकर क्रिकेट जगत में बहस के केंद्र में हैं। कोलंबो में होने वाले भारत-पाकिस्तान मुकाबले से पहले उनके एक्शन पर चर्चा तेज हो गई है। जहां इंग्लैंड के पूर्व कप्तान केविन पीटरसन ने उनके गेंद डालते समय रुकने की शैली को संदिग्ध बताया वहीं भारत के दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने खुलकर तारिक का समर्थन किया है और इसे नियमों के दायरे में बताया है।

    तारिक ने अभी तक केवल चार टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं लेकिन 11 विकेट लेकर उन्होंने अपनी उपयोगिता साबित कर दी है। प्रोफेशनल टी20 करियर में 42 मैचों में 70 विकेट उनके प्रभाव का प्रमाण हैं। खासकर धीमी पिचों पर उनका अंदाज बल्लेबाजों को असहज कर देता है। अमेरिका के बल्लेबाज मिलिंद कुमार जैसे खिलाड़ी भी उनकी गेंदों के खिलाफ संघर्ष करते नजर आए। कोलंबो के प्रेमदासा स्टेडियम की धीमी सतह पर वे आक्रामक भारतीय बल्लेबाजों के लिए चुनौती बन सकते हैं।

    तारिक के गेंद डालने से पहले हल्का रुकने या पॉज लेने की आदत ने विवाद को जन्म दिया है। केविन पीटरसन ने इसे अवैध करार देने की बात कही लेकिन अश्विन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर स्पष्ट किया कि किसी भी गेंदबाज के एक्शन की वैधता का फैसला केवल आईसीसी के बॉलिंग एक्शन टेस्टिंग सेंटर में ही हो सकता है। अश्विन ने 15 डिग्री नियम का जिक्र करते हुए कहा कि गेंदबाज अपनी कोहनी को निर्धारित सीमा से अधिक सीधा नहीं कर सकता लेकिन मैदान पर खड़े अंपायर के लिए इसे सटीक रूप से आंक पाना लगभग असंभव है। उनके मुताबिक यह एक ग्रे एरिया है और जब तक वैज्ञानिक परीक्षण में एक्शन गलत साबित न हो तब तक किसी पर आरोप लगाना ठीक नहीं।

    अश्विन ने यह भी कहा कि अगर क्रीज पर रुकना किसी गेंदबाज की नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है तो वह पूरी तरह वैध है। बल्लेबाज के ट्रिगर मूवमेंट का इंतजार करना या लय में बदलाव करना रणनीति का हिस्सा हो सकता है इसे नियमों का उल्लंघन नहीं माना जाना चाहिए। दक्षिण अफ्रीका के पूर्व टीम प्रदर्शन विश्लेषक प्रसन्ना अघोरम ने भी तारिक का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि तकनीकी रूप से तारिक चकिंग नहीं कर रहे हैं और उनके एक्शन को पहले भी दो बार हरी झंडी मिल चुकी है। उनका मानना है कि अगर दोबारा जांच भी हुई तो एक्शन सही ही पाया जाएगा।

    हालांकि भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज और कमेंटेटर आकाश चोपड़ा ने एक दिलचस्प तकनीकी सवाल उठाया है। उन्होंने पॉज को गलत नहीं बताया लेकिन पूछा कि यदि रन-अप से खास मोमेंटम नहीं बन रहा तो बिना हाथ मोड़े कुछ गेंदों पर 20-25 किमी प्रति घंटे की अतिरिक्त रफ्तार कैसे पैदा हो रही है? उनका सवाल नियमों से ज्यादा तकनीकी विश्लेषण पर केंद्रित है।पूर्व अंतरराष्ट्रीय अंपायर अनिल चौधरी ने भी स्पष्ट किया कि तारिक का एक्शन अलग जरूर है लेकिन अवैध नहीं।

    उनके अनुसार चूंकि वह हर गेंद लगभग एक ही तरीके से डालते हैं और बांह में कोई संदिग्ध सीधापन नहीं दिखता इसलिए इसे नियमों के खिलाफ नहीं कहा जा सकता।कुल मिलाकर उस्मान तारिक का अनोखा एक्शन क्रिकेट जगत में चर्चा जरूर छेड़ रहा है लेकिन फिलहाल विशेषज्ञों की राय उन्हें नियमों के दायरे में ही रखती है। अब सबकी निगाहें मैदान पर उनके प्रदर्शन पर टिकी होंगी जो इस बहस को नई दिशा दे सकता है।

  • रोहित–विराट के बाद संकट में वनडे क्रिकेट, अश्विन–इरफान ने ICC और BCCI को चेताया

    रोहित–विराट के बाद संकट में वनडे क्रिकेट, अश्विन–इरफान ने ICC और BCCI को चेताया


    नई दिल्ली । वनडे क्रिकेट का भविष्य एक बार फिर गंभीर चर्चा के केंद्र में आ गया है। भारत के दो सबसे बड़े सितारे रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे खिलाड़ियों के संभावित संन्यास को देखते हुए पूर्व क्रिकेटरों ने चेतावनी दी है कि अगर समय रहते बड़े फैसले नहीं लिए गए तो यह फॉर्मेट आने वाले वर्षों में अपनी प्रासंगिकता खो सकता है। खासतौर पर 2027 वनडे विश्व कप के बाद वनडे क्रिकेट का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है।

    पूर्व भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन और पूर्व ऑलराउंडर इरफान पठान ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ICC और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड BCCI को साफ शब्दों में आगाह किया है कि मौजूदा ढांचे के साथ वनडे क्रिकेट को बचाना मुश्किल होगा। दोनों का मानना है कि द्विपक्षीय सीरीज की घटती अहमियत और टूर्नामेंट्स की अधिकता ने इस फॉर्मेट की चमक फीकी कर दी है।कोविड-19 महामारी के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कैलेंडर में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। पहले जहां पांच मैचों की वनडे सीरीज आम बात हुआ करती थीं, वहीं अब ज्यादातर टीमें केवल तीन मैचों की औपचारिक सीरीज खेलती नजर आती हैं। कई देशों के लिए वनडे क्रिकेट अब सिर्फ विश्व कप तक सीमित होता जा रहा है, जबकि टी20 क्रिकेट और फ्रेंचाइज़ी लीग्स ने दर्शकों का बड़ा हिस्सा अपनी ओर खींच लिया है।

    अश्विन ने हाल ही में अपने यूट्यूब चैनल ऐश की बात में इस मुद्दे पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि अगर रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे बड़े नाम वनडे क्रिकेट से हटते हैं तो दर्शकों की दिलचस्पी और तेजी से कम हो सकती है। अश्विन ने घरेलू क्रिकेट का उदाहरण देते हुए बताया कि विजय हजारे ट्रॉफी को आमतौर पर सीमित दर्शक ही देखते हैं, लेकिन जब रोहित और विराट इस टूर्नामेंट में खेले, तो स्टेडियमों में भारी भीड़ देखने को मिली।उनके मुताबिक, यह साफ संकेत है कि मौजूदा दौर में वनडे क्रिकेट काफी हद तक स्टार खिलाड़ियों पर निर्भर है। अगर बड़े चेहरे नहीं होंगे, तो दर्शकों को आकर्षित करना और भी मुश्किल हो जाएगा। अश्विन ने ICC के मौजूदा टूर्नामेंट मॉडल पर भी सवाल उठाए। उनका मानना है कि साल भर में लगातार अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट कराने से फैंस में थकान पैदा हो रही है और हर इवेंट की अहमियत कम होती जा रही है।

    अश्विन ने सुझाव दिया कि ICC को फुटबॉल की तर्ज पर वनडे विश्व कप को चार साल में सिर्फ एक बार आयोजित करना चाहिए ताकि इस टूर्नामेंट की प्रतिष्ठा और रोमांच बना रहे। उनका कहना है कि जब कोई इवेंट दुर्लभ होता है तो उसकी वैल्यू अपने आप बढ़ जाती है।वहीं इरफान पठान ने भी वनडे क्रिकेट के गिरते ग्राफ पर चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि द्विपक्षीय सीरीज अब दर्शकों को रोमांचित नहीं कर पा रही हैं। इरफान के अनुसार, अगर वनडे क्रिकेट को फिर से लोकप्रिय बनाना है, तो ट्राई सीरीज और क्वाड्रेंगुलर सीरीज जैसे फॉर्मेट्स को दोबारा शुरू करना होगा।

    इरफान का मानना है कि जब एक ही सीरीज में तीन या चार टीमें हिस्सा लेती हैं तो मुकाबलों की प्रतिस्पर्धा बढ़ती है और हर मैच का महत्व भी ज्यादा होता है। इससे दर्शकों की रुचि बनी रहती है और खिलाड़ियों को भी अलग-अलग परिस्थितियों में खेलने का मौका मिलता है।कुल मिलाकर अश्विन और इरफान दोनों इस बात पर सहमत हैं कि अगर ICC और BCCI ने समय रहते ठोस और साहसिक फैसले नहीं लिए तो वनडे क्रिकेट धीरे-धीरे हाशिए पर चला जाएगा। 50 ओवर का यह पारंपरिक फॉर्मेट कभी क्रिकेट की पहचान हुआ करता था, लेकिन बदलते दौर में इसे बचाने के लिए बड़े और दूरदर्शी बदलाव अब जरूरी हो गए हैं।

  • आर अश्विन ने चुने 2025 के MVP: वरुण चक्रवर्ती और अभिषेक शर्मा, रोहित-कोहली पर भी दी प्रतिक्रिया

    आर अश्विन ने चुने 2025 के MVP: वरुण चक्रवर्ती और अभिषेक शर्मा, रोहित-कोहली पर भी दी प्रतिक्रिया


    नई दिल्ली: साल 2025 भारत के लिए मिलाजुला रहा। क्रिकेट की शुरुआत टीम इंडिया ने चैंपियंस ट्रॉफीजीतकर की और इसके बाद एशिया कप में भी भारत का कब्जा जम गया। टी20 में टीम इंडिया ने इस साल कोई सीरीज नहीं हारी लेकिन टेस्ट क्रिकेट में उनका प्रदर्शन निराशाजनक रहा। साउथ अफ्रीका के खिलाफ भारत को घर पर 0-2 से हार का सामना करना पड़ा जबकि इंग्लैंड में टीम ने सीरीज 2-2 से ड्रॉ कराने में सफलता हासिल की।इस बेहतरीन वर्ष के बीच पूर्व स्पिनर आर अश्विन ने उन दो खिलाड़ियों के नाम साझा किए जिन्होंने 2025 में अपनी शानदार परफॉर्मेंस से भारतीय क्रिकेट महफिल लूटी। उन्होंने इसके साथ ही रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे सीनियर खिलाड़ियों पर भी अपने विचार रखे।

    अश्विन ने सबसे पहले मिस्ट्री स्पिनर वरुण चक्रवर्ती की तारीफ की और उन्हें इस साल भारत का सबसे बेहतरीन गेंदबाज बताया। अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनलऐश की बात पर कहा मैं वरुण चक्रवर्ती को 2025 का MVP मानता हूँ। जब भी टीम ने उनका इस्तेमाल किया उन्होंने अपना X-फैक्टर दिखाया। विपक्षी टीम के लिए उन्हें समझना मुश्किल रहा। 2026 T20 वर्ल्ड कप में भारत की जीत के लिए उनकी भूमिका बहुत अहम होगी। वह T20 गेंदबाज हैं और व्हाइट-बॉल क्रिकेट में भारत के सबसे भरोसेमंद विकेट लेने वाले खिलाड़ी बनकर उभरे हैं।

    वास्तव में वरुण चक्रवर्ती ने इस साल 4 वनडे में 10 विकेट और 20 T20I में 36 विकेट लिए। उनके प्रदर्शन ने उन्हें भारत की व्हाइट-बॉल टीम का भरोसेमंद खिलाड़ी बना दिया।अश्विन ने इसके साथ ही अभिषेक शर्मा की भी तारीफ की। लेफ्ट-हैंडर ओपनर को उन्होंने भारत की अगली पीढ़ी का X-फैक्टर खिलाड़ी बताया। अश्विन के अनुसार यह सिर्फ अभिषेक शर्मा का आना नहीं है बल्कि यह भारत की नई पीढ़ी का एक्स-फैक्टर खिलाड़ी बनने की शुरुआत है। 2025 में उनका प्रदर्शन अद्भुत रहा। उन्होंने 21 T20I मैचों में 42.95 की औसत और 193.46 के स्ट्राइक रेट से 859 रन बनाए जिसमें एक शतक और पांच अर्धशतक शामिल हैं।

    साल 2025 में एक समय ऐसा भी था जब विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे सीनियर खिलाड़ियों के करियर पर संदेह किया जा रहा था। लेकिन साल के अंत तक दोनों खिलाड़ियों ने साबित किया कि उनमें अभी भी क्रिकेट की पर्याप्त क्षमता है। रोहित और कोहली ने टेस्ट और टी20 से संन्यास लिया है लेकिन उनका सपना 2027 के वर्ल्ड कप में खेलना है।अश्विन ने कहा रोहित और विराट दोनों में 50 ओवर का वर्ल्ड कप जीतने की आग है। यह जरूरी है कि हम उनके हर मैच का आनंद लें। उन्होंने इस साल क्रिकेट की परिभाषा को फिर से बदल दिया। टेस्ट क्रिकेट के लिहाज से यह साल चुनौतीपूर्ण था लेकिन दोनों ने वापसी कर बेहतरीन प्रदर्शन किया। विराट जबरदस्त फॉर्म में हैं और यह भारतीय क्रिकेट के लिए बहुत अच्छा है।

    इस तरह 2025 में भारतीय क्रिकेट में युवा और सीनियर खिलाड़ियों ने मिलकर एक यादगार साल बनाया। वरुण चक्रवर्ती और अभिषेक शर्मा ने अपनी नई प्रतिभा दिखाई जबकि रोहित और विराट ने अनुभव और निरंतरता के बल पर टीम को मजबूत रखा।