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  • NEET UG: री-एग्जाम से पहले अलर्ट मोड पर सरकार…. अफवाहों पर नकेल कसने की तैयारी

    NEET UG: री-एग्जाम से पहले अलर्ट मोड पर सरकार…. अफवाहों पर नकेल कसने की तैयारी


    नई दिल्ली।
    मेडिकल (Medical) की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) के री-एग्जाम से पहले केंद्र सरकार (Central government) पूरी तरह से अलर्ट मोड में आ गई है। 3 मई को हुई परीक्षा में पेपर लीक (Paper leak) और ग्रेस मार्क्स जैसे विवादों के बाद, अब सरकार सोशल मीडिया पर फैलने वाली झूठी अफवाहों और पैनिक फैलाने वाले पोस्ट्स पर सख्त नकेल कसने की तैयारी में है। छात्रों का भरोसा फिर से बहाल करने के लिए शिक्षा मंत्रालय ने टेक जगत के दिग्गजों- गूगल (Google), मेटा (Meta) और टेलीग्राम (Telegram) को भी अपने साथ जोड़ लिया है, ताकि किसी भी तरह की भ्रामक जानकारी को इंटरनेट पर फैलने से पहले ही रोका जा सके। बता दें कि आज 21 जून को NEET-UG का दोबारा एग्जाम हो रहा है।


    शिक्षा मंत्री ने लिया मोर्चा, दिए ‘फोकस्ड क्रैकडाउन’ के निर्देश

    केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बुधवार को एक हाई-लेवल मीटिंग की अध्यक्षता की। इस महत्वपूर्ण बैठक में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के प्रतिनिधियों के अलावा केंद्रीय खुफिया और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के अधिकारी भी मौजूद रहे। शिक्षा मंत्री ने सख्त हिदायत दी है कि परीक्षा से पहले ऑनलाइन एक्टिव होने वाले उन नेटवर्क्स पर सीधा और ‘फोकस्ड क्रैकडाउन’ किया जाए, जो एक सोची-समझी साजिश के तहत गलत जानकारी फैलाते हैं।


    टेलीग्राम और सीक्रेट ग्रुप्स पर खुफिया एजेंसियों की पैनी नजर

    शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि सबसे बड़ी चिंता टेलीग्राम चैनल्स, अनजान ग्रुप्स और बॉट्स को लेकर है, जो बड़े एग्जाम्स से ठीक पहले अचानक बहुत एक्टिव हो जाते हैं। ये ग्रुप्स व्यूज और पैसों के लालच में ‘पेपर लीक’ के झूठे दावे, क्लिकबेट मैसेज और बिना सिर-पैर की जानकारी सर्कुलेट करते हैं। इससे छात्रों और उनके अभिभावकों के बीच दहशत का माहौल बन जाता है।

    खुफिया इनपुट्स से यह भी खुलासा हुआ है कि कुछ चुनिंदा फोन नंबर्स का इस्तेमाल करके दर्जनों संदिग्ध चैनल ऑपरेट किए जा रहे हैं, जो इनकी संगठित गतिविधि की ओर इशारा करता है। इसके बाद एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स पर डिजिटल सर्विलांस और कड़ी कर दी गई है। उन ग्रुप्स पर खास नजर है जो छात्रों को एग्जाम से पहले “अंदर की जानकारी” या एडवांस में पेपर देने का दावा करते हैं।


    टेक कंपनियों ने दिया पूरा सहयोग का भरोसा

    राहत की बात यह है कि सरकार की इस सख्ती पर मेटा, गूगल और टेलीग्राम जैसी कंपनियों ने सकारात्मक रुख दिखाया है। उन्होंने भरोसा दिलाया है कि परीक्षा से जुड़ी किसी भी भ्रामक या फेक जानकारी की पहचान करके उसे तेजी से ब्लॉक और रिमूव किया जाएगा। शिक्षा मंत्री ने कंपनियों से कहा है कि वे नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) और पुलिस एजेंसियों के साथ मिलकर काम करें, ताकि प्रोपेगेंडा और खौफ फैलाने वाले चैनल्स को तुरंत बंद किया जा सके।

    अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों को भी परीक्षा से पहले डिजिटल सर्विलांस मजबूत करने को कहा गया है। उन एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स और तेजी से बढ़ रहे ग्रुप्स पर खास नजर रखी जा रही है, जो परीक्षार्थियों को परीक्षा से जुड़ी सामग्री एडवांस में देने या ‘इनसाइड इंफॉर्मेशन’ मुहैया कराने का दावा करते हैं।


    एग्जाम सेंटर पर कैसी होगी व्यवस्था?

    मंगलवार को री-एग्जाम की तैयारियों की समीक्षा करते हुए शिक्षा मंत्री ने साफ कर दिया था कि पिछली परीक्षा की सभी खामियों को पूरी तरह दूर किया जाना चाहिए। सभी राज्यों के जिलाधिकारियों (DM) और पुलिस अधीक्षकों (SP) के साथ को-ऑर्डिनेशन मीटिंग करने के निर्देश दिए गए हैं। इसका मकसद परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और मॉनिटरिंग के प्रोटोकॉल को सख्ती से लागू करना है। इसके साथ ही, अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि री-एग्जाम के दिन छात्रों के लिए ट्रांसपोर्टेशन (आवाजाही), पीने के पानी और अन्य जरूरी सुविधाओं का खास ख्याल रखा जाए ताकि उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।


    क्यों हो रहा है नीट री-एग्जाम?

    आपको बता दें कि 3 मई को आयोजित की गई नीट-यूजी परीक्षा को पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द कर दिया गया था। इसके बाद ही री-एग्जाम की घोषणा की गई थी। इस पूरे विवाद (पेपर लीक के आरोप, ग्रेस मार्क्स विवाद और संगठित नकल) ने परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा और विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे, जिसके बाद सरकार अब हर स्तर पर सख्ती बरत रही है।

  • एमपी बोर्ड सेकेंड एग्जाम का मौका 10वीं 12वीं के छात्रों के लिए आवेदन शुरू 7 मई से परीक्षा

    एमपी बोर्ड सेकेंड एग्जाम का मौका 10वीं 12वीं के छात्रों के लिए आवेदन शुरू 7 मई से परीक्षा


    भोपाल । मध्यप्रदेश में बोर्ड परीक्षा से जुड़े छात्रों के लिए एक अहम अपडेट सामने आया है जहां मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल ने 10वीं और 12वीं की द्वितीय परीक्षा को लेकर प्रक्रिया शुरू कर दी है इस फैसले के तहत उन छात्रों को बड़ा अवसर मिला है जो मुख्य परीक्षा में असफल रहे हैं या अपने अंकों में सुधार करना चाहते हैं

    बोर्ड द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार द्वितीय परीक्षा 7 मई 2026 से शुरू होगी इस परीक्षा में न केवल फेल हुए विद्यार्थी बल्कि वे छात्र भी शामिल हो सकेंगे जो अपने प्राप्त अंकों को बेहतर करना चाहते हैं यानी श्रेणी सुधार के इच्छुक छात्र भी इस मौके का लाभ उठा सकते हैं

    आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है छात्र एमपी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से 22 अप्रैल 2026 तक आवेदन कर सकते हैं बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन करना अनिवार्य होगा इसके बाद किसी भी प्रकार का आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा

    परीक्षा कार्यक्रम की बात करें तो 10वीं कक्षा की द्वितीय परीक्षा 7 मई से शुरू होकर 19 मई 2026 तक चलेगी वहीं 12वीं कक्षा की परीक्षा 7 मई से 25 मई 2026 तक आयोजित की जाएगी इस बार अनुमान लगाया जा रहा है कि करीब 5 लाख विद्यार्थी इस द्वितीय परीक्षा में शामिल हो सकते हैं जो इसे एक बड़ा आयोजन बनाता है

    बोर्ड का यह कदम उन छात्रों के लिए राहत भरा है जो किसी कारणवश मुख्य परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पाए थे अब उन्हें बिना एक साल गंवाए अपनी स्थिति सुधारने का अवसर मिल रहा है इससे छात्रों का शैक्षणिक वर्ष भी सुरक्षित रहेगा और उनके करियर पर नकारात्मक प्रभाव भी कम होगा

    शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की द्वितीय परीक्षा प्रणाली छात्रों के लिए सकारात्मक पहल है क्योंकि इससे उन्हें एक और मौका मिलता है अपनी तैयारी को बेहतर तरीके से प्रस्तुत करने का साथ ही यह व्यवस्था शिक्षा प्रणाली को अधिक लचीला और छात्र हितैषी बनाती है कुल मिलाकर मध्यप्रदेश बोर्ड की यह पहल हजारों छात्रों के लिए उम्मीद की नई किरण लेकर आई है जो अपने परिणाम को सुधारना चाहते हैं या आगे की पढ़ाई में बिना रुकावट के बढ़ना चाहते हैं