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  • मैच के बाद टीम बस से उतरते वक्त फिसले रोहित शर्मा…. कैमरे में कैद हुआ कोहली का रिएक्शन…?

    मैच के बाद टीम बस से उतरते वक्त फिसले रोहित शर्मा…. कैमरे में कैद हुआ कोहली का रिएक्शन…?


    तिरुवनंतपुरम।
    भारत और वेस्टइंडीज (India vs West Indies) के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज (ODI Series) का पहला मुकाबला टीम इंडिया (Team India) ने आठ विकेट से जीत लिया। तिरुवनंतपुरम में खेले गए इस मुकाबले में विराट कोहली के नाबाद शतक से भारतीय टीम ने धांसू जीत हासिल की। अब अगला मुकाबला 30 सितंबर को गुवाहाटी में खेला जाएगा। इस शतक की वजह से कोहली तो चर्चा में हैं ही, लेकिन रोहित शर्मा (Rohit Sharma) भी एक अलग वजह से सुर्खियों में आ गए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पहले वनडे में भारत की जीत के बाद वह टीम बस से उतरते वक्त फिसल गए और लुढ़क कर बस की गेट पर पहुंच गए। इस घटना पर विराट कोहली का रिएक्शन भी वायरल हो रहा है।


    कब की है घटना?

    दरअसल, यह हादसा भारत बनाम वेस्टइंडीज पहले वनडे के बाद हुआ। एक्स पर वायरल हो रहे वीडियोज में विंडीज पर शानदार जीत के बाद जब भारतीय खिलाड़ी टीम बस से होटल पहुंचे, तो सारे खिलाड़ी एक एक कर बस से उतरने लगे। वहां मौजूद पैपराजी भारतीय खिलाड़ियों को उतरते हुए शूट कर रहे थे। विराट कोहली समेत कुछ खिलाड़ी पहले ही उतर गए थे। वहीं, रोहित ऊपर की तरफ देखते हुए बस की सीढ़ी से उतर रहे थे। इसी बीच उनका पैर फिसला और वह लुढ़कते हुए गेट पर जा पहुंचे। वहां मौजूद अन्य स्टाफ ने रोहित को उठाया और फिर वह कुछ बोलते दिखे। वहां हुए शोर के बाद कोहली पीछे की तरफ मुड़े और रोहित की ओर चौंककर देखते हुए नजर आए। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।


    बीसीसीआई की ओर से अपडेट नहीं

    फिलहाल बीसीसीआई की ओर से रोहित को किसी प्रकार की चोट की पुष्टि नहीं की गई है। वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले वनडे में रोहित 35 गेंद में दो चौके और तीन छक्के की मदद से 32 रन बनाकर आउट हुए थे। मैच की बात करें तो भारतीय टीम ने विराट कोहली और कप्तान शुभमन गिल के शतकों की मदद से वेस्टइंडीज पर आठ विकेट से जीत दर्ज की। भारत ने इस तरह तीन मैचों की वनडे सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। भारत ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। वेस्टइंडीज ने जस्टिन ग्रीव्स के शतक की मदद से 50 ओवर में सात विकेट पर 295 रन बनाए। ग्रीव्स ने 108 गेंद में 12 चौके की मदद से 101 रन बनाए। वहीं, जॉन कैंपबेल ने 60 गेंद में 62 रन की पारी खेली। इसके अलावा आमिर जांगो ने 58 रन बनाए। भारत की ओर से कुलदीप ने चार विकेट झटके। वहीं, प्रसिद्ध कृष्णा को दो विकेट मिले। नीतीश रेड्डी ने एक विकेट लिया।


    भारत की ओर से कोहली-गिल का शतक

    जवाब में कोहली और गिल ने शतक लगाए जिसकी मदद से भारत ने 41.4 ओवर में दो विकेट पर 300 रन बनाकर जीत दर्ज की। कोहली 88 गेंद में 10 चौके और नौ छक्के की मदद से 139 रन बनाकर नाबाद रहे। वहीं, गिल ने 108 गेंद में 13 चौके और एक छक्के की मदद से 110 रन की पारी खेली। दूसरा वनडे 30 सितंबर को गुवाहाटी में खेला जाएगा, जबकि तीसरा वनडे तीन अक्तूबर को न्यू चंडीगढ़ में होगा। तीन मैचों की वनडे सीरीज खत्म होने के बाद पांच मैचों की टी20 सीरीज खेली जाएगी। इसकी शुरुआत छह अक्तूबर से होगी।

  • बेटी रीति के बिग बॉस विवाद पर मनोज तिवारी का रिएक्शन, बोले- ‘बच्चों का बिग बॉस है

    बेटी रीति के बिग बॉस विवाद पर मनोज तिवारी का रिएक्शन, बोले- ‘बच्चों का बिग बॉस है


    नई दिल्ली। बिग बॉस 20 में मनोज तिवारी की बेटी रीति तिवारी अपने गेम और विवादों को लेकर लगातार चर्चा में हैं। काजी तौकीर के साथ तीखी बहस और उदिति सिंह को लेकर उनके कथित आपत्तिजनक व्यवहार पर सोशल मीडिया पर सवाल उठने के बाद अब मनोज तिवारी से भी बेटी के गेमप्ले को लेकर सवाल किए गए। हाल ही में एक कार्यक्रम से बाहर निकलते समय पत्रकारों ने उनसे रीति को लेकर सवाल किया, जिस पर उन्होंने कहा कि बिग बॉस एक गेम है और इसे उसी तरह लिया जाना चाहिए।

    मनोज तिवारी से पूछा- बेटी के लिए इस्तीफा दे दीजिए

    मनोज तिवारी हाल ही में ‘मोदी: द डिकेड दैट चेंज्ड इंडिया’ किताब के लॉन्च कार्यक्रम में पहुंचे थे। कार्यक्रम के बाद जब उनसे रीति के बिग बॉस गेम को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, “बच्चों का बिग बॉस है, चलने दो।”

    इसके बाद उन्होंने उन चर्चाओं पर भी सफाई दी, जिनमें दावा किया जा रहा था कि उन्होंने अपनी बेटी को बिग बॉस में शामिल कराने के लिए सिफारिश की थी। मनोज तिवारी ने कहा कि उन्हें खुद जानकारी नहीं थी कि रीति शो में जा रही हैं।

    इसी दौरान एक रिपोर्टर ने उनसे कहा, “तो फिर आप उनके लिए इस्तीफा दे दीजिए।” इस सवाल पर मनोज तिवारी हैरान नजर आए और बोले, “आप क्या बोल रहे हैं, मुझे समझ नहीं आ रहा है।” वायरल वीडियो क्लिप में इसके बाद बातचीत अचानक खत्म हो जाती है।

    ‘बिग बॉस एक खेल है, उसका आनंद लीजिए’

    मनोज तिवारी ने बेटी के विवादों को लेकर कहा कि बिग बॉस को लेकर किसी को परेशान होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि शो में 24 घंटे कुछ न कुछ होता रहता है और इसे एक खेल की तरह देखना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि वह खुद इस तरह का गेम खेल चुके हैं।

    मनोज तिवारी का कहना था कि “बिग बॉस एक खेल है… एक गेम है, उसका आनंद लीजिए।”

    रीति के गेम पर सलमान खान भी कर चुके हैं टिप्पणी

    रीति तिवारी हाल के एपिसोड में काजी तौकीर के साथ विवाद के बाद सुर्खियों में आई थीं। बहस के दौरान उन्होंने काजी पर तीखी टिप्पणियां की थीं और उनके पिता का जिक्र भी किया था। बाद में उन्होंने उस टिप्पणी के लिए माफी मांगी थी। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी रीति की आलोचना हुई।

    27 सितंबर के ‘वीकेंड का वार’ एपिसोड में सलमान खान ने भी रीति के व्यवहार और भाषा को लेकर उन्हें टोका। उन्होंने काजी को दी गई धमकी और उदिति सिंह को लेकर की गई टिप्पणियों पर रीति से सवाल किए।

    पहले भी बेटी के गेम पर बोल चुके हैं मनोज तिवारी

    इससे पहले मनोज तिवारी ने पैपराजी से बातचीत में रीति के बिग बॉस सफर को लेकर कहा था कि वह शो को ‘डर-डरकर’ देखते हैं और उम्मीद जताई थी कि सब ठीक रहे। रीति के शो में आने के बाद से उनके गेम और पिता के साथ रिश्ते को लेकर भी कई चर्चाएं सामने आई हैं।

  • ‘आरक्षण कोई खैरात नहीं, संवैधानिक अधिकार’, जंतर-मंतर प्रदर्शन पर बोले चिराग पासवान

    ‘आरक्षण कोई खैरात नहीं, संवैधानिक अधिकार’, जंतर-मंतर प्रदर्शन पर बोले चिराग पासवान


    पटना। जंतर-मंतर पर आरक्षण खत्म करने की मांग को लेकर चल रहे प्रदर्शन के बीच केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने आरक्षण को लेकर अपना रुख स्पष्ट किया है। पटना एयरपोर्ट से दिल्ली रवाना होने से पहले मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि आरक्षण कोई खैरात नहीं, बल्कि संविधान से मिला अधिकार है। इसे किसी के कहने या मांग करने भर से खत्म नहीं किया जा सकता।

    चिराग पासवान ने कहा कि आरक्षण का उद्देश्य उन सामाजिक वर्गों को आगे लाना है, जिन्हें लंबे समय तक भेदभाव और वंचना का सामना करना पड़ा। उन्होंने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति का जिक्र करते हुए कहा कि संविधान में इन वर्गों को चिन्हित कर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने और समान अवसर देने के लिए आरक्षण का प्रावधान किया गया।

    ‘आज भी भेदभाव की घटनाएं सामने आती हैं’

    केंद्रीय मंत्री ने कहा कि समाज में आज भी भेदभाव की घटनाएं सामने आती हैं। ऐसे में आरक्षण की जरूरत और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों पर गंभीरता से चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने आरक्षण खत्म करने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे लोगों की चिंताओं को भी सुने जाने की बात कही।

    चिराग ने कहा कि लोकतंत्र में किसी भी समस्या का समाधान बातचीत और संवाद के जरिए निकाला जा सकता है। प्रदर्शनकारियों के साथ बैठकर चर्चा होनी चाहिए, ताकि आरक्षण की जरूरत और इसके पीछे के उद्देश्य को लेकर बातचीत हो सके।

    ‘प्रदर्शनकारियों की बात सुनी जानी चाहिए’

    रामदास अठावले के बयान से जुड़े सवाल पर भी चिराग पासवान ने कहा कि प्रदर्शन करने वालों की बात सुनी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में संवाद बेहद जरूरी है और बातचीत के जरिए ही विवादों का समाधान निकाला जा सकता है।

    बिहार की आर्थिक स्थिति पर तेजस्वी को घेरा

    चिराग पासवान ने बिहार की आर्थिक स्थिति को लेकर तेजस्वी यादव के बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि विधानसभा सत्र के दौरान विपक्ष को आंकड़ों के साथ अपनी बात रखनी चाहिए थी। विपक्ष की जिम्मेदारी सिर्फ सरकार पर आरोप लगाना नहीं है, बल्कि राज्य को आगे बढ़ाने में सरकार के साथ मिलकर भूमिका निभाना भी है।

    उन्होंने कहा कि बिहार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए सरकार राजस्व बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है। आने वाले समय में निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा करने पर भी जोर दिया जाएगा।

    ‘डबल इंजन सरकार से बिहार को फायदा’

    चिराग पासवान ने केंद्र और राज्य में एक ही गठबंधन की सरकार को बिहार के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के मिलकर काम करने से राज्य को फायदा होगा। सरकार का लक्ष्य विकास को गति देने के साथ निवेश बढ़ाना और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार करना है।

  • Gen-Z आंदोलन पर धीरेंद्र शास्त्री का संदेश, विरोध करें, लेकिन गाली-गलौज नहीं, संवाद और मर्यादा रहे

    Gen-Z आंदोलन पर धीरेंद्र शास्त्री का संदेश, विरोध करें, लेकिन गाली-गलौज नहीं, संवाद और मर्यादा रहे


    कटनी। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर एवं कथावाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हाल में चर्चा में रहे Gen-Z आंदोलन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपनी बात रखने और विरोध जताने का अधिकार है, लेकिन विरोध के दौरान अपशब्दों और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किसी भी स्थिति में उचित नहीं है।

    कटनी के कुठला क्षेत्र में अपने शिष्यों द्वारा निर्मित ‘बागेश्वर बालाजी’ मठ के कार्यक्रम में पहुंचे धीरेंद्र शास्त्री ने युवाओं से भारतीय संस्कृति और मर्यादा के अनुरूप संवाद करने की अपील की। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत में समसामयिक मुद्दों पर भी अपने विचार रखे।

    ‘विरोध हो, लेकिन मर्यादा के साथ’
    धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि अपनी बात रखने का अधिकार सभी को है, लेकिन किसी के परिवार या मां-बहन के लिए अपमानजनक भाषा का प्रयोग भारतीय संस्कृति और सभ्यता के अनुरूप नहीं है। उनका कहना था कि असहमति व्यक्त करते समय भी भाषा और व्यवहार की गरिमा बनाए रखना आवश्यक है।

    युवाओं से संवाद का रास्ता अपनाने की अपील
    उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया भारत की ओर देख रही है। ऐसे में युवाओं को विवाद और कटुता के बजाय संवाद, शांति और संयम का रास्ता अपनाना चाहिए। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे अपनी बात प्रेमपूर्ण और शालीन भाषा में रखें।

    सावन और कांवड़ यात्रा पर भी दी सलाह
    धीरेंद्र शास्त्री ने सावन माह और कांवड़ यात्रा का उल्लेख करते हुए श्रद्धालुओं से भगवान शिव की भक्ति पूरी श्रद्धा और नियमों के साथ करने की अपील की। साथ ही उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था के नाम पर ऐसा कोई कार्य नहीं होना चाहिए जिससे किसी की भावनाएं आहत हों या समाज में विवाद की स्थिति पैदा हो।

    संयम और संस्कार पर दिया जोर
    उन्होंने कांवड़ यात्रियों से संयम बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि आचरण ऐसा होना चाहिए जिससे धर्म और समाज की गरिमा बनी रहे। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने कहा कि भारत की वास्तविक शक्ति उसकी संस्कृति, संस्कार, आपसी प्रेम और सामाजिक सद्भाव में निहित है, जिसे हर हाल में सुरक्षित रखना चाहिए।

  • BJP का कांग्रेस पर हमला: थरूर की गंभीर की तारीफ पर फिर उठे ‘फतवे’ के सवाल

    BJP का कांग्रेस पर हमला: थरूर की गंभीर की तारीफ पर फिर उठे ‘फतवे’ के सवाल



    नई दिल्ली। नागपुर में न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टी20 से पहले कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भारतीय क्रिकेट कोच गौतम गंभीर के साथ सेल्फी शेयर की और उनकी तारीफ की, जिसके बाद भाजपा ने कांग्रेस पर सवाल खड़े कर दिए हैं। BJP का आरोप है कि थरूर की यह प्रतिक्रिया कांग्रेस की राजनीति के खिलाफ है और अब उन्हें पार्टी से ‘फतवा’ मिल सकता है।

    भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि कांग्रेस को थरूर की नागपुर यात्रा, गंभीर से मुलाकात या उनकी प्रशंसा में से कौन सी बात ज्यादा खलती है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या थरूर के खिलाफ एक और “कांग्रेस फतवा” जारी होने वाला है।

    थरूर ने गंभीर को “प्रधानमंत्री मोदी के बाद सबसे कठिन काम करने वाला इंसान” बताया और कहा कि लाखों लोग उनके फैसलों पर सवाल उठाते हैं, फिर भी वह शांत रहते हैं और आगे बढ़ते हैं। उन्होंने गंभीर की नेतृत्व क्षमता की तारीफ करते हुए उन्हें सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं।

    गंभीर ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी और कहा कि जब समय आएगा, तब कोच के कथित ‘असीमित अधिकार’ पर सच्चाई सामने आएगी। उन्होंने लिखा कि खुद के खिलाफ खड़ा देखकर उन्हें हंसी आ रही है।

    यह विवाद राजनीतिक स्तर पर बढ़ता जा रहा है, क्योंकि थरूर की आलोचना और प्रशंसा दोनों ही पक्षों के बीच नई बहस का कारण बन गई है।