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  • LIVE बुलेटिन में एंकर को आई झपकी, ट्रोल करने के बजाय सोशल मीडिया लोगों ने दिखाई संवेदनशीलता

    LIVE बुलेटिन में एंकर को आई झपकी, ट्रोल करने के बजाय सोशल मीडिया लोगों ने दिखाई संवेदनशीलता


    नई दिल्ली। लाइव न्यूज बुलेटिन के दौरान कुछ सेकंड के लिए ऊंघती नजर आईं एक न्यूज एंकर का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हालांकि, इस बार इंटरनेट पर ट्रोलिंग के बजाय लोगों ने एंकर के प्रति सहानुभूति दिखाई और उनके समर्थन में खुलकर सामने आए।

    कौन हैं एंकर?
    वायरल वीडियो अमेरिका के मेम्फिस स्थित FOX13 न्यूज चैनल का बताया जा रहा है। इसमें न्यूज एंकर डोमिनिक डिलन लाइव बुलेटिन पढ़ते समय कुछ पल के लिए आंखें बंद करती नजर आती हैं, जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि उन्हें हल्की झपकी आ गई। यह दृश्य कैमरे में रिकॉर्ड हो गया और सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया।

    सामने आई थकान की वजह
    वीडियो वायरल होने के बाद कई लोगों ने इसकी वजह जानने की कोशिश की। रिपोर्ट्स के मुताबिक, डोमिनिक डिलन हाल ही में मैटरनिटी लीव के बाद काम पर लौटी हैं। वह दो छोटे बच्चों की मां हैं और बच्चों की देखभाल, नींद की कमी तथा काम की जिम्मेदारियों के कारण काफी थकी हुई थीं। यही वजह रही कि लाइव प्रसारण के दौरान उन्हें कुछ क्षणों के लिए झपकी आ गई।

    ट्रोलिंग नहीं, मिला समर्थन
    आमतौर पर ऐसे वीडियो सोशल मीडिया पर मजाक और मीम्स का कारण बनते हैं, लेकिन इस बार यूजर्स ने अलग रुख अपनाया। बड़ी संख्या में लोगों ने कहा कि कैमरे के सामने काम करने वाला व्यक्ति भी इंसान होता है और थकान किसी को भी महसूस हो सकती है। इसलिए किसी की एक छोटी-सी गलती के आधार पर उसे जज नहीं किया जाना चाहिए।

    भावुक कर देने वाले कमेंट
    सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने एंकर के समर्थन में संदेश लिखे। किसी ने लिखा, “उन्हें जज मत कीजिए, उनका साथ दीजिए।” वहीं, दूसरे यूजर ने कहा कि “वर्किंग पैरेंट्स के लिए नौकरी और परिवार की जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाना आसान नहीं होता।”

    एंकर ने भी दिया सकारात्मक जवाब
    डोमिनिक डिलन ने भी इस पूरे घटनाक्रम पर सोशल मीडिया के जरिए प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे सहजता से लिया और समर्थन देने वाले लोगों का आभार जताया। उनके सकारात्मक रवैये की भी सोशल मीडिया पर काफी सराहना हुई।

    संवेदनशीलता का बना उदाहरण
    यह वायरल वीडियो केवल कुछ सेकंड की झपकी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने कामकाजी माता-पिता, विशेषकर छोटे बच्चों की परवरिश कर रही महिलाओं की चुनौतियों पर भी चर्चा छेड़ दी। कई लोगों का कहना है कि किसी की परिस्थितियों को समझे बिना उस पर टिप्पणी करना उचित नहीं है। यह घटना इस बात की भी याद दिलाती है कि हर मुस्कुराते चेहरे के पीछे अपनी चुनौतियां हो सकती हैं। ऐसे में आलोचना के बजाय संवेदनशीलता और सहयोग का भाव अधिक महत्वपूर्ण है।