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  • रोज-रोज की रोटी से बच्चे हो गए बोर? बची हुई रोटियों से तैयार करें ये 7 टेस्टी और पौष्टिक रेसिपीज

    रोज-रोज की रोटी से बच्चे हो गए बोर? बची हुई रोटियों से तैयार करें ये 7 टेस्टी और पौष्टिक रेसिपीज


    नई दिल्ली। घर में अक्सर रात की बनी कुछ रोटियां बच जाती हैं, लेकिन अगले दिन वही रोटियां बच्चों को परोसना आसान नहीं होता। कई बच्चे बासी रोटी खाने से मना कर देते हैं, जिससे खाना बर्बाद होने की नौबत आ जाती है। ऐसे में थोड़ी सी रचनात्मकता और कुछ सामान्य सामग्री की मदद से बची हुई रोटियों को स्वादिष्ट और पौष्टिक डिश में बदला जा सकता है। ये रेसिपीज न केवल बच्चों को पसंद आएंगी, बल्कि लंच बॉक्स और शाम के नाश्ते के लिए भी बेहतरीन विकल्प बन सकती हैं।

    सबसे आसान विकल्प टोफू रोटी रोल है। टोफू के छोटे-छोटे टुकड़ों को प्याज और हल्के मसालों के साथ भूनकर तैयार करें। रोटी पर हरी चटनी या टोमैटो सॉस लगाकर इसमें टोफू की स्टफिंग भरें और रोल बनाकर हल्का सेंक लें। यह प्रोटीन से भरपूर और स्वादिष्ट स्नैक बन जाता है।

    चना रोटी रोल भी बच्चों के लिए हेल्दी विकल्प है। उबले हुए चनों को हल्का मैश करके उसमें प्याज, टमाटर, धनिया और मसाले मिलाएं। इस मिश्रण को रोटी पर फैलाकर रोल तैयार करें और तवे पर हल्का सेंक लें। चटनी या दही के साथ इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है।

    अगर घर में राजमा बचा हुआ है तो उससे भी शानदार रोल बनाया जा सकता है। राजमा को मैश कर उसमें प्याज, टमाटर और मसाले मिलाएं। तैयार मिश्रण को रोटी में भरकर रोल बना लें। ऊपर से थोड़ा नींबू का रस डालने से इसका स्वाद और ताजगी बढ़ जाती है।

    दाल रोटी चीला भी बची हुई रोटियों का बेहतरीन उपयोग है। भीगी हुई मूंग दाल का गाढ़ा घोल तैयार करें और उसमें नमक व मसाले मिलाएं। इस घोल को रोटी पर फैलाकर दोनों तरफ से तवे पर सेंक लें। कुरकुरा बनने के बाद इसे हरी चटनी या दही के साथ परोसा जा सकता है।

    पनीर भुर्जी रोटी रोल बच्चों का पसंदीदा विकल्प बन सकता है। पनीर को प्याज, टमाटर और हल्के मसालों के साथ भूनकर भुर्जी तैयार करें। इसे रोटी में भरकर रोल बना लें। यह टिफिन के लिए भी सुविधाजनक और पौष्टिक विकल्प माना जाता है।

    सोया रोटी रोल भी प्रोटीन से भरपूर रेसिपी है। भीगे हुए सोया ग्रेन्यूल्स को प्याज और मसालों के साथ पकाकर तैयार करें। इसे रोटी में भरकर हल्का सेंक लें। यह लंबे समय तक पेट भरा रखने वाला और स्वादिष्ट स्नैक साबित हो सकता है।

    हरी मूंग रोटी रोल भी कम समय में तैयार होने वाली हेल्दी डिश है। उबली हुई हरी मूंग को मैश कर उसमें प्याज, टमाटर, काली मिर्च और नमक मिलाएं। रोटी पर हरी चटनी लगाकर यह मिश्रण भरें और रोल बना लें। यह बच्चों के साथ-साथ बड़ों के लिए भी पौष्टिक नाश्ता बन सकता है।

    बची हुई रोटियों को फेंकने के बजाय इस तरह नए स्वाद में बदलकर न केवल भोजन की बर्बादी रोकी जा सकती है, बल्कि बच्चों को पौष्टिक और स्वादिष्ट भोजन भी परोसा जा सकता है। थोड़ी सी तैयारी के साथ ये सभी रेसिपीज कुछ ही मिनटों में तैयार हो जाती हैं और पूरे परिवार को पसंद आ सकती हैं।

  • सावन व्रत में रोज-रोज साबूदाना खिचड़ी से हो गए हैं बोर? इस बार बनाएं साबूदाने की 5 स्वादिष्ट और आसान रेसिपी

    सावन व्रत में रोज-रोज साबूदाना खिचड़ी से हो गए हैं बोर? इस बार बनाएं साबूदाने की 5 स्वादिष्ट और आसान रेसिपी

    नई दिल्ली । सावन का पवित्र महीना शुरू होते ही देशभर के शिव भक्त भगवान भोलेनाथ की आराधना के साथ व्रत और पूजा-पाठ में जुट जाते हैं। इस दौरान अधिकतर घरों में व्रत के भोजन के रूप में साबूदाना सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, कई दिनों तक लगातार साबूदाना खिचड़ी खाने से लोग एक जैसा स्वाद महसूस करने लगते हैं। ऐसे में यदि आप व्रत के दौरान अपने भोजन में कुछ नया और स्वादिष्ट शामिल करना चाहते हैं, तो साबूदाने से कई आसान और लाजवाब व्यंजन तैयार किए जा सकते हैं। ये रेसिपी स्वाद बढ़ाने के साथ व्रत के भोजन में विविधता भी लाती हैं।

    साबूदाना वड़ा व्रत के दौरान सबसे लोकप्रिय विकल्पों में से एक माना जाता है। इसे बनाने के लिए भीगे हुए साबूदाने में उबले आलू, भुनी मूंगफली का चूरा, सेंधा नमक और हरी मिर्च मिलाकर छोटे-छोटे वड़े तैयार किए जाते हैं। इन्हें हल्का तलकर या कम तेल में सेंककर दही अथवा व्रत वाली चटनी के साथ परोसा जा सकता है। यह बाहर से कुरकुरा और अंदर से मुलायम होता है।

    अगर व्रत में मीठा खाने की इच्छा हो तो साबूदाना खीर एक बेहतरीन विकल्प है। दूध में साबूदाना अच्छी तरह पकाकर उसमें चीनी या स्वादानुसार मिठास, इलायची और कटे हुए मेवे मिलाए जाते हैं। यह रेसिपी स्वादिष्ट होने के साथ ऊर्जा भी प्रदान करती है और परिवार के सभी सदस्यों को पसंद आती है।

    कुरकुरे स्नैक पसंद करने वालों के लिए साबूदाना पापड़ भी अच्छा विकल्प है। इसे पहले से तैयार करके सुरक्षित रखा जा सकता है। जरूरत पड़ने पर इसे हल्का सेंककर या तलकर तुरंत परोसा जा सकता है। यह चाय या व्रत के हल्के नाश्ते के साथ भी अच्छा लगता है।

    साबूदाना थालीपीठ भी व्रत के भोजन में स्वाद बढ़ाने वाला व्यंजन है। इसमें साबूदाने के साथ उबले आलू, मूंगफली और सेंधा नमक मिलाकर आटे जैसा मिश्रण तैयार किया जाता है। इसके बाद इसे तवे पर हल्के तेल या घी के साथ दोनों तरफ से सुनहरा होने तक सेंका जाता है। दही के साथ इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है।

    हल्का और जल्दी बनने वाला विकल्प चाहने वालों के लिए साबूदाना चिवड़ा भी अच्छा चुनाव हो सकता है। इसमें साबूदाने को भूनकर मूंगफली और सेंधा नमक मिलाया जाता है। यह कम समय में तैयार हो जाता है और हल्की भूख मिटाने के लिए उपयुक्त माना जाता है।

    विशेषज्ञों के अनुसार साबूदाने में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा अधिक होती है, इसलिए इसका संतुलित मात्रा में सेवन करना चाहिए। व्रत के दौरान केवल साबूदाने पर निर्भर रहने के बजाय फल, दूध, दही और मेवों को भी भोजन में शामिल करना बेहतर माना जाता है। यदि किसी व्यक्ति को मधुमेह या अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्या है, तो व्रत का भोजन तय करने से पहले चिकित्सकीय सलाह लेना उचित रहेगा। सही संतुलन और विविधता के साथ तैयार किए गए ये व्यंजन सावन के व्रत को स्वादिष्ट, पौष्टिक और यादगार बना सकते हैं।