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  • Dividend Alert: सोमवार को एक्स-डिविडेंड ट्रेड करेंगे 5 बड़े शेयर, जानिए किस कंपनी ने कितना डिविडेंड घोषित किया और किन निवेशकों को मिलेगा सीधा लाभ

    Dividend Alert: सोमवार को एक्स-डिविडेंड ट्रेड करेंगे 5 बड़े शेयर, जानिए किस कंपनी ने कितना डिविडेंड घोषित किया और किन निवेशकों को मिलेगा सीधा लाभ


    नई दिल्ली ।
    अगले कारोबारी सप्ताह की शुरुआत डिविडेंड निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण रहने वाली है। सोमवार 13 जुलाई को शेयर बाजार में पांच कंपनियों के शेयर एक्स-डिविडेंड पर कारोबार करेंगे। इनमें महिंद्रा एंड महिंद्रा फाइनेंशियल सर्विसेज, भंसाली इंजीनियरिंग पॉलिमर्स, सुपर सेल्स इंडिया, एक्सप्रो इंडिया और इंगरसोल-रैंड (इंडिया) शामिल हैं। इन कंपनियों ने अपने-अपने शेयरधारकों के लिए डिविडेंड घोषित किया है। ऐसे में केवल वे निवेशक इसका लाभ प्राप्त कर सकेंगे जिनके नाम रिकॉर्ड डेट तक कंपनी के शेयरधारकों की सूची में दर्ज होंगे।

    एक्स-डिविडेंड डेट शेयर बाजार में निवेश करने वालों के लिए एक महत्वपूर्ण अवधारणा मानी जाती है। इस तारीख के बाद यदि कोई निवेशक संबंधित कंपनी का शेयर खरीदता है तो वह घोषित डिविडेंड का पात्र नहीं होता। इसलिए डिविडेंड का लाभ लेने के इच्छुक निवेशकों को एक्स-डिविडेंड डेट से पहले शेयर खरीदना आवश्यक होता है। इसी वजह से रिकॉर्ड डेट और एक्स-डिविडेंड डेट का विशेष महत्व माना जाता है।

    महिंद्रा एंड महिंद्रा फाइनेंशियल सर्विसेज ने अपने शेयरधारकों के लिए 7.50 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड घोषित किया है। कंपनी की एक्स-डिविडेंड डेट 13 जुलाई निर्धारित की गई है। मौजूदा समय में कंपनी का शेयर करीब 341 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा है। समय पर शेयर रखने वाले पात्र निवेशकों को कंपनी की ओर से घोषित लाभांश का फायदा मिलेगा।

    सुपर सेल्स इंडिया ने भी अपने निवेशकों के लिए 2.50 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड घोषित किया है। कंपनी के शेयर सोमवार को एक्स-डिविडेंड हो जाएंगे। इसका अर्थ यह है कि एक्स-डिविडेंड डेट के बाद शेयर खरीदने वाले निवेशक इस डिविडेंड के पात्र नहीं होंगे। कंपनी का शेयर फिलहाल लगभग 866.85 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा है।

    एक्सप्रो इंडिया ने अपने शेयरधारकों को 2 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड देने का निर्णय लिया है। कंपनी की एक्स-डिविडेंड डेट भी 13 जुलाई तय की गई है। कंपनी का शेयर करीब 1455 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा है। डिविडेंड के साथ-साथ निवेशक कंपनी के दीर्घकालिक प्रदर्शन पर भी नजर बनाए हुए हैं।

    इंगरसोल-रैंड (इंडिया) ने इस सूची में सबसे अधिक 20 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड घोषित किया है। कंपनी की एक्स-डिविडेंड डेट भी 13 जुलाई ही है। वर्तमान में इसका शेयर लगभग 4466.80 रुपये के स्तर पर ट्रेड कर रहा है। अधिक डिविडेंड की घोषणा के कारण यह शेयर निवेशकों के बीच विशेष चर्चा में बना हुआ है।

    भंसाली इंजीनियरिंग पॉलिमर्स ने 1 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड घोषित किया है। कंपनी ने 13 जुलाई को ही रिकॉर्ड डेट और एक्स-डिविडेंड डेट निर्धारित की है। कंपनी का शेयर फिलहाल करीब 103.10 रुपये पर कारोबार कर रहा है। रिकॉर्ड डेट से पहले शेयर रखने वाले निवेशक घोषित लाभांश प्राप्त करने के पात्र होंगे।

    बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि डिविडेंड निवेशकों के लिए नियमित आय का एक महत्वपूर्ण माध्यम होता है, लेकिन केवल डिविडेंड को आधार बनाकर निवेश का निर्णय लेना उचित नहीं माना जाता। निवेशकों को कंपनी की वित्तीय स्थिति, भविष्य की विकास संभावनाओं, लाभप्रदता और दीर्घकालिक प्रदर्शन का भी मूल्यांकन करना चाहिए। एक्स-डिविडेंड डेट के आसपास शेयरों में कीमतों में सामान्य उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है, इसलिए निवेश से पहले सभी पहलुओं पर सावधानीपूर्वक विचार करना आवश्यक है।

  • सरकारी बीमा दिग्गज एलआईसी का बड़ा तोहफा: 10 रुपए प्रति शेयर लाभांश के लिए आज ही खरीदने होंगे शेयर

    सरकारी बीमा दिग्गज एलआईसी का बड़ा तोहफा: 10 रुपए प्रति शेयर लाभांश के लिए आज ही खरीदने होंगे शेयर


    नई दिल्ली । भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के शेयरधारकों के लिए बुधवार का दिन बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। देश की सबसे बड़ी सरकारी बीमा कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 10 रुपए प्रति इक्विटी शेयर के अंतिम डिविडेंड की घोषणा की है और इसके लिए 25 जून को रिकॉर्ड डेट निर्धारित की गई है। ऐसे में जो निवेशक इस लाभांश का फायदा उठाना चाहते हैं, उनके लिए 24 जून तक शेयर खरीदना जरूरी है।

    भारतीय शेयर बाजार में लागू टी+1 सेटलमेंट व्यवस्था के अनुसार किसी भी निवेशक का नाम रिकॉर्ड डेट तक कंपनी के शेयरधारकों की सूची में होना चाहिए। इसके लिए निवेशकों को रिकॉर्ड डेट से एक कारोबारी दिन पहले तक शेयर खरीदने होते हैं ताकि तय तारीख तक शेयर उनके डीमैट खाते में दिखाई दें। इसी कारण 24 जून को एलआईसी के शेयर खरीदने वाले निवेशक डिविडेंड के पात्र माने जाएंगे।

    कंपनी ने अपने शेयरधारकों को प्रति इक्विटी शेयर 10 रुपए के अंतिम लाभांश का प्रस्ताव दिया है। यह भुगतान उन निवेशकों को मिलेगा जिनके नाम रिकॉर्ड डेट पर कंपनी के रिकॉर्ड में दर्ज होंगे। डिविडेंड को निवेशकों के लिए अतिरिक्त आय का एक महत्वपूर्ण स्रोत माना जाता है, क्योंकि कंपनियां अपने मुनाफे का एक हिस्सा शेयरधारकों के साथ साझा करती हैं।

    एलआईसी ने हाल के महीनों में मजबूत वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया है, जिसका असर कंपनी के निवेशकों के विश्वास पर भी दिखाई दिया है। वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में कंपनी का समेकित शुद्ध लाभ 23.2 प्रतिशत बढ़कर 23,420 करोड़ रुपए तक पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह आंकड़ा 19,013 करोड़ रुपए था। इस प्रदर्शन के साथ एलआईसी वित्तीय क्षेत्र की सबसे अधिक मुनाफा कमाने वाली कंपनियों में शामिल रही।

    जनवरी से मार्च 2026 की अवधि में कंपनी की शुद्ध प्रीमियम आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। यह बढ़कर लगभग 1.7 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गई, जबकि एक वर्ष पहले समान अवधि में यह करीब 1.5 लाख करोड़ रुपए थी। प्रीमियम आय में यह वृद्धि कंपनी के व्यवसाय विस्तार और बाजार में उसकी मजबूत स्थिति को दर्शाती है।

    एलआईसी ने केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों के बीच सबसे अधिक तिमाही लाभ अर्जित करने वाली कंपनी का स्थान भी बनाए रखा है। मजबूत आय, लाभ में वृद्धि और स्थिर कारोबारी प्रदर्शन के कारण कंपनी निवेशकों के बीच लगातार आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।

    कंपनी की परिसंपत्तियों के आकार में भी बढ़ोतरी देखने को मिली है। 31 मार्च 2026 तक प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियां 57 लाख करोड़ रुपए से अधिक के स्तर पर पहुंच गईं। यह पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 5 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। एसेट्स अंडर मैनेजमेंट में लगातार वृद्धि कंपनी की वित्तीय मजबूती और निवेशकों के भरोसे को प्रतिबिंबित करती है।

    डिविडेंड आय से जुड़े कर नियमों को लेकर भी निवेशकों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। वर्तमान नियमों के अनुसार यदि किसी निवासी व्यक्ति को एक वित्त वर्ष में 5,000 रुपए से अधिक का कुल डिविडेंड प्राप्त होता है, तो उस पर 10 प्रतिशत की दर से स्रोत पर कर कटौती लागू होती है। इसलिए निवेशकों को अपने कर दायित्वों का भी ध्यान रखना चाहिए।

    मजबूत वित्तीय परिणाम, बढ़ता लाभ, विशाल परिसंपत्ति आधार और आकर्षक डिविडेंड घोषणा के चलते एलआईसी के शेयर एक बार फिर निवेशकों की चर्चा के केंद्र में हैं। रिकॉर्ड डेट से पहले डिविडेंड पात्रता हासिल करने की होड़ के बीच बाजार की नजरें अब कंपनी के आगामी प्रदर्शन और निवेशकों की प्रतिक्रिया पर टिकी हुई हैं।