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  • टी20 अंतरराष्ट्रीय में सबसे ज्यादा मैच खेलने वाली टीम पाकिस्तान, भारत 300 मुकाबलों के साथ दूसरे स्थान पर पहुंचा

    टी20 अंतरराष्ट्रीय में सबसे ज्यादा मैच खेलने वाली टीम पाकिस्तान, भारत 300 मुकाबलों के साथ दूसरे स्थान पर पहुंचा

    नई दिल्ली ।टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में मैदान पर उतरते ही भारतीय टीम ने इस प्रारूप में अपने 300 मैच पूरे कर लिए। इसके साथ ही भारत, पाकिस्तान के बाद टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 300 या उससे अधिक मुकाबले खेलने वाली दुनिया की दूसरी टीम बन गया। हालांकि, सर्वाधिक टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने के मामले में पाकिस्तान अब भी शीर्ष स्थान पर बना हुआ है। भारत ने तीन बार टी20 विश्व कप का खिताब जीता है, लेकिन मैचों की संख्या के लिहाज से वह पाकिस्तान से पीछे है।

    क्राइस्टचर्च के हेग्ले ओवल मैदान पर न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला गया दूसरा टी20 मुकाबला भारतीय टीम के लिए इस लिहाज से खास रहा। इस मैच के साथ भारत ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 300 मुकाबले खेलने का आंकड़ा छुआ। पिछले वर्षों में द्विपक्षीय सीरीज, टी20 विश्व कप और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के कारण इस प्रारूप में भारत के मैचों की संख्या लगातार बढ़ी है। टी20 क्रिकेट की लोकप्रियता बढ़ने के साथ ही अंतरराष्ट्रीय टीमें भी इस प्रारूप में अधिक मुकाबले खेल रही हैं।

    उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, पाकिस्तान ने अब तक 304 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं और वह इस सूची में पहले स्थान पर है। भारत 300 मुकाबलों के साथ दूसरे नंबर पर पहुंच गया है। न्यूजीलैंड 269 मैचों के साथ तीसरे स्थान पर है। इसके बाद वेस्टइंडीज का नंबर आता है, जिसने 260 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले हैं। श्रीलंका 243 मैचों के साथ इस सूची में पांचवें स्थान पर है। इन आंकड़ों से पता चलता है कि टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एशियाई टीमों के साथ-साथ अन्य प्रमुख क्रिकेट देशों की भी लंबी भागीदारी रही है।

    मैचों की कुल संख्या के अलावा भारत का जीत का रिकॉर्ड भी उल्लेखनीय है। 300 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में भारतीय टीम ने 200 मैच जीते हैं। उसे 83 मैचों में हार का सामना करना पड़ा, जबकि सात मुकाबले टाई रहे और 10 मैचों का कोई परिणाम नहीं निकल सका। इस तरह भारत ने इस प्रारूप में जीत का दोहरा शतक पूरा कर लिया है। टीम के प्रदर्शन में बल्लेबाजी और गेंदबाजी के योगदान के साथ लंबे समय तक निरंतरता बनाए रखना भी अहम रहा है।

    दूसरी ओर, पाकिस्तान ने अपने 304 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में से 176 में जीत दर्ज की है। उसे 116 मुकाबलों में हार मिली, जबकि चार मैच टाई रहे और आठ मुकाबलों का कोई नतीजा नहीं निकला। भारत और पाकिस्तान के आंकड़ों की तुलना करने पर जीत की संख्या में भारतीय टीम आगे दिखाई देती है। भारत ने पाकिस्तान से चार मैच कम खेले हैं, लेकिन उसकी जीत की संख्या 200 है, जबकि पाकिस्तान की जीत 176 है।

    टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के विस्तार में द्विपक्षीय सीरीज और आईसीसी टूर्नामेंट की अहम भूमिका रही है। इस प्रारूप में कम समय में परिणाम मिलने के कारण दर्शकों की दिलचस्पी बढ़ी है। भारत ने भी लगातार अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में हिस्सा लेकर अपने मैचों की संख्या 300 तक पहुंचाई है। टी20 विश्व कप में टीम की सफलता ने इस प्रारूप में भारतीय क्रिकेट की पहचान को और मजबूत किया है।

    भारत का 300 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों तक पहुंचना उसके क्रिकेट कार्यक्रम में इस प्रारूप की अहमियत को दर्शाता है। पाकिस्तान फिलहाल सर्वाधिक मुकाबले खेलने वाली टीम है, लेकिन भारत ने जीत की संख्या के मामले में मजबूत रिकॉर्ड बनाया है। आने वाले समय में दोनों टीमों के मैचों की संख्या में बदलाव हो सकता है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर में टी20 मुकाबले लगातार खेले जा रहे हैं।

  • टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत ने पूरे किए 2000 छक्के, संजू सैमसन ने जड़ा ऐतिहासिक शॉट और 22 गेंदों में ठोके 56 रन

    टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत ने पूरे किए 2000 छक्के, संजू सैमसन ने जड़ा ऐतिहासिक शॉट और 22 गेंदों में ठोके 56 रन


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए 2000 छक्के पूरे कर लिए हैं। वेस्टइंडीज के खिलाफ 14 अक्टूबर को हैदराबाद में खेले गए चौथे टी20 मुकाबले के दौरान भारत ने यह ऐतिहासिक मुकाम हासिल किया। भारतीय टीम इस प्रारूप में 2000 छक्के लगाने वाली दुनिया की दूसरी टीम बन गई है। इस उपलब्धि के साथ विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन ने भी अपने प्रदर्शन से खास पहचान बनाई। उन्होंने भारत की ओर से 2000वां छक्का लगाने के अलावा टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपने 100 छक्के भी पूरे किए।

    भारत ने यह उपलब्धि अपने 297वें टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में हासिल की। इस प्रारूप में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाली टीमों की सूची में वेस्टइंडीज पहले स्थान पर है। कैरेबियाई टीम ने 259 मैचों में कुल 2026 छक्के लगाए हैं। भारत अब 2000 छक्कों का आंकड़ा पार करने वाली दूसरी टीम बन गया है। इस सूची में न्यूजीलैंड 1585 छक्कों के साथ तीसरे, पाकिस्तान 1507 छक्कों के साथ चौथे और दक्षिण अफ्रीका 1407 छक्कों के साथ पांचवें स्थान पर है।

    हैदराबाद में खेले गए मुकाबले में भारत का 2000वां छक्का संजू सैमसन के बल्ले से निकला। उन्होंने वेस्टइंडीज के गेंदबाज रोस्टन चेज के ओवर की तीसरी गेंद पर शानदार छक्का लगाया। इसी शॉट के साथ भारतीय टीम ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में छक्कों का दो हजार का आंकड़ा पूरा कर लिया। यह उपलब्धि भारतीय टीम की इस प्रारूप में लंबे समय से चली आ रही आक्रामक बल्लेबाजी की क्षमता को दर्शाती है।

    संजू सैमसन के लिए यह मुकाबला व्यक्तिगत उपलब्धि के लिहाज से भी खास रहा। वह टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 100 छक्के लगाने वाले छठे भारतीय बल्लेबाज बन गए। मुकाबले के बाद उनके नाम कुल 102 छक्के दर्ज हो गए। भारतीय बल्लेबाजों में रोहित शर्मा 205 छक्कों के साथ सबसे आगे हैं। उनके बाद सूर्यकुमार यादव के 179, अभिषेक शर्मा के 141, हार्दिक पंड्या के 126 और विराट कोहली के 124 छक्के हैं। अब संजू भी इस विशेष सूची में शामिल हो गए हैं।

    मैच में संजू ने लक्ष्य का पीछा करते हुए आक्रामक बल्लेबाजी की। वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए तीन विकेट पर 247 रन बनाए थे और भारत के सामने 248 रन का लक्ष्य रखा था। इसके जवाब में संजू ने महज 22 गेंदों में 56 रन ठोक दिए। उनकी पारी में चार चौके और चार छक्के शामिल रहे। उन्होंने तेजी से रन बनाकर भारतीय पारी को अच्छी शुरुआत देने की कोशिश की।

    हालांकि, संजू की तेजतर्रार पारी के बावजूद भारतीय टीम लक्ष्य हासिल नहीं कर सकी। कप्तान श्रेयस अय्यर, अभिषेक शर्मा और ईशान किशन बल्ले से अपेक्षित योगदान नहीं दे पाए। भारतीय टीम 223 रन पर सिमट गई और मुकाबला 24 रन से हार गई। इस जीत के साथ वेस्टइंडीज ने पांच मैचों की टी20 सीरीज में 2-2 की बराबरी कर ली।

    इस तरह हैदराबाद में भारत को भले ही हार का सामना करना पड़ा, लेकिन टीम ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 2000 छक्के पूरे करने का ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया। संजू सैमसन ने भी दो अहम उपलब्धियां हासिल कर इस मुकाबले को अपने लिए यादगार बना दिया।


  • अभिषेक शर्मा ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में रचा छक्कों का नया इतिहास, एक कैलेंडर वर्ष में सूर्यकुमार यादव का रिकॉर्ड तोड़ा

    अभिषेक शर्मा ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में रचा छक्कों का नया इतिहास, एक कैलेंडर वर्ष में सूर्यकुमार यादव का रिकॉर्ड तोड़ा


    नई दिल्ली ।
    भारतीय सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक कैलेंडर वर्ष के दौरान सबसे ज्यादा छक्के लगाने का नया रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। वेस्टइंडीज के खिलाफ हैदराबाद में खेले गए पांच मैचों की टी20 सीरीज के चौथे मुकाबले में अभिषेक ने 29 रन की पारी खेली।भले ही वह इस मैच में बड़ी पारी खेलने में सफल नहीं रहे, लेकिन अपनी छोटी पारी के दौरान उन्होंने एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली। अभिषेक अब साल 2026 में टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 69 छक्के लगा चुके हैं। उन्होंने इस मामले में सूर्यकुमार यादव को पीछे छोड़ दिया है, जिन्होंने वर्ष 2022 में 68 छक्के लगाए थे।

    14 अक्टूबर को हैदराबाद के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में भारतीय टीम को 24 रन से हार का सामना करना पड़ा। वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए तीन विकेट के नुकसान पर 247 रन बनाए और भारत के सामने 248 रन का लक्ष्य रखा। जवाब में भारतीय टीम निर्धारित लक्ष्य हासिल नहीं कर सकी और उसकी पारी 223 रन पर समाप्त हो गई। इस जीत के साथ वेस्टइंडीज ने पांच मैचों की टी20 सीरीज में 2-2 की बराबरी कर ली।

    अभिषेक शर्मा ने अपनी 29 रन की पारी के दौरान 24 गेंदों का सामना किया और तीन चौके तथा एक छक्का लगाया। शुरुआती ओवरों में उन्हें तेजी से रन बनाने के लिए संघर्ष करना पड़ा। संजू सैमसन ने शुरुआती चरण में अधिक स्ट्राइक अपने पास रखी, जबकि वेस्टइंडीज के गेंदबाजों ने अभिषेक को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। पावरप्ले के बाद उनका स्ट्राइक रेट भी 100 से नीचे था।

    पारी के नौवें ओवर में शमर स्प्रिंगर की गेंद पर अभिषेक ने आगे बढ़कर जोरदार छक्का लगाया। इसी छक्के के साथ उन्होंने सूर्यकुमार यादव के एक कैलेंडर वर्ष में सर्वाधिक छक्के लगाने के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। इस तरह अभिषेक ने उस समय नया मुकाम हासिल किया, जब उनका व्यक्तिगत स्कोर बड़ा नहीं था।

    अभिषेक ने वर्ष 2026 की शुरुआत आक्रामक अंदाज में की थी। न्यूजीलैंड के खिलाफ नागपुर में उन्होंने 35 गेंदों पर 84 रन बनाए थे। इस पारी में उनके बल्ले से आठ छक्के निकले थे। इसके बाद गुवाहाटी में उन्होंने 20 गेंदों पर नाबाद 68 रन की पारी खेली और पांच छक्के लगाए।

    हालांकि, इन शानदार पारियों के बाद उनका बल्ला कुछ समय तक खामोश रहा। कई मुकाबलों में वह खाता खोलने में भी नाकाम रहे। इसके बावजूद उन्होंने वापसी करते हुए छक्कों के मामले में नया रिकॉर्ड स्थापित कर दिया।

    चौथे टी20 मुकाबले में वेस्टइंडीज की बल्लेबाजी का नेतृत्व शाई होप ने किया। उन्होंने 50 गेंदों पर नाबाद 102 रन बनाए। पारी की आखिरी गेंद पर छक्का लगाकर उन्होंने अपना शतक पूरा किया।

    यह मौजूदा दौरे पर उनका चौथा और टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर का तीसरा शतक था। शेरफेन रदरफोर्ड ने भी 26 गेंदों पर नाबाद 49 रन की तेज पारी खेली। दोनों बल्लेबाजों ने चौथे विकेट के लिए केवल 43 गेंदों में 91 रन की साझेदारी की, जिससे वेस्टइंडीज बड़ा स्कोर खड़ा करने में सफल रहा।

    भारतीय गेंदबाजों के लिए यह मुकाबला चुनौतीपूर्ण रहा। मयंक यादव और अर्शदीप सिंह ने अपने-अपने चार ओवरों में 52-52 रन दिए। भारतीय टीम ने क्षेत्ररक्षण के दौरान भी कुछ मौके गंवाए। इसके अलावा टीम ने 18 अतिरिक्त रन दिए, जिसका वेस्टइंडीज को फायदा मिला। मेहमान टीम ने अपनी पारी में कुल 16 छक्के लगाए और बड़े स्कोर के दम पर मुकाबला जीत लिया। इस परिणाम से सीरीज फिर बराबरी पर आ गई, जबकि अभिषेक शर्मा ने अपनी व्यक्तिगत उपलब्धि के जरिए टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में नया रिकॉर्ड कायम किया।

  • अर्जेंटीना की जर्सी में मेसी का आखिरी मैच, 21 साल के करियर में 125 गोल, 4 बड़े खिताब और रिकॉर्ड्स की लंबी फेहरिस्त

    अर्जेंटीना की जर्सी में मेसी का आखिरी मैच, 21 साल के करियर में 125 गोल, 4 बड़े खिताब और रिकॉर्ड्स की लंबी फेहरिस्त

    नई दिल्ली: लियोनल मेसी ने अर्जेंटीना की जर्सी में अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेल लिया। ब्यूनस आयर्स के एस्टाडियो मोनुमेंटल में बेनिन के खिलाफ खेले गए दोस्ताना मैच में अर्जेंटीना ने 3-0 से जीत दर्ज की। इस मुकाबले में मेसी ने एक गोल किया और टीम के तीनों गोल में अहम भूमिका निभाई। 39 वर्षीय मेसी अगस्त में ही राष्ट्रीय टीम से संन्यास का एलान कर चुके थे। इसके साथ अर्जेंटीना की नीली-सफेद जर्सी में उनका 21 साल से ज्यादा लंबा सफर समाप्त हो गया, जिसमें उन्होंने टीम को विश्व कप और कोपा अमेरिका समेत चार बड़े अंतरराष्ट्रीय खिताब दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    मेसी ने 2005 में अर्जेंटीना की सीनियर टीम के लिए पदार्पण किया था। इससे पहले वह उसी साल अर्जेंटीना को अंडर-20 विश्व कप जिताने में अहम भूमिका निभा चुके थे और टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी तथा शीर्ष स्कोरर बने थे। 2008 बीजिंग ओलंपिक में भी उन्होंने अर्जेंटीना के साथ स्वर्ण पदक जीता। हालांकि सीनियर टीम के शुरुआती वर्षों में उन्हें कई निराशाओं का सामना करना पड़ा। 2014 विश्व कप फाइनल में जर्मनी से हार और 2015 तथा 2016 कोपा अमेरिका फाइनल में चिली के खिलाफ हार के बाद मेसी पर सवाल उठे। 2016 में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास का एलान भी किया, लेकिन बाद में टीम में वापसी की।

    वापसी के बाद मेसी और अर्जेंटीना की कहानी पूरी तरह बदल गई। 2021 में अर्जेंटीना ने ब्राजील को हराकर कोपा अमेरिका का खिताब जीता और मेसी ने अपना पहला बड़ा सीनियर अंतरराष्ट्रीय खिताब हासिल किया। 2022 में इटली के खिलाफ फाइनलिसिमा जीतने के बाद कतर विश्व कप में अर्जेंटीना ने फ्रांस को फाइनल में हराकर खिताब जीता। मेसी ने उस फाइनल में दो गोल किए और पेनल्टी शूटआउट में अर्जेंटीना की जीत के बाद विश्व कप ट्रॉफी अपने नाम की। उन्हें टूर्नामेंट का गोल्डन बॉल पुरस्कार भी मिला। 2024 में अर्जेंटीना ने कोलंबिया को हराकर लगातार दूसरी बार कोपा अमेरिका जीता। इस तरह मेसी के नेतृत्व में टीम ने चार बड़े अंतरराष्ट्रीय खिताब हासिल किए।

    2026 विश्व कप में भी मेसी ने कई नए रिकॉर्ड बनाए। अल्जीरिया के खिलाफ मुकाबले में मैदान पर उतरते ही वह पुरुष फुटबॉल इतिहास में छह अलग-अलग विश्व कप खेलने वाले पहले खिलाड़ी बने। उसी मैच में उन्होंने विश्व कप करियर की पहली हैट्रिक लगाई। इसके बाद ऑस्ट्रिया के खिलाफ दो गोल करके उन्होंने विश्व कप में अपने गोल की संख्या 18 पहुंचाई और मिरोस्लाव क्लोज को पीछे छोड़ दिया। 2026 विश्व कप के अंत तक मेसी के नाम 21 गोल हो गए। उन्होंने टूर्नामेंट में आठ गोल और चार असिस्ट के साथ अर्जेंटीना को फाइनल तक पहुंचाया, जहां स्पेन से अतिरिक्त समय में 0-1 की हार के बाद टीम उपविजेता रही।

    मेसी के नाम विश्व कप में 23 जीत और 12 असिस्ट का रिकॉर्ड भी दर्ज है। वह तीन विश्व कप फाइनल में शुरुआती एकादश का हिस्सा रहने वाले खिलाड़ियों में शामिल हैं। 2026 में उन्होंने लगातार नौ विश्व कप मैचों में गोल करने का रिकॉर्ड बनाया और नॉकआउट चरण में लगातार छह मैचों में गोल करने का रिकॉर्ड भी कायम किया। कतर विश्व कप में वह ग्रुप चरण से लेकर फाइनल तक हर चरण में गोल करने वाले खिलाड़ी बने थे। अर्जेंटीना के लिए अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में मेसी ने 207 मैच खेले और 125 गोल के साथ टीम के सबसे ज्यादा मैच खेलने तथा सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी के रूप में विदाई ली। उन्होंने 68 असिस्ट भी किए।

    मेसी की उपलब्धियां सिर्फ अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल तक सीमित नहीं रहीं। बार्सिलोना के साथ उन्होंने 17 सीजन बिताए और 778 मैचों में 672 गोल किए। क्लब के साथ उन्होंने 35 खिताब जीते, जिनमें चार चैंपियंस लीग और 10 ला लीगा खिताब शामिल हैं। 2012 में एक कैलेंडर वर्ष में 91 गोल करने का रिकॉर्ड भी उनके नाम है। वह आठ बार बैलन डी’ओर जीत चुके हैं और छह बार यूरोपीय गोल्डन शू हासिल कर चुके हैं। 2023 में इंटर मियामी पहुंचने के बाद भी उनका रिकॉर्ड कायम रहा और 2026 में क्लब के लिए 100 गोल पूरे करने वाले पहले खिलाड़ी बने। अब अर्जेंटीना के साथ उनका अंतरराष्ट्रीय अध्याय समाप्त हो चुका है, लेकिन उनके रिकॉर्ड और उपलब्धियां फुटबॉल इतिहास का अहम हिस्सा बनी रहेंगी।

  • ‘हनुमान अंश’ की कमाई ने 31वें दिन पकड़ी रफ्तार, 22.75 करोड़ कलेक्शन के साथ फिल्म ने बनाए कई बड़े रिकॉर्ड

    ‘हनुमान अंश’ की कमाई ने 31वें दिन पकड़ी रफ्तार, 22.75 करोड़ कलेक्शन के साथ फिल्म ने बनाए कई बड़े रिकॉर्ड


    नई दिल्ली । ‘हनुमान अंश’ का बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। फिल्म की कमाई में हर गुजरते दिन के साथ तेजी देखने को मिल रही है। रिलीज के 31वें दिन फिल्म ने ऐसा कलेक्शन किया, जिसने कई बड़ी फिल्मों के 31वें दिन के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। फिल्म अब तक 120 करोड़ रुपये से ज्यादा का नेट कलेक्शन कर चुकी है और बॉक्स ऑफिस पर इसकी पकड़ मजबूत बनी हुई है।

    31वें दिन फिल्म ने 22.75 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। इस दौरान फिल्म को 7077 शोज मिले और इसकी ऑक्यूपेंसी 73 प्रतिशत रही। 31वें दिन की कमाई के मामले में फिल्म ने ‘धुरंधर’, ‘छावा’, ‘उरी’, ‘स्त्री 2’, ‘धुरंधर 2’, ‘महावतार नरसिम्हा’, ‘पुष्पा 2’, ‘तान्हाजी’ और ‘बाहुबली 2’ जैसी फिल्मों को पीछे छोड़ दिया।

    इन फिल्मों की 31वें दिन की कमाई की बात करें तो ‘धुरंधर’ ने 12.75 करोड़ रुपये, ‘छावा’ ने 8 करोड़ रुपये, ‘उरी’ ने 5.66 करोड़ रुपये और ‘स्त्री 2’ ने 5.40 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया था। वहीं ‘धुरंधर 2’ ने 4.65 करोड़ रुपये, ‘महावतार नरसिम्हा’ ने 6.15 करोड़ रुपये, ‘पुष्पा 2’ ने 5.50 करोड़ रुपये, ‘तान्हाजी’ ने 3.45 करोड़ रुपये और ‘बाहुबली 2’ ने 3.16 करोड़ रुपये की कमाई की थी।

    ‘हनुमान अंश’ के अब तक के कुल कारोबार पर नजर डालें तो फिल्म ने 122.13 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन कर लिया है। वहीं इसका ग्रॉस कलेक्शन 144.40 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। हालांकि फिल्म की शुरुआत बेहद धीमी रही थी। रिलीज के पहले दिन फिल्म ने केवल 10 लाख रुपये कमाए थे। पहले सप्ताह में भी फिल्म का कारोबार सिर्फ 1.08 करोड़ रुपये रहा था। उस समय फिल्म को लगभग 300 से 400 शोज ही मिले थे।

    दूसरे सप्ताह में फिल्म के शोज की संख्या और घट गई थी। उस दौरान इसे सिर्फ 25 से 30 शोज मिले और फिल्म ने महज 40 लाख रुपये का कारोबार किया। इसके बाद तीसरे सप्ताह में फिल्म की स्थिति पूरी तरह बदल गई। दर्शकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया का असर बॉक्स ऑफिस पर दिखाई दिया और फिल्म ने तीसरे सप्ताह में 10.40 करोड़ रुपये की कमाई कर ली।

    चौथे सप्ताह में फिल्म ने उम्मीद से कहीं बेहतर प्रदर्शन करते हुए 61 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। इसके बाद फिल्म की कमाई लगातार बढ़ती गई। 29वें दिन फिल्म ने 10 करोड़ रुपये, 30वें दिन 16.50 करोड़ रुपये और 31वें दिन 22.75 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया।

    फिल्म के शोज की संख्या भी अब बढ़कर करीब सात हजार तक पहुंच गई है। धीमी शुरुआत के बाद ‘हनुमान अंश’ का इस तरह तेजी से आगे बढ़ना बॉक्स ऑफिस पर इसकी मजबूत होती पकड़ को दिखाता है। 31वें दिन की कमाई ने फिल्म के खाते में एक और बड़ी उपलब्धि जोड़ दी है।

  • एजबेस्टन में टूटा दुबई का ऐतिहासिक रिकॉर्ड: भारत-पाकिस्तान महामुकाबले को देखने उमड़ा दर्शकों का सैलाब, महिला क्रिकेट में रचा गया नया इतिहास

    एजबेस्टन में टूटा दुबई का ऐतिहासिक रिकॉर्ड: भारत-पाकिस्तान महामुकाबले को देखने उमड़ा दर्शकों का सैलाब, महिला क्रिकेट में रचा गया नया इतिहास

    नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट के इतिहास में रविवार का दिन एक नया मील का पत्थर साबित हुआ, जब आईसीसी विमेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप चरण में भारत और पाकिस्तान की पारंपरिक प्रतिद्वंद्विता को देखने के लिए स्टेडियम में फैंस का अभूतपूर्व सैलाब उमड़ पड़ा। इंग्लैंड के बर्मिंघम स्थित ऐतिहासिक एजबेस्टन मैदान पर खेले गए इस महामुकाबले ने दर्शकों की उपस्थिति के मामले में दो साल पुराना एक बड़ा वैश्विक रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया। इस मैच को लाइव देखने के लिए कुल 18,814 दर्शक स्टेडियम पहुंचे थे, जो महिला टी20 विश्व कप के इतिहास में किसी भी ग्रुप या लीग स्टेज के मैच के लिए अब तक की सबसे बड़ी दर्शक संख्या दर्ज की गई है। इस ऐतिहासिक उपस्थिति ने सिद्ध कर दिया है कि महिला क्रिकेट में भी भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले मुकाबलों की लोकप्रियता का ग्राफ वैश्विक स्तर पर बेहद तेजी से बढ़ रहा है।

    क्रिकेट जगत में दर्शकों की इस संख्या को एक क्रांतिकारी बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। इससे पहले विमेंस टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में किसी लीग मैच में सबसे ज्यादा दर्शक जुटने का रिकॉर्ड संयुक्त अरब अमीरात के नाम दर्ज था। छह अक्टूबर 2024 को दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए भारत-पाकिस्तान मुकाबले के दौरान 15,935 दर्शकों की उपस्थिति दर्ज की गई थी, जिसे तब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड माना जा रहा था। बर्मिंघम के मैदान पर ब्रिटिश धरती पर क्रिकेट प्रेमियों ने इस पुराने रिकॉर्ड को पूरी तरह से चकनाचूर कर दिया। यह आंकड़ा स्पष्ट करता है कि न सिर्फ उपमहाद्वीप बल्कि यूरोपीय देशों में भी दक्षिण एशियाई क्रिकेट के इस बड़े टकराव को लेकर खेल प्रेमियों में जबरदस्त दीवानगी और लालायित रहने का भाव मौजूद है।

    मैदान के भीतर के प्रदर्शन की बात करें तो दर्शकों के इस भारी जनसमर्थन के बीच भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने अपने खेल का स्तर बेहद ऊंचा रखा और पाकिस्तान को हर मोर्चे पर पस्त कर दिया। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने स्कोर बोर्ड पर 170 रनों का चुनौतीपूर्ण और विशाल स्कोर खड़ा किया था। इसके जवाब में 171 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तानी टीम भारतीय गेंदबाजों के सटीक और धारदार आक्रमण के सामने बेबस नजर आई और महज 106 रनों के मामूली स्कोर पर पूरी तरह सिमट गई। भारत ने यह मुकाबला 64 रनों के एक बहुत बड़े अंतर से अपने नाम कर टूर्नामेंट के पॉइंट्स टेबल में अपनी स्थिति को सुदृढ़ कर लिया है। महिला टी20 विश्व कप के इतिहास में दोनों टीमों के बीच खेले गए कुल 9 मुकाबलों में यह भारत की 7वीं शानदार जीत है।

    इस ऐतिहासिक मुकाबले की सबसे बड़ी स्टार और मैच की वास्तविक हीरो ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा रहीं। उन्होंने मैदान पर चौतरफा प्रदर्शन करते हुए न सिर्फ बल्ले से महत्वपूर्ण योगदान दिया बल्कि फील्डिंग के दौरान एक शानदार रन आउट भी किया। इसके बाद अपनी घातक स्पिन गेंदबाजी के दम पर उन्होंने पांच पाकिस्तानी बल्लेबाजों को पवेलियन की राह दिखाई। इस शानदार स्पेल की बदौलत दीप्ति शर्मा ने अंतरराष्ट्रीय टी20 क्रिकेट के इतिहास में सबसे ज्यादा विकेट चटकाने वाली दुनिया की अग्रणी गेंदबाज बनने का गौरव भी हासिल कर लिया है। उनके इस ऐतिहासिक कीर्तिमान और टीम की प्रचंड जीत ने एजबेस्टन में मौजूद हजारों भारतीय समर्थकों के उत्साह को कई गुना बढ़ा दिया।

    भारतीय महिला टीम इस एकतरफा और रिकॉर्डतोड़ जीत से मिले आत्मविश्वास के साथ अब अपने अगले अभियान की तैयारियों में जुट गई है। टूर्नामेंट के ग्रुप चरण में भारत का अगला मुकाबला आगामी 17 जून को नीदरलैंड्स के खिलाफ होना तय है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि इस मैच में बनी नई ऐतिहासिक दर्शक संख्या और दीप्ति शर्मा जैसे सीनियर खिलाड़ियों का यह विश्वस्तरीय प्रदर्शन पूरी टीम को पहली बार टी20 विश्व कप का खिताब जीतने के अपने मुख्य लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ने में एक बड़ी मनोवैज्ञानिक ऊर्जा प्रदान करेगा।

  • साहिबजादा फरहान विराट कोहली का 319 रन का रिकॉर्ड तोड़ने से सिर्फ 36 रन दूर

    साहिबजादा फरहान विराट कोहली का 319 रन का रिकॉर्ड तोड़ने से सिर्फ 36 रन दूर


    नई दिल्ली । टी20 वर्ल्ड कप 2026 में पाकिस्तान के सलामी बल्लेबाज साहिबजादा फरहान का प्रदर्शन क्रिकेट जगत में चर्चा का विषय बन गया है। सुपर 8 के इंग्लैंड मुकाबले में 63 रनों की शानदार पारी खेलने के बाद उनका टूर्नामेंट में कुल रन 283 तक पहुँच गया है। पांच पारियों में एक शतक और दो अर्धशतक के साथ फरहान इस समय टूर्नामेंट के सबसे सफल बल्लेबाज हैं।

    अब उनका नजरिया उसी रिकॉर्ड पर टिक गया है जो पिछले 12 साल से अडिग है। यह वह रिकॉर्ड है जो टी20 वर्ल्ड कप में किसी एक संस्करण में सबसे ज्यादा रन बनाने का है जिसे विराट कोहली ने 2014 में 319 रन बनाकर स्थापित किया था। फरहान इस ऐतिहासिक आंकड़े से महज 36 रन दूर हैं। इसका मतलब है कि अगर वह अगली पारी में 37 रन बनाते हैं तो नया इतिहास रच सकते हैं।

    वास्तव में 2014 में ICC Men s T20 World Cup 2014 में कोहली ने यह कीर्तिमान अपने नाम किया। तब से अब तक कई बड़े बल्लेबाज इस रिकॉर्ड के करीब आए लेकिन किसी ने इसे तोड़ नहीं पाया। 2009 में तिलकरत्ने दिलशान ने 317 रन बनाकर मजबूत चुनौती पेश की थी। 2021 में बाबर आजम 303 रन तक पहुँचे वहीं 2010 में महेला जयवर्धने ने 302 रन बनाए। 2022 में कोहली ने खुद 296 रन बनाए। 2016 में तमीम इकबाल 295 रन तक पहुंचे 2021 में डेविड वार्नर ने 289 रन और उसी साल मोहम्मद रिजवान ने 281 रन बनाए। 2024 में रहमानुल्लाह गुरबाज़ भी 281 रन तक पहुँचे लेकिन कोहली का 319 का रिकॉर्ड अब तक अटूट है।

    फरहान के सामने चुनौती सिर्फ रन बनाने की नहीं बल्कि परिस्थितियों की भी है। इंग्लैंड से मिली हार के बाद पाकिस्तान की सेमीफाइनल की राह जटिल हो गई है। टीम को सुपर 8 के आखिरी मुकाबले में श्रीलंका से जीत हासिल करनी होगी और न्यूजीलैंड की हार की भी उम्मीद करनी होगी। तभी सेमीफाइनल का रास्ता खुलेगा।

    अगर पाकिस्तान सेमीफाइनल में पहुँचता है तो फरहान के पास रिकॉर्ड तोड़ने का एक और मौका रहेगा। लेकिन यदि टीम बाहर हो जाती है तो श्रीलंका के खिलाफ मैच ही उनका अंतिम अवसर साबित हो सकता है। ऐसे में पूरा दबाव और उम्मीदें फरहान के बल्ले पर टिकी होंगी।

    क्रिकेट प्रेमियों की नजरें अब इस पर हैं कि क्या साहिबजादा फरहान 319 का जादुई आंकड़ा तोड़ पाएंगे या फिर विराट कोहली का रिकॉर्ड अगले संस्करण तक सुरक्षित रहेगा। टी20 वर्ल्ड कप 2026 का रोमांच अपने चरम पर है और इतिहास रचने की घड़ी बेहद नज़दीक है।