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  • पेपर लीक मामलों पर अब होगी त्वरित सुनवाई मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 4 विशेष अदालतों का किया गठन

    पेपर लीक मामलों पर अब होगी त्वरित सुनवाई मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 4 विशेष अदालतों का किया गठन


    जबलपुर । मध्य प्रदेश में पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के मामलों पर अब तेजी से न्यायिक कार्रवाई होगी। प्रदेश हाईकोर्ट ने भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में चार विशेष फास्ट ट्रैक अदालतों के गठन का नोटिफिकेशन जारी किया है। इन अदालतों का उद्देश्य परीक्षा संबंधी अपराधों की शीघ्र सुनवाई सुनिश्चित करना और दोषियों के खिलाफ समयबद्ध फैसला देना है। माना जा रहा है कि इस व्यवस्था से लंबे समय से लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आएगी और भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता मजबूत होगी।

    मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने यह निर्णय भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 8(3) के तहत प्राप्त अधिकारों का उपयोग करते हुए लिया है। जारी अधिसूचना में राज्य के विधि एवं विधायी कार्य विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि इस नई व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए। अदालत का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि परीक्षा संबंधी गंभीर अपराधों की सुनवाई सामान्य मामलों की तरह लंबी प्रक्रिया में न फंसे और समयबद्ध तरीके से न्याय मिल सके।

    इन विशेष अदालतों में पब्लिक एग्जामिनेशन प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स एक्ट 2024 के तहत दर्ज मामलों की सुनवाई की जाएगी। इसके अलावा भारतीय न्याय संहिता 2023 के अंतर्गत पंजीकृत परीक्षा संबंधी अपराध तथा राज्य या केंद्र सरकार की अधिकृत जांच एजेंसियों द्वारा जांचे जा रहे मामलों को भी इन्हीं अदालतों में भेजा जाएगा। इससे पेपर लीक, भर्ती परीक्षा में धोखाधड़ी, नकल माफिया और अन्य परीक्षा अपराधों से जुड़े मामलों के लिए अलग न्यायिक व्यवस्था उपलब्ध होगी।

    हाईकोर्ट ने इन विशेष अदालतों को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की शक्तियां भी प्रदान की हैं। इसके तहत अदालतें मामलों का संज्ञान लेने, प्रारंभिक न्यायिक प्रक्रिया पूरी करने और आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने में सक्षम होंगी। इससे मामलों को अलग अदालतों में भेजने की आवश्यकता कम होगी और सुनवाई की प्रक्रिया अधिक तेज तथा प्रभावी बन सकेगी।

    पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न प्रतियोगी और भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक तथा अनियमितताओं के मामलों ने प्रदेश सहित पूरे देश में चिंता बढ़ाई है। कई अभ्यर्थियों को परीक्षाएं रद्द होने और दोबारा आयोजित होने के कारण कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है। ऐसे मामलों में लंबी न्यायिक प्रक्रिया के कारण दोषियों के खिलाफ कार्रवाई में भी देरी होती रही है। नई विशेष अदालतों के गठन से इन मामलों का जल्द निपटारा होने और दोषियों को शीघ्र सजा मिलने की संभावना बढ़ेगी।

    कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि विशेष फास्ट ट्रैक अदालतों की स्थापना से जांच एजेंसियों और अभियोजन पक्ष को भी मामलों की सुनवाई में बेहतर समन्वय मिलेगा। साथ ही यह व्यवस्था भविष्य में परीक्षा माफिया और संगठित अपराधों पर अंकुश लगाने में प्रभावी साबित हो सकती है। इससे भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी और अभ्यर्थियों का सरकारी परीक्षाओं पर भरोसा भी मजबूत होगा।

    प्रदेश सरकार और न्यायपालिका की यह पहल परीक्षा प्रणाली को निष्पक्ष और विश्वसनीय बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। अब सभी की निगाह इस बात पर होगी कि नई अदालतें कितनी तेजी से मामलों का निपटारा करती हैं और पेपर लीक जैसे अपराधों पर कितना प्रभावी नियंत्रण स्थापित हो पाता है।

  • NEET और भर्ती घोटालों के खिलाफ छात्रों का अनोखा आंदोलन, डिलीवरी बॉय से ड्राइवर तक कर रहे सहयोग

    NEET और भर्ती घोटालों के खिलाफ छात्रों का अनोखा आंदोलन, डिलीवरी बॉय से ड्राइवर तक कर रहे सहयोग


    इंदौर । इंदौर के टंट्याभील चौराहे पर 23 सूत्रीय मांगों को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार आठवें दिन भी जारी रहा। इस आंदोलन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे किसी राजनीतिक दल या बड़े संगठन के बजाय आम लोगों का सहयोग मिल रहा है। धरना स्थल पर टेंट, गद्दे, भोजन, पेयजल और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं समाज के लोगों और छात्रों के सहयोग से संचालित की जा रही हैं। कई युवा अपनी रोज की कमाई का हिस्सा भी आंदोलन के लिए दे रहे हैं ताकि प्रदर्शन बिना किसी बाधा के जारी रह सके।

    प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि जब उन्होंने आंदोलन शुरू किया था तब उनके पास बैठने और बारिश से बचने तक की व्यवस्था नहीं थी। शुरुआती दिनों में बारिश से बचने के लिए उन्हें अपने बैठने वाले गद्दों को ही ओढ़ना पड़ा। इस दौरान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो कई सामाजिक संगठन और स्थानीय नागरिक उनकी मदद के लिए आगे आए। इसके बाद धरना स्थल पर टेंट, गद्दे और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई।

    छात्रों की मांग है कि नीट पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, रिक्त और बैकलॉग पदों पर जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू हो तथा शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि जब तक उनकी 23 सूत्रीय मांगों पर सरकार की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

    धरना स्थल पर मौजूद पवन अहिरवार और अरुण बड़ोले ने बताया कि रोजाना टेंट और अन्य व्यवस्थाओं पर करीब 1500 रुपये खर्च होते हैं। यह राशि आम नागरिकों के स्वैच्छिक सहयोग से जुटाई जा रही है। इसके लिए धरना स्थल पर सहयोग पेटी भी रखी गई है, जिसमें लोग अपनी इच्छा से आर्थिक सहायता दे रहे हैं। कई छात्र स्वयं लोगों से संपर्क कर आंदोलन के लिए सहयोग की अपील भी कर रहे हैं।

    इस आंदोलन में आम लोगों की भागीदारी भी देखने को मिल रही है। पेशे से ड्राइवर दिनेश वास्कले ने बताया कि उनके छोटे बच्चे हैं और वे नहीं चाहते कि भविष्य में उन्हें भी भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं का सामना करना पड़े। उन्होंने अपना जन्मदिन भी धरना स्थल पर मनाया और उस दिन सभी छात्रों के भोजन की व्यवस्था की। वहीं डिलीवरी बॉय चंदन मोवेल ने कहा कि वह अपनी कमाई का एक हिस्सा आंदोलन के लिए नियमित रूप से दे रहे हैं। इसी तरह कई अन्य युवाओं ने भी छात्रों के समर्थन में आर्थिक सहयोग दिया है।

    धरने में शामिल छात्रों के अनुसार रात के समय भी 15 से 20 छात्र लगातार धरना स्थल पर मौजूद रहते हैं, जबकि सुबह और शाम करीब 100 छात्र आंदोलन में शामिल होते हैं। उनका आरोप है कि अब तक प्रशासन का कोई जिम्मेदार अधिकारी उनकी मांगों पर चर्चा करने नहीं पहुंचा है।

    एलएलएम के छात्र अनिल विद्याराणा ने बताया कि विभिन्न छात्र संगठनों का भी आंदोलन को समर्थन मिल रहा है। कई संगठन धरना स्थल पर पहुंचकर छात्रों का मनोबल बढ़ा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को प्रदेश स्तर तक विस्तारित किया जाएगा।

  • मध्यप्रदेश विधानसभा बजट सत्र में उठे संवेदनशील मुद्दे, सीएम डॉ मोहन यादव का रायसेन दौरा, बिजली दरों में संभावित बढ़ोतरी

    मध्यप्रदेश विधानसभा बजट सत्र में उठे संवेदनशील मुद्दे, सीएम डॉ मोहन यादव का रायसेन दौरा, बिजली दरों में संभावित बढ़ोतरी


    मध्यप्रदेश/भोपाल से आज की बड़ी खबर यह है कि मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का छठा दिन जोरदार चर्चा के साथ शुरू हुआ। सदन में गांधी मेडिकल कॉलेज की छात्रा रोशनी कलेश की दुखद मौत का मामला चर्चा का मुख्य केंद्र बना। कांग्रेस विधायक सेना पटेल ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिए इस मुद्दे को उठाया। सदन में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान पर भी जोरदार बहस हुई। किसान समुदाय के लिए यह चिंता का विषय बन गया है और सदन में इसे गंभीरता से उठाया गया। अनुदान मांगों और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी विधायक चर्चा कर रहे हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की आज की दिनचर्या भी काफी व्यस्त है। सुबह 10:45 बजे वह विधानसभा पहुंचे और 11 बजे से सदन की कार्यवाही में शामिल हुए। दोपहर 3:45 बजे के आसपास सीएम रायसेन के लिए रवाना होंगे और शाम 4:30 बजे हलाली डैम में आयोजित वन विभाग के कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री 5 गिद्धों को हलाली डैम क्षेत्र में मुक्त करेंगे, जो वन्य जीवन संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह कार्यक्रम स्थानीय लोगों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं के लिए भी उत्साहजनक है।

    ग्वालियर की 14वीं बटालियन में आज सिपाही भर्ती परीक्षा का आयोजन हो रहा है। इस परीक्षा में कुल 5500 अभ्यर्थी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। भर्ती प्रक्रिया 14 मार्च तक चलेगी और प्रत्येक दिन लगभग 400 उम्मीदवार परीक्षा देंगे। यह अवसर युवाओं के लिए नौकरी पाने का महत्वपूर्ण मौका है और क्षेत्र में काफी उत्साह देखा जा रहा है।

    मध्यप्रदेश में बिजली महंगी होने की संभावना भी अब लोगों की चिंता का विषय बन गई है। राज्य की बिजली वितरण कंपनियों ने विद्युत नियामक आयोग को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 10.19 प्रतिशत दर बढ़ोतरी का प्रस्ताव भेजा है। अगर यह प्रस्ताव स्वीकृत हो गया तो 1 अप्रैल 2026 से नई दरें लागू होंगी। इससे प्रदेश के एक करोड़ से अधिक घरेलू उपभोक्ताओं को आर्थिक झटका लग सकता है और चर्चा का विषय बन जाएगा।

    मध्यप्रदेश जनजातीय संग्रहालय में जनजातीय चित्र प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रदर्शनी 28 फरवरी तक चलेगी। इसमें डिंडोरी के पाटनगढ़ निवासी गौंड चित्रकार कुम्हार सिंह धुर्वे के चित्र प्रदर्शित किए गए हैं, जो बिक्री के लिए भी उपलब्ध हैं। इन चित्रों में पशु-पक्षी, जंगल और पहाड़ी जीवन की झलक दिखाई देती है। कुम्हार सिंह धुर्वे ने चित्रकला अपने बच्चों के साथ सीखते हुए इस क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई। यह प्रदर्शनी कला प्रेमियों और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।

    आज का दिन मध्यप्रदेश के लिए कई महत्वपूर्ण गतिविधियों और निर्णयों से भरा है। विधानसभा में उठाए गए संवेदनशील मुद्दे, सिपाही भर्ती की तैयारियां, सीएम के पर्यावरण संरक्षण प्रयास और बिजली दरों में संभावित बढ़ोतरी सभी जनता के ध्यान में हैं। साथ ही जनजातीय कला को सम्मान देने वाला यह प्रदर्शनी भी राज्य में सांस्कृतिक समृद्धि को बढ़ा रही है।