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  • लाल सागर में भारतीय जहाज पर मिसाइल हमला, समुद्र में डूबा MSV Faize Noore Oliya; 13 भारतीयों समेत सभी 14 क्रू सुरक्षित

    लाल सागर में भारतीय जहाज पर मिसाइल हमला, समुद्र में डूबा MSV Faize Noore Oliya; 13 भारतीयों समेत सभी 14 क्रू सुरक्षित


    नई दिल्ली।
    यमन के तट के पास लाल सागर में भारतीय झंडे वाले कमर्शियल जहाज MSV Faize Noore Oliya पर 4 अगस्त को अचानक मिसाइल/प्रोजेक्टाइल से हमला किया गया। हमले में बुरी तरह क्षतिग्रस्त होने के बाद जहाज समुद्र में डूब गया। राहत की बात यह रही कि जहाज पर सवार सभी 14 नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया, जिनमें 13 भारतीय नागरिक शामिल थे।

    जानकारी के मुताबिक, जहाज पर बिना किसी उकसावे के हमला हुआ। घटना के बाद जहाज में आग लग गई और वह कुछ ही समय में लाल सागर में समा गया। यमनी कोस्ट गार्ड ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर सभी नाविकों को सुरक्षित निकाल लिया और उन्हें मोखा बंदरगाह पहुंचाया गया।

    सभी 14 नाविक सुरक्षित, 13 भारतीय नागरिक

    हमले के समय MSV Faize Noore Oliya पर कुल 14 क्रू मेंबर मौजूद थे। इनमें 13 भारतीय और एक अन्य देश का नागरिक शामिल था। हमले के बाद पैदा हुई आपात स्थिति के बीच यमनी कोस्ट गार्ड ने तेजी से कार्रवाई करते हुए सभी को बचा लिया।

    बचाए गए नाविकों को मोखा बंदरगाह पहुंचाने के बाद उनकी सुरक्षा और आवश्यक सहायता को लेकर संबंधित एजेंसियां सक्रिय हैं।

    भारत ने निहत्थे व्यापारिक जहाज पर हमले की निंदा की

    घटना पर भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए निहत्थे व्यापारिक जहाज पर हुए हमले की तीखी निंदा की है। केंद्रीय बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और विदेश मंत्रालय (MEA) ने हमले को गंभीर घटना बताते हुए ऐसे हमलों को तत्काल रोकने की बात कही है।

    केंद्रीय मंत्री सोनोवाल ने कहा कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने डायरेक्टरेट जनरल ऑफ मैरिटाइम एडमिनिस्ट्रेशन (DGMA) को संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय कर क्षेत्र में भारतीय नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और बचाए गए क्रू को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

    लाल सागर में बढ़ा समुद्री सुरक्षा का खतरा

    लाल सागर अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। यहां किसी कमर्शियल जहाज को निशाना बनाए जाने की घटना से एक बार फिर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

    भारतीय पक्ष ने स्पष्ट किया है कि व्यापारिक और निहत्थे जहाजों को निशाना बनाना स्वीकार्य नहीं है। फिलहाल सभी 14 नाविक सुरक्षित हैं, जबकि संबंधित एजेंसियां घटना के कारणों और हमले की परिस्थितियों से जुड़ी जानकारी जुटा रही हैं।

  • हूती नाकेबंदी के बीच भारत के लिए राहत, सऊदी तेल लेकर लाल सागर से सुरक्षित निकले दो टैंकर

    हूती नाकेबंदी के बीच भारत के लिए राहत, सऊदी तेल लेकर लाल सागर से सुरक्षित निकले दो टैंकर


    नई दिल्ली । यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब की तेल आपूर्ति पर नाकेबंदी की घोषणा के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। सऊदी अरब से कच्चा तेल लेकर भारत आ रहे दो बड़े तेल टैंकर लाल सागर के संवेदनशील क्षेत्र से सुरक्षित बाहर निकल गए हैं। इससे फिलहाल भारत की ऊर्जा आपूर्ति पर तत्काल किसी बड़े असर की आशंका कम हो गई है, हालांकि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने वैश्विक तेल बाजार और समुद्री व्यापार को लेकर चिंता जरूर बढ़ा दी है।

    सूत्रों के अनुसार, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC) द्वारा किराए पर लिया गया सुएजमैक्स श्रेणी का टैंकर अमेजन सऊदी अरब के यनबू बंदरगाह से करीब 10 लाख बैरल कच्चा तेल लेकर रवाना हुआ था। वहीं मैंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड (MRPL) के लिए अफ्रामैक्स श्रेणी का टैंकर रोडोस लगभग 7 लाख बैरल कच्चा तेल लेकर भारत की ओर बढ़ रहा है। दोनों जहाज 20 जुलाई के आसपास यनबू बंदरगाह से निकले थे और शुरुआत में स्वेज नहर की दिशा में आगे बढ़े।

    हूती विद्रोहियों की ओर से सऊदी तेल आपूर्ति को निशाना बनाने की चेतावनी के बाद दोनों टैंकरों ने सुरक्षा कारणों से अपनी लोकेशन बताने वाला ट्रैकिंग सिस्टम बंद कर दिया और बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य के रास्ते लाल सागर से बाहर निकल गए। यह कदम समुद्री सुरक्षा के लिहाज से एहतियात के तौर पर उठाया गया, क्योंकि हाल के महीनों में इस क्षेत्र में कई व्यापारिक जहाजों पर हमलों की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।

    लाल सागर और बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग माने जाते हैं। एशिया और यूरोप के बीच बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और अन्य सामान इसी रास्ते से भेजा जाता है। ऐसे में इस क्षेत्र में किसी भी तरह का सैन्य तनाव या नाकेबंदी अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर सीधा असर डाल सकती है।

    भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयातित कच्चे तेल से पूरा करता है और सऊदी अरब उसके प्रमुख आपूर्तिकर्ताओं में शामिल है। इसलिए इस मार्ग में किसी भी तरह की बाधा भारतीय अर्थव्यवस्था, ईंधन कीमतों और ऊर्जा सुरक्षा के लिए चिंता का विषय बन सकती है। फिलहाल दोनों टैंकरों के सुरक्षित आगे बढ़ने से तत्काल आपूर्ति बाधित होने का खतरा टल गया है।

    हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ता है या लाल सागर के समुद्री मार्ग पर लंबे समय तक खतरा बना रहता है, तो वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में और तेजी आ सकती है। इससे भारत जैसे आयातक देशों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ सकता है। ऐसे में सरकार और तेल कंपनियां स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं ताकि जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक आपूर्ति और समुद्री मार्गों का उपयोग किया जा सके।

  • होर्मुज के बाद लाल सागर में भी बढ़ा तनाव….. फिर भी Crude Oil की कीमतों में बड़ी गिरावट

    होर्मुज के बाद लाल सागर में भी बढ़ा तनाव….. फिर भी Crude Oil की कीमतों में बड़ी गिरावट


    नई दिल्ली।
    ग्लोबल ऑयल सप्लाई के दो अहम रास्ते तनाव में फंसे हुए हैं. ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट पर नाकेबंदी कर रखी है. जबकि हूती विद्रोहियों ने लाल सागर का टेंशन बढ़ा दिया है. तनाव के बीच भी कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट देखी गई है. जो तेल 101 डॉ लर प्रति बैरल के आंकड़े को फिर से छू चुका था,वो गिरकर 98.38 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच चुका है।

    26 जुलाई को कच्चे तेल की कीमत (Crude Oil Price) में बड़ी गिरावट देखने को मिली. कच्चा तेल 2.29 डॉलर तक गिर गया. इंटरनेशनल मार्केट में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 2.29 फीसदी की गिरावट के साथ 98.38 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. इसी तरह से WTI 1.87 फीसदी फिसलकर 90.47 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

    क्यों गिरा कच्चे तेल का भाव ?
    अमेरिका-ईरान युद्ध (America-Iran War) की वजह से होर्मुज स्ट्रेट का रास्ता बंद है. इस रास्ते से दुनिया के 20 फीसदी तेल सप्लाई का आयात-निर्यात होता है. होर्मुज पर पहरा जारी ही है, इस बीच लाल सागर में भी टेंशन बढ़ गई है.यमन के हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच सीधा टकराव बढ़ गया है. हूतियों ने लाल सागर में सऊदी के कार्गों को निशाना बनाया, जिसके बाद से बदले की कार्रवाई करते हुए सऊदी अरब ने हूतियों के नियंत्रण वाले यमन के हुदैदाह शहर में हवाई हमले किए. दूसरी ओर अमेरिका की ओर से हूती विद्रोहियों और ईरान दोनों को चेतावनी दी जा रही है. इस टेंशन ने कच्चे तेल की सप्लाई पर खतरा पैदा कर दिया है।


    क्यों गिरा कच्चा तेल?

    दरअसल 13 दिन की बमबारी के बाद ट्रंप ने ईरान (Iran) में अचानक हमला रोक दिया है.अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अचानक बड़ा फैसला लेते हुए ईरान पर नए सैन्य हमलों को फिलहाल रोक दिया है. ओमान की ओर से मध्यस्थता किए जाने के बाद ये फैसला लिया गया है. होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलने और तनाव कम करने को लेकर बातचीत फिर से शुरू हुई है. माना जा रहा है कि दोनों देशों के बीच युद्ध खत्म करने पर सहमति बन सकती है. अगर ऐसा होता है, तो तेल सप्लाई फिर से जारी हो सकेगी और कच्चे तेल के दाम गिरेंगे. इस खबर ने तेल की कीमतों में तेजी पर फिलहाल ब्रेक लगा दिया है।


    भारत में पेट्रोल-डीजल की आज की कीमत क्या है ?

    भारत में पेट्रोल डीजल के दाम में फिलहाल कोई बदलाव नहीं हुआ है. कच्चे तेल की कीमतों में तेजी तेल कंपनियों के घाटे को बढ़ा रही है. पहले ही पेट्रोल-डीजल (Petrol and Diesel) के दाम बढ़ाए जा चुके हैं. देश के 4 महानगरों में पेट्रोल-डीजल की कीमत कुछ इस तरह से है…
    – नई दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12, डीजल ₹95.20
    – मुंबई: पेट्रोल ₹111.21, डीजल ₹97.83
    – कोलकाता: पेट्रोल ₹113.51, डीजल ₹99.82
    – चेन्नई: पेट्रोल ₹108.01, डीजल ₹99.55

  • होर्मुज के बाद लाल सागर में बढ़ा खतरा: हथियारबंद हमलावरों ने घेरा जहाज, टली बड़ी वारदात

    होर्मुज के बाद लाल सागर में बढ़ा खतरा: हथियारबंद हमलावरों ने घेरा जहाज, टली बड़ी वारदात


    नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी तनाव अब समुद्री मार्गों पर भी गंभीर असर डालता दिख रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य में टकराव की स्थिति के बीच अब लाल सागर में भी जहाजों पर हमलों का खतरा तेजी से बढ़ने लगा है।

    हथियारबंद समूह ने जहाज को घेरा

    यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस के मुताबिक, यमन के अल-हुदैदा तट से करीब 54 नॉटिकल मील दूर एक जहाज को 10-12 हथियारबंद लोगों ने घेर लिया। इनमें 4-5 हमलावर ऑटोमैटिक हथियारों से लैस थे।

    हमलावरों ने जहाज को रोकने का आदेश दिया, लेकिन कप्तान ने इंकार कर दिया। इसके बाद हमलावर जहाज के करीब आकर उस पर चढ़ने की कोशिश करने लगे।

    कप्तान की सूझबूझ से टला खतरा

    स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई थी, लेकिन जहाज के कप्तान ने तुरंत फ्लेयर दागकर खतरे का संकेत दिया। इसके बाद हमलावर पीछे हट गए और दक्षिण-पूर्व दिशा में भाग निकले। इस घटना में किसी के घायल होने की खबर नहीं है, लेकिन खतरे की गंभीरता साफ झलकती है।

    हूती विद्रोहियों पर शक

    इस हमले के पीछे हूती विद्रोही का हाथ होने की आशंका जताई जा रही है। अक्टूबर 2023 से ये विद्रोही लाल सागर में जहाजों को निशाना बना रहे हैं, जिससे वैश्विक शिपिंग और व्यापार प्रभावित हुआ है।

    इन हमलों के चलते कई अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियां अपने जहाजों को केप ऑफ गुड होप के रास्ते भेज रही हैं, जिससे यात्रा 10-14 दिन लंबी हो रही है और लागत भी बढ़ रही है।

    होर्मुज में भी जारी तनातनी

    उधर ईरान ने इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड कॉर्प्स के जरिए चेतावनी दी है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में किसी भी ‘गलत हरकत’ का कड़ा जवाब दिया जाएगा। ईरान का दावा है कि इस रणनीतिक जलमार्ग पर उसकी पूरी निगरानी और नियंत्रण है।

    बढ़ता समुद्री संकट

    विशेषज्ञों का मानना है कि एक साथ होर्मुज जलडमरूमध्य और लाल सागर में बढ़ता खतरा वैश्विक तेल सप्लाई और व्यापारिक मार्गों के लिए बड़ा संकट बन सकता है। यदि हालात नहीं संभले, तो इसका असर दुनिया भर की अर्थव्यवस्था पर पड़ना तय है।