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  • दिल्ली में राशन सिस्टम का डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन: QR स्मार्ट कार्ड लागू, हर शनिवार लगेगा समाधान कैंप

    दिल्ली में राशन सिस्टम का डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन: QR स्मार्ट कार्ड लागू, हर शनिवार लगेगा समाधान कैंप

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    नई दिल्ली| Delhi में राशन वितरण प्रणाली को आधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। सरकार ने QR कोड से लैस स्मार्ट राशन कार्ड लागू करने का फैसला किया है, जिससे न सिर्फ फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी बल्कि वास्तविक लाभार्थियों तक योजनाओं का फायदा सीधे और सही तरीके से पहुंचेगा। यह पहल डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करने के साथ-साथ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में भरोसा बढ़ाने की दिशा में अहम मानी जा रही है।

    इस नई व्यवस्था के तहत जारी होने वाले QR स्मार्ट राशन कार्ड में डिजिटल फीचर्स शामिल होंगे, जिनकी मदद से लाभार्थियों की पहचान तुरंत और सटीक तरीके से हो सकेगी। अधिकारियों का मानना है कि इससे डुप्लीकेट कार्ड, गलत एंट्री और अनधिकृत लाभ लेने जैसी समस्याओं पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकेगा। साथ ही, राशन वितरण की प्रक्रिया अधिक यूजर-फ्रेंडली और तेज हो जाएगी।

    इस योजना को तेजी से लागू करने के लिए मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के साथ समीक्षा बैठक कर अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रक्रिया में किसी भी तरह की देरी न हो। सरकार का फोकस है कि तकनीक के जरिए सिस्टम को पारदर्शी, जवाबदेह और भ्रष्टाचार मुक्त बनाया जाए।

    इसके साथ ही, आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए 1 मई से हर शनिवार ‘जन शिकायत समाधान कैंप’ आयोजित किए जाएंगे। ये कैंप सुबह 9 बजे से 11 बजे तक चलेंगे, जहां राशन कार्ड से जुड़ी लंबित शिकायतों का मौके पर ही निपटारा किया जाएगा। इन कैंपों में असिस्टेंट कमिश्नर स्तर के अधिकारियों की मौजूदगी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि जिम्मेदारी तय रहे और लोगों को तुरंत राहत मिल सके। संभावना है कि मुख्यमंत्री खुद भी इन कैंपों का औचक निरीक्षण करेंगी, जिससे व्यवस्था पर निगरानी और सख्ती बनी रहे।

    सरकार ने राशन वितरण में गड़बड़ियोंजैसे कम तौल, देरी या अवैध कटौतीपर कड़ा रुख अपनाया है। स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि यदि कोई डीलर या सप्लायर दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, पात्र लाभार्थियों की सही पहचान सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष कमेटी बनाने की योजना भी है, जिससे केवल जरूरतमंद लोगों को ही योजना का लाभ मिल सके।

    इस पहल के साथ ‘वन नेशन, वन राशन कार्ड’ योजना को भी मजबूती दी जाएगी। कैंपों के जरिए लोगों को इस योजना के बारे में जागरूक किया जाएगा, ताकि वे देश में कहीं भी अपना राशन प्राप्त कर सकें। हालांकि, नियम के अनुसार एक समय में केवल एक ही स्थान से राशन लिया जा सकेगा।

    कुल मिलाकर, QR स्मार्ट राशन कार्ड और साप्ताहिक समाधान कैंप दिल्ली के राशन सिस्टम में एक बड़ा बदलाव साबित हो सकते हैं, जिससे पारदर्शिता, दक्षता और जनसंतोष तीनों में सुधार की उम्मीद है।

  • मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लॉन्च की जनकल्याण योजना, पानी की समस्या पर बड़ा समाधान..

    मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लॉन्च की जनकल्याण योजना, पानी की समस्या पर बड़ा समाधान..

    नई दिल्ली । अंबेडकर जयंती के अवसर पर राजधानी दिल्ली में जनकल्याण से जुड़ी एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की गई। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने डॉ. भीमराव अंबेडकर को पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उनके विचारों को याद करते हुए कहा कि बाबा साहेब ने भारतीय लोकतंत्र की मजबूत नींव रखी, जिसके कारण देश आज सुचारु रूप से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना है, ताकि हर नागरिक को सम्मानजनक जीवन मिल सके।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने शालीमार बाग क्षेत्र के GP ब्लॉक और बेरिवाला बाग ब्लॉक में वॉटर ATM योजना का शुभारंभ किया। इस पहल को राजधानी में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार वार्ड 55, 56 और 57 में कुल सात वॉटर ATM लगाए गए हैं, जिनमें प्रत्येक यूनिट प्रति घंटे लगभग दो हजार लीटर शुद्ध पानी उपलब्ध कराने की क्षमता रखती है। इन मशीनों में पांच-स्तरीय RO प्यूरीफिकेशन सिस्टम लगाया गया है, जो उच्च TDS वाले पानी को भी पीने योग्य बनाने में सक्षम है।

    सरकारी जानकारी के अनुसार इन वॉटर ATM मशीनों की 24 घंटे निगरानी की जाएगी ताकि पेयजल आपूर्ति में किसी प्रकार की बाधा न आए। इस सुविधा के तहत नागरिकों को एक विशेष कार्ड के माध्यम से प्रतिदिन निर्धारित मात्रा में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। योजना के तहत प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिदिन लगभग 20 लीटर तक स्वच्छ पेयजल की सुविधा दी जाएगी। इस पहल का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में पेयजल संकट को कम करना और आम लोगों को आसानी से सुरक्षित पानी उपलब्ध कराना है।

    मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि उनकी सरकार का फोकस केवल योजनाओं की घोषणा तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें जमीनी स्तर पर प्रभावी तरीके से लागू करना है। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब अंबेडकर का सपना था कि देश का हर नागरिक समान अवसरों और बुनियादी सुविधाओं का लाभ उठाए, और यह योजना उसी दिशा में एक ठोस प्रयास है।

    कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री द्वारा दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के उद्घाटन का भी स्वागत किया और कहा कि इससे राजधानी की कनेक्टिविटी और परिवहन व्यवस्था में बड़ा सुधार होगा। उन्होंने बताया कि इस एक्सप्रेसवे से यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी और लोगों को बेहतर आवागमन सुविधा मिलेगी।

    अंबेडकर जयंती के अवसर पर शुरू की गई यह पहल राजधानी में जनसुविधा और बुनियादी ढांचे के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिससे आने वाले समय में हजारों लोगों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

  • सीएम रेखा गुप्ता का संदेश: बेटियों को अवसर और आजादी दें, समाज और परिवार भी उठाएं जिम्मेदारी

    सीएम रेखा गुप्ता का संदेश: बेटियों को अवसर और आजादी दें, समाज और परिवार भी उठाएं जिम्मेदारी

    नई दिल्ली। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने महिला बुद्धिजीवियों के राष्ट्रीय सम्मेलन ‘भारती-नारी से नारायणी’ को संबोधित करते हुए कहा कि महिला सशक्तीकरण सिर्फ सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि हर परिवार और समाज की जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं के लिए लगातार योजनाएं चला रही है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और अपने पैरों पर खड़ी हो सकें, लेकिन समाज को भी बेटियों को अवसर और आजादी देने की जिम्मेदारी उठानी होगी।

    सीएम रेखा गुप्ता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल का उदाहरण देते हुए बताया कि उन्होंने लाल किले से खुले में शौच बंद करने और शौचालय बनाने की बात की। इससे पहले समाज और राजनीति में इसे गंभीरता से नहीं लिया गया था। प्रधानमंत्री की पहल से लाखों शौचालय बनाए गए और महिलाओं का जीवन आसान हुआ। पहले महिलाओं को घर में अंगीठी पर लकड़ी जलानी पड़ती थी, लेकिन अब गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे उनका जीवन सुरक्षित और आरामदायक हुआ।

    उन्होंने महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक अधिकार भी दिए जाने का जिक्र किया। चाहे बैंक अकाउंट खोलना हो, मुद्रा लोन लेना हो, महिलाओं के नाम घर देना हो या राजनीति में 33 प्रतिशत आरक्षण देना हो, सरकार और प्रधानमंत्री मोदी ने महिलाओं के लिए नए रास्ते खोले हैं।

    रेखा गुप्ता ने दिल्ली सरकार की नई योजना ‘लखपति बिटिया योजना’ का भी उल्लेख किया। इस योजना के तहत बेटी की शिक्षा को ग्रेजुएशन तक पूरा करने पर उसके खाते में जन्म से लेकर हर पड़ाव पर पैसा जमा किया जाएगा, जिससे लगभग सवा लाख रुपये तक की राशि बेटी को मिल सकेगी और वह आत्मनिर्भर बन सके। पहले यह योजना केवल दसवीं तक ही सीमित थी।

    सीएम ने समाजसेवा और महिलाओं की मदद के लिए काम करने वाले संगठनों, जैसे सेविका समिति का समर्थन करने की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने माता-पिता से कहा कि अपनी बेटियों को हर अवसर और निर्णय लेने की आजादी दें। जो मौके आपको नहीं मिले, वह अपनी बेटी को जरूर दें। जब हर मां अपनी बेटी के लिए रास्ता बनाएगी, तो समाज भी अपने आप ऊंचाइयों तक पहुंचेगा।

    उन्होंने स्पष्ट किया कि महिला सशक्तीकरण केवल सरकारी योजनाओं पर निर्भर नहीं है। परिवार, समाज और संगठन मिलकर ही महिलाओं को वास्तविक अवसर और आजादी दे सकते हैं। तभी कोई महिला अपनी क्षमता और सोच के अनुसार किसी भी क्षेत्र में आगे बढ़ सकती है।

    सीएम रेखा गुप्ता का यह संदेश महिलाओं के अधिकारों और समाज की भूमिका को उजागर करता है और हर स्तर पर महिला सशक्तीकरण की आवश्यकता को रेखांकित करता है।

  • दिल्ली में हर जमीन को मिलेगा आधार नंबर, रेखा गुप्ता सरकार ने लॉन्च किया ULPIN सिस्टम

    दिल्ली में हर जमीन को मिलेगा आधार नंबर, रेखा गुप्ता सरकार ने लॉन्च किया ULPIN सिस्टम


    नई दिल्ली । राजधानी दिल्ली में अब हर जमीन की अपनी एक विशिष्ट डिजिटल पहचान होगी। दिल्ली सरकार ने राजधानी के प्रत्येक भूखंड को 14 अंकों का यूनिक लैंड पार्सल आइडेंटिफिकेशन नंबर देने की महत्वाकांक्षी पहल शुरू की है। इस कदम का उद्देश्य भूमि रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से सुरक्षित पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना है ताकि भविष्य में जमीन से जुड़े लेन-देन स्वामित्व की पहचान और विवादों के निपटारे में आसानी हो सके।

    मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस पहल को भूमि विवाद और गड़बड़ियों के खिलाफ एक मजबूत डिजिटल हथियार बताते हुए कहा कि इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी बल्कि भ्रष्टाचार पर भी प्रभावी अंकुश लगेगा। उन्होंने कहा कि यह कदम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के डिजिटल इंडिया अभियान को आगे बढ़ाने की दिशा में एक क्रांतिकारी प्रयास है। उनके अनुसार लंबे समय से दिल्ली में एक सुव्यवस्थित भू-प्रबंधन प्रणाली की आवश्यकता महसूस की जा रही थी जिसे अब मिशन मोड में लागू किया जा रहा है।

    यह योजना भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय और भूमि संसाधन विभाग की पहल का हिस्सा है जिसे वर्ष 2016 में तैयार किया गया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने इसे लागू नहीं किया लेकिन अब दिल्ली सरकार इसे प्राथमिकता के आधार पर लागू कर रही है। भू आधार के रूप में जानी जा रही इस प्रणाली को लागू करने की जिम्मेदारी राजस्व विभाग की आईटी शाखा को सौंपी गई है जिसे भारतीय सर्वेक्षण विभाग का तकनीकी सहयोग मिलेगा।

    सरकार के मुताबिक प्रणाली लागू होने के बाद भूमि स्वामित्व में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी और जमीन की सीमाओं को लेकर होने वाले विवादों में कमी आएगी। विभिन्न सरकारी विभागों के बीच भूमि डेटा का समन्वय भी आसान होगा। इससे धोखाधड़ी वाले लेन-देन एक ही जमीन के बहु-पंजीकरण और रिकॉर्ड में हेरफेर जैसी समस्याओं पर प्रभावी रोक लग सकेगी। आम नागरिकों के लिए सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि उन्हें जमीन की पहचान और सत्यापन के लिए कई दस्तावेजों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे बल्कि एक ही यूनिक नंबर से पूरी जानकारी प्राप्त की जा सकेगी।

    इस योजना के तहत अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। भारतीय सर्वेक्षण विभाग से लगभग 2 टेराबाइट उच्च गुणवत्ता वाले भू-स्थानिक डेटा का उपयोग किया जा रहा है। साथ ही ड्रोन के जरिए ली गई ऑर्थो-रेक्टिफाइड इमेजेज़ की मदद से जमीन की सटीक मैपिंग की जा रही है। इन आंकड़ों के आधार पर दिल्ली के ग्रामीण इलाकों समेत उन 48 गांवों के लिए सटीक तैयार किए जाएंगे जो पहले से स्वामित्व योजना में शामिल हैं। सरकार का मानना है कि यह डिजिटल पहल राजधानी में भू-प्रबंधन व्यवस्था को नई दिशा देगी और भूमि विवादों के समाधान को अधिक सरल पारदर्शी और विश्वसनीय बनाएगी।

  • सीएम रेखा गुप्ता ने देर रात पीतमपुरा अटल कैंटीन का लिया जायजा, ₹5 में सम्मानजनक भोजन का अनुभव किया

    सीएम रेखा गुप्ता ने देर रात पीतमपुरा अटल कैंटीन का लिया जायजा, ₹5 में सम्मानजनक भोजन का अनुभव किया


    नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के 100वें जन्मदिन के अवसर पर दिल्ली में अटल कैंटीन की शुरुआत की गई है। इस कैंटीन में लोगों को मात्र ₹5 में भरपेट और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। दिल्ली सरकार की यह पहल सिर्फ पेट भरने तक सीमित नहीं बल्कि जरूरतमंदों को सम्मान और स्वाभिमान के साथ भोजन देने का संदेश भी देती है।

    बीती रात मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पीतमपुरा स्थित अटल कैंटीन पहुंचीं। उन्होंने वहां काम कर रहे कर्मचारियों से हाल-चाल पूछा और सुनिश्चित किया कि व्यवस्थाएं सुचारु रूप से चल रही हैं। सीएम ने उपस्थित लोगों से पूछा आपको कोई दिक्कत तो नहीं है? सब ठीक है न?। इसके साथ ही उन्होंने कैंटीन में मौजूद बच्चों से भी बातचीत की जिन्होंने बताया कि उन्हें यहां अच्छा और पौष्टिक खाना मिलता है।इस दौरान कैंटीन में खड़े लोगों ने मुख्यमंत्री को देखकर रेखा गुप्ता जिंदाबाद के नारे लगाए जिससे माहौल और उत्साहपूर्ण बन गया। सीएम ने वहां भोजन कर रहे लोगों से उनके अनुभव साझा किए और यह सुनिश्चित किया कि सभी सुविधाएं सही ढंग से उपलब्ध हों।

    मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस दौरे का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी साझा किया। वीडियो में वह लोगों से संवाद करती बच्चों के साथ समय बिताती और उनके अनुभव जानती नजर आ रही हैं। उन्होंने लिखा कि अटल कैंटीन में केवल भोजन ही नहीं मिलता बल्कि लोगों को सुकून सम्मान और स्वाभिमान का भी भरोसा मिलता है।पीतमपुरा अटल कैंटीन का निरीक्षण करते हुए सीएम ने व्यवस्थाओं की समीक्षा की और वहां आए लोगों से उनके अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार की यह योजना मेहनतकश और जरूरतमंद लोगों के लिए प्रभावी और भरोसेमंद सहारा बन रही है। दिन और रात दोनों समय भोजन उपलब्ध कराने से किसी भी व्यक्ति को खाली पेट नहीं रहना पड़ता।

    मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि केवल ₹5 में सम्मान के साथ भोजन मिलने से यह सुनिश्चित होता है कि सहायता केवल सुविधा तक सीमित न रहे बल्कि गरिमा के साथ मिले। लोगों की संतुष्टि और विश्वास देखकर यह स्पष्ट हो गया है कि अटल कैंटीन योजना जमीनी स्तर पर वास्तविक बदलाव ला रही है।अटल कैंटीन की यह पहल गरीब और जरूरतमंदों के लिए भरोसेमंद विकल्प बन चुकी है। यह योजना न केवल पेट भरने की सुविधा देती है बल्कि सम्मान और स्वाभिमान के साथ भोजन उपलब्ध कराने में भी सक्षम है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का यह दौरा योजना की प्रभावशीलता और जनता में विश्वास को और मजबूत करता है।

  • दिल्ली में छोटे अपराधों पर अब नहीं होगी जेल, रेखा कैबिनेट ने पास किया नया बिल

    दिल्ली में छोटे अपराधों पर अब नहीं होगी जेल, रेखा कैबिनेट ने पास किया नया बिल




    नई दिल्ली।
    दिल्ली में छोटे अपराधों और मामूली नियम उल्लंघनों के लिए अब किसी को जेल नहीं जाना पड़ेगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में मंगलवार को दिल्ली मंत्रिमंडल ने दिल्ली जन विश्वास उपबंध संशोधन विधेयक-2026 को मंजूरी दी। इस बिल का उद्देश्य छोटे-मोटे अपराधों को आपराधिक श्रेणी से बाहर निकालकर उन्हें सिविल पेनाल्टी में बदलना है, ताकि आम लोगों और व्यवसायों को गैरजरूरी कानूनी परेशानियों से राहत मिल सके।
    मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि यह बिल न केवल बिजनेस करना आसान बनाएगा, बल्कि आम जनता की रोजमर्रा की जिंदगी भी सरल होगी। छोटे नियमों के उल्लंघन के लिए अब आपराधिक केस दर्ज नहीं किए जाएंगे, जिससे अदालतों पर बोझ कम होगा और प्रशासनिक व्यवस्था अधिक प्रभावी बनेगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह बिल दिल्ली विधानसभा के विंटर सेशन में पेश किया जाएगा, जिसकी शुरुआत 5 जनवरी से होगी।
    बिल के दायरे में कई महत्वपूर्ण कानून शामिल किए गए हैं। इनमें दिल्ली इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट एक्ट, दिल्ली शॉप्स एंड एस्टेब्लिशमेंट एक्ट, ‘इनक्रेडिबल इंडिया’ बेड एंड ब्रेकफास्ट एक्ट, दिल्ली जल बोर्ड एक्ट, दिल्ली प्रोफेशनल कॉलेजेज एक्ट, डिप्लोमा लेवल टेक्निकल एजुकेशन एक्ट और दिल्ली एग्रीकल्चरल प्रोड्यूस मार्केटिंग एक्ट जैसे कानून शामिल हैं। इन कानूनों के अंतर्गत अब मामूली उल्लंघनों के लिए जेल या आपराधिक कार्रवाई की बजाय जुर्माने का प्रावधान होगा।

    बिल में यह भी प्रावधान किया गया है कि जुर्माने की राशि हर तीन साल में 10 प्रतिशत बढ़ेगी, ताकि महंगाई के साथ पेनाल्टी प्रभावी बनी रहे। सरकार का मानना है कि इससे कानूनों का पालन बढ़ेगा, लेकिन लोगों को गैरजरूरी डर या उत्पीड़न का सामना नहीं करना पड़ेगा।

    सीएम रेखा गुप्ता ने बताया कि यह बिल केंद्र सरकार के जन विश्वास (संशोधन) अधिनियम की तर्ज पर तैयार किया गया है। दिल्ली सरकार का मकसद है कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और ईज ऑफ लिविंग दोनों को बढ़ावा मिले। इस कदम को दिल्ली में विश्वास, सरल और व्यावहारिक प्रशासनिक व्यवस्था की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

  • दिल्ली में सीएम रेखा गुप्ता ने शालीमार बाग और पीतमपुरा में अटल कैंटीन का उद्घाटन किया

    दिल्ली में सीएम रेखा गुप्ता ने शालीमार बाग और पीतमपुरा में अटल कैंटीन का उद्घाटन किया


    नई दिल्ली । दिल्ली के मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को शालीमार बाग और पीतमपुरा क्षेत्रों में अटल कैंटीन का उद्घाटन कियाजहां उन्होंने स्थानीय लोगों से मिलकर उनसे संवाद किया और खुद भी भोजन लिया। इस दौरानभाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल भी उनके साथ थे। इस कैंटीन में गरीबों को मात्र 5 रुपए में गर्म और पौष्टिक भोजन उपलब्ध होगाजो पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के अंत्योदय के विचार से प्रेरित है।
    मुख्यमंत्री ने शालीमार बाग के अटल कैंटीन में अपने हाथों से एक बुजुर्ग महिला को भोजन कराया। इस स्नेहपूर्ण पल को उन्होंने सोशल मीडिया पर भी साझा किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह पहल दिल्ली के निर्माण और संचालन में लगे मेहनतकश नागरिकों को सम्मान और सहारा देने के उद्देश्य से शुरू की गई है।

    उन्होंने अपने पोस्ट में लिखाहमारी सरकार शालीमार बाग के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयासरत हैताकि हर परिवार को सुविधाहर श्रमिक को सम्मान और हर नागरिक को भरोसा मिले। साथ हीदिल्ली के अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह की योजनाओं को लागू किया जा रहा है। सीएम रेखा गुप्ता ने पीतमपुरा में भी अटल कैंटीन का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने एक वृद्ध महिला से आत्मीय मुलाकात की और उन्हें खुद हाथों से भोजन कराया। उन्होंने इस पल को बहुत खास बताया और लिखाअटल कैंटीनपीतमपुरा में थाली में खाना परोसा और बदले में जो स्नेह और आशीर्वाद मिलावह हमेशा मेरे साथ रहेगा।

    दिल्ली सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर 100 अटल कैंटीन स्थापित करने की योजना बनाई थीजिनमें से 45 कैंटीन का उद्घाटन पहले ही किया जा चुका है। इस पहल का उद्देश्य दिल्ली के नागरिकों को सस्ते और पौष्टिक भोजन की उपलब्धता सुनिश्चित करना हैखासकर उन लोगों के लिए जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं। यह पहल दिल्ली सरकार की ओर से गरीबों के लिए एक बड़ा कदम साबित हो रही हैजो न केवल भोजन की गुणवत्ता को सुनिश्चित करती हैबल्कि समाज के हर वर्ग को समान अवसर देने का प्रयास भी करती है।