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  • राखी सावंत संग बातचीत में सुनीता आहूजा ने खोले पारिवारिक राज, कोमल रानी स्वर्णकार के नाम पर मचा घमासान

    राखी सावंत संग बातचीत में सुनीता आहूजा ने खोले पारिवारिक राज, कोमल रानी स्वर्णकार के नाम पर मचा घमासान

    नई दिल्ली ।बॉलीवुड के प्रसिद्ध अभिनेता गोविंदा और उनकी पत्नी सुनीता आहूजा के बीच चल रहे पारिवारिक विवाद ने एक नया मोड़ ले लिया है। हाल ही में सुनीता आहूजा और अभिनेत्री राखी सावंत के बीच हुई बातचीत के सार्वजनिक होने के बाद मनोरंजन जगत में हलचल तेज हो गई है। इस बातचीत के दौरान सुनीता ने दावा किया है कि यदि उन्होंने अपनी तलाक की अर्जी वापस नहीं ली होती तो गोविंदा अभिनेत्री कोमल रानी स्वर्णकार से शादी करने की योजना बना रहे थे।

    सुनीता आहूजा के इस सनसनीखेज दावे के सामने आने के बाद नवोदित अभिनेत्री कोमल रानी स्वर्णकार अचानक सुर्खियों में आ गई हैं। उत्तर प्रदेश से संबंध रखने वाली कोमल रानी स्वर्णकार फिल्म इंडस्ट्री में नई कलाकार के तौर पर कदम रख रही हैं। गोविंदा ने कुछ समय पहले ही अपनी आने वाली फिल्म रूपा के लिए कोमल को मुख्य अभिनेत्री के रूप में मीडिया के सामने पेश किया था। इसके अलावा यह भी चर्चा है कि वह अभिनेता के निर्माण में बन रही एक अन्य फिल्म दुनियादारी में भी नजर आ सकती हैं।

    पारिवारिक विवाद की शुरुआत पहले भी देखने को मिली थी जब सुनीता आहूजा ने एक साक्षात्कार में कुछ तीखी टिप्पणियां की थीं। उस समय उन्होंने किसी का नाम लिए बिना नाराजगी जताई थी। हालांकि बाद में जब गोविंदा सार्वजनिक रूप से अपनी नई फिल्म की सह-कलाकार के साथ नजर आने लगे तो सोशल मीडिया पर इन बयानों को कोमल रानी से जोड़कर देखा जाने लगा। अब राखी सावंत के साथ हुई बातचीत में सीधे तौर पर नाम सामने आने से यह मामला अधिक गरमा गया है।

    सुनीता आहूजा का कहना है कि वह लंबे समय से पारिवारिक स्थिति को लेकर चुप थीं, लेकिन अपने अधिकारों और सम्मान की अनदेखी होने पर उन्होंने अपना रुख स्पष्ट किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि शादी के विचार तक बात पहुंच चुकी थी। मध्य प्रदेश और देश के अन्य हिस्सों में बॉलीवुड के इस चर्चित परिवार के प्रशंसकों के बीच इस नए घटनाक्रम को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।

    दूसरी ओर इस पूरे मामले और निजी जिंदगी से जुड़े आरोपों पर अभिनेत्री कोमल रानी स्वर्णकार की तरफ से अब तक कोई आधिकारिक बयान या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। उन्होंने मीडिया के समक्ष इस विषय पर चुप्पी साध रखी है। वहीं गोविंदा ने पूर्व में अपनी सह-कलाकार का बचाव करते हुए सुनीता के आरोपों का खंडन किया था और अपना पक्ष रखा था।

    गौरतलब है कि गोविंदा और सुनीता आहूजा की शादी को लगभग 39 वर्ष हो चुके हैं और उनके दो बच्चे भी हैं। कुछ समय पूर्व कोर्ट परिसर के बाहर सुनीता आहूजा की मौजूदगी के बाद से दोनों के रिश्ते में दरार और कानूनी अलगाव की खबरें सामने आई थीं, हालांकि बाद में अर्जी वापस लेने की बात कही गई थी। फिलहाल इस नए खुलासे ने गोविंदा के निजी और व्यावसायिक जीवन से जुड़े विवाद को एक बार फिर से सुर्खियों में ला दिया है।

  • अभिनेता ऋतिक रोशन और सबा आजाद के रिश्ते को लेकर सोशल मीडिया पर तेज हुईं कई तरह की अटकलें

    अभिनेता ऋतिक रोशन और सबा आजाद के रिश्ते को लेकर सोशल मीडिया पर तेज हुईं कई तरह की अटकलें

    नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेता ऋतिक रोशन और अभिनेत्री व संगीतकार सबा आजाद के व्यक्तिगत संबंधों को लेकर सोशल मीडिया पर विभिन्न प्रकार की चर्चाएं और अटकलें तेजी से फैल रही हैं। पिछले कुछ समय से दोनों कलाकारों के रिश्ते में बदलाव को लेकर इंटरनेट पर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं। इन चर्चाओं की मुख्य वजह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सामने आई कुछ कथित तस्वीरें और प्रोफाइल बताई जा रही हैं, जिन्हें लेकर नेटिजन्स तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं व्यक्त कर रहे हैं।

    सोशल मीडिया पर एक नेटवर्किंग ऐप से जुड़े प्रोफाइल की तस्वीरें प्रसारित हो रही हैं, जिसमें अभिनेता ऋतिक रोशन की तस्वीर और उनके पेशे का विवरण दर्ज है। इन वायरल तस्वीरों के आधार पर कई लोग यह अनुमान लगा रहे हैं कि अभिनेता और सबा आजाद के बीच सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। हालांकि, प्रसारित की जा रही इन जानकारियों और तस्वीरों की सत्यता तथा प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।

    ऑनलाइन मंचों पर इन खबरों के सामने आने के बाद प्रशंसकों और इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की ओर से मिला-जुला रुख देखने को मिल रहा है। जहां कुछ लोग इन अफवाहों के आधार पर तरह-तरह के कयास लगा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर अभिनेता के कई प्रशंसकों ने उनका बचाव किया है। प्रशंसकों का कहना है कि किसी भी वायरल सामग्री के आधार पर निष्कर्ष निकालना अनुचित है और संभव है कि यह किसी फर्जी प्रोफाइल या पुरानी जानकारी का परिणाम हो।

    गौरतलब है कि ऋतिक रोशन और सबा आजाद के बीच संबंधों की खबरें पहली बार वर्ष 2021 के अंत में सामने आई थीं। इसके बाद वर्ष 2022 की शुरुआत में दोनों को कई सार्वजनिक स्थलों और कार्यक्रमों में एक साथ देखा गया, जिसके बाद उनके रिश्ते को लेकर आधिकारिक रूप से बातें सामने आईं। दोनों कलाकारों को अक्सर विभिन्न फिल्म समारोहों, पारिवारिक आयोजनों और सार्वजनिक कार्यक्रमों में साथ देखा जाता रहा है, जहां उनकी बॉन्डिंग की काफी सराहना भी की जाती थी।

    ऋतिक रोशन के व्यक्तिगत जीवन की बात करें तो उन्होंने वर्ष 2000 में सुजैन खान से विवाह किया था। हालांकि, वर्ष 2014 में दोनों ने आपसी सहमति से एक-दूसरे से अलग होने का निर्णय लिया था। इसके बाद से ही ऋतिक रोशन अपनी व्यक्तिगत और व्यावसायिक जिंदगी को लेकर अक्सर चर्चा में बने रहते हैं। वहीं दूसरी तरफ सबा आजाद भी फिल्म उद्योग का एक जाना-माना नाम हैं, जो अभिनय के साथ-साथ संगीत और रंगमंच के क्षेत्र में भी सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं।

    वर्तमान में प्रसारित हो रही इन तमाम अटकलों और सोशल मीडिया दावों पर ऋतिक रोशन या सबा आजाद की ओर से कोई आधिकारिक टिप्पणी या स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। दोनों ही कलाकारों ने इस पूरे विषय पर चुप्पी साध रखी है। फिल्म उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि सेलिब्रिटीज के व्यक्तिगत जीवन को लेकर अक्सर इस तरह की निराधार अफवाहें उड़ती रहती हैं और जब तक संबंधित पक्षों की ओर से कोई बयान नहीं आता, तब तक इन खबरों को महज एक अटकलबाजी ही माना जाना चाहिए।

  • कपिल शर्मा की एक्स गर्लफ्रेंड कहे जाने पर भड़कीं प्रीति सिमोस, बोलीं- मेरी पहचान सिर्फ रिश्ते से नहीं

    कपिल शर्मा की एक्स गर्लफ्रेंड कहे जाने पर भड़कीं प्रीति सिमोस, बोलीं- मेरी पहचान सिर्फ रिश्ते से नहीं


    नई दिल्ली ।
    टीवी इंडस्ट्री की जानी-मानी प्रोड्यूसर प्रीति सिमोस ने कॉमेडियन कपिल शर्मा की एक्स गर्लफ्रेंड के टैग को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की है। प्रीति सिमोस का कहना है कि लंबे समय से उनकी पहचान उनके काम और उपलब्धियों के बजाय कपिल शर्मा के साथ रहे पुराने रिश्ते के आधार पर की जाती रही है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति उनके लिए काफी निराशाजनक है, क्योंकि उन्होंने टेलीविजन इंडस्ट्री में अपनी अलग पहचान बनाने के लिए वर्षों तक मेहनत की है।

    प्रीति सिमोस ने एक बातचीत के दौरान कहा कि एक समय तक वह किसी की गर्लफ्रेंड के रूप में जानी जाती थीं, लेकिन रिश्ता खत्म होने के बाद भी उन्हें उसी पुराने रिश्ते के नाम से जोड़कर देखा जाता है। उन्होंने कहा कि ब्रेकअप के बाद दोनों अपनी-अपनी जिंदगी में आगे बढ़ चुके हैं, लेकिन मीडिया और लोगों के एक वर्ग ने अब भी उन्हें उसी नजरिए से देखना जारी रखा है। उनके अनुसार, यह उनके काम और प्रोफेशनल पहचान के साथ न्याय नहीं करता।

    प्रीति ने कहा कि उन्हें सबसे ज्यादा परेशानी इस बात से होती है कि उनकी मेहनत और करियर की उपलब्धियों की चर्चा कम होती है, जबकि कपिल शर्मा के साथ उनके रिश्ते को ज्यादा महत्व दिया जाता है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति की पहचान केवल उसके निजी रिश्तों से नहीं होनी चाहिए। हर इंसान की अपनी मेहनत, प्रतिभा और उपलब्धियां होती हैं, जिन्हें भी महत्व मिलना चाहिए।

    उन्होंने यह भी कहा कि दो लोगों के बीच रिश्ते की वास्तविकता को बाहर के लोग पूरी तरह नहीं जानते। कई बार लोग अलग होने के बाद भी एक-दूसरे के साथ सम्मानजनक संबंध बनाए रखते हैं या दोस्त बने रहते हैं। इसके बावजूद समाज और मीडिया अक्सर पुराने रिश्तों के आधार पर लोगों को पहचानने लगता है। प्रीति ने कहा कि खासतौर पर महिलाओं को ऐसे टैग का सामना ज्यादा करना पड़ता है और उनके बारे में गलत धारणाएं बनाई जाती हैं।

    प्रीति सिमोस ने टेलीविजन इंडस्ट्री में अपनी मजबूत पहचान बनाई है। वह कई लोकप्रिय शो और प्रोजेक्ट्स से जुड़ी रही हैं। उन्होंने ‘कॉमेडी नाइट्स विद कपिल’ और ‘द कपिल शर्मा शो’ जैसे चर्चित कार्यक्रमों के निर्माण में अहम भूमिका निभाई है। इसके अलावा वह ‘कानपुर वाले खुरानाज’, ‘गैंग्स ऑफ फिल्मिस्तान’, ‘आखिरी सच’ और कई अन्य प्रोजेक्ट्स का हिस्सा रही हैं। अपने काम के जरिए उन्होंने टीवी प्रोडक्शन क्षेत्र में खास मुकाम हासिल किया है।

    कपिल शर्मा और प्रीति सिमोस का नाम एक समय निजी रिश्ते को लेकर चर्चा में रहा था। हालांकि बाद में दोनों अलग हो गए और अपनी-अपनी जिंदगी में आगे बढ़ गए। कपिल शर्मा ने वर्ष 2018 में गिन्नी चतरथ से शादी की थी। अब कपिल अपनी पारिवारिक जिंदगी और प्रोफेशनल प्रोजेक्ट्स में व्यस्त हैं। वहीं प्रीति सिमोस भी लगातार अपने काम पर ध्यान दे रही हैं।

    प्रीति का कहना है कि किसी महिला की पहचान केवल उसके किसी प्रसिद्ध व्यक्ति के साथ जुड़े रिश्ते से नहीं होनी चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि लोगों को किसी के काम और व्यक्तिगत उपलब्धियों के आधार पर पहचान मिलनी चाहिए। उनका बयान सोशल मीडिया और मनोरंजन जगत में चर्चा का विषय बना हुआ है।

  • दिवंगत अभिनेता ओम पुरी संग अपने असफल रिश्ते पर छलका सीमा कपूर का दर्द, साझा कीं जिंदगी से जुड़ी कड़वी यादें

    दिवंगत अभिनेता ओम पुरी संग अपने असफल रिश्ते पर छलका सीमा कपूर का दर्द, साझा कीं जिंदगी से जुड़ी कड़वी यादें

    नई दिल्ली । हिंदी सिनेमा जगत के जाने-माने दिवंगत अभिनेता ओम पुरी का निजी जीवन एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है। उनकी पहली पत्नी और अभिनेत्री सीमा कपूर ने हाल ही में दिए एक साक्षात्कार में अपने वैवाहिक जीवन और अलगाव से जुड़े कई कड़वे अनुभवों को साझा किया है। उन्होंने बताया कि किस तरह शादी की शुरुआत से ही उन्हें कई मानसिक और भावनात्मक उतार-चढ़ावों का सामना करना पड़ा था।

    साक्षात्कार के दौरान सीमा कपूर ने बताया कि विवाह से ठीक एक दिन पहले उन्हें अपने होने वाले पति के निजी जीवन से जुड़े कुछ ऐसे तथ्यों की जानकारी मिली थी, जिससे वे काफी स्तब्ध रह गई थीं। हालांकि, उस समय पारिवारिक प्रतिष्ठा, सामाजिक दबाव और विवाह की तमाम तैयारियों के पूरा हो जाने के कारण अंतिम समय में शादी का फैसला वापस लेना उनके लिए संभव नहीं हो सका।

    विवाह के पश्चात भी दोनों के रिश्तों में दूरियां बनी रहीं और समय के साथ परिस्थितियां अधिक जटिल होती चली गईं। सीमा कपूर के अनुसार, पारिवारिक जीवन में आए गंभीर तनाव और मानसिक आघात का असर उनके स्वास्थ्य पर भी पड़ा। उन्होंने खुलासा किया कि अलगाव के बेहद कठिन दौर से गुजरते समय और अत्यधिक मानसिक दबाव के कारण उन्होंने अपनी गर्भावस्था के दौरान संतान को भी खो दिया था।

    दोनों के बीच बढ़ते मतभेदों के चलते अंततः कानूनी रूप से अलग होने का निर्णय लिया गया। तलाक की प्रक्रिया के दौरान सहायता राशि और व्यावहारिक बातचीत से जुड़े घटनाक्रमों ने दोनों के बीच के कड़वाहट को और बढ़ा दिया। मध्य प्रदेश और देश के अन्य हिस्सों में ओम पुरी की बहुमुखी अदाकारी के प्रशंसक आज भी मौजूद हैं, लेकिन यह साक्षात्कार उनके निजी जीवन के जटिल पहलुओं को सामने लाता है।

    गौरतलब है कि सीमा कपूर से अलग होने के बाद अभिनेता ने दूसरा विवाह किया था, हालांकि उनका वह रिश्ता भी बाद के वर्षों में अलगाव पर समाप्त हुआ। जनवरी 2017 में 66 वर्ष की आयु में ओम पुरी का निधन हो गया था। उनके निधन के वर्षों बाद भी उनके निजी रिश्तों से जुड़ी यह आपबीती मनोरंजन जगत और प्रशंसकों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।

  • वैवाहिक जीवन की शुरुआत से पहले पार्टनर की इन आदतों पर जरूर करें गौर, विशेषज्ञ ने बताए अहम संकेत

    वैवाहिक जीवन की शुरुआत से पहले पार्टनर की इन आदतों पर जरूर करें गौर, विशेषज्ञ ने बताए अहम संकेत

    नई दिल्ली । शादी केवल दो लोगों का साथ नहीं, बल्कि विश्वास, जिम्मेदारी और आपसी समझ पर आधारित एक दीर्घकालिक रिश्ता होता है। ऐसे में विवाह से पहले केवल व्यक्तित्व, करियर या पारिवारिक पृष्ठभूमि पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं माना जाता। रिश्ते की सफलता इस बात पर भी निर्भर करती है कि दोनों साथी कठिन परिस्थितियों में किस तरह व्यवहार करते हैं और मतभेदों को किस तरह संभालते हैं। इसी संदर्भ में एक अनुभवी तलाक वकील ने शादी से पहले कुछ महत्वपूर्ण व्यवहारिक संकेतों पर ध्यान देने की सलाह दी है।

    न्यूयॉर्क के तलाक मामलों के विशेषज्ञ जेम्स जे. सेक्सटन का कहना है कि लंबे समय तक वैवाहिक विवादों को देखने के उनके अनुभव में कुछ ऐसे संकेत हैं, जिन्हें शुरुआती दौर में नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। उनका मानना है कि रिश्ते की शुरुआत में भावनात्मक लगाव के कारण कई लोग अपने साथी की कुछ गंभीर आदतों को सामान्य समझकर अनदेखा कर देते हैं, लेकिन यही बातें आगे चलकर रिश्ते में तनाव का कारण बन सकती हैं।

    उन्होंने पहला महत्वपूर्ण संकेत किसी भी प्रकार की नशे की लत को बताया है। उनके अनुसार यदि कोई व्यक्ति शराब, मादक पदार्थों या अन्य किसी नशे का नियमित आदी है, तो इसे केवल एक सामान्य आदत मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कई मामलों में ऐसी आदतें मानसिक तनाव, भावनात्मक चुनौतियों या अन्य व्यक्तिगत समस्याओं से जुड़ी हो सकती हैं। यदि समय रहते इन पर ध्यान नहीं दिया जाए, तो वैवाहिक जीवन में जिम्मेदारियां बढ़ने के साथ यह स्थिति और जटिल हो सकती है।

    विशेषज्ञ का मानना है कि नशे की गंभीर आदत का प्रभाव केवल व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका असर परिवार, आर्थिक स्थिरता, आपसी विश्वास और मानसिक शांति पर भी पड़ सकता है। इसलिए विवाह से पहले इस विषय पर खुलकर बातचीत करना और स्थिति को समझना आवश्यक माना जाता है।

    उन्होंने दूसरा महत्वपूर्ण संकेत गलती स्वीकार करने और माफी मांगने के तरीके को बताया है। उनके अनुसार किसी भी रिश्ते में मतभेद होना सामान्य बात है, लेकिन यह अधिक महत्वपूर्ण है कि व्यक्ति अपनी गलती होने पर कैसी प्रतिक्रिया देता है। यदि कोई व्यक्ति अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करने के बजाय हर बार सामने वाले को ही दोषी ठहराता है या केवल औपचारिक रूप से माफी मांगता है, तो यह भविष्य में रिश्ते के लिए चुनौती बन सकता है।

    जेम्स जे. सेक्सटन के अनुसार वास्तविक माफी वही होती है, जिसमें व्यक्ति अपनी गलती को स्पष्ट रूप से स्वीकार करे, उससे हुए नुकसान को समझे और भविष्य में उस व्यवहार को दोहराने से बचने की प्रतिबद्धता भी दिखाए। इसके विपरीत यदि कोई केवल यह कहे कि “तुम्हें बुरा लगा, इसका दुख है” या पूरी जिम्मेदारी दूसरे व्यक्ति पर डाल दे, तो इससे रिश्ते में भरोसा धीरे-धीरे कमजोर हो सकता है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि सफल वैवाहिक जीवन केवल प्रेम या आकर्षण पर नहीं, बल्कि ईमानदार संवाद, जिम्मेदारी और आपसी सम्मान पर आधारित होता है। यही कारण है कि शादी से पहले पार्टनर के व्यवहार, निर्णय लेने के तरीके और कठिन परिस्थितियों में उसके रवैये को समझना भविष्य के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

    रिश्ते को मजबूत बनाने के लिए यह आवश्यक है कि दोनों साथी खुलकर बातचीत करें, एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करें और किसी भी समस्या का समाधान मिलकर खोजने का प्रयास करें। विशेषज्ञों के अनुसार यदि रिश्ते की शुरुआत में ही इन व्यवहारिक पहलुओं पर ध्यान दिया जाए, तो वैवाहिक जीवन अधिक संतुलित, भरोसेमंद और दीर्घकालिक बन सकता है।

  • प्यार से हत्या तक क्यों पहुंच रहे रिश्ते एक्सपर्ट ने बताए बदलते समाज और मानसिक तनाव के चौंकाने वाले कारण

    प्यार से हत्या तक क्यों पहुंच रहे रिश्ते एक्सपर्ट ने बताए बदलते समाज और मानसिक तनाव के चौंकाने वाले कारण


    भोपाल । बीते कुछ समय में सामने आए कई चर्चित मामलों ने समाज को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या पति पत्नी और प्रेम संबंधों में हिंसा का स्वरूप पहले से अधिक खतरनाक होता जा रहा है। मध्य प्रदेश सहित देश के अलग अलग हिस्सों में सामने आए हत्या और गंभीर अपराधों के मामलों ने रिश्तों में बढ़ते तनाव और मानसिक असंतुलन को लेकर नई बहस छेड़ दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि बदलती सामाजिक परिस्थितियां संवाद की कमी सोशल मीडिया का बढ़ता प्रभाव और विवाहेतर संबंधों से उपजा तनाव कई बार लोगों को हिंसक सोच की ओर धकेल देता है। हालांकि वे यह भी स्पष्ट करते हैं कि किसी अपराध को केवल महिला या पुरुष अथवा मानसिक बीमारी से जोड़कर देखना पूरी तरह गलत और वैज्ञानिक दृष्टि से अनुचित होगा।

    भोपाल के मनोचिकित्सक डॉ. सत्यकांत त्रिवेदी के अनुसार पिछले सात से आठ वर्षों में पुरुषों के साथ मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना से जुड़े मामलों में लगभग साठ से सत्तर प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई है। पहले जहां गंभीर आक्रामकता या हत्या जैसे विचारों के साथ महीने में एक या दो मरीज इलाज के लिए आते थे वहीं अब हर महीने पांच से दस ऐसे मामले सामने आ रहे हैं। इनमें केवल शारीरिक हिंसा ही नहीं बल्कि मानसिक प्रताड़ना और रिश्तों में लगातार बढ़ता तनाव भी प्रमुख कारण बनकर उभर रहा है।

    विशेषज्ञ बताते हैं कि उनके पास आने वाले कई मामलों में मरीज स्वयं स्वीकार करते हैं कि उनके मन में अपने जीवनसाथी को नुकसान पहुंचाने या हत्या करने जैसे विचार आते हैं। एक मामले में युवा महिला ने चिकित्सकों को बताया कि उसे डर है कहीं वह अपने पति की हत्या न कर दे। जांच में सामने आया कि लंबे समय से वह अपनी भावनाएं व्यक्त नहीं कर पा रही थी और व्यक्तित्व संबंधी समस्याओं से भी जूझ रही थी। उपचार और कपल काउंसलिंग के बाद उसकी स्थिति में सुधार आया और हिंसक विचार समाप्त हो गए।

    एक अन्य मामले में एक व्यक्ति ने स्वीकार किया कि उसके मन में कई बार पत्नी की हत्या कर जेल जाने तक के विचार आते थे। जांच में उसमें डिप्रेशन और पर्सनैलिटी डिसऑर्डर जैसी मानसिक समस्याएं सामने आईं। विशेषज्ञों ने उसके मानसिक उपचार और व्यवहार नियंत्रण पर काम किया जिसके बाद उसकी स्थिति में सुधार देखा गया।

    डॉ. त्रिवेदी का कहना है कि सोशल मीडिया ने लोगों की अपेक्षाएं और तुलना की प्रवृत्ति बढ़ा दी है। संयुक्त परिवारों की जगह न्यूक्लियर फैमिली का चलन बढ़ने से भावनात्मक सहारा कम हुआ है। इसके साथ ही रिश्तों में संवाद की कमी और विवाहेतर संबंधों से पैदा होने वाला अविश्वास कई बार मानसिक दबाव को बढ़ा देता है। मनोरंजन के बदलते स्वरूप का भी असर देखने को मिल रहा है जहां अपराध करने वाले किरदारों को भी नायक के रूप में प्रस्तुत किया जाता है जिससे कुछ लोगों की सोच प्रभावित होती है।

    हालांकि विशेषज्ञ इस बात पर विशेष जोर देते हैं कि मानसिक बीमारी से जूझ रहे अधिकांश लोग कभी हिंसक नहीं होते। किसी भी अपराध को केवल मानसिक रोग या किसी एक लिंग से जोड़कर देखना उचित नहीं है। यदि रिश्तों में लगातार तनाव गुस्सा अवसाद या हिंसक विचार महसूस हों तो समय रहते मनोवैज्ञानिक या मनोचिकित्सक की मदद लेना बेहद जरूरी है। सही समय पर काउंसलिंग और उपचार न केवल रिश्तों को बचा सकता है बल्कि किसी बड़ी और दुखद घटना को भी टाल सकता है।

  • निजी रिश्तों के तनाव से जब थम गई थी सुरीली जुगलबंदी, किशोर कुमार ने मिथुन के लिए गाना बंद करने के बाद उन्हीं के लिए रिकॉर्ड किया था अपना आखिरी गीत

    निजी रिश्तों के तनाव से जब थम गई थी सुरीली जुगलबंदी, किशोर कुमार ने मिथुन के लिए गाना बंद करने के बाद उन्हीं के लिए रिकॉर्ड किया था अपना आखिरी गीत

    नई दिल्ली ।  भारतीय सिनेमा जगत के इतिहास में अपनी जादुई आवाज से करोड़ों दिलों पर राज करने वाले महान गायक किशोर कुमार और डिस्को डांसर के नाम से मशहूर अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती से जुड़ा एक बेहद दिलचस्प और अनसुना किस्सा सामने आया है। अपने दौर में हर बड़े अभिनेता की आवाज बनने वाले किशोर कुमार ने एक समय पर मिथुन चक्रवर्ती के लिए फिल्मों में पाश्र्वगायन (प्लेबैक सिंगिंग) करने से पूरी तरह इनकार कर दिया था। इस फैसले के पीछे कोई व्यावसायिक या पेशेवर विवाद नहीं था, बल्कि इसके पीछे पूरी तरह से उनके निजी जीवन से जुड़ी एक भावुक वजह थी, जिसने दोनों दिग्गजों के बीच सालों तक दूरियां बनाए रखीं।

    इस कड़वाहट की मुख्य वजह अभिनेत्री योगिता बाली थीं। महान अभिनेत्री मधुबाला के दुखद निधन के बाद किशोर कुमार ने योगिता बाली से तीसरी शादी की थी, लेकिन उनका यह वैवाहिक रिश्ता ज्यादा समय तक टिक नहीं सका और जल्द ही दोनों अलग हो गए। इसी दौरान फिल्म ‘ख्वाब’ की शूटिंग के समय योगिता बाली और मिथुन चक्रवर्ती एक-दूसरे के करीब आए और दोनों में प्यार हो गया। इसके बाद योगिता बाली और मिथुन चक्रवर्ती ने शादी कर ली। इस शादी से किशोर कुमार काफी आहत हुए थे और उनका दिल टूट गया था, जिसके बाद उन्होंने गुस्से और दुख में मिथुन चक्रवर्ती के लिए कभी भी अपनी आवाज न देने का सख्त फैसला कर लिया।

    सालों तक मिथुन चक्रवर्ती की फिल्मों के लिए गाना न गाने के बाद, समय के साथ दोनों के बीच के व्यक्तिगत घाव धीरे-धीरे भरने लगे। वक्त बीतने के साथ किशोर कुमार की नाराजगी कम हुई और उन्होंने अपने काम को निजी जिंदगी से अलग रखते हुए मिथुन चक्रवर्ती के लिए दोबारा स्टूडियो में कदम रखा। दोनों के बीच की आपसी खटास खत्म होने के बाद किशोर कुमार ने ‘सुरक्षा’ और ‘वक्त की आवाज’ जैसी कई सुपरहिट फिल्मों में मिथुन चक्रवर्ती के लिए एक से बढ़कर एक बेहतरीन और यादगार गानों को अपनी सुरीली आवाज से सजाया, जिन्हें दर्शकों ने बेहद पसंद किया।

    इस पूरे घटनाक्रम में सबसे अनोखा और भावुक मोड़ तब आया जब किशोर कुमार ने अपने जीवन का सबसे अंतिम गाना भी मिथुन चक्रवर्ती के लिए ही रिकॉर्ड किया। किशोर कुमार को इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि वे जिस अभिनेता से कभी नाराज थे, उसी के लिए उनका आखिरी गाना इतिहास में दर्ज होने जा रहा है। उन्होंने फिल्म ‘वक्त की आवाज’ के लिए ‘गुरु-गुरु’ गाना रिकॉर्ड किया था, जो बाद में पर्दे पर मिथुन चक्रवर्ती पर ही फिल्माया गया। इस गाने की रिकॉर्डिंग के कुछ समय बाद ही संगीत की दुनिया का यह चमकता सितारा हमेशा के लिए इस दुनिया को अलविदा कह गया।

    हालांकि इस पूरे विवाद और व्यक्तिगत मतभेदों को लेकर न तो कभी किशोर कुमार ने अपने जीवन में खुलकर कोई बयान दिया और न ही मिथुन चक्रवर्ती ने कभी मीडिया के सामने इस पर चर्चा की। दोनों ही कलाकारों ने हमेशा एक-दूसरे के प्रति गहरा पेशेवर सम्मान बनाए रखा। किशोर कुमार सिर्फ एक महान गायक ही नहीं, बल्कि एक बेहद प्रतिभाशाली अभिनेता और कुशल निर्देशक भी थे, जिन्हें उनके शानदार करियर के दौरान रिकॉर्ड 8 फिल्मफेयर पुरस्कारों से नवाजा गया था और साथ ही मध्य प्रदेश सरकार द्वारा प्रतिष्ठित लता मंगेशकर पुरस्कार भी प्रदान किया गया था।

  • जाह्नवी कपूर की मेहंदी में दिखा 'शिखू' नाम, बॉयफ्रेंड शिखर पाहाड़िया के साथ रिश्ते को लेकर फिर तेज हुई शादी की चर्चाएं

    जाह्नवी कपूर की मेहंदी में दिखा 'शिखू' नाम, बॉयफ्रेंड शिखर पाहाड़िया के साथ रिश्ते को लेकर फिर तेज हुई शादी की चर्चाएं

    नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेत्री जाह्नवी कपूर एक बार फिर अपनी निजी जिंदगी को लेकर सुर्खियों में हैं। हाल ही में अपनी बहन अंशुला कपूर के वेडिंग रिसेप्शन में शामिल हुईं जाह्नवी की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। इन तस्वीरों में उनके पारंपरिक लुक के साथ-साथ हाथों की मेहंदी ने सबसे अधिक ध्यान आकर्षित किया। मेहंदी के डिजाइन के बीच लिखा हुआ ‘शिखू’ नाम लोगों की नजर में आते ही सोशल मीडिया पर उनके और शिखर पाहाड़िया के रिश्ते को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गईं।

    तस्वीरों में दिखाई दे रहा ‘शिखू’ नाम शिखर पाहाड़िया का निकनेम माना जाता है। इसे देखकर प्रशंसकों ने दोनों के रिश्ते को लेकर कई तरह की प्रतिक्रियाएं दीं। सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोगों ने मजाकिया अंदाज में यह सवाल भी पूछा कि क्या अब दोनों जल्द शादी करने वाले हैं। हालांकि इस तरह की चर्चाओं के बीच जाह्नवी कपूर या शिखर पाहाड़िया की ओर से विवाह को लेकर कोई आधिकारिक बयान या पुष्टि सामने नहीं आई है।

    यह पहला अवसर नहीं है जब जाह्नवी कपूर ने सार्वजनिक रूप से शिखर पाहाड़िया के प्रति अपने विशेष लगाव के संकेत दिए हों। इससे पहले भी वह कई मौकों पर ‘शिखू’ नाम वाला कस्टम ज्वेलरी एक्सेसरी पहने नजर आ चुकी हैं। इसके अलावा दोनों को पारिवारिक समारोहों, धार्मिक स्थलों, सामाजिक आयोजनों और विभिन्न सार्वजनिक कार्यक्रमों में कई बार साथ देखा गया है। इन सभी मौकों ने उनके रिश्ते को लेकर लगातार चर्चा बनाए रखी है।

    मनोरंजन जगत से जुड़े लोगों का मानना है कि जाह्नवी और शिखर लंबे समय से एक-दूसरे को जानते हैं। पिछले कुछ वर्षों में दोनों कई महत्वपूर्ण पारिवारिक आयोजनों और निजी समारोहों में साथ दिखाई दिए हैं। इसी वजह से उनके रिश्ते को लेकर समय-समय पर विभिन्न तरह की अटकलें सामने आती रही हैं। हालांकि दोनों ने अपने निजी संबंधों को लेकर सार्वजनिक रूप से सीमित ही प्रतिक्रिया दी है।

    अंशुला कपूर के वेडिंग रिसेप्शन की तस्वीरों ने एक बार फिर इस चर्चा को नई गति दे दी है। फैशन और पारंपरिक परिधान के साथ जाह्नवी की मेहंदी भी सोशल मीडिया पर चर्चा का प्रमुख विषय बन गई। प्रशंसकों ने तस्वीरों पर बड़ी संख्या में टिप्पणियां करते हुए दोनों की जोड़ी की सराहना की और भविष्य को लेकर अपनी उत्सुकता भी व्यक्त की।

    शिखर पाहाड़िया एक कारोबारी परिवार से आते हैं और विभिन्न व्यावसायिक गतिविधियों से जुड़े हुए हैं। उन्होंने विदेश में उच्च शिक्षा प्राप्त की है और निवेश संबंधी क्षेत्रों में भी सक्रिय बताए जाते हैं। पिछले कुछ समय से उनका नाम लगातार जाह्नवी कपूर के साथ जोड़ा जाता रहा है, हालांकि दोनों ने अपने रिश्ते को लेकर सीमित सार्वजनिक टिप्पणियां ही की हैं।

    फिलहाल सोशल मीडिया पर वायरल हो रही इन तस्वीरों ने प्रशंसकों के बीच उत्सुकता जरूर बढ़ा दी है, लेकिन शादी को लेकर किसी भी प्रकार की आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है। ऐसे में विवाह संबंधी सभी चर्चाओं को अभी केवल अटकलों के रूप में ही देखा जा रहा है और प्रशंसकों की नजर अब दोनों की ओर से आने वाली किसी आधिकारिक जानकारी पर बनी हुई है।

  • करियर, जिम्मेदारियां और सही साथी की तलाश ने रोक दी शादी, गीता कपूर बोलीं- बीमार पड़ो तो अकेलापन सबसे ज्यादा खलता है

    करियर, जिम्मेदारियां और सही साथी की तलाश ने रोक दी शादी, गीता कपूर बोलीं- बीमार पड़ो तो अकेलापन सबसे ज्यादा खलता है

    नई दिल्ली । मशहूर कोरियोग्राफर और टेलीविजन जज गीता कपूर ने अपनी निजी जिंदगी, शादी और रिश्तों को लेकर खुलकर बात की है। उन्होंने कहा कि जीवन में कई लोगों से मुलाकात और रिश्ते बनने के बावजूद उन्हें अब तक ऐसा साथी नहीं मिला, जिसके साथ वह पूरी जिंदगी बिताने का फैसला कर पातीं। उनका कहना है कि सही जीवनसाथी की तलाश और पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण शादी का फैसला लगातार टलता गया।

    गीता कपूर ने बताया कि करियर के शुरुआती दौर में उनकी प्राथमिकता परिवार की जिम्मेदारियां निभाना था। वह अपनी मां के लिए बेहतर जीवन सुनिश्चित करना चाहती थीं और इसी कारण उन्होंने पूरी ऊर्जा अपने काम और आर्थिक मजबूती हासिल करने पर लगाई। इस दौरान शादी का विचार पीछे छूटता चला गया और समय के साथ परिस्थितियां भी बदलती गईं।

    उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसा कभी नहीं था कि वह शादी या परिवार नहीं चाहती थीं। उनके मन में भी एक सामान्य परिवार बसाने, बच्चों के साथ जीवन बिताने और वैवाहिक जीवन जीने की इच्छा थी। हालांकि जिन लोगों के साथ उनका रिश्ता बना, उनमें उन्हें वह भरोसा और आत्मविश्वास महसूस नहीं हुआ, जो शादी जैसे बड़े फैसले के लिए जरूरी होता है। इसी वजह से उन्होंने कभी जल्दबाजी में विवाह करने का निर्णय नहीं लिया।

    गीता कपूर ने कहा कि उनके मन में हमेशा ऐसे जीवनसाथी की कल्पना रही, जिसमें भगवान शिव जैसे गुण हों। उनका मानना है कि जीवन में कुछ ऐसे लोग जरूर आए, जिनमें उन्हें उन गुणों की झलक दिखाई दी, लेकिन कोई भी व्यक्ति उनकी अपेक्षाओं पर पूरी तरह खरा नहीं उतर सका। यही कारण रहा कि उन्होंने विवाह का साहस नहीं जुटाया।

    उन्होंने यह भी कहा कि समय के साथ उनकी जिंदगी का नजरिया बदला है। टेलीविजन के विभिन्न डांस रियलिटी शो के जरिए उन्हें कई ऐसे प्रतिभागी मिले, जो उन्हें मां जैसा सम्मान और स्नेह देते हैं। यही अपनापन उनके जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है। इसके अलावा वह अपनी मां की देखभाल को भी अपनी सबसे बड़ी जिम्मेदारी मानती हैं और उसी में उन्हें संतोष मिलता है।

    गीता कपूर ने स्वीकार किया कि वर्तमान में वह अपने जीवन से संतुष्ट हैं, लेकिन भविष्य में एक ऐसे साथी की जरूरत महसूस हो सकती है जो उन्हें समझ सके और मुश्किल समय में उनका साथ निभाए। उनका कहना है कि जीवन में खुशियों के दौरान अकेलेपन का एहसास कम होता है, लेकिन कठिन परिस्थितियों में किसी अपने का साथ सबसे अधिक मायने रखता है।

    उन्होंने कहा कि बीमारी या परेशानी के समय जब आसपास कोई अपना मौजूद नहीं होता, तब अकेलापन सबसे ज्यादा महसूस होता है। ऐसे क्षण यह एहसास कराते हैं कि जीवन में भावनात्मक सहारा भी उतना ही महत्वपूर्ण है जितना पेशेवर सफलता या आर्थिक स्थिरता। गीता कपूर ने उम्मीद जताई कि यदि भविष्य में उन्हें ऐसा साथी मिला, जो उन्हें समझे और उनका साथ निभा सके, तो वह उस संभावना पर जरूर विचार करेंगी। उनके इस स्पष्ट और संतुलित बयान को सोशल मीडिया पर भी व्यापक चर्चा मिल रही है।

  • सलमान खान से अलग होने के बाद मुश्किल वक्त में भी ऐश्वर्या राय ने खुद को संभाला, फिल्म 'शब्द' की को-स्टार ने खोल दिए राज

    सलमान खान से अलग होने के बाद मुश्किल वक्त में भी ऐश्वर्या राय ने खुद को संभाला, फिल्म 'शब्द' की को-स्टार ने खोल दिए राज

    नई दिल्ली। भारतीय सिनेमा की सबसे चर्चित जोड़ियों और उनके आपसी रिश्तों को लेकर समय-समय पर कई तरह की बातें सामने आती रही हैं। इसी क्रम में, फिल्म ‘हम दिल दे चुके सनम’ में साथ काम कर चुकीं सह-कलाकार सादिया सिद्दीकी ने सुपरस्टार सलमान खान और ऐश्वर्या राय के बहुचर्चित ब्रेकअप के बाद के दौर को लेकर एक बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि निजी जीवन में चल रहे इतने बड़े उतार-चढ़ाव और मुश्किलों के बावजूद ऐश्वर्या राय ने जिस तरह खुद को संभाला और अपने काम के प्रति निष्ठा दिखाई, वह वाकई तारीफ के काबिल था।

    एक हालिया साक्षात्कार के दौरान जब सादिया सिद्दीकी से पूछा गया कि क्या साल 2005 में आई फिल्म ‘शब्द’ की शूटिंग के दौरान उन्हें ऐश्वर्या राय की व्यक्तिगत जिंदगी में चल रहे तनाव का कोई अंदाजा हुआ था? इस पर उन्होंने स्पष्ट किया कि यद्यपि उस फिल्म में ऐश्वर्या के साथ उनका कोई सीधा सीन नहीं था और वे उन्हें व्यक्तिगत रूप से बहुत करीब से नहीं जानती थीं, लेकिन सेट पर उनके व्यवहार को देखकर कोई भी उनकी आंतरिक उथल-पुथल का अंदाजा नहीं लगा सकता था। उन्होंने अपनी भावनाओं और निजी जीवन की दिक्कतों को बहुत ही गरिमापूर्ण तरीके से छिपाकर रखा था।

    सह-कलाकार ने ऐश्वर्या राय के पेशेवर रवैये की जमकर सराहना करते हुए कहा कि वे हमेशा समय पर पूरी तैयारी के साथ सेट पर पहुंचती थीं। शूटिंग शुरू होने से पहले वे अपनी सभी पंक्तियों (लाइन्स) को अच्छी तरह याद रखती थीं, अपनी स्क्रिप्ट का गहराई से अध्ययन करती थीं और पूरे प्रोफेशनलिज्म के साथ अपना काम पूरा करती थीं। उन्होंने अपनी व्यक्तिगत समस्याओं की परछाई को कभी भी अपने काम पर या सेट के माहौल पर नहीं पड़ने दिया।

    सादिया ने आगे बताया कि ऐश्वर्या अपने किरदारों को जीवंत करने के लिए काफी समर्पित थीं। वे दृश्यों को बेहतर बनाने के लिए बार-बार स्क्रिप्ट पढ़ती थीं और निर्देशक व साथी कलाकारों के साथ उस पर चर्चा करती थीं। वे अपने किरदार की मानसिक स्थिति और उसकी गहराई को समझने का पूरा प्रयास करती थीं, जो उनके एक बेहतरीन कलाकार होने का प्रमाण है। गौरतलब है कि साल 2005 में रिलीज हुई सस्पेंस थ्रिलर फिल्म ‘शब्द’ में ऐश्वर्या राय के साथ संजय दत्त और जायद खान मुख्य भूमिकाओं में नजर आए थे।

    यदि दोनों कलाकारों के वर्तमान पेशेवर जीवन की बात करें, तो सलमान खान आने वाले समय में फिल्म ‘मातृभूमि’ में दिखाई देंगे, जिसका निर्देशन अपूर्व लाखिया कर रहे हैं। इस फिल्म में उनके साथ चित्रांगदा सिंह मुख्य भूमिका में होंगी। इसके अतिरिक्त, वे दक्षिण भारतीय सिनेमा की मशहूर अभिनेत्री नयनतारा के साथ भी एक अनाम फिल्म (एसवीसी63) पर काम कर रहे हैं, जिसका निर्देशन वामशी पैदिपल्ली कर रहे हैं और यह फिल्म साल 2027 की ईद के अवसर पर सिनेमाघरों में दस्तक दे सकती है। दूसरी तरफ, ऐश्वर्या राय आखिरी बार साल 2023 में आई मणिरत्नम की ऐतिहासिक फिल्म ‘पोन्नियिन सेल्वन’ में नजर आई थीं, जिसमें बेहतरीन अभिनय के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के पुरस्कार से भी नवाजा गया था।