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  • ऑनस्क्रीन भाई-बहन की जोड़ी को रियल लाइफ में हुआ प्यार, किसी ने की शादी तो किसी का रिश्ता रह गया अधूरा

    ऑनस्क्रीन भाई-बहन की जोड़ी को रियल लाइफ में हुआ प्यार, किसी ने की शादी तो किसी का रिश्ता रह गया अधूरा


    नई दिल्ली। टीवी की दुनिया में कलाकार कई बार ऐसे किरदार निभाते हैं, जिनमें वे एक-दूसरे के भाई-बहन नजर आते हैं। लेकिन शूटिंग के दौरान बढ़ी दोस्ती कभी-कभी असल जिंदगी में प्यार में बदल जाती है। टीवी इंडस्ट्री में ऐसे कई उदाहरण हैं, जहां पर्दे पर भाई-बहन बने कलाकारों ने एक-दूसरे को अपना जीवनसाथी बनाया। हालांकि, इनमें से कुछ रिश्ते शादी तक पहुंचे, तो कुछ समय के साथ टूट भी गए।

    रोहन मेहरा और कांची सिंह: ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ में नक्श का किरदार निभाने वाले रोहन मेहरा अपनी ऑनस्क्रीन बहन कांची सिंह के साथ रिलेशनशिप में थे। शो से बाहर आने के कुछ महीने बाद दोनों का रिश्ता खत्म हो गया।

    अविनाश और शाल्मली: ‘इस प्यार को क्या नाम दूं 2’ में अविनाश और शाल्मली ने भाई-भाभी का किरदार निभाया था। साथ काम करते हुए दोनों की दोस्ती बढ़ी और बाद में उन्होंने शादी कर ली। हालांकि, शादी के करीब तीन साल बाद दोनों का तलाक हो गया।

    नीरज और चारू: ‘मेरे अंगने में’ फेम नीरज और चारू ने शो में भाई-बहन की भूमिका निभाई थी। काम के दौरान दोनों एक-दूसरे के करीब आए और उनका रिश्ता सगाई तक पहुंच गया। हालांकि, बाद में दोनों अलग हो गए।

    मजहर और मौली: ‘कहीं किसी रोज’ में मजहर और मौली ने भाई-बहन की भूमिका निभाई थी। अलग-अलग धर्म से होने के बावजूद दोनों ने शादी करने का फैसला किया और अपने रिश्ते को शादी में बदल दिया।

    किरण करमरकर और रिंकू धवन: ‘कहानी घर घर की’ में किरण करमरकर ने ओम अग्रवाल और रिंकू धवन ने उनकी बहन छाया का किरदार निभाया था। शो के दौरान ही दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और उन्होंने शादी कर ली। हालांकि, कुछ साल बाद दोनों का तलाक हो गया।

    अभिषेक और अदिति: ‘ये है मोहब्बतें’ में अभिषेक और अदिति की ऑनस्क्रीन भाई-बहन की जोड़ी को दर्शकों ने पसंद किया। इसी दौरान दोनों के रियल लाइफ में डेटिंग करने की खबरें सामने आईं। हालांकि, बाद में दोनों का ब्रेकअप हो गया।

    अमन वर्मा और वंदना लालवानी: अमन वर्मा और वंदना लालवानी ने ‘शपथ’ में भाई-बहन की भूमिका निभाई थी। पर्दे पर भाई-बहन का किरदार निभाने वाली यह जोड़ी बाद में रियल लाइफ कपल बनी और दोनों ने 2016 में शादी कर ली।

    मयंक और रिया शर्मा: ‘तू सूरज मैं सांझ पिया जी’ में मयंक और रिया शर्मा ने भाई-बहन का किरदार निभाया था। शो के दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ने और एक-दूसरे को पसंद करने की खबरें सामने आई थीं।

    टीवी की दुनिया में ऐसे रिश्ते यह दिखाते हैं कि कैमरे के सामने निभाया गया किरदार और कलाकारों की निजी जिंदगी कई बार बिल्कुल अलग कहानी लिखती है। कुछ कलाकारों का ऑनस्क्रीन रिश्ता रियल लाइफ में प्यार में बदलकर शादी तक पहुंचा, जबकि कुछ रिश्ते समय के साथ खत्म हो गए।

  • काका और डिंपल के रिश्ते पर लिव-इन पार्टनर का बयान, कहा- तलाक के बदले रखी गई थी पूरी जायदाद नाम करने की शर्त

    काका और डिंपल के रिश्ते पर लिव-इन पार्टनर का बयान, कहा- तलाक के बदले रखी गई थी पूरी जायदाद नाम करने की शर्त

    नई दिल्ली । बॉलीवुड के पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना का फिल्मी करियर जितना चमकदार रहा, उनका निजी जीवन और प्रेम संबंध भी उतने ही सुर्खियों में रहे। वर्ष 1973 में 31 वर्ष की उम्र में उन्होंने 16 वर्षीय अभिनेत्री डिंपल कपाड़िया से विवाह किया था। इस शादी से उनकी दो बेटियां, ट्विंकल खन्ना और रिंकी खन्ना हुईं। हालांकि, यह रिश्ता लंबे समय तक नहीं टिक सका और 80 के दशक की शुरुआत यानी 1982 में डिंपल अपनी दोनों बेटियों के साथ अभिनेता का घर छोड़कर अलग रहने लगीं। दोनों जीवनभर अलग रहे, लेकिन आधिकारिक तौर पर उनका कभी तलाक नहीं हुआ। अब अभिनेता की अंतिम समय में लिव-इन पार्टनर रहीं अनीता आडवाणी ने उनके और डिंपल के बीच तलाक की कोशिशों को लेकर बड़ा खुलासा किया है।

    अनीता आडवाणी ने एक बातचीत के दौरान बताया कि राजेश खन्ना अपनी अलग रह रही पत्नी डिंपल कपाड़िया से औपचारिक तलाक चाहते थे और उन्होंने इसके लिए कई बार प्रयास भी किया। अनीता के अनुसार, राजेश खन्ना की पत्नी उनके साथ रहने के लिए तैयार नहीं थीं, लेकिन वे उन्हें तलाक देने से भी इनकार कर रही थीं। जब भी तलाक की बात उठती, तो डिंपल की तरफ से शर्त रखी जाती थी कि अगर उन्हें तलाक चाहिए तो अभिनेता को अपनी पूरी संपत्ति और सब कुछ उनके और बेटियों के नाम करना होगा। इसी वजह से कई बार कोशिश करने के बावजूद दोनों के बीच कानूनी रूप से तलाक की प्रक्रिया कभी पूरी नहीं हो सकी।

    अपने कानूनी पक्ष और रिश्ते पर चर्चा करते हुए अनीता आडवाणी ने कहा कि उनका मामला हिंदू विवाह कानून के तहत चला गया, जिससे उनका सीधा संबंध नहीं था। उन्होंने राजेश खन्ना के साथ अपने वर्षों पुराने लिव-इन रिश्ते के लिए कानूनी मान्यता की मांग की थी। उन्होंने कहा कि कानून में लिव-इन पार्टनर के अधिकारों और सुरक्षा को लेकर स्थिति बेहद उलझाऊ है। जब कोई व्यक्ति किसी के साथ लंबे समय तक खड़ा रहता है, तो ऐसे रिश्तों को कानूनी संरक्षण मिलना चाहिए।

    उल्लेखनीय है कि 1982 में राजेश खन्ना से अलग होने के बाद डिंपल कपाड़िया ने अपनी बेटियों की परवरिश के साथ-साथ फिल्मों में अपनी सफल वापसी की थी। वहीं, जीवन के अंतिम पड़ाव में राजेश खन्ना के साथ अनीता आडवाणी लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही थीं। 18 जुलाई 2012 को दिग्गज अभिनेता ने अंतिम सांस ली, लेकिन उनके निधन के बाद भी उनके निजी संबंधों और संपत्ति से जुड़े विवाद अक्सर चर्चा का विषय बनते रहे हैं।

  • 'लॉक अप 2' में आकांक्षा चमोला का बड़ा खुलासा, बोलीं- शादी से पहले लड़कियों के साथ रहे रिश्ते, अपनी सेक्शुअलिटी पर पहली बार खुलकर रखी बात

    'लॉक अप 2' में आकांक्षा चमोला का बड़ा खुलासा, बोलीं- शादी से पहले लड़कियों के साथ रहे रिश्ते, अपनी सेक्शुअलिटी पर पहली बार खुलकर रखी बात


    नई दिल्ली ।
    अभिनेत्री आकांक्षा चमोला ने रियलिटी शो के एक एपिसोड में अपनी निजी जिंदगी से जुड़ा ऐसा खुलासा किया, जिसने दर्शकों और सोशल मीडिया पर नई चर्चा शुरू कर दी। शो के दौरान उन्होंने बताया कि शादी से पहले वह स्वयं को बायसेक्सुअल मानती थीं और उनके कुछ लड़कियों के साथ रिश्ते भी रहे थे। उन्होंने कहा कि पहली बार वह सार्वजनिक रूप से इस विषय पर इतनी खुलकर बात कर रही हैं।

    नॉमिनेशन टास्क के दौरान जब उनसे उनकी निजी जिंदगी से जुड़े एक सवाल पर प्रतिक्रिया मांगी गई, तो उन्होंने बिना झिझक अपनी बात रखी। आकांक्षा ने कहा कि उनके जीवन में कुछ ऐसे रिश्ते रहे, जिनमें वह महिलाओं की ओर आकर्षित महसूस करती थीं। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन रिश्तों की प्रकृति को लेकर लोग अलग-अलग अनुमान न लगाएं और उनकी बात को उसी रूप में समझें, जैसा उन्होंने साझा किया है।

    उन्होंने कहा कि उन्हें महिलाओं के व्यक्तित्व, ऊर्जा और स्वभाव की ओर हमेशा एक विशेष आकर्षण महसूस हुआ है। उनके अनुसार, महिलाओं के साथ उन्हें सहजता और भावनात्मक सुरक्षा का एहसास होता है। उन्होंने यह भी कहा कि हर रिश्ते को किसी निश्चित दायरे या पहचान में बांधना जरूरी नहीं होता और हर व्यक्ति के अनुभव अलग हो सकते हैं।

    इससे पहले भी आकांक्षा अपने वैवाहिक जीवन को लेकर चर्चा में रह चुकी हैं। उन्होंने शो में बताया था कि वह और उनके पति गौरव खन्ना पिछले कुछ समय से अलग रह रहे हैं। उनके अनुसार, दोनों के बीच परिवार और भविष्य की योजनाओं, विशेष रूप से बच्चों को लेकर अलग-अलग सोच होने के कारण रिश्ते में दूरी आई। उन्होंने कहा कि दोनों ने परिस्थितियों को समझते हुए अलग रहने का निर्णय लिया।

    आकांक्षा के हालिया बयान के बाद सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कई लोगों ने उनकी ईमानदारी और निजी अनुभव साझा करने के साहस की सराहना की। वहीं कुछ लोगों ने इसे रियलिटी शो के दौरान चर्चा में बने रहने की रणनीति भी बताया। हालांकि बड़ी संख्या में दर्शकों ने व्यक्तिगत पहचान और निजी जीवन से जुड़े मुद्दों पर खुलकर बात करने को सकारात्मक कदम माना।

    एपिसोड के अंतिम हिस्से में आकांक्षा भावुक भी नजर आईं। उन्होंने कहा कि रियलिटी शो के दौरान अपनी निजी जिंदगी के कई पहलुओं को सार्वजनिक करना उनके लिए आसान नहीं रहा। बातचीत के दौरान उनकी आंखें नम हो गईं और उन्होंने स्वीकार किया कि कई बार निजी अनुभव साझा करना मानसिक रूप से चुनौतीपूर्ण होता है।

    आकांक्षा चमोला का यह बयान अब मनोरंजन जगत और सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। उनकी ओर से साझा किए गए अनुभवों ने व्यक्तिगत पहचान, रिश्तों और समाज में बदलती सोच को लेकर नई बहस को भी जन्म दिया है।

  • 'धर्मेंद्र-हेमा मालिनी जैसा निस्वार्थ प्यार अब दुर्लभ', रिश्तों और तलाक पर पहली बार खुलकर बोलीं ईशा देओल

    'धर्मेंद्र-हेमा मालिनी जैसा निस्वार्थ प्यार अब दुर्लभ', रिश्तों और तलाक पर पहली बार खुलकर बोलीं ईशा देओल

    नई दिल्ली। अभिनेत्री ईशा देओल ने पति भरत तख्तानी से अलग होने के बाद पहली बार अपने निजी जीवन और रिश्तों को लेकर खुलकर बात की है। उन्होंने स्वीकार किया कि तलाक के बाद उनकी जिंदगी में प्यार और रोमांस की कमी महसूस होती है, लेकिन इसके बावजूद उनका प्रेम और रिश्तों पर भरोसा आज भी कायम है। ईशा का कहना है कि जीवन में आने वाले उतार-चढ़ाव इंसान की सोच बदल सकते हैं, लेकिन सच्चे प्यार की अहमियत कभी कम नहीं होती।

    ईशा ने बातचीत के दौरान कहा कि वह स्वभाव से बेहद रोमांटिक हैं और आज भी रोमांटिक गीत, प्रेम कहानियां और रिश्तों की भावनात्मक गहराई उन्हें आकर्षित करती है। उनके अनुसार, प्यार किसी भी इंसान के जीवन का बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा होता है और फिलहाल वह इसी एहसास की कमी महसूस कर रही हैं। उन्होंने कहा कि रोमांस जीवन को खूबसूरत बनाता है और यही कारण है कि वह आज भी प्रेम पर पूरी आस्था रखती हैं।

    अभिनेत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि वैवाहिक जीवन में आई कठिनाइयों या अलगाव का अर्थ यह नहीं है कि प्यार खत्म हो जाता है। उन्होंने कहा कि रिश्तों में ब्रेकअप या अलगाव जीवन का हिस्सा हैं और इससे प्रेम के प्रति उनका नजरिया नहीं बदला है। उनके मुताबिक, जीवन में पहले भी ऐसे रिश्ते रहे हैं जो लंबे समय तक नहीं चल सके, लेकिन इन अनुभवों ने उन्हें प्रेम से दूर नहीं किया।

    ईशा देओल ने अपने माता-पिता धर्मेंद्र और हेमा मालिनी के रिश्ते का जिक्र करते हुए कहा कि बचपन से उन्होंने दोनों के बीच सम्मान, विश्वास और बिना किसी शर्त के प्यार को बेहद करीब से देखा है। उसी रिश्ते ने उनके भीतर प्रेम की परिभाषा गढ़ी। उनका मानना है कि आज के दौर में वैसी गहराई, समर्पण और गरिमा वाले रिश्ते बहुत कम देखने को मिलते हैं। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता का रिश्ता हमेशा उनके लिए प्रेरणा का स्रोत रहा है।

    उन्होंने यह भी कहा कि हर व्यक्ति अपने जीवन में अच्छे और कठिन दोनों तरह के अनुभवों से गुजरता है। रिश्तों का टूटना निश्चित रूप से भावनात्मक रूप से चुनौतीपूर्ण होता है, लेकिन इससे जीवन रुक नहीं जाता। उनके अनुसार, हर अनुभव इंसान को पहले से अधिक मजबूत और परिपक्व बनाता है तथा भविष्य के लिए नई सीख भी देता है।

    ईशा और व्यवसायी भरत तख्तानी ने वर्ष 2012 में विवाह किया था। दोनों की दो बेटियां हैं और शादी के एक दशक से अधिक समय बाद वर्ष 2024 में दोनों ने अलग होने का फैसला किया। इस निर्णय के बाद दोनों ने अपनी निजी जिंदगी को गरिमा के साथ आगे बढ़ाने की बात कही थी। अलगाव के बाद ईशा ने सार्वजनिक रूप से अपने व्यक्तिगत जीवन पर बहुत कम प्रतिक्रिया दी थी।

    अब लंबे समय बाद उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए यह स्पष्ट किया है कि कठिन दौर के बावजूद वह जीवन और प्यार दोनों को सकारात्मक नजरिए से देखती हैं। उनका मानना है कि सच्चे रिश्ते विश्वास, सम्मान और आपसी समझ पर टिके होते हैं। यही मूल्य उन्होंने अपने परिवार से सीखे हैं और भविष्य में भी वह इन्हीं मूल्यों के साथ जीवन को आगे बढ़ाना चाहती हैं।

  • टीवी एक्ट्रेस आरती सिंह का दिल छू लेने वाला पल, परिवार की वापसी पर साझा किया दर्द और खुशी

    टीवी एक्ट्रेस आरती सिंह का दिल छू लेने वाला पल, परिवार की वापसी पर साझा किया दर्द और खुशी

    नई दिल्ली।
    टीवी अभिनेत्री आरती सिंह के लिए हाल ही में एक ऐसा पल आया जिसने उन्हें भावनात्मक रूप से गहराई से छू लिया। लंबे समय के बाद जब उन्होंने अपने परिवार के सदस्यों को एक साथ देखा, तो उनकी भावनाएं संभाले नहीं संभल सकीं। यह मुलाकात उनके लिए सिर्फ एक साधारण रीयूनियन नहीं थी, बल्कि टूटे हुए रिश्तों के फिर से जुड़ने जैसा अनुभव था।

    आरती सिंह ने एक शो के विशेष एपिसोड को देखते हुए अपने परिवार की झलक पाई, जिसमें उनके भाई, भाभी और अन्य करीबी सदस्य एक साथ नजर आए। यह दृश्य उनके लिए बेहद भावुक करने वाला था क्योंकि पिछले कई वर्षों से परिवार के बीच दूरियां और गलतफहमियां बनी हुई थीं।

    उन्होंने महसूस किया कि समय के साथ रिश्तों में आई दरारें भले ही गहरी हो जाती हैं, लेकिन जब परिस्थितियां बदलती हैं, तो वही रिश्ते फिर से जुड़ भी सकते हैं। आरती के अनुसार, यह मिलन उनके लिए एक सपने के पूरे होने जैसा था, जिसे उन्होंने लंबे समय तक महसूस किया था।

    इस खास मौके पर उन्होंने अपने भाई और भाभी के प्रयासों की भी सराहना की, जिन्होंने आगे बढ़कर पुराने गिले-शिकवे दूर करने की पहल की। आरती ने माना कि भावनाएं और माफी जब दिल से होती हैं, तो रिश्तों में नई शुरुआत संभव हो जाती है।

    उन्होंने अपने परिवार के बड़े सदस्यों को भी याद किया और कहा कि परिवार की जड़ें वही लोग होते हैं जो सभी को जोड़कर रखते हैं। उनके अनुसार, परिवार में प्यार और सम्मान बनाए रखना सबसे महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि यही रिश्तों को मजबूत बनाता है।

    आरती सिंह ने अंत में उम्मीद जताई कि भविष्य में पूरा परिवार फिर से एक साथ खुशहाल पल साझा करेगा और सभी पुराने मतभेद पीछे छोड़कर आगे बढ़ेंगे। यह अनुभव उनके लिए भावनात्मक रूप से बेहद खास और यादगार बन गया।

  • सौरभ शुक्ला बोले जिंदगी में परफेक्शन नहीं अपूर्णता में ही छुपी है असली ताकत

    सौरभ शुक्ला बोले जिंदगी में परफेक्शन नहीं अपूर्णता में ही छुपी है असली ताकत


    नई दिल्ली :अभिनेता और फिल्ममेकर सौरभ शुक्ला ने जीवन और रिश्तों को लेकर एक गहरा और विचारोत्तेजक दृष्टिकोण साझा किया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस दुनिया में परफेक्शन जैसी कोई चीज नहीं होती और इंसान स्वभाव से अपूर्ण होता है। उनके अनुसार यही अपूर्णता जीवन को आगे बढ़ने का अवसर देती है और इसमें सुधार की हमेशा गुंजाइश बनी रहती है।

    आईएएनएस से बातचीत में सौरभ शुक्ला ने कहा कि अगर कोई चीज पूरी तरह से परफेक्ट हो जाए तो उसमें आगे बढ़ने या कुछ नया सीखने की संभावना समाप्त हो जाती है। उन्होंने कहा कि अपूर्णता ही वह तत्व है जो इंसान को लगातार बेहतर बनने के लिए प्रेरित करता है। उनके मुताबिक परफेक्शन भले ही सुनने में आकर्षक लगे, लेकिन वास्तव में यह एक स्थिर और बोरिंग स्थिति है, जबकि अपूर्णता जीवन को गतिशील बनाए रखती है।

    उन्होंने यह भी कहा कि इंसान अक्सर अपने जीवन में परफेक्ट रिश्तों या परफेक्ट शादी की तलाश करता है, लेकिन यह एक भ्रम है। वास्तविकता यह है कि हर रिश्ता अपूर्ण होता है और उसकी असली खूबसूरती भी इन्हीं खामियों को स्वीकार करने में है। जब हम अपने साथी की कमियों को समझते हैं और उन्हें स्वीकार करते हैं, तभी एक मजबूत और गहरा रिश्ता बनता है।

    सौरभ शुक्ला ने रिश्तों में ईमानदारी को सबसे महत्वपूर्ण बताया। उनका कहना है कि किसी भी रिश्ते में पारदर्शिता और सच्चाई का होना बेहद जरूरी है। यदि कोई व्यक्ति अपने रिश्ते में सच को छुपाता है, तो भले ही वह बात उस समय संभल जाए, लेकिन भविष्य में यह बड़े नुकसान का कारण बन सकती है। उन्होंने कहा कि जब सच्चाई सामने आती है तो सबसे ज्यादा दर्द इस बात का होता है कि आपको पहले ही यह नहीं बताया गया।

    उन्होंने आगे कहा कि रिश्तों में झूठ या छुपाव धीरे धीरे भरोसे को कमजोर करता है। इससे शक पैदा होता है और व्यक्ति हर बात पर संदेह करने लगता है। ऐसे में रिश्ता कमजोर हो जाता है और उसकी नींव हिल जाती है। सौरभ शुक्ला ने कहा कि रिश्तों को मजबूत बनाए रखने के लिए ईमानदारी और खुलापन सबसे जरूरी तत्व हैं।

    उन्होंने एक दार्शनिक दृष्टिकोण रखते हुए यह भी कहा कि इंसान के नजरिए से इस जीवन में एक ही चीज को पूरी तरह परफेक्ट माना जा सकता है और वह है मृत्यु। उनके अनुसार जीवन के बाद क्या होता है, यह किसी को नहीं पता, लेकिन जीवन में अपूर्णता ही हमें आगे बढ़ने और सीखने का अवसर देती है।

    सौरभ शुक्ला ने अपने फिल्मी करियर का जिक्र करते हुए भी कहा कि उनकी हाल ही में रिलीज फिल्म में भी यही थीम देखने को मिलती है, जहां रिश्तों में छिपे सच और उससे पैदा होने वाले बदलावों को दिखाया गया है। उन्होंने कहा कि जीवन की तरह फिल्मों में भी असली कहानी तब शुरू होती है जब किरदार अपनी कमजोरियों और सच्चाइयों का सामना करते हैं।

    उनके विचार जीवन के इस सरल लेकिन गहरे सत्य को उजागर करते हैं कि परफेक्शन की तलाश छोड़कर जब हम अपनी अपूर्णताओं को अपनाते हैं, तभी जीवन में असली संतुलन और संतोष संभव होता है।

  • ओडिशा में रिश्ते को शर्मसार करने वाला मामला… पिता ने ढाई साल के बेटे को 1 लाख रुपये में बेचा

    ओडिशा में रिश्ते को शर्मसार करने वाला मामला… पिता ने ढाई साल के बेटे को 1 लाख रुपये में बेचा


    भुवनेश्वर।
    ओडिशा पुलिस (Odisha Police) ने शनिवार को ढाई साल के एक बच्चे को बचाया, जिसे उसके पिता ने एक व्यक्ति को 1 लाख रुपये में बेच दिया था। अधिकारियों ने यह जानकारी देते हुए कहा कि आरोपी पिता और खरीदने वाले व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है। नीलगिरी अधिसूचित क्षेत्र परिषद (Nilgiri Notified Area Council) के अंतर्गत बारिसाही गांव की यह घटना तब सामने आई, जब एक वायरल वीडियो (Viral Video) में पिता को संभावित खरीदार के साथ सौदेबाजी करते हुए दिखाया गया है। इसके बाद एक स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता ने नीलगिरी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई।

    वायरल वीडियो की प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। नीलगिरी के उपमंडल पुलिस अधिकारी प्रमोद कुमार मलिक ने कहा, ‘बच्चे को चिमिनीभाटी क्षेत्र से बचाया गया और उसे बाल कल्याण समिति को सौंप दिया गया। आगे की जांच जारी है।’ उन्होंने बताया कि पुलिस ने इस संबंध में दो लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस ने पिता की पहचान पेशे से राजमिस्त्री राकेश कुमार बेहेरा उर्फ ​​कुआ के रूप में की है जिसने कथित तौर पर पहली किस्त के रूप में 50,000 रुपये प्राप्त किए थे।


    आरोपी ने क्या कहा

    राकेश कुमार बेहेरा ने आर्थिक तंगी को इस कदम का कारण बताया। उसने पत्रकारों को बताया, ‘हमारे चार बच्चे हैं और हमें उनका पालन-पोषण करने में कठिनाई हो रही है। एक परिचित व्यक्ति ने खरीदार का इंतजाम किया और मैंने बच्चे को उसे सौंप दिया।’ पुलिस सूत्रों के अनुसार, बेहेरा ने दो बार शादी की थी और जिस बच्चे को कथित तौर पर बेचा गया था वह उससे अलग रह रही उसकी दूसरी पत्नी का है।

    ओडिशा के गंजाम जिले में शनिवार को चोरी के संदेह में एक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या किए जाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने बताया कि यह घटना जिले के भंजनगर पुलिस थाना क्षेत्र के सरदुला गांव में हुई। मृतक की पहचान 37 वर्षीय बनधर प्रधान के रूप में हुई है, जो कंधमाल जिले के जी. उदयगिरि पुलिस थाना क्षेत्र के कुरुमिंगिया गांव का निवासी था। अपर पुलिस अधीक्षक रंजन कुमार डे ने बताया, ‘प्रधान को शनिवार तड़के बचाया गया और भंजनगर के उप-मंडल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।’ प्रधान और दो अन्य लोग सरदुला निवासी सुशांत गौड़ा के बंद घर में लूटपाट में शामिल थे। उसने बताया कि भागते समय प्रधान गिर गया और उसका पैर टूट गया, जिसके बाद ग्रामीणों ने उसकी बिजली के खंभे से बांधकर पिटाई की।

  • क्या हम रिश्तों में ‘यूज़र मैनुअल’ ढूंढने लगे हैं? आधुनिक जीवनशैली में साथी और दोस्त को समझने की कोशिश

    क्या हम रिश्तों में ‘यूज़र मैनुअल’ ढूंढने लगे हैं? आधुनिक जीवनशैली में साथी और दोस्त को समझने की कोशिश

    नई दिल्ली । आज के तेज़ और डिजिटल जीवन में रिश्तों की परिभाषा बदलती जा रही है। पहले जहाँ भावनाओं, अनुभव और व्यक्तिगत संवाद के भरोसे रिश्ते बनाए जाते थे, वहीं अब लोग साथी या मित्र के व्यवहार, पसंद-नापसंद और प्रतिक्रियाओं को समझने के लिएयूज़र मैनुअल खोजने लगे हैं।जीवन की बढ़ती चुनौतियाँ, करियर के दबाव और सोशल मीडिया पर तुलना की प्रवृत्ति ने लोगों को अपने रिश्तों में स्पष्टता और नियंत्रण की चाह दी है। इसी कारण हर व्यक्ति साथी या मित्र के व्यवहार को समझने के लिए संकेत, नियम और टिप्स ढूँढने लगता है।

    युवा पीढ़ी डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म, ब्लॉग्स और सोशल मीडिया की मदद से अपने साथी की मानसिकता और प्राथमिकताओं को जानने की कोशिश कर रही है। इससे छोटे झगड़े कम होते हैं और संवाद अधिक सहज बनता है। कई लोग मानते हैं कि प्रारंभिक गाइडलाइन से रिश्ते तनावमुक्त और समझदार बन सकते हैं।हालांकि, विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि रिश्तों को केवल नियमों और गाइडबुक तक सीमित करना भावनात्मक गहराई को कमजोर कर सकता है। वास्तविक समझ और सामंजस्य समय, संवाद और अनुभव से ही विकसित होते हैं।

    सामाजिक और मानसिक दृष्टिकोण से इस प्रवृत्ति का सकारात्मक पक्ष यह है कि लोग साथी की भावनाओं और आवश्यकताओं के प्रति अधिक सजग हो रहे हैं। लेकिन नकारात्मक पहलू यह है कि अचानक या अप्रत्याशित भावनाओं के प्रति संवेदनशीलता घट सकती है, जिससे रिश्तों में spontanity और गहराई कम हो सकती है।इसलिए विशेषज्ञ कहते हैं कि यूज़र मैनुअल केवल एक शुरुआती सहारा हो सकता है, लेकिन रिश्तों की असली ताकत समय, विश्वास और संवाद में निहित होती है।

  • बरसाना धाम का कीर्ति मंदिर: आध्यात्मिक ऊर्जा, भव्य शिल्पकला और राधा रानी के बाल स्वरूप का दिव्य केंद्र

    बरसाना धाम का कीर्ति मंदिर: आध्यात्मिक ऊर्जा, भव्य शिल्पकला और राधा रानी के बाल स्वरूप का दिव्य केंद्र


    नई दिल्ली। आज का राशिफल:

    मेष: सतर्क रहें। आय बनी रहेगी लेकिन खर्च भी बढ़ सकता है। कार्यक्षेत्र में धैर्य रखें।
    भाग्य: 81% | उपाय: हनुमान चालीसा का पाठ करें

    वृषभ: ग्रह योग आपके पक्ष में हैं। व्यापार और नौकरी में लाभ के संकेत हैं। रुका हुआ धन मिलेगा और परिवार में सुख रहेगा।
    भाग्य: 82% | उपाय: पीपल के वृक्ष पर जल अर्पित करें

    मिथुन: कार्यक्षेत्र में योजनाएं सफल होंगी। नौकरी बदलने का विचार मन में आ सकता है। खर्च पर नियंत्रण जरूरी।
    भाग्य: 85% | उपाय: गणेश जी की आराधना करें

    कर्क: खर्च अधिक रहेगा। दूसरों के मामलों में दखल देने से बचें। परिवार के साथ समय बिताएं।
    भाग्य: 83% | उपाय: शनि स्तोत्र का पाठ करें

    सिंह: कार्यस्थल पर मेहनत रंग लाएगी। विरोधियों पर जीत मिलेगी। पारिवारिक संबंध मजबूत होंगे।
    भाग्य: 84% | उपाय: पीपल को जल दें

    कन्या: बुधादित्य योग का विशेष लाभ। नए काम की शुरुआत के लिए दिन शुभ है। पारिवारिक और दांपत्य जीवन सुखद रहेगा।
    भाग्य: 87% | उपाय: विष्णु चालीसा का पाठ करें

    तुला: सामाजिक और व्यावसायिक संपर्कों से लाभ होगा। खर्च बढ़ सकता है, बजट संभालकर चलें।
    भाग्य: 86% | उपाय: काले कुत्ते को रोटी खिलाएं

    वृश्चिक: जोखिम लेकर सफलता मिल सकती है। अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
    भाग्य: 85% | उपाय: बजरंग बाण का पाठ करें

    धनु: दिन सामान्य रहेगा। अचानक खर्च आ सकते हैं। संयम से काम लें।
    भाग्य: 87% | उपाय: जरूरतमंद को अन्न दान करें

    मकर: वाणी और व्यवहार से लाभ मिलेगा। व्यापार में अच्छे अवसर मिल सकते हैं। पारिवारिक सहयोग बना रहेगा।
    भाग्य: 89% | उपाय: गायत्री मंत्र का जप करें

    कुंभ: नए अवसर मिलेंगे लेकिन खर्च बढ़ेगा। स्वास्थ्य और रिश्तों में संतुलन बनाए रखें।
    भाग्य: 81% | उपाय: शिवलिंग पर दूध अर्पित करें

    मीन: भाग्य आपका साथ देगा। शिक्षा, प्रबंधन और व्यापार में लाभ के संकेत हैं। धार्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ेगी।
    भाग्य: 83% | उपाय: शनि स्तोत्र का पाठ करें

  • भोपाल में कुटुंब न्यायालय की नेशनल लोक अदालत में 100 से अधिक रिश्तों को बचाया, पति ने बेटी को गोद में उठाते ही मांगी माफी

    भोपाल में कुटुंब न्यायालय की नेशनल लोक अदालत में 100 से अधिक रिश्तों को बचाया, पति ने बेटी को गोद में उठाते ही मांगी माफी


    भोपाल । भोपाल के कुटुंब न्यायालय में आयोजित नेशनल लोक अदालत में 100 से अधिक रिश्तों को टूटने से बचाया गया। इस दौरान पति-पत्नी ने अपने बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए गिले-शिकवे भूलकर फिर से एक-दूसरे के साथ रहने का निर्णय लिया। यह अदालत उन दंपत्तियों के लिए वरदान साबित हुई जिनके रिश्ते झगड़ों और विवादों की वजह से खटाई में थे।

    एक विशेष मामले में जहां एक व्यवसायी पति और उसकी पत्नी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था दोनों के बीच काउंसलिंग सत्र में एक भावुक पल आया। पत्नी ने डेढ़ साल की अपनी बेटी को पति से दूर रखकर मायके भेज दिया था और वह अपने पति से मिलने भी नहीं देती थी। पत्नी ने पति के खिलाफ भरण-पोषण का केस भी दायर कर रखा था और पति का कहना था कि यदि पत्नी मायके में रहेगी तो वह भरण-पोषण नहीं देगा।

    इस बीच कुटुंब न्यायालय में काउंसलिंग के दौरान जज ने पति से कहा कि वह अपनी बेटी को गोद में लेकर पत्नी से मिलें। जब पति ने बेटी को गोद में उठाया तो उसकी आँखों में पछतावा और अफसोस था। कई महीनों से अपनी बेटी से अलग रह रहे पति को अपनी गलती का एहसास हुआ। इसके बाद उसने पत्नी से माफी मांगी और समझौते की इच्छा जताई।
    पत्नी ने भी बच्चों के भविष्य को देखते हुए पति की माफी स्वीकार की और दोनों ने एक-दूसरे को समझते हुए एक नया अध्याय शुरू करने का निर्णय लिया। इसके बाद वे दोनों घर लौट गए और अपने रिश्ते को फिर से संजीवनी दी।

    कुटुंब न्यायालय की नेशनल लोक अदालत में इस तरह के कई अन्य मामले भी आए जिनमें रिश्तों में दरार आ चुकी थी लेकिन अदालत की मध्यस्थता से और समझाइश से वे सब वापस एकजुट हो गए। इस प्रक्रिया ने यह साबित किया कि सही मार्गदर्शन और समझ के साथ पारिवारिक रिश्तों को पुनर्निर्मित किया जा सकता है। भोपाल के कुटुंब न्यायालय में आयोजित नेशनल लोक अदालत में कई रिश्तों को टूटने से बचाया गया। एक दिल छूने वाले मामले में पति ने अपनी बेटी को गोद में उठाते हुए पत्नी से माफी मांगी और दोनों ने मिलकर अपने रिश्ते को फिर से संजीवित किया। यह अदालत परिवारों के लिए एक नई उम्मीद बनकर उभरी है।