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  • SIR के बाद पश्चिम बंगाल में अंतिम मतदाता सूची जारी, 63 लाख नाम कटे

    SIR के बाद पश्चिम बंगाल में अंतिम मतदाता सूची जारी, 63 लाख नाम कटे


    कोलकाता।
    आगामी विधानसभा चुनाव से पहले पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के बाद भारत निर्वाचन आयोग ने शनिवार को अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी। इस प्रक्रिया में करीब 63 लाख 66 हजार अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और डुप्लिकेट नाम हटा दिए गए। मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल ने प्रेस वार्ता में बताया कि ड्राफ्ट सूची में दर्ज सात करोड़ 66 लाख मतदाताओं की संख्या अब सात करोड़ चार लाख रह गई है।

    अग्रवाल ने विस्तार से कहा, “विशेष गहन पुनरीक्षण के पहले चरण में ड्राफ्ट सूची से तीन लाख 75 हजार मतदाता हटाए गए, जबकि एक लाख 82 हजार नए मतदाता शामिल किए गए। इसके अलावा 60 लाख मतदाता ‘विचाराधीन’ श्रेणी में हैं, जिनके मताधिकार पर स्थानीय न्यायिक अधिकारी निर्णय लेंगे।”

    उन्होंने इस विशाल अभियान में हुई छोटी-मोटी गलतियों को स्वीकार करते हुए कहा कि आयोग ने तुरंत सुधार किया। दिसंबर में जारी ड्राफ्ट सूची से पहले ही 58 लाख से अधिक नाम हटा चुके थे, और ‘विचाराधीन’ नामों के फैसले के बाद यह संख्या और बढ़ेगी।

    प्रक्रिया में कुल सात करोड़ आठ लाख लोगों ने एन्यूमरेशन फॉर्म जमा किया था, जिनमें से एक करोड़ 50 लाख से अधिक मतदाताओं, जिनमें तार्किक विसंगतियों और अननियोजित श्रेणी वाले शामिल थे, की विभिन्न केंद्रों पर सुनवाई की गई। सूत्रों के अनुसार, शनिवार दोपहर से सभी जिलों में मतदाता सूची की भौतिक प्रतियां वितरित हो रही हैं, और शाम तक यह ऑनलाइन उपलब्ध हो जाएगी।

    ममता बनर्जी के भवानीपुर क्षेत्र में 47 हजार नाम हटे

    मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के दक्षिण कोलकाता स्थित भवानीपुर निर्वाचन क्षेत्र (कुल एक लाख 61 हजार मतदाता) से 47 हजार 111 अनुपस्थित-स्थानांतरित-मृत-डुप्लिकेट नाम हटा दिए गए। साथ ही 14 हजार 154 नाम ‘विचाराधीन’ हैं, जिनका फैसला न्यायिक अधिकारियों को करना है। अप्रैल के अंत में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव से पहले यह तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो के लिए गंभीर चुनौती है। ममता ने हाल ही में स्थानीय नेताओं, बूथ स्तरीय एजेंटों और कार्यकर्ताओं के साथ कई बैठकें की हैं।

    शुभेंदु के विधानसभा में कटे 11 हजार नाम

    वहीं, विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के पूर्वी मिदनापुर जिले के नंदीग्राम क्षेत्र से करीब 11 हजार नाम हटे। 2021 के विधानसभा चुनाव में शुभेंदु ने ममता को महज 1900 वोटों के मामूली अंतर से हराया था। कोलकाता उत्तर जिले से चार लाख से अधिक और कोलकाता दक्षिण (भवानीपुर सहित) से दो लाख 15 हजार नाम हटाए गए। कुल मिलाकर दो प्रमुख कोलकाता जिलों से छह लाख से अधिक मतदाता सूची से बाहर हो गए।

    राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और आरोप-प्रत्यारोप

    केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री व पूर्व बंगाल भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने मीडिया से कहा, “अभी तक हटे 65 लाख नामों में 24 लाख मृत मतदाता हैं। तृणमूल कांग्रेस इन मृत वोटरों के नाम पर झूठे वोट डलवाकर चुनाव जीतती रही है। इस बार सत्ताधारी दल की यह मशीनरी फेल हो जाएगी।” भाजपा ने इसे स्वच्छ चुनाव की दिशा में बड़ा कदम बताया।

    उल्लेखनीय है कि नवंबर 2024 से शुरू हुई यह तीन माह की विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया पूरे राज्य में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप, सड़क प्रदर्शनों और अदालती लड़ाइयों के बीच संपन्न हुई। इसका उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध बनाना था, ताकि आगामी विधानसभा चुनाव निष्पक्ष हों। निर्वाचन आयोग का यह कदम चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता बढ़ाने वाला माना जा रहा है।

  • Tamilnadu : SIR के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी… 97 लाख से ज्यादा नाम हटाए

    Tamilnadu : SIR के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी… 97 लाख से ज्यादा नाम हटाए


    चेन्नई।
    चुनाव आयोग (Election Commission) ने तमिलनाडु (Tamilnadu) में विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण (Special Intensive Voter Revision- SIR) के बाद अंतिम मतदाता सूची (Final Voter List) प्रकाशित कर दी है। राज्य की मुख्य निर्वाचन अधिकारी अर्चना पटनायक ने सोमवार को अंतिम मतदाता सूची जारी की, जिसके मुताबिक विभिन्न श्रेणियों के तहत 97.37 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। उन्होंने बताया कि कि राज्य में अब 5.67 करोड़ (5,67,07,380) मतदाता बचे हैं। इसमें 2,77,38,925 पुरुष, 2,89,60,838 महिलाएं और 7,617 तृतीय लिंग (थर्ड जेंडर) मतदाता शामिल हैं। चुनाव अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि हटाए गए नामों में एक महत्वपूर्ण हिस्सा मृत मतदाताओं का है।

    पटनायक ने चेन्नई में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण करने से पहले राज्य में मतदाताओं की संख्या 6.41 करोड़ थी। उन्होंने बताया कि नयी सूची में 18-19 आयु वर्ग के 7.40 लाख नए मतदाताओं को जोड़ा गया है जबकि विभिन्न श्रेणियों के तहत कुल 97.37 लाख मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं। पटनायक ने कहा कि निरंतर अद्यतन करने की प्रक्रिया तत्काल प्रभाव से शुरू की जाएगी।


    SC के आदेश के अनुसार लिस्ट जारी

    संशोधन प्रक्रिया में निर्वाचन आयोग के 30 जनवरी के उस निर्देश का भी पालन किया गया, जो उच्चतम न्यायालय के आदेश के अनुसार जारी किया गया था। इस निर्देश में यह अनिवार्य किया गया था कि ‘तार्किक विसंगतियों’ की श्रेणी में हटाए गए नामों को हटाने के कारणों के साथ सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया जाए। ये सूचियाँ ग्राम पंचायत कार्यालयों, सार्वजनिक स्थानों, तालुकों, उप-मंडल कार्यालयों और शहरी क्षेत्रों में वार्ड कार्यालयों में प्रदर्शित की गईं। प्रभावित व्यक्तियों को आपत्ति दर्ज करने या स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के लिए 10 दिनों का समय दिया गया था। इसके बाद जिला निर्वाचन अधिकारियों (कलेक्टरों) ने अपने-अपने जिलों में अंतिम मतदाता सूची जारी की।


    लगभग आठ प्रतिशत मतदाताओं को हटाया गया

    इस बीच, विशेष गहन पुनरीक्षण के दूसरे चरण के दौरान नौ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लगभग आठ प्रतिशत मतदाताओं को हटाया गया है। पड़ोसी केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में, कुछ दिन पहले प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची के अनुसार, कुल मतदाताओं की संख्या 9,44,211 है। वहीं शोलिंगनल्लूर में कुल 5,36,991 मतदाता हैं जिनमें से 2,62,621 पुरुष मतदाता, 2,74,254 महिला मतदाता और 116 तृतीय लिंग मतदाता हैं।

  • एक अप्रैल से लागू होंगे इनकम टैक्स के नए रूल्स… विभाग ने जारी किया ड्राफ्ट

    एक अप्रैल से लागू होंगे इनकम टैक्स के नए रूल्स… विभाग ने जारी किया ड्राफ्ट


    नई दिल्ली।
    इनकम टैक्स डिपार्टमेंट (Income Tax Department) ने इनकम-टैक्स नियम, 2026 (Income-tax Rules, 2026) का ड्राफ्ट जारी कर दिया है। ये ड्राफ्ट नियम 1 अप्रैल, 2026 से लागू होने का प्रस्ताव है। इन ड्राफ्ट नियमों में कई दूसरी पहलों के साथ-साथ इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइलिंग फॉर्म को आसान बनाया गया है। सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (CBDT) ने एक बयान में कहा कि ड्राफ्ट नियम और फॉर्म करीब 15 दिनों के लिए पब्लिक डोमेन में रहेंगे। सभी स्टेकहोल्डर्स और आम जनता से अनुरोध है कि वे इन ड्राफ्ट नियमों और फॉर्म को देखें और उन पर सोच-समझकर फीडबैक दें ताकि और बेहतर किया जा सके । आपको बता दें कि 15 दिन की अवधि 22 फरवरी, 2026 को पूरी हो रही है।


    CBDT चेयरमैन ने क्या कहा था?

    CBDT का कहना है कि ड्राफ्ट नियमों का हिस्सा नए फॉर्म को भी टैक्स देने वालों की आसानी के लिए काफी हद तक आसान बनाया गया है। बीते दिनों CBDT के चेयरमैन रवि अग्रवाल ने बताया था कि इसके अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों की सूची भी जारी की जाएगी। अग्रवाल ने कहा था कि CBDT नए कानून पर ‘बार-बार पूछे जाने वाले सवाल’ (एफएक्यू) और एक प्रस्तुति तैयार करने पर भी काम कर रहा है।

    यह नए अधिनियम के लागू होने के साथ जनता के लिए उपलब्ध होगी ताकि उन्हें चीजों को समझने में आसानी हो। सीबीडीटी प्रमुख ने कहा कि पिछले साल पूरा जोर (आयकर अधिनियम की) भाषा को सरल बनाने पर था और नए कानून को इस तरह से लाने पर था कि करदाता इसे आसानी से पढ़ और समझ सकें।


    क्या कहते हैं एक्सपर्ट

    नांगिया ग्लोबल के पार्टनर संदीप झुनझुनवाला ने कहा- इनकम टैक्स फॉर्म्स को आसान बनाया गया है। फॉर्म को ज्यादा साफ, आसानी से समझ में आने वाली भाषा में तैयार किया गया है ताकि ऑपरेशनल, एडमिनिस्ट्रेटिव या कानूनी अनिश्चितता से बचा जा सके और उनसे जुड़े नोट्स को भी उसी हिसाब से आसान बनाया गया है। खास बात यह है कि ड्राफ्ट फॉर्म नंबर 26, ऑडिट रिपोर्ट और इनकम-टैक्स एक्ट, 2025 की धारा 63 के तहत दी जाने वाली जानकारियों का स्टेटमेंट, ICDS एडजस्टमेंट का प्रावधान करता है।

  • दो दीवाने सहर में' का ट्रेलर रिलीज, 20 फरवरी को सिनेमाघरों में देगी दस्तक

    दो दीवाने सहर में' का ट्रेलर रिलीज, 20 फरवरी को सिनेमाघरों में देगी दस्तक

    ज़ी स्टूडियोज और भंसाली प्रोडक्शंस की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘दो दीवाने सहर में’ का ट्रेलर रिलीज़ हो गया है। टीजर ने जहां भावनात्मक माहौल बनाया था, वहीं ट्रेलर इस कहानी की दुनिया को और गहराई से दिखाता है। सिद्धांत चतुर्वेदी और मृणाल ठाकुर स्टारर यह फिल्म रोमांस को किसी सपनीली परीकथा की तरह नहीं, बल्कि असल जिंदगी के अनुभव की तरह पेश करती नजर आ रही है। यह फिल्म 20 फरवरी को सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी।

    फिल्म की कहानी शहर की भागदौड़ भरी जिंदगी के बीच पनपते एक रिश्ते पर आधारित है। ट्रेलर में दो ऐसे किरदारों की मुलाकात दिखाई गई है, जो एक-दूसरे को बदलने नहीं, बल्कि समझने की कोशिश करते हैं। उनकी नज़दीकियां शोर-शराबे से नहीं, बल्कि खामोश पलों, अधूरी बातों और छोटी-छोटी भावनात्मक झलकियों से बनती हैं। यह रिश्ता धीरे-धीरे आगे बढ़ता है और हर मोड़ पर अपने साथ एक नया एहसास छोड़ जाता है।

    सिद्धांत चतुर्वेदी और मृणाल ठाकुर की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री ट्रेलर की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरती है। दोनों ऐसे किरदार निभा रहे हैं जो खुद को समझने की प्रक्रिया में हैं, और इसी सफर में एक-दूसरे से जुड़ते हैं। फिल्म का निर्देशन रवि उद्यावर ने किया है, जबकि संजय लीला भंसाली, प्रेरणा सिंह, उमेश कुमार बंसल और भारत कुमार रंगा इसके निर्माता हैं।

  • शाहिद कपूर ने विशाल भारद्वाज की ओ रोमियो का इंटेंस फर्स्ट लुक जारी किया, फिल्म इस तारीख को रिलीज होगी

    शाहिद कपूर ने विशाल भारद्वाज की ओ रोमियो का इंटेंस फर्स्ट लुक जारी किया, फिल्म इस तारीख को रिलीज होगी

    नई दिल्‍ली ।  एक्टर शाहिद कपूर ने शुक्रवार, 9 जनवरी को अपनी आने वाली फिल्म ओ रोमियो का शानदार फर्स्ट-लुक पोस्टर जारी किया, जिससे फैंस उनके दमदार और खून से सने अवतार को देखकर उत्सुक हो गए। सोशल मीडिया पर पोस्टर शेयर करते हुए, शाहिद ने कैप्शन दिया, “रोमियो ओ रोमियो तुम कहाँ हो ओ’रोमियो!” और घोषणा की कि फिल्म का ट्रेलर 10 जनवरी को रिलीज होगा।
    शाहिद ने ओ रोमियो का फर्स्ट लुक जारी किया
    पोस्टर में, शाहिद मुंह खोलकर चिल्लाते हुए दिख रहे हैं, उनका चेहरा, गर्दन और हाथ खून से सने हुए हैं और उन पर कट और चोट के निशान हैं और टैटू बने हुए हैं। एक डार्क, आंशिक रूप से बिना बटन वाली शर्ट पहने, बेल्ट, अंगूठियां, ब्रेसलेट और एक चेन नेकलेस के साथ, एक्टर में एक कच्ची तीव्रता दिख रही है, जो एक डार्क और भावनात्मक रूप से चार्ज कहानी का संकेत देती है। पोस्ट के साथ कैप्शन में लिखा था, “#ORomeo की दुनिया की एक झलक देखें। कल आ रहा है!” फिल्म साजिद नाडियाडवाला द्वारा प्रस्तुत की गई है और 13 फरवरी को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।
    शाहिद और विशाल के पिछले सहयोग
    ओ रोमियो शाहिद कपूर और जाने-माने फिल्म निर्माता विशाल भारद्वाज के बीच एक और सहयोग है, यह जोड़ी शक्तिशाली और अपरंपरागत सिनेमा देने के लिए जानी जाती है। दोनों ने पहले समीक्षकों द्वारा प्रशंसित फिल्मों जैसे कमीने (2009) और हैदर (2014) में एक साथ काम किया है, दोनों में शाहिद ने अपने कुछ सबसे बेहतरीन प्रदर्शन किए हैं। उनके सहयोग गहन कहानी कहने, परतदार किरदारों और बोल्ड कहानियों के लिए जाने जाते हैं, जिससे ओ रोमियो के उनकी फिल्मोग्राफी में एक और जुड़ाव होने की उम्मीद बढ़ गई है।
    ओ रोमियो के बारे में और जानें
    ओ रोमियो को शेक्सपियर के रोमियो और जूलियट से प्रेरित एक आधुनिक, डार्क रीइमेजिनिंग के रूप में वर्णित किया गया है, जो एक कठोर और हिंसक पृष्ठभूमि पर आधारित है। फिल्म प्यार, जुनून, क्रोध और विश्वासघात के विषयों की पड़ताल करती है, जिसमें शाहिद का किरदार एक ऐसी दुनिया में घूमता है जो क्रूरता और भावनात्मक उथल-पुथल से भरी हुई है। फिल्म में तृप्ति डिमरी फीमेल लीड के रूप में हैं। विशाल भारद्वाज द्वारा निर्देशित, ओ रोमियो स्टाइलिश हिंसा, काव्यात्मक कहानी कहने और दिल को छू लेने वाले संगीत का मिश्रण होने का वादा करती है, जो फिल्म निर्माता की सिग्नेचर शैली की पहचान है।