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  • रिलायंस पावर पर ED का शिकंजा! कस्टम सिस्टम में बड़े बदलाव की तैयारी ,चांदी-सोना हुआ महंगा

    रिलायंस पावर पर ED का शिकंजा! कस्टम सिस्टम में बड़े बदलाव की तैयारी ,चांदी-सोना हुआ महंगा


    नई दिल्ली ।शनिवार का दिन देश की अर्थव्यवस्था, कॉर्पोरेट सेक्टर और कीमती धातुओं के बाजार के लिहाज से बेहद अहम रहा। जहां एक ओर प्रवर्तन निदेशालय ने अनिल अंबानी की रिलायंस पावर के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई की, वहीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कस्टम सिस्टम में बड़े बदलावों का संकेत देते हुए व्यापार जगत में हलचल पैदा कर दी। इसके अलावा सोना–चांदी की रिकॉर्ड तेजी और टॉप कंपनियों के मार्केट कैप में उतार–चढ़ाव भी सुर्खियों में रहे।

    आज की प्रमुख सुर्खियों में यह शामिल है कि रविवार होने के चलते शेयर बाजार बंद रहेगा और पेट्रोल–डीजल के दाम भी स्थिर बने हुए हैं। अब नज़र डालते हैं कल की 5 सबसे बड़ी खबरों पर-
    1. रिलायंस पावर के खिलाफ ED ने दाखिल की चार्जशीट -₹68 करोड़ की फर्जी बैंक गारंटी का मामला  अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस पावर लिमिटेड और 10 अन्य लोगों के खिलाफ ED ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में चार्जशीट दाखिल की है। यह मामला 68.2 करोड़ रुपए की फर्जी बैंक गारंटी का है, जिसे सोलर एनर्जी कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया SECI के एक टेंडर को हासिल करने के लिए जमा किया गया था। जांच एजेंसी के अनुसार, रिलायंस ग्रुप के अधिकारी इस फर्जी गारंटी से पूरी तरह वाकिफ थे। इससे 24 घंटे पहले ही ED ने मामले से जुड़ी ₹1120 करोड़ की संपत्तियां भी जब्त की थीं। यह पूरा मामला 2024 में दर्ज किए गए कथित फंड हेरफेर से संबंधित है।

    2. वित्त मंत्री का बड़ा बयान -कस्टम सिस्टम में जल्द बदलाव, नियम होंगे सरल
    आगामी बजट से पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संकेत दिया है कि सरकार कस्टम सिस्टम में व्यापक सुधारों की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि- प्रक्रिया को सरल किया जाएगा ट्रांसपेरेंसी बढ़ाई जाएगी व्यापारियों और उद्योगों के लिए कंप्लायंस आसान होगा वित्त मंत्री के अनुसार, बीते दो वर्षों में कस्टम ड्यूटी को कई चरणों में कम किया गया है। अब सरकार उन वस्तुओं पर ध्यान केंद्रित करेगी, जिन पर अभी भी उच्च दरें लागू हैं। इस कदम से निर्यात को बढ़ावा मिलने और समग्र इकोनॉमी को गति मिलने की उम्मीद है।

    3. सोना–चांदी ने तोड़ा रिकॉर्ड -एक हफ्ते में चांदी ₹13,851 और सोना ₹2,001 महंगा
    कीमती धातुओं में पिछले दो सप्ताह से लगातार तेजी देखी जा रही है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के अनुसार: 28 नवंबर: सोना 1,26,591 रुपये प्रति 10 ग्राम, 5 दिसंबर: 2,001 रुपये बढ़कर 1,28,592 रुपये,17 अक्टूबर को सोना अब तक के सर्वाधिक 1,30,874 रुपये/10 ग्राम तक पहुंच चुका है। चांदी के दामों में इस सप्ताह सबसे ज्यादा उछाल आया।28 नवंबर: 1,64,359 रुपये/किलो  5 दिसंबर: 13,851 रुपये बढ़कर 1,78,210 रुपये/किलो यह इसकी अब तक की उच्चतम कीमत है। पूरे साल में सोने ने 69% और चांदी ने 107% रिटर्न दिया जो निवेशकों के लिए रिकॉर्ड लाभ है।

    4. भारतीय दिग्गज कंपनियों का मार्केट कैप -5 कंपनियों की वैल्यू ₹72,286 करोड़ बढ़ी
    देश की टॉप–10 कंपनियों में से पाँच ने इस सप्ताह अपनी वैल्यू में बड़ा इजाफा दर्ज किया।
    सबसे बड़ी बढ़त TCS को मिली जिसका मार्केट कैप ₹35,910 करोड़ बढ़कर ₹11.72 लाख करोड़ हो गया। इसके अलावा- इंफोसिस: +₹23,405 करोड़ अब ₹6.71 लाख करोड़ बजाज फाइनेंस: ₹6,720 करोड़ एयरटेल: +₹3,792 करोड़ वहीं रिलायंस इंडस्ट्रीज को बड़ी गिरावट झेलनी पड़ी और उसकी वैल्यू ₹35,117 करोड़ कम हो गई।

    5. नया फोन खरीद रहे हैं? इन 9 फीचर्स पर दें ध्यान
    आज स्मार्टफोन खरीदने के लिए बाजार में अनगिनत विकल्प मौजूद हैं। केवल ब्रांड देखकर फोन खरीद लेना अक्सर गलत साबित होता है। विशेषज्ञों के अनुसार, नया फोन खरीदने से पहले इन 9 फीचर्स को जरूर देखें- प्रोसेसर – फोन की स्पीड और परफॉर्मेंस यहीं से तय होती है।रैम – मल्टीटास्किंग के लिए कम से कम 6GB बेहतर।स्टोरेज -128GB बेस स्टोरेज आज की जरूरत है।

    डिस्प्ले क्वालिटी -AMOLED या OLED बेहतर अनुभव देते हैं।

    कैमरा सेंसर – सिर्फ मेगापिक्सल नहीं, सेंसर और ऑप्टिक्स महत्वपूर्ण। बैटरी लाइफ – 5000mAh आज का मानक है। चार्जिंग स्पीड – फास्ट चार्जिंग सपोर्ट अनिवार्य। 5G सपोर्ट – भविष्य के लिए आवश्यक। ब्रांड आफ्टर–सेल्स सर्विस -लंबे समय के उपयोग में सबसे महत्वपूर्ण।

  • फर्जी बैंक गारंटी से टेंडर मामले में ED की बड़ी कार्रवाई… रिलायंस पावर के खिलाफ चार्जशीट दाखिल

    फर्जी बैंक गारंटी से टेंडर मामले में ED की बड़ी कार्रवाई… रिलायंस पावर के खिलाफ चार्जशीट दाखिल


    नई दिल्ली।
    एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (Enforcement Directorate- ED) ने शनिवार को रिलायंस पावर लिमिटेड (Reliance Power Limited) और 10 अन्य के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग (Money laundering.) के एक मामले में चार्जशीट दाखिल कर दी है. यह मामला 68 करोड़ रुपए से ज्यादा की फर्जी बैंक गारंटी के जरिए एक बड़ा सरकारी टेंडर हासिल करने से जुड़ा हुआ है. यह चार्जशीट दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत दाखिल की गई है.

    इस चार्जशीट में रिलायंस पावर के पूर्व CFO अशोक कुमार पाल, रिलायंस NU BESS लिमिटेड, रोजा पावर सप्लाई कंपनी लिमिटेड, रिलायंस ग्रुप के एग्जीक्यूटिव पुनीत नरेंद्र गर्ग और ट्रेड फाइनेंसिंग कंसल्टेंट अमर नाथ दत्ता का नाम शामिल किया गया है. इसके अलावा बायोथेन केमिकल्स प्राइवेट लिमिटेड, रविंदर पाल सिंह चड्ढा और मनोज भैयासाहेब पोंगडे को भी आरोपी बनाया गया है.

    ED इससे पहले इस केस में अपनी पहली चार्जशीट दाखिल कर चुकी है, जिसमें ओडिशा की शेल कंपनी बिस्वाल ट्रेडलिंक प्राइवेट लिमिटेड और उसके MD पाठा सारथी बिस्वाल का नाम था. जांच एजेंसी का दावा है कि यह पूरा नेटवर्क कमीशन के बदले फर्जी बैंक गारंटी जारी करने में शामिल था. यह मामला 68.2 करोड़ रुपए की बैंक गारंटी से जुड़ा है, जो रिलायंस पावर की लिस्टेड कंपनी रिलायंस NU BESS लिमिटेड की तरफ से सोलर एनर्जी कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड से टेंडर हासिल करने के लिए जमा की गई थी. ED का दावा है कि रिलायंस ग्रुप के अधिकारियों को पता था कि बैंक गारंटी फर्जी थी।

    जांच एजेंसी के अनुसार, SBI की एक नकली ईमेल ID के जरिए SECI को जाली एंडोर्समेंट भेजे गए. जब SECI को धोखाधड़ी का शक हुआ, तो एक दिन के भीतर IDBI बैंक से असली बैंक गारंटी जुटाने की कोशिश की गई, लेकिन तय समयसीमा के बाद जमा होने के कारण SECI ने इसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया. ED का आरोप है कि जब रिलायंस NU BESS लिमिटेड L-2 बिडर के तौर पर सामने आई और टेंडर हाथ से फिसलता दिखा, तो कोलकाता में SBI ब्रांच से एक और नकली विदेशी बैंक गारंटी का एंडोर्समेंट कराने की कोशिश की गई. इसके लिए एक बैंक के नाम पर फर्जी गारंटी तैयार की गई.

    जांच में यह भी सामने आया कि इस फर्जी गारंटी को असली दिखाने के लिए sbi.co.in से मिलता-जुलता एक नकली डोमेन s-bi.co.in इस्तेमाल किया गया. इसी डोमेन से SBI के नाम पर फर्जी ईमेल और एंडोर्समेंट लेटर भेजे गए. ED ने यह भी आरोप लगाया है कि फर्जी बैंक गारंटी के इंतजाम के लिए जरूरी फंडिंग जुटाने को रिलायंस की दूसरी सब्सिडियरी रोजा पावर सप्लाई कंपनी लिमिटेड से बिस्वाल ट्रेडलिंक को फर्जी ट्रांसपोर्टेशन सर्विस के नाम पर 6.33 करोड़ रुपए भेजे गए. इस मामले में ED ने अब तक करीब 1000 करोड़ रुपए की संपत्ति अटैच की है. जांच में 5.15 करोड़ रुपए की ठगी सामने आई है।

    इस केस में बिस्वाल के साथ-साथ रिलायंस पावर के पूर्व CFO अशोक कुमार पाल और अमर नाथ दत्ता को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है. वे फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं. रिलायंस पावर ने स्टॉक मार्केट को दिए अपने बयान में कहा है कि कंपनी, उसकी सब्सिडियरी और कर्मचारी पूरी तरह से निर्दोष हैं. वे थर्ड पार्टी द्वारा किए गए फ्रॉड, जालसाजी और साजिश के शिकार हैं. कंपनी का कहना है कि ED का यह केस उसी FIR पर आधारित है, जो खुद कंपनी ने दर्ज कराई थी. जांच एजेंसी के आरोपों की अभी तक न्यायिक पुष्टि नहीं हुई है. यह मनी लॉन्ड्रिंग केस दिल्ली पुलिस की नवंबर 2024 में दर्ज FIR से निकला है।