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  • उज्जैन पहुंचे यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, बाबा महाकाल के दर्शन कर शयन आरती में हुए शामिल

    उज्जैन पहुंचे यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, बाबा महाकाल के दर्शन कर शयन आरती में हुए शामिल


    उज्जैन । उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य गुरुवार को मध्य प्रदेश के धार्मिक शहर उज्जैन पहुंचे। उज्जैन पहुंचने के बाद उन्होंने सबसे पहले विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में भगवान महाकाल के दर्शन किए। इस दौरान उनके साथ उनकी पत्नी, बेटा और अन्य सहयोगी भी मौजूद रहे। मंदिर पहुंचने पर महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की ओर से उनका स्वागत और सम्मान किया गया।

    मंदिर परिसर में पहुंचकर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने नंदी हॉल में बैठकर कुछ समय ध्यान लगाया और बाबा महाकाल की भक्ति में लीन दिखाई दिए। इस दौरान मंदिर में मौजूद श्रद्धालुओं और पुजारियों ने भी उनका स्वागत किया। भगवान महाकाल के दर्शन के बाद उन्होंने मंदिर में आयोजित शयन आरती में भी भाग लिया और विधि विधान से पूजा अर्चना की।

    दर्शन के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि बाबा महाकाल के दरबार में आकर उन्हें आध्यात्मिक शांति और ऊर्जा मिलती है। उन्होंने कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि उन्हें बाबा महाकाल की संध्या और शयन आरती में शामिल होने का अवसर मिला। उन्होंने भगवान महाकाल से प्रार्थना करते हुए कहा कि वे उन्हें और देश के सभी लोगों को सेवा का अवसर देते रहें और इसी तरह अपने दरबार में बुलाते रहें।

    इस दौरान उन्होंने विकास के मुद्दे पर भी अपनी बात रखी। डिप्टी सीएम ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार मध्य प्रदेश के साथ साथ उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में भी तेजी से विकास कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं। देशभर के प्रमुख तीर्थ स्थलों का तेजी से विकास किया जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

    उज्जैन का महाकालेश्वर मंदिर देश के प्रमुख ज्योतिर्लिंगों में से एक है, जहां हर दिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। खासतौर पर महाकाल की भस्म आरती और शयन आरती में शामिल होना श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखता है। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का यह दौरा भी धार्मिक आस्था से जुड़ा रहा, जिसमें उन्होंने बाबा महाकाल का आशीर्वाद लेकर प्रदेश और देश की खुशहाली की कामना की।

  • 10 जनवरी महाकाल आरती: कण-कण में महादेव, मस्तक पर चंद्र अर्पित कर बाबा का भव्य श्रृंगार

    10 जनवरी महाकाल आरती: कण-कण में महादेव, मस्तक पर चंद्र अर्पित कर बाबा का भव्य श्रृंगार


    उज्जैन । विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में 10 जनवरी को माघ माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर भव्य भस्म आरती का आयोजन हुआ। तड़के 4 बजे मंदिर के कपाट खोले गए और विशेष श्रृंगार के साथ भगवान महाकाल की भस्म आरती संपन्न हुई। इस अवसर पर महाकाल का दिव्य श्रृंगार किया गया जिसे देखने के लिए सैकड़ों श्रद्धालु मंदिर पहुंचे।मंदिर के पट खुलने के बाद, पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित सभी देवी-देवताओं का पूजन किया और भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया। इसके बाद पंचामृत से अभिषेक पूजन किया गया जिसमें दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस का उपयोग किया गया। विशेष ध्यान बाबा महाकाल के मस्तक पर चंद्र अर्पित करने पर दिया गया, जो इस दिव्य श्रृंगार का अहम हिस्सा था।

    भस्म आरती की विशेषताएँ

    भस्म अर्पण से पहले प्रथम घंटाल बजाकर हरिओम का जल अर्पित किया गया और मंत्रोच्चार के बीच भगवान महाकाल का ध्यान किया गया। इसके बाद कपूर आरती की गई और ज्योतिर्लिंग को कपड़े से ढांककर भस्म रमाई गई। फिर शेषनाग का रजत मुकुट, रजत मुण्डमाल, रुद्राक्ष की माला और पुष्पों की मालाएं अर्पित की गईं। भगवान महाकाल को आभूषणों से सजाया गया और सुगंधित पुष्पों से उनका अलंकरण किया गया।

    श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़
    इस भव्य आरती का दृश्य अत्यधिक श्रद्धा और भक्तिभाव से परिपूर्ण था। भस्म आरती के दौरान सैकड़ों श्रद्धालुओं ने दर्शन कर पुण्य लाभ कमाया। कई श्रद्धालु नंदी महाराज के पास गए और उनके कान के पास जाकर अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति का आशीर्वाद मांगा। मंदिर में बाबा महाकाल की जयकारे गूंज रहे थे, जिससे पूरा परिसर महाकाल की भक्ति से भरा हुआ था। इस दिन के आयोजन में श्रद्धालुओं ने अपने पूरे मन से बाबा महाकाल को नमन किया और उन्हें खुशहाल जीवन की कामना की। महाकाल मंदिर का वातावरण भव्यता और आस्था से ओत-प्रोत था, जो श्रद्धालुओं के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव बन गया।