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  • महादेवगढ़ मंदिर में बंगाली परिवार ने की महाकाल की भव्य महाआरती

    महादेवगढ़ मंदिर में बंगाली परिवार ने की महाकाल की भव्य महाआरती


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के खंडवा स्थित महादेवगढ़ मंदिर में एक विशेष धार्मिक आयोजन के तहत बंगाली परिवार ने महाकाल की भव्य महाआरती की। इस अवसर पर पूरा मंदिर परिसर भक्ति, मंत्रोच्चार और दीपों की रोशनी से आलोकित हो उठा।

    महाकाल की आराधना में उमड़ी श्रद्धा
    आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से महाआरती में भाग लिया और “अखंड भारत” की कामना करते हुए देश की एकता और समृद्धि के लिए प्रार्थना की। वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया।

     बंगाली परिवार की सक्रिय भागीदारी
    इस धार्मिक आयोजन में बंगाली परिवार के कई सदस्य शामिल रहे, जिनमें सुनीता सोनोने, दिव्या लेंडे, आशा मराठा, मीता विश्वास, डॉ. टी.के. विश्वास, रीता राय, शिवानी घोष, रितिका घोष, जय घोष, पारितोष घोष, डॉ. पी. कुमार, डॉ. पी.के. मलिक और सुशांत राय प्रमुख रूप से मौजूद थे।

    भक्ति के साथ सामाजिक संदेश भी
    इस आयोजन ने केवल धार्मिक आस्था को ही नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक समरसता का संदेश भी दिया। श्रद्धालुओं ने मिलकर देश की खुशहाली और शांति की कामना की।

     आस्था और एकता का संगम
    महादेवगढ़ मंदिर में हुआ यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकजुटता का प्रतीक बनकर सामने आया, जिसमें भक्तिभाव और राष्ट्रीय एकता का सुंदर संगम देखने को मिला।

  • चैत्र नवरात्र के पहले दिन अयोध्या आएंगी राष्ट्रपति, आम श्रद्धालु कर सकेंगे रामलला के दर्शन

    चैत्र नवरात्र के पहले दिन अयोध्या आएंगी राष्ट्रपति, आम श्रद्धालु कर सकेंगे रामलला के दर्शन



    नई दिल्ली। वर्ष प्रतिपदा के अवसर पर 19 मार्च से अयोध्या में धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का शुभारंभ हो रहा है। इस दिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु राम मंदिर में श्रीराम यंत्र स्थापना के लिए अयोध्या आएंगी। वहीं, इसी तिथि से चैत्र रामनवमी मेला और वासंतिक नवरात्र का भी शुभारंभ होगा। प्रतिपदा का दिन हिंदी नववर्ष का पहला दिन भी है, जिससे रामलला के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है।

    भीड़ और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में तय किया गया कि नवरात्र के प्रथम दिन वीआईपी पास धारकों के लिए दर्शन बंद रहेंगे। आम श्रद्धालु सामान्य दर्शन मार्ग से श्रीराम लला के दर्शन कर सकेंगे। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र महासचिव चंपतराय ने बताया कि सुबह 6 बजे से शाम तक अनवरत दर्शन जारी रहेगा।

    समारोह और आमंत्रित अतिथि

    रंगमहल बैरियर यानी क्रॉसिंग वन से सिर्फ आमंत्रित अतिथियों को श्रीराम यंत्र स्थापना समारोह में प्रवेश दिया जाएगा। मंदिर आंदोलन के सहयात्रियों को इस अवसर पर आमंत्रित नहीं किया गया है। केवल राम मंदिर निर्माण के लिए निधि समर्पण अभियान में शामिल उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कार्यकर्ता (करीब 3,500) और विश्व हिन्दू परिषद के अखिल भारतीय टोली के 45 पदाधिकारी तथा 300 संतों को शामिल किया गया है।

    इसके अलावा मंदिर निर्माण में लगी विभिन्न एजेंसियों के कर्मयोगियों के पारिवारिक सदस्य समेत लगभग 1,800 लोगों को भी व्यक्तिगत आमंत्रण भेजा गया है। चंपतराय ने बताया कि आमंत्रण हस्तांतरणीय नहीं है और अतिथियों के साथ सुरक्षा कर्मियों या अंगरक्षकों का प्रवेश नहीं होगा। समारोह स्थल पर किसी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र या हथियार ले जाने की अनुमति नहीं है। सिख परंपरा के आमंत्रित श्रद्धालुओं को कानूनी वैध हथियार और पांच पहचान चिन्हों सहित कटार ले जाने की अनुमति दी गई है। मोबाइल उपकरणों को पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है। सभी अतिथि 18 मार्च तक अयोध्या पहुँच जाएंगे।

    ठहरने और भोजन की व्यवस्था

    श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र महासचिव चंपतराय ने बताया कि अतिथियों के ठहरने और भोजन-जलपान की पूरी व्यवस्था ट्रस्ट द्वारा की गई है। गेस्ट हाउस और धर्मशालाओं में लगभग 3,000 कमरे बुक किए गए हैं। अलग-अलग जोनों के अनुसार भोजनालय तय किए गए हैं और कार्यक्रम स्थल तक पहुंचाने के लिए विशेष टोलियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। नगर निगम ने भी सभी अतिथि ठहराव स्थलों पर विशेष सजावट और तैयारियां कर दी हैं, जिसकी झलक भक्तों को 18 मार्च से दिखाई देने लगेगी।