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  • सऊदी टैंकरों पर हमले के बाद पाकिस्तान की सिर्फ बयानबाजी, रक्षा समझौते के बावजूद किया किनारा

    सऊदी टैंकरों पर हमले के बाद पाकिस्तान की सिर्फ बयानबाजी, रक्षा समझौते के बावजूद किया किनारा


    नई दिल्‍ली । पाकिस्तान (Pakistan) के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ (PM Shehbaz Sharif) के सामने जब सऊदी अरब (Saudi Arabia) को दिया वादा निभाने की जिम्मेदारी आई तो उन्होंने अपना असली रंग दिखा दिया. लाल सागर में जब हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के तेल टैंकर पर हमला किया तो पाकिस्तान ने जी भरकर इसकी आलोचना की. शहबाज शरीफ ने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस (Crown Prince) को फोन लगाकर उनके साथ सॉलिडरिटी जताई, सऊदी को बिरादर मुल्क बताया, हूतियों की निंदा की. लेकिन असल एक्शन के नाम पर पाकिस्तान के पास जुबानी जमा खर्च करने के अलावा कुछ नहीं था.

    सवाल है कि शहबाज शरीफ ने सऊदी अरब के साथ कौन सा कमिटमेंट किया है. बताना चाहेंगे कि सऊदी अरब और पाकिस्तान ने डिफेंस डील किया है. इसके तहत दोनों देशों ने कहा है कि एक के ऊपर हमला दूसरे पर भी अटैक माना जाएगा और दोनों देश मिलकर इस हमले का जवाब देंगे.

    यमन के ईरान-समर्थित हूती विद्रोहियों ने गुरुवार तड़के लाल सागर में सऊदी अरब के दो तेल टैंकरों पर हमला किया. सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच हुए समझौते के मुताबिक पाकिस्तान को ऐसे किसी सिचुएशन में सऊदी अरब की तरफ से हूती विद्रोहियों को जवाब देकर अपना सिक्योरिटी कमिटमेंट पूरा करना चाहिए था.

    कहां गया सऊदी-पाकिस्तान का डिफेंस डील
    लेकिन इस दौरान पाकिस्तान खामोश रहा. यहां अहम यह है कि पाकिस्तान ईरान का भी हितैषी होने का गेम खेल रहा है. ईरान के गृह मंत्री ने हाल ही में पाकिस्तान का दौरा खत्म किया है. इस दौरान ईरान-पाकिस्तान ने दोस्ती को नई ऊंचाई पर ले जाने का वादा किया.

    पाकिस्तान के सामने समस्या यह है कि हूती विद्रोही ईरान के इशारे पर ही चलते हैं. अगर पाकिस्तान हूतियों के खिलाफ कुछ करता है तो वह ईरान की दुश्मनी मोल लेगा. जिसके साथ उसकी लंबी सीमा है. लेकिन अगर पाकिस्तान लाल सागर में सऊदी अरब के टैंकरों पर हमला कर रहे हूती विद्रोहियों पर कोई एक्शन नहीं लेता है तो इससे सऊदी अरब को उसकी असलियत समझ आ जाएगी.

    ऐसी हरकतें मंज़ूर नहीं
    फिलहाल इस बार जब हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में सऊदी अरब के दो टैंकरों को ब्लास्ट कर आग के हवाले कर दिया तो पाकिस्तान ने क्राउन प्रिंस सलमान को फोन कर एक बार फिर से बड़े बड़े वादे किए.

    पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि उन्होंने लाल सागर में सऊदी टैंकरों पर हूतियों के हमले की निंदा की है और उन्हें चेतावनी दी है. शहबाज ने एक्स पर लिखा, “आज सुबह मैंने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री, महामहिम प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान बिन अब्दुलअज़ीज़ अल सऊद से टेलीफ़ोन पर बातचीत की. मैंने लाल सागर में सऊदी तेल टैंकरों पर हूतियों के हमलों की कड़े से कड़े शब्दों में निंदा की. ऐसी हरकतें मंज़ूर नहीं हैं; ये अंतरराष्ट्रीय क़ानून का उल्लंघन करती हैं, समुद्री आवाजाही की आज़ादी के लिए खतरा हैं और क्षेत्रीय शांति व सुरक्षा को कमज़ोर करती हैं.”

    पाक विदेश मंत्रालय की चेतावनी
    बाद में पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने हूती विद्रोहियों को चेतावनी देकर जरूर भड़ास निकाली. हालांकि पाकिस्तान की ये चेतावनी उसके जहाजों पर हमलों की आशंका को लेकर थी. पाकिस्तान ने कहा कि लाल सागर में उसके झंडे वाले जहाजों या समुद्री हितों के खिलाफ किसी भी हमले का तुरंत जवाब दिया जाएगा. उसने चेतावनी दी कि ऐसी हरकतों को उसकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए “गंभीर खतरा” माना जाएगा.

    विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने कहा कि पाकिस्तानी झंडे वाले जहाजों या उसके कमर्शियल जहाजों पर किसी भी हमले को “पाकिस्तान पर हमला माना जाएगा और उसका तुरंत जवाब दिया जाएगा.”

    हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के खिलाफ समुद्री नाकेबंदी की घोषणा की है. उन्होंने कहा था कि वे बाब अल-मंदेब स्ट्रेट में सऊदी जहाजों को रोकेंगे. यह कदम उन्होंने यमन में बंदरगाहों और हवाई अड्डों की रियाद द्वारा की गई नाकेबंदी के जवाब में उठाया है.

  • ट्रंप के दावे को लेकर कांग्रेस का PM मोदी पर तंज, कहा-70 बार मजाक उडा… फिर भी चुप्पी

    ट्रंप के दावे को लेकर कांग्रेस का PM मोदी पर तंज, कहा-70 बार मजाक उडा… फिर भी चुप्पी


    नई दिल्ली।
    भारत और पाकिस्तान (India and Pakistan) के बीच पिछले साल हुए तनाव को खत्म करने का श्रेय एक बार फिर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) ने लिया है। ट्रंप के इस ताजा दावे के बाद कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) पर हमला तेज कर दिया है। कांग्रेस ने तंज कसते हुए कहा कि ट्रंप अब तक 70 बार इस तरह का दावा कर चुके हैं, लेकिन भारत सरकार की ओर से इस पर कोई कड़ा रुख नहीं दिख रहा। वाइट हाउस में अपने दूसरे कार्यकाल के पहले वर्ष की उपलब्धियां गिनाते हुए ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने दुनिया की 8 अंतहीन लड़ाइयां रुकवाई हैं।

    भारत-पाक के संदर्भ में उन्होंने कहा, “पाकिस्तान और भारत एक-दूसरे पर हमला कर रहे थे। आठ विमान मार गिराए गए थे। मेरी राय में दोनों देश परमाणु युद्ध की ओर बढ़ रहे थे। अगर मैं हस्तक्षेप नहीं करता, तो करोड़ों लोग मारे जाते।” ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने 10 महीनों में कंबोडिया-थाईलैंड, कोसोवो-सर्बिया और इजरायल-ईरान जैसे आठ बड़े संघर्षों को शांत कराया है।


    जयराम रमेश का तीखा हमला

    कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर प्रधानमंत्री मोदी और ट्रंप की दोस्ती पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा, “कल से पहले यह संख्या 68 थी। लेकिन कल ही यह आंकड़ा 69 नहीं, बल्कि सीधे 70 पर पहुंच गया। एक बार व्हाइट हाउस की प्रेस कॉन्फ़्रेंस के अपने शुरुआती बयान में और बाद में सवाल-जवाब के दौरान। यही वह संख्या है, जितनी बार प्रधानमंत्री के ‘अच्छे दोस्त’ और जिन्हें कई बार पीएम की जबरन झप्पी मिल चुकी है- ने यह दावा किया है कि 10 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर के अचानक और अप्रत्याशित रूप से रुकने के लिए वही जिम्मेदार थे।”

    नोबेल शांति पुरस्कार की चाहत
    ट्रंप ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी मलाल जताया कि इन युद्धों को रुकवाने के लिए उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार मिलना चाहिए था। उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध रुकने से कम से कम 1.5 से 2 करोड़ लोगों की जान बची है, जो उनके लिए नोबेल से बड़ी बात है।

    गौरतलब है कि भारत सरकार हमेशा से यह कहती रही है कि पाकिस्तान के साथ किसी भी मुद्दे पर तीसरे पक्ष की मध्यस्थता स्वीकार्य नहीं है। हालांकि, 10 मई 2025 को ट्रंप ने सोशल मीडिया पर घोषणा की थी कि वाशिंगटन की मध्यस्थता के बाद दोनों देश पूर्ण युद्धविराम पर सहमत हुए हैं। कांग्रेस का आरोप है कि ट्रंप के बार-बार इस तरह के दावे करना भारतीय संप्रभुता और प्रधानमंत्री के दावों पर सवाल खड़ा करता है।