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  • रीवा में जान जोखिम में डालकर बचाई जिंदगी, तेज बहाव से निकाला व्यक्ति

    रीवा में जान जोखिम में डालकर बचाई जिंदगी, तेज बहाव से निकाला व्यक्ति


    नई दिल्ली। Rewa के अतरैला थाना क्षेत्र में गुरुवार को इटमा पुल के नीचे एक बड़ा हादसा टल गया। यहां नदी के तेज बहाव में फंसे एक अधेड़ व्यक्ति को ग्रामीणों ने रस्सियों के सहारे सुरक्षित बाहर निकाल लिया। रेस्क्यू का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें लोग जान जोखिम में डालकर मदद करते दिखाई दे रहे हैं।

    जानकारी के मुताबिक घायल की पहचान रामउजागर प्रजापति (45) निवासी इटमा के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह किसी काम से नदी किनारे गए थे। इसी दौरान उनका पैर फिसल गया और वे नदी के गहरे हिस्से में जा गिरे। वहां मौजूद लोहे की सरिया उनके पैर में घुस गई, जिससे वह दर्द से तड़पते हुए पानी के बीच फंस गए।

    घटना की सूचना पुलिस कंट्रोल रूम तक पहुंचते ही हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीआरएफ की पांच सदस्यीय टीम को मौके के लिए रवाना किया गया। टीम का नेतृत्व उपनिरीक्षक विकास कुमार पाण्डेय कर रहे थे।

    हालांकि, एसडीआरएफ के पहुंचने से पहले ही स्थानीय ग्रामीणों ने साहस और सूझबूझ दिखाते हुए रेस्क्यू शुरू कर दिया। लोगों ने रस्सियों के सहारे नदी में उतरकर घायल तक पहुंच बनाई और काफी मशक्कत के बाद उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

    घायल को प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया है। पुलिस का कहना है कि समय रहते रेस्क्यू हो जाने से बड़ा हादसा टल गया। वहीं, स्थानीय लोगों की बहादुरी और तत्परता की इलाके में जमकर सराहना हो रही है।

  • शिवपुरी में वन विभाग की टीम पर हमला, रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान हादसा

    शिवपुरी में वन विभाग की टीम पर हमला, रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान हादसा


    मध्यप्रदेश । शिवपुरी जिले के बैराड़ थाना क्षेत्र के उमरी गांव में शनिवार सुबह एक तेंदुए के रेस्क्यू अभियान के दौरान अचानक हड़कंप मच गया। कुएं में गिरे तेंदुए को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए वन विभाग की टीम और ग्रामीणों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा था, लेकिन जैसे ही तेंदुआ कुएं से बाहर आया, वह बेकाबू हो गया और भीड़ पर हमला कर दिया। इस घटना से मौके पर अफरा-तफरी और भगदड़ की स्थिति बन गई।

    जानकारी के अनुसार, तेंदुआ गांव के पास एक गाय के बछड़े का शिकार करने के प्रयास में था, इसी दौरान वह अनियंत्रित होकर एक गहरे कुएं में गिर गया। ग्रामीणों ने उसे कुएं में देख तुरंत वन विभाग को सूचना दी, जिसके बाद टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू शुरू किया गया। स्थानीय लोगों की मदद से तेंदुए को बाहर निकालने की कोशिश की गई।

    कई घंटे की मशक्कत के बाद जैसे ही तेंदुआ बाहर निकाला गया, वह अचानक आक्रामक हो गया और वहां मौजूद लोगों पर झपट पड़ा। उसके हमले में भिलौड़ी निवासी 59 वर्षीय मोहन सिंह और 35 वर्षीय बुद्धा गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों घायलों को तुरंत बैराड़ स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

    घटना के बाद मौके पर मौजूद लोग दहशत में आ गए और इधर-उधर भागने लगे। वन विभाग की टीम ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया, लेकिन अचानक हुए हमले ने रेस्क्यू ऑपरेशन को चुनौतीपूर्ण बना दिया।

    इस पूरे मामले पर पोहरी रेंजर श्रुति राठौर ने बताया कि घटनास्थल का क्षेत्र श्योपुर जिले की बेहरदा बीट के अंतर्गत आता है, इसलिए उन्हें इस रेस्क्यू की आधिकारिक जानकारी नहीं है।

    इस घटना ने एक बार फिर मानव-वन्यजीव संघर्ष और रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा इंतजामों की गंभीरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • रीवा सड़क हादसा: नाले में गिरी कार, स्थानीय लोगों ने की रेस्क्यू

    रीवा सड़क हादसा: नाले में गिरी कार, स्थानीय लोगों ने की रेस्क्यू


    रीवा  रीवा शहर के करहिया स्थित अग्रवाल पेट्रोल पंप के पास रविवार को एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। एक तेज रफ्तार ट्रक की लापरवाही के चलते एक कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बने नाले में जा गिरी। अचानक हुए इस हादसे से कार में सवार लोगों के बीच चीख-पुकार मच गई और कुछ देर के लिए मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार मोड़ से गुजर रही थी, तभी सामने से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने अचानक कट मार दिया। ट्रक के अचानक सामने आने से कार चालक घबरा गया और वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। नियंत्रण बिगड़ते ही कार सड़क से नीचे उतरकर सीधे नाले में जा घुसी।

    हादसे के तुरंत बाद आसपास मौजूद लोग मदद के लिए दौड़ पड़े। स्थानीय लोगों ने बिना देर किए कार में फंसे सवारों को बाहर निकाला और प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराई। राहत की बात यह रही कि इस दुर्घटना में किसी की जान नहीं गई, हालांकि सभी को हल्की चोटें आई हैं।

    जानकारी के मुताबिक, कार में सवार लोग सतना निवासी बताए जा रहे हैं, जो किसी काम से परौहा टोला बोदा बाग की ओर जा रहे थे। दुर्घटना के बाद मौके पर काफी देर तक भीड़ जमा रही और स्थानीय लोगों ने सड़क पर भारी वाहनों की तेज रफ्तार पर नाराजगी जताई।

    लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर अक्सर ट्रक और अन्य भारी वाहन तेज गति से चलते हैं और मोड़ पर अचानक कट मार देते हैं, जिससे हादसों का खतरा बना रहता है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे संवेदनशील मोड़ों पर स्पीड कंट्रोल और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए। फिलहाल पुलिस और स्थानीय प्रशासन से भी इस घटना की जांच और सड़क सुरक्षा उपायों को लेकर कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है।

  • बेतवा नदी में अफरा-तफरी: होमगार्ड जवान ने कूदकर बचाई जान

    बेतवा नदी में अफरा-तफरी: होमगार्ड जवान ने कूदकर बचाई जान

    विदिशा। मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में शनिचरी अमावस्या के मौके पर बेतवा नदी घाट पर एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। स्नान के दौरान पानी के तेज बहाव और फिसलन के कारण दो लोग गहरे पानी में डूबने लगे। घटना के बाद घाट पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी और चीख-पुकार का माहौल बन गया।

    पार्षद भी बचाने उतरे, लेकिन खुद फंस ग
    जानकारी के अनुसार, शमशाबाद कृषि उपज मंडी में कार्यरत सचिन धाकड़ नदी में स्नान कर रहे थे, तभी उनका पैर फिसल गया और वे गहरे पानी में चले गए। उन्हें तैरना नहीं आता था, जिससे वे घबराकर मदद के लिए चिल्लाने लगे।इसी दौरान शमशाबाद नगर परिषद के पार्षद दीपक मेहर ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन संतुलन बिगड़ने से वे भी पानी में फंस गए और दोनों डूबने लगे।

    होमगार्ड जवान बना फरिश्ता, लगाई छलांग और बचाई जान
    घाट पर तैनात होमगार्ड जवान कपिल परासर ने स्थिति बिगड़ते देख बिना देर किए नदी में छलांग लगा दी। उन्होंने कड़ी मशक्कत के बाद दोनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। उनकी तत्परता और साहस की वहां मौजूद लोगों ने जमकर सराहना की।

    परिवार के लिए बड़ा सदमा टल
    घटना के बाद सचिन धाकड़ ने बताया कि उनकी एक छोटी बेटी है और वे केवल किनारे पर स्नान कर रहे थे, लेकिन अचानक पैर फिसलने से यह हादसा हो गया। समय रहते बचाव होने से दोनों की जान बच गई, जिससे परिवारों ने राहत की सांस ली।

    विदिशा की यह घटना एक बार फिर नदी घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था और सतर्कता की जरूरत को उजागर करती है। होमगार्ड जवान की बहादुरी से दो जिंदगियां बच गईं।